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Bihar Gazette · Government of Bihar

Bihar Gazette, 07 October 2014

Published 07 October 2014

Type
Extra Ordinary
Identifier
in.gov.bih.gazette.2014-10-07.810
Languages
English, Hindi

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((((संसंसंसं0 0 0 0 पटना पटना पटना पटना 810810810810) ) ) ) पटनापटनापटनापटना

पटनापटनापटनापटना, , , , मंगलवारमंगलवारमंगलवारमंगलवार, , , , 7777 अ*तूअ*तूअ*तूअ*तूबरबरबरबर 2014201420142014 जल संसाधन विभाग -------- अधिसूचना 12 सितम्बर 2014

सं0 22/नि0सि0(पट0)-03-07/2009/133022/नि0सि0(पट0)-03-07/2009/1330—श्री हृदयानन्द सिंह (आई0 डी0 -2238), तत्कालीन सहायक श्री हृदयानन्द सिंह (आई0 डी0 -2238), तत्कालीन सहायक 92 से अनाधिकृत रूप से अनुपस्थित रहने के , प्रशिक्षण अंचल, खगौल के विरूद्ध दिनांक 27.6.92 से अनाधिकृत रूप से अनुपस्थित रहने के अभियन्ता (असैनिक), प्रशिक्षण अंचल, खगौल के वि गंभीर आरोप के लिए विभागीय संकल्प ज्ञापांक 448 दिनांक 29 09 द्वारा बिहार सरकारी सेवक (वर्गीकरण, नियंत्रण गंभीर आरोप के लिए विभागीय संकल्प ज्ञापांक 448 दिनांक 29.5.09 द्वारा बिहार सरकारी सेवक (वर्गीकरण, नियंत्रण एवं अपील) नियमावली 2005 के नियम 17 के तहत विभागीय कार्यवाही प्रारम्भ की गयी। संचालन पदाधिकारी से प्राप्त एवं अपील) नियमावली 2005 के नियम 17 के तहत विभागीय कार्यवाही प्रारम्भ की गयी। संचालन पदाधिकारी से प्राप्त एवं अपील) नियमावली 2005 के नियम 17 के तहत विभागीय कार्यवाही प्रारम्भ की गयी। संचालन पदाधिकारी से प्राप्त जाच प्रतिवेदन में उक्त आरोप प्रमाणित पाया गया। प्राप्त जॅाच प्रतिवेदन की समीक्षा सरकार के स्तर पर की गयी। जाच प्रतिवेदन में उक्त आरोप प्रमाणित पाया गया। प्राप्त जॅाच प्रतिवेदन की समीक्षा सरकार के स्तर पर की गयी। जाच प्रतिवेदन में उक्त आरोप प्रमाणित पाया गया। प्राप्त जॅाच प्रतिवेदन की समीक्षा सरकार के स्तर पर की गयी। समीक्षोपरान्त जॅाच प्रतिवेदन से सहमत होते हुए उक्त प्रमाणित आरोपों के लिए विभागीय पत्रांक 518 दिनांक 18 ाोपरान्त जॅाच प्रतिवेदन से सहमत होते हुए उक्त प्रमाणित आरोपों के लिए विभागीय पत्रांक 518 दिनांक 18.5.12 ाोपरान्त जॅाच प्रतिवेदन से सहमत होते हुए उक्त प्रमाणित आरोपों के लिए विभागीय पत्रांक 518 दिनांक 18 द्वारा संचालन पदाधिकारी से प्राप्त जॅाच प्रतिवेदन की छायाप्रति संलग्न करते हुए द्वितीय कारण पृच्छा की गयी। द्वारा संचालन पदाधिकारी से प्राप्त जॅाच प्रतिवेदन की छायाप्रति संलग्न करते हुए द्वितीय कारण पृच्छा की गयी। द्वारा संचालन पदाधिकारी से प्राप्त जॅाच प्रतिवेदन की छायाप्रति संलग्न करते हुए द्वितीय कारण पृच्छा की गयी। ा सरकार के स्तर पर की गयी। पाया गया कि श्री श्री सिंह से प्राप्त द्वितीय कारण पृच्छा के जबाव की समीक्षा सरकार के स्तर पर की गयी। पाया गया कि श्री श्री सिंह से प्राप्त द्वितीय कारण पृच्छा के जबाव की समीक्ष 92 से अनुपस्थित नहीं है सिंह द्वारा द्वितीय कारण पृच्छा के जबाव में मुख्य रूप से कहा गया है कि वे दिनांक 27.6.92 से अनुपस्थित नहीं है सिंह द्वारा द्वितीय कारण पृच्छा के जबाव में मुख्य रूप से कहा गया है कि वे दिनांक 27 95 को नलकूप अवर प्रमण्डल, गोपालगंज में योगदान देने के उपरान्त तबीयत खराब हो जाने के बल्कि दिनांक 2.1.95 को नलकूप अवर प्रमण्डल, गोपालगंज में योगदान देने के उपरान्त तबीयत खराब हो जाने के 95 को नलकूप अवर प्रमण्डल, गोपालगंज में योगदान देने के उपरान्त तबीयत खराब हो जाने के पस्थित है। साक्ष्य के रूप में चिकित्सा प्रमाण पत्र की छायाप्रति संलग्न किया गया है। कारण अनुपस्थित है। साक्ष्य के रूप में चिकित्सा प्रमाण पत्र की छायाप्रति संलग्न किया गया है। श्री सिंह से प्राप्त द्वितीय कारण पृच्छा के जबाव एवं उपलब्ध अभिलेखों के आलोक में मामले की समीक्षा श्री सिंह से प्राप्त द्वितीय कारण पृच्छा के जबाव एवं उपलब्ध अभिलेखों के आलोक में मामले की समीक्षा श्री सिंह से प्राप्त द्वितीय कारण पृच्छा के जबाव एवं उपलब्ध अभिलेखों के आलोक में मामले की समीक्षा सरकार के स्तर पर की गयी और निम्न तथ्य पाये गयेः- सरकार के स्तर पर की गयी और निम्न तथ्य पाये गयेः- श्री सिंह, सहायक अभियन्ता द्वारा द्वितीय कारण पृच्छा के जबाव में कहा गया है कि मुख्य अभियन्ता, शोध ीय कारण पृच्छा के जबाव में कहा गया है कि मुख्य अभियन्ता, शोध 1. श्री सिंह, सहायक अभियन्ता द्वारा द्वित एवं प्रशिक्षण सिंचाई गवेषण संस्थान, खगौल के पत्रांक 486 दिनांक 3.6.91 के आलोक में इन्होंने अपना प्रभार दिनांक 91 के आलोक में इन्होंने अपना प्रभार दिनांक एवं प्रशिक्षण सिंचाई गवेषण संस्थान, खगौल के पत्रांक 486 दिनांक 3 किया और यहॅा तीन वर्षो तक कार्यरत 91 को शोध एवं प्रशिक्षण सिंचाई गवेषण संस्थान, खगौल में स्वतः ग्रहण किया और यहॅा तीन वर्षो तक कार्यरत 6.6.91 को शोध एवं प्रशिक्षण सिंचाई गवेषण संस्थान, खगौल में स्वतः ग्रहण रहे। तत्पश्चात इनकी सेवा लधु सिंचाई विभाग, पटना को सौंपी गयी, जहॅा दिनांक 01.07.94 को योगदान दिया। इनका 94 को योगदान दिया। इनका रहे। तत्पश्चात इनकी सेवा लधु सिंचाई विभाग, पटना को सौंपी गयी, जहॅा दिनांक 01 95 को स्वतः प्रभार ग्रहण किया गया। इस पदस्थापन नलकूप अवर प्रमण्डल, गोपालगंज किया गया जहॅा दिनांक 2 पदस्थापन नलकूप अवर प्रमण्डल, गोपालगंज किया गया जहॅा दिनांक 2.1.95 को स्वतः प्रभार ग्रहण किया गया। इस प्रभार प्रतिवेदन (फारम 202) भी प्राप्त कराया गया है। संबंध में प्रभार प्रतिवेदन (फारम 202) भी प्राप्त कराया गया है। श्री सिंह के उक्त कथन के मान्य नहीं किया जा सकता है, क्योंकि मुख्य अभियन्ता, शोध एवं प्रशिक्षण सिंचाई श्री सिंह के उक्त कथन के मान्य नहीं किया जा सकता है, क्योंकि मुख्य अभियन्ता, शोध एवं प्रशिक्षण सिंचाई श्री सिंह के उक्त कथन के मान्य नहीं किया जा सकता है, क्योंकि मुख्य अभियन्ता, शोध एवं प्रशिक्षण सिंचाई 07 द्वारा प्रतिवेदित किया गया है कि कई स्मारों के उपरान्त गवेषण संस्थान, खगौल, पटना के पत्रांक 127 दिनांक 5.3.07 द्वारा प्रतिवेदित किया गया है कि कई स्मारों के गवेषण संस्थान, खगौल, पटना के पत्रांक 127 दिनांक 5 श्री सिंह दिनांक 26.6.92 को अधीक्षण अभियन्ता, प्रशिक्षण अंचल, खगौल के यहॅा योगदान दिये एवं दिनांक 27 92 को अधीक्षण अभियन्ता, प्रशिक्षण अंचल, खगौल के यहॅा योगदान दिये एवं दिनांक 27.6.92 से 92 को अधीक्षण अभियन्ता, प्रशिक्षण अंचल, खगौल के यहॅा योगदान दिये एवं दिनांक 27 अनुपस्थित हो गये। इस संदर्भ में श्री सिंह द्वारा उपलब्ध कराये गये किसी भी प्रकार प्रतिवेदन (फारम 202) को मान्य अनुपस्थित हो गये। इस संदर्भ में श्री सिंह द्वारा उपलब्ध कराये गये किसी भी प्रकार प्रतिवेदन (फारम 202) को मान्य अनुपस्थित हो गये। इस संदर्भ में श्री सिंह द्वारा उपलब्ध कराये गये किसी भी प्रकार प्रतिवेदन (फारम 202) को मान्य उन सभी प्रभार प्रतिवेदन के अवलोकन से स्पष्ट होता है कि श्री सिंह या तो स्वतः उन सभी प्रभार प्रतिवेदन के अवलोकन से स्पष्ट होता है कि श्री सिंह या तो स्वतः नहीं किया जा सकता है, क्योंकि उन सभी प्रभार प्रतिवेदन के अवलोकन से स्पष्ट होता है कि श्री सिंह या तो स्वतः 2 (cid:1)बहार गजट (असाधारण), 7777 अ*तूअ*तूअ*तूअ*तूबरबरबरबर 2014201420142014 प्रभार ग्रहण किये है अथवा स्वतः प्रभार मुक्त हुए है। स्वतः प्रभार ग्रहण अथवा प्रभार मुक्त प्रतिवेदन (फारम 203) पर नियंत्री पदाधिकारी का हस्ताक्षर भी नहीं है, जो अनिवार्य है। 2. श्री सिंह द्वारा उपलब्ध कराये गये चिकित्सा प्रमाण पत्र को भी मान्यता नहीं दी जा सकती है क्योंकि यदि ये सचमुच बीमार थे तो इन्हें नियमानुसार अपने नियंत्री पदाधिकारी को अवकाश से संबंधित आवेदन उपलब्ध कराते हुए अनुमति प्राप्त कर चिकित्सा हेतु पटना के लिये प्रस्थान करना चाहिये था। इनके द्वारा ऐसा नहीं किया जाना इनके विभाग से फरार रहने के आरोप की सम्पुष्टि करता है। उपर्युक्त वर्णित तथ्यों के आलोक में आरोपित पदाधिकारी श्री हृदयानन्द सिंह, तत्कालीन सहायक अभियन्ता के दिनांक 27.6.92 से अनाधिकृत रूप से अनुपस्थित रहने का आरोप प्रमाणित पाया गया। समीक्षा में यह भी पाया गया कि बिहार सेवा संहिता के नियम 76 के अनुसार ''यदि एक सरकारी सेवक अवकाश में अथवा बिना अवकाश के पॅाच वर्षो से अधिक समय तक लगातार अनुपस्थित रहता है तो वह सरकारी सेवक में नहीं रह जाता है। यह बात उस सरकारी सेवक पर लागू नहीं होगी। जो विदेश सेवा में प्रतिनियुक्त है।'' 3. समीक्षोपरान्त उक्त नियम के आलोक में श्री हृदयानन्द सिंह, तत्कालीन सहायक अभियन्ता, प्रशिक्षण अंचल, खगौल को उनके ''अनाधिकृत अनुपस्थिति की तिथि दिनांक 27.6.92 के प्रभाव से सेवा से बर्खास्त'' करने का निर्णय लिया गया है। 4. सरकार के उक्त निर्णय में बिहार लोक सेवा आयोग, पटना का मंत्रिपरिषद की सहमति प्राप्त है। 5. अतः उक्त निर्णय के आलोक में श्री हृदयानन्द सिंह (आई0 डी0-2238), तत्कालीन सहायक अभियन्ता (असैनिक), प्रशिक्षण अंचल, खगौल को निम्न दण्ड दिया एवं संसूचित किया जाता है। ''अनाधिकृत अनुपस्थिति की तिथि दिनांक 27.6.92 के प्रभाव से सेवा से बर्खास्त''।

बिहार-राज्यपाल के आदेश से, सतीश चन्द्र झा, सरकार के अपर सचिव।

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अधी1क, सिचवालय मुिणालय, (cid:1)बहार, पटना (cid:13)ारा ूकािशत एवं मु6ित। (cid:1)बहार गजट (असाधारण) 810-571+10-ड/0ट/0पी0। Website: http://egazette.bih.nic.in

Cite this issue. Bihar Gazette, Government of Bihar, 07 October 2014. Indian Gazettes, https://egazette.servantsofknowledge.in/details/in.gov.bih.gazette.2014-10-07.810/. Archive identifier in.gov.bih.gazette.2014-10-07.810.