िनबंधन सं(cid:27)या पी0ट/0-40 िनबंधन सं(cid:27)या (cid:1)बहार(cid:1)बहार(cid:1)बहार(cid:1)बहार गजटगजटगजटगजट (cid:1)बहार(cid:1)बहार(cid:1)बहार(cid:1)बहार
असाधारण अंकअसाधारण अंकअसाधारण अंकअसाधारण अंक असाधारण अंकअसाधारण अंकअसाधारण अंकअसाधारण अंक (cid:1)बहार सरकार (cid:13)ारा ूकािशत(cid:1)बहार सरकार (cid:13)ारा ूकािशत(cid:1)बहार सरकार (cid:13)ारा ूकािशत(cid:1)बहार सरकार (cid:13)ारा ूकािशत (cid:1)बहार सरकार (cid:13)ारा ूकािशत(cid:1)बहार सरकार (cid:13)ारा ूकािशत(cid:1)बहार सरकार (cid:13)ारा ूकािशत(cid:1)बहार सरकार (cid:13)ारा ूकािशत (cid:1)बहार सरकार (cid:13)ारा ूकािशत(cid:1)बहार सरकार (cid:13)ारा ूकािशत(cid:1)बहार सरकार (cid:13)ारा ूकािशत(cid:1)बहार सरकार (cid:13)ारा ूकािशत 15151515 आ!"नआ!"नआ!"नआ!"न 1936 1936 1936 1936 ((((शशशश0000))))
((((संसंसंसं0 0 0 0 पटना पटना पटना पटना 821821821821) ) ) ) पटनापटनापटनापटना
पटनापटनापटनापटना, , , , मंगलवारमंगलवारमंगलवारमंगलवार, , , , 7777 अ+तूअ+तूअ+तूअ+तूबरबरबरबर 2014201420142014 जल संसाधन विभाग
--------
अधिसूचना
19 अगस्त 2014
सं0 22 नि0 सि0 (डि0)-14-01/20
22 नि0 सि0 (डि0)-14-01/2010/1112—श्री दीनानाथ चौधरी, (आई0डी0-3797) तत्कालीन मुख्य श्री दीनानाथ चौधरी, (आई0डी0-3797) तत्कालीन मुख्य अभियन्ता, जल संसाधन विभाग, डिहरी द्वारा उक्त पदस्थापन अवधि में निविदा निष्पादन में बरती गई अनियमितता के अभियन्ता, जल संसाधन विभाग, डिहरी द्वारा उक्त पदस्थापन अवधि में निविदा निष्पादन में बरती गई अनियमितता के अभियन्ता, जल संसाधन विभाग, डिहरी द्वारा उक्त पदस्थापन अवधि में निविदा निष्पादन में बरती गई अनियमितता के
ारा विभागीय कार्यवाही प्रथम दृष्टया प्रमाणित निम्नांकित आरोपों के लिए विभागीय संकल्प सं0-617 दिनांक 27.5.11 द्वारा विभागीय कार्यवाही प्रथम दृष्टया प्रमाणित निम्नांकित आरोपों के लिए विभागीय संकल्प सं0-617 दिनांक 27
संचालित की गईः-
vkjksi la0&1-मुख्य अभियन्ता, जल संसाधन विभाग, डिहरी के पदस्थापन अवधि में आपके द्वारा निविदा के -मुख्य अभियन्ता, जल संसाधन विभाग, डिहरी के पदस्थापन अवधि में आपके द्वारा निविदा के -मुख्य अभियन्ता, जल संसाधन विभाग, डिहरी के पदस्थापन अवधि में आपके द्वारा निविदा के साथ संलग्न कागजातों में सदृश कार्य का प्रमाण पत्र मदवार कार्यान्वयन अनुभव प्रमाण पत्र तथा कार्य का कार्यक्रम से साथ संलग्न कागजातों में सदृश कार्य का प्रमाण पत्र मदवार कार्यान्वयन अनुभव प्रमाण पत्र तथा कार्य का कार्यक्रम से साथ संलग्न कागजातों में सदृश कार्य का प्रमाण पत्र मदवार कार्यान्वयन अनुभव प्रमाण पत्र तथा कार्य का कार्यक्रम से मे0 वृज नन्दन सिंह, निविदाकार के द्वारा संलग्न नहीं किए जाने के बावजूद भी उन्हें तकनीकी बीड संबंधित कागजात मे0 वृज नन्दन सिंह, निविदाकार के द्वारा संलग्न नहीं किए जाने के बावजूद भी उन्हें तकनीकी बीड मे0 वृज नन्दन सिंह, निविदाकार के द्वारा संलग्न नहीं किए जाने के बावजूद भी उन्हें तकनीकी बीड में सफल धोषित किया गया जो आपके द्वारा अपने पद का दुरूपयोग एवं कर्तव्य के प्रति उदासीनता का परिचायक है। में सफल धोषित किया गया जो आपके द्वारा अपने पद का दुरूपयोग एवं कर्तव्य के प्रति उदासीनता का परिचायक है। में सफल धोषित किया गया जो आपके द्वारा अपने पद का दुरूपयोग एवं कर्तव्य के प्रति उदासीनता का परिचायक है। vkjksi la0&2-मुख्य अभियन्ता, जल संसाधन विभाग, डिहरी के रूप में अ ापके द्वारा कार्यावंटन के विरूद्व -मुख्य अभियन्ता, जल संसाधन विभाग, डिहरी के रूप में आपके द्वारा कार्यावंटन के विरूद्व प्राप्त परिवाद के क्रम में उड़नदस्ता द्वारा जॅाच के पश्चात यह पाया गया कि एकल निविदा का निष्पादन जो आपके प्राप्त परिवाद के क्रम में उड़नदस्ता द्वारा जॅाच के पश्चात यह पाया गया कि एकल निविदा का निष्पादन जो आपके प्राप्त परिवाद के क्रम में उड़नदस्ता द्वारा जॅाच के पश्चात यह पाया गया कि एकल निविदा का निष्पादन जो आपके द्वारा किया गया वह आपकी सक्षमता के अन्तर्गत नहीं था। द्वारा किया गया वह आपकी सक्षमता के अन्तर्गत नहीं था।
vkjksi la0&3-विभागीय उड़नदस्ता का जॅाच प्रतिवेदन दिनांक 21
-विभागीय उड़नदस्ता का जॅाच प्रतिवेदन दिनांक 21.01.10 को हस्ताक्षरित ह
10 को हस्ताक्षरित है एवं विभागीय
10 को सम्पादित है। उक्त दोनों प्रतिवेदनों में कहीं भी मुख्य निविदा समिति की बैठक की कार्यवाही दिनांक 19.02.10 को सम्पादित है। उक्त दोनों प्रतिवेदनों में कहीं भी मुख्य निविदा समिति की बैठक की कार्यवाही दिनांक 19
अभियन्ता द्वारा किए गए कार्यावंटन को रद्ध किए जाने की सूचना नहीं दी गई है जबकि विभागीय निविदा समिति के अभियन्ता द्वारा किए गए कार्यावंटन को रद्ध किए जाने की सूचना नहीं दी गई है जबकि विभागीय निविदा समिति के अभियन्ता द्वारा किए गए कार्यावंटन को रद्ध किए जाने की सूचना नहीं दी गई है जबकि विभागीय निविदा समिति के
में उपस्थित थे। समीक्षोपरान्त यह पाया गया कि आपके द्वारा अपने पत्रांक 177 सदस्य के रूप में आप स्वयं भी बैइक में उपस्थित थे। समीक्षोपरान्त यह पाया गया कि आपके द्वारा अपने पत्रांक 177 सदस्य के रूप में आप स्वयं भी बैइक 2 (cid:1)बहार गजट (असाधारण), 7777 अ+तूअ+तूअ+तूअ+तूबरबरबरबर 2014201420142014 गो0, दिनांक 31.12.09 द्वारा ग्राम मझरिया के नजदीक आवंटित कटाव निरोधक कार्य जो मे0 नंन्दिता कन्सट्रक्शन, औरंगाबाद को आपके द्वारा आवंटित किया गया था, रद्ध कर दिया गया है। आपकी यह कार्रवाई स्पष्टतः उड़नदस्ता के प्रतिवेदन एवं विभागीय निविदा समिति के निर्णय के बाद की गई कार्रवाई प्रतीत होती है। स्पष्ट है कि आपके द्वारा बैक डेटिंग करते हुए उक्त निविदा को रद्ध किया गया है जो घोर आपत्तिजनक एवं अपने उच्च पदाधिकारी एवं विभागीय पदाधिकारी को गुमराह करने की कार्रवाई है।
संचालन पदाधिकारी के समक्ष आरोप सं0-1 के संबंध में आरोपित पदाधिकारी श्री दीनानाथ चौधरी द्वारा अपने बचाव बयान में मदवार कार्य अनुभव प्रमाण पत्र एवं कार्यक्रम के बारे में मुख्य अभियन्ता, डिहरी के स्तर पर गठित निविदा समिति द्वारा अवसर दिए जाने के अनुपालन में कार्यपालक अभियन्ता, बाढ़ नियंत्रण प्रमण्डल, बक्सर के पत्रांक 1182 दिनांक 30.11.09 द्वारा संवेदक को अवसर प्रदान करने का उल्लेख किया गया है जिसमें कार्यपालक अभियन्ता द्वारा कार्य की मात्रा एवं कार्यक्रम के संबंध में संवेदक से प्रमाण पत्र की मांग की गई।
तकनीकी बीड के तुलनात्मक विवरण पर स्पष्ट रूप से एक वर्ष में मिट्टी कार्य 10625 धन मी0 एवं बोल्डर पीचिंग 4065.12 धन मी0 की वांछित मात्रा के विरूद्व संवेदक द्वारा कराए गए कार्य की मात्रा के लिए स्पष्ट प्रमाण पत्र नहीं रहने एवं कार्यक्रम भी संलग्न नहीं रहने का उल्लेख है।
आरोपित पदाधिकारी के बचाव बयान के आलोक में संचालन पदाधिकारी द्वारा यह मंतव्य दिया गया है कि निविदा में मे0 वृजनन्दन सिंह द्वारा वांछित सदृश कार्य के विरूद्व संलग्न 47.31320 (सैतालीस दशमलब तीन एक तीन दो शून्य) लाख रूपए का प्रमाण पत्र मान्य है परन्तु मदवार कार्यानुभव प्रमाण पत्र एवं कार्य से संबंधित अभिलेख संवेदक द्वारा संलग्न नहीं किए जाने के बावजूद मुख्य अभियन्ता के स्तर पर गठित निविदा समिति द्वारा बिना अवसर दिए ही तकनीकी बीड मान्य कर दिया गया। बचाव बयान में निविदा समिति द्वारा संवेदक को अवसर देने की बात कही गई है परन्तु निविदा समिति के निर्णय में कहीं भी इसका उल्लेख नहीं है। मुख्य अभियन्ता को निविदा समिति के निर्णय में ही संवेदक को वांछित कागजात उपलब्ध कराने का अवसर देते हुए उनसे प्राप्त कागजात के आधार पर अन्तिम निर्णय लेना चाहिए था। संबंधित कागजात निविदा समिति के अंतिम निर्णय अर्थात कार्यावंटन के पश्चात मांगा गया है जिसमें आरोपित पदाधिकारी की भूल परिलक्षित होती है।
आरोप सं0-2 के संबंध में आरोपित पदाधिकारी द्वारा अपने बचाव बयान में बताया गया है कि कार्यपालक अभियन्ता, बाढ़ नियंत्रण प्रमण्डल, बक्सर की निविदा सं0-01/2009-10 द्वारा दो ग्रुप में क्षेत्रीय निविदा समिति द्वारा एक एक निविदादाता को सफल पाया गया। दो दो निविदादाताओं के भाग लेने एवं एक एक को मूल्यांकन के दौरान असफल होने के आधार पर एकल निविदा नहीं माना जा सकता है।
संचालन पदाधिकारी का मंतव्य है कि निविदादाताओं का निविदा में भाग लेने एवं एक एक का तकनीकी बीड में असफल हो जाने पर बीड एकल नहीं होता है। इसके आधार पर संचालन पदाधिकारी द्वारा आरोप सं0-2 को प्रमाणित नहीं माना गया है।
आरोप सं0-3 के संबंध में श्री चौधरी के बचाव बयान में उल्लेख किया गया है कि संबंधित संवेदक द्वारा संलग्न अनुभव प्रमाण पत्र के सत्यापन के दौरान कार्यपालक अभियन्ता, बाढ़ नियंत्रण प्रमण्डल, बक्सर के पत्रांक 1244 दिनांक 23.12.09 एवं अधीक्षण अभियन्ता, बाढ़ नियंत्रण प्रमण्डल, बक्सर के पत्रांक 2285 दिनांक 23.12.09 द्वारा सूचित किए जाने पर मुख्य अभियन्ता के पत्रांक 177 दिनांक 31.12.09 द्वारा कार्य की निविदा रद्ध कर दी गई। दिनांक 19.
02.10 को विभागीय निविदा समिति की बैठक वस्तुतः अन्य कार्य के लिए हुई थी। अतएव लगाया गया आरोप निराधार है।
संचालन पदाधिकारी द्वारा आरोप सं0-3 को प्रमाणित नहीं पाया गया है। 3
(cid:1)बहार गजट (असाधारण), 7777 अ+तूअ+तूअ+तूअ+तूबरबरबरबर 2014201420142014
संचालन पदाधिकारी से प्राप्त जॅाच प्रतिवेदन की सरकार के स्तर पर समीक्षा की गई। समीक्षा में यह पाया गया कि आरोपित पदाधिकारी श्री चौधरी के विरूद्व गठित आरोप एवं संचालन पदाधिकारी के समक्ष दिए गए बचाव बयान तथा संचालन पदाधिकारी के मंतव्य/समीक्षा में आरोप सं0-2 एवं 3 प्रमाणित नहीं होता है क्योंकि जहॅा दो निविदादाता निविदा में भाग लेते है और तकनीकी बीड में एक सफल और एक असफल होता है तो उसे एकल निविदा नहीं माना जा सकता है। अधीक्षण अभियन्ता की सूचना के आधार पर उक्त निविदा को उनके पत्रांक 177 दिनांक 31.
12.09 द्वारा रद्ध कर दिया गया। अतएव संचालन पदाधिकारी के मंतव्य से सहमत होते हुए आरोप सं0-2 एवं 3 को प्रमाणित नहीं पाया गया।
आरोप सं0-1 तथा इस संबंध में आरोपित पदाधिकारी का बचाव बयान तथा इस पर संचालन पदाधिकारी के मंतव्य की समीक्षोपरान्त यह प्रमाणित हो जाता है कि किसी व्यक्ति विशेष को लाभ पहुॅचाने की मंशा से समुचित कागजात नहीं रहने पर भी तकनीकी बीड में सफल माना गया तथा कुछ बांछित कागजात जो तकनीकी बीड के साथ संलग्न नहीं थे उसे बाद में प्राप्त किया गया। जिससे साबित होता है कि इसमें प्रक्रियागत त्रुटियॅा हुई है भले ही इसमें सरकार को वित्तीय क्षति नहीं हुई है परन्तु निविदा में पारदर्शिता नहीं बरते जाने का आरोप प्रमाणित है।
अतः आरोपित पदाधिकारी श्री दीनानाथ चौधरी, तत्कालीन मुख्य अभियन्ता, जल संसाधन विभाग, डिहरी निविदा निष्पादन में पारदर्शिता नहीं बरते जाने के लिए दोषी है।
उक्त प्रमाणित आरोप के लिए श्री दीनानाथ चौधरी, (आई0डी0-3797) तत्कालीन मुख्य अभियन्ता, जल संसाधन विभाग, डिहरी को सरकार द्वारा निम्नांकित दण्ड देने का निर्णय लिया गया हैः-
1. दो वेतनवृद्वि पर असंचयात्मक प्रभाव से रोक।
उक्त निर्णय के आलोक में श्री दीनानाथ चौधरी, (आई0डी0-3797) तत्कालीन मुख्य अभियन्ता, जल संसाधन विभाग, डिहरी के विरूद्व ''दो वेतनवृद्वि पर असंचयात्मक प्रभाव से रोक'' का दण्ड अधिरोपित करते हुए उन्हें संसूचित किया जाता है।
बिहार-राज्यपाल के आदेश से,
सतीश चन्द्र झा,
सरकार के अपर सचिव।
—————
अधी1क, सिचवालय मुिणालय, (cid:1)बहार, पटना (cid:13)ारा ूकािशत एवं मु6ित। (cid:1)बहार गजट (असाधारण) 821-571+10-ड/0ट/0पी0। Website: http://egazette.bih.nic.in