िनबंधन सं(cid:26)या पी0ट/0-40 िनबंधन सं(cid:26)या (cid:1)बहार(cid:1)बहार(cid:1)बहार(cid:1)बहार गजटगजटगजटगजट (cid:1)बहार(cid:1)बहार(cid:1)बहार(cid:1)बहार
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पटनापटनापटनापटना, , , , मंगलवारमंगलवारमंगलवारमंगलवार, , , , 7777 अ+तूअ+तूअ+तूअ+तूबरबरबरबर 2014201420142014 जल संसाधन विभाग -------- अधिसूचना 22 जुलाई 2014
सं0 22/नि0सि0(मुज0)-06-07/2005
नि0सि0(मुज0)-06-07/2005/979—श्री अमरेन्द्र कुमार अमन, तत्कालीन कार्यपालक अभियन्ता, श्री अमरेन्द्र कुमार अमन, तत्कालीन कार्यपालक अभियन्ता, जल निस्सरण अनुसंधान प्रमण्डल, मुजफ्फरपुर सम्प्रति अधीक्षण अभियन्ता, पश्चिमी कोशी नहर अंचल सं0-2, दरभंगा जल निस्सरण अनुसंधान प्रमण्डल, मुजफ्फरपुर सम्प्रति अधीक्षण अभियन्ता, पश्चिमी कोशी नहर अंचल सं0-2, दरभंगा जल निस्सरण अनुसंधान प्रमण्डल, मुजफ्फरपुर सम्प्रति अधीक्षण अभियन्ता, पश्चिमी कोशी नहर अंचल सं0-2, दरभंगा के द्वारा वर्ष 2004-05 में सौमेठ झील लिंक चैनल के आर0 ड 00 (भदैया) पर बन रहे बाढ़ निरोधक फाटक के के द्वारा वर्ष 2004-05 में सौमेठ झील लिंक चैनल के आर0 डी0 21.00 (भदैया) पर बन रहे बाढ़ निरोधक फाटक के निर्माण में बरती गई अनियमितता की जॅाच विभागीय उड़नदस्ता से की गयी। उड़नदस्ता द्वारा समर्पित जॅाच प्रतिवेदन निर्माण में बरती गई अनियमितता की जॅाच विभागीय उड़नदस्ता से की गयी। उड़नदस्ता द्वारा समर्पित जॅाच प्रतिवेदन निर्माण में बरती गई अनियमितता की जॅाच विभागीय उड़नदस्ता से की गयी। उड़नदस्ता द्वारा समर्पित जॅाच प्रतिवेदन की समीक्षा सरकार के स्तर पर की गयी। समीक्षा में प्रथम दृष्टया उक्त प्रमाणित आरोपों के लिए प्रपत्र-''क'' गठित की समीक्षा सरकार के स्तर पर की गयी। समीक्षा में प्रथम दृष्टया उक्त प्रमाणित आरोपों के लिए प्रपत्र-''क'' गठित की समीक्षा सरकार के स्तर पर की गयी। समीक्षा में प्रथम दृष्टया उक्त प्रमाणित आरोपों के लिए प्रपत्र-''क'' गठित कर बिहार सरकारी सेवक (वर्गीकरण, नियंत्रण एवं अपील) नियमावली 2005 के नियम 19 के तहत विभागीय आदेश कर बिहार सरकारी सेवक (वर्गीकरण, नियंत्रण एवं अपील) नियमावली 2005 के नियम 19 के तहत विभागीय आदेश कर बिहार सरकारी सेवक (वर्गीकरण, नियंत्रण एवं अपील) नियमावली 2005 के नियम 19 के तहत विभागीय आदेश सं0-1214 दिनांक 30.10.12 के द्वारा विभागीय कार्यवाही संचालित की गयी।
12 के द्वारा विभागीय कार्यवाही संचालित की गयी।
संचालन पदाधिकारी से प्राप्त जॅाच प्रतिवेदन की समीक्षा विभागीय स्तर पर की गयी। समीक्षा में श्री अमरेन्द्र संचालन पदाधिकारी से प्राप्त जॅाच प्रतिवेदन की समीक्षा विभागीय स्तर पर की गयी। समीक्षा में श्री अ संचालन पदाधिकारी से प्राप्त जॅाच प्रतिवेदन की समीक्षा विभागीय स्तर पर की गयी। समीक्षा में श्री अ कुमार अमन, तत्कालीन कार्यपालक अभियन्ता के विरूद्व निम्न आरोप गठित किये गये है। कुमार अमन, तत्कालीन कार्यपालक अभियन्ता के विरूद्व निम्न आरोप गठित किये गये है।
जल निस्सरण अनुसंधान प्रमण्डल, मुजफ्फरपुर अन्तर्गत सौमेठ लिंक चैनल के आर0 डी0 21.00 (भदैया) पर जल निस्सरण अनुसंधान प्रमण्डल, मुजफ्फरपुर अन्तर्गत सौमेठ लिंक चैनल के आर0 डी0 21 जल निस्सरण अनुसंधान प्रमण्डल, मुजफ्फरपुर अन्तर्गत सौमेठ लिंक चैनल के आर0 डी0 21 बन रहे बाढ़ निरोधक फाटक के निर्माण में स्वीकृत प्राक्कलन के अनुसार पी0 सी0 सी0 (1 ः3ः6) एवं सिमेंट प्लास्टर बन रहे बाढ़ निरोधक फाटक के निर्माण में स्वीकृत प्राक्कलन के अनुसार पी0 सी0 सी0 (1ः3ः6) एवं सिमेंट प्लास्टर (1ः4) का प्रावधान था। उक्त के तीन तीन नमूनों की जॅाच सिंचाई गवेषण संस्थान, खगौल से करायी गयी। पी0 सी0 (1ः4) का प्रावधान था। उक्त के तीन तीन नमूनों की जॅाच सिंचाई गवेषण संस्थान, खगौल से करायी गयी। पी0 सी0 (1ः4) का प्रावधान था। उक्त के तीन तीन नमूनों की जॅाच सिंचाई गवेषण संस्थान, खगौल से करायी गयी। पी0 सी0 सी0 (1ः3ः6) के नमूनों की जॅाच में पी0 सी0 सी0 (1ः3ः6) के स्थान पर सिमेंट बालू का अनुपात 1ः7.30, 1ः5.68, 1ः7.41 सी0 (1ः3ः6) के नमूनों की जॅाच में पी0 सी0 सी0 (1ः3ः6) के स्थान पर सिमेंट बालू का अनुपात 1ः7 सी0 (1ः3ः6) के नमूनों की जॅाच में पी0 सी0 सी0 (1ः3ः6) के स्थान पर सिमेंट बालू का अनुपात 1ः7 प्लास्टर (1ः4) के नमूनों की जॅाच में सिमेंट प्लास्टर (1ः4) के स्थान पर सिमेंट एवं बालू का अनुपात 1ः7.70, तथा सिमेंट प्लास्टर (1ः4) के नमूनों की जॅाच में सिमेंट प्लास्टर (1ः4) के स्थान पर सिमेंट एवं बालू का अनुपात 1ः7 प्लास्टर (1ः4) के नमूनों की जॅाच में सिमेंट प्लास्टर (1ः4) के स्थान पर सिमेंट एवं बालू का अनुपात 1ः7 79 पाया गया अतः विशिष्टि के अनुरूप कार्य नहीं कराने का आरोप प्रथम दृष्टया आपके विरूद्व प्रमाणित 1ः8.07, 1ः7.79 पाया गया अतः विशिष्टि के अनुरूप कार्य नहीं कराने का आरोप प्रथम दृष्टया आपके विरूद्व प्रमाणित 79 पाया गया अतः विशिष्टि के अनुरूप कार्य नहीं कराने का आरोप प्रथम दृष्टया आपके विरूद्व प्रमाणित पाया गया है।
रा संचालन पदाधिकारी को बचाव बयान समर्पित किया गया। श्री अमन, तत्कालीन कार्यपालक अभियन्ता द्वारा संचालन पदाधिकारी को बचाव बयान समर्पित किया गया। श्री अमन, तत्कालीन कार्यपालक अभियन्ता द्वा
जिसकी समीक्षा में संचालन पदाधिकारी द्वारा निम्न तथ्य दिया गया हैं। जिसकी समीक्षा में संचालन पदाधिकारी द्वारा निम्न तथ्य दिया गया हैं।
(i) आरोपित पदाधिकारी दिनांक 14 ) आरोपित पदाधिकारी दिनांक 14.6.02 से दिनांक 15.10.04 तक कार्यपालक अभियन्ता, जल निस्सरण 04 तक कार्यपालक अभियन्ता, जल निस्सरण प्रतिवेदन की छाया प्रति अनुसंधान प्रमण्डल, मुजफ्फरपुर के रूप में पदस्थापित रहे है। साक्ष्य के रूप में प्रभार ग्रहण प्रतिवेदन की छाया प्रति अनुसंधान प्रमण्डल, मुजफ्फरपुर के रूप में पदस्थापित र संलग्न है।
(ii) वर्ष 2004-05 में श्री अमरेन्द्र कुमार अमन, तत्कालीन कार्यपालक अभियन्ता के पदस्थान अवधि में ही ) वर्ष 2004-05 में श्री अमरेन्द्र कुमार अमन, तत्कालीन कार्यपालक अभियन्ता के पदस्थान अवधि में ही ) वर्ष 2004-05 में श्री अमरेन्द्र कुमार अमन, तत्कालीन कार्यपालक अभियन्ता के पदस्थान अवधि में ही सौमेठ झील लिंक चैनल के आर0डी0-21.00 पर बाढ़ निरोधक कार्य प्रारम्भ हुआ। सौमेठ झील लिंक चैनल के आर0डी0-212 (cid:1)बहार गजट (असाधारण), 7777 अ+तूअ+तूअ+तूअ+तूबरबरबरबर 2014201420142014 (iii) श्री अमरेन्द्र कुमार अमन के पदस्थापन अवधि में पी0 सी0 सी0 (1ः3ः6) 76.25 प्रतिशत तथा प्लास्टर 30.50 प्रतिशत कराया गया।
(iv) आरोपित पदाधिकारी द्वारा उनके पदस्थापन अवधि में अंतिम विपत्र दिनांक 27.7.04 को पारित किया गया है।
(v) श्री विजय कुमार सिंह, तत्कालीन कार्यपालक अभियन्ता, जल निस्सरण अनुसंधान प्रमण्डल, मुजफ्फरपुर के पत्रांक 03 दिनांक 9.1.05 से स्पष्ट है। कि संरचना के U/S एवं D/S में फेसवाल तथा विंगवाल का प्लास्टर एवं कैपिंग का कार्य अधुरा है।
(vi) दिनांक 13.9.05 को उड़नदस्ता दल द्वारा फेसवाल एवं विंगवाल के कैपिंग प्लास्टर एवं पी. सी0 सी0 नमूना संग्रह किया गया जो श्री अमरेन्द्र कुमार अमन के पदस्थापन अवधि में नहीं हुआ है।
समीक्षोपरान्त संचालन पदाधिकारी द्वारा श्री अमरेन्द्र कुमार अमन, तत्कालीन कार्यपालक अभियन्ता के विरूद्व उक्त आरोप में प्रमाणित नहीं पाया।
तत्पश्चात मामले के समीक्षोपरान्त संचालन पदाधिकारी के मंतव्य से असहमत होते हुए विभागीय पत्रांक 176 दिनांक 6.2.14 द्वारा निम्न बिन्दू पर द्वितीय कारण पृच्छा की गयी।
''श्री विजय कुमार सिंह, तत्कालीन कार्यपालक अभियन्ता, जल निस्सरण अनुसंधान प्रमण्डल, मुजफ्फरपुर के पत्रांक 03 दिनांक 9.1.05 में उल्लेखित है कि संरचना के U/S एवं D/S में फेसवाल तथा विंगवाल का प्लास्टर एवं क्रैपिंग का अधूरा है। न कि उक्त तिथि तक फेसवाल एवं विंगवाल का प्लास्टर एवं क्रैपिंग का कार्य हुआ ही नहीं संचालन पदाधिकारी ने दिनांक 13.09.05 को उड़नदस्ता दल द्वारा फेसवाल एवं विंगवाल के प्लास्टर एवं क्रैपिंग पी0 सी0 सी0 का जो नमुना संग्रह किया गया। वह आपके कार्यकाल में कार्य नहीं कराया गया। पर आरोपी पदाधिकारी श्री अमरेन्द्र कुमार अमन, तत्कालीन कार्यपालक अभियन्ता, जल निस्सरण अनुसंधान प्रमण्डल, मुजफ्फरपुर के विरूद्व आरोप प्रमाणित नहीं पाने का मंतव्य दिया गया है को स्वीकार नहीं किया जा सकता है। क्योंकि आरोपी पदाधिकारी के स्तर से प्राक्कलन में प्रावधानित पी0 सी0 सी0 एवं प्लास्टर कार्य का मात्रा क्रमशः 76.25 प्रतिशत एवं 30.50 प्रतिशत का कार्य कराया गया तथा साक्ष्य के रूप में उपलब्ध कराये गये। प्रमडलीय पत्रांक 03 दिनांक 9.1.05 के अवलोकन से स्पष्ट है कि श्री अमन की अवधि में फेसवाल एवं विंगवाल के प्लास्टर तथा क्रैपिंग के पी0 सी0 सी0 का अांशिक कार्य कराया गया है। फिर भी संचालन पदाधिकारी के स्तर से यह गठित किया जाता है कि मतव्य आरोपी पदाधिकारी श्री अमरेन्द्र कुमार अमन द्वारा उक्त कार्य नहीं कराया है जो स्वीकार मान्य नहीं है।
श्री अमरेन्द्र कुमार अमन से प्राप्त द्वितीय कारण पृच्छा की जबाव की समीक्षा में पाया गया कि श्री अमर द्वारा निम्न बाते कही गयी है।
(1) क्रैपिंग पी0 सी0 सी0 कार्य उड़नदस्ता द्वारा क्रैपिंग पी0 सी0 सी0 कार्य के तीन नमुने लिये गये। इस कार्य की नगन्य मात्रा होने के फलस्वरूप हैन्डमिकसींग से कार्य कराया गया है। जिसके समरूपता संभव नहीं है। तीनों नमूनों 3 अंश बालू के स्थान पर 7.30, 5.68 एवं 7.41 पाया गया जिसका औसत 6.99 आता है। पायी गयी भिन्नता निम्न गणना के अनुसार लगभग 27.00 आता है। जो की तकनीकी परीक्षक कोषांग के पत्रांक 2961 दिनांक 3.12.90 के अनुसाार 25 प्रतिशत की अनुज्ञेय सीमा (Permisssible limit) के लगभग करीब है। जो नमूनों के सग्रहण में हुई कतिपय असावधानियों के कारण दो प्रतिशत की मामूली भिन्नता संभव है।
(2) प्लास्टर कार्य मेरे कार्यकाल में प्लास्टर कार्य का कुल 30.50 प्रतिशत कार्य ही कराया गया जिसके मोर्टार की जॅाच स्थानीय गुण नियंत्रण द्वारा की गयी थी एवं जॅाच प्रतिवेदन अनुकूल प्राप्त होने के उपरान्त ही भुगतान किया गया था। शेष 69.50 प्रतिशत प्लास्टर का कार्य दिनांक 01.9.05 से 13.9.05 के बीच कराया गया जो कि मेरे कार्यकाल से संबंधित नहीं है। इस प्रकार मेरे पदस्थापन के बाद अधिकतर प्लास्टर का कार्य कराया गया है। अतः स्पष्ट है कि लिया गया नमूना मेरे कार्यकाल में कार्यान्वित प्लास्टर का नहीं है एवं इसके लिए मुझे दोषी ठहराना न्यायोचित नहीं है।
श्री अमन से प्राप्त जबाव की समीक्षा में पाया गया कि आरोपी पदाधिकारी अपने द्वितीय कारण पृच्छा के बचाव बयान में क्रैपिंग पी0 सी0 सी0 कार्य के संदर्भ में उल्लेख किया है। कि उड़नदस्ता द्वारा संग्रहीत तीन अद्द नमुनों के जॅाचफल में तीन (अंश) बालू के स्थान पर औसत 6.79 आता है। पायी गयी भिन्नता गणना के अनुसार लगभग 27 प्रतिशत होता है। जो तकनीकी परीक्षक कोषांग के पत्रांक 2961 दिनांक 3.12.90 के अनुसार 25 प्रतिशत की अनुज्ञेय सीमा के लगभग करीब है एवं दो प्रतिशत की मालूली भिन्नता कतिपय असावधानियों के कारण संभव है को स्वीकार नहीं किया जा सकता है। क्योंकि तकनीकी परीक्षक कोषांग के पत्रांक 2961 दिनांक 3.12.90 में उल्लेखित है कि :-
(क) संघटक सिमेंट, बालू, चिप्स, पानी के प्रकार रसायनिक रचना (ख) काटी गयी हाथ (Workmanship) या मशीन मिलावट इत्यादि। (ग) माप आयतन से या वजन से (घ) सैंपल लेने का तरीका (ड़) सैंपल लेने में उपरोक्त तथ्यों को Consider करते हुए ही विशिष्टियों के अनुपात और जॅाचफल में पायी गयी भिन्नता को 25 प्रतिशत तक की भीन्नता को अनुज्ञेय सीमा के अन्दर माना गया है। इस मामले में भीन्नता 27 प्रतिशत आता हे। जो अनुज्ञेय सीमा 25 प्रतिशत से अधिक है। अतः आरोप प्रमाणित पाया गया है। प्लास्टर कार्य आरोपी अपने बचाव बयान3 (cid:1)बहार गजट (असाधारण), 7777 अ+तूअ+तूअ+तूअ+तूबरबरबरबर 2014201420142014 में उल्लेख किया है कि मेरे कार्यकाल (14.06.02 से 15.10.04) में प्लास्टर कार्य मात्र 30.50 प्रतिशत कराया गया है। उड़नदस्ता द्वारा संग्रह नमूना मेरे कार्यकाल से संबंधित नहीं है। परन्तु आरोपी द्वारा ऐसा केाई साक्ष्य प्रस्तुत नहीं किया गया है। जिससे प्रमाणित हो सके कि उड़नदस्ता द्वारा संग्रह प्लास्टर कार्य के नमुना उनके कार्यावधि से संबंधित नहीं है। अतः प्लास्टर कार्य में नमुना विशिष्टि के कार्य कराने का आरोप प्रमाणित पाया गया है।
अतः वर्णित स्थिति में उक्त प्रमाणित आरोपों के लिए श्री अमरेन्द्र कुमार अमन, तत्कालीन कार्यपालक अभियन्ता सम्प्रति अधीक्षण अभियन्ता, पश्चिमी कोशी नहर अंचल सं0-2, दरभंगा को निम्न दण्ड देने का निर्णय लिया गयाः-
(1) दो वेतनवृद्वि पर असंचयात्मक प्रभाव से रोक। तदनुसार उक्त निर्णय श्री अमरेन्द्र कुमार अमन, तत्कालीन कार्यपालक अभियन्ता को संसूचित किया जाता है।
बिहार-राज्यपाल के आदेश से, गजानन मिश्र, विशेष कार्य पदाधिकारीं।
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अधी1क, सिचवालय मुिणालय, (cid:1)बहार, पटना (cid:13)ारा ूकािशत एवं मु6ित। (cid:1)बहार गजट (असाधारण) 828-571+10-ड/0ट/0पी0। Website: http://egazette.bih.nic.in