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अधिसूचना
18 जुलाई 2014
सं0 22 नि0 सि0 (डि0)-14-14/2007/
-14-14/2007/963—श्री सुरेश राम, तत्कालीन कार्यपालक अभियन्ता, सोन नहर कार्यपालक अभियन्ता, सोन नहर आधुनिकीकरण प्रमण्डल, पीरो के विरूद्व सोन नहर आधुनिकीकरण प्रमण्डल, पीरो के अन्तर्गत बिहियॅा शाखा नहर के 6. आधुनिकीकरण प्रमण्डल, पीरो के विरूद्व सोन नहर आधुनिकीकरण प्रमण्डल, पीरो के अन्तर्गत बिहियॅा शाखा नहर के 6 आधुनिकीकरण प्रमण्डल, पीरो के विरूद्व सोन नहर आधुनिकीकरण प्रमण्डल, पीरो के अन्तर्गत बिहियॅा शाखा नहर के 6 246 कि0मी0 (तरारी से वचरी तक) नहर सेवापथ पक्कीकरण कार्य में बरती गई अनियमितता के लिए 6 कि0मी0 से 18.246 कि0मी0 (तरारी से वचरी तक) नहर सेवापथ पक्कीकरण कार्य में बरती गई अनियमितता के लिए 246 कि0मी0 (तरारी से वचरी तक) नहर सेवापथ पक्कीकरण कार्य में बरती गई अनियमितता के लिए कत प्रमाणित आरोपों के लिए बिहार सरकारी सेवक (वर्गीकरण, नियंत्रण एवं अपील) नियमावली प्रथम दृष्टया निम्नांकित प्रमाणित आरोपों के लिए बिहार सरकारी सेवक (वर्गीकरण, नियंत्रण एवं अपील) नियमावली कत प्रमाणित आरोपों के लिए बिहार सरकारी सेवक (वर्गीकरण, नियंत्रण एवं अपील) नियमावली 2005 के तहत विभागीय संकल्प सं0-480 दिनांक 18.3.10 द्वारा विभागीय कार्यवाही प्रारम्भ की गई। 2005 के तहत विभागीय संकल्प सं0-480 दिनांक 18 10 द्वारा विभागीय कार्यवाही प्रारम्भ की गई।
1. मेटल के गे्रडेड थिकनेस में 12
मेटल के गे्रडेड थिकनेस में 12.5 एम0एम0 से 25 एम0एम0 की कमी।
2. कम्पेक्शन की कमी।
3. स्क्रीनिंग मेटेरियल में पायी गई कमी।
स्क्रीनिंग मेटेरियल में पायी गई कमी।
संचालन पदाधिकारी के समक्ष आरोपित पदाधिकारी श्री सुरेश राम द्वारा अपने बचाव बयान में बताया गया कि संचालन पदाधिकारी के समक्ष आरोपित पदाधिकारी श्री सुरेश राम द्वारा अपने बचाव बयान में बताया गया कि संचालन पदाधिकारी के समक्ष आरोपित पदाधिकारी श्री सुरेश राम द्वारा अपने बचाव बयान में बताया गया कि उड़नदस्ता के जॅाच प्रतिवेदन से यह स्पष्ट नहीं होता है कि किस कि0 मी0 के किस किस परत में मुटाई में कमी पायी उड़नदस्ता के जॅाच प्रतिवेदन से यह स्पष्ट नहीं होता है कि किस कि0 मी0 के किस किस परत में मुटाई में कमी पायी उड़नदस्ता के जॅाच प्रतिवेदन से यह स्पष्ट नहीं होता है कि किस कि0 मी0 के किस किस परत में मुटाई में कमी पायी ्रतिवेदन में सड़क के प्रत्येक लेयर की मुटाई की जॅाच की गई। विभिन्न लेयरों के कम्पेक्टेड थिकनेस गयी थी। जॅाच प्रतिवेदन में सड़क के प्रत्येक लेयर की मुटाई की जॅाच की गई। विभिन्न लेयरों के कम्पेक्टेड थिकनेस ्रतिवेदन में सड़क के प्रत्येक लेयर की मुटाई की जॅाच की गई। विभिन्न लेयरों के कम्पेक्टेड थिकनेस की प्रतिवेदित मुटाई विशिष्टि के अनुरूप है। जॅाच प्रतिवेदन से यह भी स्पष्ट होता है कि 19, 20, 17, 15, 14, 12, 11, की प्रतिवेदित मुटाई विशिष्टि के अनुरूप है। जॅाच प्रतिवेदन से यह भी स्पष्ट होता है कि 19, 20, 17, 15, 14, 12, 11, की प्रतिवेदित मुटाई विशिष्टि के अनुरूप है। जॅाच प्रतिवेदन से यह भी स्पष्ट होता है कि 19, 20, 17, 15, 14, 12, 11,
थकनेस की जॅाच की गई थी। जॅाचकत्र्ता द्वारा मंत्रिमंडल 8, 7 कि0मी0 में एक एक बिन्दु पर ही सड़क के लेयर की थिकनेस की जॅाच की गई थी। जॅाचकत्र्ता द्वारा मंत्रिमंडल 8, 7 कि0मी0 में एक एक बिन्दु पर ही सड़क के लेयर की ि
निगरानी के पत्रांक 1389 दिनांक 16.9 94 के द्वारा जॅाच के संबंध में दिए गए दिशा निदेश का पालन नहीं किया गया। 9.94 के द्वारा जॅाच के संबंध में दिए गए दिशा निदेश का पालन नहीं किया गया। जॅाचकत्र्ता द्वारा तीन बिन्दुओं पर मापी लेकर औसत के आधार पर मापी करनी थी जबकि ऐसा नहीं किया गया। गे्रड- जॅाचकत्र्ता द्वारा तीन बिन्दुओं पर मापी लेकर औसत के आधार पर मापी करनी थी जबकि ऐसा नहीं किया गया जॅाचकत्र्ता द्वारा तीन बिन्दुओं पर मापी लेकर औसत के आधार पर मापी करनी थी जबकि ऐसा नहीं किया गया 2 (cid:1)बहार गजट (असाधारण), 7777 अ*तूअ*तूअ*तूअ*तूबरबरबरबर 2014201420142014 i, ii, iii के कुल मुटाई में 12.5 एम0 एम0 से 25 एम0 एम0 की कमी पायी गई। MORT & H के टेबुल 900-7 में Flexible Pavement के लिए () 20 एम0 एम0 का विचलन निर्धारित Tolerance के अन्तर्गत है।
आरोप सं0-2 के संबंध में आरोपित पदाधिकारी श्री राम द्वारा अपने बचाव बयान में बताया गया कि यह आरोप अस्पष्ट एवं अनिर्दिष्ट है क्योंकि यह अंकित नहीं है कि सड़क कटवाने पर गे्रडेड मेटेरियल के निकालने के क्रम में पाया गया कि सड़क निर्माण में यथेष्ट कम्पेक्शन नहीं किया गया है। MORT & H के पारा 404.33 के अनुसार Coarese Aggregate बिछाया गया तथा पारा 404.34 के अनुसार Rolling किया गया था 404.35 तथा 404.36 के अनुसार Screening का छिड़काव तथा पानी का छिड़काव किया गया था। किसी बिन्दु पर सड़क कटवाने से यथेष्ठ सम्पीड़न नहीं होने की जॅाच पदाधिकारी का निष्कर्ष प्रावैधिक दृष्टिकोण से मान्य नहीं है।
आरोप सं0-3 के संबंध में आरोपित पदाधिकारी श्री राम द्वारा अपने बचाव बयान में बताया गया कि आरोप में किस कि0 मी0 के किस परत में स्क्रीनिंग मेटेरियल में कमी पायी गई, इसका उल्लेख नहीं है। जॅाच प्रतिवेदन में सिर्फ यह प्रतिवेदित किया गया कि गे्रड- iii Screening Material ठीक पाया गया। जबकि मेटल i एवं ii में कमी पाई गई। Radom रूप में सिर्फ एक बिन्दु पर सड़क काटकर गे्रडेड मेटल निकालने के क्रम में कम्पेक्शन में कमी पाई गई 11 कि0मी0 की लम्बाई में विभिन्न बिन्दुओं पर Screening Material की जॅाच की गई। MORT & H टेबुल 400-9 में गे्रड i एवं ii मेटल के निर्धारित Screening Material टाईप ए की मात्रा को ही MORT & H टेबुल की कंडिका 404.26 के अनुसार कार्य कराते समय उपयोग किया गया। सम्पीड़न परत गे्रड i एवं ii के काटने के दरम्यान नेत्रानुमान के आधार पर गे्रड i एवं ii में टाईप ए Screening Material की कमी संबंधी उड़नदस्ता का निष्कर्ष प्रावैधिक दृष्टिकोण से मान्य एवं प्रमाणिक नहीं है। किसी कि0मी0 के किसी पतर के 10एम2 एरिया में सम्पीड़न परत को काटकर प्रयुक्त Screening टाईप ए की मात्रा की जॅाच की जानी चाहिए थी, जो नहीं किया गया। संचालन पदाधिकारी द्वारा अपने जॅाच प्रतिवेदन में आरोपों को प्रमाणित नहीं पाया गया। संचालन पदाधिकारी के जॅाच प्रतिवेदन से असहमत होते हुए आरोपित पदाधिकारी श्री सुरेश राम से विभागीय पत्रांक 1387 दिनांक 14.11.11 द्वारा असहमति के बिन्दु पर द्वितीय कारण पृच्छा की गई। प्राप्त द्वितीय कारण के जबाव में आरोपित पदाधिकारी द्वारा आरोप सं0-1 के संबंध में बताया गया कि उड़नदस्ता द्वारा जॅाच रेण्डम रूप से किया गया था जबकि सड़क की मुटाई की जॅाच के संबंध में वर्ष 1994 से ही मंत्रिमंडल निगरानी विभाग का एक दिशा निर्देश निर्गत है जिसके आलोक में जॅाच की जाती तो जॅाच फल में कुछ भिन्नता होती। जहॅा तक मेटेल के गे्रडेड थिकनेस में 12.5 एम0 एम0 से 25.0 एम0 एम0 की कमी पाई गई है वह भी MORT & H टेबुल 900-1 के Flexible Pavement के मान्य Tolerance 20 एम0 एम0 के लगभग माना जा सकता है अर्थात निर्धारित बिचलन अनुमान्य सीमा के अन्तर्गत है। BSG के लेयर में 5 एम0 एम0 की कमी उक्त टेबुल में 900-1 में Bituminous Course के लिए 6 एम0 एम0 विचलन के प्रावधान के आलोक में निर्धारित सीमा के अन्तर्गत है। नहर सेवा पथ में व्यवहृत मेटल Orersige होने का आधार सिंचाई ग्वेषण संस्थान खगौल का जॅाच फल है। खगौल द्वारा गे्रड-1 की मेटल जॅाच में मात्र 80 एम0 एम0, 60 एम0 एम0 एवं 40 एम0 एम0 चलनी का प्रयोग किया गया है जबकि MORT & H के Specification for Road and Bridge के टेबुल 400-7 के अनुसार गे्रड-1 मेटल में 125 एम0 एम0, 90 एम0 एम0, 63 एम0 एम0, 45 एम0 एम0 एवं 22.4 एम0 एम0 Sieve प्राप्त हुआ है जो MORT & H की विशिष्टि के अनुरूप है। इस प्रकार आर0 आर0 आई0, खगौल के जॅाच फल के आलोक में मेटल ओभर साईज नहीं है। कोर्स एग्रीगेट को बिछाने, स्क्रीनिंग मेटेरियल का छिड़काव तथा रोलिंग कार्य की सभी प्रक्रियाएॅ MORT & H की सुसंगत कंडिकाओं में निर्धारित प्रावधान के 3
(cid:1)बहार गजट (असाधारण), 7777 अ*तूअ*तूअ*तूअ*तूबरबरबरबर 2014201420142014
अनुसार पूर्णतः विशिष्टि के अनुरूप की गई है। सम्पीड़ित परत को कटवाने के क्रम में नेत्रानुमान के आधार पर यथेष्ठ सम्पीड़न नहीं होने का जॅाच पदाधिकारी का निष्कर्ष प्रावैधिक दृष्टिकोण से मान्य एवं प्रमाणित नहीं है। स्क्रीनिंग मेटेरियल की कमी के संदर्भ में बताया गया कि ग्यारह कि0मी0 की लम्बाई में सिर्फ एक बिन्दु पर सड़क काटकर नेत्रानुमान से स्क्रीनिंग मेटेरियल की मात्रा की कमी पूरी लम्बाई में कमी की मात्रा को नहीं दर्शाता है। जिस बिन्दु पर जॅाच की गई वहॅा पर भी स्क्रीनिंग मेटेरियल की मात्रा नहीं बताई गई। प्रीमिक्सिंग कारपेटिग में कमी के बारे में बताया गया है कि 3 मि0मी0 का विचलन नेत्रानुमान पर आधारित है जबकि टेबुल 900-1 के अनुसार मशीन से बिछाई गई Premix Carpeting की मोटाई में 6 एम0 एम0 विचलन का प्रावधान है। इस प्रकार विचलन निर्धारित टोलेरेंस के अन्तर्गत है इन तथ्यों के अतिरिक्त आरोपित पदाधिकारी द्वारा यह भी उल्लेख किया गया है कि सदृश मामले में उन्हें विभागीय अधिसूचना सं0-1383 दिनांक 30.11.09 द्वारा दो वेतनवृद्वि पर असंचयात्मक प्रभाव से रोक का दण्ड संसूचित है।
आरोपित पदाधिकारी श्री सुरेश राम, तत्कालीन कार्यपालक अभियन्ता से प्राप्त द्वितीय कारण के जबाव की समीक्षा उपलब्ध अभिलेखों के आलोक में सरकार के स्तर पर की गई एवं पाया गया कि समरूप आरोप के लिए इनके विरूद्व विभागीय कार्यवाही चलाकर दंडित किया जा चुका है अतः दुबारा उसी आरोप पर विभागीय कार्यवाही चलाकर दंडित करना उचित नहीं है। अतः सम्यक विचारोपरान्त श्री सुरेश राम, तत्कालीन कार्यपालक अभियन्ता, सोन नहर आधुनिकीकरण प्रमण्डल, पीरो के विरूद्व विभागीय संकल्प सं0-480 दिनांक 18.3.10 द्वारा संचालित विभागीय कार्यवाही को बंद करने का निर्णय सरकार द्वारा लिया गया हैं।
उक्त निर्णय श्री सुरेश राम, तत्कालीन कार्यपालक अभियन्ता, सोन नहर आधुनिकीकरण प्रमण्डल, पीरो को संसूचित किया जाता है।
बिहार-राज्यपाल के आदेश से,
सतीश चन्द्र झा,
सरकार के अपर सचिव।
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अधी1क, सिचवालय मुिणालय,
(cid:1)बहार, पटना (cid:13)ारा ूकािशत एवं मु6ित। (cid:1)बहार गजट (असाधारण) 830-571+10-ड/0ट/0पी0। Website: http://egazette.bih.nic.in