िनबंधन सं(cid:27)या पी0ट/0-40 िनबंधन सं(cid:27)या (cid:1)बहार(cid:1)बहार(cid:1)बहार(cid:1)बहार गजटगजटगजटगजट (cid:1)बहार(cid:1)बहार(cid:1)बहार(cid:1)बहार
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पटनापटनापटनापटना, , , , मंगलवारमंगलवारमंगलवारमंगलवार, , , , 7777 अ*तूअ*तूअ*तूअ*तूबरबरबरबर 2014201420142014 जल संसाधन विभाग -------- अधिसूचना 15 जुलाई 2014
सं0 22 नि0 सि0 (दर0)-16-05/2011/927
सि0 (दर0)-16-05/2011/927—श्री हरिनन्दन प्रसाद सिंह, आई0 डी0-3879, तत्कालीन श्री हरिनन्दन प्रसाद सिंह, आई0 डी0-3879, तत्कालीन कार्यपालक अभियन्ता, ग्रामीण विकास विशेष प्रमण्डल, रहिका के विरूद्व उक्त पदस्थापन अवधि में राष्ट्रीय ग्रामीण कार्यपालक अभियन्ता, ग्रामीण विकास विशेष प्रमण्डल, रहिका के विरूद्व उक्त पदस्थापन अवधि में राष्ट्रीय ग्रामीण कार्यपालक अभियन्ता, ग्रामीण विकास विशेष प्रमण्डल, रहिका के विरूद्व उक्त पदस्थापन अवधि में राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी कार्यक्रम के तहत कुल 40 अद्द योजनाओं के काय ार्न्वयन में बरती गयी अनियमितता के लिए जिला रोजगार गारंटी कार्यक्रम के तहत कुल 40 अद्द योजनाओं के कार्यान्वयन में बरती गयी अनियमितता के लिए जिला पदाधिकारी, मधुबनी से प्राप्त आरोप पत्र एवं ग्रामीण विकास विभाग से प्राप्त प्रस्ताव के आलोक में श्री सिंह से विभागीय पदाधिकारी, मधुबनी से प्राप्त आरोप पत्र एवं ग्रामीण विकास विभाग से प्राप्त प्रस्ताव के आलोक में श्री सिंह से विभागीय पदाधिकारी, मधुबनी से प्राप्त आरोप पत्र एवं ग्रामीण विकास विभाग से प्राप्त प्रस्ताव के आलोक में श्री सिंह से विभागीय 11 द्वारा स्पष्टीकरण पुछा गया। श्री सिंह से प्राप्त स्पष्टीकरण पर जिला पदाधिकारी, मधुबनी से 11 द्वारा स्पष्टीकरण पुछा गया। श्री सिंह से प्राप्त स्पष्टीकरण पर जिला पदाधिकारी, मधु पत्रांक 423 दिनांक 7.4.11 द्वारा स्पष्टीकरण पुछा गया। श्री सिंह से प्राप्त स्पष्टीकरण पर जिला पदाधिकारी, मधु मंतव्य की मांग की गयी। जिला पदाधिकारी, मधुबनी से प्राप्त मंतव्य एवं श्री सिंह से प्राप्त स्पष्टीकरण की विभागीय मंतव्य की मांग की गयी। जिला पदाधिकारी, मधुबनी से प्राप्त मंतव्य एवं श्री सिंह से प्राप्त स्पष्टीकरण की विभागीय मंतव्य की मांग की गयी। जिला पदाधिकारी, मधुबनी से प्राप्त मंतव्य एवं श्री सिंह से प्राप्त स्पष्टीकरण की विभागीय समीक्षा की गयी एवं समीक्षोपरान्त प्रथम दृष्टया प्रमाणित आरोपों के लिए श्री सिंह, तत्कालीन कार्यपालक अभियन्ता के समीक्षा की गयी एवं समीक्षोपरान्त प्रथम दृष्टया प्रमाणित आरोपों के लिए श्री सिंह, तत्कालीन कार्यपालक अभियन्ता के समीक्षा की गयी एवं समीक्षोपरान्त प्रथम दृष्टया प्रमाणित आरोपों के लिए श्री सिंह, तत्कालीन कार्यपालक अभियन्ता के विरूद्व विभागीय संकल्प ज्ञापांक 857 दिनां 12 द्वारा निम्न गठित आरोपों के लिए बिहार सरकारी सेवक विरूद्व विभागीय संकल्प ज्ञापांक 857 दिनांक 01.8.12 द्वारा निम्न गठित आरोपों के लिए बिहार सरकारी सेवक (वर्गीकरण, नियंत्रण एवं अपील) नियमावली 2005 के नियम-17 के तहत विभागीय कार्यवाही प्रारम्भ की गयीः- (वर्गीकरण, नियंत्रण एवं अपील) नियमावली 2005 के नियम-17 के तहत विभागीय कार्यवाही प्रारम्भ की गयीः- (वर्गीकरण, नियंत्रण एवं अपील) नियमावली 2005 के नियम-17 के तहत विभागीय कार्यवाही प्रारम्भ की गयीः- 1. आप कार्यपालक अभियन्ता, ग्रामीण विकास विशेष प्रमण्डल, रहिका(मधुबनी) के पद पर वर्ष 2003 से आप कार्यपालक अभियन्ता, ग्रामीण विकास विशेष प्रमण्डल, रहिका(मधुबनी) के पद पर वर्ष 2003 से आप कार्यपालक अभियन्ता, ग्रामीण विकास विशेष प्रमण्डल, रहिका(मधुबनी) के पद पर वर्ष 2003 से पदस्थापित थें। आपके उक्त पदस्थापन अवधि में राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी कार्यक्रम के तहत जिला परिषद पत थें। आपके उक्त पदस्थापन अवधि में राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी कार्यक्रम के तहत जिला परिषद पत थें। आपके उक्त पदस्थापन अवधि में राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी कार्यक्रम के तहत जिला परिषद 06 द्वारा सचिव, ग्रामीण समग्र विकास परिषद् शिवीपट्टी, मधुबनी के स्वीकृत्यादेश ज्ञाप स0-03/जि0 प0, दिनांक 8.6.06 द्वारा सचिव, ग्रामीण समग्र विकास परिषद् शिवीपट्टी, मधुबनी के स्वीकृत्यादेश ज्ञाप स0-03/जि0 प0, दिनांक 8 एजेन्सी नियुक्त करते हुए योजनाओं की कुल प्राक्कलित राजनगर को कुल 15 योजनाओं के कार्यान्वयन हेतु कार्यकारी एजेन्सी नियुक्त करते हुए योजनाओं की कुल प्राक्कलित राजनगर को कुल 15 योजनाओं के कार्यान्वयन हेतु कार्यकारी राशि मो0- 68.996 लाख रूपये के विरूद्व कुल आधी राशि मो0- 34 498 लाख रूपये संबंधित कार्यकारी एजेन्सी 996 लाख रूपये के विरूद्व कुल आधी राशि मो0- 34.498 लाख रूपये संबंधित कार्यकारी एजेन्सी (सचिव, ग्रामीण समग्र विकास परिषद् शिवीपट्टी, राजनगर) को विमुक्त करते हुए योजनाओं का कार्यान्वयन कार्याद (सचिव, ग्रामीण समग्र विकास परिषद् शिवीपट्टी, राजनगर) को विमुक्त करते हुए योजनाओं का कार्यान्वयन कार्यादेश (सचिव, ग्रामीण समग्र विकास परिषद् शिवीपट्टी, राजनगर) को विमुक्त करते हुए योजनाओं का कार्यान्वयन कार्याद में निहित शर्तो के अनुरूप कराने का दायित्व सौंपा गया था। स्वीकृत्यादेश की प्रति आपको भी उपलब्ध करायी गयी में निहित शर्तो के अनुरूप कराने का दायित्व सौंपा गया था। स्वीकृत्यादेश की प्रति आपको भी उपलब्ध करायी गयी में निहित शर्तो के अनुरूप कराने का दायित्व सौंपा गया था। स्वीकृत्यादेश की प्रति आपको भी उपलब्ध करायी गयी थी।
2. इसी प्रकार राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी कार्यक्रम के तहत जिला परिषद्, मधुबनी के स्वीकृत्यादेश ज्ञाप इसी प्रकार राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी कार्यक्रम के तहत जिला परिषद्, मधुबनी के स्वीकृत्यादेश ज्ञाप इसी प्रकार राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी कार्यक्रम के तहत जिला परिषद्, मधुबनी के स्वीकृत्यादेश ज्ञाप सं0-04/जि0 प0 दिनांक 8.6.06 द्वारा सचिव, श् ाक्ति महिला विकास स्बावलम्बी समिति, मधुबनी की कुल 25 योजनाओं 06 द्वारा सचिव, शक्ति महिला विकास स्बावलम्बी समिति, मधुबनी की कुल 25 योजनाओं के कार्यान्वयन हेतु कार्यकारी एजेन्सी नियुक्त करते हुए योजनाओं के कुल प्राक्कलित राशि मो0- 79.667 लाख रूपये के कार्यान्वयन हेतु कार्यकारी एजेन्सी नियुक्त करते हुए योजनाओं के कुल प्राक्कलित राशि मो0- 79 के कार्यान्वयन हेतु कार्यकारी एजेन्सी नियुक्त करते हुए योजनाओं के कुल प्राक्कलित राशि मो0- 79 के विरूद्व आधी राशि मो0-39.8335 लाख रूपया संबंधित कार्य एजेन्सी सचिव, शक्ति महिला विकास 8335 लाख रूपया संबंधित कार्य एजेन्सी सचिव, शक्ति महिला विकास स्बावलम्बी समिति, 8335 लाख रूपया संबंधित कार्य एजेन्सी सचिव, शक्ति महिला विकास मधुबनी को विमुक्त करते हुए योजना कार्यान्वयन कार्यादेश में वर्णित शर्तो के अनुरूप कराने का दायित्व सौंपा गया मधुबनी को विमुक्त करते हुए योजना कार्यान्वयन कार्यादेश में वर्णित शर्तो के अनुरूप कराने का दायित्व सौंपा गया मधुबनी को विमुक्त करते हुए योजना कार्यान्वयन कार्यादेश में वर्णित शर्तो के अनुरूप कराने का दायित्व सौंपा गया था। स्वीकृत्यादेश की प्रति आपको भी उपलब्ध करायी गयी थी। था। स्वीकृत्यादेश की प्रति आपको भी उपलब्ध करायी गयी थी।2 (cid:1)बहार गजट (असाधारण), 7777 अ*तूअ*तूअ*तूअ*तूबरबरबरबर 2014201420142014 3. जिला परिषद् मधुबनी के आदेश ज्ञाप सं0-134(क)/जि0 प0 दिनांक 7.7.06 द्वारा सचिव, शक्ति महिला विकास स्बावलम्बी समिति, लिमिटेड मधुबनी एवं समग्र, ग्रामीण विकास परिषद् शिवीपट्टी, राजनगर द्वारा कार्यान्वित उपरोक्त वर्णित योजनाओं में सत्त पर्यवेक्षण एवं अंतिम रूप से जॅाच कराने का दायित्व आपको सौंपा गया था। 4. उपरोक्त क्रमांक-02 एवं 03 में अंकित स्वयंसेवी संस्थानों द्वारा योजना कार्य में अनियमितता बरते जाने के संबंध में प्राप्त परिवाद पत्र (प्रतिलिपि संलग्न) में मुख्यतः गैर सरकारी संगठनों को राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी योजना के क्रियान्वयन कराने में अभिकत्र्ता बनाने से संबंधित है (प्रतिलिपि संलग्न)। परिवाद पत्र में वर्णित आरोपों की जॅाच जिला पदाधिकारी, मधुबनी द्वारा की गयी तथा उन्होंने अपने पत्र 139/जि0 गो0 दिनांक 22.01.07 द्वारा चौबीस धंटा के अन्दर इस मामले में दोषी व्यक्तियों के विरूद्व प्राथमिकी दर्ज करने का निर्देश उप विकास आयुक्त, मधुबनी को दिया (प्रतिलिपि संलग्न) अनुल0-4 एवं 5
5. उक्त वर्णित स्वयंसेवी संस्थाओं द्वारा योजनाओं में कराये गये कार्यो की जॅाच आदि का कार्य करने का दायित्व आपको जिला परिषद, मधुबनी आदेश ज्ञाप सं0-134 (क)/जि0 प0 दिनांक 7.7.06 द्वारा सौंपा गया था। योजनाओं के कार्यान्वयन हेतु स्वीकृत्यादेश में मुख्यतः निम्नांकित शर्तो का अनुपालन कराया जाना अनिवार्य थाः- (i) पोखरा के जीर्णोद्वार/ मरम्मति संबंधी कार्यो में यह सुनिश्चित किया जाय कि स्वीकृत पोखरा सौराज पंजी में दर्ज है एवं जिला मत्स्य पदाधिकारी कार्यालय से अनापति प्रमाण पत्र प्राप्त कर लिया जाय।
(ii) योजना के क्रियान्वयन में राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी योजना की मार्गदर्शिका का पूर्णरूपेण अनुपालन किया जाय।
(iii) कार्यस्थल पर कार्य करनेवाले मजदूरों की पंजी रखी जाए, जिसमें मजदूरों को दिए जाने वाले जॅाब कार्ड की संख्या अंकित की जाए एवं मजदूरों को भुगतान प्रतिदित कार्यस्थल पर ही किया जाए।
(iv) योजना अभिलेख, मापीपुस्त एवं मस्टर रौल का संधारण अनियवार्यतः किया जाए जिसे कनीय अभियन्ता द्वारा सत्यापित कराया जाय।
6. जिला पदाधिकारी, मधुबनी के पत्रांक 139/जि0 गो0 दिनांक 22.01.07 (प्रतिलिपि संलग्न) की कंडिका-5 के अवलोकन से स्पष्ट होता है कि इन दोनों गैर सरकारी संगठनों द्वारा स्वीकृत्यादेश की शर्तो का अनुपालन नहीं किया गया तथा आपके द्वारा योजनाओं के क्रियान्वयन का सतत् पर्यवेक्षण नहीं किया गया प्रति सप्ताह मस्टर रौल संधारण नहीं सम्पन्न हुआ बल्कि बार बार मांग किए जाने पर भी मस्टर रौल प्राथमिकी दायर होने तक उपलब्ध नहीं थे। बाद में जो मस्टर रौल उपलब्ध भी कराया गया, उसमें भी जॅाब कार्ड संख्या अंकित नहीं था, जो स्वतः प्रमाणित करता है कि योजना की मार्गदर्शिका का स्पष्ट उल्लंधन किया गया।
7. क्रियान्वयन एजेन्सी का दायित्व था कि प्रतिदित जॅाब कार्ड में मजदूरी की मात्रा अंकित कराया जाता एवं मस्टर रौल में संबंधित मजदूरों की जॅाब कार्ड अंकित करता तथा मांगे जाने पर मस्टर रौल तुरंत उपलब्ध करा दिया जाता। इससे यह प्रमाणित होता है कि आपके द्वारा योजनाओं की देख रेख, तकनीकी पर्यवेक्षण एवं निर्धारित शर्तो का अनुपालन नहीं कराया गया। इन संगठनों का यह कथन कि जॅाब कार्ड में राशि एवं मस्टर रौल में जॅाब कार्ड संख्या का अंकण किया जा रहा है, स्वयं प्रमाणित करता है कि मार्गदर्शिका का उल्लंधन कर सरकारी राशि का दुरूपयोग तथा गबन किया गया।
उपर्युक्त आरोपों के संबंध में आरोपी श्री सिंह द्वारा समर्पित बचाव बयान में मुख्य रूप से निम्न तथ्य रखे गयेः-
आरोप सं0-1 मेरे संदर्भ में पूर्णतः अप्रासंगिक है। उल्लेखनीय है कि राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी योजना के तहत जिला परिषद मधुबनी के ज्ञापांक सं0-03 दिनांक 8.6.06 द्वारा शिवीपट्टी, राजनगर के सचिव ग्रामीण समग्र विकास परिषद के कार्यकारी एजेन्सी को 15 योजनाओं के लिए नियुक्त किये जाने एवं प्राक्कलत राशि की आधी राशि 34.494 लाख का विमुक्त किये जाने का उल्लेख है। इसे साक्ष्य के रूप में पे्रषित किया गया है अतः आरोप सं0-1 मेरे विरूद्व प्रमाणित नहीं होता है।
आरोप सं0-2 में सचिव शक्ति महिला विकास स्वावलंबी समिति मधुबनी को कुल 25 योजनाओं के कार्यान्वयन हेतु कार्यकारी एजेन्सी नियुक्त करते हुए कुल 39.8335 लाख ज्ञापांक 04 दिनांक 8.6.06 से उपलब्ध करने का उल्लेख है इसे साक्ष्य सं0-2 के रूप में पे्रषित किया गया है उक्त के परिपे्रक्ष्य में आरोप सं0-2 मेरे विरूद्व प्रमाणित नहीं होता है।
ज्ञापांक सं0-134 दिनांक 7.7.06 में दिये गये निदेश के अनुरूप योजनाओं की जॅाच की गयी थी, जो सुसंगत मापी पुस्त के पृष्ठो के अवलोकन से स्वतः स्पष्ट है। अतः आरोप सं0-3 प्रमाणित नहीं होता है।
उप विकास आयुक्त, मधुबनी को जिला पदाधिकारी, मधुबनी के द्वारा दोनों गैर सरकारी संगठनों (अभिकत्र्ता) के विरूद्व प्राथमिकी दर्ज का निदेश दिया गया। तदनुरूप उप विकास आयुक्त मधुबनी के द्वारा प्राथमिकी दर्ज करायी गयी। अतः आरोप सं0-4 प्रमाणित नहीं होता है।
आरोप सं0-5 में मात्र योजनाओं के कार्यान्वयन हेतु स्वीकृत्यादेश में अंकित शर्तो का उल्लेख है। फलतः आरोप सं0-5 मेरे विरूद्व कोई लांछन नहीं है। अतः आरोप सं0-5 प्रमाणित नहीं होता है।
जिला पदाधिकारी, मधुबनी ज्ञापांक सं0-139 दिनांक 22.01.07 की कंडिका 5 में दोनों संगठनों द्वारा स्वीकृत्यादेश की शर्तो का अनुपालन नहीं किये जाने का उल्लेख है। जिससे मेरा कोई संबंध नहीं है। आरोप सं0-063 (cid:1)बहार गजट (असाधारण), 7777 अ*तूअ*तूअ*तूअ*तूबरबरबरबर 2014201420142014 में योजनाओं के क्रियान्वयन का सतत् पर्यवेक्षण नहीं दिये जाने का लांछन मेरे विरूद्व किया गया है। जो पूर्णमः निराधार हे। अतः आरोप सं0-6 प्रमाणित नही होता है।
जॅाब कार्ड, मस्टर रौल का संधारण क्रियान्वयन एजेंसी द्वारा किया जाना था तथा इसकी समय समय पर जॅाच कनीय अभियन्ता को करनी थी। जिससे कार्यपालक अभियन्ता, ग्रामीण विकास विशेष प्रमण्डल, रहिका, मधुबनी के रूप में कोई संबंध नहीं है। अतः आरोप सं0-7 प्रमाणित नहीं होता है।
संचालन पदाधिकारी द्वारा समर्पित जॅाच प्रतिवेदन में आरोपों को प्रमाणित पाया गया है। संचालन पदाधिकारी द्वारा आरोपी पदाधिकारी के बचाव बयान को अस्वीकार करते हुए जिला परिषद् मधुबनी के पत्रांक 03 दिनांक 8.6.06 एवं 04 दिनांक 8.6.06 से निर्गत स्वीकृत्यादेश में निहित शर्त कि योजनाओं में कराये गये कार्य की मापी संबंधित कनीय अभियन्ता प्रत्येक तीन दिन पर लेंगे एवं संबंधित सहायक अभियन्ता नियमित रूप से योजना का पर्यवेक्षण करेंगे। स्वीकृत्यादेश की प्रतिलिपि संबंधित कार्यपालक अभियन्ता को भी इस निदेश के साथ दिया गया कि वे योजना का सतत् पर्यवेक्षण करेंगे, का आरोपी द्वारा उल्लंधन करते हुए मापपुस्त में अंकित प्रविष्टि के किसी भी मापी की जॅाच नहीं करने तथा कार्यो का सतत् पर्यवेक्षण करने का प्रमाण स्वरूप कोई साक्ष्य उपलब्ध नहीं करने के आधार पर आरोपी पदाधिकारी श्री सिंह, कार्यपालक अभियन्ता के विरूद्व गठित आरोप को प्रमाणित पाया गया है।
प्राप्त जॅाच प्रतिवेदन की समीक्षा सरकार के स्तर पर की गयी एवं समीक्षोपरान्त पाया गया कि जिला परिषद मधुबनी के ज्ञापांक सं0-134(क) दिनांक 7.7.06 के अवलोकन से भी स्पष्ट है कि योजनाओं का अंतिम रूप से जॅाच तत्कालीन कार्यपालक अभियन्ता, ग्रामीण विकास विशेष प्रमण्डल, रहिका को करना था। माप पुस्त के अवलोकन से स्पष्ट होता है कि आरोपी तत्कालीन कार्यपालक अभियन्ता द्वारा मापपुस्त में अंकित मापी की जॅाच नहीं की गयी है जो आदेश की अवहेलना है। जिला परिषद मधुबनी के पत्रांक 139 दिनांक 22.01.07 के अवलोकन से भी स्पष्ट है कि गैर सरकारी संगठनों द्वारा योजनाओं के कार्यान्वयन में बरती गयी अनियमितता का उल्लेख करते हुए उनके विरूद्व कार्रवाई करने का आदेश उप विकास आयुक्त मधुबनी को दी गयी है। उक्त पत्र से परिलक्षित होता है कि आरोपी पदाधिकारी द्वारा कार्यो का देखरेख एवं तकनीकी पर्यवेक्षण नहीं की गयी। आरोपी पदाधिकारी द्वारा ऐसा कोई साक्ष्य उपलब्ध नहीं कराया गया है जिससे प्रमाणित हो सके कि इनके द्वारा कार्यो का सतत् पर्यवेक्षण किया गया हो एवं कार्य गुणवत्ता एवं विशिष्टि के अनुरूप कराया गया है। उपरोक्त तथ्यों से भी स्पष्ट होता है कि आरोपी द्वारा स्वीकृत्यादेश में निहित शर्तो एवं बाद के आदेश की अवहेलना की गयी है तथा आरोपी के उक्त कृत कार्रवाई के फलस्वरूप अभिकत्र्ता के स्तर से कार्य में बरती गयी अनियमितता के कारण सरकारी राशि का गबन हुआ है।
उपर्युक्त वर्णित तथ्यों के आलोक में संचालन पदाधिकारी के मंतव्य से सहमत होते हुए श्री हरिनन्दन प्रसाद सिंह, तत्कालीन कार्यपालक अभियन्ता के विरूद्व कराये गये कार्यो की मापी जॅाच नहीं करने तथा कार्यो के सतत् निगरानी/पर्यवेक्षण नहीं करने के फलस्वरूप अप्रत्यक्ष रूप से सरकारी राशि को क्षति पहुचाने का आरोप प्रमाणित होता है।
उक्त प्रमाणित आरोपों के लिए श्री हरिनन्दन प्रसाद सिंह, तत्कालीन कार्यपालक अभियन्ता, ग्रामीण विकास विशेष प्रमण्डल, रहिका जो दिनांक 30.09.14 को सेवानिवृत हो रहे है, को निम्न दण्ड संसूचित करने का निर्णय सरकार द्वारा लिया गया हैः-
(क) देय प्रोन्नति पर रोक। (ख) एक वेतनवृद्वि पर असंचयात्मक प्रभाव से रोक। उक्त दण्ड श्री हरिनन्दन प्रसाद सिंह, तत्कालीन कार्यपालक अभियन्ता, ग्रामीण विकास विशेष प्रमण्डल, रहिका को संसूचित किया जाता है।
बिहार-राज्यपाल के आदेश से, गजानन मिश्र, विशेष कार्य पदाधिकारी।
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अधी1क, सिचवालय मुिणालय, (cid:1)बहार, पटना (cid:13)ारा ूकािशत एवं मु6ित। (cid:1)बहार गजट (असाधारण) 831-571+10-ड/0ट/0पी0। Website: http://egazette.bih.nic.in