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अधिसूचना
12 जुलाई 2014
सं0 454—पूर्णियाँ जिलान्तर्गत पूर्णियाँ सिटी स्थित माँ पूरण देवी मंदिर पर्षद के अन्तर्गत निबंधित एक पूर्णियाँ जिलान्तर्गत पूर्णियाँ सिटी स्थित माँ पूरण देवी मंदिर पर्षद के अन्तर्गत निबंधित एक पूर्णियाँ जिलान्तर्गत पूर्णियाँ सिटी स्थित माँ पूरण देवी मंदिर पर्षद के अन्तर्गत निबंधित एक सार्वजनिक धार्मिक न्यास है, जिसकी निबंधन संख्या-3741 है। इस न्यास के सुचारू प्रबंधन एवं सुव्यवस्था के लिए सार्वजनिक धार्मिक न्यास है, जिसकी निबंधन संख्या-3741 है। इस न्यास के सुचारू प्रबंधन एवं सुव्यवस्था के लिए सार्वजनिक धार्मिक न्यास है, जिसकी निबंधन संख्या-3741 है। इस न्यास के सुचारू प्रबंधन एवं सुव्यवस्था के लिए बिहार हिन्दू धार्मिक न्यास अधिनियम की धारा-
निरूपण करते हुये पर्षदीय अधिसूचना धार्मिक न्यास अधिनियम की धारा-32 के तहत एक योजना का निरूपण करते हुये पर्षदीय अधिसूचना 1995 द्वारा अनुमंडल पदाधिकारी, पूर्णियाँ सदर की अध्यक्षता में सात सदस्यीय न्यास ज्ञापांक 2353 दिनांक 30.12.1995 द्वारा अनुमंडल पदाधिकारी, पूर्णियाँ सदर की अध्यक्षता में सात सदस्यीय न्यास 1995 द्वारा अनुमंडल पदाधिकारी, पूर्णियाँ सदर की अध्यक्षता में सात सदस्यीय न्यास समिति का गठन किया गया था।
विगत 18 वर्षो से यह न्यास समिति कार्यरत है किन्तु इसके आय-व्यय का वार्षिक व्योरा (विवरण), बजट एवं विगत 18 वर्षो से यह न्यास समिति कार्यरत है किन्तु इसके आय-व्यय का वार्षिक व्योरा (विवरण), बजट विगत 18 वर्षो से यह न्यास समिति कार्यरत है किन्तु इसके आय-व्यय का वार्षिक व्योरा (विवरण), बजट न्यास समिति की बैठकों का कार्यवृत पर्षद को नहीं भेजा जाता है। इस लम्बी अवधि में न्यास के विकास के लिए न्यास समिति की बैठकों का कार्यवृत पर्षद को नहीं भेजा जाता है। इस लम्बी अवधि में न्यास के विकास के लिए न्यास समिति की बैठकों का कार्यवृत पर्षद को नहीं भेजा जाता है। इस लम्बी अवधि में न्यास के विकास के लिए क्या-क्या कार्य किये गये इसकी भी कोई जानकारी पर्षद में उपलब्ध नहीं करायी गयी। जब पर्षदीय पत्रांक 386 क्या-क्या कार्य किये गये इसकी भी कोई जानकारी पर्षद में उपलब्ध नहीं करायी गयी। जब पर्षदीय पत्रांक 386 क्या-क्या कार्य किये गये इसकी भी कोई जानकारी पर्षद में उपलब्ध नहीं करायी गयी। जब पर्षदीय पत्रांक 386 दिनांक 30.05.2013 द्वारा न्यास समिति से न्यास के आय-व् यय का अद्यतन विवरण-बजट एवं शुल्क आदि की मांग की 2013 द्वारा न्यास समिति से न्यास के आय-व्यय का अद्यतन विवरण-बजट एवं शुल्क आदि की मांग की गयी तो श्री डाल चन्द संचेती के हस्ताक्षर से एक पत्र प्राप्त हुआ है जिसके साथ पर्षद शुल्क के मद में 40,000/- गयी तो श्री डाल चन्द संचेती के हस्ताक्षर से एक पत्र प्राप्त हुआ है जिसके साथ पर्षद शुल्क के मद में 40,000/- गयी तो श्री डाल चन्द संचेती के हस्ताक्षर से एक पत्र प्राप्त हुआ है जिसके साथ पर्षद शुल्क के मद में 40,000/- (चालीस हजार) का बैंक ड्राफ्ट एवं वित्तीय वर्ष 2013-14 का बजट दिया गया, किन्तु पर्षद को यह भी नहीं बताया (चालीस हजार) का बैंक ड्राफ्ट एवं वित्तीय वर्ष 2013-14 का बजट दिया गया, किन्तु पर्षद को यह भी नहीं बताया (चालीस हजार) का बैंक ड्राफ्ट एवं वित्तीय वर्ष 2013-14 का बजट दिया गया, किन्तु पर्षद को यह भी नहीं बताया है कि न्यास कोष में कितनी राषी जमा है। संचिका के अवलोकन से यह भी स्पष्ट है कि मंदिर की भूमि पर अवैध गया है कि न्यास कोष में कितनी राषी जमा है। संचिका के अवलोकन से यह भी स्पष्ट है कि मंदिर की भूमि पर अवैध है कि न्यास कोष में कितनी राषी जमा है। संचिका के अवलोकन से यह भी स्पष्ट है कि मंदिर की भूमि पर अवैध कब्जा है और अवैध कब्जा से न्यास की भूमि को मुक्त कराने के लिए इस न्यास समिति द्वारा की गई कारवाई से, कब्जा है और अवैध कब्जा से न्यास की भूमि को मुक्त कराने के लिए इस न्यास समिति द्वारा की गई कारवाई से, कब्जा है और अवैध कब्जा से न्यास की भूमि को मुक्त कराने के लिए इस न्यास समिति द्वारा की गई कारवाई से,
2013 एवं द्वारा बिहार हिन्दू पर्षद को अवगत नहीं कराया गया। उक्त संबंध में जब पर्षदीय पत्रांक 1519 दिनांक 28.11.2013 एवं द्वारा बिहार हिन्दू पर्षद को अवगत नहीं कराया गया। उक्त संबंध में जब पष् 2 (cid:1)बहार गजट (असाधारण), 10101010 अ*तूअ*तूअ*तूअ*तूबरबरबरबर 2014201420142014 धार्मिक अधिनियम की धारा-29 (2) के तहत न्यास समिति से कारण-पृच्छा पूछा गया। न्यास समिति के सदस्य अषोक मित्रा को पर्षद द्वारा भेजा गया पत्र डाकिया द्वारा उनके देहान्त की सूचना देते हुए पर्षद में लौटा दिया गया। पुनः शेष सदस्यों को पर्षदीय पत्रांक 2018 दिनांक 29.01.2014 द्वारा स्मार पत्र भेजते हुये कारण-पृच्छा पूछा गया। इसका जबाब श्री डाल चन्द संचेती को छोड़कर शेषः सदस्यों ने दिया जिसमें श्री डाल चन्द संचेती पर गंभीर आरोप लगाये गये कि श्री संचेती विगत अठारह वर्षो से न्यास समिति का आय-व्यय अपने पास रखते थे तथा इसके संबंध में किसी भी सदस्य को कोई जानकारी नहीं है। वर्ष 2012 से मंदिर की सौंदर्यीकरण व सुरक्षा के लिए बनाया जा रहा चहारदिवारी व गेट भी अभी अधूरा है। उक्त आरोपों के संबंध मे पर्षदीय पत्रांक 145 दिनांक 10.05.2014 द्वारा श्री संचेती से कारण-पृच्छा पूछा गया किन्तु उसका भी जबाब नहीं दिया गया। उपरोक्त तथ्यों से स्पष्ट है कि न्यास समिति न्यास के सूचारू प्रबंधन एवं विकास में पूर्णतः विफल रही है और बिहार राज्य धार्मिक न्यास अधिनियम के प्रावधानों का सम्यक अनुपालन नहीं हुआ है। साथ ही इस संबंध में प्राप्त कारण-पृच्छा का जबाब भी असंतोषजनक पाया गया है। अतः उक्त न्यास समिति को बिहार हिन्दू धार्मिक न्यास अधिनियम की धारा-29 (2) के अन्तर्गत विघटित किया जाता है तथा न्यास के सुचारू प्रबंधन एवं विकास हेतु अधिनियम की धारा-32 के तहत अनुमंडल पदाधिकारी, सदर, पूर्णियाँ के पत्रांक 92/गो0 दिनांक 07.02.2014 द्वारा न्यास समिति गठन हेतु भेजे गये नामों के आलोक में एक ग्यारह सदस्यीय न्यास समिति गठित करने का निर्णय लिया जाता है।
अतः बिहार हिन्दू धार्मिक न्यास अधिनियम, 1950 की धारा-32 में बिहार राज्य धार्मिक न्यास पर्षद् को प्रदत्त अधिकार जो उपविधि सं0-43 (द) के तहत अध्यक्ष को प्राप्त है, का प्रयोग करते हुए और पूर्णियाँ जिलान्तर्गत पूर्णिया सिटी स्थित माँ पूरण देवी मंदिर की चल एवं अचल सम्पत्तियों की सुरक्षा, संरक्षण, सुप्रबंधन एवं सर्वांगीण विकास हेतु नीचे लिखे योजना का निरूपण किया जाता है, तथा इसे मूर्त्त रूप देने के लिए एक न्यास समिति का गठन किया गया।
योजनायोजनायोजनायोजना
''माँ पूरण देवी मंदिर, न्यास योजना पूर्णियाँ 1.... अधिनियम की धारा-32 के तहत निरूपित इस योजना का नाम ''माँ पूरण देवी मंदिर, न्यास योजना पूर्णियाँ ''माँ पूरण देवी मंदिर, न्यास योजना पूर्णियाँ ''माँ पूरण देवी मंदिर, न्यास योजना पूर्णियाँ सिटी होगा''सिटी होगा''सिटी होगा''सिटी होगा'' तथा इसके कार्यान्वयन एवं संचालन के लिए गठित न्यास समिति का नाम ''माँ पूरण देवी मंदिर, ''माँ पूरण देवी मंदिर, ''माँ पूरण देवी मंदिर, ''माँ पूरण देवी मंदिर, न्यास समिति पूर्णियाँ सिटी होगी'' जिसमें न्यास की समग्र चल-अचल सम्पत्ति के संधारण एवं संचालन का न्यास समिति पूर्णियाँ सिटी होगी'' न्यास समिति पूर्णियाँ सिटी होगी'' न्यास समिति पूर्णियाँ सिटी होगी''
अधिकार निहित होगा।
2. इस न्यास समिति का प्रमुख कर्त्तव्य न्यास की सम्पत्ति की सुरक्षा, विकास एवं सुसंचालन तथा मंदिर की परम्परा एवं आचारों के अनुकूल पूजा-पाठ एवं साधु-सेवा की समुचित व्यवस्था करना होगा।
3. न्यास की समस्त आय न्यास के नाम किसी राष्ट्रीयकृत बैंक में खाता खोलकर जमा किया जायेगा तथा सचिव और कोषाध्यक्ष के संयुक्त हस्ताक्षर से इसका संचालन होगा।
4. न्यास की आय-व्यय में आर्थिक शुचिता एवं पारदर्षिता रखना न्यास समिति की असली कसौटी होगी। 5. न्यास समिति बिहार हिन्दू धार्मिक न्यास अधिनियम एवं उप-विधि में वर्णित सभी नियमों का पालन करते हुए प्रतिवर्ष न्यास के आय-व्यय की विवरणी, अंकेक्षण प्रतिवेदन, कार्य वृत एवं पर्षद शुल्क आदि सम्यक रूप से पर्षद् को प्रेषित करेगी।
6.... अध्यक्ष की अनुमति से सचिव न्यास समिति की बैठक आहूत करेंगे। न्यास समिति की बैठक प्रत्येक तिमाही में एक बार अवष्य बुलायी जायेगी और बैठक की कार्यवृत पर्षद् को प्रेषित की जायेगी।
7. न्यास समिति द्वारा कोई नयी योजना न्यास हित में आवष्यक समझा जायेगा तो इस हेतु निर्धारित विषेष बैठक में प्रस्ताव पारित कर पर्षद् को अनुमोदन के लिए भेजेगी। 3
(cid:1)बहार गजट (असाधारण), 10101010 अ*तूअ*तूअ*तूअ*तूबरबरबरबर 2014201420142014
8. न्यास समिति न्यास की अतिक्रमित/हस्तांतरित भूमि की वापसी के लिए समुचित वैधानिक कार्रवाई करेगी। 9. इस योजना में परिर्वतन, परिबर्धन या संषोधन तथा आकस्मिक रिक्तियों की पूर्ति का अधिकार पर्षद् में निहित होगा।
10. न्यास समिति के कोई सदस्य प्रत्यक्ष या परोक्ष रूप से न्यास से लाभ उठाते पाए जायेंगे या न्यास हित के प्रतिकूल कार्य करेंगे तो इस संबंध में उनसे स्पष्टीकरण प्राप्त कर समुचित कार्रवाई की जाएगी। 11. न्यास समिति के सदस्य की यदि कोई आपराधिक पृष्ठभूमि होगी या वे आपराधिक काण्ड में आरोप-पात्रित होंगे तो उनकी अर्हता समाप्त हो जायेगी।
12. इस न्यास समिति का कार्यकाल पॉच वर्षो का होगा। एक वर्ष के बाद इसकी कार्यो की समीक्षा की जायेगी। यह दिनांक 14.07.2014 से प्रभावी होगा।
पर्षद् द्वारा निरूपित योजना को मूर्तरूप देने के लिए निम्नलिखित सदस्यों की न्यास समिति गठित की जाती है :-
(1) अनुमंडल पदाधिकारी, सदर, पूर्णियाँ - पदेन अध्यक्ष
(2) श्री हरि प्रसाद वेष्यंत्री, जिला स्कूल रोड पूर्णियाँ - उपाध्यक्ष
(3) अंचल पदाधिकारी, पूर्णियाँ पूर्व - पदेन सचिव
(4) श्री महाराना प्रताप सिंह, अधिवक्ता, पूर्णियाँ सिटी - कोषाध्यक्ष
(5) श्री राकेष कुमार मिश्रा, पूर्णियाँ सिटी - प्रधान पुजारी-सह-सदस्य (6) श्री राजीव शरन, अधिवक्ता, मधुवनी, पूर्णियाँ - सदस्य
(7) श्री संजय राय, पूर्णियाँ सिटी - सदस्य
(8) श्री अषोक कुमार जयसवाल, गुलाबबाग, पूर्णियाँ - सदस्य
(9) श्री संजीत कुमार घोष, चुनापुर रोड, पूर्णियाँ - सदस्य
(10) श्री ग्रीष चन्द्र मिश्रा, पूर्णियाँ सिटी - सदस्य
(11) श्री रणजीत पाठक, पूर्णियाँ सिटी - सदस्य
आदेश से,आदेश से,आदेश से,आदेश से,
किषोर कुणाल,किषोर कुणाल,किषोर कुणाल,किषोर कुणाल,
अध्यक्ष।
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अधी/क, सिचवालय मुिणालय, (cid:1)बहार, पटना (cid:13)ारा ूकािशत एवं मु5ित। (cid:1)बहार गजट (असाधारण) 842-571+10-ड-0ट-0पी0। Website: http://egazette.bih.nic.in