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Bihar Gazette · Government of Bihar

Bihar Gazette, 10 October 2014

Published 10 October 2014

Type
Extra Ordinary
Identifier
in.gov.bih.gazette.2014-10-10.843
Languages
English, Hindi

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पटनापटनापटनापटना, , , , शुबवारशुबवारशुबवारशुबवार, , , , 10101010 अ)तूअ)तूअ)तूअ)तूबरबरबरबर 2014201420142014 fcgkj jkT; /kkfeZd U;kl i"kZn~ fo|kifr ekxZ] iVuk&800001 -------- अधिसूचना 23 मई 2014

सं0 195—श्री केदारनाथ मठ, आलमगंज, पटना सिटी, पटना पर्षद के तहत निबंधित एक सार्वजनिक धार्मिक श्री केदारनाथ मठ, आलमगंज, पटना सिटी, पटना पर्षद के तहत निबंधित एक सार्वजनिक धार्मिक श्री केदारनाथ मठ, आलमगंज, पटना सिटी, पटना पर्षद के तहत निबंधित एक सार्वजनिक धार्मिक न्यास है, जिसकी निबंधन सं0- 3389/1999 है। न्यास है, जिसकी निबंधन सं0- 3389/1999 है।

पर्षद को इस न्यास से संबंधित श्री शषि भूषण यादव के द्वारा एक आवेदन दिना

ने दिनांक 10/06/2010 से दिनांक 07/09/2012 (दो वर्षों) तक वाद सं0-

ंक 07/11/12, जिसके को इस न्यास से संबंधित श्री शषि भूषण यादव के द्वारा एक आवेदन दिनांक 07/11/12, जिसके 15/07/2012 को आयोजित आम सभा द्वारा चयनित कार्यकारिणी की सूची एवं पुरानी न्यास समिति साथ दिनांक 15/07/2012 को आयोजित आम सभा द्वारा चयनित कार्यकारिणी की सूची एवं पुरानी न्यास समिति 15/07/2012 को आयोजित आम सभा द्वारा चयनित कार्यकारिणी की सूची एवं पुरानी न्यास समिति गठित करने का अनुरोध प्राप्त हुआ था। द्वारा मंदिर के विकास कार्य में बाधा डालने का उल्लेख करते हुए नई समिति गठित करने का अनुरोध प्राप्त हुआ था। द्वारा मंदिर के विकास कार्य में बाधा डालने का उल्लेख करते हुए नई समिति इस आवेदन के आलोक में पर्षदीय पत्रांक-243, दिनांक 06/05/2013 के माध्यम से न्यास समिति के सदस्यों से में पर्षदीय पत्रांक-243, दिनांक 06/05/2013 के माध्यम से न्यास समिति के सदस्यों से स्पष्टीकरण की मांग की गयी। न्यास समिति के सदस्य, न्यास से संबंधित जो वाद में भी रूचि नहीं दिखा रहे थे एवं स्पष्टीकरण की मांग की गयी। न्यास समिति के सदस्य, न्यास से संबंधित जो वाद में भी रूचि नहीं दिखा रहे थे एवं स्पष्टीकरण की मांग की गयी। न्यास समिति के सदस्य, न्यास से संबंधित जो वाद में भी रूचि नहीं दिखा रहे थे एवं ं कर रहे थे। प्रतिवर्ष आय-व्यय, बजट एवं विवरणी आदि पर्षद को प्रेषित नहीं कर रहे थे। मांगे गये ं कर रहे थे। प्रतिवर्ष आय-व्यय, बजट एवं विवरणी आदि पर्षद को प्रेषित नहीं कर रहे थे। मांगे गये उचित पैरवी नहीं कर रहे थे। प्रतिवर्ष आय-व्यय, बजट एवं विवरणी आदि पर्षद को प्रेषित नहीं कर रहे थे। मांगे गये स्पष्टीकरण का न्यास समिति के सदस्याें द्वारा दिया गया उत्तर अस्पष्ट, असंतोषजनक तथा बिन्दुवार नहीं पाया गया। स्पष्टीकरण का न्यास समिति के सदस्याें द्वारा दिया गया उत्तर अस्पष्ट, असंतोषजनक तथा बिन्दुवार नहीं पाय स्पष्टीकरण का न्यास समिति के सदस्याें द्वारा दिया गया उत्तर अस्पष्ट, असंतोषजनक तथा बिन्दुवार नहीं पाय तत्‌पष्चात पर्षदीय पत्रांक-960, दिना ें सदस्यों से पुनः स्पष्टीकरण पूछा गया। इस 960, दिनांक 24/08/2013 द्वारा तीनों सदस्यों से पुनः स्पष्टीकरण पूछा गया। इस स्पष्टीकरण के माध्यम से उनसे पूछा गया कि वाद सं0- 9/2006 दायर करने से पूर्व आपको पर्षद से अनुमति लेनी स्पष्टीकरण के माध्यम से उनसे पूछा गया कि वाद सं0- 9/2006 दायर करने से पूर्व आपको पर्षद से अनुमति लेनी स्पष्टीकरण के माध्यम से उनसे पूछा गया कि वाद सं0- 9/2006 दायर करने से पूर्व आपको पर्षद से अनुमति लेनी चाहिए थी, साथ ही इस वाद में पर्षद को पक्षकार बनाया जाना चाहिए था, जो इन्होंने नहीं किया। साथ ही सचिव- चाहिए थी, साथ ही इस वाद में पर्षद को पक्षकार बनाया जाना चाहिए था, जो इन्होंने नहीं किया। साथ ही सचिव- चाहिए थी, साथ ही इस वाद में पर्षद को पक्षकार बनाया जाना चाहिए था, जो इन्होंने नहीं किया। साथ ही सचिव- /2012 (दो वर्षों) तक वाद सं0-9/2006 में कोई श्री चन्द्रषेखर पासवान ने दिनांक 10/06/2010 से दिनांक ीं की। इसके कारण प्रतिवादी सं0-1 से 5 तक ने अपने आवेदन दिनांक 03/08/2012 में वाद खारिज करने 03/08/2012 में वाद खारिज करने पैरवी नहीं की। इसके कारण प्रतिवादी सं0-1 से 5 तक ने अपने आवेदन दिनांक व एवं श्री श्रवण कुमार के सांठ-गांठ की ओर इंगित की मांग न्यायालय से की है। यह कार्रवाई न्यास समिति के सचिव एवं श्री श्रवण कुमार के सांठ-गांठ की ओर इंगित की मांग न्यायालय से की है। यह कार्रवाई न्यास समिति के सचि करता है।

सवान- सचिव, श्री अरूण कुमार पर्षदीय पत्रांक-960, दिनांक 24/08/2013 के आलोक में श्री चन्द्रषेखर पासवान- सचिव, श्री अरूण कुमार पर्षदीय पत्रांक-960, दिनांक सह-सचिव ने अपना स्पष्टीकरण प्रस्तुत किया। श्री चन्द्रषेखर पासवान के यक्ष एवं श्री संतोष कुमार सिन्हा-सह-सचिव ने अपना स्पष्टीकरण प्रस्तुत किया। श्री चन्द्रषेखर पासवान के यादव-उपाध्यक्ष एवं श्री संतोष कुमार सिन्हा- 9/2006 में पैरवी छोड़ने की बात स्वीकार की। साथ ही यह बताया कि मोहल्ले के स्पष्टीकरण में उन्होंने वाद सं0-9/2006 में पैरवी छोड़ने की बात स्वीकार की। साथ ही यह बताया कि मोहल्ले के 9/2006 में पैरवी छोड़ने की बात स्वीकार की। साथ ही यह बताया कि मोहल्ले के लोग इस वाद की पैरवी किसी अधिवक्ता से करा रहे हैं। लोग इस वाद की पैरवी किसी अधिवक्ता से करा रहे हैं।

3/2013 जिसमें ये मुख्य पक्षकार हैं, इसमें नोटिस नहीं मिलने की बात न्यायाधिकरण में लंबित वाद सं0-3/2013 जिसमें ये मुख्य पक्षकार हैं, इसमें नोटिस नहीं मिलने की बात न्यायाधिकरण में लंबित वाद सं0- कही। अपने उत्तर के अंत में इन्होंने लिखा है कि वे शारीरिक रूप से कमजोर एवं लाचार हो गये हैं। इस कारण न्यास अपने उत्तर के अंत में इन्होंने लिखा है कि वे शारीरिक रूप से कमजोर एवं लाचार हो गये हैं। इस कारण न्यास अपने उत्तर के अंत में इन्होंने लिखा है कि वे शारीरिक रूप से कमजोर एवं लाचार हो गये हैं। इस कारण न्यास के देख-भाल एवं अन्य कार्य करने में असमर्थ हैं। अतः सचिव पद के दायित्व से मुक्त करने का उन्होंने अनुरोध किया। के देख-भाल एवं अन्य कार्य करने में असमर्थ हैं। अतः सचिव पद के दायित्व से मुक्त करने का उन्होंने अनुरोध किया। के देख-भाल एवं अन्य कार्य करने में असमर्थ हैं। अतः सचिव पद के दायित्व से मुक्त करने का उन्होंने अनुरोध किया। 2 (cid:1)बहार गजट (असाधारण), 10101010 अ)तूअ)तूअ)तूअ)तूबरबरबरबर 2014201420142014 श्री अरूण कुमार यादव, उपाध्यक्ष ने लिखा है कि तबीयत खराब रहने के कारण वे भी प्रबंधन में असमर्थ हैं। श्री संतोष कुमार सिन्हा का उत्तर संतोषप्रद प्रतीत नहीं होता है। साथ ही वे मंदिर में वतौर किरायेदार रह रहे हैं और किराया भी नहीं दे रहे हैं। पुनः पर्षदीय पत्रांक-1783, दिनांक 02/01/2014 के माध्यम से श्री संतोष कुमार सिन्हा से कारण-पृच्छा की गयी कि आप वर्ष 2002 से मंदिर में रह रहे हैं और किराया भी नहीं दे रहे हैं। आप न्यास के किरायेदार भी हैं तथा न्यास समिति के सदस्य भी हैं। न्यास से प्रत्यक्ष या परोक्ष रूप से लाभ प्राप्त करने वाले व्यक्ति न्यास समिति के सदस्य नहीं हो सकते हैं। जिसके अनुपालन में श्री संतोष कुमार सिन्हा ने अपने उत्तर दिनांक 20/01/2014 के माध्यम से स्वीकार किया कि वे वर्ष 2002 से वतौर किरायेदार रह रहे हैं। साथ ही अप्रैल 2013 से लेकर अबतक का किराया बाकी रहने की बात को भी स्वीकार किया।

उपर्युक्त कारणाें से यह स्पष्ट है कि कार्यरत न्यास समिति निष्क्रिय ही नहीं बल्कि न्यास हित के प्रतिकूल कार्य कर रही है, प्रतिवादी से मिलकर न्यास से संबंधित मुकदमों में पैरवी नहीं करती है और न्यास की परिसम्पत्तियों से प्रत्यक्ष रूप से लाभान्वित हो रही है। प्राप्त स्पष्टीकरण में भी आरोपों को आंषिक रूप से स्वीकार किया गया है एवं समिति द्वारा कार्य करने में भी असमर्थता जताई गयी है।

यह विषय पर्षद की बैठक दिनांक 06/03/2014 में विचारार्थ रखा गया। पर्षद ने सर्वसम्मति से यह निर्णय लिया कि कार्यरत समिति को अधिनियम की धारा-29 (2) के तहत विघटित करते हुए धारा- 32 के तहत नवीन न्यास का गठन किया जाय।

अतः बिहार हिन्दू धार्मिक न्यास अधिनियम, 1950 की धारा-32 के अन्तर्गत में धार्मिक न्यास पर्षद को प्रदत्त अधिकार जो धार्मिक न्यास की उप विधि सं0-43 (द) के तहत अध्यक्ष को प्राप्त है, का प्रयोग करते हुए श्री केदारनाथ श्री केदारनाथ श्री केदारनाथ श्री केदारनाथ मठ, आलमगंज, पटना सिटी, पटनामठ, आलमगंज, पटना सिटी, पटनामठ, आलमगंज, पटना सिटी, पटनामठ, आलमगंज, पटना सिटी, पटना के सुचारू प्रबंधन, सम्पत्तियों की सुरक्षा तथा सम्यक विकास के लिए नीचे लिखे योजना का निरूपण किया जाता है तथा इसे मूर्त्त रूप देने के लिए एक न्यास समिति का गठन किया जाता है।

योजना

1. अधिनियम की धारा-32 के तहत निरूपित इस योजना का नाम ''श्री केदारनाथ मठ न्यास योजनाश्री केदारनाथ मठ न्यास योजनाश्री केदारनाथ मठ न्यास योजनाश्री केदारनाथ मठ न्यास योजना, आलमगंज, पटना सिटी, पटना'' होगा तथा इसके कार्यान्वयन एवं संचालन के लिए गठित न्यास समिति का नाम ''श्री श्री श्री श्री केदारनाथ मठ न्यास समितिकेदारनाथ मठ न्यास समितिकेदारनाथ मठ न्यास समितिकेदारनाथ मठ न्यास समिति, आलमगंज, पटना सिटी, पटना'' होगा, जिसमें न्यास की समग्र चल-अचल संपत्ति के संधारण एवं संचालन का अधिकार निहित होगा।

2. इस न्यास समिति का मुख्य कर्त्तव्य न्यास की संपत्तियों की सुरक्षा एवं सुसंचालन तथा मंदिर की परम्परा एवं आचारों के अनुकूल पूजा-पाठ, तीर्थ-यात्री एवं साधु-सेवा की समुचित व्यवस्था करना होगा।

3. न्यास की समस्त आय न्यास के नाम से किसी राष्ट्रीयकृत बैंक में खाता खोलकर जमा किया जायेगा तथा सचिव एवं कोषाध्यक्ष के संयुक्त हस्ताक्षर से इसका संचालन होगा।

4. न्यास की आय-व्यय में आर्थिक शुचिता एवं पारदर्षिता रखना न्यास समिति की असली कसौटी होगा। 5. न्यास समिति अधिनियम एवं उप-विधि में वर्णित सभी नियमों का पालन करते हुए प्रतिवर्ष न्यास के बजट, आय-व्यय की विवरणी, पर्षद शुल्क, अंकेक्षण प्रतिवेदन, कार्यवृत आदि सम्यक रूप से पर्षद को प्रेषित करेगी। 6. अध्यक्ष की अनुमति से सचिव न्यास समिति की बैठक आहुत करेंगे। न्यास समिति की बैठक प्रत्येक तिमाही में एक बार अवष्य बुलायी जायेगी और बैठक की कार्यवृत पर्षद को प्रेषित की जायेगी।

7. न्यास समिति द्वारा कोई नयी योजना न्यास हित में आवष्यक समझा जायेगा, तो इस हेतु निर्धारित विषेष बैठक में प्रस्ताव पारित कर पर्षद के अनुमोदन के लिए भेजेगी।

8. न्यास समिति न्यास की अतिक्रमित/हस्तांरित भूमि ''यदि कोई हो तो'', उसकी वापसी के लिए समुचित वैधानिक कार्रवाई करेगी।

9. इस योजना में परिवर्त्तन, परिवर्द्धन या संषोधन तथा आकस्मिक रिक्तियों की पूर्ति का अधिकार पर्षद में निहित होगा।

10. न्यास समिति के कोई सदस्य प्रत्यक्ष या परोक्ष रूप से न्यास से लाभ उठाते पाये जायेगें या न्यास हित के प्रतिकूल कार्य करेंगे, तो इस संबंध में उनसे स्पष्टीकरण प्राप्त कर समुचित कार्रवाई की जाएगी।

11. न्यास समिति के सदस्य की यदि कोई आपराधिक पृष्ठभूमि होगी या वे आपराधिक काण्ड में आरोप-पात्रित होंगे तो, उनकी अर्हता स्वतः समाप्त हो जायेगी।

स्थानीय आम सभा द्वारा प्रस्तावित ग्यारह सदस्यों की प्रस्तावित समिति को अनुमोदित करते हुए, पर्षद द्वारा निरूपित इस योजना को मूर्त रूप देने के लिए निम्नलिखित सदस्यों की एक न्यास समिति गठित की जाती हैः- 1. श्री सच्चिदानन्द मुरारी - अध्यक्ष 2. श्री चन्द्रधन पाण्डेय - उपाध्यक्ष 3. श्री शैलेन्द्र प्रसाद - सचिव 4. श्री नवीन कुमार शर्मा - कोषाध्यक्ष 5. श्री अजय साह - सदस्य 6. श्री विनोद पासवान - सदस्य 7. श्री वालेष्वर चौधरी - सदस्य 8. श्री अजित कुमार - '' 9. श्री षिव नारायण चौहान - '' 3

(cid:1)बहार गजट (असाधारण), 10101010 अ)तूअ)तूअ)तूअ)तूबरबरबरबर 2014201420142014

10. श्री प्रमोद कुमार - '' 11. श्री राकेष कुमार श्रीवास्तव - '' 12. उपरोक्त वर्णित न्यास समिति का कार्यकाल अधिसूचना/गजट प्रकाषन की तिथि से अगले 05 वर्षों तक का होगा, लेकिन एक वर्ष के बाद न्यास समिति के कार्यों की समीक्षा की जायेगी और कार्य संतोषप्रद पाये जाने पर न्यास समिति के विस्तार पर यथोचित निर्णय लिया जा सकेगा।

आदेश से,आदेश से,आदेश से,आदेश से, किषोर कुणाल,किषोर कुणाल,किषोर कुणाल,किषोर कुणाल, अध्यक्ष।

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अधी/क, सिचवालय मुिणालय, (cid:1)बहार, पटना (cid:13)ारा ूकािशत एवं मु5ित। (cid:1)बहार गजट (असाधारण) 843-571+10-ड-0ट-0पी0। Website: http://egazette.bih.nic.in

Cite this issue. Bihar Gazette, Government of Bihar, 10 October 2014. Indian Gazettes, https://egazette.servantsofknowledge.in/details/in.gov.bih.gazette.2014-10-10.843/. Archive identifier in.gov.bih.gazette.2014-10-10.843.