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Bihar Gazette · Government of Bihar

Bihar Gazette, 17 October 2014

Published 17 October 2014

Type
Extra Ordinary
Identifier
in.gov.bih.gazette.2014-10-17.858
Languages
English, Hindi

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अधिसूचअधिसूचअधिसूचअधिसूचनानानाना

1 सितम्बर1 सितम्बर1 सितम्बर1 सितम्बर 2014201420142014

la0 749—पटना जिलान्तर्गत

बिहार राज्य धार्मिक न्यास माणिकचन्द तालाब तथा मन्दिर न्यास, अनिसाबाद बिहार राज्य धार्मिक न्यास पटना जिलान्तर्गत माणिकचन्द तालाब तथा मन्दिर न्यास, अनिसाबाद माणिकचन्द तालाब तथा मन्दिर न्यास, अनिसाबाद माणिकचन्द तालाब तथा मन्दिर न्यास, अनिसाबाद

पर्षद के तहत निबंधित एक सार्वजनिक धार्मिक न्यास है, जिसकी निबंधन सं0- 984 है। पर्षद के तहत निबंधित एक सार्वजनिक धार्मिक न्यास है, जिसकी निबंधन सं0- 984 है।

इस न्यास के लिए एक न्यास समिति का गठन 29/02/2008 को आम सभा द्वारा किया गया था। लिए एक न्यास समिति का गठन दिनांक 29/02/2008 को आम सभा द्वारा किया गया था।

28/02/13 को समाप्त हो गया था, इसका कार्यकाल पांच वर्षों का था। उक्त न्यास समिति का कार्यकाल दिनांक 28/02/13 को समाप्त हो गया था, इसका कार्यकाल पांच वर्षों का था। उ

किन्तु उक्त आम सभा द्वारा गठित न्यास समिति की औपचारिक मान्यता पर्षद से नहीं ली गयी थी। इस प्रकार न्यास किन्तु उक्त आम सभा द्वारा गठित न्यास समिति की औपचारिक मान्यता पर्षद से नहीं ली गयी थी। इस प्रकार न्यास किन्तु उक्त आम सभा द्वारा गठित न्यास समिति की औपचारिक मान्यता पर्षद से नहीं ली गयी थी। इस प्रकार न्यास ध रूप से संचालन किया जा रहा था। साथ ही न्यास समिति के सचिव के विरूद्ध पर्षद को न्यास की भूमि के का अवैध रूप से संचालन किया जा रहा था। साथ ही न्यास समिति के सचिव के विरूद्ध पर्षद को न्यास की भूमि के ध रूप से संचालन किया जा रहा था। साथ ही न्यास समिति के सचिव के विरूद्ध पर्षद को न्यास की भूमि के अन्तरण की षिकायत भी प्राप्त होते रहे हैं। अन्तरण की षिकायत भी प्राप्त होते रहे हैं।

श्री राम सकल सिंह यादव से पर्षदीय पत्रांक-1839, दिनांक 16/01/13 द्वारा न्यास समिति के सचिव-श्री राम सकल सिंह यादव से पर्षदीय पत्रांक-1839, दिनांक

निम्नलिखित बिन्दुओं पर विन्दुवार स्पष्टीकरण मांगा गया था-

स्पष्टीकरण मांगा गया था-

जब आप इस धार्मिक न्यास के न्यासधारी पहली बार बने, तब इस न्यास के पास कितनी जमीन थी। इसे (क) जब आप इस धार्मिक न्यास के न्यासधारी पहली बार बने, तब इस न्यास के पास कितनी जमीन थी। इसे जब आप इस धार्मिक न्यास के न्यासधारी पहली बार बने, तब इस न्यास के पास कितनी जमीन थी। इसे आप शपथ-पत्र पर बतायें और आज इस न्यास के पास कितनी जमीन बची है, उसे भी शपथ-पत्र में आप शपथ-पत्र पर बतायें और आज इस न्यास के पास कितनी जमीन बची है, उसे भी शपथ-पत्र में आप शपथ-पत्र पर बतायें और आज इस न्यास के पास कितनी जमीन बची है, उसे भी शपथ-पत्र में दिखलायें।

(ख) यदि इस धार्मिक न्यास की जमीन बिकी है, तो किस आदेष से बिकी है और ऐसी प्रक्रिया का प्रावधान क्या यदि इस धार्मिक न्यास की जमीन बिकी है, तो किस आदेष से बिकी है और ऐसी प्रक्रिया का प्रावधान क्या ट्रस्ट डीड में दाता द्वारा किया गया था कि नहीं, उस प्रावधान को भी दर्षायें। ट्रस्ट डीड में दाता द्वारा किया गया था कि नहीं, उस प्रावधान को भी दर्षायें।2 (cid:1)बहार गजट (असाधारण), 17171717 अ+तूअ+तूअ+तूअ+तूबरबरबरबर 2014201420142014 पर्षदीय पत्रांक- 1941, दिनांक 18/02/13 द्वारा न्यास समिति के सचिव को सूचित किया गया कि इसन्यास की जमीन को दिनांक 24/08/12 को बेचा गया है। जमीन की बिक्री भी बाजार दर से बहुत कम मूल्य पर की गई है। इससे आपके द्वारा न्यास को बड़ी क्षति पहुंचायी गयी है। साथ ही साथ इन्हें 30 दिनों के अन्दर इस अवैध रजिस्ट्री को निरस्त कराने का भी आदेष दिया गया था। सचिव ने इस आदेष का पालन नहीं किया।

पुनः पर्षदीय पत्रांक-194, दिनांक 26/04/13 के द्वारा स्पष्टीकरण की मांग की गयी कि न्यास के मौजा- चितकोहरा स्थित भूखंड (खाता नं0-216, खेसरा नं0-212) को दिनांक 01/09/1994 की अनुमति के आधार पर 19 वर्षों के बाद दिनांक 24/08/12 को क्यों बेचा गया। स्पष्टतया कम राषि दिखाकर अधिक मूल्य पर न्यास के भूखंड को बेचा गया। इस प्रकार न्यास की भू-सम्पत्तियों का अन्य संक्रमण किया गया है और न्यास कोष का दुर्विनियोग किया है।

इससे संबंधित सचिव द्वारा प्रस्तुत स्पष्टीकरण भ्रामक, तथ्यों से परे एवं इसमें असंगत बातों का उल्लेख होने के कारण असंतोषप्रद पाया गया।

तत्‌पष्चात न्यास समिति के सदस्यों को भी अधिनियम की धारा-29 (2) के तहत कारण-पृच्छा की नोटिस पर्षदीय पत्रांक-762, दिनांक 24/07/2013 द्वारा दी गई। इसमें निम्नलिखित बिन्दुओं पर स्पष्टीकरण मांगा गया- (1) दिनांक 29/02/2008 को आम सभा द्वारा गठित न्यास समिति की औपचारिक मान्यता पर्षद से नहीं ली गयी। इसका कार्यकाल 05 वर्षों का था, जो दिनांक 28/02/13 को समाप्त हो गया। इस प्रकार न्यास का संचालन अवैध रूप से किया जाता रहा है।

(2) प्रबंध समिति के वायलॉज जो सचिव द्वारा पर्षद में प्रस्तुत किया गया है, इसका अनुमोदन बोर्ड से प्राप्त नहीं किया गया है।

(3) पर्षदीय पत्रांक-303, दिनांक 18/05/2013 द्वारा सचिव से पूछा गया कि बिक्री से प्राप्त राषि किस रूप में ली गयी है एवं कहां जमा किया गया है ? सचिव ने अपने पत्रांक-689, दिनांक 13/06/2013 में लिखा है कि बिक्री से प्राप्त राषि चेक, ड्राफ्ट अथवा नगद रूप में न्यास को प्राप्त हुआ, जिसे राष्ट्रीयकृत बैंक, फुलवारी शरीफ शाखा में जमा किया गया, किन्तु इस संबंध में कोई प्रमाणिक साक्ष्य उपलब्ध नहीं कराया गया है। (4) न्यास समिति के सचिव ने दिनांक 24/08/2012 को न्यास की चितकोहरा स्थित एक कट्‌ठा जमीन (खाता सं0-216, खेसरा सं0-212) बेचा है। यह बिक्री श्री राधाकान्त यादव द्वारा दिनांक 07/09/1994 को दिये गये अनुमति पत्र के आधार पर 19 वर्षों के बाद की गयी है। जमीन की बिक्री बाजार दर से बहुत कम मूल्य पर की गयी है। इस प्रकार न्यास को बहुत बड़ी क्षति पहुँचायी गयी है। इससे स्पष्ट है कि न्यास समिति द्वारा न्यास का संचालन अवैध रूप से किया जा रहा है और न्यास सम्पत्तियों का अन्य संक्रमण एवं न्यास कोष का दुर्विनियोग किया जा रहा है।

न्यास समिति के पांच सदस्य- 1. श्री राम जीवन प्रसाद- अध्यक्ष, 2. श्री राम सकल सिंह यादव- सचिव, 3 श्री बाल किषुन गुप्ता- कोषाध्यक्ष, 4 श्री अनिल कुमार एवं 5. श्री कामेष्वर प्रसाद सिंह ने एक साथ दिनांक 06/08/13 को स्पष्टीकरण प्रस्तुत किया है, जिसमें सचिव द्वारा पूर्व में दिये गये स्पष्टीकरण में कही गई बातों को ही दोहराया गया।

इस प्रकार इस न्यास में निम्नलिखित आरोप प्रमाणित हुए-

(क) न्यास का संचालन पर्षद की औपचारिक मान्यता प्राप्त किये बगैर अवैध रूप से किया जा रहा है। (ख) न्यास की भूमि खाता सं0-216, खेसरा सं0-212, रकबा-एक कट्‌ठा दिनांक 07/09/1994 को 19 वर्ष पूर्व अनुमति को आधार पर बेची गई है।3 (cid:1)बहार गजट (असाधारण), 17171717 अ+तूअ+तूअ+तूअ+तूबरबरबरबर 2014201420142014 (ग) जमीन बिक्री दिनांक 24/08/2012 को बाजार मूल्य से बहुत कम मूल्य दिखाकर की गई और न्यास के पैसे का गबन किया गया है।

(घ) जमीन बिक्री से प्राप्त राषि का ब्योरा मांगने पर सचिव/न्यास समिति के द्वारा कोई प्रमाणिक साक्ष्य उपलब्ध नहीं कराया गया। इस प्रकार न्यास की आय-व्यय का सही ब्योरा पर्षद में प्रस्तुत नहीं किया जाता है। साथ ही न्यास समिति न्यास के सम्यक्‌ संचालन तथा सम्पत्तियों के संरक्षण में विफल रही है।

आरोपों से संबंधित समिति/सचिव का जबाब भी असंतोषजनक, भ्रामक एवं तथ्यों से परे था।

अतः उपर्युक्त परिस्थिति में इस न्यास समिति को अधिनियम की धारा- 29 (2) के तहत विघटित करने का प्रस्ताव पर्षद की बैठक दिनांक 14/12/2013 में प्रस्तुत किया गया तथा बैठक में सर्वसम्मति से न्यास समिति को विघटित करने का निर्णय लिया गया, साथ ही नई समिति के गठन के लिए अध्यक्ष को अधिकृत किया गया। तदोपरांत पर्षदीय आदेष पत्रांक-2274, दिनांक 04/03/2014 द्वारा अधिनिमय की धारा-29 (2) के तहत उक्त न्यास समिति को विघटित किया गया तथा अंचलाधिकारी, फुलवारीषरीफ को अधिनियम की धारा-33 के तहत एक वर्ष के लिए अस्थायी न्यासधारी नियुक्त किया गया। इसके उपरांत पर्षदीय पत्रांक-2277, दिनांक 04/03/2014 को जिला पदाधिकारी, पटना से न्यास समिति गठन हेतु स्वच्छ छवि के ग्यारह प्रतिष्ठित लोगों का नाम, जिसमें समाज के सभी वर्गों का प्रतिनिधित्व हो और जिनका कोई आपराधिक पृष्ठभूमि न हो तथा जो न्यास से प्रत्यक्ष या परोक्ष रूप से लाभान्वित न हों, भेजने का अनुरोध किया गया। तदोपरांत अंचलाधिकारी, फुलवारीषरीफ ने अपने पत्रांक-928, दिनांक 31/07/2014 जो अपर समाहर्त्ता, पटना को संबोधित है तथा उनके पत्रांक- 1642/रा0, दिनांक 10/06/2014 के अनुपालन में दिया गया है, के माध्यम से ग्यारह प्रतिष्ठित व्यक्तियों के नामों की सूची जो समाज के सभी वर्गों का प्रतिनिधित्व करते हैं, की प्रतिलिपि पर्षद को प्रेषित की।

अतः उक्त न्यास के सुचारू प्रबंधन एवं सम्यक विकास के लिए बिहार राज्य धार्मिक न्यास अधिनियम, 1950 की धारा-32 के अन्तर्गत एक योजना का निरूपण एवं इसके कार्यान्वयन हेतु न्यास समिति का गठन आवष्यक प्रतीत होता है।

अतः बिहार हिन्दू धार्मिक न्यास अधिनियम, 1950 की धारा-32 के अन्तर्गत में धार्मिक न्यास पर्षद को प्रदत्त अधिकार, जो धार्मिक न्यास की उप विधि सं0-43 (द) के तहत अध्यक्ष को प्राप्त है, का प्रयोग करते हुए माणिकचन्द माणिकचन्द माणिकचन्द माणिकचन्द तालाब एवं मंदिर न्यास समिति, अनिसाबाद, पटना तालाब एवं मंदिर न्यास समिति, अनिसाबाद, पटना के सुचारू प्रबंधन, सम्पत्तियों की सुरक्षा तथा सम्यक विकास के लिए तालाब एवं मंदिर न्यास समिति, अनिसाबाद, पटना तालाब एवं मंदिर न्यास समिति, अनिसाबाद, पटना नीचे लिखे योजना का निरूपण तथा इसे मूर्त्त रूप देने के लिए एक न्यास समिति का गठन किया जाता है।

योजनायोजनायोजनायोजना 1. अधिनियम की धारा- 32 के तहत निरूपित इस योजना का नाम ''माणिकचन्द तालाब एवं मंदिर न्यास माणिकचन्द तालाब एवं मंदिर न्यास माणिकचन्द तालाब एवं मंदिर न्यास माणिकचन्द तालाब एवं मंदिर न्यास योजना, योजना, योजना, योजना, अनिसाबाद, पटना'' होगा तथा इसके कार्यान्वयन एवं संचालन के लिए गठित न्यास समिति का नाम माणिकचन्द तालाब एवं मंदिर न्यास समिति, अनिसाबाद, पटना'' जिसमें न्यास की समग्र चल-अचल संपत्ति ''माणिकचन्द तालाब एवं मंदिर न्यास समिति, माणिकचन्द तालाब एवं मंदिर न्यास समिति, माणिकचन्द तालाब एवं मंदिर न्यास समिति,

के संधारण एवं संचालन का अधिकार निहित होगा।

2. इस न्यास समिति का मुख्य कर्त्तव्य न्यास की संपत्तियों की सुरक्षा एवं सुसंचालन तथा मंदिर की परम्परा एवं आचारों के अनुकूल पूजा-पाठ, तीर्थ-यात्री एवं साधु-सेवा की समुचित व्यवस्था करना होगा।

3. न्यास की समस्त आय, न्यास के नाम से किसी राष्ट्रीयकृत बैंक में खाता खोलकर जमा किया जायेगा तथा सचिव एवं कोषाध्यक्ष के संयुक्त हस्ताक्षर से इसका संचालन होगा।

4. न्यास की आय-व्यय में, आर्थिक शुचिता एवं पारदर्षिता रखना न्यास समिति की असली कसौटी होगा। 4 (cid:1)बहार गजट (असाधारण), 17171717 अ+तूअ+तूअ+तूअ+तूबरबरबरबर 2014201420142014 5. न्यास समिति अधिनियम एवं उप-विधि में वर्णित सभी नियमों का पालन करते हुए प्रतिवर्ष न्यास के बजट, आय-व्यय की विवरणी, पर्षद शुल्क, अंकेक्षण प्रतिवेदन, कार्यवृत आदि सम्यक रूप से पर्षद को प्रेषित करेगी। 6. अध्यक्ष की अनुमति से सचिव न्यास समिति की बैठक आहुत करेंगे। न्यास समिति की बैठक प्रत्येक तिमाही में एक बार अवष्य बुलायी जायेगी और बैठक की कार्यवृत पर्षद को प्रेषित की जायेगी।

7. न्यास समिति द्वारा कोई नयी योजना न्यास हित में आवष्यक समझी जाय, तो इस हेतु निर्धारित विषेष बैठक में प्रस्ताव पारित कर पर्षद के अनुमोदन के लिए भेजेगी।

8. न्यास समिति न्यास की अतिक्रमित/हस्तांरित भूमि ''यदि कोई हो तो'', उसकी वापसी के लिए समुचित वैधानिक कार्रवाई करेगी।

9. इस योजना में परिवर्त्तन, परिवर्द्धन या संषोधन तथा आकस्मिक रिक्तियों की पूर्ति का अधिकार पर्षद में निहित होगा।

10. न्यास समिति के कोई सदस्य प्रत्यक्ष या परोक्ष रूप से न्यास से लाभ उठाते पाये जायेगें या न्यास हित के प्रतिकुल कार्य करेंगे, तो इस संबंध में उनसे स्पष्टीकरण प्राप्त कर समुचित कार्रवाई की जाएगी।

11. न्यास समिति के सदस्य की यदि कोई आपराधिक पृष्ठभूमि होगी या वे आपराधिक काण्ड में आरोप-पात्रित होंगे तो, उनकी अर्हता स्वतः समाप्त हो जायेगी।

12. न्यास समिति के अध्यक्ष यदि प्रषासनिक कार्याें की व्यस्तता के कारण न्यास समिति की बैठक में यदि भाग नहीं ले पाते हैं, तो उपाध्यक्ष उनकी अनुपस्थिति में अध्यक्ष को सूचना देते हुए, न्यास से संबंधित सभी कार्यों को संपादित करेंगे।

(1) अंचल पदाधिकारी, फुलवारीषरीफ, पटना - पदेन अध्यक्ष (2) श्री विजय कुमार हिमांसु- अधिवक्ता मो0- 9431074107 - उपाध्यक्ष पिता- स्व0 शालीग्राम सिंह, यष विला, रामपुर रोड, बहादुरपुर, महेन्द्रु, पटना

(3) श्री इन्द्रेष प्रसाद, मो0- 9331221036 - सचिव पिता- स्व0 कालीचरण प्रसाद, ग्रा0-षिवपुरी, पो0-अनिसाबाद, था0-गर्दनीबाग, पटना.

(4) श्री राजेन्द्र प्रसाद- (अ0 प्रा0 अभियंता), मो0- 9431224995 - कोषाध्यक्ष पिता- स्व0 विषुनु प्रसाद, विमल राज इन्कलेभ, हरनीचक रोड, पटना।

(5) श्री डॉ0 राधा कृष्ण सिंह, मो0- 9334121300 - सदस्य पिता- स्व0 सीताराम सिंह, बुद्धा डेन्टल कॉलेज महात्मा गाँधी नगर, पटना-26.

(6) श्रीमति कुंडल चौधरी, मो0- 9835627464 - सदस्य पति- श्री संजीवन चौधरी, प्लॉट नं0- ए/103, संजय गाँधीनगर, हनुमाननगर रोड, नं0- 9, थाना- पत्रकार नगर, पो0- लोहियानगर, पटना

(7) श्री विमल कुमार, मो0- 9097888886 - सदस्य पिता- श्री षिव प्रषन सिंह, ग्रा0- कल्याणीपुर, पो0- अनिसाबाद, था0- बेउर, पटना.

(8) श्री सुधीर कुमार चौरसिया, मो0- 9608815911 - सदस्य पिता- श्री राम बाबू चौरसिया, ग्रा0- माणिकचन्द तालाब, पो0- अनिसाबाद, था0-गर्दनीबाग, पटना। (9) श्री लालजी चौधरी, मो0- 9693995109 - सदस्य पिता- स्व0 रामजीवन चौधरी, ग्रा0- माणिकचन्द तालाब, पो0- अनिसाबाद, था0- गर्दनीबाग, पटना।5 (cid:1)बहार गजट (असाधारण), 17171717 अ+तूअ+तूअ+तूअ+तूबरबरबरबर 2014201420142014 (10) श्री मुकेष कुमार - सदस्य पिता- स्व0 विरेन्द्र नाथ, ग्राम- पहाड़पुर, अनिसाबाद, था0- गर्दनीबाग, पटना।

(11) श्री राकेष कुमार, मो0- 9097916752 - सदस्य पिता- स्व0 पैरू यादव, न्यु हरणीचक, माणिकचन्द तालाब से दक्षिण, पो0-अनिसाबाद, थाना- गर्दनीबाग, पटना।

13. उपरोक्त वर्णित न्यास समिति का कार्यकाल, अधिसूचना का गजट प्रकाषन होने की तिथि से अगले 05 वर्षों का होगा, लेकिन एक वर्ष के बाद न्यास समिति के कार्यों की समीक्षा की जायेगी और कार्य संतोषप्रद पाये जाने पर न्यास समिति की निरन्तरता पर यथोचित निर्णय लिया जा सकेगा।

विश्वासभाजन,

किषोर कुणाल,किषोर कुणाल,किषोर कुणाल,किषोर कुणाल,

अध्यक्ष।

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अधी1क, सिचवालय मुिणालय, (cid:1)बहार, पटना (cid:13)ारा ूकािशत एवं मु7ित। (cid:1)बहार गजट (असाधारण) 858-571+10-ड/0ट/0पी0। Website: http://egazette.bih.nic.in

Cite this issue. Bihar Gazette, Government of Bihar, 17 October 2014. Indian Gazettes, https://egazette.servantsofknowledge.in/details/in.gov.bih.gazette.2014-10-17.858/. Archive identifier in.gov.bih.gazette.2014-10-17.858.