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Bihar Gazette · Government of Bihar

Bihar Gazette, 17 October 2014

Published 17 October 2014

Type
Extra Ordinary
Identifier
in.gov.bih.gazette.2014-10-17.861
Languages
English, Hindi

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fo|kifr ekxZ] iVuk&800001 &&&&&&& अधिसूचअधिसूचअधिसूचअधिसूचनानानाना 29 अगस्त29 अगस्त29 अगस्त29 अगस्त 2014201420142014

ने पर पर्षदीय पत्रांक-226, दिनांक 13.03.2011 एवं पत्रांक-1368, दिनांक

2011 एवं पत्रांक-1368, दिनांक 24.11. la0 734—समस्तीपुर जिलान्तर्गत सरायरंजन प्रखण्ड के नरघोघी स्थित श्री राम जानकी मन्दिर पर्षद के समस्तीपुर जिलान्तर्गत सरायरंजन प्रखण्ड के नरघोघी स्थित श्री राम जानकी मन्दिर पर्षद के समस्तीपुर जिलान्तर्गत सरायरंजन प्रखण्ड के नरघोघी स्थित श्री राम जानकी मन्दिर पर्षद के अन्तर्गत निबंधित एक सार्वजनिक धार्मिक न्यास है, जिसकी निबंधन संख्या-366 है। इस प्रसिद्ध मन्दिर का अतीत अन्तर्गत निबंधित एक सार्वजनिक धार्मिक न्यास है, जिसकी निबंधन संख्या-366 है। इस प्रसिद्ध मन्दिर का अतीत अन्तर्गत निबंधित एक सार्वजनिक धार्मिक न्यास है, जिसकी निबंधन संख्या-366 है। इस प्रसिद्ध मन्दिर का अतीत इसमें पर्याप्त चल-अचल सम्पत्ति थी जो कुप्रबंधन के कारण धीरे-धीरे समाप्त हो गयी। प्राप्त इसमें पर्याप्त चल-अचल सम्पत्ति थी जो कुप्रबंधन के कारण धीरे-धीरे समाप्त हो गयी। प्राप्त गौरवषाली रहा है। इसमें पर्याप्त चल-अचल सम्पत्ति थी जो कुप्रबंधन के कारण धीरे-धीरे समाप्त हो गयी। प्राप्त सूचनानुसार अभी भी वहाँ भगवान की करोड़ो रुपये की अष्टधातु की मूर्त्ति तथा ग्यारह मन चाँदी जड़ा हुआ सिंहासन सूचनानुसार अभी भी वहाँ भगवान की करोड़ो रुपये की अष्टधातु की मूर्त्ति तथा ग्यारह मन चाँदी जड़ा हुआ सिंहासन सूचनानुसार अभी भी वहाँ भगवान की करोड़ो रुपये की अष्टधातु की मूर्त्ति तथा ग्यारह मन चाँदी जड़ा हुआ सिंहासन स परिसम्पत्तियों के अवैध हस्तानन्तरण तथा आय है। न्यास के वर्तमान न्यासधारी महंत श्री नारायण दास के विरूद्ध न्यास परिसम्पत्तियों के अवैध हस्तानन्तरण तथा आय है। न्यास के वर्तमान न्यासधारी महंत श्री नारायण दास के विरूद्ध न्या के दुरूपयोग की षिकायत प्राप्त होने पर पर्षदीय पत्रांक-226, दिनांक 2011 द्वारा जिला पदाधिकारी, समस्तीपुर से सम्पूर्ण मामले की छानबीन कराकर प्रतिवेदन भेजने का आग्रह किया गया। 2011 द्वारा जिला पदाधिकारी, समस्तीपुर से सम्पूर्ण मामले की छानबीन कराकर प्रतिवेदन भेजने का आग्रह किया गया। 2011 द्वारा जिला पदाधिकारी, समस्तीपुर से सम्पूर्ण मामले की छानबीन कराकर प्रतिवेदन भेजने का आग्रह किया गया। तीपुर ने अपने पत्रांक-131, दिनांक 07.04.2012 द्वारा सूचित किया कि इसकी जांच भूमि सुधार उप 2012 द्वारा सूचित किया कि इसकी जांच भूमि सुधार उप समाहर्त्ता, समस्तीपुर ने अपने पत्रांक-131, दिनांक समाहर्त्ता, समस्तीपुर से कराई गई है। जांच प्रतिवेदन में कहा गया कि मन्दिर की जमीन नरहन स्टेट से प्राप्त है। समाहर्त्ता, समस्तीपुर से कराई गई है। जांच प्रतिवेदन में कहा गया कि मन्दिर की जमीन नरहन स्टेट से प्राप्त है। समाहर्त्ता, समस्तीपुर से कराई गई है। जांच प्रतिवेदन में कहा गया कि मन्दिर की जमीन नरहन स्टेट से प्राप्त है। मन्दिर की स्थिति अच्छी नहीं है। मन्दिर की लगभग 64 ए0 जमीन खेती के लिए लोगों को पट्‌टे पर दी गई है। साथ मन्दिर की स्थिति अच्छी नहीं है। मन्दिर की लगभग 64 ए0 जमीन खेती के लिए लोगों को पट्‌टे पर दी गई है। साथ ही महंत जी की सहमति से मन्दिर की जमीन पर झोपड़ियों का निर्माण करा दिया गया है। उक्त जांच प्रतिवेदन के ही महंत जी की सहमति से मन्दिर की जमीन पर झोपड़ियों का निर्माण करा दिया गया है। उक्त जांच प्रतिवेदन के ही महंत जी की सहमति से मन्दिर की जमीन पर झोपड़ियों का निर्माण करा दिया गया है। उक्त जांच प्रतिवेदन के 28, दिनांक 21.10.2013 द्वारा महंत श्री नारायण दास को कारण-पृच्छा की नोटिस दी 2013 द्वारा महंत श्री नारायण दास को कारण-पृच्छा की नोटिस दी आलोक में पर्षदीय पत्रांक-1328, दिनांक गई। उक्त पत्र के साथ समाहर्त्ता से प्राप्त प्रतिवेदन की प्रतिलिपि संलग्न करते हुए उनसे बिना पर्षद की अनुमति प्राप्त र्। उक्त पत्र के साथ समाहर्त्ता से प्राप्त प्रतिवेदन की प्रतिलिपि संलग्न करते हुए उनसे बिना पर्षद की अनुमति प्राप्त र्। उक्त पत्र के साथ समाहर्त्ता से प्राप्त प्रतिवेदन की प्रतिलिपि संलग्न करते हुए उनसे बिना पर्षद की अनुमति प्राप्त 2011 को दस्तावेज संख्या 2393 द्वारा मठ किए नरघोघी प्राथमिक कृषि साख सहयोग समिति लि0 को दिनांक 21.02.2011 को दस्तावेज संख्या 2393 किए नरघोघी प्राथमिक कृषि साख सहयोग समिति लि0 को दिनांक 21 (दान पत्र) लिखने तथा न्यास का विवरण, बजट एवं न्यास शुल्क दाखिल नहीं करने के की जमीन का आतायनामा (दान पत्र) लिखने तथा न्यास का विवरण, बजट एवं न्यास शुल्क दाखिल नहीं करने के (दान पत्र) लिखने तथा न्यास का विवरण, बजट एवं न्यास शुल्क दाखिल नहीं करने के 2013 को अपना स्पष्टीकरण दाखिल किया जिसमें भूमि संबंध में भी स्पष्टीकरण मांगा गया। महंत जी ने दिनांक 25.11.2013 को अपना स्पष्टीकरण दाखिल किया जिसमें भूमि संबंध में भी स्पष्टीकरण मांगा गया। महंत जी ने दिनांक 25 सुधार उप समाहर्त्ता के जांच प्रतिवेदन को बनावटी एवं असत्य कहा, किन्तु न्यास की भूमि के अवैध हस्तान्तरण एवं सुधार उप समाहर्त्ता के जांच प्रतिवेदन को बनावटी एवं असत्य कहा, किन्तु न्यास की भूमि के अवैध हस्तान्तरण एवं न्यास के आय-व्यय की विवरणी, बजट, शुल्क आदि दाखिल नहीं करने के संबंध में कोई जबाब नहीं दिया और न तो न्यास के आय-व्यय की विवरणी, बजट, शुल्क आदि दाखिल नहीं करने के संबंध में कोई जबाब नहीं दिया और न तो न्यास के आय-व्यय की विवरणी, बजट, शुल्क आदि दाखिल नहीं करने के संबंध में कोई जबाब नहीं दिया और न तो न्यास की भूमि से संबंधित वांछित कागजात ही प्रस्तुत किया। न्यास की भूमि से संबंधित वांछित कागजात ही प्रस्तुत किया।

ने न्यास की भूमि का अवैध अन्तरण किया उपर्युक्त विन्दुओं से स्पष्ट है कि न्यासधारी महंत श्री नारायण दास ने न्यास की भूमि का अवैध अन्तरण किया उपर्युक्त विन्दुओं से स्पष्ट है कि न्यासधारी महंत श्री नारायण दास है; अपने कार्यकाल में न्यास की आय-व्यय का विवरण, बजट, अंकेक्षित प्रतिवेदन, पर्षद को देय शुल्क की राषि है; अपने कार्यकाल में न्यास की आय-व्यय का विवरण, बजट, अंकेक्षित प्रतिवेदन, पर्षद को देय शुल्क की राषि है; अपने कार्यकाल में न्यास की आय-व्यय का विवरण, बजट, अंकेक्षित प्रतिवेदन, पर्षद को देय शुल्क की राषि दाखिल नहीं किया है और न्यास की आय का दुरूपयोग किया है। इस संबंध में पूछे गये स्पष्टीकरण का जबाब भी दाखिल नहीं किया है और न्यास की आय का दुरूपयोग किया है। इस संबंध में पूछे गये स्पष्टीकरण का जबाब भी दाखिल नहीं किया है और न्यास की आय का दुरूपयोग किया है। इस संबंध में पूछे गये स्पष्टीकरण का जबाब भी है। न्यास के सुचारू प्रबंधन एवं सम्यक्‌ विकास हेतु न्यास समिति के गठन के लिए जिला पदाधिकारी है। न्यास के सुचारू प्रबंधन एवं सम्यक्‌ विकास हेतु न्यास समिति के गठन के लिए जिला पदाधिकारी संतोषप्रद नहीं है। न्यास के सुचारू प्रबंधन एवं सम्यक्‌ विकास हेतु न्यास समिति के गठन के लिए जिला पदाधिकारी 2 (cid:1)बहार गजट (असाधारण), 17171717 अ+तूअ+तूअ+तूअ+तूबरबरबरबर 2014201420142014 एवं पुलिस अधीक्षक समस्तीपुर से सदस्यों का नाम मांगा गया था। समाहर्त्ता समस्तीपुर ने पत्रांक 3415 दिनांक 28.01. 2013 तथा पुलिस अधीक्षक, समस्तीपुर ने पत्रांक 3960 दिनांक 15.06.2013 द्वारा न्यास समिति के गठन हेतु सदस्यों का नाम भेजा है।

इस प्रकार महंत श्री नारायण दास न्यास की सम्पत्तियों के संरक्षण एवं सुचारू प्रबंधन में विफल रहे हैं। मंदिर की व्यवस्था संतोषप्रद नहीं है। इसकी आय-व्यय की लेखा का सम्यक्‌ संघारण नहीं होता है तथा मंदिर का विकास अवरूद्ध है। अतः इस प्रसिद्ध मंदिर के सुचारू प्रबंधन तथा सम्यक्‌ विकास हेतु तत्काल एक योजना का निरूपण एवं उसे मूर्त रूप देने हेतु न्यास समिति का गठन आवष्यक प्रतीत होता है। उपर्युक्त आरोपों के आलोक में न्यासधारी के अपसारण का मामला पर्षद की अगली बैठक में विचारार्थ प्रस्तुत किया जायेगा और पर्षद के निर्णयानुसार कार्रवाई होगी।

अतः बिहार हिन्दू धार्मिक न्यास अधिनियम, 1950 की धारा 32 में धार्मिक न्यास पर्षद को प्राप्त अधिकार, जो धार्मिक न्यास की उपविधि संख्या 43(द) के तहत अध्यक्ष को प्राप्त है, का प्रयोग करते हुए श्री राम जानकी मंदिर, नरघोघी की सम्पत्तियों की सुरक्षा, सुचारू प्रबंधन तथा सम्यक्‌ विकास हेतु नीचे लिखे योजना का निरूपण तथा इसके कार्यान्वयन एवं संचालन के लिए एक न्यास समिति का गठन किया जाता है।

योजनायोजनायोजनायोजना 1. अधिनियम की धारा- 32 के तहत निरूपित इस योजना का नाम '' श्री राम जाश्री राम जाश्री राम जाश्री राम जानकी मन्दिर न्यास योजना, नकी मन्दिर न्यास योजना, नकी मन्दिर न्यास योजना, नकी मन्दिर न्यास योजना, नरघोघी, समस्तीपुरनरघोघी, समस्तीपुरनरघोघी, समस्तीपुरनरघोघी, समस्तीपुर"'"'"'"' होगा तथा इसके कार्यान्वयन एवं संचालन हेतु गठित न्यास समिति का नाम ''''''''श्री राम श्री राम श्री राम श्री राम जानकी मन्दिर न्यास समिति, नरघोघी, समस्तीपुरजानकी मन्दिर न्यास समिति, नरघोघी, समस्तीपुरजानकी मन्दिर न्यास समिति, नरघोघी, समस्तीपुरजानकी मन्दिर न्यास समिति, नरघोघी, समस्तीपुर'''''''' होगा, जिसमें न्यास की समग्र चल-अचल सम्पत्तियों के संधारण एवं संरक्षण का अधिकार निहित होगा।

2. इस न्यास समिति का मुख्य कर्त्तव्य न्यास की सम्पत्तियों की सुरक्षा तथा सुव्यवस्था सुनिष्चित करना होगा। 3. इस न्यास की सम्पत्ति करोड़ों में है और इसका बहुत बड़ा अंष मन्दिर के गर्भगृह में ही है, जिसकी सुरक्षा करना इस न्यास समिति का मुख्य दायित्व होगा। यदि लापरवाही से भगवान की अष्टधातु की मूर्त्ति, सिंहासन में लगी चाँदी एवं अन्य बहुमूल्य पत्थरों की चोरी होती है तो इसका दायित्व न्यास समिति पर होगा। न्यास समिति इसके लिए प्रषासन से पुलिस बल की स्थापना करवायेगी, क्योंकि तस्करों के गिरोहों ने बहुत सारे मन्दिरों से मूर्त्तियों की चोरी की है और इस मन्दिर में भी वे कभी चोरी कर सकते है। पहले मन्दिर की अपनी चाहरदिवारी भी चारो ओर से बंद और सुरक्षित नहीं थी। इसे पर्षद की पहल पर बंद किया गया है, किन्तु अभी भी पर्याप्त सुरक्षा का प्रबंध नहीं है। इसलिए न्यास समिति का पहला दायित्व मन्दिर परिसर की सम्पत्ति की सुरक्षा होगा।

4. इस मन्दिर की सम्पत्ति मन्दिर के आस-पास के बड़े भू-खण्ड के साथ-साथ अयोध्या तक विस्तृत है। न्यास समिति सभी सम्पत्ति का पता करके उसे अपने कब्जे में लेने की चेष्टा करेंगी और इसके प्रषासन से लेकर न्यायालय तक का सहयोग लेगी।

5. न्यास समिति न्यास के परम्परा के अनुसार धार्मिक आचारों का पालन सुनिष्चित करेगी। 6. न्यास में प्राप्त होनेवाली समग्र आय किसी राष्ट्रीयकृत बैंक में न्यास के नाम से खाता खोलकर जमा की जायेगी। बैंक खाता का संचालन सचिव एवं कोषाध्यक्ष के संयुक्त हस्ताक्षर से होगा। व्यय के अनुसार राषि निकालकर काम किया जायेगा।

7. न्यास के लेखा का संधारण सत्यापित पंजी में होगा। आय-व्यय में शुचिता एवं पारदर्षिता रखना न्यास समिति का प्रमुख दायित्व होगा जिससे कि समिति का कार्य परिलक्षित हो सके और जनता का विष्वास बना रहे।

8. न्यास समिति के सचिव द्वारा बैठकों की कार्यवाही पुस्तिका संधारित की जायेगी तथा कोषाध्यक्ष न्यास के लेखा के संधारण के लिए उत्तरदायी होंगे।

9. न्यास समिति अधिनियम एवं उप-विधि में वर्णित सभी नियमों का पालन करते हुए प्रतिवर्ष न्यास के आय-व्यय की विवरणी, बजट, अंकेक्षण प्रतिवेदन, कार्यवृत आदि सम्यक रूप से पर्षद्‌ को प्रेषित करेगी। 10. कोई नयी योजना न्यास हित में आवष्यक समझे जाने पर, इस हेतु निर्धारित विषेष बैठक में प्रस्ताव पारित कर पर्षद्‌ की अनुमोदन के लिए भेजेगी।

11. न्यास समिति का कोई सदस्य प्रत्यक्ष या परोक्ष रूप से यदि न्यास से लाभ उठाता हुआ पाये जायेगें या आपराधिक पृष्टभूमि के होंगे तो न्यास समिति की सदस्य बने रहने की उनकी अर्हता स्वतः समाप्त हो जायेगी।

12. न्यास समिति में कोई पद आकस्मिक दुर्घटना, त्याग-पत्र अथवा अन्य कारणों से रिक्त होने पर उस पर नियुक्ति पर्षद्‌ करेगी।

13. न्यास समिति के कोई सदस्य अपने कर्त्तव्यों के निर्वहन में विफल रहेंगे या न्यास हित के प्रतिकूल कार्य करेंगे तो समिति के अध्यक्ष या सचिव इसकी सूचना पर्षद्‌ को देंगे ताकि समुचित कार्रवाई की जा सके। 14. न्यास समिति न्यास के किसी भू-खंड का अन्य संक्रमण या किसी भी तरह का हस्तान्तरण नही करेगी। 15. इस योजना में परिवर्त्तन, परिवर्धन अथवा संषोधन का अधिकार पर्षद्‌ में निहित होगा। 16. इस योजना के संचालन एवं कार्यान्वयन के लिए निम्नलिखित व्यक्तियों को न्यास समिति का सदस्य मनोनित किया जाता है :-

3

(cid:1)बहार गजट (असाधारण), 17171717 अ+तूअ+तूअ+तूअ+तूबरबरबरबर 2014201420142014

(1) अनुमंडल पदाधिकारी, सदर, समस्तीपुर - अध्यक्ष (2) अनुमंडल पुलिस पदाधिकारी, समस्तीपुर - उपाध्यक्ष (3) श्री नन्द कुमार झा, पिता स्व0 भुवनेष्वर झा, - सचिव सा0 उदयपुर, पो0- अख्तियारपुर, जिला- समस्तीपुर (4) श्री विष्वनाथ सिंह, मुखिया, पे0 स्व0 बिन्दा प्र0 सिंह, - सदस्य सा0- बथुआ बुजर्ग, थाना-मुसरीधरारी । (5) श्री चन्द्रषेखर झा, पिता-स्व0 राम बल्लभ झा, मनिका, - सदस्य जिला-समस्तीपुर । (6) श्रीमति मीणा देवी पति श्री सुदर्षन साह, - सदस्य ग्राम-अरमौली, पंचायत-मणिकापुर, थाना-घटहो, जिला-समस्तीपुर । (7) श्री रामनुज पंडित, पिता-स्व0 चतुरी पंडित, - सदस्य मुखिया, ग्राम पंचायत-मुसापुर, थाना-घटहो, जिला-समस्तीपुर। (8) श्रीमति उषा देवी, जिला पर्षद, पति श्री जगेष्वर चौधरी, - सदस्य ग्राम- वाजितपुर मेयारी, थाना-सरायरंजन, जिला-समस्तीपुर। (9) श्री रामकरण ंिसह, पंचायत सदस्य, पिता-श्री कंचन सिंह, - सदस्य ग्राम- किषनपुर यूसुफ, थाना-सरायरंजन, जिला-समस्तीपुर। (10) श्री सुरेन्द्र मोहन चौरसिया पिता-बंगाली चौरसिया, - सदस्य ग्राम-अख्तिायरपुर, थाना- सरायरंजन, जिला- समस्तीपुर। (11) श्री सुरेन्द्र मोहन कंठ, अधिवक्ता, पिता-स्व0 दषरथ कंठ, - सदस्य। सा0-मणिका, थाना-सरायरंजन, जिला-समस्तीपुर । उक्त न्यास समिति का कार्यकाल दिनांक 01.09.2014 से अगले पाँच वर्षों के लिए होगी।

विश्वासभाजन, किषोर कुणाल,किषोर कुणाल,किषोर कुणाल,किषोर कुणाल, अध्यक्ष।

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अधी1क, सिचवालय मुिणालय, (cid:1)बहार, पटना (cid:13)ारा ूकािशत एवं मु7ित। (cid:1)बहार गजट (असाधारण) 861-571+10-ड/0ट/0पी0। Website: http://egazette.bih.nic.in

Cite this issue. Bihar Gazette, Government of Bihar, 17 October 2014. Indian Gazettes, https://egazette.servantsofknowledge.in/details/in.gov.bih.gazette.2014-10-17.861/. Archive identifier in.gov.bih.gazette.2014-10-17.861.