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अधिसूचनाएं
5 नवम्बर 2014
एस0ओ0 460, दिनांक 7 नवम्बर 2014
, दिनांक 7 नवम्बर 2014—कुटुम्ब न्यायालय अधिनियम 1984(अधिनियम-66, वर्ष 1984) कुटुम्ब न्यायालय अधिनियम 1984(अधिनियम-66, वर्ष 1984) की धारा-3 की उप-धारा (1) के खंड (क) द्वारा प्रदत्त शक्तियों का प्रयोग करते हुए राज्य सरकार, पटना उच्च धारा (1) के खंड (क) द्वारा प्रदत्त शक्तियों का प्रयोग करते हुए राज्य सरकार, पटना उच्च धारा (1) के खंड (क) द्वारा प्रदत्त शक्तियों का प्रयोग करते हुए राज्य सरकार, पटना उच्च अधिकारिता एवं शक्तियों का प्रयोग करने के न्यायालय के परामर्श के पश्चात्, कुटुम्ब न्यायालय को प्रदत्त अधिकारिता एवं शक्तियों का प्रयोग करने के न्यायालय के परामर्श के पश्चात्, कुटुम्ब न्यायालय को प्रदत्त प्रयोजनार्थ, सुपौल में प्रधान न्यायाधीश, कुटुम्ब न्यायालय, का एक न्यायालय स्थापित करती है। कुटुम्ब न्यायालय, प्रयोजनार्थ, सुपौल में प्रधान न्यायाधीश, कुटुम्ब न्यायालय, का एक न्यायालय स्थापित करती है। कुटुम्ब न्यायालय, प्रयोजनार्थ, सुपौल में प्रधान न्यायाधीश, कुटुम्ब न्यायालय, का एक न्यायालय स्थापित करती है। कुटुम्ब न्यायालय, सुपौल, जिला सुपौल की राजस्व-सीमा के भीतर उदभूत मामलों पर अधिकारिता का प्रयोग, दिनांक सुपौल, जिला सुपौल की राजस्व-सीमा के भीतर उदभूत मामलों पर अधिकारिता ा तथा प्रधान न्यायाधीश, सहरसा की अधिकारिता, ऐसे मामलों पर, दिनांक 2014 के प्रभाव से करेगा तथा प्रधान न्यायाधीश, सहरसा
का प्रयोग, दिनांक 22 नवम्बर कारिता, ऐसे मामलों पर, दिनांक 22 नवम्बर 2014 से नही रह जाएगी।
ए0/बी0डी0जी0ओ0-12/93/7439/जे0) राज्यपाल के आदेश से,
(सं0 ए0/बी0डी0जी0ओ0-12/93/7439/जे0) बिहार-राज्यपाल के आदेश से, अखिलेश कुमार जैन, अखिलेश कुमार जैन सरकार के सचिव। सरकार के सचिव
5 नवम्बर 2014
एस0ओ0 461, एस0ओ0
्रजी में निम्नलिखित अनुवाद 460, दिनांक 7 नवम्बर 2014 का अंगे्रजी में निम्नलिखित अनुवाद राज्यपाल के प्राधिकार से इसके द्वारा प्रकाशित किया जाता है, जो भारतीय संविधान के अनुच्छेद-348 के बिहार-राज्यपाल के प्राधिकार से इसके द्वारा प्रकाशित किया जाता है, जो भारतीय संविधान के अनुच्छेद-348 के राज्यपाल के प्राधिकार से इसके द्वारा प्रकाशित किया जाता है, जो भारतीय संविधान के अनुच्छेद-348 के खण्ड(3) के अधीन उसका प्राधिकृत पाठ समझा जायेगा। खण्ड(3) के अधीन उसका प्राधिकृत पाठ समझा जायेगा। 2 (cid:1)बहार गजट (असाधारण), 7777 नव'बनव'बनव'बनव'बर र र र 2014201420142014 The 5th November 2014 S.O. 460, dated 7th November 2014—In exercise of the powers conferred by clause (a) of Sub- Section (1) of Section 3 of the Family Courts Act 1984 (Act 66 of 1984) the State Government, after Consultation with the High Court of Judicature at Patna, is pleased to establish a Court of Principal Judge, Family Court at Supaul for the purpose of exercising jurisdiction and powers conferred on Family Courts. The Family Court at Supaul shall exercise jurisdiction over the matter arising within the revenue-limits of Supaul District with effect from 22nd November 2014 and Principal Judge, Family Court, Saharsa will cease to have jurisdiction on such matter from 22nd November 2014.
(No. A/A.B.D.G.O-12/93/7439/J.) By order of the Governor of Bihar, AKHILESH KUMAR JAIN, Secretary to the Government.
————— अधी,क, सिचवालय मुिणालय,
(cid:1)बहार, पटना (cid:13)ारा ूकािशत एवं मु2ित। (cid:1)बहार गजट (असाधारण) 902-571+100-ड*0ट*0पी0। Website: http://egazette.bih.nic.in