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Bihar Gazette · Government of Bihar

Bihar Gazette, 11 November 2014

Published 11 November 2014

Type
Extra Ordinary
Identifier
in.gov.bih.gazette.2014-11-11.924
Languages
English, Hindi

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6/खा0 म0 विविध (ब0 मालिक)-01/2013—925(6)/रा0

राजस्व एवं भूमि सुधार विभाग

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संकल्प

11 नवम्बर 2014

ग़ैर मज़रूआ मालिक/सरकारी भूमि/बक़ाश्त भूमि पर रैयती दावों के निष्पादन के सम्बन्ध में। ग़ैर मज़रूआ मालिक/सरकारी भूमि/बक़ाश्त भूमि पर रैयती दावों के निष्पादन विषयः-ग़ैर मज़रूआ मालिक/सरकारी भूमि/बक़ाश्त भूमि पर रैयती दावों के निष्पादन

विभिन्न सरकारी परियोजनाओं हेतु भू-अर्जन एवं सरकारी भूमि के हस्तांतरण के क्रम में यह सूचना सरकार विभिन्न सरकारी परियोजनाओं हेतु भू-अर्जन एवं सरकारी भूमि के हस्तांतरण के क्रम में यह सूचना विभिन्न सरकारी परियोजनाओं हेतु भू-अर्जन एवं सरकारी भूमि के हस्तांतरण के क्रम में यह सूचना गै़र मज़रूआ मालिक एवं बक़ाश्त भूमि पर वर्षों से निजी व्यक्तियों का को प्राप्त होती रही है कि कतिपय मौजों में गै़र मज़रूआ मालिक एवं बक़ाश्त भूमि पर वर्षों से निजी व्यक्तियों का को प्राप्त होती रही है कि कतिपय मौजों में शांतिपूर्ण दख़ल-क़ब्ज़ा चला आ रहा है तथा वे जोत आबाद कर रहे हैं। इसी प्रकार की सूचना ख़ास महाल की भूमि दख़ल-क़ब्ज़ा चला आ रहा है तथा वे जोत आबाद कर रहे हैं। इसी प्रकार की सूचना ख़ास महाल की भूमि दख़ल-क़ब्ज़ा चला आ रहा है तथा वे जोत आबाद कर रहे हैं। इसी प्रकार की सूचना ख़ास महाल की भूमि के बारे में भी प्राप्त हो रही है। फलतः भू-अर्जन अथवा सरकारी भूमि के हस्तान्तरण के समय सम्बन्धित व्यक्तियों द्वारा है। फलतः भू-अर्जन अथवा सरकारी भूमि के हस्तान्तरण के समय सम्बन्धित व्यक्तियों द्वारा है। फलतः भू-अर्जन अथवा सरकारी भूमि के हस्तान्तरण के समय सम्बन्धित व्यक्तियों द्वारा इस प्रकार की ज़मीन को अपने दख़ल-क़ब्ज़ा में बताते हुए मुआवज़ा की मांग की जा रही है। इस कारण सरकारी इस प्रकार की ज़मीन को अपने दख़ल-क़ब्ज़ा में बताते हुए मुआवज़ा की मांग की जा रही है। इस कारण सरकारी इस प्रकार की ज़मीन को अपने दख़ल-क़ब्ज़ा में बताते हुए मुआवज़ा की मांग की जा रही है। इस कारण सरकारी परियोजनाओं हेतु भू-अर्जन एवं सरकारी भूमि के हस्तान्तरण में कतिपय व्यावहारिक कठिनाइयाँ उत्पन्न हुई हैं। परियोजनाओं हेतु भू-अर्जन एवं सरकारी भूमि के हस्तान्तरण में कतिपय व्यावहा रिक कठिनाइयाँ उत्पन्न हुई हैं। विभिन्न कल्याणकारी सरकारी परियोजनाओं हेतु भू-अर्जन एवं सरकारी भूमि का हस्तान्तरण किया जाना 2. विभिन्न कल्याणकारी सरकारी परियोजनाओं हेतु भू-अर्जन एवं सरकारी भूमि का हस्तान्तरण किया जाना विभिन्न कल्याणकारी सरकारी परियोजनाओं हेतु भू-अर्जन एवं सरकारी भूमि का हस्तान्तरण किया जाना आवश्यक होता है। भू-अर्जन की प्रक्रिया में तथा सरकारी भूमि के हस्तान्तरण की प्रक्रिया में प्रस्तावित भूमि पर आवश्यक होता है। भू-अर्जन की प्रक्रिया में तथा सरकारी भूमि के हस्तान्तरण की प्रक्रिया में प्रस्तावित भूमि पर आवश्यक होता है। भू-अर्जन की प्रक्रिया में तथा सरकारी भूमि के हस्तान्तरण की प्रक्रिया में प्रस्तावित भूमि पर विभिन्न व्यक्तियों द्वारा मुआवज़ा की मांग एवं कतिपय व्यावहारिक कठिनाइयों को दूर करने दख़ल-क़ब्ज़ा के आधार पर विभिन्न व्यक्तियों द्वारा मुआवज़ा की मांग एवं कतिपय व्यावहारिक कठिनाइयों को विभिन्न व्यक्तियों द्वारा मुआवज़ा की मांग एवं कतिपय व्यावहारिक कठिनाइयों को हेतु एक सम्यक नीति बनाया जाना आवश्यक महसूस किया जा रहा है। हेतु एक सम्यक नीति बनाया जाना आवश्यक महसूस किया जा रहा है।

) बक़ाश्त ज़मीन के सम्बन्ध में निम्नानुसार कार्रवाई की जायेगी :-

बिहार भूमि सुधार अधिनियम 1950 की धारा-5, 6 एवं 7 के अनुसार कार्रवाई की जाएगी। धारा (1) के तहत राज्य में ज़मींदारी निहित होने की तिथि को (on)

कार्रवाई की जाएगी। (on) तथा से (from), अतः इस सम्बन्ध में सम्यक विचारोपरान्त, सरकार द्वारा निम्नलिखित निर्णय लिए गए हैं- अतः इस सम्बन्ध में सम्यक विचारोपरान्त, सरकार द्वारा निम्नलिखित निर्णय लिए गए हैं- 3. अतः इस सम्बन्ध में सम्यक विचारोपरान्त, सरकार द्वारा निम्नलिखित निर्णय लिए गए हैं- (i) बक़ाश्त ज़मीन के सम्बन्ध में (क) यदि खतियान में बक़ाश्त दर्ज है, ज़मीन भूतपूर्व मध्यवर्त्ती/उनके उत्तराधिकारी के क़ब्जे़ में है और (क) यदि खतियान में बक़ाश्त दर्ज है, ज़मीन भूतपूर्व मध्यवर्त्ती/उनके उत्तराधिकारी के क़ब्जे़ में है और (क) यदि खतियान में बक़ाश्त दर्ज है, ज़मीन भूतपूर्व मध्यवर्त्ती/उनके उत्तराधिकारी के क़ब्जे़ में है और उनके नाम से लगान रसीद भी कट रही है- उनके नाम से लगान रसीद भी कट रही है- ऐसी स्थिति में बिहार भूमि सुधार अधिनियम 1950 की धारा-5, 6 एवं 7 के अनुसार धारा-6 की उप-धारा (1) के तहत राज्य में ज़मींदारी निहित होने की तिथि को (Khas Possession) में स्थित भूमि, जिसका उपयोग कृषि या बागवानी प्रयोजनों किसी मध्यवर्ती के ''ख़ास दख़ल'' (Khas Possession) में स्थित भूमि, जिसका उपयोग कृषि या बागवानी प्रयोजनों ाज्य के द्वारा मध्यवर्ती के साथ बंदोवस्त किया गया मान लिया जाएगा (Deemed to be (Deemed to be से किया जाता था, राज्य के द्वारा मध्यवर्ती के साथ बंदोवस्त किया गया मान लिया जाएगा settled by the state with such intermediary)। पूर्व मध्यवर्ती को राज्य के अधीन इस भूमि के प्रसंग में settled by the state with such intermediary) । पूर्व मध्यवर्ती को राज्य के अधीन इस भूमि के प्रसंग में अधिभोगी अधिकार (Occupancy Rights)

(Occupancy Rights) युक्त रैयत मान लिया जाएगा।(cid:1)बहार गजट (असाधारण), 11111111 नव'बनव'बनव'बनव'बर र र र 2014201420142014 2 (ख) यदि खतियान में बक़ाश्त दर्ज है, ज़मीन भूतपूर्व मध्यवर्त्ती/उनके उत्तराधिकारी द्वारा किसी को लीज़/रेन्ट पर दिया गया हो और लगान रसीद भी कट रही हो- ऐसी भूमि के सम्बन्ध में उपरोक्त कंडिका (क) के अनुसार कार्रवाई की जाएगी। (ग) यदि खतियान में बक़ाश्त दर्ज है और ज़मीन भूतपूर्व मध्यवर्त्ती/उनके उत्तराधिकारी के क़ब्जे़ में है तथा लगान रसीद नहीं कट रही है। समाहर्त्ता जाँचोपरान्त बिहार भूमि सुधार नियमावली, 1951 के नियम-7(G) के अधीन लगान निर्धारण की कार्रवाई करेंगे। (घ) यदि खतियान में चौकीदारी चकरान या गोरैती जागीर या माफ़ीगोरैती दर्ज है और ज़मीन रैयत के क़ब्जे़ में है अर्थात भूमि Service Grant है-

बिहार भूमि सुधार अधिनियम, 1950 की धारा-6 के अनुसार चौकीदारी चकरान या गोरैती जागीर या माफ़ीगोरैती के रूप में अधिकार अभिलेख में अभिलिखित किसी नौकराना भूमि, जो निहित होने की तिथि से पूर्व ही, किसी रैयत की हो गयी हो, सम्बन्धित रैयत/ उनके उत्तराधिकारियों की भूमि मानी जायेगी।

(ङ) यदि खतियान में बक़ाश्त दर्ज है, किसी और की जमाबंदी चल रही है और लगान रसीद भी कट रही है-

ऐसी ज़मीन धारा-6 के तहत दर्ज नाम के व्यक्ति की मानी जायेगी। (च) यदि खतियान में बक़ाश्त दर्ज है तथा उसे भूतपूर्व मध्यवर्त्ती/उनके उत्तराधिकारी ने किन्हीं को हस्तांतरित की है-

ऐसी ज़मीन अन्तरिति की रैयती ज़मीन मानी जायेगी। (छ) यदि खतियान में बक़ाश्त दर्ज है, भूतपूर्व मध्यवर्त्ती/उनके उत्तराधिकारी द्वारा पट्टा से रैयत को बन्दोवस्त कर दिया गया है और रिटर्न दाख़िल किया गया है तथा पट्टाधारी/उनके उत्तराधिकारी के दख़ल क़ब्जे़ में है एवं उसकी जमाबंदी चल रही है-

ऐसी ज़मीन पट्टाधारी/उनके उत्तराधिकारी की मानी जायेगी। स्पष्टीकरण :- हाट, बाज़ार और मेला बिहार भूमि सुधार अधिनियम, 1950 की धारा-7A एवं 7B के तहत राज्य में निहित हो गए।

(ii) ग़ैर मज़रूआ मालिक भूमि/सरकारी भूमि के सम्बन्ध में निम्नानुसार कार्रवाई की जायेगी :- (क) भूतपूर्व मध्यवर्त्ती द्वारा निबंधित हुकुमनामा/पट्टा द्वारा बन्दोबस्त गै़र म़जरूआ मालिक भूमि संबंधित रैयत/उनके उत्तराधिकारियों की रैयती भूमि मानी जाएगी।

(ख) यदि भूतपूर्व मध्यवर्त्ती द्वारा सादा हुकुमनामा तथा रिटर्न में रैयत का नाम दिया गया है, हुकुमनामा 01.01. 1946 के पूर्व का है और सरकारी लगान रसीद ज़मींदारी उन्मूलन के वर्ष से कट रही है तो यह भूमि रैयत/उनके उत्तराधिकारी की रैयती मानी जाएगी।

(ग) यदि गै़र मज़रूआ मालिक भूमि सरकार द्वारा किन्हीं को बन्दोवस्त की गई है तो वह पर्चाधारी की रैयती भूमि मानी जाएगी और यदि किसी के अवैध दख़ल क़ब्जे़ में है तो उसे बिहार भूमि विवाद निराकरण अधिनियम, 2009 के तहत बेदख़ल कर बन्दोवस्तधारी को दख़ल दिलाया जाएगा।

(घ) उपरोक्त (क), (ख) एवं (ग) की स्थितियाँ छोड़ कर किसी ग़ैर मज़रूआ मालिक भूमि पर किसी का दख़ल क़ब्ज़ा पाया जाता है तो adverse possesion के तर्क को स्थापित करने के लिए दावा कर्त्ता को यह दिखाना होगा कि उन्होंने अथवा उनके पूर्वजों ने कब प्रश्नगत भूमि के वास्तविक मालिक अथवा उनके पूर्वजों को बेदखल किया ताकि adverse possesion के Statutory period की गणना हेतु प्रारम्भ की तिथि निर्धारित की जा सके। सरकार के विरूद्व adverse possession के आधार पर स्वत्त्व (Title) निर्धारण के लिए Limitation Act, 1963 के Article 112 में निहित प्रावधान के अनुसार 30 (तीस) वर्षों की अवधि पूरी होनी चाहिए परन्तु मात्र भूमि पर कब्ज़ा, चाहे वह कितनी भी लम्बी अवधि की हो, भू-धारी को विधिक अधिकार नहीं सृजित करता यदि यह सरकार द्वारा दिया गया grant नहीं हो। ऐसी लम्बी अवधि तक भूमि पर क़ब्ज़ा केवल किसी अन्य व्यक्ति के विरूद्ध उसके विधिक अधिकार की रक्षा करता है। सक्षम प्राधिकार को समय के विभिन्न बिन्दुओं के सापेक्ष स्पष्ट, पूर्ण एवं निश्चित साक्ष्यों पर निर्भर करना होगा। राजस्व पंजियों में प्रविष्टी यदि किसी दावाकर्त्ता के भूमि पर धारिता को प्रकट करती है तो उसे सही माना जा सकता है। कोई दावाकर्त्ता अपने दावा को अभिलेख, लगान रसीद, जमींनदारी रिटर्न आदि से इसे स्थापित कर सकता है। यदि कोई दावाकर्त्ता इसे साबित करता है, अर्थात उसकी लगातार तीस वर्षों से धारिता प्रमाणित होती है तो तीस वर्षों की अवधि की समाप्ति के बाद, उसका स्वत्त्व (title) चिरभोग (Prescription) के तहत निर्मित होगा और इस प्रकार वह रैयत की परिभाषा के अन्तर्गत आएगा। परन्तु यदि अवैध दख़लकार सुयोग्य श्रेणी के भूमिहीन हैं, तो उनके साथ सरकारी परिपत्र के अनुसार निर्धारित सीमा तक ज़मीन की बन्दोबस्ती कर दी जाएगी एवं तदुपरान्त ज़मीन रैयती मानी जायगी।3 (cid:1)बहार गजट (असाधारण), 11111111 नव'बनव'बनव'बनव'बर र र र 2014201420142014 (ङ) यदि गै़र मज़रूआ भूमि की जमाबंदी बिना किसी आधार के चल रही है तो बिहार दाख़िल ख़ारिज नियमावली, 2012 के नियम-13 के अन्तर्गत जमाबंदी रद्दीकरण की कार्रवाई की जाएगी एवं भूमि सरकारी मानकर अग्रेतर कार्रवाई की जाएगी। (च) यदि ग़ैर मज़रूआ मालिक भूमि किसी रैयत को सरकार द्वारा बन्दोवस्त है और उसके इतर किसी अन्य रैयत का दख़ल क़ब्ज़ा है, तो बन्दोबस्ती अहस्तांतरणीय होने के कारण उक्त रैयत का रैयती दावा मान्य नहीं किया जाएगा।

(छ) गै़र मज़रूआ मालिक भूमि की श्रेणी के बाहर आनेवाली बिहार सरकार की भूमि (ग़ैर मज़रूआ आम छोड़कर) के सम्बन्ध में उपरोक्त कंडिकाओं के अनुसार ही कार्रवाई की जाएगी।

(ज) गैरमजरूआ एवं बकाश्त के संदर्भ में समाहर्त्ता स्तर पर सकारण आदेश पारित किया जायेगा। स्पष्टीकरण :- सरकार द्वारा बन्दोवस्त भूमि अहस्तांतरणीय होती है। बन्दोवस्तधारी/उनके उत्तराधिकारी के अतिरिक्त किसी अन्य रैयत के दख़ल क़ब्जे़ में ऐसी भूमि पर रैयती दावा मान्य नहीं होगा। आदेश ः-आदेश दिया जाता है कि इस संकल्प को बिहार राजपत्र के असाधारण अंक में सर्वसाधारण के सूचनार्थ प्रकाशित किया जाय।

बिहार-राज्यपाल के आदेष से, व्यास जी, सरकार के प्रधान सचिव।

————— अधी+क, सिचवालय मुिणालय,

(cid:1)बहार, पटना (cid:13)ारा ूकािशत एवं मु0ित। (cid:1)बहार गजट (असाधारण) 924-571+1500-ड)0ट)0पी0। Website: http://egazette.bih.nic.in

Cite this issue. Bihar Gazette, Government of Bihar, 11 November 2014. Indian Gazettes, https://egazette.servantsofknowledge.in/details/in.gov.bih.gazette.2014-11-11.924/. Archive identifier in.gov.bih.gazette.2014-11-11.924.