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पटनापटनापटनापटना, , , , मंगलवारमंगलवारमंगलवारमंगलवार, , , , 18181818 नव)बनव)बनव)बनव)बरररर 2014201420142014 सं0 14/विविध-06/06—1150(14) स्वास्थ्य विभाग ------- संकल्प 10 अक्तूबर 2014
विषयः-बिहार न्यायिक सेवा के
यों को चिकित्सा की स्वीकृति एवं बिहार न्यायिक सेवा के सेवारत और सेवानिवृत पदाधिकारियों को चिकित्सा की स्वीकृति एवं प्रतिपूर्ति संबंधी प्रक्रिया का सरलीकरण करने के संबंध में । प्रतिपूर्ति संबंधी प्रक्रिया का सरलीकरण करने के संबंध में ।
कार के निर्गत विभिन्न बिहार न्यायिक सेवा के पदाधिकारियों को चिकित्सा सुविधा के संबंध में राज्य सरकार के निर्गत विभिन्न बिहार न्यायिक सेवा के पदाधिकारियों को चिकित्सा सुविधा के संबंध में राज्य सर
संकल्पों द्वारा अधिसूचित है :-
(i) स्वास्थ्य विभागीय संकल्प सं0-94(14) दिनांक
वभागीय संकल्प सं0-94(14) दिनांक 07.02.07 द्वारा राज्य के न्यायिक सेवा के पदाधिकारियों 07 द्वारा राज्य के न्यायिक सेवा के पदाधिकारियों ै जिसमें संकल्प सं0-1070(14) को चिकित्सा व्यय की प्रतिपूर्ति की सुविधा उपलब्ध कराने के प्रावधान निरूपित हैं जिसमें संकल्प सं0-1070(14) को चिकित्सा व्यय की प्रतिपूर्ति की सुविधा उपलब्ध कराने के प्रावधान निरूपित हं दिनांक 20.05.06 एवं 1182(14) दिनांक
06 एवं 1182(14) दिनांक 02.06.06 में अंकित प्रावधानों का अनुपालन आवश्यक बताया गया हैै।
06 में अंकित प्रावधानों का अनुपालन आवश्यक बताया गया हैै। (ii) स्वास्थ्य विभाग के संकल्प सं0-611(14) दिनांक विभाग के संकल्प सं0-611(14) दिनांक 01.06.09 द्वारा शेट्टी आयोग की अनुशंसा के आलोक में 09 द्वारा शेट्टी आयोग की अनुशंसा के आलोक में ाानमंडल के सदस्यों को प्राप्त चिकित्सा सुविधा न्यायिक सेवा के पदाधिकारियों एवं उनके पति/पत्नी को राज्य के विध् न्यायिक सेवा के पदाधिकारियों एवं उनके पति/पत्नी को राज्य के विधानमंडल के सदस्यों को प्राप्त चिकित्सा सुविधा के समकक्ष चिकित्सा सुविधा उपलब्ध कराये जाने का निर्णय भी अधिसूचित है। के समकक्ष चिकित्सा सुविधा उपलब्ध कराये जाने का निर्णय भी अधिसूचित है।
(iii) पुनः स्वास्थ्य विभाग के संकल्प संख्या 511 (14) दिनांक 15 2013 के द्वारा न्यायिक सेवा के पुनः स्वास्थ्य विभाग के संकल्प संख्या 511 (14) दिनांक 15.05.2013 के द्वारा न्यायिक सेवा के पदाधिकारियों के परिवार से तात्पर्य उनके पति/पत्नी, और उनपर पूर्णतः आश्रित माता-पिता, अविवाहित बच्चे एवं पदाधिकारियों के परिवार से तात्पर्य उनके पति/पत्नी, और उनपर पूर्णतः आश्रित माता-पिता, अविवाहित बच्चे एवं सौतेले बच्चे (उम्र सीमा 25 वर्ष) अधिसूचित किया गया है। साथ ही साथ राज्य न्यायिक सेवा के सेवानिवृत सौतेले बच्चे (उम्र सीमा 25 वर्ष) अधिसूचित किया गया है। साथ ही साथ राज्य न्यायिक सेवा के सेवानिवृत सौतेले बच्चे (उम्र सीमा 25 वर्ष) अधिसूचित किया गया है। साथ ही साथ राज्य न्यायिक सेवा के सेवानिवृत पदाधिकारियों को भी सेवारत पदाधिकारियों के समान चिकित्सा व्यय की प्रतिपूत्र्ति किया जाना तथा सेवानिवृत्त न्यायिक पदाधिकारियों को भी सेवारत पदाधिकारियों के समान चिकित्सा व्यय की प्रतिपूत्र्ति किया जाना तथा सेवानिवृत्त पदाधिकारियों को भी सेवारत पदाधिकारियों के समान चिकित्सा व्यय की प्रतिपूत्र्ति किया जाना तथा सेवानिवृत्त पदाधिकारियों की प्रतिपूत्र्ति विधि विभाग के माध्यम से किया जाना अधिसूचित है। पदाधिकारियों की प्रतिपूत्र्ति विधि विभाग के माध्यम से किया जाना अधिसूचित है। 02.06.06 में निरूपित प्रावधानों के आलोक में 20,001 रु0 से 2,00,000 रु0 तक के चिकित्सा व्यय की प्रतिपूर्ति की शक्ति न्यायिक सेवा प्रावधानों के आलोक में 20,001 रु0 से 2,00,000 रु0 तक के चिकित्सा व्यय की प्रतिपूर्ति की शक्ति न्यायिक सेवा प्रावधानों के आलोक में 20,001 रु0 से 2,00,000 रु0 तक के चिकित्सा व्यय की प्रतिपूर्ति की शक्ति न्यायिक सेवा पदाधिकारियों के संबंधी प्रशासी विभाग (सामान्य प्रशासन विभाग) को प्रदत्त है। इसी प्रकार राज्य के पदाधिकारियों के संबंधी प्रशासी विभाग (सामान्य प्रशासन विभाग) को प्रदत्त है। इसी प्रकार राज्य के बाहर चिकित्सा पदाधिकारियों के संबंधी प्रशासी विभाग (सामान्य प्रशासन विभाग) को प्रदत्त है। इसी प्रकार राज्य के संस्थान में चिकित्सा, जिसकी अनुमति नियंत्री प्राधिकार द्वारा दी जाती है, के पश्चात प्रत्येक चेकअप के पूर्व स्वीकृति संस्थान में चिकित्सा, जिसकी अनुमति नियंत्री प्राधिकार द्वारा दी जाती है, के पश्चात प्रत्येक चेकअप के पूर्व स्वीकृति संस्थान में चिकित्सा, जिसकी अनुमति नियंत्री प्राधिकार द्वारा दी जाती है, के पश्चात प्रत्येक चेकअप के पूर्व स्वीकृति2 (cid:1)बहार गजट (असाधारण), 18181818 नव)बनव)बनव)बनव)बर र र र 2014201420142014 प्रशासी विभाग के प्रधान सचिव/सचिव द्वारा दिये जाने का प्रावधान है। इसी प्रकार चिकित्सा अग्रिम (प्राक्कलित राशि की 80 प्रतिशत) की स्वीकृति की शक्ति भी न्यायिक सेवा के प्रशासी विभाग के प्रधान सचिव/सचिव को प्रदत्त है। 4. राज्य के न्यायिक पदाधिकारियों को चिकित्सा प्रतिपूर्ति शेट्टी कमिशन की अनुशंसा के आलोक मेें माननीय सर्वोच्च न्यायालय द्वारा पारित न्यायादेश के आलोक में स्वीकृत किया गया है, जिसके अनुसार " The Principal District Judge should be notified as the Competent Authority for passing the bill for reimbursement of medical attendance and expenses of Judicial Officers under him and in case of District Judges the High Court should be the Sanctioning Authority."
5. चिकित्सा प्रतिपूर्ति से संबंधित माननीय सर्वोच्च न्यायालय द्वारा स्वीकृत शेट्टी कमीशन की अनुशंसा तथा उपर्युक्त संकल्पों के कतिपय पारस्परिक विरोधाभासों/अस्पष्टताओं को दूर करने हेतु चिकित्सा प्रतिपूर्ति की प्रक्रिया को सरलीकरण के उद्देश्य से उपर्युक्त संकल्पों के प्रावधानों को निम्न रूपेण संशोधित किये गये हैः- (क) चिकित्सा स्वीकृति प्राधिकार :-
जिला एवं सत्र न्यायाधीश अपने अधीनस्थ बिहार न्यायिक सेवा के सभी पदाधिकारियों को राज्य के अन्दर/ बाहर के चिकित्सा से संबंधित दो लाख रूपये तक के चिकित्सा विपत्रों एवं अभिश्रवों की प्रतिपूर्ति हेतु मंजूरी प्राधिकार होगें, जबकि जिला एवं सत्र न्यायाधीश के संबंध में उच्च न्यायालय, पटना उनके मंजूरी प्राधिकार होगें (ii) विभागों में पदस्थापित न्यायिक सेवा के पदाधिकारियों के चिकित्सा की मंजूरी प्राधिकार संबंधित विभाग के प्रधान सचिव/सचिव होगे। (iii) माननीय पटना उच्च न्यायालय में पदस्थापित न्यायिक सेवा के पदाधिकारियों के राज्य के अन्दर/बाहर के चिकित्सा से संबंधित दो लाख रूपये तक की चिकित्सा व्यय की प्रतिपूर्ति की शक्ति उनके नियंत्री प्राधिकार (महानिबंधक, उच्च न्यायालय, पटना) को प्रदान की जाती है। उच्च न्यायालय के महानिबंधक का चिकित्सा स्वीकृति प्राधिकार उच्च न्यायालय, पटना के मुख्य न्यायाधीश या उनके द्वारा प्राधिकृत न्यायाधीश होगे। उपरोक्त सभी मामलों में दो लाख रूपये से अधिक राशि के चिकित्सा विपत्रों को वित्त विभाग की सहमति से विधि विभाग द्वारा पारित किया जायेगा। (ख) चिकित्सकीय अनुशंसा :-
राज्य के मेडिकल कॉलेज अस्पताल के विभागाध्यक्ष (संबंधित रोग के)/संबंधित जिले के सिविल सर्जन (जहाँ मेडिकल कॉलेज अस्पताल नहीं है) की अनुशंसा पर राज्य से बाहर बहिर्वासी/अंतर्वासी चिकित्सा कराने की अनुमति ऊपर कंडिका 5(क) में उल्लिखित मंजूरी प्राधिकार द्वारा दी जाएगी। (ग) विपत्रों की अनुमान्यता :-
राज्य के न्यायिक सेवा के पदाधिकारियों तथा उनके परिवार के सदस्यों की चिकित्सा प्रतिपूर्ति संबंधी विपत्रों की अनुमान्यता एवं शुद्धता की जाँच राज्य के सभी मेडिकल कॉलेज अस्पताल के अधीक्षक/संबंधित जिले के सिविल सर्जन द्वारा की जाएगी। संबंधित अधीक्षक/ सिविल सर्जन ऊपर कंडिका 5(क) में उल्लिखित संबंधित मंजूरी प्राधिकार को जाँचोपरांत उसे वापस लौटायेगेेंं, जहाँ नियमानुसार उनके भुगतान की कार्रवाई की जाएगी। (घ) राज्य के बाहर आवास/पदस्थापन होने की स्थिति में प्रक्रिया :-
न्यायिक सेवा के वैसे पदाधिकारी, जो बिहार से बाहर पदस्थापित हैं या जिनके परिवार के सदस्य राज्य के बाहर निवास करते हैं, उन्हें तथा उनके परिवार के सदस्यों को राज्य के मेडिकल कॉलेज अस्पताल के विभागाध्यक्ष/सिविल सर्जन से रेफर कराने की आवश्यकता नहीं होगी। ऐसे न्यायिक पदाधिकारी पदस्थापन/निवास स्थान के सी0 जी0 एच0 एस0 से मान्यता प्राप्त अस्पताल/सरकारी अस्पतालों में चिकित्सा करा लेंगे तथा इसकी सूचना अपने मंजूरी प्राधिकार को तत्काल किसी माध्यम से देंगे। कंडिका 5(क) में उल्लिखित मंजूरी प्राधिकारी द्वारा ऐसे इलाज की घटनोत्तर स्वीकृति प्रदान की जाएगी तथा विपत्रों की प्रतिपूत्र्ति उपर्युक्त प्रक्रिया के अनुसार की जाएगी। चिकित्सा के उपरान्त संबंधित चिकित्सा संस्थान के परामर्श पर प्रत्येक चेकअप की पूर्वानुमति/घटनोत्तर स्वीकृति कंडिका 5(क) में अंकित संबंधित मंजूरी प्राधिकार द्वारा दी जाएगी तथा विपत्रों की प्रतिपूत्र्ति उपर्युक्तानुसार की जाएगी। (ङ) चिकित्सा अग्रिम :-
राज्य के अन्दर/बाहर सरकारी अस्पतालों/सी0जी0एच0एस0 द्वारा मान्यता प्राप्त अस्पतालों/राज्य सरकार द्वारा मान्यता प्राप्त अस्पतालों में अंर्तवासी चिकित्सा के लिए संबंधित संस्थान के प्राक्कलन के आधार पर 80 प्रतिशत तक चिकित्सा अग्रिम की राशि, अधिकतम 2,00,000/-रूपये तक, की स्वीकृति कंडिका 5(क) के प्रावधानुसार संबंधित मंजूरी प्राधिकार के द्वारा दी जायेगी। 2,00,000/- रूपये से अधिक चिकित्सा अग्रिम की स्वीकृति विा विभाग की सहमति से विधि विभाग द्वारा दी जायेगी। चिकित्सा अग्रिम की निकासी एवं भुगतान का अधिकार संबंधित पदाधिकारी के वेतनादि की निकासी हेतु अधिकृत निकासी एवं व्ययन पदाधिकारी होगे। (च) बहिर्वासी चिकित्सा व्यय की प्रतिपूर्ति :-
न्यायिक सेवा के पदाधिकारियों तथा उनके परिवार के सदस्यों के बर्हिवासी चिकित्सा की प्रतिपूर्ति स्वास्थ्य विभाग के संकल्प सं0-1977(14) दिनांक 14.08.06 के अनुरूप देय होगी। राज्य के अंदर बहिर्वासी चिकित्सा के क्रम में दवा पर हुए व्यय की प्रतिपूर्ति चिकित्सा करने वाले सरकारी चिकित्सक (Authorised3 (cid:1)बहार गजट (असाधारण), 18181818 नव)बनव)बनव)बनव)बर र र र 2014201420142014 Medical Attendant) के प्रतिहस्ताक्षर के बाद उपर कंडिका 5(क) में अंकित प्राधिकारी द्वारा निर्गत किया जायेगा। (छ) गैर-मान्यता प्राप्त अस्पतालों में चिकित्सा :-
राज्य के अन्दर तथा बाहर सरकारी अस्पतालों/सी0जी0एच0एस0 द्वारा मान्यता प्राप्त अस्पतालों/राज्य सरकार द्वारा इस हेतु मान्यता प्राप्त अस्पतालों में चिकित्सा नहीं कराने की स्थिति में चिकित्सा प्रतिपूर्ति, सी0जी0एच0एस0 द्वारा मान्यता प्राप्त अस्पतालों के पैकेज दर पर, उपर्युक्त प्रावधानों के अनुसार, अनुमान्य होगा। 6. न्यायिक पदाधिकारियों के मामले में स्वास्थ्य विभागीय संकल्प सं0-809(14) दिनांक 06.07.09, संकल्प सं0-611(14) दिनांक 01.06.09 तथा संकल्प सं0-94(14) दिनांक 07.02.07 के आलोक में यदि उपरोक्त प्रावधानों के कार्यान्वयन में किसी प्रकार की कठिनाई/अस्पष्टता उत्पन्न होती है, तो स्वास्थ्य विभाग द्वारा वित्त विभाग का परामर्श प्राप्त कर स्पष्टीकरण निर्गत किया जा सकेगा।
7. स्वास्थ्य विभाग के संकल्प सं0-94(14) दिनांक 02.07.07 संकल्प सं0-1070(14) दिनांक 20.05.06 परिपत्र सं0 1182(14) दिनांक 02.06.06 को न्यायिक पदाधिकारीयों के मामलों में इस हद तक संशोधित समझा जाय। उक्त संकल्पों की शेष कंडिकाएॅं यथावत रहेंगी। आदेश- इस संकल्प को बिहार राजपत्र के अगामी असाधरण अंक में जानकारी हेतु प्रकाशित किया जाय साथ ही इसकी 500(पांच सौ) प्रतियां विधि विभाग को शीघ्र उपलब्ध करायी जाय।
बिहार-राज्यपाल के आदेश से, सुरेश कुमार शर्मा, सरकार के संयुक्त सचिव।
————— अधी-क, सिचवालय मुिणालय,
(cid:1)बहार, पटना (cid:13)ारा ूकािशत एवं मु2ित। (cid:1)बहार गजट (असाधारण) 934-571+500-ड+0ट+0पी0। Website: http://egazette.bih.nic.in