Servants of Knowledge
Bihar Gazette · Government of Bihar

Bihar Gazette, 19 November 2014

Published 19 November 2014

Type
Extra Ordinary
Identifier
in.gov.bih.gazette.2014-11-19.945
Languages
English, Hindi

click here for IIIF manifest

िनबंधन सं(cid:27)या पी0ट*0-40 िनबंधन सं(cid:27)या

(cid:1)बहार(cid:1)बहार(cid:1)बहार(cid:1)बहार गजटगजटगजटगजट

(cid:1)बहार(cid:1)बहार(cid:1)बहार(cid:1)बहार

असाधारण अंकअसाधारण अंकअसाधारण अंकअसाधारण अंक असाधारण अंकअसाधारण अंकअसाधारण अंकअसाधारण अंक (cid:1)बहार सरकार (cid:13)ारा ूकािशत(cid:1)बहार सरकार (cid:13)ारा ूकािशत(cid:1)बहार सरकार (cid:13)ारा ूकािशत(cid:1)बहार सरकार (cid:13)ारा ूकािशत (cid:1)बहार सरकार (cid:13)ारा ूकािशत(cid:1)बहार सरकार (cid:13)ारा ूकािशत(cid:1)बहार सरकार (cid:13)ारा ूकािशत(cid:1)बहार सरकार (cid:13)ारा ूकािशत (cid:1)बहार सरकार (cid:13)ारा ूकािशत(cid:1)बहार सरकार (cid:13)ारा ूकािशत(cid:1)बहार सरकार (cid:13)ारा ूकािशत(cid:1)बहार सरकार (cid:13)ारा ूकािशत 28282828 काित!ककाित!ककाित!ककाित!क 1936 1936 1936 1936 ((((शशशश0000))))

((((संसंसंसं0 0 0 0 पटना पटना पटना पटना 945945945945) ) ) ) पटनापटनापटनापटना

पटनापटनापटनापटना, , , , बुधवारबुधवारबुधवारबुधवार, , , , 19191919 नव(बनव(बनव(बनव(बरररर 2014201420142014 सं0 08/आरोप-01-223/2014,सा॰प्र॰-14381 सं0

सामान्य प्रशासन विभाग

--------

संकल्प

17 अक्तूबर 2014

श्री रविश किशोर, (बि॰प्र॰से॰) कोटि क्रमांक-1015/11, तत्कालीन अंचलाधिकारी -सह-प्रखंड विकास श्री रविश किशोर, (बि॰प्र॰से॰) कोटि क्रमांक-1015/11, तत्कालीन अंचलाधिकारी -सह-प्रखंड विकास श्री रविश किशोर, (बि॰प्र॰से॰) कोटि क्रमांक-1015/11, तत्कालीन अंचलाधिकारी -सह-प्रखंड विकास वरीय उप समाहर्त्ता, बेगुसराय के विरूद्ध अतिक्रमण हटाये जाने के मामले में भ्रामक पदाधिकारी, अंधराठाढ़ी सम्प्रति वरीय उप समाहर्त्ता, बेगुसराय के विरूद्ध अतिक्रमण हटाये जाने के मामले में भ्रामक वरीय उप समाहर्त्ता, बेगुसराय के विरूद्ध अतिक्रमण हटाये जाने के मामले में भ्रामक प्रतिवेदन देने के लिए जिला पदाधिकारी, मधुबनी द्वारा गठित आरोप प्रपत्र 'क' राजस्व एवं भूमि सुधार विभाग, बिहार, प्रतिवेदन देने के लिए जिला पदाधिकारी, मधुबनी द्वारा गठित आरोप प्रपत्र 'क' राजस्व एवं भूमि सुधार विभाग, बिहार, प्रतिवेदन देने के लिए जिला पदाधिकारी, मधुबनी द्वारा गठित आरोप प्रपत्र 'क' राजस्व एवं भूमि सुधार विभाग, बिहार, पटना के पत्रांक-314, दिनांक 21.03.2013 के माध्यम से प्राप्त हुआ।

2013 के माध्यम से प्राप्त हुआ।

प्राप्त आरोप पत्र के आधार पर श्री किशोर से ि

2013 द्वारा स्पष्टीकरण ोप पत्र के आधार पर श्री किशोर से विभागीय पत्रांक-8540, दिनांक 30.05.2013 द्वारा स्पष्टीकरण

2013 द्वारा समर्पित स्पष्टीकरण में मूल रूप में की माँग की गयी। श्री किशोर ने अपने पत्रांक-1282, दिनांक 13.06.2013 द्वारा समर्पित स्पष्टीकरण में मूल रूप में की माँग की गयी। श्री किशोर ने अपने पत्रांक-1282, दिनांक 13

अंकित किया कि दिनांक 24.11.2008 को प्रेषित प्रतिवेदन राजस्व कर्मचारी के प्रतिवेदन पर आधारित था। पुनः जब उन्हें 2008 को प्रेषित प्रतिवेदन राजस्व कर्मचारी के प्रतिवेदन पर आधारित था। पुनः जब उन्हें अतिक्रमण किये जाने का प्रतिवेदन मिला तो पुनः सभी ग्रामीणों के समक्ष ही अतिक्रमण खाली करवा दिया लेकिन पुनः अतिक्रमण किये जाने का प्रतिवेदन मिला तो पुनः सभी ग्रामीणों के समक्ष ही अतिक्रमण खाली करवा दिया लेकिन पुनः अतिक्रमण किये जाने का प्रतिवेदन मिला तो पुनः सभी ग्रामीणों के समक्ष ही अतिक्रमण खाली करवा दिया लेकिन पुनः अतिक्रमण कर लिया गया। अन्ततः दिनांक 30.01.2009 को प्रतिवादी के चाचा एवं ग्रामीणों के उपस्थिति में भ् अतिक्रमण कर लिया गया। अन्ततः दिनांक 30 2009 को प्रतिवादी के चाचा एवं ग्रामीणों के उपस्थिति में भूमि को अतिक्रमण मुक्त कराया गया। इस तरह उन पर लगाये गये उदंडता एवं अनुशासनहीनता का आरोप सही नहीं है। अतिक्रमण मुक्त कराया गया। इस तरह उन पर लगाये गये उदंडता एवं अनुशासनहीनता का आरोप सही नहीं है। अतिक्रमण मुक्त कराया गया। इस तरह उन पर लगाये गये उदंडता एवं अनुशासनहीनता का आरोप सही नहीं है। राजस्व एवं भूमि सुधार विभाग द्वारा श्री किशोर से पूछे गये स्पष्टीकरण पर प्रमंडलीय आयुक्त, दरभंगा का राजस्व एवं भूमि सुधार विभाग द्वारा श्री किशोर से पूछे गये स्पष्टीकरण पर प्रमंडलीय आयुक्त, दरभंगा का राजस्व एवं भूमि सुधार विभाग द्वारा श्री किशोर से पूछे गये स्पष्टीकरण पर प्रमंडलीय आयुक्त, दरभंगा का

ीय आयुक्त ने अपने मंतव्य में अंकित किया कि उच्चाधिकारी को मंतव्य जो प्रासंगिक पत्र के साथ प्राप्त हुआ में प्रमंडलीय आयुक्त ने अपने मंतव्य में अंकित किया कि उच्चाधिकारी को मंतव्य जो प्रासंगिक पत्र के साथ प्राप्त हुआ में प्रमंडलगुमराह करने अथवा अतिक्रमणकारियों को सहायता पहुँचाने का आरोप सिद्ध नहीं होता है, परन्तु आरोपित पदाधिकारी गुमराह करने अथवा अतिक्रमणकारियों को सहायता पहुँचाने का आरोप सिद्ध नहीं होता है, परन्तु आरोपित पदाधिकारी गुमराह करने अथवा अतिक्रमणकारियों को सहायता पहुँचाने का आरोप सिद्ध नहीं होता है, परन्तु आरोपित पदाधिकारी की लापरवाही स्पष्ट दिखती है कि स्वयं स्थल निरिक्षण किये बिना उच्चाधिकारी को प्रतिवेदन भेजा गया। की लापरवाही स्पष्ट दिखती है कि स्वयं स्थल निरिक्षण किये बिना उच्चाधिकारी को प्रतिवेदन भेजा की लापरवाही स्पष्ट दिखती है कि स्वयं स्थल निरिक्षण किये बिना उच्चाधिकारी को प्रतिवेदन भेजा 2 (cid:1)बहार गजट (असाधारण), 19191919 नव(बनव(बनव(बनव(बर र र र 2014201420142014 अनुशासनिक प्राधिकार द्वारा आरोपित पदाधिकारी के स्पष्टीकरण एवं प्रमंडलीय आयुक्त के मंतव्य पर सम्यक्‌ रूप से विचार किया गया जिससे यह स्पष्ट हुआ कि आरंभ में उनके द्वारा विषयांकित मामले को गंभीरता से नहीं लिया गया जिसके कारण बार-बार अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई करनी पड़ी और प्रतिवेदन भेजना पड़ा।

तद्‌आलोक में श्री किशोर को भविष्य के लिए चेतावनी देते हुए इस मामले को समाप्त करने का निर्णय लिया जाता है।

आदेश ः-आदेश दिया जाता है कि इस संकल्प की प्रति बिहार राजपत्र के अगले अंक में प्रकाशित किया जाय तथा इसकी प्रति सभी संबंधित को भेज दी जाय।

बिहार-राज्यपाल के आदेश से,

केशव कुमार सिंह,

सरकार के अपर सचिव।

—————

अधी,क, सिचवालय मुिणालय, (cid:1)बहार, पटना (cid:13)ारा ूकािशत एवं मु2ित। (cid:1)बहार गजट (असाधारण) 945-571+10-ड*0ट*0पी0। Website: http://egazette.bih.nic.in

Cite this issue. Bihar Gazette, Government of Bihar, 19 November 2014. Indian Gazettes, https://egazette.servantsofknowledge.in/details/in.gov.bih.gazette.2014-11-19.945/. Archive identifier in.gov.bih.gazette.2014-11-19.945.