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असाधारण अंकअसाधारण अंकअसाधारण अंकअसाधारण अंक असाधारण अंकअसाधारण अंकअसाधारण अंकअसाधारण अंक (cid:1)बहार सरकार (cid:13)ारा ूकािशत(cid:1)बहार सरकार (cid:13)ारा ूकािशत(cid:1)बहार सरकार (cid:13)ारा ूकािशत(cid:1)बहार सरकार (cid:13)ारा ूकािशत (cid:1)बहार सरकार (cid:13)ारा ूकािशत(cid:1)बहार सरकार (cid:13)ारा ूकािशत(cid:1)बहार सरकार (cid:13)ारा ूकािशत(cid:1)बहार सरकार (cid:13)ारा ूकािशत (cid:1)बहार सरकार (cid:13)ारा ूकािशत(cid:1)बहार सरकार (cid:13)ारा ूकािशत(cid:1)बहार सरकार (cid:13)ारा ूकािशत(cid:1)बहार सरकार (cid:13)ारा ूकािशत 26262626 अमहायणअमहायणअमहायणअमहायण 1936 1936 1936 1936 ((((शशशश0000))))
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पटनापटनापटनापटना, , , , बुधवारबुधवारबुधवारबुधवार, , , , 17171717 &दस(ब&दस(ब&दस(ब&दस(बरररर 2014201420142014 fcgkj jkT; /kkfeZd U;kl i"kZn~ fcgkj jkT; /kkfeZd U;kl i"kZn~ fo|kifr ekxZ] iVuk & 800001 &&&&&&&& अधिसूचअधिसूचअधिसूचअधिसूचनानानाना 7 vDrwcj 2014 सं0 907—श्री शंकर भगवान मंदिर (भुसौलवा मठ) ग्राम-भुसौलवा, पो0-राजपुर, थाना-केसरिया, श्री शंकर भगवान मंदिर (भुसौलवा मठ) ग्राम-भुसौलवा, पो0-राजपुर, थाना-केसरिया, श्री शंकर भगवान मंदिर (भुसौलवा मठ) ग्राम-भुसौलवा, पो0-राजपुर, थाना-केसरिया, अंचल-कल्याणपुर, जिला-पूर्वी चम्पारण पर्षद के अंतर्गत निबंधित एक सार्वजनिक धार्मिक न्यास है, जिसकी निबंधन अंचल-कल्याणपुर, जिला-पूर्वी चम्पारण पर्षद के अंतर्गत निबंधित एक सार्वजनिक धार्मिक न्यास है, जिसकी निबंधन अंचल-कल्याणपुर, जिला-पूर्वी चम्पारण पर्षद के अंतर्गत निबंधित एक सार्वजनिक धार्मिक न्यास है, जिसकी निबंधन संख्या-1134 है।
इस न्यास के महंत रामसुरत राम जी के स्वर्गवास के बाद पर्षदीय पत्रांक-1004 दिनांक इस न्यास के महंत रामसुरत राम जी के स्वर्गवास क े बाद पर्षदीय पत्रांक-1004 दिनांक 20.08.93 द्वारा अंचलाधिकारी कल्याणपुर को अस्थाई न्यासधारी बनाया गया था। उन्होंने मठ का प्रभार ग्रहण किया है, इसका कोई अंचलाधिकारी कल्याणपुर को अस्थाई न्यासधारी बनाया गया था। उन्होंने मठ का प्रभार ग्रहण किया है, इसका कोई अंचलाधिकारी कल्याणपुर को अस्थाई न्यासधारी बनाया गया था। उन्होंने मठ का प्रभार ग्रहण किया है, इसका कोई सूचना अभिलेख पर नहीं है। अधिनियम में सन् 2007 में हुए संषोधन के आलोक में अस्थाई न्यासधारी का कार्यकाल सूचना अभिलेख पर नहीं है। अधिनियम में सन् 2007 में हुए संषोधन के आलोक में अस्थाई न्यासधारी का कार्यकाल अधिकतम एक वर्ष को हो सकता है। इस प्रकार इस न्यास में रिक्ति है। पर्षद के अध्यक्ष विराट रामायण मंदिर निर्माण अधिकतम एक वर्ष को हो सकता है। इस प्रकार इस न्यास में रिक्ति है। पर्षद के अध्यक्ष विराट रामायण मंदिर निर्माण अधिकतम एक वर्ष को हो सकता है। इस प्रकार इस न्यास में रिक्ति है। पर्षद के अध्यक्ष विराट रामायण मंदिर निर्माण ों ने उनसे इस न्यास के कार्य एवं अन्य सबंद्ध कार्यो से बराबर मठ पोषक क्षेत्र में जाते रहे है, इस क्रम में स्थानीय लोगों ने उनसे इस न्यास के कार्य एवं अन्य सबंद्ध कार्यो से बराबर मठ पोषक क्षेत्र में जाते रहे है, इस क्रम में स्थानीय लोग सुचारू संचालन हेतु एक न्यास समिति के गठन का अनुरोध किया एवं न्यास समिति के लिए सदस्यों के नामो का सुचारू संचालन हेतु एक न्यास समिति के गठन का अनुरोध किया एवं न्यास समिति के लिए सदस्यों के नामो का सुचारू संचालन हेतु एक न्यास समिति के गठन का अनुरोध किया एवं न्यास समिति के लिए सदस्यों के नामो का सुझाव दिया।
उपर्युक्त परिस्थिति में न्यास सम्पत्तियों की सुरक्षा एवं सुव्यवस्था, सम्यक् संचालन एवं विकास हेतु एक योजना उपर्युक्त परिस्थिति में न्यास सम्पत्तियों की सुरक्षा एवं सुव्यवस्था, सम्यक् संचालन एवं विकास हेतु एक योजना उपर्युक्त परिस्थिति में न्यास सम्पत्तियों की सुरक्षा एवं सुव्यवस्था, सम्यक् संचालन एवं विकास हेतु एक योजना का निरूपण एवं उसके संचालन हेतु न्यास समिति का गठन आवष्यक प्रतीत होता है।
ालन हेतु न्यास समिति का गठन आवष्यक प्रतीत होता है।
अतः बिहार हिन्दू धार्मिक न्यास अधिनियम, 1950 की धारा-32 में बिहार राज्य धार्मिक न्यास पर्षद् को प्रदत्त अतः बिहार हिन्दू धार्मिक न्यास अधिनियम, 1950 की धारा-32 में बिहार राज्य धार्मिक न्यास पर्षद् को प्रदत्त अतः बिहार हिन्दू धार्मिक न्यास अधिनियम, 1950 की धारा-32 में बिहार राज्य धार्मिक न्यास पर्षद् को प्रदत्त अधिकार जो उपविधि सं0-43 (द) के तहत अध्यक्ष को प्राप्त है, का प्रयोग करते हुए श्री शंकर भगवान मंदिर (भुसा अधिकार जो उपविधि सं0-43 (द) के तहत अध्यक्ष को प्राप्त है, का प्रयोग करते हुए श्री शंकर भगवान मंदिर (भुसौलवा अधिकार जो उपविधि सं0-43 (द) के तहत अध्यक्ष को प्राप्त है, का प्रयोग करते हुए श्री शंकर भगवान मंदिर (भुसा मठ) ग्राम-भुसौलवा, पो0-राजपुर, थाना-केसरिया, अंचल-कल्याणपुर, जिला-पूर्वी चम्पारण की सम्पत्तियों की सुरक्षा, मठ) ग्राम-भुसौलवा, पो0-राजपुर, थाना-केसरिया, अंचल-कल्याणपुर, जिला-पूर्वी चम्पारण की सम्पत्तियों की सुरक्षा, मठ) ग्राम-भुसौलवा, पो0-राजपुर, थाना-केसरिया, अंचल-कल्याणपुर, जिला-पूर्वी चम्पारण की सम्पत्तियों की सुरक्षा, संरक्षण तथा सुप्रबंधन हेतु नीचे लिखे योजना का निरूपण किया जाता है तथा इसे मूर्त्त रूप देने के लिए एक न्यास संरक्षण तथा सुप्रबंधन हेतु नीचे लिखे योजना का निरूपण किया जाता है तथा इसे मूर्त्त रूप देने के लिए एक न्यास संरक्षण तथा सुप्रबंधन हेतु नीचे लिखे योजना का निरूपण किया जाता है तथा इसे मूर्त्त रूप देने के लिए एक न्यास समिति गठित की जाती है।
योजनायोजनायोजनायोजना 2 (cid:1)बहार गजट (असाधारण), 17171717 &दस(ब&दस(ब&दस(ब&दस(बर र र र 2014201420142014 2. इस न्यास समिति का मुख्य कर्त्तव्य न्यास की सम्पत्ति की सुरक्षा एवं सुसंचालन तथा मंदिर की परम्परा एवं आचारों के अनुकूल पूजा-पाठ एवं साधु-सेवा की समुचित व्यवस्था करना होगा। 3. न्यास की समस्त आय न्यास के नाम किसी राष्ट्रीयकृत बैंक में खाता खोलकर जमा किया जायेगा तथा सचिव और कोषाध्यक्ष के संयुक्त हस्ताक्षर से इसका संचालन होगा। 4. न्यास की आय-व्यय में आर्थिक शुचिता एवं पारदर्षिता रखना न्यास समिति की असली कसौटी होगी। 5. न्यास समिति अधिनियम एवं उप-विधि में वर्णित सभी नियमों का पालन करते हुए प्रतिवर्ष न्यास के आय-व्यय की विवरणी, अंकेक्षण प्रतिवेदन, कार्य वृत आदि सम्यक रूप से पर्षद् को प्रेषित करेगी।
6.... अध्यक्ष की अनुमति से सचिव न्यास समिति की बैठक आहूत करेंगे। न्यास समिति की बैठक प्रत्येक तिमाही में एक बार अवष्य बुलायी जायेगी और बैठक की कार्यवृत पर्षद् को प्रेषित की जायेगी।
7. न्यास समिति द्वारा कोई नयी योजना न्यास हित में आवष्यक समझा जायेगा तो इस हेतु निर्धारित विषेष बैठक में प्रस्ताव पारित कर पर्षद् को अनुमोदन के लिए भेजेगी।
8. न्यास समिति न्यास की अतिक्रमित/हस्तांतरित भूमि की वापसी के लिए समुचित वैधानिक कार्रवाई करेगी।
9. इस योजना में परिर्वतन, परिबर्धन या संषोधन तथा आकस्मिक रिक्तियों की पूर्ति का अधिकार पर्षद् में निहित होगा।
10. न्यास समिति के कोई सदस्य प्रत्यक्ष या परोक्ष रूप से न्यास से लाभ उठाते पाए जायेंगे या न्यास हित के प्रतिकुल कार्य करेंगे तो इस संबंध में उनसे स्पष्टीकरण प्राप्त कर समुचित कार्रवाई की जाएगी।
11. न्यास समिति के सदस्य की यदि कोई आपराधिक पृष्ठभूमि होगी या वे आपराधिक काण्ड में आरोप-पात्रित होंगे तो उनकी अर्हता स्वतः समाप्त हो जायेगी।
पर्षद् द्वारा निरूपित योजना को मूर्तरूप देने के लिए निम्नलिखित सदस्यों की न्यास समिति गठित की जाती है :-
(1) संत षिरोमणी पप्पु बाबा, गुरू नारद बाबा, भुसौलवा मठ, पो0-राजपुर, थाना-केसरिया - अध्यक्ष (2) श्री रामाकांत तिवारी पे0 श्री कृष्णानंद तिवारी, ग्राम-कैथवलिया, पो0-दरमाहा, थाना-कल्याणपुर - सचिव (3) श्री ओम प्रकाष सिंह पे0 श्री लक्ष्मी नारायण सिंह, ग्राम-भुसौलवा - कोषाध्यक्ष (4) श्री राजेष्वर सिंह, पे0 श्री शारदानंद सिंह, ग्राम-भुसौलवा, थाना-केसरिया - सदस्य (5) श्री विरेन्द्र सिह पे0 स्व0 हरिनन्दन प्रसाद सिंह, ग्राम-भुसौलवा - सदस्य (6) श्री रामअनुप सिंह पे0 श्री नवल सिंह, ग्राम-भुसौलवा - सदस्य (7) श्री अरूण सिंह पे0 स्व0 नारद सिंह, ग्राम-भुसौलवा - सदस्य (8) डाँ0 प्रमोद कुमार पटेल पे0 षिवनाथ राय, ग्राम-विषुनपुर, पो0-दरमाहा, थाना-केसरिया - सदस्य (9) श्री देवेन्द्र राम पे0 श्री जोगी राम, ग्राम-भुसौलवा - सदस्य इस न्यास समिति का कार्यकाल दिनांक 15.10.2014 से पॉच वर्ष का होगा। एक वर्ष के बाद इसके कार्यो की समीक्षा की जायेगी और संतोषप्रद पाये जाने पर कार्यकाल की निरन्तरता कायम रहेगी।
आदेश से,आदेश से,आदेश से,आदेश से, किषोर कुणाल,किषोर कुणाल,किषोर कुणाल,किषोर कुणाल, अध्यक्ष।
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अधी-क, सिचवालय मुिणालय, (cid:1)बहार, पटना (cid:13)ारा ूकािशत एवं मु&ित। (cid:1)बहार गजट (असाधारण) 1032-571+10-ड+0ट+0पी0। Website: http://egazette.bih.nic.in