िनबंधन सं(cid:27)या पी0ट+0-40 िनबंधन सं(cid:27)या (cid:1)बहार(cid:1)बहार(cid:1)बहार(cid:1)बहार गजटगजटगजटगजट (cid:1)बहार(cid:1)बहार(cid:1)बहार(cid:1)बहार
असाधारण अंकअसाधारण अंकअसाधारण अंकअसाधारण अंक असाधारण अंकअसाधारण अंकअसाधारण अंकअसाधारण अंक (cid:1)बहार सरकार (cid:13)ारा ूकािशत(cid:1)बहार सरकार (cid:13)ारा ूकािशत(cid:1)बहार सरकार (cid:13)ारा ूकािशत(cid:1)बहार सरकार (cid:13)ारा ूकािशत (cid:1)बहार सरकार (cid:13)ारा ूकािशत(cid:1)बहार सरकार (cid:13)ारा ूकािशत(cid:1)बहार सरकार (cid:13)ारा ूकािशत(cid:1)बहार सरकार (cid:13)ारा ूकािशत (cid:1)बहार सरकार (cid:13)ारा ूकािशत(cid:1)बहार सरकार (cid:13)ारा ूकािशत(cid:1)बहार सरकार (cid:13)ारा ूकािशत(cid:1)बहार सरकार (cid:13)ारा ूकािशत 26262626 अमहायणअमहायणअमहायणअमहायण 1936 1936 1936 1936 ((((शशशश0000))))
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पटनापटनापटनापटना, , , , बुधवारबुधवारबुधवारबुधवार, , , , 17171717 &दस(ब&दस(ब&दस(ब&दस(बरररर 2014201420142014 fcgkj jkT; /kkfeZd U;kl i"kZn~ fcgkj jkT; /kkfeZd U;kl i"kZn~ fo|kifr ekxZ] iVuk & 800001 &&&&&&&& अधिसूचअधिसूचअधिसूचअधिसूचनानानाना 9 vDrwcj 2014 सत्यनाम कबीरपंथी मठ, निराला नगर, नहर पर, दीघा घाट बिहार राज्य धार्मिक पटना जिलान्तर्गत सत्यनाम कबीरपंथी मठ, निराला नगर, नहर पर, दीघा घाट सत्यनाम कबीरपंथी मठ, निराला नगर, नहर पर, दीघा घाट सत्यनाम कबीरपंथी मठ, निराला नगर, नहर पर, दीघा घाट सत्यनाम कबीरपंथी मठ, निराला नगर, नहर पर, दीघा घाट सत्यनाम कबीरपंथी मठ, निराला नगर, नहर पर, दीघा घाट सत्यनाम कबीरपंथी मठ, निराला नगर, नहर पर, दीघा घाट सत्यनाम कबीरपंथी मठ, निराला नगर, नहर पर, दीघा घाट
सं0 921—पटना जिलान्तर्गत न्यास पर्षद के तहत निबंधित एक सार्वजनिक धार्मिक न्यास है, जिसकी निबंधन सं0-2346 है। न्यास पर्षद के तहत निबंधित एक सार्वजनिक धाि कबीरपंथी मठ है, जिसमें बाबा नत्थु दास, महंत कमल दास, महंत राम सज्जन यह एक सार्वजनिक प्राचीन कबीरपंथी मठ है, जिसमें बाबा नत्थु दास, महंत कमल दास, महंत राम सज्जन यह एक सार्वजनिक प्राचीन दास कबीरपंथी परम्परा के अनुसार अपने दायित्वों का निर्वहन करते रहे हैं। इसी क्रम में वर्त्तमान में इस न्यास के महंत दास कबीरपंथी परम्परा के अनुसार अपने दायित्वों का निर्वहन करते रहे हैं। इसी क्रम में वर्त्तमान में इस न्यास के महंत दास कबीरपंथी परम्परा के अनुसार अपने दायित्वों का निर्वहन करते रहे हैं। इसी क्रम में वर्त्तमान में इस न्यास के महंत राम दासजी हैं। इस मठ की संपत्ति के दुरूपयोग की सूचना पर्षद कार्यालय को पूर्व में मिलती रही है। इसी क्रम में राम दासजी हैं। इस मठ की संपत्ति के दुरूपयोग की सूचना पर्षद कार्यालय को पूर्व में मिलती रही है। इसी क्रम में पर्षद के जांच दल द्वारा मठ की भौतिक निरीक्षण किया गया, जिसमें यह पाया गया कि महंत राम दास द्वारा न्यास की पर्षद के जांच दल द्वारा मठ की भौतिक निरीक्षण किया गया, जिसमें यह पाया गया कि महंत राम दास द्वारा न्यास की पर्षद के जांच दल द्वारा मठ की भौतिक निरीक्षण किया गया, जिसमें यह पाया गया कि महंत राम दास द्वारा न्यास की सम्पत्तियों एवं आय का दुरूपयोग किया जा रहा है। इसका भवन जीर्ण-षीर्ण अवस्था में है। साथ ही वे लगातार सम्पत्तियों एवं आय का दुरूपयोग किया जा रहा है। इसका भवन जीर्ण-षीर्ण अवस्था में है। साथ ही वे लगातार सम्पत्तियों एवं आय का दुरूपयोग किया जा रहा है। इसका भवन जीर्ण-षीर्ण अवस्था में है। साथ ही वे लगातार हेलना कर रहे हैं। महंत रामदास जी न्यास से संबंधित आय-व्यय का विवरण, पर्षद शुल्क, हेलना कर रहे हैं। महंत रामदास जी न्यास से संबंधित आय-व्यय का विवरण, पर्षद शुल्क, पर्षदीय आदेषों की अवहेलना कर रहे हैं। महंत रामदास जी न्यास से संबंधित आय-व्यय का विवरण, पर्षद शुल्क, बजट आदि नहीं प्रस्तुत कर रहे हैं। मठ के अंदर अवस्थित समाधियों की स्थिति भी अत्यंत दयनीय पायी गयी। साथ बजट आदि नहीं प्रस्तुत कर रहे हैं। मठ के अंदर अवस्थित समाधियों की स्थिति भी अत्यंत दयनीय पायी गयी। साथ बजट आदि नहीं प्रस्तुत कर रहे हैं। मठ के अंदर अवस्थित समाधियों की स्थिति भी अत्यंत दयनीय पायी गयी। साथ ही मठ परिसर में महंत अपने परिवार के साथ रह रहे हैं और कबीरपंथी परम्पराओं का पालन करने में विफल रहे हैं। पराओं का पालन करने में विफल रहे हैं। ही मठ परिसर में महंत अपने परिवार के साथ रह रहे हैं और कबीरपंथी परम् रांत पर्षदीय पत्रांक-783, दिनांक 06/09/2014 इन्होंने भू-अर्जन से प्राप्त राषि का भी दुरूपयोग किया है। इसके उपरांत पर्षदीय पत्रांक-783, दिनांक इन्होंने भू-अर्जन से प्राप्त राषि का भी दुरूपयोग किया है। इसके उप ध में महंत रामदास जी ने दिनांक 12/09/14 को द्वारा महंत रामदासजी से स्पष्टीकरण की मांग की गयी। इस संबंध में महंत रामदास जी ने दिनांक द्वारा महंत रामदासजी से स्पष्टीकरण की मांग की गयी। इस संबं स्पष्टीकरण का उत्तर पर्षद कार्यालय में समर्पित किया तथा स्वयं को विभिन्न बिमारियों से ग्रस्त होने की सूचना दी। का उत्तर पर्षद कार्यालय में समर्पित किया तथा स्वयं को विभिन्न बिमारियों से ग्रस्त होने की सूचना दी। का उत्तर पर्षद कार्यालय में समर्पित किया तथा स्वयं को विभिन्न बिमारियों से ग्रस्त होने की सूचना दी। उन्होंने यह भी स्वीकार किया की भू-अर्जन से प्राप्त राषि का खर्च उनके इलाज, पूजा-पाठ तथा अन्य मद में हुआ है, उन्होंने यह भी स्वीकार किया की भू-अर्जन से प्राप्त राषि का खर्च उनके इलाज, पूजा-पाठ तथा अन्य मद में हुआ है, उन्होंने यह भी स्वीकार किया की भू-अर्जन से प्राप्त राषि का खर्च उनके इलाज, पूजा-पाठ तथा अन्य मद में हुआ है, जिसका ब्योरा वे शारीरिक रूप से स्वस्थ होने पर देगें। जिसका ब्योरा वे शारीरिक रूप से स्वस्थ होने पर दे
महंत राम दास ने न्यास की बहुमूल्य धर्मभूमि जो गंगा रेल-सह-सड़क पुल निर्माण परियोजनान्तर्गत के तहत महंत राम दास ने न्यास की बहुमूल्य धर्मभूमि जो गंगा रेल-सह-सड़क पुल निर्माण परियोजनान्तर्गत के तहत महंत राम दास ने न्यास की बहुमूल्य धर्मभूमि जो गंगा रेल-सह-सड़क पुल निर्माण परियोजनान्तर्गत के तहत अधिग्रहित की गई थी, जिसका मुआवजा जिला भू-अर्जन, शाखा, पटना के द्वारा 1,35,83,868/- रू0 भुगतान किया अधिग्रहित की गई थी, जिसका मुआवजा जिला भू-अर्जन, शाखा, पटना के द्वारा 1,35,83,868/- रू0 भुगतान किया अधिग्रहित की गई थी, जिसका मुआवजा जिला भू-अर्जन, शाखा, पटना के द्वारा 1,35,83,868/- रू0 भुगतान किया । जिला भू-अर्जन पदाधिकारी, पटना के पत्रांक- जाना था, कि भी सूचना पर्षद को देना उचित नहीं समझा। जिला भू-अर्जन पदाधिकारी, पटना जाना था, कि भी सूचना पर्षद को देना उचित नहीं समझा 01/09/2014 द्वारा उक्त राषि के भुगतान की जानकारी पर्षद को प्राप्त हुई। इस राषि के 1383/भू-अर्जन, दिनांक 01/09/2014 द्वारा उक्त राषि के भुगतान की जानकारी पर्षद को प्राप्त हुई। इस राषि के 01/09/2014 द्वारा उक्त राषि के भुगतान की जानकारी पर्षद को प्राप्त हुई। इस राषि के संरक्षण के लिए आवष्यक कार्रवाई की जा रही है। संरक्षण के लिए आवष्यक कार्रवाई की जा रही है।
त्तयों की सुरक्षा में महंत रामदास जी इस प्रकार यह स्पष्ट है कि वर्त्तमान में न्यास की व्यवस्था करने एवं सम्पत्तियों की सुरक्षा में महंत रामदास जी इस प्रकार यह स्पष्ट है कि वर्त्तमान में न्यास की व्यवस्था करने एवं सम्पि असफल सिद्ध हो रहे हैं। इस न्यास के सुचारू प्रबंधन एवं सम्यक विकास हेतु एक सषक्त न्यास समिति की असफल सिद्ध हो रहे हैं। इस न्यास के सुचारू प्रबंधन एवं सम्यक विकास हेतु एक सषक्त न्यास समिति की असफल सिद्ध हो रहे हैं। इस न्यास के सुचारू प्रबंधन एवं सम्यक विकास हेतु एक सषक्त न्यास समिति की आवष्यकता है, ताकि मठ का पुर्नःनिर्माण एवं न्यास संपत्तियों की रक्षा की जा सके। आवष्यकता है, ताकि मठ का पुर्नःनिर्माण एवं न्यास संपत्तियों की रक्षा की जा सके।2 (cid:1)बहार गजट (असाधारण), 17171717 &दस(ब&दस(ब&दस(ब&दस(बर र र र 2014201420142014 अतः बिहार हिन्दू धार्मिक न्यास अधिनियम, 1950 की धारा-32 के अन्तर्गत में धार्मिक न्यास पर्षद को प्रदत्त अधिकार, जो धार्मिक न्यास की उप विधि सं0-43 (द) के तहत अध्यक्ष को प्राप्त है, का प्रयोग करते हुए सत्यनाम सत्यनाम सत्यनाम सत्यनाम कबीरपंथी मठ, निराला नगर, नहर पर, दीघा घाट, पटना के सुचारू प्रबंधन, सम्पत्तियों की सुरक्षा तथा सम्यक विकास कबीरपंथी मठ, निराला नगर, नहर पर, दीघा घाट, पटना कबीरपंथी मठ, निराला नगर, नहर पर, दीघा घाट, पटना कबीरपंथी मठ, निराला नगर, नहर पर, दीघा घाट, पटना के लिए नीचे लिखे योजना का निरूपण तथा इसे मूर्त्त रूप देने के लिए एक न्यास समिति का गठन किया जाता है।
योजनायोजनायोजनायोजना
1. अधिनियम की धारा- 32 के तहत निरूपित इस योजना का नाम ''सत्यनाम कबीरपंथी मठ न्यास योजना, सत्यनाम कबीरपंथी मठ न्यास योजना, सत्यनाम कबीरपंथी मठ न्यास योजना, सत्यनाम कबीरपंथी मठ न्यास योजना, निराला नगर, नहर पर, दीघा घाट, पटना'' होगा तथा इसके कार्यान्वयन एवं संचालन के लिए गठित न्यास समिति का नाम ''सत्यनाम कबीरपंथी मठ न्यास समिति, सत्यनाम कबीरपंथी मठ न्यास समिति, सत्यनाम कबीरपंथी मठ न्यास समिति, सत्यनाम कबीरपंथी मठ न्यास समिति, निराला नगर, नहर पर, दीघा घाट, पटना'' जिसमें न्यास की समग्र चल-अचल संपत्ति के संधारण एवं संचालन का अधिकार निहित होगा।
2. इस न्यास समिति का मुख्य कर्त्तव्य न्यास की संपत्तियों की सुरक्षा एवं सुसंचालन तथा मंदिर की परम्परा एवं आचारों का पालन एवं साधु-सेवा की समुचित व्यवस्था करना होगा।
3. न्यास की समस्त आय, न्यास के नाम से किसी राष्ट्रीयकृत बैंक में खाता खोलकर जमा किया जायेगा तथा सचिव एवं कोषाध्यक्ष के संयुक्त हस्ताक्षर से इसका संचालन होगा।
4. न्यास की आय-व्यय में, आर्थिक शुचिता एवं पारदर्षिता रखना न्यास समिति की असली कसौटी होगा। 5. न्यास समिति अधिनियम एवं उप-विधि में वर्णित सभी नियमों का पालन करते हुए प्रतिवर्ष न्यास के बजट, आय-व्यय की विवरणी, पर्षद शुल्क, अंकेक्षण प्रतिवेदन, कार्यवृत आदि सम्यक रूप से पर्षद को प्रेषित करेगी। 6. अध्यक्ष की अनुमति से सचिव न्यास समिति की बैठक आहुत करेंगे। न्यास समिति की बैठक प्रत्येक तिमाही में एक बार अवष्य बुलायी जायेगी और बैठक की कार्यवृत पर्षद को प्रेषित की जायेगी।
7. न्यास समिति द्वारा कोई नयी योजना न्यास हित में आवष्यक समझी जाय, तो इस हेतु निर्धारित विषेष बैठक में प्रस्ताव पारित कर पर्षद के अनुमोदन के लिए भेजेगी।
8. न्यास समिति न्यास की अतिक्रमित/हस्तांरित भूमि ''यदि कोई हो तो'', उसकी वापसी के लिए समुचित वैधानिक कार्रवाई करेगी।
9. इस योजना में परिवर्त्तन, परिवर्द्धन या संषोधन तथा आकस्मिक रिक्तियों की पूर्ति का अधिकार पर्षद में निहित होगा।
10. न्यास समिति के कोई सदस्य प्रत्यक्ष या परोक्ष रूप से न्यास से लाभ उठाते पाये जायेगें या न्यास हित के प्रतिकुल कार्य करेंगे, तो इस संबंध में उनसे स्पष्टीकरण प्राप्त कर समुचित कार्रवाई की जाएगी।
11. न्यास समिति के सदस्य की यदि कोई आपराधिक पृष्ठभूमि होगा या वे आपराधिक काण्ड में आरोप-पात्रित होंगे तो, उनकी अर्हता स्वतः समाप्त हो जायेगी।
12. इस न्यास से संबंधित बैंक खाता सं0-10713458208, भारतीय स्टेट बैंक ऑफ इण्डिया, दीघा घाट, पटना के खाता का संचालन न्यास समिति के सचिव एवं कोषाध्यक्ष के संयुक्त हस्ताक्षर से किया जा सकेगा। न्यास से संबंधित उपरोक्त खाता में संचालक महंत रामदास के स्थान पर न्यास समिति के सचिव एवं कोषाध्यक्ष का नाम प्रतिस्थापित किया जायेगा।
13. महंत रामदास जी न्यास से संबंधित सभी आध्यात्मिक एवं धार्मिक आचारों एवं कबीर परम्परा के सभी दायित्वों का निर्वहन करेंगे तथा न्यास समिति न्यास से संबंधित सभी लौकिक कार्यों यथा-न्यास की व्यवस्था, संचालन, विकास से संबंधित कार्य करेगी।
उपर्युक्त योजना को मूर्त्त रूप देने के लिए निम्नलिखित व्यक्तियों की एक न्यास समिति गठित की जाती हैः- (1) अनुमण्डल पदाधिकारी, दानापुर, जिला- पटना - अध्यक्ष (2) श्री सोनू सिंह मो0- 9431074 - सचिव पिता- विनोद सिंह, रामजी चक, कॉपरेटिव, समुदाय भवन, पटना (3) श्री रॉकी कुमार - कोषाध्यक्ष पिता- उमेष गुप्ता, रामजी चक, बाटा शोरूम के सामने, पटना (5) श्री शैलेष कुमार , मो0- 9431224995 - सदस्य पिता- बालेष्वर दास, रामजी चक, ब्रहम स्थान गली, पटना (6) श्री कमल किषोर - '' पिता- श्री लाल सिंह, रामजी चक, पटेल गली, पटना (7) श्री उदय शंकर वर्मा, मो0- 983562746 - '' पिता- स्व0 षिवनंदन महतो, रामजी चक, जहाज घाट रोड, पटना (8) श्री अरूण राय - '' पिता- स्व0 गुरूचरण राय, रामजी चक, गाँधी गली रोड (मुसहरी गली), पटना (9) श्री कृष्णा चौधरी - '' पिता- स्व0 बसंत चौधरी, रामजी चक, नहर पर, पटना (10) श्री विरेन्द्र कुमार - '' पिता- स्व0 जगदीष प्रसाद, रामजी चक, पेट्रोल पंप के बगल में, पटना3 (cid:1)बहार गजट (असाधारण), 17171717 &दस(ब&दस(ब&दस(ब&दस(बर र र र 2014201420142014 (11) श्री सूर्यभूषण प्रसाद - सदस्य पिता- स्व0 सुरेन्द्र प्रसाद स्वर्णकार, रामजी चक, स्कूल गली, पटना। (12) श्री राजेष कुमार - '' पिता- श्री धूपन सिंह, रामजी चक, यादव गली, पटना। 14. उपरोक्त वर्णित न्यास समिति का कार्यकाल, दिनांक 13/10/2014 से अगले 05 वर्षों का होगा, लेकिन एक वर्ष के बाद न्यास समिति के कार्यों की समीक्षा की जायेगी और कार्य संतोषप्रद पाये जाने पर न्यास समिति की निरन्तरता पर यथोचित निर्णय लिया जा सकेगा।
विश्वासभाजनविश्वासभाजनविश्वासभाजनविश्वासभाजन,,,, किषोर कुणाल,किषोर कुणाल,किषोर कुणाल,किषोर कुणाल, अध्यक्ष।
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अधी-क, सिचवालय मुिणालय, (cid:1)बहार, पटना (cid:13)ारा ूकािशत एवं मु&ित। (cid:1)बहार गजट (असाधारण) 1036-571+10-ड+0ट+0पी0। Website: http://egazette.bih.nic.in