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अधिसूचअधिसूचअधिसूचअधिसूचनानानाना
26 flrEcj 2014
सं0 895—संत कबीर मठ, कोनहारा घाट, हाजीपुर, जिला-वैषाली पर्षद के अंतर्गत निबंधित एक सार्वजनिक संत कबीर मठ, कोनहारा घाट, हाजीपुर, जिला-वैषाली पर्षद के अंतर्गत निबंधित एक सार्वजनिक संत कबीर मठ, कोनहारा घाट, हाजीपुर, जिला-वैषाली पर्षद के अंतर्गत निबंधित एक सार्वजनिक धार्मिक न्यास है, जिसकी निबंधन संख्या-4157 है। धार्मिक न्यास है, जिसकी निबंधन संख्या-4157 है।
पंथी मठ, मुहब्बतपुर, थाना-औधोगिक क्षेत्र संत कबीर मठ, कोनहारा घाट, हाजीपुर की शाखा क्रमषः कबीर पंथी मठ, मुहब्बतपुर, थाना-औधोगिक क्षेत्र संत कबीर मठ, कोनहारा घाट, हाजीपुर की शाखा क्रमषः कबीर
हाजीपुर, कबीर पंथी मठ, जेढुई, थाना-औधोगिक क्षेत्र हाजीपुर एवं कबीर पंथी मठ, मुरौबतपुर (महनार) जिला-वैषाली हाजीपुर, कबीर पंथी मठ, जेढुई, थाना-औधोगिक क्षेत्र हाजीपुर एवं कबीर पंथी मठ, मुरौबतपुर (महनार) जिला-वैषाली हाजीपुर, कबीर पंथी मठ, जेढुई, थाना-औधोगिक क्षेत्र हाजीपुर एवं कबीर पंथी मठ, मुरौबतपुर (महनार) जिला-वैषाली है।
इस मठ के महंत स्व0 तिलक दास जी की मृत्यु दिनांक 2011 को हो गई। स्व0 तिलक दास जी की स्व0 तिलक दास जी की मृत्यु दिनांक 27.02.2011 को हो गई। स्व0 तिलक दास जी की े उपरान्त उनके तथाकथित षिष्यों एवं अन्य लोगों जिनमें मुख्य रूप से श्री रामचन्द्र दास, जेढुई, श्री बुधन दास, मृत्यु के उपरान्त उनके तथाकथित षिष्यों एवं अन्य लोगों जिनमें मुख्य रूप से श्री रामचन्द्र दास, जेढुई, श्री बुधन दास, े उपरान्त उनके तथाकथित षिष्यों एवं अन्य लोगों जिनमें मुख्य रूप से श्री रामचन्द्र दास, जेढुई, श्री बुधन दास, मुरौबतपुर (महनार) श्री विवेक दास, श्री केषो दास, मुहब्बतपुर एवं श्री अर्जुन दास, कोनहारा घाट के विरूद्ध पर्षद को मुरौबतपुर (महनार) श्री विवेक दास, श्री केषो दास, मुहब्बतपुर एवं श्री अर्जुन दास, कोनहारा घाट के विरूद्ध पर्षद को मुरौबतपुर (महनार) श्री विवेक दास, श्री केषो दास, मुहब्बतपुर एवं श्री अर्जुन दास, कोनहारा घाट के विरूद्ध पर्षद को
े बड़े पैमाने पर दुरूपयोग एवं दुर्विनियोग के आरोप प्राप्त हुये, जिस न्यास की भू-सम्पदा के अवैध अन्तरण एवं आय के बड़े पैमाने पर दुरूपयोग एवं दुर्विनियोग के आरोप प्राप्त हुये, जिस न्यास की भू-सम्पदा के अवैध अन्तरण एवं आय क
पर पर्षद द्वारा इस न्यास की जाँच कराई गई। जाँच में आरोपों की पुष्टि हुई। जाँच में प्राप्त तथ्यों के आलोक में पर पर्षद द्वारा इस न्यास की जाँच कराई गई। जाँच में आरोपों की पुष्टि हुई। जाँच में प्राप्त तथ्यों के आला पर पर्षद द्वारा इस न्यास की जाँच कराई गई। जाँच में आरोपों की पुष्टि हुई। जाँच में प्राप्त तथ्यों के आला पर्षदीय पत्रांक-622 दिनांक 05.07.2013 द्वारा श्री रामचन्द्र दास, श्री बुधन दास, श्री केष् ाो दास एवं विवके दास से 2013 द्वारा श्री रामचन्द्र दास, श्री बुधन दास, श्री केषो दास एवं विवके दास से या। श्री रामचन्द्र दास ने पत्र प्राप्त किया, जबकि श्री बुधन दास ने पत्र लेने से इन्कार किया एवं स्पष्टीकरण माँगा गया। श्री रामचन्द्र दास ने पत्र प्राप्त किया, जबकि श्री बुधन दास ने पत्र लेने से इन्कार किया एवं या। श्री रामचन्द्र दास ने पत्र प्राप्त किया, जबकि श्री बुधन दास ने पत्र लेने से इन्कार किया एवं श्री विवेक दास व केषो दास के संबंध में डाक विभाग द्वारा यह लिखकर भेजा गया ''Out of Station श्री विवेक दास व केषो दास के संबंध में डाक विभाग द्वारा यह लिखकर भेजा गया '' Out of Station'' परन्तु इनमें से किसी ने स्पष्टीकरण का जवाब नहीं दिया।
13 द्वारा थाना के माध्यम जवाब नहीं दिया। पुनः पर्षदीय पत्रांक-1751 दिनांक 26.12.13 द्वारा थाना के माध्यम 2 (cid:1)बहार गजट (असाधारण), 17171717 &दस(ब&दस(ब&दस(ब&दस(बर र र र 2014201420142014 से स्मार पत्र भेजा गया परन्तु इन लोगों द्वारा कोई जवाब नहीं दिया गया। पर्षदीय पत्रांक-1753 दिनांक 26.12.13 द्वारा श्री अर्जन दास को अपने दावे के समर्थन में कागजात प्रस्तुत करने हेतु पत्र दिया गया, परन्तु उनका जवाब अप्राप्त रहा। इन लोगों के विरूद्ध लगातार प्राप्त हो रहे षिकायतों के आलोक में पर्षद के निरीक्षक द्वारा मूल मठ समेत शाखा मठों की जाँच दिनांक 08.05.14 एवं 09.05.14 को की गई। इस जाँच में भी इन लोगों के विरूद्ध स्थानीय लोगों द्वारा षिकायतें मिली।
तत्पष्चात् पर्षदीय पत्रांक-650 दिनांक 13.08.2014 द्वारा श्री रामचन्द्र दास, श्री बुधन दास, श्री केषो दास एवं श्री विवेक दास से स्पष्टीकरण माँगा गया एवं पर्षदीय पत्रांक-649 दिनांक 13.08.2014 द्वारा श्री अर्जुन दास से अपने दावे के संबंध में कागजात प्रस्तुत करने को कहा गया। श्री दास द्वारा कोई जवाब प्रस्तुत नहीं किया गया। श्री रामचन्द्र दास एवं श्री बुधन दास का पत्र डाक विभाग द्वारा ''लेने से इन्कार'' शब्द लिखकर वापस किया गया है, जबकि श्री केषो दास एवं विवेक दास का पत्र ''Out of Station'' शब्द लिखकर वापस कर दिया गया है। इससे स्पष्ट है कि इन लोगों द्वारा मठ की सम्पत्ति का सतत् दुरूपयोग और अवैध रूप से बिक्री एवं निर्माण किया जा रहा है। पर्षदीय अभिलेख पर उपलब्ध कागजात एवं स्थानीय जाँच से यह स्पष्ट है कि न्यास की भू-सम्पत्तियों का अवैध अन्तरण किया जा रहा है, एवं इसकी आय का दुर्विनियोग एवं दुरूपयोग हो रहा है।
उपर्युक्त परिस्थिति में न्यास सम्पत्तियों की सुरक्षा एवं सुव्यवस्था, सम्यक् संचालन एवं विकास हेतु एक योजना का निरूपण एवं उसके संचालन हेतु न्यास समिति का गठन आवष्यक प्रतीत होता है।
अतः बिहार हिन्दू धार्मिक न्यास अधिनियम, 1950 की धारा-32 में बिहार राज्य धार्मिक न्यास पर्षद् को प्रदत्त अधिकार जो उपविधि सं0-43 (द) के तहत अध्यक्ष को प्राप्त है, का प्रयोग करते हुए संत कबीर मठ, कोनहारा घाट, हाजीपुर, जिला-वैषाली एवं सम्बद्ध मठों की सम्पत्तियों की सुरक्षा, संरक्षण तथा सुप्रबंधन हेतु नीचे लिखे योजना का निरूपण किया जाता है तथा इसे मूर्त्त रूप देने के लिए एक न्यास समिति गठित की जाती है।
योजनायोजनायोजनायोजना
1.... अधिनियम की धारा-32 के तहत निरूपित इस योजना का नाम ''संत कबीर मठ, कोनहारा घाट, न्यास योजना'' होगा तथा इसके कार्यान्वयन एवं संचालन के लिए गठित न्यास समिति का नाम '''''संत कबीर मठ, कोनहारा 'संत कबीर मठ, कोनहारा 'संत कबीर मठ, कोनहारा 'संत कबीर मठ, कोनहारा घाट, न्यास समिति होगी''घाट, न्यास समिति होगी''घाट, न्यास समिति होगी''घाट, न्यास समिति होगी'' जिसमें न्यास की समग्र चल-अचल सम्पत्ति के संधारण एवं संचालन का अधिकार निहित होगा।
2. न्यास समिति लौकिक कार्य करेगी तथा आध्यात्मिक कार्य यथावत् कबीर पंथी साधुओं द्वारा किया जाता रहेगा। आध्यात्मिक कार्यो के सम्पादन एवं साधु सेवा के लिए समिति द्वारा पर्याप्त धनराषि की व्यवस्था की जायेगी। 3. इस न्यास समिति का मुख्य कर्त्तव्य न्यास की सम्पत्ति की सुरक्षा एवं सुसंचालन तथा मठ की परम्परा एवं आचारों का समुचित व्यवस्था सुनिष्चित करना होगा।
4. इस न्यास समिति का यह दायित्व होगा कि वह न्यास कि अवैध रूप से बिक्री की गई भूमि कि वापसी हेतु समुचित कार्रवाई शीघ्र प्रारंम्भ करेगी।
5. न्यास की समस्त आय न्यास के नाम किसी राष्ट्रीयकृत बैंक में खाता खोलकर जमा किया जायेगा तथा सचिव और कोषाध्यक्ष के संयुक्त हस्ताक्षर से इसका संचालन होगा।
6. न्यास की आय-व्यय में आर्थिक शुचिता एवं पारदर्षिता रखना न्यास समिति की असली कसौटी होगी। 7. न्यास समिति अधिनियम एवं उप-विधि में वर्णित सभी नियमों का पालन करते हुए प्रतिवर्ष न्यास के आय-व्यय की विवरणी, अंकेक्षण प्रतिवेदन, कार्य वृत आदि सम्यक रूप से पर्षद् को प्रेषित करेगी। 3
(cid:1)बहार गजट (असाधारण), 17171717 &दस(ब&दस(ब&दस(ब&दस(बर र र र 2014201420142014
8.... अध्यक्ष की अनुमति से सचिव न्यास समिति की बैठक आहूत करेंगे। न्यास समिति की बैठक प्रत्येक तिमाही में एक बार अवष्य बुलायी जायेगी और बैठक की कार्यवृत पर्षद् को प्रेषित की जायेगी।
9. न्यास समिति द्वारा कोई नयी योजना न्यास हित में आवष्यक समझा जायेगा तो इस हेतु निर्धारित विषेष बैठक में प्रस्ताव पारित कर पर्षद् को अनुमोदन के लिए भेजेगी।
10. न्यास समिति न्यास की अतिक्रमित/हस्तांतरित भूमि की वापसी के लिए समुचित वैधानिक कार्रवाई करेगी।
11. इस योजना में परिर्वतन, परिबर्धन या संषोधन तथा आकस्मिक रिक्तियों की पूर्ति का अधिकार पर्षद् में निहित होगा।
12. न्यास समिति के कोई सदस्य प्रत्यक्ष या परोक्ष रूप से न्यास से लाभ उठाते पाए जायेंगे या न्यास हित के प्रतिकुल कार्य करेंगे तो इस संबंध में उनसे स्पष्टीकरण प्राप्त कर समुचित कार्रवाई की जाएगी।
13. न्यास समिति के सदस्य की यदि कोई आपराधिक पृष्ठभूमि होगी या वे आपराधिक काण्ड में आरोप-पात्रित होंगे तो उनकी अर्हता स्वतः समाप्त हो जायेगी।
14. न्यास समिति का प्रमुख दायित्व होगा कि वह मुख्य मठ सहित शाखा मठों की अवैध रूप से बिक्री की गई भूमि/अतिक्रमित एवं अन्य रूप में अवैध रूप से हस्तांरित भूमि की वापसी हेतु समिति ठोस कार्रवाई करेगी। 15. न्यास समिति द्वारा न्यास की अवैध रूप से हस्तांतरित एवं अतिक्रमित भूमि की न्यास में वापसी की कार्रवाई ही इसकी कार्य कुषलता का पैमाना होगा।
पर्षद् द्वारा निरूपित योजना को मूर्तरूप देने के लिए निम्नलिखित सदस्यों की न्यास समिति गठित की जाती है :-
(1) उप-विकास आयुक्त, वैषाली -अध्यक्ष
(2) श्री त्रिलोकी नाथ राय, मुहल्ला-अन्दर किला, हाजीपुर -सचिव
(3) श्री श्याम किषोर ठाकुर, अधिवक्ता, मुहल्ला-अन्दर किला, हाजीपुर -सदस्य
(4) श्री भरत सिंह पं0 स्व0 बुझावन सिंह, मुहल्ला-अन्दर किला, हाजीपुर -सदस्य
(5) श्री राज प्रषान्त तिवारी पे0 श्री प्रषांत तिवारी, मु0-रामभद्र देवी स्थान, हाजीपुर -सदस्य
(6) श्री रामलखन प्रसाद गुप्ता, कोनहारा घाट हाजीपुर -सदस्य
(7) श्री राम अनुप ठाकुर हेला बाजार, हाजीपुर -सदस्य।
सभी जिला वैषाली।
इस न्यास समिति का कार्यकाल दिनांक 30.9.2014 से पॉच वर्ष का होगा। एक वर्ष के बाद इसके कार्यो की समीक्षा की जायेगी और संतोषप्रद पाये जाने पर कार्यकाल की निरन्तरता कायम रहेगी।
आदेश सेआदेश सेआदेश सेआदेश से,,,,
किषोर कुणाल,किषोर कुणाल,किषोर कुणाल,किषोर कुणाल,
अध्यक्ष।
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अधी-क, सिचवालय मुिणालय, (cid:1)बहार, पटना (cid:13)ारा ूकािशत एवं मु&ित। (cid:1)बहार गजट (असाधारण) 1037-571+10-ड+0ट+0पी0। Website: http://egazette.bih.nic.in