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Bihar Gazette · Government of Bihar

Bihar Gazette, 17 December 2014

Published 17 December 2014

Type
Ordinary
Identifier
in.gov.bih.gazette.2014-12-17.51
Languages
English, Hindi

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िनबंधन सं(cid:8)या पी0ट(cid:15)0-40

(cid:18)बहार गजट(cid:18)बहार गजट(cid:18)बहार गजट(cid:18)बहार गजट

(cid:18)बहार सरकार (cid:24)ारा ूकािशत(cid:18)बहार सरकार (cid:24)ारा ूकािशत(cid:18)बहार सरकार (cid:24)ारा ूकािशत(cid:18)बहार सरकार (cid:24)ारा ूकािशत 26262626 अमहायणअमहायणअमहायणअमहायण 1931931931936666 ((((शशशश0000)))) सं(cid:8)यासं(cid:8)यासं(cid:8)यासं(cid:8)या 51515151 पटनापटनापटनापटना, , , , बुधवारबुधवारबुधवारबुधवार,,,, ————————

11117777 +दस-ब+दस-ब+दस-ब+दस-बरररर 2014201420142014 ((((ईईईई0000)))) (cid:18)वषय(cid:18)वषय(cid:18)वषय(cid:18)वषय----सूचीसूचीसूचीसूची पृंठपृंठपृंठपृंठ भाग-1—िनयु(cid:18)6, पदःथापन, बदली, श(cid:18)6, छु ;ट(cid:15) और अ=य >य(cid:18)6गत सूचनाएं। 2-4 भाग-1-क—ःवयंसेवक गुBमD के समादेंटाओं के आदेश।

---

भाग-1-ख—मैश(cid:15)कु लेशन, आई0ए0, आई0एससी0, बी0ए0, बी0एससी0, एम0ए0, एम0एससी0, लॉ भाग-1 और 2, एम0बी0बी0एस0, बी0एस0ई0, ड(cid:15)प0-इन- एड0, एम0एस0 और मु(cid:8)तार(cid:15) पर(cid:15)Mाओं के पर(cid:15)Mा-फल, कायOबम, छाऽवृ(cid:18)R ूदान, आ+द।

---

भाग-1-ग—िशMा संबंधी सूचनाएं, पर(cid:15)Mाफल आ+द ---

भाग-2—(cid:18)बहार-राSयपाल और कायाOTयMD (cid:24)ारा िनकाले गये (cid:18)विनयम, आदेश, अिधसूचनाएं और िनयम आ+द। 5-5 भाग-3—भारत सरकार, पUVम बंगाल सरकार और उXच =यायालय के आदेश, अिधसूचनाएं और िनयम, 'भारत गजट' और राSय गजटD के उZरण। ---

भाग-4—(cid:18)बहार अिधिनयम ---

पृंठपृंठपृंठपृंठ भाग-5—(cid:18)बहार (cid:18)वधान मंडल म[ पुर:ःथा(cid:18)पत (cid:18)वधेयक, उ]त (cid:18)वधान मंडल म[ उपःथा(cid:18)पत या उपःथा(cid:18)पत +कये जानेवाले ूवर सिमितयD के ूितवेदन और उ]त (cid:18)वधान मंडल म[ पुर:ःथापन के पूवO ूकािशत (cid:18)वधेयक। ---

भाग-7—संसद के अिधिनयम Uजनपर रांशपित क^ Sयेंठ अनुमित िमल चुक^ है। ---

भाग-8—भारत क^ संसद म[ पुर:ःथा(cid:18)पत (cid:18)वधेयक, संसद म[ उपःथा(cid:18)पत ूवर सिमितयD के ूितवेदन और संसद म[ उपःथा(cid:18)पत ूवर सिमितयD के ूितवेदन और संसद म[ पुर:ःथापन के पूवO ूकािशत (cid:18)वधेयक। ---

भाग-9—(cid:18)व`ापन

---

भाग-9-क—वन (cid:18)वभाग क^ नीलामी संबंधी सूचनाएं ---

भाग-9-ख—िन(cid:18)वदा सूचनाएं, पaरवहन सूचनाएं, =यायालय सूचनाएं और सवOसाधारण सूचनाएं इbया+द। ---

पूरक

पूरक-क 6-112 (cid:18)बहार गजट, 17 +दस-बर 2014

भागभागभागभाग----1111

िनयु(cid:18)6िनयु(cid:18)6िनयु(cid:18)6िनयु(cid:18)6, , , , पदःथापदःथापदःथापदःथापनपनपनपन, , , , बदलीबदलीबदलीबदली, , , , श(cid:18)6श(cid:18)6श(cid:18)6श(cid:18)6, , , , छु ;ट(cid:15) औरछु ;ट(cid:15) औरछु ;ट(cid:15) औरछु ;ट(cid:15) और अ=यअ=यअ=यअ=य वैय(cid:18)6क सूचनाएं वैय(cid:18)6क सूचनाएं वैय(cid:18)6क सूचनाएं वैय(cid:18)6क सूचनाएं ÑÑÑÑÑÑÑÑÑÑÑÑÑÑÑÑÑÑÑÑ

ty lalk/ku foHkkx

——— vf/klwpuk 2 fnlEcj 2014 सं0 5/विविध(यॉ0)4-10-103/2014-2379—श्री भैरव नाथ झा, पूर्व उप निदेशक [कार्यपालक अभियंता (यॉत्रिक)], डैम सुरक्षा प्रकोष्ठ, जल संसाधन विभाग, बिहार, पटना को विभागीय कार्य हेतु दिनांक 22.6.2013 से 30.06.2013 तक पटना से दिल्ली की की गयी अन्तर्राज्यीय यात्रा की घटनोत्तर स्वीकृति प्रदान की जाती हैं ।

बिहार-राज्यपाल के आदेश से,

सुशील कुमार सिंह, संयुक्त सचिव (प्रबंधन)।

——— कारा एवं सुधार सेवाएँ निरीक्षणालय गृह विभाग। ——— अधिसूचना 3 सितम्बर 2014 सं॰ कारा/स्था0 (चि0) 01-07/2013-4793—राज्य की काराओं में पदस्थापित निम्नांकित चिकित्सा पदाधिकारियों को कार्यहित एवं प्रशासनिक दृष्टिकोण से स्थानान्तरित कर उनके नाम के समक्ष अंकित स्तम्भ-4 की कारा में पदस्थापित किया जाता हैः-

क्र0 चिकित्सा पदाधिकारी का नाम कारा का नाम नव पदस्थापन कारा का नाम
1 2 3 4
1 डा0 परमेश्वर पाण्डेय शि0मंडल कारा, फुलवारीशरीफ शहीद खुदी राम बोस केन्द्रीय कारा, मुजफ्फरपुर
2 डा0 सुरेन्द्र कुमार महतो उपकारा, बाढ़ मंडल कारा, हाजीपुर
3 डा0 प्रभु दयाल मंडल कारा, सासाराम केन्द्रीय कारा, बक्सर
4 डा0 श्रीदेव दास मंडल कारा, दरभंगा श0जु0स0 केन्द्रीय कारा, भागलपुर
5 डा0 अशोक कुमार गौतम मंडल कारा, बेगुसराय उपकारा, बाढ़

बिहार-राज्यपाल के आदेश से, (ह॰)-अस्पष्ट, अपर सचिव-सह-निदेशक, (प्र0)।3 (cid:18)बहार गजट, 17 +दस-बर 2014

योजना एवं विकास विभाग

———

अधिसूचनाएं

9 दिसम्बर 2014

सं॰ यो0स्था01/4-2/12-5767/यो0वि0—योजना एवं विकास विभाग, बिहार, पटना के प्रषासनिक नियंत्रणाधीन विभिन्न जिला मेंं पदस्थापित निम्नलिखित सहायक योजना पदाधिकारी को कार्यहित एवं प्रषासनिक दृष्टिकोण से स्थानांतरित करते हुए कॉलम 4 में अंकित स्थान पर अगले आदेष तक के लिए पदस्थापित किया जाता हैः-

क्र0 पदाधिकारी का नाम वर्त्तमान पदस्थापन स्थान स्थानांतरण के फलस्वरूप पदस्थापन स्थान/जिला
1 2 3 4
1 श्री अमरदीप तिवारी अररिया जिला योजना कार्यालय, सारण (छपरा)
2 श्री स्वामीनाथ मांझी षिवहर जिला योजना कार्यालय, अररिया

2. उपर्युक्त स्थानांतरित पदाधिकारी अविलंब पद का प्रभार सौंप कर अधिसूचित पद का प्रभार ग्रहण करेंगे एवं प्रभार प्रतिवेदन अविलंब विभाग को उपलब्ध करायेगें।

3. स्थानांतरित पदाधिकारी अगले माह का वेतन नव पदस्थापित स्थान से प्राप्त करेंगे। 4. यह आदेष तत्काल प्रभाव से लागू होगा।

बिहार-राज्यपाल के आदेष से,

पंकज कुमार, सचिव।

———

9 दिसम्बर 2014

सं॰ यो0स्था01/4-2/12-5768/यो0वि0—योजना एवं विकास विभाग, बिहार, पटना के प्रषासनिक नियंत्रणाधीन विभिन्न प्रमंडलो मेंं पदस्थापित निम्नलिखित क्षेत्रीय योजना पदाधिकारी/उप निदेषक को कार्यहित में स्थानांतरित करते हुए कॉलम 4 में अंकित स्थान पर अगले आदेष तक के लिए पदस्थापित किया जाता हैः-

क्र0 पदाधिकारी का नाम वर्त्तमान पदस्थापन स्थान स्थानांतरण के फलस्वरूप पदस्थापन स्थान/जिला
1 2 3 4
1 श्री दिवाकर प्रसाद मंडल क्षेत्रीय योजना पदाधिकारी, पूर्णियॉ प्रमंडल, पूर्णियॉ (अतिरिक्त प्रभार, कोषी प्रमंडल, सहरसा) क्षेत्रीय योजना पदाधिकारी, कोषी प्रमंडल, सहरसा
2 श्री संजय कुमार क्षेत्रीय योजना पदाधिकारी, मगध प्रमंडल, गया क्षेत्रीय योजना पदाधिकारी, पूर्णियॉ प्रमंडल, पूर्णियॉ
3 श्री वंषीधर मिश्र उप निदेषक, बिहार राज्य योजना पर्षद क्षेत्रीय योजना पदाधिकारी, मगध प्रमंडल, गया

2 उपर्युक्त स्थानांतरित पदाधिकारी अविलंब पद का प्रभार सौंप कर अधिसूचित पद का प्रभार ग्रहण करेंगे एवं प्रभार प्रतिवेदन अविलंब विभाग को उपलब्ध करायेगें।

3. स्थानांतरित पदाधिकारी अगले माह का वेतन नव पदस्थापित स्थान से प्राप्त करेंगे। 4. यह आदेष तत्काल प्रभाव से लागू होगा।

बिहार-राज्यपाल के आदेष से,

पंकज कुमार, सचिव।4 (cid:18)बहार गजट, 17 +दस-बर 2014

9 दिसम्बर 2014

सं॰ यो0स्था01/4-2/12-5769/यो0वि0—योजना एवं विकास विभाग, बिहार, पटना के प्रषासनिक नियंत्रणाधीन विभिन्न जिला मेंं पदस्थापित निम्नलिखित जिला योजना पदाधिकारी/वरीय अनुसंधान पदाधिकारी को कार्यहित में स्थानांतरित करते हुए कॉलम 4 में अंकित स्थान पर अगले आदेष तक के लिए पदस्थापित किया जाता हैः-

क्र0 पदाधिकारी का नाम वर्त्तमान पदस्थापन स्थान स्थानांतरण के फलस्वरूप पदस्थापन स्थान/जिला
1 2 3 4
1 श्री गौतम घोष वरीय अनुसंधान पदाधिकारी, बिहार राज्य योजना पर्षद, पटना जिला योजना पदाधिकारी, अरवल

प्रभार प्रतिवेदन अविलंब विभाग को उपलब्ध करायेगें।

3. स्थानांतरित पदाधिकारी अगले माह का वेतन नव पदस्थापित स्थान से प्राप्त करेंगे। 4. यह आदेष तत्काल प्रभाव से लागू होगा।

बिहार-राज्यपाल के आदेष से,

पंकज कुमार, सचिव।

______ अधीMकअधीMकअधीMकअधीMक, , , , सिचवालय मुिणालयसिचवालय मुिणालयसिचवालय मुिणालयसिचवालय मुिणालय,,,,

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Website: http://egazette.bih.nic.in

5 (cid:18)बहार गजट, 17 +दस-बर 2014

भागभागभागभाग----2222

(cid:18)बहार(cid:18)बहार(cid:18)बहार(cid:18)बहार----राSयराSयराSयराSयपाल और कायाOTयपाल और कायाOTयपाल और कायाOTयपाल और कायाOTयMD (cid:24)ारा िनकाले गये (cid:18)विनयमMD (cid:24)ारा िनकाले गये (cid:18)विनयमMD (cid:24)ारा िनकाले गये (cid:18)विनयमMD (cid:24)ारा िनकाले गये (cid:18)विनयम, , , , आदेशआदेशआदेशआदेश, , , , अिधसूचनाएं और िनयम आ+द।अिधसूचनाएं और िनयम आ+द।अिधसूचनाएं और िनयम आ+द।अिधसूचनाएं और िनयम आ+द।

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पत्र संख्या - 5/विविध(याँ॰)-04-10-103/2014-1862

जल संसाधन विभाग

———

अधिसूचना

सेवा में, महालेखाकार, बिहार वीरचंद पटेल पथ, पटना।

पटना, दिनांक 23 सितम्बर 2014 विषयः- श्री रामाषीष शर्मा, कार्यपालक अभियंता (याँत्रिक), सिंचाई विधुत-सह-याँत्रिक प्रमंडल, पटना द्वारा सरकारी कार्यवष दिनांक 29.05.2014 से 02.06.2014 तक राज्य से बाहर की गयी यात्रा की घटनोत्तर स्वीकृति क संबंध में।

आदेशः- बिहार यात्रा भत्ता नियमावली के नियमः- 76 एवं 80 के अन्तर्गत स्वीकृत।

बिहार-राज्यपाल के आदेश से,

सुषील कुमार सिंह), संयुक्त सचिव (प्रबंधन)।

——— गृह (विषेष) विभागगृह (विषेष) विभागगृह (विषेष) विभागगृह (विषेष) विभाग ——— अधिसूचना 3 दिसम्बर 2014

सं0 जी/रेलवे-07-05/2013-11383113831138311383— गृह मंत्रालय भारत सरकार, के पत्रांक-11/3/2014 एम एण्ड जी, दिनांक 31.10.2014 द्वारा दिये गये निदेष के आलोक में बिहार राज्य के बेगूसराय जिले में ''गढ़पुरा''''गढ़पुरा''''गढ़पुरा''''गढ़पुरा'' रेलवे स्टेषन का नाम बदलकर ''''''''डॉ0 श्रीकृष्ण सिंह नगर, गढ़पुरा''डॉ0 श्रीकृष्ण सिंह नगर, गढ़पुरा''डॉ0 श्रीकृष्ण सिंह नगर, गढ़पुरा''डॉ0 श्रीकृष्ण सिंह नगर, गढ़पुरा'' किया जाता है।

क्र0क्र0क्र0क्र0 वर्तमान नाम रोमन लिपि में नया नाम देवनागरी लिपि में नया नाम
1. GARHPURA (BEGUSARAI) DR. SRIKRISHNA SINGH NAGAR, GARHPURA डॉ0 श्रीकृष्ण सिंह नगर, गढ़पुरा

बिहार-बिहार-बिहार-बिहार-राज्यपाल के आदेष सेराज्यपाल के आदेष सेराज्यपाल के आदेष सेराज्यपाल के आदेष से,,,, (ह॰) अस्पष्ट, उप(ह॰) अस्पष्ट, उप(ह॰) अस्पष्ट, उप(ह॰) अस्पष्ट, उप----सचिव।सचिव।सचिव।सचिव।

——— अधीMकअधीMकअधीMकअधीMक, , , , सिचवालय मुिणालयसिचवालय मुिणालयसिचवालय मुिणालयसिचवालय मुिणालय,,,,

(cid:18)बहार(cid:18)बहार(cid:18)बहार(cid:18)बहार, , , , पटना (cid:24)ारा ूकािशत एवं मु+ित।पटना (cid:24)ारा ूकािशत एवं मु+ित।पटना (cid:24)ारा ूकािशत एवं मु+ित।पटना (cid:24)ारा ूकािशत एवं मु+ित। (cid:18)बहार गजट(cid:18)बहार गजट(cid:18)बहार गजट(cid:18)बहार गजट, , , , 39ÑÑÑÑ571+20----ड(cid:15)ड(cid:15)ड(cid:15)ड(cid:15)0000ट(cid:15)ट(cid:15)ट(cid:15)ट(cid:15)0000पीपीपीपी0000।।।। Website: http://egazette.bih.nic.in6 (cid:18)बहार गजट, 17 +दस-बर 2014

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काकाकाका

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सं॰ 6/श्रम वि0 आ0-702/2010 श्र0सं0-3225 श्रम संसाधन विभाग ---- संकल्प 5 दिसम्बर 2014 श्री मनोज मानकर, तत्कालीन परीक्षा नियंत्रक, बिहार, पटना वर्त्तमान सहायक निदेशक, प्रशिक्षण, शिक्षु, मुजफ्फरपुर के विरूद्ध निगरानी अन्वेषण ब्यूरों से प्राप्त पत्र तथा उसके साथ संलग्न निगरानी थाना काण्ड संख्या 077/2009 दिनांक 28.07.2009 धारा-7/8/13 (2) सह पठित धारा-13 (1) (डी) (सी) (ई) भ्र0 नि0 अधि0, 1988 से संबंधित प्राथमिकी काण्ड संख्या 077/2009 में न्यायिक हिरासत में लिये जाने के कारण विभागीय अधिसूचना संख्या 240 दिनांक 31.07.2009 के द्वारा श्री मानकर को निलंबित किया गया तथा अधिसूचना सं0 1988, दिनांक 21.06.2010 के द्वारा उन्हें निलंबन से मुक्त किया गया तथा आरोप प्रपत्र "क" गठित किया गया। आरोप मुख्यतः निम्न प्रकार है :-

(1) आय से अधिक सम्पत्ति का अर्जन एवं वार्षिक सम्पत्ति ब्योरा में वास्तविक सम्पत्ति नहीं प्रदर्शित करना ।

(2) हवेली खड़गपुर, जिला- मुंगेर स्थित एस0 एम0 आर0 आई0 टी0 सी0 (निजी औद्योगिक प्रशिक्षण केन्द्र) में इनकी पत्नी श्वेता मानकर ट्रस्टी हैं, जिसके लिए न तो उन्होंने सरकार से कोई अनुमति प्राप्त की है और ना ही इस संबंध में सरकार को कोई सूचना दी है । वर्णित आरोपों के सन्दर्भ में विभागीय संकल्प संख्या 332 दिनांक 29.01.2010 के द्वारा श्री मनोज मानकर के विरूद्ध विभागीय कार्यवाही प्रारम्भ की गयी तथा उक्त विभागीय कार्यवाही के संचालन हेतु श्री गरीब साहु, तत्कालीन अपर सचिव, श्रम संसाधन विभाग को संचालन पदाधिकारी नियुक्त किया गया । श्री साहु की सेवा निवृति के पश्चात्‌ विभागीय संकल्प संख्या 2591 दिनांक 4.9.2012 द्वारा श्री भूपेन्द्र कुमार सिंह, तत्कालीन संयुक्त सचिव, श्रम संसाधन विभाग को संचालन पदाधिकारी बनाया गया । श्री सिंह के स्वास्थ्य विभाग में स्थानान्तरण हो जाने के फलस्वरूप विभागीय संकल्प सह पठित ज्ञापांक 501 दिनांक 22.2.2013 द्वारा श्री विश्वम्भर राम, तत्कालीन विशेष सचिव को संचालन पदाधिकारी नियुक्त किया गया । संचालन पदाधिकारी से प्राप्त जॉंच प्रतिवेदन में आरोप संख्या 1 एवं 2 आंशिक रूप से प्रमाणित पाया गया । प्राप्त जॉंच प्रतिवेदन पर समीक्षोपरान्त पाया गया कि आरोपित पदाधिकारी के द्वारा सिर्फ अपने लिखित बयान में आरोपों को अस्वीकार किया गया परन्तु साक्ष्य के रूप में उनके द्वारा कोई ठोस प्रमाण या कागजात नहीं उपलब्ध कराया गया । ऐसी परिस्थिति में सभी आरोप पूर्णतः प्रमाणित होते है । इन प्रमाणित आरोपों के संबंध में विभागीय पत्र संख्या 3928 दिनांक 17.10.2013 के द्वारा श्री मानकर से द्वितीय कारण-पृच्छा की मॉंग की गई । निर्धारित अवधि तक द्वितीय कारण-पृच्छा प्राप्त नहीं होने पर समाचार पत्रों में विज्ञापन के माध्यम से उन्हें द्वितीय कारण-पृच्छा दायर करने का निदेश दिया गया । आरोपित पदाधिकारी के द्वारा अपने द्वितीय कारण-पृच्छा में सभी आरोपों को अस्वीकार करते हुए दोषमुक्त करने का अनुरोध किया गया । आरोपित पदाधिकारी से प्राप्त द्वितीय कारण-पृच्छा समीक्षा के क्रम में असंतोषजनक पाया गया । पूर्वोक्त आरोप के अतिरिक्त श्री मानकर के विरूद्ध एक और आरोप प्राप्त हुआ ।7 (cid:18)बहार गजट, 17 +दस-बर 2014 श्री मानकर के विरूद्ध संचालित दूसरे विभागीय कार्यवाही में आरोप निम्न है :-

(1) जुलाई, 99 की परीक्षा के परीक्षाफल में औद्योगिक प्रशिक्षण संस्थान, भागलपुर एवं औद्योगिक प्रशिक्षण संस्थान, मुंगेर के विभिन्न व्यवसाय के प्रशिक्षणार्थियों के परीक्षाफल में लीपा-पोती करना तथा अनेक प्रशिक्षणार्थियों का परीक्षाफल बिना किसी समुचित कारण के पेंडिंग-फॉंर-इनफोरमेशन वांटिंग के नाम पर पेडिंग रखना, साथ ही 70 वीं एवं 71 वीं शिक्षु परीक्षा में सम्मिलित अनेक प्रशिक्षणार्थियों का परीक्षाफल बिना किसी स्पष्ट कारण के लम्बित रखा गया ।

(2) वर्ष 1997 में औद्योगिक प्रशिक्षण संस्थान, गया, वर्ष 1998 में औद्योगिक प्रशिक्षण संस्थान, मढ़ौरा तथा वर्ष 1996- 97 और 1998 में औद्योगिक प्रशिक्षण संस्थान, वीरपुर के नामांकन में बड़े पैमाने पर अनियमितता बरतने एवं उक्त नामांकन अभिलेखों को गायब कर देना ।

(3) औद्योगिक प्रशिक्षण संस्थान, दीघाघाट, पटना के प्राचार्य के पद पर पदस्थापन काल में जवाहर रोजगार योजना में जाली नामों से बहुत से जाली छात्रों को प्रशिक्षण में दिखाकर इस योजना के पैसे का घपला करना ।8 (cid:18)बहार गजट, 17 +दस-बर 2014 श्री मानकर के उक्त प्रमाणित आरोपों के आलोक में सरकार द्वारा वृहत्‌ दण्ड "सेवा से बर्खास्तगी जो सामान्यतया सरकार के अधीन भविष्य में नियोजन के लिए निरर्हता होगी" का निर्णय लिया गया । इस संबंध में विभागीय पत्रांक 1419 दिनांक 28.05.2014 के द्वारा उक्त दोनों मामलों में समेकित रूप से बिहार लोक सेवा आयोग से परामर्श की मॉंग की गई । बिहार लोक सेवा आयोग ने अपना मंतव्य पत्रांक 1317 दिनांक 03.09.2014 के द्वारा श्रम संसाधन विभाग को दिया। आयोग ने संक्षिप्त रूप में अपना अभिमत दिया है कि उपर्युक्त आरोपों के परिप्रेक्ष्य में प्रस्तावित दण्ड अनुपातिक नहीं है । अतः आयोग विभागीय दण्ड प्रस्ताव से असहमति व्यक्त करता है । बिहार लोक सेवा आयोग ने प्रस्तावित दण्ड को आनुपातिक नहीं होने और प्रस्तावित दण्ड से असहमति व्यक्त करने का विस्तृत एवं आत्मभारित कारण नहीं दिया है, जबकि श्री मनोज मानकर के विरूद्ध दोनों विभागीय कार्यवाहियों में कई गम्भीर आरोप प्रमाणित पाये गये हैं । आयोग के द्वारा अन्य कोई कारण का उल्लेख नहीं किया गया है । समीक्षोपरान्त सरकार द्वारा प्रस्तावित दण्ड को बरकरार रखने का निर्णय लिया गया है । अतएव श्री मनोज मानकर के विरूद्ध दोनों विभागीय कार्यवाहियों में कई गम्भीर आरोपों के प्रमाणित पाये जाने के फलस्वरूप बिहार सरकारी सेवक (वर्गीकरण नियंत्रण एवं अपील) (संशोधन) नियमावली, 2007 के कंडिका 2 की उप कंडिका (XI) के प्रावधान के आलोक में उन्हें वृहत्‌ दण्ड "सेवा से बर्खास्तगी जो सामान्यतया सरकार के अधीन भविष्य में नियोजन के लिए निरर्हता होगी" का दण्ड अधिरोपित किया जाता है । यह दिनांक 05.12.2014 से प्रभावी होगा ।

आदेशः- आदेश दिया जाता है कि इस संकल्प की एक प्रति श्री मनोज मानकर, तत्कालीन परीक्षा नियत्रंक वर्त्तमान सहायक निदेशक, प्रशिक्षण, शिक्षु, मुजफ्फरपुर को निबंधित डाक से उपलब्ध करायें ।

विवरणीः- (1) नाम :- श्री मनोज मानकर (2) पिता का नामः- श्री शैलेन्द्र कुमार सिंह (3) जन्म तिथि :- 7.1.66, सेवा में नियुक्ति- 01.04.92 (4) बर्खास्तगी की तिथि :- 05.12.2014 (5) सेवा का नाम (श्रेणी) :- बिहार औद्योगिक प्रशिक्षण सेवा संवर्ग (प्रथम) (6) स्थायी पता :- ग्रामथानाप्रखण्ड- टेटिया बम्बर, जिला- मुंगेर (7) वर्त्तमान पता :- बेली रोड, पटना, जगदेव पथ के उत्तर मोनिका अपार्टमेन्ट, वी0 ब्लॉंक, फ्लैट सं0- 302, पटना (8) पदस्थापन पता :- सहायक निदेशक, प्रशिक्षण, शिक्षु, मुजफ्फरपुर ।

बिहार-राज्यपाल के आदेश से, देव नन्दन यादव, अपर सचिव।

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सं॰ के0/कारा/रा0प0-20/2007-4740

गृह विभाग

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संकल्प

1 सितम्बर 2014

श्री मदन शंकर वर्मा, कारा अधीक्षक, (सम्प्रति सेवानिवृत्त) के विरूद्ध मंडल कारा, लखीसराय एवं उपकारा, बाँका (वर्त्तमान मंडल कारा, बाँका) में पदस्थापन काल के आरोपों के लिए ''बिहार सरकारी सेवक (वर्गीकरण, नियंत्रण एवं अपील) नियमावली 2005'' में अन्तर्निहित प्रावधानों के अन्तर्गत विभागीय अधिसूचना संख्या-76 दिनांक 06.01.2009 द्वारा विभागीय कार्यवाही संचालित किये जाने का निर्णय लिया गया, जिसके लिए प्रमण्डलीय आयुक्त, मुँगेर प्रमण्डल, मुँगेर को संचालन पदाधिकारी नियुक्त किया गया तथा श्री सुरेन्द्र कुमार अम्बष्ठ, सहायक कारा महानिरीक्षक, बिहार, पटना को उपस्थापन पदाधिकारी नियुक्त किया गया।

2. श्री वर्मा के विरूद्ध प्रपत्र ''क'' में कुल 08 (आठ) आरोप गठित हैं, जिनका सार निम्नवत्‌ हैः-

(i) दिनांक 23.05.2008 को प्रातः 8ः00 बजे जिला प्रषासन, लखीसराय द्वारा मंडल कारा, लखीसराय में आकस्मिक छापामारी में मोबाईल फोन एवं प्रतिबन्धित सामग्रियों की बरामदी हुई, जिससे स्पष्ट है कि इनके स्तर से ''कारा हस्तक नियम-464'' एवं विभागीय परिपत्र संख्या 3640, दिनांक 02.09.2003 के अन्तर्गत कारा गेट पर तलाषी नहीं की जाती थी। (ii) कारा के अन्दर मोबाईल फोन एवं अन्य प्रतिबन्धित सामग्रियों की बरामदगी से स्पष्ट है कि कारा के कक्षों में समय-समय पर बंदियों के सामानों की गहन तलाषी नहीं की जाती थी, जो ''कारा हस्तक नियम-234'' का उल्लंघन है एवं विभागीय परिपत्र संख्या-3640 दिनांक-02.09.2003 के आलोक में इसके लिए ये व्यक्तिगत रूप से जिम्मेवार हैं।9 (cid:18)बहार गजट, 17 +दस-बर 2014 (iii) छापामारी में कारा के रसोई घर की व्यवस्था संतोषजनक नहीं पायी गयी तथा अधिकांष कैदियों द्वारा अपने कक्ष में अलग से भोजन बनाये जाने का मामला प्रकाष में आया। कारा में व्याप्त इस प्रकार की कुव्यवस्था इनकी पर्यवेक्षकीय लापरवाही तथा कमजोर प्रषासनिक नियंत्रण का द्योतक है। (iv) उपकारा, बाँका के अधीक्षक के पद पर पदस्थापन के दरम्यान श्री सुखराज सिंह, सेवानिवृत्त कारापाल के विरूद्ध संचालित विभागीय कार्यवाही लंबित रहने की जानकारी होने के बावजूद इस तथ्य को पेंषन प्रपत्र में छुपाकर प्रपत्र महालेखाकार को भेजा गया, जो उनके दायित्वबोध के प्रति लापरवाही का द्योतक है। (v) कारा निरीक्षणालय के पत्रांक-58 दिनांक 03.01.2007 द्वारा पूछे गये स्पष्टीकरण का जवाब पत्रांक-946 दिनांक 08.02.2007 द्वारा स्मारित कराये जाने के बावजूद नहीं दिया गया, जो उच्चाधिकारियों के आदेष की अवहेलना है। (vi) विभागीय स्तर से गृह (विषेष) विभाग, बिहार के पत्रांक-4878 दिनांक 02.05.2007 द्वारा स्पष्टीकरण की माँग किये जाने पर तथ्यों को सही ढंग से प्रस्तुत नहीं कर टाल-मटोल जवाब दिया गया, जो सरकार के आदेष की अवहेलना है। (vii) उपकारा, लखीसराय में संसीमित विचाराधीन बंदी खिलाड़ी सिंह उर्फ गणेष सिंह की दिनांक 04.05.2007 को गर्दन मरोड़कर की गयी हत्या की घटना को छिपाते हुए बंदी को अचानक अस्वस्थ दिखाकर अस्पताल भेजा गया, परन्तु डॉक्टर की रिपोर्ट में कैदी को मृत अवस्था में लाया गया प्रतिवेदित किया गया। हत्या की घटना एवं षड्‌यंत्र में इनकी संलिप्तता/सहभागिता बतायी गयी क्योंकि उनके द्वारा इसकी लीपापोती एवं घटना को दबाने का प्रयास किया गया। (viii) इनके द्वारा विहित पदीय कर्त्तव्यों के निर्वहन में घोर लापरवाही, उपेक्षा एवं उदासीनता बरती गयी, जो उक्त पद हेतु इन्हें अयोग्य ठहराता है।

3. उपर्युक्त प्रतिवेदित आरोपों के लिए संचालित विभागीय कार्यवाही के दरम्यान संचालन पदाधिकारी के समक्ष समर्पित बचाव-बयान में आरोपित पदाधिकारी का कहना है कि तलाषी के दरम्यान कक्षों में रह रहे किसी बंदी के पास मोबाईल फोन प्राप्त नहीं हुआ था, बल्कि कारा परिसर के खाली स्थानों में लगे फूल/सब्जियों के पौधों के पास पाये गये थे। उनके अनुसार, कारागार में बल की कमी के कारण तलाषी समुचित रूप से नहीं हो पाती है। कारागार में निर्माण संबंधी कार्यों के होने से सामग्रियों के ढुलाई कार्य के क्रम में आपत्तिजनक सामानों के आने तथा कुख्यात बंदियों के वर्चस्व संबंधी लड़ाई को उन्होंने इस स्थिति के लिए जिम्मेदार माना है। कारा में मुख्य रसोई घर की खराब स्थिति, सेवानिवृत्त सहायक कारापाल के संबंध में महालेखाकार को गलत सूचना दिये जाने में अपनी संलिप्तता नहीं होने तथा कारागार में बंदी की मृत्यु में अपने विरूद्ध किसी भी व्यक्ति द्वारा षिकायत नहीं किये जाने का उल्लेख करते हुए उन्होंने अपने ऊपर लगाये गये आरोपों का प्रतिवाद किया है तथा उनके द्वारा अपने विहित कर्त्तव्यों के निर्वहन में लापरवाही, उपेक्षा एवं उदासीनता बरते जाने के आरोपों को अस्वीकार किया गया है।

4. संचालन पदाधिकारी द्वारा समर्पित जाँच प्रतिवेदन में आरोप संख्या-1 एवं 2 के संबंध में अधिगम में प्रतिवेदित है कि कारा के अन्दर अवैध सामग्रियों के जाने की बात आरोपी पदाधिकारी द्वारा परोक्ष रूप से स्वीकार की गई है, जिसका समर्थन उपस्थापन पदाधिकारी के द्वारा भी किया गया है। अतः आरोप प्रमाणित होता है।

आरोप संख्या-3 के संबंध में उपस्थापन पदाधिकारी द्वारा आरोप का समर्थन करते हुए बताया गया कि वार्ड के सामने बनाए गए चूल्हों के मलबे एवं जाँच के क्रम में 8 स्टोव भी पाए गए साथ ही जो खाद्य सामग्री जप्त की गई वह एक दिन के अनुमान्य राषन से काफी अधिक मात्रा में थी। संचालन पदाधिकारी के अधिगम का सार यह है कि आरोपी पदाधिकारी के स्पष्टीकरण का यह माने नहीं हो सकता है कि रसोई घर का निर्माण पूरी तरह नहीं होने को देखते हुए कैदियों को अपना खाना बनाने की इजाजत दी गई थी। इस तरह आरोप प्रमाणित होता है।

आरोप संख्या-4, 5 एवं 6 को संचालन पदाधिकारी द्वारा वस्तुतः एक ही तरह का आरोप बताया गया, जिसका सार है कि तथ्यों को छुपाकर महालेखाकार को पेंषन प्रपत्र भेजा गया तथा इनके द्वारा उच्चाधिकारियों के निदेष का पालन नहीं किया गया। इस संबंध में आरोपी पदाधिकारी का यह बचाव कि संबंधित अभिलेखों की प्राप्ति के लिए पत्राचार करते रहे, मान्य नहीं कहा जा सकता। उपस्थापन पदाधिकारी द्वारा यह बताया गया कि विभाग का स्थायी निदेष है कि यदि किसी कागजात के अवलोकन की आवष्यकता हो तो मुख्यालय में जाकर इसका निरीक्षण तथा अवलोकन करें। अतः आरोपी पदाधिकारी का यह कहना कि उन्हें मामले की जानकारी नहीं थी एवं संबंधित कागजात कार्यालय में उपलब्ध नहीं हैं, स्वीकार नहीं किया जा सकता। अतः आरोप प्रमाणित है।

आरोप संख्या-7 के अंतर्गत बंदी खिलाड़ी सिंह की मृत्यु के संबंध में संचालन पदाधिकारी का अधिगम में प्रतिवेदित है कि उक्त बंदी की मृत्यु या हत्या में आरोपी पदाधिकारी की प्रत्यक्ष सहभागिता कहीं नहीं दर्षायी गई है। उपस्थापन पदाधिकारी द्वारा भी इस आरोप के समर्थन में कोई साक्ष्य प्रस्तुत नहीं किया गया। अतः आरोप प्रमाणित नहीं होता है। आरोप संख्या-8 के संबंध में संचालन पदाधिकारी का मंतव्य है कि पदीय कर्तव्य निर्वहन में घोर लापरवाही, उपेक्षा एवं उदासीनता बरतने का आरोप उपरोक्त तथ्यों के आलोक में इस हद तक प्रमाणित होता है।

इस प्रकार आरोपित पदाधिकारी के विरूद्ध उपर्युक्त प्रतिवेदित आरोपों में से आरोप संख्या- (i), (ii), (iii), (iv), (v), (vi) तथा (viii) को प्रमाणित एवं आरोप संख्या- (vii) को साक्ष्य के अभाव में अप्रमाणित माना गया है।10 (cid:18)बहार गजट, 17 +दस-बर 2014 5. आरोपित पदाधिकारी के दिनांक 31.12.2009 को सेवानिवृत्त हो जाने की स्थिति में विभागीय अधिसूचना संख्या 375, दिनांक 12.01.2010 द्वारा उक्त संचालित विभागीय कार्यवाही को दिनांक 01.01.2010 के प्रभाव से ''बिहार पेंषन नियमावली'' के नियम-43 ''बी'' के अन्तर्गत सम्परिवर्तित किया गया।

6. उपर्युक्त आलोक में विभागीय ज्ञापांक 670 दिनांक 18.01.2010 द्वारा आरोपित पदाधिकारी से की गयी द्वितीय कारण पृच्छा के आलोक में दिनांक 08.04.2010 के हस्ताक्षर से समर्पित प्रत्युत्तर मेंं उन्होंने प्रायः उन्हीं तथ्यों का उल्लेख किया है, जो विभागीय कार्यवाही के दरम्यान संचालन पदाधिकारी के समक्ष प्रस्तुत बचाव बयान/स्पष्टीकरण में अन्तर्निहित है। आरोपित पदाधिकारी द्वारा समर्पित उत्तर की समीक्षा विभागीय स्तर पर की गयी। विभागीय समीक्षा में यह भी पाया गया कि उनके द्वारा न केवल पदीय कर्त्तव्यों के निर्वहन में घोर लापरवाही बरती गयी है, अपितु कारा में बंदी खिलाड़ी सिंह की हत्या के मामले में मृत बंदी की पत्नी मालती देवी द्वारा दायर याचिका में माननीय उच्च न्यायालय, पटना द्वारा पारित आदेष के फलस्वरूप सरकार को भारी आर्थिक क्षति हुई है और 5,00,000 (पाँच लाख) रू0 मुआवजा के रूप में देना पड़ा है। 7. फलतः विभागीय स्तर पर सम्यक्‌ समीक्षोपरान्त प्रमाणित आरोपों की गम्भीरता को देखते हुए श्री वर्मा के पेंषन से 25% राषि की कटौती के दण्ड प्रस्ताव का निर्णय लिया गया, जिस पर बिहार लोक सेवा आयोग के पत्रांक-762 दिनांक 30.06.2014 के अनुसार दिनांक 24.06.2014 को संपन्न आयोग की पूर्ण पीठ की बैठक में उपर्युक्त विभागीय दण्ड प्रस्ताव से सहमति व्यक्त की गई है।

8. अतः श्री मदन शंकर वर्मा, तत्कालीन काराधीक्षक (सम्प्रति सेवानिवृत्त) के विरूद्ध निम्न दण्ड अधिरोपित किया जाता है-

''पेंषन से 25 प्रतिषत (पचीस प्रतिषत) की कटौती का दंड''।

बिहार-राज्यपाल के आदेष से, (ह॰) अस्पष्ट, अपर सचिव-सह-निदेशक, (प्रशासन)।

---- कारा एवं सुधार सेवाएँ निरीक्षणालय गृह विभाग ---- अधिसूचना 19 नवम्बर 2014 सं॰ कारा/नि0को0-1-0-110/06-5925-श्री देवेन्द्र कुमार, तत्कालीन अधीक्षक, उपकारा, जमुई (मंडल कारा, जमुई) सम्प्रति सेवानिवृत के विरूद्ध विभागीय संकल्प ज्ञापांक 3849 दिनांक 27.08.2010 द्वारा विभागीय कार्यवाही संस्थित की गई एवं विभागीय कार्यवाही के संचालन हेतु प्रमंडलीय आयुक्त, मुँगेर प्रमण्डल, मुँगेर को संचालन पदाधिकारी एवं अधीक्षक, मंडल कारा, जमुई को उपस्थापन पदाधिकारी नियुक्त किया गया है। 2. श्री कुमार के विरूद्ध गठित आरोप है :- लखीसराय थाना कांड संख्या 397/04, धारा-302/34 भा0द0वि0 एवं 27 शस्त्र अधिनियम के प्राथमिकी अभियुक्त विश्वनाथ सिंह उर्फ निरज कुमार को उक्त कांड में रिमांड करने हेतु निर्गत पी0डब्ल्यू0 दिनांक 20.06.2006 को उपकारा, जमुई में प्राप्त कराया गया। इसके बावजूद भी बंदी विश्वनाथ सिंह को दिनांक 10.07.2006 को कारा से मुक्त कर दिया गया। यह श्री कुमार की कर्त्तव्योपेक्षा, लापरवाही एवं कारा हस्तक के नियम 531 के उल्लंघन का परिचायक है। 3. संचालन पदाधिकारी-सह-प्रमंडलीय आयुक्त, मुँगेर प्रमंडल, मुँगेर द्वारा आरोपित पदाधिकारी श्री कुमार के विरूद्ध गठित आरोप एवं उनसे प्राप्त स्पष्टीकरण के आधार पर विभागीय कार्यवाही की जाँच की गई एवं जाँचोपरान्त संचालन पदाधिकारी द्वारा आरोपित के विरूद्ध गठित आरोप को प्रमाणित नहीं पाया गया है। उपर्युक्त परिपे्रक्ष्य में आरोपित के विरूद्ध गठित आरोप, आरोपित पदाधिकारी का बचाव बयान, संचालन पदाधिकारी का अधिगम एवं उपलब्ध अभिलेख की सम्यक्‌ समीक्षोपरान्त स्पष्ट होता है कि आरोपित पदाधिकारी श्री कुमार के विरूद्ध गठित कारा हस्तक नियम 531 के उल्लंघन का आरोप प्रमाणित नहीं होता है। 4. उपरोक्त परिपे्रक्ष्य में श्री कुमार के विरूद्ध गठित आरोप संचालन पदाधिकारी द्वारा प्रमाणित नहीं पाया गया है। अतः संचालन पदाधिकारी के अधिगम से सहमत होते हुए श्री कुमार केा आरोप मुक्त किया जाता है।

बिहार-राज्यपाल के आदेश से, सत्येन्द्र नाथ श्रीवास्तव, अपर सचिव-सह-निदेशक, प्रशासन।11 (cid:18)बहार गजट, 17 +दस-बर 2014 सं॰ कारा/लेखा-02-5/2014-4551 कारा एवं सुधार सेवाएँ निरीक्षणालय गृह विभाग ---- संकल्प 20 अगस्त 2014

विभागीय संकल्प ज्ञापांक 861 दिनांक 14.02.2014 द्वारा श्री बीरचन्द्र प्रसाद सिंह, निदेशक (कर्मशाला) कारा एवं सुधार सेवाएँ निरीक्षणालय, बिहार, पटना को निलम्बित करते हुए निलम्बनावस्था में मुख्यालय प्रमंडलीय आयुक्त का कार्यालय, मगध प्रमण्डल, गया निर्धारित किया गया है।

2. श्री सिंह को उनके निलम्बनावस्था में जीवन निर्वाह भाा का भुगतान आयुक्त कार्यालय, मगध प्रमण्डल, गया से प्राप्त अनुपस्थिति विवरणी के आधार पर कारा एवं सुधार सेवाएँ निरीक्षणालय, बिहार, पटना से किया जायेगा।

3. पूर्व में निर्गत संकल्प ज्ञापांक 861 दिनांक 14.02.2014 इस हद तक संशोधित समझा जाये।

4. इसमें प्रधान सचिव, गृह विभाग, बिहार, पटना का अनुमोदन प्राप्त है।

बिहार-राज्यपाल के आदेश से, (ह॰) अस्पष्ट, अपर सचिव-सह-निदेशक (प्र0)।

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ग्रामीण कार्य विभाग

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कार्यालय आदेश

2 दिसम्बर 2014

सं॰ 3/अ0प्र0-1-171/2012-71-श्री राम सिहांसन सिंह, तदेन कनीय अभियंता, ग्रामीण कार्य विभाग, कार्य प्रमंडल, औरंगाबाद द्वारा अपने पदस्थापन काल में औरंगाबाद जिला के अधीन प्रधानमंत्री ग्राम सडक योजना अन्तर्गत दो पथ यथाः- भदवा शिवगंज से कझपा एवं तारा से अरई खाप पथ में अनियमितता के लिए आरोप पत्र प्रपत्र 'क' गठित कर स्पष्टीकरण की मांग की गयी थी। इसी दौरान श्री राम सिहासन सिंह की मृत्यु 22.07.2014 को हो जाने के कारण इन्हें विभागीय समीक्षोंपरांत इनके विरूद्व उक्त मामलें को समाप्त किया जाता है।

आदेश से, शैलेन्द्र कुमार पाण्डेय, संयुक्त सचिव।

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Cite this issue. Bihar Gazette, Government of Bihar, 17 December 2014. Indian Gazettes, https://egazette.servantsofknowledge.in/details/in.gov.bih.gazette.2014-12-17.51/. Archive identifier in.gov.bih.gazette.2014-12-17.51.