िनबंधन सं(cid:8)या पी0ट(cid:15)0-40
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---
भाग-1-ख—मैश(cid:15)कु लेशन, आई0ए0, आई0एससी0, बी0ए0, बी0एससी0, एम0ए0, एम0एससी0, लॉ भाग-1 और 2, एम0बी0बी0एस0, बी0एस0ई0, ड(cid:15)प0-इन- एड0, एम0एस0 और मु(cid:8)तार(cid:15) पर(cid:15)Kाओं के पर(cid:15)Kा-फल, कायMबम, छाऽवृ(cid:18)P ूदान, आ)द।
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भाग-1-ग—िशKा संबंधी सूचनाएं, पर(cid:15)Kाफल आ)द ---
भाग-2—(cid:18)बहार-राQयपाल और कायाMRयKB (cid:24)ारा िनकाले गये (cid:18)विनयम, आदेश, अिधसूचनाएं और िनयम आ)द। 3-4 भाग-3—भारत सरकार, पSTम बंगाल सरकार और उVच ;यायालय के आदेश, अिधसूचनाएं और िनयम, 'भारत गजट' और राQय गजटB के उXरण। ---
भाग-4—(cid:18)बहार अिधिनयम ---
पृंठपृंठपृंठपृंठ भाग-5—(cid:18)बहार (cid:18)वधान मंडल मZ पुर:ःथा(cid:18)पत (cid:18)वधेयक, उ\त (cid:18)वधान मंडल मZ उपःथा(cid:18)पत या उपःथा(cid:18)पत )कये जानेवाले ूवर सिमितयB के ूितवेदन और उ\त (cid:18)वधान मंडल मZ पुर:ःथापन के पूवM ूकािशत (cid:18)वधेयक। ---
भाग-7—संसद के अिधिनयम Sजनपर रांशपित क^ Qयेंठ अनुमित िमल चुक^ है। ---
भाग-8—भारत क^ संसद मZ पुर:ःथा(cid:18)पत (cid:18)वधेयक, संसद मZ उपःथा(cid:18)पत ूवर सिमितयB के ूितवेदन और संसद मZ उपःथा(cid:18)पत ूवर सिमितयB के ूितवेदन और संसद मZ पुर:ःथापन के पूवM ूकािशत (cid:18)वधेयक। ---
भाग-9—(cid:18)व`ापन
---
भाग-9-क—वन (cid:18)वभाग क^ नीलामी संबंधी सूचनाएं ---
भाग-9-ख—िन(cid:18)वदा सूचनाएं, पaरवहन सूचनाएं, ;यायालय सूचनाएं और सवMसाधारण सूचनाएं इbया)द। 5-5
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पूरक
पूरक-क 6-122 (cid:18)बहार गजट, 24 )दस+बर 2014
भागभागभागभाग----1111
िनयु(cid:18)3िनयु(cid:18)3िनयु(cid:18)3िनयु(cid:18)3, , , , पदःथापदःथापदःथापदःथापनपनपनपन, , , , बदलीबदलीबदलीबदली, , , , श(cid:18)3श(cid:18)3श(cid:18)3श(cid:18)3, , , , छु 8ट(cid:15) और अछु 8ट(cid:15) और अछु 8ट(cid:15) और अछु 8ट(cid:15) और अ;य;य;य;य वैय(cid:18)3क सूचनाएं वैय(cid:18)3क सूचनाएं वैय(cid:18)3क सूचनाएं वैय(cid:18)3क सूचनाएं ÑÑÑÑÑÑÑÑÑÑÑÑÑÑÑÑÑÑÑÑ
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8 fnlEcj 2014
सं॰ मंॉमंॉ-02/स्थाॉ-10-62/2014-1501150115011501—मंत्रिमंडल सचिवालय विभाग के संकल्प संख्या 1477, दिनांक 03.12. 2014 के आलोक में श्री एॉएसॉ निम्ब्रान, (सेवानिवृा), भाॉपुॉसेॉ (1979) को पद ग्रहण की तिथि से अगले आदेश तक सुरक्षा सलाहकार के पद पर नियुक्त किया जाता है। 02. मुख्यमंत्री के सुरक्षा सलाहकार का नियंत्री विभाग गृह विभाग, बिहार, पटना होगा।
बिहार-राज्यपाल के आदेश से, बीॉ प्रधानबीॉ प्रधानबीॉ प्रधानबीॉ प्रधान, प्रधान सचिव।
______ अधीKकअधीKकअधीKकअधीKक, , , , सिचवालय मुिणालयसिचवालय मुिणालयसिचवालय मुिणालयसिचवालय मुिणालय,,,,
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Website: http://egazette.bih.nic.in
3 (cid:18)बहार गजट, 24 )दस+बर 2014भागभागभागभाग----2222
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----- सं॰ 10/विविध-135/2012-2460 समाज कल्याण विभागसमाज कल्याण विभागसमाज कल्याण विभागसमाज कल्याण विभाग (समाज कल्याण निदेषालय) (समाज कल्याण निदेषालय) (समाज कल्याण निदेषालय) (समाज कल्याण निदेषालय) ——— संकल्पसंकल्पसंकल्पसंकल्प 12 दिसम्बर 201412 दिसम्बर 201412 दिसम्बर 201412 दिसम्बर 2014 महिला विकास निगम, बिहार, पटना जो सोसाईटीज रजिस्ट्रेषन एक्ट, 1860 की धारा-21 के अधीन निबंधित है तथा जिसकी निबंधन संख्या-470/1991-92 है, की आर्टिकल्स ऑफ एसोसिएषन के नियम 15 (ए) (1) के अनुसार निदेषक मंडल का गठन संकल्प निर्गत होने की तिथि से तीन वर्षो के लिए निम्नानुसार किया जाता है :-
1) प्रधान सचिव/सचिव, समाज कल्याण विभाग, बिहार - अध्यक्ष 2) प्रधान सचिव/सचिव, वित विभाग अथवा उनके प्रतिनिधि - सदस्य
(जो संयुक्त सचिव से अन्यून स्तर के हो)
3) श्रीमती हरजौत कौर बम्हारा (भा0प्र0से0 के महिला पदाधिकारी के रूप में)- सदस्य 4) निदेशक, समाज कल्याण, बिहार - सदस्य 5) निदेषक, उद्योग अथवा उनके प्रतिनिधि - सदस्य
(जो अपर निदेषक से अन्यून हो)
6) प्रबंध निदेषक, महिला विकास निगम - सदस्य (पदेन) 7) मुख्य कार्यपालक पदाधिकारी, जीविका - विषेष आमंत्रित सदस्य 2. निदेषक मंडल की किसी भी बैठक के लिए निदेषक मंडल के तीन व्यक्तियों की उपस्थिति गणपूरक (कोरम) मानी जायेगी।
आदेश :- आदेषित हुआ है कि इस संकल्प को बिहार राजपत्र में प्रकाषित किया जाय एवं इसकी प्रति निदेषक मंडल के सभी सदस्यों/महालेखाकार, पटना/सरकार के सभी विभाग एवं विभागाध्यक्ष को भेजी जाय।
बिहार-राज्यपाल के आदेष से, अमरनाथ मिश्र, अपर सचिव।
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जल संसाधन विभाग
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आवश्यक सूचनाएं
5 fnlEcj 2014
सं॰ सिं0 को0-01/2001 पार्ट ।।-755—मुख्य अभियंता, जल संसाधन विभाग, वाल्मीकीनगर एवं मुजफ्फरपुर के परिक्षेत्राधीन पूर्वी गंडक नहर प्रणाली के पुनस्र्थापन कार्य के तहत अवशेष पुनस्र्थापन कार्य को पूर्ण कराने हेतु नहर में जलापूर्ति बाधित रहेगा ।
अतः पूर्वी गंडक नहर प्रणालीें के कमांड क्षेत्र के कृषक बन्धुओं से अनुरोध है कि रब्बी सिंचाई 2014-15 हेतु वैकल्पिक व्यवस्था से पटवन करने का कष्ट करेगें । उपरोक्त कार्य में आप सबों का सहयोग प्रार्थित है ।
आदेश से,
बिपिन बिहारी मिश्र, संयुक्त सचिव (अभियंत्रण)।4 (cid:18)बहार गजट, 24 )दस+बर 2014
9 fnlEcj 2014
सं॰ सिं0 को0-01/2001 पार्ट-II-758—मुख्य अभियंता, जल संसाधन विभाग, डिहरी के परिक्षेत्राधीन सुअरा वियर योजना के दायीं एवं बायीं नहरों के जीर्णोद्धार कार्य हेतु रब्बी सिंचाई 2014-15 के दौरान नहर में जलापूर्ति बन्द रहेगा ।
अतः सुअरा वियर योजना के दायीं एवं बायीं नहरों के कमांड क्षेत्र के कृषक बन्धुओं से अनुरोध है कि रब्बी सिंचाई 2014-15 के दौरान स्वयं वैकल्पिक व्यवस्था से पटवन करने का कष्ट करेगें । उपरोक्त कार्य में आप सबों का सहयोग प्रार्थित है ।
आदेश से,
बिपिन बिहारी मिश्र, संयुक्त सचिव (अभियंत्रण)।
———
12 fnlEcj 2014
सं॰ सिं0 को0-01/2001 पार्ट ।।-774—मुख्य अभियंता, जल संसाधन विभाग, सिवान के परिक्षेत्राधीन पश्चिमी गंडक नहर प्रणाली, बिहार (सारण मुख्य नहर एवं इसकी वितरण प्रणाली) के पुनस्र्थापन कार्य हेतु नहर में जलापूर्ति बाधित रहेगा ।
अतः सारण मुख्य नहर एवं इसके वितरण प्रणालीें के कमांड क्षेत्र के कृषक बन्धुओं से अनुरोध है कि रब्बी सिंचाई 2014-15 के दौरान स्वयं वैकल्पिक व्यवस्था से पटवन करने का कष्ट करेगें । उपरोक्त कार्य में आप सबों का सहयोग प्रार्थित है ।
आदेश से,
बिपिन बिहारी मिश्र, संयुक्त सचिव (अभियंत्रण)।
——— अधीKकअधीKकअधीKकअधीKक, , , , सिचवालय मुिणालयसिचवालय मुिणालयसिचवालय मुिणालयसिचवालय मुिणालय,,,,
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भागभागभागभाग----9999((((खखखख))))
औऔऔऔर सवMसाधारण सूचनाएं इbयार सवMसाधारण सूचनाएं इbयार सवMसाधारण सूचनाएं इbयार सवMसाधारण सूचनाएं इbया)द।)द।)द।)द।
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सूचना
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सं॰ 2031—मैं, अर्चना, पिता-कौशलेन्द्र कुमार, उम्र-29 वर्ष ग्राम-परसावां, पो॰-धर्मशाला, थाना-पैरेया, जिला-गया, शपथ पत्र संख्या 985/14, दिनांक 11.06.2014 के द्वारा आज से मैं अर्चना सिंह के नाम से जानी जाऊंगी।
अर्चना।
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सं॰ 2032—मैं, चन्द्रजीत, पिता-अशोक कुमार शर्मा, बयान करता हूँ कि शपथ-पत्र संख्या 15724, दिनांक 15.07.2014 के द्वारा आज के बाद मैं चन्द्रजीत शर्मा के नाम से जाना जाऊंगा। पता 32ए बारह पत्थर, समस्तीपुर, पिन-848101 (बिहार)।
चन्द्रजीत।
No. 2032—I, Chandrajeet, S/o Ashok Kumar Sharma, R/o- 32A Barah Patthar, Samastipur, Pin- 848101, Bihar, India vide affidavit no. 15724 dated 15-07-2014 shall be known as Chandrajeet Sharma.
CHANDRAJEET.
———
सं॰ 2060—मैं विषाल कुमार, पिता-पवन कुुमार, निवास-मोकामा षकरवार टोला, वार्ड नं0-14 पो0थाना-मोकामा, जिला-पटना (बिहार) षपथ पत्र सं.-16483, दिनांक 05.11.2014 द्वारा यह घोषणा करता हूँ कि मेरे पिता का नाम गलती से सारे षैक्षणिक मूल प्रमाण-पत्र में पवन प्रसाद अंकित हो गया है इनका सही नाम पवन कुमार है।
विषाल कुमार।
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No. 2059—I Prashant Kumar Son of Amrendra Kumar singh, Resident of No.- A/29, Anand Vihar Colony, Ambedkar Path (Jagdeopath) Bailey Road, Patna-14 (Bihar), Affidavit No.–16631, Dated 08.11.2014, That in said examination record my father's name has been written as Amrendra Singh. That my father's correct name is Amrendra Kumar Singh.
PRASHANT KUMAR.
——— अधीKकअधीKकअधीKकअधीKक, , , , सिचवालय मुिणालयसिचवालय मुिणालयसिचवालय मुिणालयसिचवालय मुिणालय,,,,
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Website: http://egazette.bih.nic.in
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काकाकाका
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सं॰ 08/आरोप-01-303/2014सा॰-16325 सामान्य प्रशासन विभाग ——— संकल्प 26 नवम्बर 2014 श्री विवेक कुमार, (बि॰प्र॰से॰), कोटि क्रमांक-898/2011, तत्कालीन प्रखंड विकास पदाधिकारी, धरहरा, जिला-मुंगेर (सम्प्रति वरीय उप समाहर्त्ता, गोपालगंज) के विरूद्ध जिला पदाधिकारी, मुंगेर के पत्रांक-997, दिनांक 25.08.2008 द्वारा आरोप प्रपत्र 'क' गठित कर ग्रामीण विकास विभाग, बिहार, पटना को उपलब्ध कराया गया। आरोपों की समीक्षा के उपरांत ग्रामीण विकास विभाग, बिहार, पटना के पत्रांक-6355, दिनांक 23.07.2009 द्वारा श्री कुमार के विरूद्ध अनुशासनिक कार्रवाई की अनुशंसा की गयी। 2. उक्त आलोक मेंं विभागीय पत्रांक-9188, दिनांक 14.09.2009 द्वारा श्री कुमार से स्पष्टीकरण की माँग की गयी। श्री कुमार से स्पष्टीकरण अप्राप्त रहने के उपरांत इसे आरोप प्रपत्र में शामिल करते हुए विभागीय पत्रांक-12292, दिनांक 11. 11.2011 द्वारा उनसे पुनः स्पष्टीकरण की माँग की गयी। श्री विवेक कुमार के पत्रांक-790, दिनांक 22.11.2011 द्वारा समर्पित स्पष्टीकरण पर जिला पदाधिकारी, मुंगेर का मंतव्य पत्रांक-759, दिनांक 30.07.2014 द्वारा उपलब्ध कराया गया। 3. श्री विवेक कुमार के विरूद्ध मुख्य आरोप - बाल विकास परियोजना पदाधिकारी, के प्रभार में आँगनबाड़ी सेविकाओं के साथ मर्यादा के प्रतिकूल व्यवहार करने, विभिन्न तिथियों को जिला पदाधिकारी द्वारा किये गये औचक निरीक्षण के दौरान मुख्यालय से अनुपस्थित पाये जाने, उच्चाधिकारी के आदेश का अनुपालन नहीं करने का है। हॉलाकि श्री कुमार ने अपने स्पष्टीकरण में इन आरोपों को इस आधार पर खारिज किया है कि वे प्रखंड मुख्यालय में स्थायी रूप से निवास कर कार्य करते रहे है तथा मोबाईल टावर कार्य नहीं करने के कारण ही जिला पदाधिकारी से समय-समय पर सम्पर्क नहीं हो सका। फलतः उन्हें मुख्यालय से अनुपस्थित करार दिया गया है। लेकिन इन आरोपों के आलोक में श्री कुमार के विरूद्ध गठित आरोपों में से आरोप सं॰-01 एवं 07 को छोड़कर जिला पदाधिकारी, मुंगेर द्वारा सभी आरोपों (आरोप सं॰-2,3,4,5,7 एवं 8) के आलोक में श्री कुमार के स्पष्टीकरण को संतोषप्रद नहीं होने का मंतव्य दिया गया। 4. वर्णित परिपेक्ष्य में श्री विवेक कुमार के विरूद्ध गठित आरोप, उनसे प्राप्त स्पष्टीकरण एवं जिला पदाधिकारी के मंतव्य की समीक्षा के उपरांत पाया गया है कि आरोपित पदाधिकारी का स्पष्टीकरण पूर्णतः संतोषजनक नहीं है क्योंकि आरोपित पदाधिकारी कर्त्तव्य के प्रति पूर्णतः लापरवाह रहे है। वरीय पदाधिकारियों के आदेश की अवहेलना उनके द्वारा बार-बार की जाती रही है। प्रशासनिक सेवा के पदाधिकारियों के लिए इस तरह का आचरण अशोभनीय एवं असंतोषजनक श्रेणी में आता है। आरोप की प्र—ति से प्रशासनिक लापरवाही एवं आदेश की अवहेलना परिलक्षित होती है परन्तु एक भी आरोप अनियमित आदेश अथवा सरकारी राजस्व को क्षति पहुंचाने अथवा गबन आदि से संबंधित नहीं है। 5. अतः सम्यक् विचारोपरांत बिहार सरकारी सेवक (वर्गीकारण नियंत्रण एवं अपील) नियमावली-2005 के नियम-17(1) एवं नियम-19 के तहत श्री विवेक कुमार, (बि॰प्र॰से॰), कोटि क्रमांक-898/2011, तत्कालीन प्रखंड विकास पदाधिकारी, धरहरा, जिला-मुंगेर (सम्प्रति वरीय उप समाहर्त्ता, गोपलगंज) के विरूद्ध निम्न शास्ति अधिरोपित की जाती है :- (i) निन्दन (आरोप वर्ष 2008 के प्रभाव से) (ii) प्रोन्नति पर रोक एक वर्ष के लिए (संकल्प के निर्गत होने की तिथि के प्रभाव से)।7 (cid:18)बहार गजट, 24 )दस+बर 2014 आदेश- आदेश दिया जाता है कि इस संकल्प की प्रति बिहार राजपत्र के अगले अंक में प्रकाशित किया जाय तथा इसकी प्रति सभी संबंधित को भेज दी जाय।
बिहार-राज्यपाल के आदेश से, केशव कुमार सिंह, अपर सचिव।
——— सं॰ 08/आरोप-01-52/2014,सा॰प्र॰-16324 ——— संकल्प 26 नवम्बर 2014 श्री राम दुलार राम, (बि॰प्र॰से॰) कोटि क्रमांक-1394/08, 1157/11, तत्कालीन कार्यपालक दंडाधिकारी-सह- प्रभारी जिला आपूर्त्ति पदाधिकारी, गोपालगंज, सम्प्रति भूमि सुधार उप समाहर्त्ता, महुआ (वैशाली) के विरूद्ध खाधान्न के वितरण में अनियमितता, कालाबाजारी तथा अनियमित एवं अवैध तरीके से अपने स्तर से आदेश जारी करने संबंधी प्रतिवेदित आरोपों की जाँच हेतु विभागीय संकल्प ज्ञापांक-3747, दिनांक 04.03.2013 द्वारा विभागीय कार्यवाही संचालित की गयी। संचालन पदाधिकारी यथा, आयुक्त, सारण प्रमंडल, छपरा के पत्रांक-1861, दिनांक 30.09.2013 द्वारा प्राप्त जाँच प्रतिवेदन में यद्यपि सभी आरोप अप्रमाणित बताये गये तथापि अनुशासनिक प्राधिकार के स्तर पर की गयी समीक्षा के उपरांत यह उजगार हुआ कि आरोपित पदाधिकारी द्वारा अपने अधिकार क्षेत्र से परे एक प्रखंड के जन वितरण प्रणाली के दुकानदार से दूसरे प्रखंड के कतिपय पंचायत को संबद्ध करने की कार्रवाई बिना जिला पदाधिकारी के अनुमोदन के ही कर दी गयी। उक्त परिपेक्ष्य में संचालन पदाधिकारी द्वारा दिया गया मंतव्य आंशिक रूप से ही स्वीकार योग्य पाया गया। अतएव बिहार सरकारी सेवक (वर्गीकरण, नियंत्रण एवं अपील) नियमावाली, 2005 के नियम-17(2) एवं नियम-14(1) के तहत श्री राम दुलार राम, (बि॰प्र॰से॰) कोटि क्रमांक-1394/08, 1157/11 को निन्दन की शास्ति अधिरोपित की जाती है।
आदेश- आदेश दिया जाता है कि इस संकल्प की प्रति बिहार राजपत्र के अगले अंक में प्रकाशित किया जाय तथा इसकी प्रति सभी संबंधित को भेज दी जाय।
बिहार-राज्यपाल के आदेश से, केशव कुमार सिंह, अपर सचिव।
——— सं॰ 02/सी॰-1025/2010(खंड),सा॰प्र॰-10832 ——— संकल्प 5 अगस्त 2014 श्री उमेश कुमार वर्मा, बि॰प्र॰से॰, कोटि क्रमांक-23/11, तत्कालीन उप विकास आयुक्त, अररिया सम्प्रति निदेशक, सैनिक कल्याण निदेशालय, बिहार पटना के विरूद्ध राष्ट्रीय—त बैंक मेें इंदिरा आवास योजना की राशि जमा नहीं करवाने, इंदिरा आवास के नियमों का उल्लघंन कर योजना की राशि डेहटी पैक्स में जमा कराये जाने के लिए प्रखंड विकास पदाधिकारी के विरूद्ध कार्रवाई नहीं करने, उच्चाधिकारियों के निदेश का अनुपालन नहीं करने, डेहटी पैक्स प्रबंधक एवं बिचौलियों की मिलीभगत से राशि गबन कर दुरूपयोग करने आदि के प्रतिवेदित आरोपों के लिए संकल्प ज्ञापांक-9561, दिनांक 25.08.2011 द्वारा संचालित विभागीय कार्यवाही के फलस्वरूप सामान्य प्रशासन विभाग के संकल्प ज्ञापांक-12368, दिनांक 25.07.2013 द्वारा बिहार प्रशासनिक सेवा के उप-सचिव के वेतमान एवं ग्रेड-पे के न्यूनतम प्रक्रम पर स्थायी रूप से अवनति की शास्ति अधिरोपित की गई थी। 2. श्री वर्मा उक्त दंडादेश के विरूद्ध माननीय उच्च न्यायालय, पटना में दायर सी॰डब्ल्यू॰जे॰सी॰सं॰-4359/ 2013 में दिनांक 21.04.2014 को पारित न्यायादेश का कार्यकारी अंश निम्नवत है :- 27. "This Court, therefore, will not sustain the decision of the respondent authorities of imposing punishment contained in Annexure-36. The same would be required to be interfered with as punishment order has not been passed in consonance with the prescribed rules. 28. Learned senior counsel before parting also attacks the nature of the punishment, which, according to him, is not prescribed in Rule 14. 29. The Court is not required to go into that aspect of the matter as enough serious legal lacunas has already been noticed in the manner in which the order of punishment has come to visit the petitioner. If the respondent authorities were serious and concerned about what transpired in the district of Araria, they should have at least obtained better legal advice to ensure that their action did not become vulnerable when put to test. 30. Writ is allowed. Annexure-36, deted 25.07.2013 is quashed."8 (cid:18)बहार गजट, 24 )दस+बर 2014 3. सी॰ डब्ल्यू॰जे॰सी॰ सं॰-4359/2013 में दिनांक 21.04.2014 को पारित उक्त न्यायादेश के विरूद्ध राज्य सरकार द्वारा एल॰पी॰ए॰ दायर किया जाना प्रक्रियाधीन है। इस बीच श्री वर्मा द्वारा उक्त न्यायादेश का अनुपालन नहीं किये जाने के आधार पर माननीय उच्च न्यायालय, पटना में एम॰जे॰सी॰ सं॰............................./2014 दायर किया गया है। 4. अतः उक्त वर्णित परिप्रेक्ष्य में सम्यक विचारोपरांत अनुशासनिक प्राधिकार द्वारा श्री वर्मा के विरूद्ध संकल्प ज्ञापांक-12368, दिनांक 25.07.2013 द्वारा बिहार प्रशासनिक सेवा के उप सचिव के वेतमान एवं ग्रेड-पे के न्यूनतम प्रक्रम पर स्थायी रूप से अवनति के अधिरोपित दंड को इस शर्त्त के साथ निरस्त करने का निर्णय लिया गया है कि यह निर्णय सरकार द्वारा माननीय उच्च न्यायालय, पटना में दायर किये जाने वाले एल॰पी॰ए॰ के फलाफल से प्रभावित होगा। 5. सामान्य प्रशासन विभाग के संकल्प ज्ञापांक-12368, दिनांक 25.07.2013 द्वारा श्री उमेश कुमार वर्मा, बि॰प्र॰से॰, कोटि क्रमांक-23/11, तत्कालीन उप विकास आयुक्त, अररिया सम्प्रति निदेशक सैनिक कल्याण निदेशालय, बिहार, पटना के विरूद्ध अधिरोपित बिहार प्रशासनिक सेवा के उप सचिव के वेतमान एवं ग्रेड-पे के न्यूनतम प्रक्रम पर स्थायी रूप से अवनति के अधिरोपित शास्ति को निरस्त किया जाता है। यह आदेश सरकार द्वारा माननीय उच्च न्यायालय, पटना में दायर किये जाने वाले एल॰पी॰ए॰ के फलाफल से प्रभावित होगा।
आदेश- आदेश दिया जाता है कि इस संकल्प की प्रति बिहार राजपत्र के अगले अंक में प्रकाशित किया जाय तथा इसकी प्रति सभी संबंधित को भेज दी जाय।
बिहार-राज्यपाल के आदेश से, केशव कुमार सिंह, अपर सचिव।
——— सं॰ 08/आरोप-01-59/2014,सा॰प्र॰ 15746 ——— संकल्प 18 नवम्बर 2014 श्री सूर्य नारायण सिंह, बि॰प्र॰से॰, कोटि क्रमांक-354/11 तत्कालीन निदेशक, लेखा प्रशासन एवं स्वनियोजन, जिला ग्रामीण विकास अभिकरण, पश्चिमी चम्पारण, बेतिया सम्प्रति अपर समाहर्त्ता, लखीसराय के विरूद्ध दिनांक 05.04.2013 से 07.04.2013 तक अनाधि—त रूप से अनुपस्थिति, लेखा संबंधी कार्यो तथा कार्यालय के निरीक्षण में मूल पद के कर्त्तव्यों का निर्वहन नहीं करने, बाल्मिकी नगर विधान सभा क्षेत्र के निर्वाचन निबंधक पदाधिकारी एवं बगहा-1 प्रखंड के वरीय पदाधिकारी के रूप में कर्त्तव्यों का निर्वहन नहीं करने आदि के प्रतिवेदित आरोपों के लिये विभागीय संकल्प ज्ञापांक-16236, दिनांक 08. 10.2013 के द्वारा विभागीय कार्यवाही संचालित करने का निर्णय लिया गया । संचालन-सह-जाँच पदाधिकारी, आयुक्त, तिरहुत प्रमंडल, मुजफ्फरपुर के पत्रांक-535, दिनांक 07.02.2014 के द्वारा जाँच प्रतिवेदन समर्पित किया गया। जाँच पदाधिकारी द्वारा श्री सिंह के विरूद्ध प्रतिवेदित पाँच आरोपों में से आरोप सं॰-(1) एवं (2) को प्रमाणित पाया गया। प्राप्त जाँच प्रतिवेदन पर श्री सिंह से विभागीय पत्रांक-8860, दिनांक 30.06.2014 के द्वारा प्रत्युत्तर समर्पित करने जाने का अनुरोध किया गया। विभागीय पत्रांक-11408, दिनांक 19.08.2014 द्वारा स्मारित किये जाने के बावजूद भी श्री सिंह के द्वारा प्रत्युत्तर समर्पित नहीं किया गया। प्राप्त जाँच प्रतिवेदन में आरोप सं॰-1 एवं 2 को प्रमाणित एवं आरोप सं॰-4 को अप्रमाणित पाया गया। आरोप सं॰-3 एवं आरोप सं॰-05 को आरोपी के स्पष्टीकरण पर जिला पदाधिकारी के मंतव्य के आलोक में आरोप पूर्व में ही समाप्त हो चुका बताया गया है। आरोप सं॰-1 मात्र तीन दिनों की अनाधि—त अनुपस्थिति एवं आरोप सं॰-3 प्रखंड कार्यालयों एवं मनरेगा कार्यालयों के निरीक्षण नहीं किये जाने से संबंधित है। दोनों ही प्रमाणित आरोपं में किसी प्रकार के गलत आदेश पारित करने अथवा वित्तीय अनियमितता का जिक्र नहीं है। स्पष्टतया आरोप एवं जाँच पदाधिकारी के मंतव्य से केवल इतना सिद्ध होता है कि आरोपित पदाधिकारी की कार्यशैली संतोषजनक नहीं थी एवं आरोपी के अनुश्रवण प्रणाली में गुणवता एवं रचनात्मकता का आभाव था। अतः उपरोक्त परिपेक्ष्य में अनुशासनिक प्राधिकार के द्वारा समीक्षोपरांत पाया गया कि श्री सूर्य नारायण सिंह, बि॰प्र॰से॰, कोटि क्रमांक-314/2011 के विरूद्ध कोई वित्तीय अनियमितता अथवा नियम विरूद्ध कार्य करने का आरोप नहीं है परन्तु उनका कार्यशैली असंतोषजनक रही। इनके द्वारा योजनाओं का अनुश्रवण एवं लेखा जाँच आदि कर्त्तव्यों का निर्वहन सम्यक् रूप से नहीं किया गया। अतः बिहार सरकारी सेवक (वर्गीकरण, नियंत्रण एवं अपील) नियमावली-2005 के नियम-14 के तहत निम्नलिखित शास्ति अधिरोपित किया जाता है :- (1) निन्दन (आरोप वर्ष 2014-15 के प्रभाव से) आदेशः- आदेश दिया जाता है कि इस संकल्प की प्रति बिहार राजपत्र के अगले अंक में प्रकाशित किया जाय तथा इसकी प्रति सभी संबंधित को भेज दी जाय।
बिहार-राज्यपाल के आदेश से, केशव कुमार सिंह, अपर सचिव।9 (cid:18)बहार गजट, 24 )दस+बर 2014 सं॰ 08/आरोप-01-256/2014,सा॰प्र॰ 15747 ——— संकल्प 18 नवम्बर 2014 श्री रंजन कुमार चौहान, (बि॰प्र॰से॰) कोटि क्रमांक-542/11, तत्कालीन वरीय उप समाहर्त्ता, अररिया के विरूद्ध निर्वाचन कार्य में लापरवाही बरतने के लिए जिला निर्वाचन पदाधिकारी-सह-जिला पदाधिकारी, अररिया के पत्रांक-1591, दिनांक 27.10.2010 द्वारा आरोप प्रपत्र 'क' प्राप्त हुआ। जिला पदाधिकारी, अररिया से प्राप्त आरोप प्रपत्र 'क' के आधार पर विभागीय पत्रांक-283, दिनांक 07.01.2011 द्वारा श्री चौहान से स्पष्टीकरण की माँग की गयी। श्री चौहान ने अपने पत्रांक-168, दिनांक 15.02.2011 द्वारा स्पष्टीकरण समर्पित किया। श्री चौहान द्वारा समर्पित स्पष्टीकरण को विभागीय पत्रांक-5781, दिनांक 24.05.2011 द्वारा जिला निर्वाचन पदाधिकारी-सह-जिला पदाधिकारी, अररिया को भेजते हुए श्री चौहान के स्पष्टीकरण पर मंतव्य की माँग की गयी। श्री चौहान ने अपने स्पष्टीकरण में मूल रूप में अंकित किया है कि उनके द्वारा निर्वाचन कार्य पूरी निष्ठा के साथ किया गया। वाहन कोषांग में प्रतिनियुक्त रहते हुए उन्होंने वाहन को जब्त किया इसकी सूचना जिला पदाधिकारी देते रहे। श्री चौहान ने आरोप सं॰-02 के संबंध में अंकित किया है कि वे कभी नशे के हालत में नहीं रहते है। वे भू-अर्जन से संबंधित बैठक में भाग लेने के लिए पटना गये थे एवं अररिया लौटने के क्रम में पूर्णियाँ जीरो माईल पर वाहन चेंकिग के दौरान पूर्णियाँ थानाध्यक्ष द्वारा उनके साथ दुव्र्यवहार किया जिसकी सूचना उन्होंने अपना पत्रांक-534, दिनांक 23.07.2010 द्वारा जिला पदाधिकारी, अररिया को दिया। श्री चौहान के स्पष्टीकरण पर जिला पदाधिकारी, अररिया का मंतव्य अप्राप्त रहने के कारण उनसे प्राप्त स्पष्टीकरण पर सम्यक् रूप से विचार किया गया एवं पाया गया कि यदि श्री चौहान निर्वाचन कार्यो का सही ढंग से अनुपालन करते तो जिला पदाधिकारी को आरोप पत्र गठित कर विभाग को भेजने की आवश्यकता नहीं होती। श्री चौहान का यह कहना कि वे नशा नहीं करते है और उनके साथ पूर्णियाँ पुलिस ने मार-पीट किया यह संभव प्रतीत नहीं होता है। इस तरह श्री चौहान का स्पष्टीकरण पूर्णतः संतोषजनक नहीं माना जा सकता है। अतः सम्यक् रूप से विचारोपरांत श्री चौहान को कर्त्तव्य में लापरवाही एवं अशोभनीय आचरण के लिए निम्न दंड संसूचित किया जाता है :- (1) निन्दन (आरोप के वर्ष से प्रभावित)
आदेशः- आदेश दिया जाता है कि इस संकल्प की प्रति बिहार राजपत्र के अगले अंक में प्रकाशित किया जाय तथा इसकी प्रति सभी संबंधित को भेज दी जाय।
बिहार-राज्यपाल के आदेश से, केशव कुमार सिंह, अपर सचिव।
——— सं॰ 08/आरोप-01-275/2014सा-15368 ——— संकल्प 11 नवम्बर 2014 श्री संजय कुमार, बि॰प्र॰से॰, कोटि क्रमांक-734/11 तत्कालीन प्रखंड विकास पदाधिकारी, डुमरी कटसरी, शिवहर के विरूद्ध राज्य स्तरीय उड़न दस्ता दल द्वारा इंदिरा आवास योजना के कार्यान्वयन के जाँच के क्रम में अनियमितता पाये जाने से संबंधित ग्रामीण विकास विभाग के पत्रांक-5400, दिनांक 26.07.2000 द्वारा प्रतिवेदित आरोप पर विभागीय संकल्प ज्ञापांक-7368, दिनांक 24.12.2001 द्वारा विभागीय कार्यवाही संचालित की गई। संचालन पदाधिकारी-सह-जाँच पदाधिकारी, आयुक्त, तिरहुत प्रमंडल, मुजफ्फरपुर के पत्रांक-538/स्था, दिनांक 23. 12.2002 द्वारा जाँच प्रतिवेदन समर्पित किया गया। प्रतिवेदित सभी आरोप मूलतः इंदिरा आवास योजना के कार्यान्वयन में अनियमित ढंग से भुगतान किये जाने के संबंध में है जिसमें तीन लाभुकों को इंदिरा आवास के प्रथम एवं द्वितीय किस्त की राशि भुगतान करते समय गलत ढंग से अंश राशि की कटौती कर भुगतान किया गया एवं तृतीय किस्त का भुगतान फर्जी पहचान के कारण तीन लाभुकों को बिल्कुल ही नहीं किया गया और भुगतान दिखा दिया गया। आरोपित पदाधिकारी ने अपने स्पष्टीकरण में कहा कि डुमरी में पदस्थापन दिनांक 27.04.1998 को हुआ था, अतएव प्रथम एवं द्वितीय किस्त के भुगतान के समय वर्ष 1997 में उनके द्वारा कटौती कर भुगतान किये जाने का आरोप सही नहीं है। आरोपी के समक्ष दिनांक 15.05.1998 को तृतीय किस्त भुगतान के लिये उनके पास अभिलेख उपस्थापित किया गया एवं नाजीर को उचित पहचान कर भुगतान किये जाने का आदेश दिया गया। पंचायत सचिव द्वारा गलत पहचान की गई जिसके कारण वास्तविक लाभुक भुगतान से वंचित हुए। ग्रामीण विकास विभाग द्वारा आरोपी के स्पष्टीकरण को स्वीकार किये जाने की अनुशंसा की गयी। प्रमंडलीय आयुक्त-सह-जाँच पदाधिकारी के अनुसार प्रथम एवं द्वितीय किस्त का भुगतान मई, 1997 एवं अगस्त 1997 में किया गया जबकि आरोपी पदाधिकारी अप्रैल, 1998 में पदस्थापित हुए। तृतीय भुगतान के लिए उचित पहचान कर नाजीर को भुगतान का आदेश दिया गया था उस समय आरोपी पदाधिकारी का पदस्थापन अवधि मात्र 19 दिनों की थी। उड़नदस्ता दल के प्रभारी पदाधिकारी द्वारा पंचायत सचिव के गलत पहचान को राशि के गबन एवं फर्जी भुगतान का कारण बताया गया है।10 (cid:18)बहार गजट, 24 )दस+बर 2014 अनुशासनिक प्राधिकार द्वारा प्रतिवेदित आरोप, आरोपी का स्पष्टीकरण एवं संचालन पदाधिकारी के जाँच प्रतिवेदित की समीक्षा की गयी एवं पाया कि आरोपी पदाधिकारी के पदस्थापन अवधि मात्र 19 दिनों की थी एवं गलत भुगतान के लिए वे सीधे तौर पर दोषी नहीं है। परन्तु इंदिरा आवास योजना जैसी सरकार की महत्वाकांक्षी योजना का अनुश्रवण सही ढंग से नहीं किये जाने से प्रशासनिक विफलता परिलक्षित होती है। श्री कुमार को इंदिरा आवास योजना एवं भुगतान की प्रक्रिया का सही पर्यपेक्षण नहीं करने के लिए दोषी माना जाता है। उपरोक्त परिपेक्ष्य में कार्मिक एवं प्रशासनिक सुधार विभाग के पत्रांक-2324 दिनांक 10.07.2007 एवं प्रमंडलीय आयुक्त-सह-जाँच पदाधिकारी के जाँच प्रतिवेदन के आलोक में श्री संजय कुमार, बि॰प्र॰से॰, कोटि क्रमांक-734/11 (2174/99) तत्कालीन प्रखंड विकास पदाधिकारी, डुमरी कटसरी, सम्प्रति आप्त सचिव, माननीय सचेतक, सत्तारूढ दल, बिहार विधानसभा को सरकारी सेवक (वर्गीकरण, नियंत्रण एवं अपील) नियमावली-2005 के नियम-14 के तहत निम्नलिखित शास्ति, अधिरोपित किया जाता है :- (i) निन्दन (आरोप गठन के वर्ष के प्रभाव से) (ii) एक वेतन वृद्धि पर रोक असंचयात्मक प्रभाव से।
आदेशः- आदेश दिया जाता है कि इस संकल्प की प्रति बिहार राजपत्र के अगले अंक में प्रकाशित किया जाय तथा इसकी प्रति सभी संबंधित को भेज दी जाय।
बिहार-राज्यपाल के आदेश से, केशव कुमार सिंह, अपर सचिव।
——— सं॰ 08/आरोप-01-43/2014सा॰ 15491 ——— संकल्प 13 नवम्बर 2014 श्री शिव रतन प्रसाद, बि॰प्र॰से॰, कोटि क्रमांक-39/2008 (सम्प्रति सेवानिवृत्त) तत्कालीन उप-सचिव, राजस्व एवं भूमि सुधार विभाग के विरूद्ध आरा-सासाराम लाईट रेलवे से संबंधित मामले में दिनांक 08.09.2003 को माननीय कोलकता उच्च न्यायालय में सरकार के हितों के प्रतिकूल पूरक प्रतिशपथ पत्र दायर करने एवं संचिकाओं के निष्पादन में विलम्ब का आरोप पत्र राजस्व एवं भूमि सुधार विभाग के पत्रांक-1066 (6) दिनांक 19.10.2009 तथा पूरक आरोप-पत्र पत्रांक-1514(6), दिनांक 16.12.2010 द्वारा उपलब्ध कराया गया। प्रतिवेदित आरोप पर श्री प्रसाद से स्पष्टीकरण की माँग की गई परन्तु स्मारों के बावजूद भी श्री प्रसाद द्वारा स्पष्टीकरण समर्पित नहीं किया गया। श्री प्रसाद दिनांक 31.01.2011 को सेवानिवृत्त हो गये। श्री प्रसाद के विरूद्ध बिहार पेंशन नियमावली-2005 के नियम-43 (बी॰) के तहत संकल्प विभागीय ज्ञापांक-6681, दिनांक 15.06.2011 द्वारा विभागीय कार्यवाही संचालित की गई। संचालन-सह-जाँच पदाधिकारी, संयुक्त आयुक्त, विभागीय जाँच, पटना प्रमंडल, पटना के पत्रांक-1285/सा॰, दिनांक 18.09.2013 द्वारा जाँच प्रतिवेदन प्राप्त हुआ। जाँच प्रतिवेदन पर आरोपी से द्वितीय कारण पृच्छा की माँग की गई, किन्तु स्मारित किये जाने के बावजूद भी उनके द्वारा द्वितीय कारण पृच्छा समर्पित नहीं किया। श्री प्रसाद के द्वारा माननीय उच्च न्यायालय में दायर सी॰ डब्ल्यू॰जे॰सी॰ सं॰-974/2012 में निम्न आदेश पारित किया गया :- In the above circumstances, the writ application is disposed of with a direction to the respondents to couclude the departmental proceedings positively within a period of six months from today and thereafter pass appropriate order with respect to the withheld post retiral dues of the petitioner. It is also directed that the respondents should ensure payment of provisional pension to the petitioner forthwith after the receipt of the order. आरोपित पदाधिकारी के लगातार अनुपस्थिति से विभागीय कार्यवाही के निष्पादन में विलम्ब हुआ। जाँच पदाधिकारी द्वारा आरोपी के विरूद्ध प्रतिवेदित आरोपों को प्रमाणित नहीं पाया गया, किन्तु संचिका सं॰-61/खा॰ मा॰, पटना (विविध)-1/2009 को निचले स्तर पर जाने से रोकने से संबंधित अनुपूरक आरोप को प्रमाणित पाया गया। अनुशासनिक प्राधिकार द्वारा प्रतिवेदित आरोप एवं संचालन पदाधिकारी से प्राप्त जाँच प्रतिवेदन की समीक्षा की गई। समीक्षोपरांत पाया गया कि :-
(1) विभाग द्वारा अनुमोदित तथ्य विवरणी के आलोक में प्रतिशपथ-पत्र दायर करने के लिए आरोपी पदाधिकारी श्री (2) संचिका लंबे समय तक उप-सचिव निदेशक, भू-अर्जन, आयुक्त एवं सचिव, राजस्व एवं भूमि सुधार विभाग एवं माननीय मंत्री के समक्ष उपस्थापित किये जाने और नियमानुकूल प्रशाखा स्तर पर संचिका नहीं लौटाने संबंधी पूरक आरोप सचिवालय के विहित व्यवस्था के प्रतिकूल है। उक्त संचिका में संधारित विषय पर सहायक, प्रशाखा पदाधिकारी एवं अवर सचिव के स्तर से संभावित कार्यालय मंतव्य से उच्चाधिकारी वंचित रह गये। उपरोक्त वर्णित तथ्यों के आलोक में आरोपित पदाधिकारी श्री शिव रतन प्रसाद, बि॰प्र॰से॰, तत्कालीन उप-सचिव, राजस्व एवं भूमि सुधार विभाग, सम्प्रति सेवानिवृत्त के पेंशन से बिहार पेंशन नियमावली-1950 के नियम-43(बी॰) के तहत 10 (दस) प्रतिशत की कटौती 02 वर्षो तक करने का आदेश दिया जाता है।11 (cid:18)बहार गजट, 24 )दस+बर 2014 आदेशः- आदेश दिया जाता है कि इस संकल्प की प्रति बिहार राजपत्र के अगले अंक में प्रकाशित किया जाय तथा इसकी प्रति सभी संबंधित को भेज दी जाय।
बिहार-राज्यपाल के आदेश से, केशव कुमार सिंह, अपर सचिव।
——— सं॰ 08/आरोप-01-135/2014सा॰ 15992 ——— संकल्प 21 नवम्बर 2014 श्री विजय कुमार, (बि॰प्र॰से॰), कोटि क्रमांक-994/2011, तत्कालीन प्रखंड विकास पदाधिकारी, सुरसंड, जिला-सीतामढ़ी (सम्प्रति वरीय उप समाहर्त्ता, मुंगेर) के विरूद्ध श्री वैधनाथ प्रसाद, स॰वि॰प॰ द्वारा विधान परिषद् 170वें सत्र में प्रस्तुत तारांकित प्रश्न सं॰ डी॰सी॰-02 एवं डी॰सी॰-18 के माध्यम से सुरसंड प्रखंड अन्तगर्त कोरियाही पंचायत के भलुआही ग्राम में इंदिरा आवास आवंटन में अनियमितता का आरोप संज्ञान में आया। वरीय उप समाहर्त्ता-सह-नोडल पदाधिकारी, सुरसंड द्वारा की गयी इस अनियमितता की जाँच के आलोक में श्री विजय कुमार के विरूद्ध आरोप प्रपत्र 'क' गठित करते हुए जिला पदाधिकारी, सीतामढ़ी के पत्रांक-620, दिनांक 21.03.2012 द्वारा उनसे स्पष्टीकरण की माँग की गयी। 2. श्री विजय कुमार के विरूद्ध इंदिरा आवास में बरती गयी अनियमितता से संबंधित दो मुख्य आरोप निम्नवत है :- (i) वित्तीय वर्ष 2008-09 सुरसंड प्रखंड अन्तगर्त कोरियाही पंचायत के भलुआही ग्राम में एक ही परिवार के पति-पत्नी को अलग-अलग इंदिरा आवास आवटित करते हुए श्रीमती तेतरी देवी एवं श्री नागेन्द्र साह को क्रमशः रूपये चौबीस हजार एवं ग्यारह हजार की राशि का भुगतान किया गया।
(ii) वित्तीय वर्ष 2008-09 सुरसंड प्रखंड अन्तगर्त कोरियाही पंचायत के भलुआही ग्राम में श्री किस्तु ठाकुर को उनके मृत्यु के पश्चात इंदिरा आवास आवंटित किया गया।
3. श्री कुमार द्वारा आरोप प्रपत्र के आलोक में अपना बिन्दुबार स्पष्टीकरण जिला पदाधिकारी, सीतामढ़ी को समर्पित किया गया। आरोपित पदाधिकारी ने स्पष्टीकरण में उल्लेख किया कि उन्होंने पूरे कार्य-काल में लगभग 4 हजार से अधिक लाभुकों को इंदिरा आवास आवंटित किया। उनके द्वारा इंदिरा आवास लाभुकों का बैंक में खाता खौलने हेतु पंचायत सेवकों को निदेश किया था जिनके द्वारा ही श्रीमती तेतरी देवी एवं उनके पति श्री नागेन्द्र साह का खाता खोला गया था। दूसरे आरोप के आलोक में आरोपित पदाधिकारी ने स्पष्ट किया है कि तत्कालीन पंचायत सेवक-सह-निबंधक, जन्म एवं मृत्यु, ग्राम पंचायत कोरियाही एवं उपमुखिया के द्वारा गलत पहचान किये जाने कारण मृत व्यक्ति के रूप में श्री किस्तु ठाकुर को इंदिरा आवास आवंटित किया गया। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया है कि मृतक किस्तु ठाकुर या नागेन्द्र साह के नाम से बैंक खाता कैसे खुला यह जाँच का विषय है।
4. वर्णित आरोपों के आलोक में वरीय उप समाहर्त्ता, सीतामढ़ी द्वारा की गयी जाँच एवं श्री कुमार से प्राप्त स्पष्टीकरण पर जिला पदाधिकारी, सीतामढ़ी के मंतव्य की समीक्षा के उपरांत पाया गया है कि :-
(i) आरोपित पदाधिकारी द्वारा इंदिरा आवास आवंटित करते हुए तैयार सूची को सम्यक् रूप से जाँच किये बिना राशि का भुगतान किया गया है जो लापरवाही का द्योतक है।
(ii) श्री कुमार द्वारा एक ही परिवार के पति-पत्नी को अलग-अलग इंदिरा आवास आवंटित करते हुए श्रीमती तेतरी देवी एवं श्री नागेन्द्र साह को क्रमशः रूपये चौबीस हजार एवं रूपये ग्यारह हजार की राशि का अनियमित भुगतान किया गया है, जो गलत भुगतान है।
(iii) श्री किस्तु ठाकुर को उनकी मृत्यु के पश्चात खोले गये बैंक खाते पर इंदिरा आवास की राशि का भुगतान किया गया है। प्रखंड विकास पदाधिकारी के स्तर पर अथवा प्रखंड कार्यालय स्तर पर सत्यापन नहीं हुआ। इसे जिला पदाधिकारी ने भी आरोपित पदाधिकारी के स्तर पर प्रशासनिक विफलता एवं चूक माना है। 5. उक्त समीक्षा के आलोक में वरीय उप समाहर्त्ता, सीतामढ़ी द्वारा की गयी जाँच एवं श्री कुमार से प्राप्त स्पष्टीकरण पर जिला पदाधिकारी, सीतामढ़ी के मंतव्य से असहमत होने का कोई कारण नहीं है। अतः सम्यक् विचारोपरांत बिहार सरकारी सेवक (वर्गीकारण नियंत्रण एवं अपील) नियमावली-2005 के नियम-17(1) एवं नियम-19 के तहत श्री विजय कुमार, (बि॰प्र॰से॰), कोटि क्रमांक-994/2011, तत्कालीन प्रखंड विकास पदाधिकारी, सुरसंड, जिला-सीतामढ़ी (सम्प्रति वरीय उप समाहर्त्ता, मुंगेर) के विरूद्ध निम्न शास्ति अधिरोपित की जाती है :- (i) निन्दन (आरोप वर्ष 2008 के प्रभाव से) (ii) 02 (दो) वेतन वृद्धियों पर असंचयात्मक प्रभाव से रोक एवं (iii) प्रोन्नति पर रोक एक वर्षो के लिए (आदेश के निर्गत होने की तिथि के प्रभाव से)।
आदेशः- आदेश दिया जाता है कि इस संकल्प की प्रति बिहार राजपत्र के अगले अंक में प्रकाशित किया जाय तथा इसकी प्रति सभी संबंधित को भेज दी जाय।
बिहार-राज्यपाल के आदेश से, केशव कुमार सिंह, अपर सचिव।12 (cid:18)बहार गजट, 24 )दस+बर 2014 सं॰ 08/नि॰था॰-11-06/2014सा॰ 15895
——— संकल्प 20 नवम्बर 2014 श्री उमाशंकर राम, बि॰प्र॰से॰, कोटि क्रमांक-899/11, तत्कालीन निदेशक, राष्ट्रीय नियोजन कार्यक्रम, पूर्वी चम्पारण, मोतिहारी के विरूद्ध आय के ज्ञात श्रोतों से अधिक परिसम्पतियाँ अर्जित करने के आरोप में आर्थिक अपराध थाना कांड सं॰-31/2013 दिनांक 17.07.2013 दर्ज किये जाने के फलस्वरूप विभागीय संकल्प ज्ञापांक-12560, दिनांक 29.07. 2013 द्वारा इन्हें निलंबित किया गया तथा निलंबन की अवधि में मुख्यालय आयुक्त कार्यालय, तिरहुत प्रमंडल, मुजफ्फरपुर निर्धारित किया गया। 2. उक्त आरोप में विभागीय संकल्प ज्ञापांक-4244, दिनांक 28.03.2014 द्वारा श्री राम के विरूद्ध बिहार सरकारी सेवक (वर्गीकरण, नियंत्रण एवं अपील) नियमावली 2005 के नियम-17 के तहत विभागीय कार्यवाही संचालित की गयी। विभागीय कार्यवाही के संचालन हेतु आयुक्त, तिरहुत प्रमंडल, मुजफ्फरपुर को जाँच पदाधिकारी नियुक्त किया गया है। विभागीय कार्यवाही जारी है एवं जाँच प्रतिवेदन प्रतीक्ष्य है। 3. वर्णित तथ्यों के आलोक में सम्यक् विचारोपरांत अनुशासनिक प्राधिकार द्वारा लिये गये निर्णय के आलोक में श्री उमाशंकर राम, बि॰प्र॰से॰, कोटि क्रमांक-899/11, तत्कालीन निदेशक, राष्ट्रीय नियोजन कार्यक्रम, पूर्वी चम्पारण, मोतिहारी (सम्प्रति निलंबित, मुख्यालय आयुक्त कार्यालय, तिरहुत प्रमंडल, मुजफ्फरपुर) को निलंबन से मुक्त किया जाता है। श्री राम, सामान्य प्रशासन विभाग, बिहार, पटना में (पदस्थापन की प्रतीक्षा में) योगदान करेगें। 4. श्री राम के विरूद्ध संचालित विभागीय कार्यवाही के निष्पादन के उपरांत इनके निलंबन की अवधि के संबंध में आदेश निर्गत किया जायगा।
आदेशः- आदेश दिया जाता है कि इस संकल्प की प्रति बिहार राजपत्र के अगले अंक में प्रकाशित किया जाय तथा इसकी प्रति सभी संबंधित को भेज दी जाय।
बिहार-राज्यपाल के आदेश से, केशव कुमार सिंह, अपर सचिव।
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ग्रामीण कार्य विभाग
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कार्यालय आदेश
8 दिसम्बर 2014
सं0 3/अ0प्र0-1-431/2012-73—श्री राम सिहांसन सिंह, तदेन कनीय अभियंता, ग्रामीण कार्य विभाग, कार्य प्रमंडल, औरंगाबाद द्वारा अपने पदस्थापन काल में औरंगाबाद जिलान्तर्गत गोह रफीगंज पथ के शिहुली मोड़ से लट्टा तक सड़क निर्माण के संबंध में पथ में अनियमितता के लिए आरोप पत्र प्रपत्र 'क' गठित कर स्पष्टीकरण की मांग की गयी थी। इसी दौरान श्री राम सिहासन सिंह की मृत्यु 22.07.2014 को हो जाने के कारण इन्हें विभागीय समीक्षोंपरांत इनके विरूद्व उक्त मामलें को समाप्त किया जाता है।
आदेश से, शैलेन्द्र कुमार पाण्डेय, संयुक्त सचिव।
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