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Bihar Gazette · Government of Bihar

Bihar Gazette, 31 December 2014

Published 31 December 2014

Type
Ordinary
Identifier
in.gov.bih.gazette.2014-12-31.53
Languages
English, Hindi

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िनबंधन सं(cid:8)या पी0ट(cid:15)0-40

(cid:18)बहार गजट(cid:18)बहार गजट(cid:18)बहार गजट(cid:18)बहार गजट

(cid:18)बहार सरकार (cid:24)ारा ूकािशत(cid:18)बहार सरकार (cid:24)ारा ूकािशत(cid:18)बहार सरकार (cid:24)ारा ूकािशत(cid:18)बहार सरकार (cid:24)ारा ूकािशत 10101010 पौषपौषपौषपौष 1931931931936666 ((((शशशश0000)))) सं(cid:8)यासं(cid:8)यासं(cid:8)यासं(cid:8)या 53535353 पटनापटनापटनापटना, , , , बुधवारबुधवारबुधवारबुधवार,,,, ———————— 31313131 (दस*ब(दस*ब(दस*ब(दस*बरररर 2014201420142014 ((((ईईईई0000)))) (cid:18)वषय(cid:18)वषय(cid:18)वषय(cid:18)वषय----सूचीसूचीसूचीसूची पृंठपृंठपृंठपृंठ भाग-1—िनयु(cid:18)3, पदःथापन, बदली, श(cid:18)3, छु 8ट(cid:15) और अ;य <य(cid:18)3गत सूचनाएं। 2-3 भाग-1-क—ःवयंसेवक गु@मB के समादेंटाओं के आदेश।

---

भाग-1-ख—मैश(cid:15)कु लेशन, आई0ए0, आई0एससी0, बी0ए0, बी0एससी0, एम0ए0, एम0एससी0, लॉ भाग-1 और 2, एम0बी0बी0एस0, बी0एस0ई0, ड(cid:15)प0-इन- एड0, एम0एस0 और मु(cid:8)तार(cid:15) पर(cid:15)Kाओं के पर(cid:15)Kा-फल, कायMबम, छाऽवृ(cid:18)P ूदान, आ(द।

---

भाग-1-ग—िशKा संबंधी सूचनाएं, पर(cid:15)Kाफल आ(द ---

भाग-2—(cid:18)बहार-राQयपाल और कायाMRयKB (cid:24)ारा िनकाले गये (cid:18)विनयम, आदेश, अिधसूचनाएं और िनयम आ(द। 4-5 भाग-3—भारत सरकार, पSTम बंगाल सरकार और उVच ;यायालय के आदेश, अिधसूचनाएं और िनयम, 'भारत गजट' और राQय गजटB के उXरण। ---

भाग-4—(cid:18)बहार अिधिनयम ---

पृंठपृंठपृंठपृंठ भाग-5—(cid:18)बहार (cid:18)वधान मंडल मZ पुर:ःथा(cid:18)पत (cid:18)वधेयक, उ\त (cid:18)वधान मंडल मZ उपःथा(cid:18)पत या उपःथा(cid:18)पत (कये जानेवाले ूवर सिमितयB के ूितवेदन और उ\त (cid:18)वधान मंडल मZ पुर:ःथापन के पूवM ूकािशत (cid:18)वधेयक। ---

भाग-7—संसद के अिधिनयम Sजनपर रांशपित क^ Qयेंठ अनुमित िमल चुक^ है। ---

भाग-8—भारत क^ संसद मZ पुर:ःथा(cid:18)पत (cid:18)वधेयक, संसद मZ उपःथा(cid:18)पत ूवर सिमितयB के ूितवेदन और संसद मZ उपःथा(cid:18)पत ूवर सिमितयB के ूितवेदन और संसद मZ पुर:ःथापन के पूवM ूकािशत (cid:18)वधेयक। ---

भाग-9—(cid:18)व`ापन

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भाग-9-क—वन (cid:18)वभाग क^ नीलामी संबंधी सूचनाएं ---

भाग-9-ख—िन(cid:18)वदा सूचनाएं, पaरवहन सूचनाएं, ;यायालय सूचनाएं और सवMसाधारण सूचनाएं इbया(द। ---

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पूरक

पूरक-क 6-92 (cid:18)बहार गजट, 31 (दस*बर 2014

भागभागभागभाग----1111

िनयु(cid:18)3िनयु(cid:18)3िनयु(cid:18)3िनयु(cid:18)3, , , , पदःथापदःथापदःथापदःथापनपनपनपन, , , , बदलीबदलीबदलीबदली, , , , श(cid:18)3श(cid:18)3श(cid:18)3श(cid:18)3, , , , छु 8ट(cid:15) और छु 8ट(cid:15) और छु 8ट(cid:15) और छु 8ट(cid:15) और अ;यअ;यअ;यअ;य वैय(cid:18)3क सूचनाएं वैय(cid:18)3क सूचनाएं वैय(cid:18)3क सूचनाएं वैय(cid:18)3क सूचनाएं ÑÑÑÑÑÑÑÑÑÑÑÑÑÑÑÑÑÑÑÑ

वाणिज्य-कर विभाग

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18 fnlEcj 2014

सं॰ 6/वि0पत्रा0 24-45/08-5868/वा0कर—श्री विजय कुमार सिंह, वाणिज्य-कर उपायुक्त मुख्यालय, बिहार, पटना को अपने वर्त्तमान कार्यो के अतिरिक्त अगले आदेश तक के लिए बिहार संयुक्त प्रवेष प्रतियोगिता परीक्षा पर्षद में लेखा पदाधिकारी के पद पर प्रतिनियुक्त किया जाता है।

2. प्रस्ताव पर माननीय मंत्री, वाणिज्य-कर का अनुमोदन प्राप्त है।

बिहार-राज्यपाल के आदेश से, (ह॰)-अस्पष्ट, अवर सचिव ।

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17 fnlEcj 2014

सं॰ 6/वि0पत्रा0-24-45/2014-5856/वा0कर—श्रीमति प्रीति सिन्हा, बिहार वित्त सेवा के परीक्ष्यमान वाणिज्य-कर पदाधिकारी जो दिनांक 12.12.2013 को योगदान किये है। संध लोक सेवा आयोग द्वारा आयोजित सिविल सेवा परीक्षा में भारतीय राजस्व सेवा (सीमा शुल्क एवं केन्द्रीय उत्पाद शुल्क) में चयन होने के पश्चात्‌ इनके आवेदन दिनांक 03.12.2014 के आलोक में तकनीकी त्याग पत्र स्वीकृत करते हुए दिनांक 19.12.2014 के अपराह्‌न के प्रभाव से विरमित किया जाता है।

2. प्रस्ताव पर माननीय वित्त एवं वाणिज्य-कर मंत्री का अनुमोदन प्राप्त है।

बिहार-राज्यपाल के आदेश से, (ह॰)-अस्पष्ट, अवर सचिव ।

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17 fnlEcj 2014

सं॰ 6/वि0पत्रा0-24-45/2014-5855/वा0कर—श्री चंदन कुमार, बिहार वित्त सेवा के परीक्ष्यमान वाणिज्य- कर पदाधिकारी जो दिनांक 10.12.2013 को योगदान किये है। संध लोक सेवा आयोग द्वारा आयोजित सिविल सेवा परीक्षा में भारतीय राजस्व सेवा (सीमा शुल्क एवं केन्द्रीय उत्पाद शुल्क) में चयन होने के पश्चात्‌ इनके आवेदन दिनांक 24.11.14 के आलोक में तकनीकी त्याग पत्र स्वीकृत करते हुए दिनांक 06.12.2014 के अपराह्‌न के प्रभाव से विरमित किया जाता है। 2. प्रस्ताव पर माननीय वित्त एवं वाणिज्य-कर मंत्री का अनुमोदन प्राप्त है।

बिहार-राज्यपाल के आदेश से, (ह॰)-अस्पष्ट, अवर सचिव ।

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1 fnlEcj 2014

सं॰ 6/नि0प्रति0नि0-1-001/2009-5474—वाणिज्य-कर विभाग, बिहार, पटना की अधिसूचना सं0-एस0ओ0 74 एवं 75, दिनांक 19.04.2010 के द्वारा बिहार वित्त सेवा के नियमावली, 1953 के नियम-34 में संषोधन करते हुए बिहार वित्त सेवा के पदाधिकारियों के लिए प्रषिक्षण अवधि 32 सप्ताह से बढ़कर 80 सप्ताह कर दिया गया है। सुश्री अनुपमा कुमारी 48 वीं से 52 वीं बैच की नवनियुक्त वाणिज्य-कर पदाधिकारी के लिए सरकार द्वारा यथा अनुमोदित प्रषिक्षण कार्य क्रम निम्नवत होगी :-

3 (cid:18)बहार गजट, 31 (दस*बर 2014

परिषिष्ट- 'घ' सुश्री अनुपमा कुमारी 48 वीं से 52 वीं बैच की नवनियुक्त ( परीक्ष्यमान) वाणिज्य-कर पदाधिकारी के लिए प्रषिक्षण कार्यक्रम

क्रम सं॰ प्रशिक्षण प्राप्ति का स्थल सुश्री अनुपमा कुमारी 48 वीं से 52 वीं बैच की वाणिज्य-कर पदाधिकारी हेतु प्रस्तावित
1. प्रशासनिक प्रषिक्षण संस्थान आधारभूत प्रषिक्षण 24 सप्ताह (राज्य के बाहर अन्य संस्थानों में 04 सप्ताह के प्रषिक्षण समेत)
2. अन्य राज्यों के वैट अधिनियमों का प्रषिक्षण हेतु राज्य के बाहर अन्य संस्थानो में प्रषिक्षण
3. कोषागार प्रषिक्षण 04 (चार) सप्ताह
4. वाणिज्य-कर मुख्यालय में प्रषिक्षण 01 (एक) सप्ताह
5. वाणिज्य-कर संयुक्त-आयुक्त प्रमंडल 04 (चार) सप्ताह
6. वित्त विभाग 01 (एक) सप्ताह
7. समाहरणालय में प्रषिक्षण 01 (एक) सप्ताह
8. जाँच चौकी एवं धावादल का व्यावहारिक प्रषिक्षण 28 (अठाईस) सप्ताह
9. न्यायिक प्रषिक्षण (अपील एवं न्यायाधिकरण) 02 (दो) सप्ताह (अपील एवं न्यायाधिकरण कार्यालय में प्रत्येक में क्रमषः 01 सप्ताह)
10. भविष्य निधि निदेषालय प्रषिक्षण 01 (एक) सप्ताह
11. वैट अंकेक्षण (वाणिज्य-कर संयुक्त-आयुक्त) 02 (दो) सप्ताह
12. महालेखाकार अंकेक्षण प्रषिक्षण (महालेखाकार/अंचल/मुख्यालय सहित) 01 (एक) सप्ताह
13. अंचल प्रषिक्षण जिसमें पदाधिकारियों को वाणिज्य-कर पदाधिकारी के रूप में अधिसूचित किया जायगा ताकि वे पूर्ण रूप से किसी अंचल में कार्य कर सके 08 (आठ) सप्ताह
14. उपरोक्त प्रषिक्षण समाप्त होने के पश्चात पुनः ए0टी0आई0 प्रषिक्षण जिसमें प्रषिक्षुओं के बीच Interactive Session का होना एव aField Training में आई दिक्कतों से संबंधित प्रषिक्षुओं का Query एवं सुझाव तथा टेस्ट का लिया जाना Project work, Power Point Presentation एवं पदाधिकारियों द्वारा लिये गये प्रषिक्षण का मूल्यांकन आदि। 01 (एक) सप्ताह
15. विभिन्न प्रषिक्षण के लिए मुभमेंट 02 (दो) सप्ताह
कुल 80 (अस्सी) सप्ताह

2. अन्य राज्यों के वैट अधिनियमों का प्रषिक्षण हेतु राज्य के बाहर अन्य संस्थानों में प्रषिक्षण हेतु निर्धारित 04 सप्ताह का प्रषिक्षण कार्यक्रम, प्रषासनिक प्रषिक्षण संस्थान हेतु निर्धारित 24 सप्ताह के दौरान ही प्रषासनिक प्रषिक्षण संस्थान द्वारा आयोजित किए जायेंगे।

3. पूरे प्रषिक्षण अवधि में सुश्री अनुपमा कुमारी (परीक्ष्यमान्‌ पदाधिकारी) प्रषिक्षण कोषांग, मुख्यालय से संबद्ध रहेंगी एवं तद्‌नुसार वेतन मुख्यालय से प्राप्त करेंगी।

बिहार-राज्यपाल के आदेष से, जय प्रकाष ठाकुर, अवर सचिव।

______ अधीKकअधीKकअधीKकअधीKक, , , , सिचवालय मुिणालयसिचवालय मुिणालयसिचवालय मुिणालयसिचवालय मुिणालय,,,,

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Website: http://egazette.bih.nic.in

4 (cid:18)बहार गजट, 31 (दस*बर 2014

भागभागभागभाग----2222

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——————— laŒ प्र॰8/मुक॰-01-48/2011- 9610(S) पथ निर्माण विभाग ——— संकल्प 7 अक्तूबर 2014 विषयः- अवमाननावाद सं॰ 1730/2013 (सी॰डब्लू॰जे॰सी॰ सं॰ 17425/2011 से उत्पन्न) अंजनी कुमार सिन्हा बनाम राज्य सरकार एवं अन्य में दिनांक 18.06.2014 को पारित अन्तरिम आदेश के अनुपालन हेतु पटना सिटी पथ प्रमंडल पटना अन्तर्गत राष्ट्रीय उच्च पथ सं॰ 30 से गुरू गोविन्द सिंह पथ को जोड़नेवाला गुरू गोविन्द सिंह लिंक पथ के निर्माण से संबंधित निजी भूखण्ड को अधिग्रहित करने हेतु विहित प्रक्रिया को विशेष परिस्थिति में शिथिल करते हुए मुआवजे की राशि को जिलाधिकारी, पटना के माध्यम से संबंधित भू-स्वामियों को सीधे भुगतान कर क्रय करते हुए अधिग्रहित करने के संबंध में। 1. पटना जिला में राष्ट्रीय उच्च पथ सं॰ 30 के पटना सिटी अवस्थित गुरू गोविन्द सिंह लिंक पथ महत्वपूर्ण पथ है। इस पथ की लम्बाई 1.2 कि॰मी॰ है। गुलजारबाग रेलवे स्टेशन एवं पटना साहिब रेलवे स्टेशन के बीच निर्माणाधीन ROB का दक्षिणी पहुँच पथ इस लिंक पथ से जुड़ता है फलस्वरूप राष्ट्रीय उच्च पथ सं॰ 30 से उत्तर की ओर रेलवे लाइन को सीधे पार करते हुए अशोक राजपथ एवं अन्य पथों को जोड़ने वाला यह काफी महत्वपूर्ण एवं उपयोगी मार्ग हो जाएगा। IRCON द्वारा निर्माणाधीन ROB 2 लेन चौड़ाई का है तथा इसके दक्षिणी पहुँच पथ तथा गुरू गोविन्द सिंह लिंक पथ भी 2 लेन है। विषयांकित लिंक पथ के 365 मीटर लम्बाई के निर्माणाधीन ROB का दक्षिणी पहुँच पथ के रूप में विकसित करने का IRCON के प्रस्ताव के आलोक में ROB के दक्षिणी पहुँच पथ से दक्षिण राष्ट्रीय उच्च पथ सं॰ 30 तक जोड़ने वाला विषयांकित लिंक पथ की लम्बाई अब मात्र 865 मीटर रह गया है।

2. पथ निर्माण विभाग के पत्रांक प्र॰-8/प्राक्कलन-06-200/2007-1823 (एस) दिनांक 28.02.2014 द्वारा पटना सिटी पथ प्रमंडलर्गत राष्ट्रीय उच्च पथ पथ सं॰ 30 से गुरू गोविन्द सिंह लिंक पथ का क्रास ड्रेन निर्माण कार्य, Utility Shifting एवं भू-अर्जन कार्य सहित निर्माण कार्य कुल रूपये 26.20334 करोड़ (रूपये छब्बीस करोड़ बीस लाख तेतीस हजार चार सौ मात्र) रूपये का प्रथम पुनरीक्षित प्रशासनिक स्वीकृति प्राप्त है। इस स्वी—त्यादेश में भू-अर्जन हेतु रूपये 23,64,22,040.00 (रूपये तेइस करोड़ चोसठ लाख बाइस हजार चालीस मात्र) का प्रावधान है। उक्त लिंक पथ के निर्माण के लिए आवश्यक 6.2938577 एकड़ भूखण्ड के अधिग्रहण हेतु पटना सिटी पथ प्रमंडल, पथ निर्माण विभाग, पटना के पत्रांक-1613 (अनु॰), दिनांक 18.07.2007 एवं पत्रांक-1699 दिनांक 11.07.2008 द्वारा अधियाचना की गई। परियोजना की महत्ता को ध्यान में रखते हुए भूमि अधिग्रहण की प्रत्याशा में गुरू गोविन्द सिंह लिंक पथ का निर्माण कार्य प्रारम्भ किया गया। इसी बीच गुलजारबाग रेलवे स्टेशन एवं पटना साहिब रेलवे स्टेशन के बीच निर्माणाधीन रेलवे उपरि पुल (ROB) के दक्षिणी पहुँच पथ हेतु आवश्यक भूखण्ड का अधिग्रहण का प्रस्ताव के कारण गुरू गोविन्द सिंह लिंक पथ के लिए आवश्यक पुनरीक्षित भूखण्ड की लम्बाई 865 मीटर (2837.9 फीट) तथा चौड़ाई 12.19 मीटर (40 फीट) रह गई। तद्‌आलोक में गुरू गोविन्द सिंह लिंक पथ के निर्माण हेतु रानीपुर थाना-19, मूयूनिसिपल वार्ड 25 एवं 29, मूयूनिसिपल सीट सं॰ 225, 226 एवं 227 में कुल 1.01796 एकड़ (लम्बाई 2837.9 फीट यानि 865 मीटर तथा चौड़ाई 40 फीट यानि 12.19 मीटर) भूखण्ड के लिए पुनरीक्षित अधियाचना (कार्यपालक अभियंता, पटना सिटी पथ प्रमंडल का पत्रांक-1307 दिनांक 03.08.2013) के आलोक में समाहर्त्ता पटना के पत्रांक-2149 दिनांक 07.08.2013 द्वारा कुल 23,64,22,040.00 (रूपये तेइस करोड़ चौसठ लाख बाइस हजार चालीस मात्र) की राशि की मांग की गई।

3. निर्माणाधीन गुरू गोविन्द सिंह लिंक पथ के लिए आवश्यक भूखण्ड का अधिग्रहण नहीं होने तथा संबंधित भूस्वामियों को मुआवजे की राशि का भुगतान नहीं होने के कारण माननीय उच्च न्यायालय, पटना में अंजनी कुमार सिन्हा बनाम राज्य सरकार एवं अन्य सी॰डब्लू॰जे॰सी॰ सं॰ 17425/2011 दायर किया गया। उक्त वाद में दिनांक 16.01.2012 को माननीय उच्च न्यायालय, पटना द्वारा पारित न्यायादेश का मुख्य अंश निम्नवत है :-

5 (cid:18)बहार गजट, 31 (दस*बर 2014

The writ petition is disposed of with the direction to the Collector, Patna, to complete the proceedings under the Land Acquisition Act for the payment of compensation within a period of three months from the date of receipt/production of a certified copy of this order.

भू-अर्जन हेतु प्रक्रियात्मक विलम्ब के कारण उक्त न्यायादेश का ससमय अनुपालन नहीं होने के फलस्वरूप वादी द्वारा अवमाननावाद सं॰ 1730/2013 दायर किया गया।

4. उक्त कंडिका-2 के द्वारा प्राप्त पुनरीक्षित प्रशासनिक अनुमोदन एवं कंडिका 2 के द्वारा अधियाचित राशि के आलोक में भू-अर्जन हेतु आवश्यक पुनरीक्षित अधियाचित राशि रू॰ 23,64,22,040.00 रूपये (रूपये तेइस करोड़ चौसठ लाख बाइस हजार चालीस मात्र) जिला भू-अर्जन पदाधिकारी, पटना को बैंक ड्राफ्ट सं॰ 535523 दिनांक 13.03.2014 एवं 535601 दिनांक 13.03.2014 (पटना सिटी पथ प्रमंडल, पटना का पत्रांक-366 (अनु॰), दिनांक 13.03.2014) से उपलब्ध करा दी गई।

5. अवमाननावाद सं॰ 1730/2013 में माननीय उच्च न्यायालय, पटना द्वारा दिनांक 06.03.2014 को पारित अन्तरिम आदेश के आलोक में पथ निर्माण विभाग, पटना के पत्रांक-70/गो॰ दिनांक 09.05.2014 को जिलाधिकारी, पटना से अनुरोध किया गया कि चूँकि सुनवाई की अगली तिथि के पूर्व आदेश का पूर्णतः अनुपालन सुनिश्चित करने का माननीय उच्च न्यायालय, पटना का आदेश है अतः वादी को अंतरिम मुआवजे के रूप में कुल राशि का 80% भुगतान कर दिया जाए। उक्त के आलोक में समाहर्त्ता, पटना के पत्रांक-686, दिनांक 12.05.2014 द्वारा सूचित किया गया कि एम॰जे॰सी॰ सं॰ 1730/2013 अंजनी कुमार सिन्हा बनाम राज्य सरकार में माननीय उच्च न्यायालय में दिनांक 06.03.2014 के पारित आदेश एवं आवेदक द्वारा दिये गये शपथ पत्र सं॰ 33, दिनांक 07.05.2014 के आलोक में बेगमपुर से राष्ट्रीय उच्च पथ सं॰ 30 लिंक पथ के लिए भू-अर्जन हेतु म्यू॰ वार्ड नं॰-25, 29, सीट नं॰-227 में प्रश्नगत म्यू॰ खेसरा-1280, रकवा-0.69 एकड़ का मुआवजा का (80%) अंतरिम भुगतान राशि मो॰-8,19,16,800.00 (आठ करोड़ उन्नीस लाख सोलह हजार आठ सौ रूपये) मात्र आवेदक अंजनी कुमार सिन्हा बल्द स्व॰ अवध प्रसाद, रोड नं॰-6ए॰ राजेन्द्र नगर, थाना-कदमकुँआ पटना को भुगतान किया जा चुका है। 6 पटना सिटी पथ प्रमंडल, पटना के पत्रांक-895 दिनांक 24.06.2014 के आलोक में जिला भू-अर्जन पदाधिकारी, पटना के पत्रांक-944 दिनांक 24.06.2014 द्वारा सूचित किया गया है कि म्यू॰ खेसरा सं॰ 1280, रकवा-0.69 एकड़ के भू-धारी अंजनी कुमार सिन्हा, पिता स्व॰ अवध प्रसाद रोड नं॰-6 ए॰ राजेन्द्र नगर, थाना-कदमकुँआ पटना को वर्त्तमान एम॰भी॰आर॰ में अंकित मौजा-रानीपुर (एन॰एच॰ के उत्तर) आवासीय सहायक सड़क हेतु निर्धारित दर प्रति एकड़ 7,00,00,000.00 (सात करोड़) रूपये, 100% सोलेसियम तथा 12% के दर से एक वर्ष के लिए क्षतिपूरक राशि के कुल योग के आधार पर वादी के स्वामित्व वाले भूखण्ड 0.69 एकड़ हेतु मुआवजे की भुगतेय कुल राशि की गणना रू॰ 10,23,96,000.00 (रूपये दस करोड तेइस लाख छियानवे हजार मात्र) आँकी गई है। इसी प्रकार अन्य भूस्वामियों के मात्र भूखण्ड के मुआवजे की राशि क्रमशः रू॰ 27,24,624.00 एवं रू॰ 4,59,44,640.00 से संबंधित गणना विवरणी जिला भू-अर्जन पदाधिकारी, पटना के पत्रांक-1125/भू-अर्जन दिनांक 25.07.2014 द्वारा प्राप्त हुई है। इस प्रकार विषयांकित परियोजना के लिए आवश्यक 1.01796 एकड़ निजी भूखण्ड के सभी संबंधित भूस्वामियों को उक्त गणना के आलोक में सिर्फ भूखण्ड के मुआवजे की देय राशि का कुल योग रू॰ 15,10,65,264/- (रूपये पन्द्रह करोड़ दस लाख पैसठ हजार दो सौ चौसठ मात्र) है जो पुनरीक्षित स्वी—त प्रशासनिक अनुमोदन में भूअधिग्रहण हेतु प्रावधानित 23,64,22,040/- रूपये के अन्तर्गत है।

7. अतः अवमाननावाद सं॰ 1730/2013 (सी॰डब्लू॰जे॰सी॰ सं॰ 17425/2011 से उत्पन्न) अंजनी कुमार सिन्हा बनाम राज्य सरकार एवं अन्य में दिनांक 18.06.2014 को पारित अन्तरिम आदेश के अनुपालन हेतु उपलब्ध अल्प समय के आलोक में सार्वजनिक उपयोग हेतु आवश्यक निजी भूखण्ड के अधिग्रहण एवं मुआवजे की नई नीति एवं प्रक्रिया को विशेष परिस्थिति में शिथिल करते हुए पटना सिटी पथ प्रमंडल अन्तर्गत राष्ट्रीय उच्च पथ सं॰ 30 से गुरू गोविन्द सिंह पथ को जोड़ने वाला गुरू गोविन्द सिंह लिंक पथ के निर्माण के लिए आवश्यक निजी भूखण्ड, जिसका कुल रकवा 1.01796 एकड़ है, का मुआवजे एवं अन्य व्यय की कुल राशि समाहर्त्ता, पटना के माध्यम से भूस्वामियों को सीधे भुगतान करते हुए, अन्य व्यय सहित, कुल राशि रू॰ 23,64,22,040/- की अधिसीमा में, क्रय कर अधिग्रहित करने का आदेश दिया जाता है।

8. सभी संबंधित को निदेशित किया जाता है कि अन्य सभी औपचारिकताएँ पूर्ण करते हुए शीघ्रताशीघ्र माननीय उच्च न्यायालय के आदेश का अनुपालन सुनिश्चित करेगें।

आदेश से, अरूण कुमार सिंह, प्रधान सचिव।

——— अधीKकअधीKकअधीKकअधीKक, , , , सिचवालय मुिणालयसिचवालय मुिणालयसिचवालय मुिणालयसिचवालय मुिणालय,,,,

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Website: http://egazette.bih.nic.in

6 (cid:18)बहार गजट, 31 (दस*बर 2014

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सं॰ कारा/नि0को0(कर्म0)-08-01/2014-6320 कारा एवं सुधार सेवाएँ निरीक्षणालय गृह विभाग ——— संकल्प 8 दिसम्बर 2014

श्री बीर चन्द्र प्रसाद सिंह, तत्कालीन निदेशक (कर्मशाला) कारा एवं सुधार सेवाएँ निरीक्षणालय, बिहार, पटना के विरूद्ध आय से ज्ञात श्रोतों से अधिक परिसम्पत्तियाँ अर्जित करने एवं भ्रष्टाचार निरोधक अधिनियम, 1988 के तहत्‌ विशेष निगरानी ईकाई द्वारा निगरानी वाद संख्या-02/2014 दिनांक 27.01.2014 दर्ज किये जाने के फलस्वरूप विभागीय संकल्प ज्ञापांक 861 दिनांक 14.02.2014 द्वारा इन्हें निलंबित किया गया तथा निलंबन की अवधि में मुख्यालय, आयुक्त कार्यालय, मगध प्रमंडल गया निर्धारित किया गया।

2. उक्त आरोप में विभागीय संकल्प ज्ञापांक 1820 दिनांक 07.04.2014 द्वारा श्री सिंह के विरूद्ध बिहार सरकारी सेवक (वर्गीकरण, नियंत्रण एवं अपील) नियमावली, 2005 के नियम 17 के तहत विभागीय कार्यवाही संचालित की गई। विभागीय कार्यवाही के संचालन हेतु विभागीय जाँच आयुक्त, बिहार, पटना को जाँच पदाधिकारी नियुक्त किया गया है। 3. विभागीय जाँच आयुक्त द्वारा संदर्भित विभागीय कार्यवाही को श्री शिशिर सिन्हा, प्रधान सचिव, खान एवं भूतत्व विभाग-सह-अपर विभागीय जाँच आयुक्त को हस्तांतरित किया गया है। जाँच प्रतिवेदन प्रतीक्ष्य है।

4. वर्णित तथ्यों के आलोक में सम्यक्‌ विचारोपरांत अनुशासनिक प्राधिकार द्वारा लिये गये निर्णय के आलोक में श्री बीर चन्द्र प्रसाद सिंह, तत्कालीन निदेशक (कर्मशाला) कारा एवं सुधार सेवाएँ निरीक्षणालय, बिहार, पटना (सम्प्रति निलंबित, मुख्यालय, आयुक्त कार्यालय, मगध प्रमंडल गया) को निलंबन से मुक्त किया जाता है। श्री सिंह कारा एवं सुधार सेवाएँ, निरीक्षणालय, बिहार, पटना में (पदस्थापन की प्रतीक्षा में ) योगदान करेंगे।

5. श्री सिंह के विरूद्ध संचालित विभागीय कार्यवाही के निष्पादन के उपरांत इनके निलंबन की अवधि के संबंध में आदेश निर्गत किया जायेगा।

आदेश ः-आदेश दिया जाता है कि इस संकल्प की प्रति बिहार राजपत्र के अगले अंक में प्रकाशित किया जाय तथा इसकी प्रति सभी संबंधित को भेज दी जाय।

बिहार-राज्यपाल के आदेश से, सत्येन्द्र नाथ श्रीवास्तव, अपर सचिव-सह-निदेशक, प्रशासन।

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अधिसूचना

19 दिसम्बर 2014

सं॰ के0/कारा/रा0प0-32/2009-6606—श्री चन्द्रषेखर मिश्र, तत्कालीन काराधीक्षक, मंडल कारा, बेतिया (सम्प्रति सेवानिवृत्त) के विरूद्ध ''बिहार सरकारी सेवक (वर्गीकरण, नियंत्रण एवं अपील) नियमावली-2005'' में अन्तर्निहित प्रावधानों के अन्तर्गत गृह (विषेष) विभाग के संकल्प ज्ञापांक 9746 दिनांक 27.11.2009 द्वारा संस्थित विभागीय कार्यवाही का एतद्‌द्वारा निस्तार किया जा रहा है।7 (cid:18)बहार गजट, 31 (दस*बर 2014 2. श्री मिश्र के मंडल कारा, बेतिया में पदस्थापन के दौरान दिनांक 29.05.2009 की रात्रि में कारा की सघन तलाषी में प्रतिबंधित सामग्रियों के पाये जाने, अपराधियों से साँठ-गाँठ रखने, उन्हें प्रश्रय देने तथा अवैध सामग्रियाँ मुहैया कराने एवं अन्य कतिपय प्रतिवेदित कदाचारों के लिए उनके विरूद्ध प्रपत्र 'क' में आरोप पत्र गठित किया गया जिसके अन्तर्गत आरोप के बिन्दु निम्नवत्‌ हैंः-

आरोप संख्या-1 : कारा पर प्रषासनिक नियंत्रण का अभाव, जिससे कारा में अवैध सामग्रियों का प्रवेष निर्बाध होता रहा है।

आरोप संख्या-2 : कर्त्तव्य में लापरवाही एवं संसीमित अपराधियों से साँठ-गाँठ। आरोप संख्या-3 : कारा की नियमित तलाषी के नाम पर खानापूर्ति कर कारा सुरक्षा के प्रति लापरवाही। 3. विभागीय कार्यवाही के निष्पादन के पूर्व ही श्री मिश्र के दिनांक 31.01.2012 को सेवानिवृत्त हो जाने के फलस्वरूप उनके विरूद्ध संस्थित विभागीय कार्यवाही को राज्य सरकार द्वारा सम्यक्‌ विचारोपरान्त विभागीय आदेष ज्ञापांक 2930 दिनांक 04.06.2014 द्वारा बिहार पेंषन नियमावली के नियम 43 (बी) के तहत्‌ परिवर्तित कर दिया गया।

4. श्री मिश्र के विरूद्ध गठित आरोपों की जाँच विभागीय कार्यवाही के संचालन पदाधिकारी -सह- प्रमंडलीय आयुक्त, तिरहुत प्रमंडल, मुजफ्फरपुर द्वारा की गई जिनके द्वारा आरोपित के विरूद्ध गठित आरोपों, आरोपित द्वारा दिये गये बचाव बयान तथा प्रस्तुतीकरण पदाधिकारी के मंतव्य के आधार पर समर्पित जाँच अधिगम का सार निम्नवत्‌ हैः- (i) आरोप संख्या-1 के संबंध में संचालन पदाधिकारी का अधिगम है कि दिनांक 29.05.09 को तलाषी की घटना के पूर्व भी जिला प्रषासन द्वारा कई बार कारा की औचक छापेमारी की गई थी जिसमें किसी प्रकार की अवैध सामग्री बरामद नहीं हुई थी। दिनांक 29.05.09 की रात्रि में जिला प्रषासन द्वारा कारा की औचक तलाषी में पुलिस भावावेष में थी तथा उनके द्वारा शस्त्र तो बाहर रख दिये गये परन्तु मोबाईल जबरन कारा के अन्दर ले जाया गया। ऐसी स्थिति में बंदियों से मोबाईल एवं सिम कार्ड की बरामदगी संदेहास्पद है। पुलिस द्वारा जिस सिम कार्ड से फिरौती माँगने की बात कही गई, उसे वो बरामद नहीं कर सके। दिनांक 29.05.09 को जिला प्रषासन द्वारा कारा के अन्दर की गई औचक तलाषी में घटनाक्रम की स्थिति एवं वैसी स्थिति में अवैध सामग्री की बरामदगी जिस स्थिति में दिखाया गया है, उस आधार पर आरोपित पदाधिकारी श्री मिश्र के विरूद्ध कारा पर प्रषासनिक नियंत्रण का अभाव जिससे कारा में अवैध सामग्री का प्रवेष निर्बाध होता रहा प्रमाणित नहीं होता है। कोई ऐसा साक्ष्य परिलक्षित नहीं होता है जिसके लिए सीधे आरोपित पदाधिकारी को दोषी ठहराया जा सके। उक्त आलोक में आरोपित पदाधिकारी श्री मिश्र के विरूद्ध आरोप संख्या-1 प्रमाणित नहीं पाया गया है।

(ii) आरोप संख्या-2 के संबंध में संचालन पदाधिकारी का मंतव्य है कि पुलिस उप महानिरीक्षक, चम्पारण क्षेत्र, बेतिया के द्वारा जाँच प्रतिवेदन दिनांक 08.08.09 में पुलिस अधीक्षक, बेतिया एवं जिला पदाधिकारी, बेतिया के द्वारा हस्तक्षेप एवं दबाव की बात अंकित की गयी है। उप महानिरीक्षक के लिखित प्रतिवेदन में उल्लेख है कि पुलिस के द्वारा मर्यादा के प्रतिकूल ''जाँच के दौरान बाधा पहुँचाई गई''। ऐसी परिस्थिति में आरोपित पदाधिकारी के विरूद्ध कर्त्तव्य में लापरवाही एवं अपराधियों से साँठ-गाँठ का आरोप परिलक्षित नहीं होता है। उक्त आलोक में आरोप संख्या-2 प्रमाणित नहीं पाया गया है।

(iii) आरोप संख्या-3 के संबंध में संचालन पदाधिकारी द्वारा निष्कर्ष अंकित किया गया है कि कारा प्रषासन के सर्वोच्च नियंत्री पदाधिकारी काराधीक्षक होते हैं। आरोपित पदाधिकारी द्वारा पूर्व में कारा की करायी गयी तलाषी में किसी अवैध सामग्री की बरामदगी नहीं हुई। जिला प्रषासन द्वारा घटना दिनांक 29.05.2009 को जिस परिस्थिति में कारा का औचक निरीक्षण कराया गया, वैसी परिस्थिति में कारा से सिमकार्ड एवं मोबाईल की बरामदगी संदेहास्पद है, जिसके लिए आरोपित पदाधिकारी श्री मिश्र को दोषी ठहराया जाना उचित प्रतीत नहीं होता है। पूर्व में उसी कारा में काराधीक्षक द्वारा कराई गई नियमित तलाषी को यदि खानापूर्ति मान लिया जाय तो जिला एवं सत्र न्यायाधीष, विभागीय पदाधिकारी आदि के द्वारा कराये गये औचक निरीक्षण में अवैध सामग्री अवष्य ही बरामद होती, जो बरामद नहीं हुई है। उक्त आलोक में संचालन पदाधिकारी द्वारा आरोप संख्या-3 को प्रमाणित नहीं पाया गया है। 5. उपर्युक्त तथ्यों के परिप्रेक्ष्य में श्री चन्द्रषेखर मिश्र, तत्कालीन अधीक्षक, मंडल कारा, बेतिया (सम्प्रति सेवानिवृत्त) के विरूद्ध गठित आरोपों को विहित प्रक्रियान्तर्गत विभागीय कार्यवाही में संचालन पदाधिकारी द्वारा प्रमाणित नहीं पाया गया है। श्री मिश्र दिनांक 31.01.2012 को सेवानिवृत्त हो चुके हैं तथा बिहार पेंषन नियमावली के नियम-43(बी) के तहत संचालित विभागीय कार्यवाही के निष्कर्ष में ऐसा कुछ भी स्थापित नहीं हुआ है कि उनके द्वारा ऐसा कोई कार्य किया गया जिससे सरकार को आर्थिक क्षति हुई हो। अतः सम्यक्‌ विचारोपरान्त, श्री चन्द्रषेखर मिश्र, तत्कालीन काराधीक्षक (सम्प्रति सेवानिवृत्त) को आरोपों से मुक्त करते हुए उनके विरूद्ध संस्थित विभागीय कार्यवाही समाप्त की जाती है।

बिहार-राज्यपाल के आदेश से,

सत्येन्द्र नाथ श्रीवास्तव, अपर सचिव-सह-निदेशक, प्रशासन।8 (cid:18)बहार गजट, 31 (दस*बर 2014

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अधिसूचना

5 अगस्त 2014

सं0 2/अ0प्र0-2-09/14-2546—श्री संजय कुमार, तत्कालीन सहायक अभियंता, ग्रामीण कार्य विभाग, कार्य प्रमंडल, बिहारशरीफ सम्प्रति सहायक अभियंता, ग्रामीण कार्य विभाग, कार्य अवर प्रमंडल, अलीगंज, जमुई के विरूद्व ग्रामीण कार्य विभाग, कार्य प्रमंडल, बिहारशरीफ के पदस्थापन काल में बिना समाचार पत्र में निविदा आमंत्रण सूचना प्रकाशित किये गुपचुप तरीके से 65,00,000/-(पैसठ लाख) रुपये का निविदा कर सरकार को लगभग ग्यारह-बारह लाख रुपये की क्षति पहुॅचाने एवम्‌ अपने चहेते संवेदकों को कार्य आवंटित करने का आरोप लगाया गया था। इस संबंध में श्री संजय कुमार द्वारा माननीय लोकायुक्त कार्यालय में समर्पित परिवाद पत्र के आलोक में माननीय लोकायुक्त के आदेश पर तकनीकी परीक्षक कोषांग द्वारा की गयी जाँच/माननीय लोकायुक्त की अनुशंसा, विभागीय जाँच एवम समीक्षा के आधार पर आरोपित पदाधिकारी के विरूद्व कुल 02(दो) आरोप गठित है, जिनका सार निम्नवत हैः-

(i) विषयान्तर्गत मामले में माननीय लोकायुक्त कार्यालय से प्राप्त अभिलेखों एवम जाँच प्रतिवदेन के अनुसार आरोपित पदाधिकारी द्वारा दिनांक 04.12.2004 को पटना जंक्शन पर दैनिक समाचार पत्र हिन्दुस्तान टाईम्स(अंग्रेजी) एवम प्रभात खबर (हिन्दी) समाचार पत्र विके्रता से खरीदकर उसी दिन कार्यपालक अभियंता, ग्राम्य अभियंत्रण संगठन, कार्य प्रमंडल, बिहारशरीफ में हस्तगत कराया गया। इस मामले में जाँचोपरान्त पाया गया कि वस्तुतः दिनांक 04.12.2004 को उपर्युक्त दोनो समाचार पत्रों को ग्राम्य अभियंत्रण संगठन, कार्य प्रमंडल बिहारशरीफ से प्राप्त समबधित निविदा प्रकाशन हेतु जन-सम्पर्क विभाग द्वारा भेजा ही नहीं गया था। दोनों समाचार पत्रों जिनमें तथा कथित निविदा आमंत्रण सूचना छपे है, जाली पाये गये है। इस प्रकार, इनके विरूद्व इस षडयंत्र में संलिप्त होने के लिए दोषी होने का आरोप प्रतिवेदित है।

(ii) विभागीय पत्रांक 949 दिनांक 12.02.2008 एवम स्मार पत्रांक 3518, दिनांक 08.005.2008 द्वारा विषयान्तर्गत मामले में स्पष्टीकरण की मांग की गयी, जिसका अनुपालन प्रतिवेदन समर्पित नही कर उच्चाधिकारियोें के आदेशाें की अवहेलना एवम बिहार सरकारी सेवक नियमावली 1976 के के नियम 03 का उल्लधन करने के लिए दोषी होने का आरोप प्रतिवेदित है।

(iii) उपर्युक्त प्रतिवेदित आरोपों के लिए बिहार सरकारी सेवक (वर्गीकरण, नियंत्रण एवं अपील) नियमावली 2005 के नियम 17 में अन्तर्निहित प्रावधानों के अन्तर्गत पथ निर्माण विभाग के संकल्प ज्ञापांक 3404(एस) दिनांक 10.02.2010 द्वारा विभागीय कार्यवाही संचालित किए जाने का निर्णय लिया गया, जिसके लिए विभागीय जॉच आयुक्त, बिहार, पटना को संचालन पदाधिकारी नियुक्त किया गया । अपर विभागीय जॉच आयुक्त, बिहार, पटना द्वारा समर्पित जॉच प्रतिवेदन में आरोपित पदाधिकारी के विरूद्व उपर्युक्त प्रतिवेदित दोनों आरेापों को प्रमाणित बताया गया।

(iv) तत्पश्चात पथ निर्माण विभाग के पत्र सं॰ निग/सारा-6(आरोप द॰वि॰(ग्रा॰) 145/2008 को पत्रांक 2666(एस) दिनांक 03.04.2014, पत्रांक 7407(एस) दिनांक 16.09.2013 द्वारा श्री कुमार के द्वारा बरती गयी अनियमितता के लिए सेवा से बर्खास्त के अनुामेदित दंड प्रस्ताव पर सहमति/परामर्श हेतु बिहार लोक सेवा आयोग, बिहार, पटना से अनुरोध किया गया।

(v) पथ निर्माण विभाग से प्राप्त पत्र के आलोक में बिहार लोक सेवा आयोग के पत्रांक 6/प्रो॰- 24-07/2013(1568) लो॰से॰आ॰ दिनांक 22.10.2013 द्वारा आरोपित पदाधिकारी के विरूद्ध अधिरोपित दंड पर माननीय मुख्य मंत्री महोदय के अनुमोदन से संंबंधित अवतरण की छायाप्रति की मांग की गई । जिसके आलोक में पथ निर्माण विभाग द्वारा यह स्पष्ट किया गया कि श्री कुमार श्रेणी दो के पदाधिकारी है तथा उनके विरूद्ध दंड अधिरोपित करने हेतु सक्षम प्राधिकार माननीय विभागीय मंत्री है। सामान्य प्रशासन विभाग द्वारा इस मामले में यह स्पष्ट किया जा चुका है कि इस मामले में माननीय मुख्यमंत्री से सक्षम प्राधिकार के निर्णय पर भी आयोग का परामर्श प्राप्त किया जा सकता है। (vi) इस बीच पथ निर्माण विभाग के पत्रांक 8872 (एस) दिनांक 20.11.2013 द्वारा श्री संजय कुमार का कैडर विभाजन ग्रामीण कार्य विभाग किया गया है, अतः श्री कुमार के विरूद्व पथ निर्माण विभाग द्वारा कार्रवाई नहीं की जा सकती है। इस कारण श्री कुमार से संबंधित आरोप की संचिका ग्रामीण कार्य विभाग को अग्रेतर कार्रवाई हेतु भेजी गयी।

(vii) उक्त आलोक में विभागीय पत्रांक 702 अनु॰ दिनांक 26़.02.2014 द्वारा बिहार लोक सेवा आयोग, बिहार, पटना से श्री कुमार के सेवा से बर्खास्त करने के बिन्दु पर परामर्श/सहमति हेतु अनुरोध किया गया ।

(viii) बिहार लोक सेवा आयोग, बिहार, पटना के संचिका सं॰ 06/प्रो॰-24-07/2013 (171) लो॰से॰आ॰ दिनांक 25.04.2014 द्वारा श्री कुमार के सेवा से बर्खास्त करने के विभागीय दंड के बिन्दु पर सहमति दी गयी, जिसकी प्रति पथ निर्माण विभाग के पत्रांक 3684 (एस) दिनांक 13.05.2014 द्वारा ग्रामीण कार्य विभाग को उपलब्ध करायी गयी।9 (cid:18)बहार गजट, 31 (दस*बर 2014 (ix) श्री संजय कुमार की जन्म तिथि 04.01.1959, सहायक अभियंता के पद पर नियुक्ति की तिथि 18.08.1998 एवं सेवानिवृति की तिथि 31.01.2019 है।

उक्त आलोक में श्री संजय कुमार, तत्कालीन सहायक अभियंता, ग्रामीण कार्य विभाग, कार्य प्रमंडल, बिहारशरीफ सम्प्रति सहायक अभियंता, ग्रामीण कार्य विभाग, कार्य अवर प्रमंडल, अलीगंज, जमुई को प्रमाणित गंभीर आरोपों के लिए बिहार सरकारी सेवक (वर्गीकरण, नियंत्रण एवं अपील) नियमावली 2005 की कंडिका-14 (X) के तहत बृहत्‌ दंड सेवा से बर्खास्त करने की शास्ति अधिरोपित करने के प्रस्ताव पर मंत्रिपरिषद की स्वीकृति प्राप्त है।

अतएव श्री संजय कुमार तत्कालीन सहायक अभियंता, ग्रामीण कार्य विभाग, कार्य प्रमंडल, बिहारशरीफ सम्प्रति सहायक अभियंता, ग्रामीण कार्य विभाग, कार्य अवर प्रमंडल, अलीगंज, जमुई को बिहार सरकारी सेवक (वर्गीकरण, नियंत्रण एवं अपील) नियमावली 2005 की कंडिका 14 (X) के तहत बृहत्‌ दंड सेवा से बर्खास्त करने की शास्ति अधिरोपित की जाती है।

बिहार-राज्यपाल के आदेष से, काषीनाथ सिंह, विषेष सचिव।

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वाणिज्य-कर विभाग

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अधिसूचना

16 दिसम्बर 2014

सं॰ कौन/भी-121/2012-277/सी—श्री अजय कुमार चौरसिया, बिहार वित्त सेवा, सम्प्रत्ति वाणिज्य-कर उपायुक्त, मुख्यालय, पटना के विरूद्ध वाणिज्य-कर उपायुक्त, प्रभारी, भागलपुर अंचल के पदस्थापनकाल में राजस्व संग्रहण का निर्धारित लक्ष्य प्राप्त नहीं करने व राजस्व संग्रहण में शिथिलता बरतने जैसे कतिपय आरोपों के लिए विभागीय संकल्प संख्या 89(ंअनु0), दिनांक 23.09.2013 द्वारा विभागीय जांच आयुक्त, बिहार, पटना के संचालन में विभागीय कार्यवाही चलायी गयी। जांच संचालन पदाधिकारी के पत्रांक-97/ अ0 वि0 जाँ0 आ0 दिनांक 27.08.2014 द्वारा समर्पित जांच-प्रतिवेदन में सभी आरोप अप्रमाणित पाये गये, जिसकी सम्यक्‌ समीक्षोपरांत सरकार द्वारा उन्हें आरोप मुक्त करते हुए संचालित विभागीय कार्यवाही को समाप्त करने का निर्णय लिया गया है।

2. इस पर सक्षम प्राधिकार का अनुमोदन प्राप्त है।

बिहार-राज्यपाल के आदेष से, (ह0)-अस्पष्ट, वाणिज्य-कर आयुक्त-सह-सचिव।

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Cite this issue. Bihar Gazette, Government of Bihar, 31 December 2014. Indian Gazettes, https://egazette.servantsofknowledge.in/details/in.gov.bih.gazette.2014-12-31.53/. Archive identifier in.gov.bih.gazette.2014-12-31.53.