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असाधारण अंकअसाधारण अंकअसाधारण अंकअसाधारण अंक असाधारण अंकअसाधारण अंकअसाधारण अंकअसाधारण अंक (cid:1)बहार सरकार (cid:13)ारा ूकािशत(cid:1)बहार सरकार (cid:13)ारा ूकािशत(cid:1)बहार सरकार (cid:13)ारा ूकािशत(cid:1)बहार सरकार (cid:13)ारा ूकािशत (cid:1)बहार सरकार (cid:13)ारा ूकािशत(cid:1)बहार सरकार (cid:13)ारा ूकािशत(cid:1)बहार सरकार (cid:13)ारा ूकािशत(cid:1)बहार सरकार (cid:13)ारा ूकािशत (cid:1)बहार सरकार (cid:13)ारा ूकािशत(cid:1)बहार सरकार (cid:13)ारा ूकािशत(cid:1)बहार सरकार (cid:13)ारा ूकािशत(cid:1)बहार सरकार (cid:13)ारा ूकािशत 11111111 पौषपौषपौषपौष 1936 1936 1936 1936 ((((शशशश0000))))
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---------------------------- अधिसूचनाअधिसूचनाअधिसूचनाअधिसूचना 8 नवम्बर 20148 नवम्बर 20148 नवम्बर 20148 नवम्बर 2014
सं0 1038—मधेपुरा जिलान्तर्गत सिंहेष्वर स्थित सिंहेष्वर स्थान मन्दिर न्यास बिहार राज्य धार्मिक न्यास पर्षद मधेपुरा जिलान्तर्गत सिंहेष्वर स्थित सिंहेष्वर स्थान मन्दिर न्यास बिहार राज्य धार्मिक न्यास पर्षद मधेपुरा जिलान्तर्गत सिंहेष्वर स्थित सिंहेष्वर स्थान मन्दिर न्यास बिहार राज्य धार्मिक न्यास पर्षद
जिसकी निबंधन संख्या 180 है। इस प्रसिद्ध मन्दिर के सुचारू के तहत निबंधित एक सार्वजनिक धार्मिक न्यास है, जिसकी निबंधन संख्या 180 है। इस प्रसिद्ध मन्दिर के सुचारू के तहत निबंधित एक सार्वजनिक धार्मिक न्यास है,
प्रबंधन हेतु बिहार हिन्दू धार्मिक न्यास अधिनियम 1950(1951 का प्रथम कानून) की धारा-32 के अन्तर्गत माननीय प्रबंधन हेतु बिहार हिन्दू धार्मिक न्यास अधिनियम 1950(1951 का प्रथम कानून) की धारा-32 के अन्तर्गत माननीय प्रबंधन हेतु बिहार हिन्दू धार्मिक न्यास अधिनियम 1950(1951 का प्रथम कानून) की धारा-32 के अन्तर्गत माननीय
2013 को पारित आदेष के पटना उच्च न्यायालय द्वारा सी0डब्लू0जे0सी0 संख्या- 1255/1996 में दिनांक 09.07.2013 को पारित आदेष के पटना उच्च न्यायालय द्वारा सी0डब्लू0जे0सी0 संख्या- 1255/1996 में दिनांक 09
आलोक में पर्षदीय अधिसूचना ज्ञापांक 1199 दिनांक 25 2013 द्वारा एक योजना निरूपित की गई थी। माननीय ं पर्षदीय अधिसूचना ज्ञापांक 1199 दिनांक 25.09.2013 द्वारा एक योजना निरूपित की गई थी। माननीय उच्च न्यायालय की एकल पीठ ने इसमें हस्तक्षेप नहीं था। उस योजना में यह उल्लेख था कि जबतक नवीन समिति उच्च न्यायालय की एकल पीठ ने इसमें हस्तक्षेप नहीं था। उस योजना में यह उल्लेख था कि जबतक नवीन समिति उच्च न्यायालय की एकल पीठ ने इसमें हस्तक्षेप नहीं था। उस योजना में यह उल्लेख था कि जबतक नवीन समिति
ू धार्मिक न्यास अधिनियम की धारा-33 के का गठन नहीं होता , तबतक अनुमंडल पदाधिकारी, मधेपुरा को बिहार हिन्दू धार्मिक न्यास अधिनियम की धारा-33 के का गठन नहीं होता , तबतक अनुमंडल पदाधिकारी, मधेपुरा को बिहार हिन्द
अन्तर्गत अस्थायी न्यासधारी नियुक्त किया जाता है। वर्ष 2007 में अधिनियम में हुए संषोधन के पश्चात् अस्थायी अन्तर्गत अस्थायी न्यासधारी नियुक्त किया जाता है। वर्ष 2007 में अधिनियम में हुए संषोधन के पश्चात् अस्थायी अन्तर्गत अस्थायी न्यासधारी नियुक्त किया जाता है। वर्ष 2007 में अधिनियम में हुए संषोधन के पश्चात् अस्थायी न्यासधारी का कार्यकाल एक वर्ष की अवधि से अधिक नहीं हो सकता और चूंकि यह अवधि पूरी हो गई है, अतः न्यासधारी का कार्यकाल एक वर्ष की अवधि से अधिक नहीं हो सकता और चूंकि यह अवधि पूरी हो गई है, अतः न्यासधारी का कार्यकाल एक वर्ष की अवधि से अधिक नहीं हो सकता और चूंकि यह अवधि पूरी हो गई है, अतः पर्षदीय अधिसूचना ज्ञापांक 1199 दिनांक 25 2013 के अध्ययीन श्री सिंहेष्वर स्थान मन्दिर तथा इसकी सम्पत्तियों के धसूचना ज्ञापांक 1199 दिनांक 25.09.2013 के अध्ययीन श्री सिंहेष्वर स्थान मन्दिर तथा इसकी सम्पत्तियों के समुचित प्रबंधन, प्रषासन एवं संचालन तथा निधियों के नियोजन एवं व्ययन के लिए इस अनुपूरक योजना के तहत समुचित प्रबंधन, प्रषासन एवं संचालन तथा निधियों के नियोजन एवं व्ययन के लिए इस अनुपूरक योजना के तहत समुचित प्रबंधन, प्रषासन एवं संचालन तथा निधियों के नियोजन एवं व्ययन के लिए इस अनुपूरक योजना के तहत
म्नलिखित पदाधिकारी एवं सदस्य नियुक्त एक न्यास समिति का गठन किया जाता है। सम्प्रति इस न्यास समिति के निम्नलिखित पदाधिकारी एवं सदस्य नियुक्त एक न्यास समिति का गठन किया जाता है। सम्प्रति इस न्यास समिति के नि
किए जाते हैंः- केनरा बैंक के सामने, मेन रोड, वार्ड नं0-19, मधेपुरा - सचिव केनरा बैंक के सामने, मेन रोड, वार्ड नं0-19, मधेपुरा
- सचिव2 (cid:1)बहार गजट (असाधारण), 1111 जनवर'जनवर'जनवर'जनवर' 2015201520152015 3. प्रभारी न्यायाधीष, व्यवहार न्यायालय, मधेपुरा - उपाध्यक्ष 4. श्री भुपेन्द्र प्रसाद मधेपुरी - सदस्य 5. श्री मनीष सर्राफ - सदस्य। 6. पंडा समाज अपने बीच से दो प्रतिनिधि चुनकर भेजेंगे। यदि 31.12.2014 तक कोई नाम प्राप्त नहीं होता है, तो पर्षद की ओर से उनका नामांकन होगा।
7. पंडा समाज अपने बीच से दो प्रतिनिधि चुनकर भेजेंगे। यदि 31.12.2014 तक कोई नाम प्राप्त नहीं होता है, तो पर्षद की ओर से उनका नामांकन होगा।
8. पंडा समाज के विरूद्ध जिन लोगों ने वाद कायम किया था, उनमें से एक प्रतिनिधि का नाम उनसे 31.12. 2014 तक प्राप्त किया जायेगा। वे नाम नहीं भेजते हैं तो पर्षद की ओर से मनोेनीत किया जायेगा। बाद में मनोनीत किया जायेगा।
9. इसमें अनुसूचित जाति से किसी व्यक्ति को रखा जायेगा। 10. रिक्त 11. रिक्त
क्रमांक 6 से 8 तक के प्रतिनिधित्व के लिए न्यास समिति उन्हें सूचित करेगी।
पूर्व प्रकाषित योजना में उल्लेखित नियम/षर्तें/प्रावधानों के अतिरिक्त न्यास समिति निम्नलिखित कर्त्तव्यों एवं दायित्वों का निर्वहन करेगीः-
(1) अधिनियम की धारा 32 के तहत निरूपित इस योजना का नाम '' श्री सिंहेष्वर स्थान मन्दिर न्यास योजना'' होगा तथा इसके कार्यान्वयन एवं संचालन के लिए गठित न्यास समिति का नाम '' श्री सिंहेष्वर स्थान मन्दिर न्यास समिति'' होगा।
(2) मन्दिर एवं उसकी समग्र चल-अचल सम्पत्तियों का प्रबंधन, संचालन एवं प्रषासन का अधिकार न्यास समिति में निहित होगा।
(3) इस न्यास समिति का प्रमुख दायित्व शास्त्रीय मर्यादा तथा युगधर्म के अनुरूप मन्दिरों में नियमित पूजन-अर्चन, राग-भोग एवं सामयिक उत्सवों का सम्यक् आयोजन एवं प्रबंधन सुनिष्चित करना होगा।
(4) मन्दिर के सिंहद्वार एवं अन्य भवनों/मंदिरों को भव्य रूप देने के कार्य को सर्वोच्च प्राथमिकता देगी। (5) न्यास समिति मन्दिर में आने वाले श्रद्धालुओं की सुविधा, पूजा-पाठ एवं धार्मिक तथा मांगलिक अनुष्ठानों एवं संस्कारिक क्रिया कलाप हेतु समुचित व्यवस्था करेगी तथा इसके लिए सेवा-षुल्क या न्योछावर की राषि का निर्धारण करेगी।
(6) न्यास समिति न्यास की समग्र आय का सम्यक् लेखा-संघारण करेगी और वित्तीय वर्ष की समाप्ति पर लेखा का अंकेक्षण कराकर उसकी प्रति पर्षद को समर्पित करेगी।
(7) न्यास समिति न्यास की समस्त आय-व्यय में शुचिता एवं पारदर्षिता रखेगी।
(8) मन्दिर में आने वाले आस्थावान् भक्तों में किसी प्रकार का भेद-भाव नहीं किया जायेगा। महिला दर्षनार्थियों की सुविधा का विषेष ध्यान रखा जायेगा। साथ ही विषेष आयोजनों के अवसर पर भक्तों की सुविधा एवं सुरक्षा का व्यापक प्रबंध सुनिष्चित किया जायेगा।
(9) न्यास समिति बिहार हिन्दू धार्मिक न्यास अधिनियम एवं उपविधि में वर्णित सभी प्रावधानों/नियमों का सम्यक् एवं ससमय अनुपालन सुनिष्चित करेगी।
(10) सिंहेष्वर स्थान मंदिर न्यास द्वारा संचालित संस्थाओं, धर्मस्वों का समुचित व्यवस्थापन/प्रबंधन सुनिष्चित करेगी।3 (cid:1)बहार गजट (असाधारण), 1111 जनवर'जनवर'जनवर'जनवर' 2015201520152015 (11) न्यास समिति साधु-संतों व विद्वानों के विश्राम, भोजन, वस्त्र की समुचित व्यवस्था करेगी तथा गरीब, असहाय की सहायता करेगी।
(12) अध्यक्ष की अनुमति से सचिव न्यास समिति की बैठक बुलायेंगे। बैठक की अध्यक्षता अध्यक्ष करेंगे। न्यास समिति के प्रस्तावों /निर्णयों को मूर्त्तरूप देने का उत्तरदायित्व सचिव का होगा।
(13) न्यास समिति की बैठक सामान्यतः मन्दिर परिसर में होगी। यह बैठक प्रत्येक तिमाही में कम से कम एक बार अवष्य आयोजित की जायेगी।
(14) जिन नियमों का उल्लेख इस योजना में नहीं है, और न्यास हित अथवा लोकहित में आवष्यक समझा जा रहा हो, तो न्यास समिति इस हेतु आयोजित विषेष बैठक में प्रस्ताव पारित कर पर्षद के अनुमोदन के बाद इसे लागू करेगी।
(15) इस योजना में परिवर्तन, परिवर्द्धन अथवा संषोधन का अधिकार पर्षद में निहित होगा।
(16) न्यास समिति के कोई सदस्य प्रत्यक्ष या परोक्ष रूप से न्यास सम्पत्ति से लाभान्वित होते हुए पाये जायेंगे या आपराधिक पृष्टभूमि के होंगे तो सदस्य बने रहने की उनकी अर्हता समाप्त हो जायेगी।
(17) इस न्यास के पास काफी राषि जमा है, किन्तु उसका उपयोग परोपकार-कार्यों में नहीं होता है, अतः न्यास समिति जनहित में अस्पतालों /विद्यालयों जैसे परोपकारी संस्थाओं को चलाने का उपक्रम करेगी।
(18) इस पूरक योजना में दिनांक 25.09.2013 की योजना से कोई विरोधाभास पाया जायेगा तो दिनांक 25.09.2013 की योजना प्रभावी मानी जायेगी।
न्यास समिति दिनांक 15.11.2014 से प्रभावी होगी और इसका कार्यकाल 05 वर्षों का होगा। अभी न्यास समिति में मात्र 05(पाँच) सदस्य रखे जाते हैं। भविष्य में व्यापक प्रतिनिधित्व देने के लिए न्यास समिति के सदस्यों की संख्या बढ़कार 11(ग्यांरह) तक की जायेगी। ह0/-
आदेश से,आदेश से,आदेश से,आदेश से,
किषोर कुणाल,किषोर कुणाल,किषोर कुणाल,किषोर कुणाल,
अध्यक्ष।अध्यक्ष।अध्यक्ष।अध्यक्ष।
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अधी,क, सिचवालय मुिणालय, (cid:1)बहार, पटना (cid:13)ारा ूकािशत एवं मु3ित। (cid:1)बहार गजट (असाधारण) 2-571+10-ड'0ट'0पी0। Website: http://egazette.bih.nic.in