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Bihar Gazette · Government of Bihar

Bihar Gazette, 05 January 2015

Published 05 January 2015

Type
Extra Ordinary
Identifier
in.gov.bih.gazette.2015-01-05.11
Languages
English, Hindi

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पटनापटनापटनापटना, , , , सोमसोमसोमसोमवारवारवारवार, , , , 5555 जनवर'जनवर'जनवर'जनवर' 2012012012015555 सं0 8/नियम संशोधन-07-11/2014-488 (8)/रा0 सं0 राजस्व एवं भूमि सुधार विभाग ------ संकल्प 31 दिसम्बर 2014 राज्य शहरी क्षेत्र (अनुसूचित जाति/अनुसूचित जनजाति के वास भूमि रहित परिवारों के लिए) वास बिहार राज्य शहरी क्षेत्र (अनुसूचित जाति/अनुसूचित जनजाति के वास भूमि रहित परिवारों के लिए) वास राज्य शहरी क्षेत्र (अनुसूचित जाति/अनुसूचित जनजाति के वास भूमि रहित परिवारों के लिए) वास भूमि नीति, 2014 राज्य के ग्रामीण क्षेत्रों में वास करने वाले वास भूमि रहित अनुसूचित जाति/जनजाति के परिवारों को वास राज्य के ग्रामीण क्षेत्रों में वास करने वाले वास भूमि रहित अनुसूचित जाति/जनजाति के परिवारों को वास राज्य के ग्रामीण क्षेत्रों में वास करने वाले वास भूमि रहित अनुसूचित जाति/जनजाति के परिवारों को वास भूमि उपलब्ध कराने का नीतिगत निर्णय पूर्व से ही प्रभावी है। राज्य के शहरी क्षेत्रों में वास करने वाले अनुसूचित भूमि उपलब्ध कराने का नीतिगत निर्णय पूर्व से ही प्रभावी है। राज्य के शहरी क्षेत्रों में वास करने वाले अनुसूचित भूमि उपलब्ध कराने का नीतिगत निर्णय पूर्व से ही प्रभावी है। राज्य के शहरी क्षेत्रों में वास करने वाले अनुसूचित जाति/ जनजाति के वास भूमि रहित अथवा आवास रहित परिवारों को, वास भूमि अथवा आवास उपलब्ध कराने की जाति/ जनजाति के वास भूमि रहित अथवा आवास रहित परिवारों को, वास भूमि अथवा आवास उपलब्ध कराने की कोई सुसंगत नीति अभी तक प्रतिपादित नहीं हो पाने के कारण, काफी कठिनाईयों का सामना करना पड़ता है। राज्य कोई सुसंगत नीति अभी तक प्रतिपादित नहीं हो पाने के कारण, काफी कठिनाईयों का सामना करना पड़ता है। राज्य कोई सुसंगत नीति अभी तक प्रतिपादित नहीं हो पाने के कारण, काफी कठिनाईयों का सामना करना पड़ता है। राज्य सरकार इस तथ्य से भिज्ञ है कि वास भूमि/ आवास मानव की मूलभूत आवश्यकता है तथा यह मानव की गरिमा एवं सरकार इस तथ्य से भिज्ञ है कि वास भूमि/ आवास मानव की मूलभूत आवश्यकता है तथा यह मानव की गरिमा एवं सरकार इस तथ्य से भिज्ञ है कि वास भूमि/ आवास मानव की मूलभूत आवश्यकता है तथा यह मानव की गरिमा एवं पहचान से जुड़ा हुआ है। इसलिए, अब, इस विषय पर भली-भाँति विचार कर शहरी क्षेत्रों में वास करने वाले अनुसूचित इसलिए, अब, इस विषय पर भली-भाँति विचार कर शहरी क्षेत्रों में वास करने वाले अनुसूचित इसलिए, अब, इस विषय पर भली-भाँति विचार कर शहरी क्षेत्रों में वास करने वाले अनुसूचित जाति/जनजाति के वास भूमि रहित अथवा आवास रहित परिवारों को वास भूमि/आवास उपलब्ध कराने हेतु राज्य जाति/जनजाति के वास भूमि रहित अथवा आवास रहित परिवारों को वास भूमि/आवास उपलब्ध कराने हेतु राज्य जाति/जनजाति के वास भूमि रहित अथवा आवास रहित परिवारों को वास भूमि/आवास उपलब्ध कराने हेतु राज्य सरकार निम्नलिखित नीति विनिश्चित करती है :- सरकार निम्नलिखित नीति विनिश्चित करती है :-

बिहार राज्य शहरी क्षेत्र (अनुसूचित जाति/अनुसूचित जनजाति के वास भूमि रहित परिवारों के लिए) वास बिहार राज्य शहरी क्षेत्र (अनुसूचित जाति/अनुसूचित जनजाति के वास भूमि रहित परिवारों के लिए) वास बिहार राज्य शहरी क्षेत्र (अनुसूचित जाति/अनुसूचित जनजाति के वास भूमि रहित परिवारों के लिए) वास भूमि नीति, 2014

1. सर्वेक्षण।-राज्य सरकार

राज्य सरकार राज्य के शहरी क्षेत्रों में वास करने वाले वास भूमि रहित/वास रहित अनुसूचित राज्य के शहरी क्षेत्रों में वास करने वाले वास भूमि रहित/वास रहित अनुसूचित ापी सर्वेक्षण करवाएगी। उक्त सर्वेक्षण से राज्य के शहरी जाति/जन जाति के परिवारों का, समय-समय पर, राज्य व्यापी सर्वेक्षण करवाएगी। उक्त सर्वेक्षण से राज्य के शहरी जाति/जन जाति के परिवारों का, समय-समय पर, राज्य व्य क्षेत्रों में वास करने वाले वास भूमि रहित अनुसूचित जाति/जनजाति के परिवारों की संख्या आवासीय भूमि की प्रकृति क्षेत्रों में वास करने वाले वास भूमि रहित अनुसूचित जाति/जनजाति के परिवारों की संख्या आवासीय भूमि की प्रकृति क्षेत्रों में वास करने वाले वास भूमि रहित अनुसूचित जाति/जनजाति के परिवारों की संख्या आवासीय भूमि की प्रकृति तथा क्षेत्रफल की जानकारी प्राप्त की जायगी। सर्वेक्षण में शहरी क्षेत्र में उपलब्ध एवं वास योग्य गैर मजरूअ तथा क्षेत्रफल की जानकारी प्राप्त की जायगी। सर्वेक्षण में शहरी क्षेत्र में उपलब्ध एवं वास योग्य गैर मजरूआ तथा क्षेत्रफल की जानकारी प्राप्त की जायगी। सर्वेक्षण में शहरी क्षेत्र में उपलब्ध एवं वास योग्य गैर मजरूअ मालिक/खास महाल एवं कैशरेहिन्द भूमि (जो राज्य सरकार के दखल में हों) भी चिन्हि्‌त की जायेगी। सर्वेक्षण जिला मालिक/खास महाल एवं कैशरेहिन्द भूमि (जो राज्य सरकार के दखल में हों) भी चिन्हि्‌त की जायेगी। सर्वेक्षण जिला मालिक/खास महाल एवं कैशरेहिन्द भूमि (जो राज्य सरकार के दखल में हों) भी चिन्हि्‌त की जायेगी। सर्वेक्षण जिला पदाधिकारियों के देख रेख में होगा जिसके लिए राशि राजस्व एवं भूमि सुधार विभाग द्वारा उपलब्ध करायी जाएगी। पदाधिकारियों के देख रेख में होगा जिसके लिए राशि राजस्व एवं भूमि सुधार विभाग द्वारा उपलब्ध करायी जाएगी। पदाधिकारियों के देख रेख में होगा जिसके लिए राशि राजस्व एवं भूमि सुधार विभाग द्वारा उपलब्ध करायी जाएगी। 2. परिवार।-"परिवार" से अभिप्रेत हैं प

।-"परिवार" से अभिप्रेत हैं पति-पत्नी एवं उन पर आश्रित अवयस्क बच्चे एवं वृद्ध माता-

आश्रित अवयस्क बच्चे एवं वृद्ध माता-पिता तथा इसमें निराश्रित विधवा/परित्यक्ता तथा अविवाहित एकल महिला (Single women) पृथक परिवार के रूप में शामिल पृथक परिवार के रूप में शामिल इसमें निराश्रित विधवा/परित्यक्ता तथा अविवाहित एकल महिला हैं।2 (cid:1)बहार गजट (असाधारण), 5 5 5 5 जनवर' जनवर' जनवर' जनवर' 2015201520152015 3. पात्रता।-राज्य के शहरी क्षेत्र में बसे हुए वास भूमि रहित एवं आवास रहित अनुसूचित जाति/ जन जाति परिवार को निम्नलिखित शर्ताें को पूरा करने पर ही उक्त सर्वेक्षण में शामिल किया जाएंगा :

(i) जो शहरी क्षेत्र में कम से कम दस वर्ष अथवा उस से अधिक अवधि से निवास कर रहा हो; (ii) उनके परिवार के किसी सदस्य के पास राज्य अथवा राज्य के बाहर अपनी वास भूमि अथवा आवास नहीं हो ;

(iii) जो शहरी गरीबी रेखा से नीचे (BPL) की सूची में शामिल हों।

4. पात्रता हेतु प्रमाण।-(i) परिवार के किसी सदस्य के पास राज्य अथवा राज्य के बाहर अपनी वास भूमि अथवा आवास उपलब्ध नहीं होने संबंधी सबूत के रूप में संबंधित परिवार को इसी आशय का शपथ पत्र देना होगा कि उसके पास वास भूमि या आवास नहीं है। भविष्य में शपथ पत्र के असत्य पाये जाने पर उनको दी गयी भूमि अथवा आवास वापस ले लिया जाएगा तथा उस परिवार के विरूद्ध अपराधिक मामला दर्ज किया जाएगा।

(ii) आवासीय प्रमाण के रूप में उन्हें सक्षम प्राधिकार से सबूत/प्रमाण पत्र प्राप्त कर उपलब्ध कराना होगा तथा उसके पास इस आशय का कोई अन्य सबूत यथा-मतदाता सूची में नामांकन/ बिजली बिल/ राशन कार्ड/ बच्चों के स्कूल का प्रमाण पत्र आदि रहना अनिवार्य होगा। "सक्षम प्राधिकार" से अभिप्रेत है, यथास्थिति, नगर निगम/नगर परिषद/नगर पंचायत, का मुख्य कार्यपालक पदाधिकारी।

5. वास भूमि/ आवास की व्यवस्था -

(i) वास भूमि रहित सर्वेक्षित परिवार, जो गैरमजरूआ मालिक/ कैशरेहिन्द की भूमि (जो बिहार सरकार के दखल में हो)/ खास महाल भूमि पर बसे हों, उन्हें उनके कब्जे की उक्त भूमि सत्‌त लीज़ (perpetual lease) पर उन्हें आबंटित की जाएगी किंतु सतत लीज़ पर आबंटित भूमि की अधिकतम सीमा 30 वर्ग मीटर से अधिक नहीं होगी।

(ii) वास भूमि रहित सर्वेक्षित परिवार को, जो गैर मजरूआ आम भूमि पर बसे हों, उक्त शहरी क्षेत्र में अन्यत्र उपलब्ध गैर मजरूआ मालिक/ कैशरेहिन्द की भूमि (जो बिहार सरकार के दखल में हो)/खास महाल भूमि उपर्युक्त उप कंडिका (i) के अनुसार, आबंटित करने की कार्रवाई की जाएगी किंतु ऐसे परिवारों को जहाँ भूमि आबंटित की जायेगी उनमें उनकी सहमति आवश्यक होगी।

(iii) यदि उपरोक्त प्रक्रियानुसार आबंटित योग्य भूमि संबंधित शहरी क्षेत्र में उपलब्ध न हो तो गैर मजरूआ आम भूमि पर बसे परिवारों को उक्त शहरी क्षेत्र के निकटवर्ती पंचायत में 5 डिसमिल भूमि MVR की दर से क्रय कर उपलब्ध करायी जाएगी किंतु क्रय की जानेवाली भूमि के संबंध में उनकी सहमति आवश्यक होगी।

(iv) उपर्युक्त कंडिकाओं के अनुसार आबंटित भूमि किसी अन्य व्यक्ति को अंतरणीय नहीं होगी किंतु उत्तराधिकार योग्य (inheritable) होगी।

(v) सत्‌त लीज़ के लिए एकरारनामा निःशुल्क होगा किन्तु 1/- रूपया की दर से सांकेतिक सलामी एवं लगान, एकरारनामा के समय, एक मुश्त 30 वर्षो के लिए वसूला जाएगा।

(vi) शहरी वासरहित अनुसूचित जाति/ जन जाति के परिवारों को आवास उपलब्ध कराने के लिए, उपलब्धता के आधार पर, राजस्व एवं भूमि सुधार विभाग, नगर विकास विभाग को सरकारी भूमि उपलब्ध कराएगा।

(vii) वास भूमि का सतत लीज़ निष्पादित करने/भूमि क्रय करने की शक्ति संबंधित जिला पदाधिकारी में निहित होगी। जिला पदाधिकारी अपनी शक्तियों का प्रत्यायोजन, आवश्यकतानुसार, अपर समाहर्त्ता/अनुमंडल पदाधिकारी/भूमि सुधार उप समाहर्त्ता/अंचल अधिकारी को कर सकेंगे।

6. अन्यान्य -इस नीति के कार्यान्वयन के संबंध में राजस्व एवं भूमि सुधार विभाग यथा आवश्यक निदेश जारी कर सकेगा एवं कार्यान्वयन में आनेवाली कठिनाईयों को दूर करने की शक्ति उक्त विभाग में निहित होगी। 7. यह नीति संकल्प निर्गत की तिथि से प्रभावी होगी।

बिहार-राज्यपाल के आदेश से, व्यास जी, प्रधान सचिव।3 (cid:1)बहार गजट (असाधारण), 5 5 5 5 जनवर' जनवर' जनवर' जनवर' 2015201520152015 No. 8/नियम संशोधन-07-11/2014-488 (8)/Rev. RESOLUTION ————— The 31st December 2014 BIHAR STATE URBAN AREAS (FOR HOMESTEADLESS FAMILIES OF SCHEDULED CASTES/ SCHEDULED TRIBES/ HOMESTEAD LAND POLICY, 2014. The policy decision to make homestead land available to the homestead landless families of scheduled castes and scheduled tribes is already effective in the rural areas of the state. The homestead-land less on homeless scheduled casts/ scheduled tribes families residing in urban areas of the state are facing acute problem due to non-formulation of corresponding policy to provide homestead land or home. The State government is congnisant of this fact that land/ home is a basic necessity and it is related to the dignity and identity of mankind. Now, therefore, after proper consideration on this subject the state government determined the following policy to provide homestead land or home to homestead landless or home families schedules castes/ schedule tribes residing in urban areas. Bihar state urban area (for landless families of scheduled castes/ scheduled tribes). Homestead land policy 2014.

1. SURVEY- The State government shall cause from time to time survey of the homestead less homeless of families SC/ST residing in the urban areas of the state. This survey shall reveal the number of homestead less/ Homeless families of scheduled castes/ scheduled tribes residing in urban areas of the state, the nature of the residential land and its area. The Gair-Mazarua malik/ Khas mahal and Kaisar-e-hind lands (which are in possession of the state government) available in urban areas and suitable for residential purposes shall be identified in survey. The survey shall be conducted under the supervision of the District Magistrates for which fund will be made available by Revenue and Land Reform Department.

2. FAMILY - 'Family' means Husband-wife and minor children and old age- parents. It also includes destitute widow/ Grass widow and unmarried single women family. 3. ELIGIBILITY- The homestead landless and homeless scheduled caste/ scheduled tribes families residing in the urban areas of the state shall be included in the said survey only on fulfilling the following conditions:- (i) Who is residing in urban area for at least 10 year or more; (ii) No member of his/her family possesses homestead land or home anywhere in the state or outside the state.

(iii) Whose name is included in urban BPL list.

4. PROOF FOR ELIGIBILITY- (i) The concerned family shall has to produce an affidavit of this intent that it does not have homestead land or home as a proof of the fact that the no member of the family has homestead land or home either within the state or out of the state.

On finding the affidavit untrue in future, the land or the home given to such family shall be taken back and criminal case shall be lodged against the family. (ii) They shall have to make available proof/ certificate after obtaining from competent authority as the residential certificate and it shall be compulsorily to have with them any other proof to this affect such as - entry in the electoral roll/ electricity bill/ ration card/ certificate from the school4 (cid:1)बहार गजट (असाधारण), 5 5 5 5 जनवर' जनवर' जनवर' जनवर' 2015201520152015 of the children etc. "competent authority" means, chief executive officer of Municipal corporation/ Municipality/ Nagar Panchayat as the case may be.

5. ARRANGEMENT FOR HOMESTEAD LAND/ HOME-

(i) The homestead less surveyed families, and which are settled on the Gair Mazarua Malik/ Kaiser-e-hind land (which are in possession of Bihar government)/ Khasmahal land, shall be allotted the land in their possession on perpetual lease but the maximum limit for the land allotted on perpetual lease shall not exceed 30 square meter.

(ii) The action to allot the Gair Mazarua malik/ Kaise-e-hind land (Which are in possession of Bihar Government/ Khas Mahal land as per above mentioned sub-para(i) at other places in the same urban areas to the homestead less surveyed families which are settled on Gair Mazarua Aam land but the consent of the families on the land, so allotted, shall be necessary.

(iii) If allotted suitable land as per the procedures mentioned above, is not available 5 decimal land shall be purchased on MVR in the Panchayat in proximity to the concerned urban areas and made available to the families settled on the Gair Mazarua Aam land, but the consent of the families shall be necessary in respect of the land to be purchased.

(iv) The land allotted as per the above paras shall not be transferable to other person. It shall be inheritable.

(v) The agreement for perpetual lease shall be free of cost but symbolic salami and rent shall be recovered one time at the time of agreement at the rate of `1 per annum for 30 years.

(vi) The Revenue and Land Reform Department shall, on the basis of availability, make government land available to the Urban Development and Housing Department for providing homes to the urban homestead less scheduled castes/ schedule tribes families.

(vii) The power to execute perpetual lease for homestead land or to purchase land shall be vested in the District Magistrate. The District Magistrate may delegate his powers to Additional Collector/ Sub-Divisional Officer/ Deputy Collector land reform/ Circle officer as per requirement.

6. MISCELLANEOUS-

The Revenue and Land Reform Department shall issued direction as required for the execution of this policy and the powers to remove difficulties in the execution shall be vested in the said Department.

7. The policy shall come into effect from the date of issue of the resolutions.

By order of the Governor of Bihar, VYAS JI, Principal Secretary.

———— अधी,क, सिचवालय मुिणालय,

(cid:1)बहार, पटना (cid:13)ारा ूकािशत एवं मु2ित। (cid:1)बहार गजट (असाधारण) 11-571+10-ड'0ट'0पी0। Website: http://egazette.bih.nic.in

Cite this issue. Bihar Gazette, Government of Bihar, 05 January 2015. Indian Gazettes, https://egazette.servantsofknowledge.in/details/in.gov.bih.gazette.2015-01-05.11/. Archive identifier in.gov.bih.gazette.2015-01-05.11.