(cid:1)बहार(cid:1)बहार(cid:1)बहार(cid:1)बहार गजटगजटगजटगजट
(cid:1)बहार(cid:1)बहार(cid:1)बहार(cid:1)बहार
असाधारण अंकअसाधारण अंकअसाधारण अंकअसाधारण अंक असाधारण अंकअसाधारण अंकअसाधारण अंकअसाधारण अंक (cid:1)बहार सरकार (cid:13)ारा ूकािशत(cid:1)बहार सरकार (cid:13)ारा ूकािशत(cid:1)बहार सरकार (cid:13)ारा ूकािशत(cid:1)बहार सरकार (cid:13)ारा ूकािशत (cid:1)बहार सरकार (cid:13)ारा ूकािशत(cid:1)बहार सरकार (cid:13)ारा ूकािशत(cid:1)बहार सरकार (cid:13)ारा ूकािशत(cid:1)बहार सरकार (cid:13)ारा ूकािशत (cid:1)बहार सरकार (cid:13)ारा ूकािशत(cid:1)बहार सरकार (cid:13)ारा ूकािशत(cid:1)बहार सरकार (cid:13)ारा ूकािशत(cid:1)बहार सरकार (cid:13)ारा ूकािशत 17171717 पौषपौषपौषपौष 1936 1936 1936 1936 ((((शशशश0000))))
((((संसंसंसं0 0 0 0 पटना पटना पटना पटना 19191919) ) ) ) पटनापटनापटनापटना
पटनापटनापटनापटना, , , , बुधबुधबुधबुधवारवारवारवार, , , , 7777 जनवर&जनवर&जनवर&जनवर& 2012012012015555 ty lalk/ku foHkkx &&&&&&& vf?klwpuk 14 vDrwcj 2014
सं0 22/नि0सि0(सम0)-02-13/2011/
22/नि0सि0(सम0)-02-13/2011/1494—श्री रण विजय प्रसाद सिंह, तत्कालीन कार्यपालक अभियन्ता, श्री रण विजय प्रसाद सिंह, तत्कालीन कार्यपालक अभियन्ता, बाढ़ नियं़त्रण प्रमण्डल सं0-2, झंझारपुर के विरूद्व कार्यालय परिसर में आवास रखने एवं कार्यालय परिसर में ही बाहरी बाढ़ नियं़त्रण प्रमण्डल सं0-2, झंझारपुर के विरूद्व कार्यालय परिसर में आवास रखने एवं कार्यालय परिसर में ही बाहरी बाढ़ नियं़त्रण प्रमण्डल सं0-2, झंझारपुर के विरूद्व कार्यालय परिसर में आवास रखने एवं कार्यालय परिसर में ही बाहरी तत्वों के साथ बैठकर मदिरापान करने से संबंधित श्री रामचन्द्र ि संह, ग्रापो0-कैथवार, जिला-दरभंगा के परिवाद पत्र तत्वों के साथ बैठकर मदिरापान करने से संबंधित श्री रामचन्द्र सिंह, ग्रापो0-कैथवार, जिला-दरभंगा के परिवाद पत्र में लगाये गये आरोपेां के संबंध में श्री सिंह से स्पष्टीकरण की मांग की गयी। श्री सिंह से प्राप्त स्पष्टीकरण की समीक्षा में लगाये गये आरोपेां के संबंध में श्री सिंह से स्पष्टीकरण की मांग की गयी। श्री सिंह से प्राप्त स्पष्टीकरण की समीक्षा में लगाये गये आरोपेां के संबंध में श्री सिंह से स्पष्टीकरण की मांग की गयी। श्री सिंह से प्राप्त स्पष्टीकरण की समीक्षा सरकार के स्तर पर की गयी एवं समीक्षोपरान्त लगाए गये आरोप प्रथम दृष्टया प्रमाणित पाते हुए विभागीय अधिसूचना सरकार के स्तर पर की गयी एवं समीक्षोपरान्त लगाए गये आरोप प्रथम दृष्टया प्रमाणित पाते हुए विभागीय सरकार के स्तर पर की गयी एवं समीक्षोपरान्त लगाए गये आरोप प्रथम दृष्टया प्रमाणित पाते हुए विभागीय ज्ञापांक 1400 दिनांक 16.11.11 द्वारा श्री सिंह को निलंबित करते हुए विभागीय कार्यवाही चलाने का निर्णय सरकार 11 द्वारा श्री सिंह को निलंबित करते हुए विभागीय कार्यवाही चलाने का निर्णय सरकार 11 द्वारा श्री सिंह को निलंबित करते हुए विभागीय कार्यवाही चलाने का निर्णय सरकार द्वारा लिया गया। तदालोक में विभागीय संकल्प ज्ञापांक 1490 दिनांक 02.12.11 द्वारा श्री रण विजय प्रसाद सिंह, 11 द्वारा श्री रण विजय प्रसाद सिंह, द्वारा लिया गया। तदालोक में विभागीय संकल्प ज्ञापांक 1490 दिनांक 02 निम्न गठित आरोपों के लिए बिहार सरकारी सेवक (वर्गीकरण, तत्कालीन कार्यपालक अभियन्ता (निलंबित) के वि र्पालक अभियन्ता (निलंबित) के विरूद्ध निम्न गठित आरोपों के लिए बिहार सरकारी सेवक (वर्गीकरण, नियंत्रण एवं अपील) नियमावली 2005 में विहित रीति से विभागीय कार्यवाही प्रारम्भ की गईः- नियंत्रण एवं अपील) नियमावली 2005 में विहित रीति से विभागीय कार्यवाही प्रारम्भ की गईः-
'' बाढ़ नियं़त्रण प्रमण्डल सं0-2, झंझारपुर के पदस्थापन अवधि में आपके विरूद्व प्राप्त परिवाद पत्र में लगाये '' बाढ़ नियं़त्रण प्रमण्डल सं0-2, झंझारपुर के पदस्थापन अवधि में आपके विरूद्व प्राप्त परिवाद पत्र में लगाये '' बाढ़ नियं़त्रण प्रमण्डल सं0-2, झंझारपुर के पदस्थापन अवधि में आपके विरूद्व प्राप्त परिवाद पत्र में लगाये गये आरोप ''कार्यालय को मदिरालय बनाने'' के लिए स्पष्टीकरण पूछा गया। आपसे प्राप्त स्पष्टीकरण की समीक्षा ार्लय को मदिरालय बनाने'' के लिए स्पष्टीकरण पूछा गया। आपसे प्राप्त स्पष्टीकरण की समीक्षा ार्लय को मदिरालय बनाने'' के लिए स्पष्टीकरण पूछा गया। आपसे प्राप्त स्पष्टीकरण की समीक्षा सरकार के स्तर पर की गयी एवं समीक्षोपरान्त आपके विरूद्व कार्यालय परिसर में अपना आवास रखने एवं कार्यालय सरकार के स्तर पर की गयी एवं समीक्षोपरान्त आपके विरूद्व कार्यालय परिसर में अपना आवास रखने एवं कार्यालय सरकार के स्तर पर की गयी एवं समीक्षोपरान्त आपके विरूद्व कार्यालय परिसर में अपना आवास रखने एवं कार्यालय े कि गंभीर कदाचार एवं बिहार सरकारी परिसर में ही बाहरी तत्वों के साथ बैठकर मदिरापान करने की पुष्टि होती है जो कि गंभीर कदाचार एवं बिहार सरकारी परिसर में ही बाहरी तत्वों के साथ बैठकर मदिरापान करने की पुष्टि होती है जा सेवक आचार संहिता का सरासर उल्लंधन है जिसके लिए आप प्रथम दृष्टया दोषी पाये गये है।'' सेवक आचार संहिता का सरासर उल्लंधन है जिसके लिए आप प्रथम दृष्टया दोषी पाये गये है।''
उक्त विभागीय कार्यवाही का संचालन पदाधिकारी श्री कैलू सरदार, मुख्य अभियन्ता, जल संसाधन विभाग, उक्त विभागीय कार्यवाही का संचालन पदाधिकारी श्री कैलू सरदार, मुख्य अभियन्ता, जल संसाधन विभाग, उक्त विभागीय कार्यवाही का संचालन पदाधिकारी श्री कैलू सरदार, मुख्य अभियन्ता, जल संसाधन विभाग, भागलपुर को नियुक्त किया गया। 2 (cid:1)बहार गजट (असाधारण), 7777 जनवर& जनवर& जनवर& जनवर& 2015201520152015 कि बल्कि परिवादी द्वारा यह आरोप लगाया गया कि किसी असमाजिक तत्व द्वारा उनके जाली हस्ताक्षर का उपयोग कर फर्जी परिवाद दिया गया। पूरे मामले के समीक्षोपरान्त संचालन पदाधिकारी के मंतव्य से असहमत होते हुए असहमति के विन्दु पर श्री सिंह से विभागीय पत्रांक 53 दिनांक 15.01.13 द्वारा द्वितीय कारण पृच्छा की गयी। श्री सिंह से प्राप्त द्वितीय कारण पृच्छा के उत्तर के समीक्षोपरान्त श्री सिंह को निलंबन से मुक्त करने और आरोप मुक्त करने के प्रस्ताव पर माननीय विभागीय मंत्री के अनुमोदनोपरान्त अनुमोदित प्रस्ताव पर माननीय मुख्यमंत्री से सहमति प्राप्त करने के क्रम में मामले की पुनः जॅाच विभागीय जॅाच आयुक्त से कराने का आदेश पारित किया गया।
उक्त आदेश के आलोक में विभागीय संकल्प ज्ञापांक 292 दिनांक 04.03.13 द्वारा पुर्नजॅाच हेतु मामले को विभागीय जॅाच आयुक्त बिहार, पटना को भेजा गया। विभागीय जॅाच आयुक्त द्वारा मामले को अपर विभागीय जॅाच आयुक्त को हस्तान्तरित किया गया।
विभागीय कार्यवाही के संचालन के क्रम में ही श्री रण विजय प्रसाद सिंह, तत्कालीन कार्यपालक अभियन्ता (निलंबित) दिनांक 31.7.13 को सेवानिवृत हो गये। तदुपरान्त मामले की समीक्षा सरकार के स्तर पर की गयी एवं समीक्षोपरान्त विभागीय अधिसूचना सं0-1077 दिनांक 10.9.13 द्वारा श्री सिंह को 31.7.13 के प्रभाव से निलंबन मुक्त करते हुए उनके विरूद्ध पूर्व से संचालित विभागीय कार्यवाही को बिहार पेंशन नियमावली के नियम 43 बी0 में सम्परिवर्तित किया गया।
विभागीय जॅाच आयुक्त से जॅाच प्रतिवेदन अप्राप्त रहने तथा प्रस्तुत मामले में दायर अवमाननावाद में दिनांक 9.10.14 तक मामले में लिए गये निर्णय से माननीय न्यायालय को सूचित करने के आलोक में मामले की समीक्षा सरकार के स्तर पर की गयी एवं समीक्षोपरान्त यह पाते हुए कि मामले में कोई वित्तीय अनियमितता का आरोप नहीं था एवं इस मामले में एक बार जॅाच पूरी हो चुकी है एवं उसमें आरोप को प्रमाणित नहीं पाया गया है। अतः नये सिरे से जॅाच को समाप्त करते हुए पुराने पूर्व के जॅाच प्रतिवेदन के आधार पर श्री रण विजय प्रसाद सिंह, तत्कालीन कार्यपालक अभियन्ता, बाढ़ नियं़त्रण प्रमण्डल सं0-2, झंझारपुर को आरोप मुक्त करते हुए उनके निलंबन अवधि को कार्यावधि मानने का निर्णय सरकार द्वारा लिया गया है।
सरकार के उक्त निर्णय के आलोक में नये सिरे से जॅाच को समाप्त करते हुए श्री रण विजय प्रसाद सिंह, तत्कालीन कार्यपालक अभियन्ता, बाढ़ नियं़त्रण प्रमण्डल सं0-2, झंझारपुर को आरोप मुक्त किया जाता है तथा उनके निलंबन अवधि को कार्यावधि माना जाता है।
बिहार-राज्यपाल के आदेश से, गजानन मिश्र, विशेष कार्य पदाधिकारी।
———— अधी,क, सिचवालय मुिणालय, (cid:1)बहार, पटना (cid:13)ारा ूकािशत एवं मु2ित। (cid:1)बहार गजट (असाधारण) 19-571+10-ड&0ट&0पी0। Website: http://egazette.bih.nic.in