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सं0 22/नि0सि0(पट0)-03-12/2012/
10.2012 द्वारा निलंबित करते हुए विभागीय संकल्प संख्या 11 दिनांक 07 22/नि0सि0(पट0)-03-12/2012/1557—श्री मनोज कुमार, तत्कालीन कार्यपालक अभियन्ता सम्प्रति श्री मनोज कुमार, तत्कालीन कार्यपालक अभियन्ता सम्प्रति निलंबित जब (मार्च 2010 से अक्टूवर 2012 तक) कार्यपालक अभियंता सोन नहर प्रमण्डल, खगौल मे पदस्थापित थे तब निलंबित जब (मार्च 2010 से अक्टूवर 2012 तक) कार्यपालक अभियंता सोन नहर प्रमण्डल, खगौल मे पदस्थापित थे तब निलंबित जब (मार्च 2010 से अक्टूवर 2012 तक) कार्यपालक अभियंता सोन नहर प्रमण्डल, खगौल मे पदस्थापित थे तब उनके विरूद्ध जल संसाधन विभाग की बहुमूल्य सरकारी जमीन पर बहुमंजिली भवन बनाने हेतु उनसे मॉंगी गई अनुमति उनके विरूद्ध जल संसाधन विभाग की बहुमूल्य सरकारी जमीन पर बहुमंजिली भवन बनाने हेतु उनसे मॉंगी गई अनुमति को अमान्य करने की त्वरित कारवाई नहीं करने एवं अवर प्रमण्डल पदाधिकारी, नौबतपुर द्वारा अनुमति नहीं देने के को अमान्य करने की त्वरित कारवाई नहीं करने एवं अवर प्रमण्डल पदाधिकारी, नौबतपुर द्वारा अनुमति नहीं देने के को अमान्य करने की त्वरित कारवाई नहीं करने एवं अवर प्रमण्डल पदाधिकारी, नौबतपुर द्वारा अनुमति नहीं देने के प्रतिवेदन पर उनके द्वारा अवर प्रमण्डल, पदाधिकारी को धमकाने के प्रथम दृष्टया प्रमाणित आरोपाें के लिए विभागीय प्रतिवेदन पर उनके द्वारा अवर प्रमण्डल, पदाधिकारी को धमकाने के प्रथम दृष्टया प्रमाणित आरोपाें के लिए विभागीय प्रतिवेदन पर उनके द्वारा अवर प्रमण्डल, पदाधिकारी को धमकाने के प्रथम दृष्टया प्रमाणित आरोपाें के लिए विभागीय 2012 द्वारा निलंबित करते हुए विभागीय संकल्प संख्या 11 दिनांक 07.01.2013 अधिसूचना संख्या 1102 दिनांक 10.10 2005 के नियम 17 के तहत उनके विरूद्ध द्वारा बिहार सरकारी सेवक (वर्गीकरण नियंत्रण एवं अपील) नियमावली 2005 के नियम 17 के तहत उनके वि द्वारा बिहार सरकारी सेवक (वर्गीकरण नियंत्रण एवं अपील) नियमावली विभागीय कार्यवाही प्रारम्भ की गयी। 2 (cid:1)बहार गजट (असाधारण), 7777 जनवर( जनवर( जनवर( जनवर( 2015201520152015 सत्यता ही जॉंची गई और न ही इस लीज के विरूद्ध काटे गये रसीद को कैश बुक में दर्ज की गई। उक्त राशि के संबंध में भी किसी प्रकार के छान-वीन का प्रयास नही किया गया, बल्कि अपने स्वार्थ की पूर्ति के लिए एवं सरकारी सम्पत्ति को क्षति पहुचाने के नियत से अनापत्ति प्रमाण पत्र की मॉंग पर भी शीघ्रता से जॉंच पड़ताल करने की कार्रवाई के वजाय अपने अधिनस्थ पदाधिकारियों को इस मामले में हस्तक्षेप नहीं करने के लिए अन्यथा प्रयास किया गया जो उनके कुत्सित मंशा का द्योतक है। उनकेे विरूद्ध दोनों आरोप प्रमाणित होते है।
समीक्षोपरान्त संचालन पदाधिकारी के मन्तव्य से असहमति जताते हुए उक्त आरोप को प्रमाणित पाया गया। उक्त प्रमाणित आरोप के लिए विभागीय पत्रांक 101 दिनांक 20.1.14 द्वारा निम्नांकित असहमति के विन्दु पर द्वितीय कारण पृच्छा किया गयाः-
उक्त वर्णित तथ्यों से स्पष्ट है कि श्री कुमार द्वारा विभागीय भूखण्ड का अवैध रूप से दाखिल खारीज कराने हेतु अपने अधीनस्थों पर दबाव दिया गया। अतएव बहुमूल्य विभागीय भूखण्ड का विभाग से बेदखल कराने में आपकी अहम भूमिका रही।
श्री मनोज कुमार द्वारा समर्पित द्वितीय कारण पृच्छा के जवाब की समीक्षा विभाग द्वारा की गई। पाया गया कि श्री कुमार द्वारा अपने द्वितीय कारण पृच्छा के जबाव में कहा गया है कि अतिक्रमित भूमि वर्षो पूर्व पुनपुन बाढ़ सुरक्षा प्रमण्डल, करविगहिया पटना/पटनासिटी के अधीन है। जहॅा तक रेन्ट रसीद काटने का प्रश्न है इसके लिए अवर प्रमण्डल पदाधिकारी, नौवतपुर द्वारा बिना वैध आवंटन/लीज की जॅाच किये दूसरे प्रमण्डलान्तर्गत की भूमि का रेन्ट रसीद काटा गया जिसको रद्द करते हुए जालसाज आवेदकों द्वारा मांगी जा रही अनापति प्रमाण पत्र के आवेदन को निरस्त करते हुए जालसाजों के विरूद्ध प्राथमिकी दर्ज करने का आदेश उनके द्वारा अवर प्रमण्डल पदाधिकारी नौवतपुर को दिया गया।
समीक्षा में पाया गया कि श्री कुमार द्वारा कोई नया तथ्य समर्पित नहीं किया गया है बल्कि वही बात कही गई है जो उन्होंने बचाव बयान में दिया था। लीज सही है या गलत इस जालसाजी में किसकी संलिप्ता है इन सब की जॅाच की जानी चाहिए थी। परन्तु उनके द्वारा प्रशासनिक हस्तक्षेप के लिए कार्रवाई नहीं कर अवर प्रमण्डल पदाधिकारी द्वारा अनापति प्रमाण पत्र निर्गत नहीं करने संबंधी अनुश्ांसा को नजर अंदाज किया गया। इसलिए उक्त अवैध कार्य में इनकी संलिप्ता की पुष्टि होती है। समीक्षोपरान्त श्री कुमार के विरूद्ध उपरोक्त आरोप प्रमाणित पाया गया। वर्णित स्थिति में निलंबन से मुक्त करते हुए प्रमाणित आरोपों के लिए सरकार द्वारा उन्हें निम्न दण्ड देने का निर्णय लिया गयाः-
1. कालमान वेतन के दो वेतन प्रक्रम से नीचे सदैव के लिए अवनति। 2. निलंबन अवधि की सेवा का निरूपण एवं वेतनभत्ता के संबंध में बिहार सरकारी सेवक (वर्गीकरण नियंत्रण एवं अपील) नियमावली 2005 के नियम 11 (5) के तहत नोटिस निर्गत किये जाने एवं नोटिस के आलोक में प्राप्त अभ्यावेदन के समीक्षोपरान्त निर्णय लिया जायेगा।
उपरोक्त वर्णित स्थिति में श्री मनोज कुमार, तत्कालीन कार्यपालक अभियन्ता सम्प्रति निलंबित को तत्काल प्रभाव से निलंबन से मुक्त करते हुए निम्न दण्ड दिया एवं संसूचित किया जाता है।
1. कालमान वेतन के दो वेतन प्रक्रम से नीचे सदैव के लिए अवनति। 2. निलंबन अवधि की सेवा का निरूपण एवं वेतनभत्ता के संबंध में बिहार सरकारी सेवक (वर्गीकरण नियंत्रण एवं अपील) नियमावली 2005 के नियम 11 (5) के तहत नोटिस निर्गत किये जाने एवं नोटिस के आलोक में प्राप्त अभ्यावेदन के समीक्षोपरान्त निर्णय लिया जायेगा।
बिहार-राज्यपाल के आदेश से, सतीश चन्द्र झा, सरकार के अपर सचिव।
———— अधी,क, सिचवालय मुिणालय, (cid:1)बहार, पटना (cid:13)ारा ूकािशत एवं मु2ित। (cid:1)बहार गजट (असाधारण) 24-571+10-ड(0ट(0पी0। Website: http://egazette.bih.nic.in