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Bihar Gazette · Government of Bihar

Bihar Gazette, 07 January 2015

Published 07 January 2015

Type
Extra Ordinary
Identifier
in.gov.bih.gazette.2015-01-07.25
Languages
English, Hindi

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सं0 22/नि0सि0(पट0)-03-12/2012/

22/नि0सि0(पट0)-03-12/2012/1558—मो0 इदरीश, तत्कालीन अवर प्रमण्डल पदाधिकारी, नौबतपुर मो0 इदरीश, तत्कालीन अवर प्रमण्डल पदाधिकारी, नौबतपुर 98 तक) अवर प्रमंडल पदाधिकारी, नौबतपुर के पद पर पदस्थापित थे तब 96 से 07.08.98 तक) अवर प्रमंडल पदाधिकारी, नौबतपुर के पद पर पदस्थापित थे तब सम्प्रति निलंबित जब (07.02.96 से 07 उनके विरूद्ध जल संसाधन विभाग की बहुमूल्य सरकारी जमीन का फर्जी दस् तावेज तैयार कर सरकारी जमीन के उनके विरूद्ध जल संसाधन विभाग की बहुमूल्य सरकारी जमीन का फर्जी दस्तावेज तैयार कर सरकारी जमीन के अतिक्रमण करने में एवं उक्त जमीन पर बहुमंजिली इमारत निर्माण करने में अन्तर्लिप्त रहने, फर्जी दस्तावेज को सच्ची अतिक्रमण करने में एवं उक्त जमीन पर बहुमंजिली इमारत निर्माण करने में अन्तर्लिप्त रहने, फर्जी दस्तावेज को सच्ची अतिक्रमण करने में एवं उक्त जमीन पर बहुमंजिली इमारत निर्माण करने में अन्तर्लिप्त रहने, फर्जी दस्तावेज को सच्ची प्रतिलिपि मानकर उक्त जमीन की वर्ष 1991-92 से 98-99 तक रसीद काटने के प्रथम दृष्टया प्रमाणित आरोपो के प्रतिलिपि मानकर उक्त जमीन की वर्ष 1991-92 से 98-99 तक रसीद काटने के प्रथम दृष्टया प्रमाणित आरोपो के प्रतिलिपि मानकर उक्त जमीन की वर्ष 1991-92 से 98-99 तक रसीद काटने के प्रथम दृष्टया प्रमाणित आरोपो के 2012 द्वारा उनको निलंवित करते हुए विभागीय संकल्प ज्ञापांक 14 लिए विभागीय अधिसूचना संख्या 1107 दिनांक 11 संख्या 1107 दिनांक 11.10.2012 द्वारा उनको निलंवित करते हुए विभागीय संकल्प ज्ञापांक 14 2013 द्वारा बिहार सरकारी सेवक (वर्गीकरण, नियंत्रण एवं अपील) नियमावली 2005 के नियम 17 के तहत दिनांक 07.01.2013 द्वारा बिहार सरकारी सेवक (वर्गीकरण, नियंत्रण एवं अपील) नियमावली 2005 के नियम 17 के तहत 2013 द्वारा बिहार सरकारी सेवक (वर्गीकरण, नियंत्रण एवं अपील) नियमावली 2005 के नियम 17 के तहत विभागीय कार्यवाही चलायी गयी।

समीक्षा सरकार के स्तर पर की गयी। संचालन पदाधिकारी संचालन पदाधिकरी से प्राप्त जॉच प्रतिवेदन की समीक्षा सरकार के स्तर पर की गयी। संचालन पदाधिकारी संचालन पदाधिकरी से प्राप्त जॉच प्रतिवेदन की द्वारा आरोप प्रमाणित नहीं पाया गया। परन्तु मामले की विभागीय समीक्षा में पाया गया कि जिस अतिक्रमित भूमि की द्वारा आरोप प्रमाणित नहीं पाया गया। परन्तु मामले की विभागीय समीक्षा में पाया गया कि जिस अतिक्रमित भूमि की द्वारा आरोप प्रमाणित नहीं पाया गया। परन्तु मामले की विभागीय समीक्षा में पाया गया कि जिस अतिक्रमित भूमि की लीज की रसीद उनके द्वारा काटा गया है वह सही लीज है अथवा नहीं इसकी जानकारी प्राप्त नहीं की गई, जबकि लीज की रसीद उनके द्वारा काटा गया है वह सही लीज है अथवा नहीं इसकी जानकारी प्राप्त नहीं की गई, जबकि लीज की रसीद उनके द्वारा काटा गया है वह सही लीज है अथवा नहीं इसकी जानकारी प्राप्त नहीं की गई, जबकि न में तथाकथित लीज डीड के अवलोकन से स्पष्ट है कि इस पर किसी सक्षम पदाधिकारी का हस्ताक्षर नहीं है। न में तथाकथित लीज डीड के अवलोकन से स्पष्ट है कि इस पर किसी सक्षम पदाधिकारी का हस्ताक्षर नहीं है। वर्तमान में तथाकथित लीज डीड के अवलोकन से स्पष्ट है कि इस पर किसी सक्षम पदाधिकारी का हस्ताक्षर नहीं है। दस्तावेज में वर्ष का उल्लेख नहीं किया गया है, फिर भी उनके द्वारा फर्जी दस्तावेज को सच्ची प्रतिलिपि के रूप में दस्तावेज में वर्ष का उल्लेख नहीं किया गया है, फिर भी उनके द्वारा फर्जी दस्तावेज को सच्ची प्रतिलिपि के रूप में दस्तावेज में वर्ष का उल्लेख नहीं किया गया है, फिर भी उनके द्वारा फर्जी दस्तावेज को सच्ची प्रतिलिपि के रूप में ग्राह्‌य करते हुए रसीद काटी गयी।

वर्णित स्थिति में उनके द्वारा बिना किसी छान-ब

यों के आदेश प्राप्त किये ारा बिना किसी छान-बीन के और बिना अपने उच्चाधिकारियों के आदेश प्राप्त किये रसीद काटने एवं अपनी स्वार्थ सिद्धि को पूर्ण करने का आरोप प्रमाणित पाया गया। रसीद काटने एवं अपनी स्वार्थ सिद्धि को पूर्ण करने का आरोप प्रमाणित पाया गया। 14 द्वारा जॉंच प्रतिवेदन से निम्नाकित वर्णित स्थिति में समीक्षोपरान्त विभागीय पत्रांक 102 दिनांक 20.01.14 द्वारा जॉंच प्रतिवेदन से निम्नाकित वर्णित स्थिति में समीक्षोपरान्त विभागीय पत्रांक 102 दिनांक 20

असहमति के विन्दु पर द्वितीय कारण पृच्छा किया गयाः-

त के विन्दु पर द्वितीय कारण पृच्छा किया गयाः-विभागीय भूखण्ड के लीज को प्रमाणिकता के बिना जॉंच किये ही आपके द्वारा लीज रेन्ट की वसूली की गई विभागीय भूखण्ड के लीज को प्रमाणिकता के बिना जॉंच किये ही आपके द्वारा लीज रेन्ट की वसूली की गई विभागीय भूखण्ड के लीज को प्रमाणिकता के बिना जॉंच किये ही आपके द्वारा लीज रेन्ट की वसूली की गई जबकि लीज कागजात फर्जी थे अतएव विभागीय बहुमूल्य भूखण्ड का बिना किसी प्रमाण के आधार पर गलत ढंग से जबकि लीज कागजात फर्जी थे अतएव विभागीय बहुमूल्य भूखण्ड का बिना किसी प्रमाण के आधार पर गलत ढंग से जबकि लीज कागजात फर्जी थे अतएव विभागीय बहुमूल्य भूखण्ड का बिना किसी प्रमाण के आधार पर गलत ढंग से र विभाग को भूखण्ड से बेदखल करने की साजिश में आपकी संलिप्तता प्रमाणित होती है। र विभाग को भूखण्ड से बेदखल करने की साजिश में आपकी संलिप्तता प्रमाणित होती है। रेन्ट रसीद निर्गत कर विभाग को भूखण्ड से बेदखल करने की साजिश में आपकी संलिप्तता प्रमाणित होती है। मो0 इदरीश द्वारा समर्पित द्वितीय कारण पृच्छा की समीक्षा विभाग द्वारा की गई। पाया गया कि श्री इदरीश मो0 इदरीश द्वारा समर्पित द्वितीय कारण पृच्छा की समीक्षा विभाग द्वारा की गई। पाया गया कि श्री इदरीश मो0 इदरीश द्वारा समर्पित द्वितीय कारण पृच्छा की समीक्षा विभाग द्वारा की गई। पाया गया कि श्री इदरीश द्वारा अपने द्वितीय कारण पृच्छा के जबाव में कहा गया है कि श्री पी0 आर0 गुहा, तत्कालीन कार्यपालक अभियन्ता, न कार्यपालक अभियन्ता, द्वारा अपने द्वितीय कारण पृच्छा के जबाव में कहा गया है कि श्री पी0 आर0 गुहा, तत्काली डिहरी के द्वारा दिनांक 3.3.47 को Home Street Land के लिए कैडेस्टल सर्वे 118 का 24 डी0 के लिए कैडेस्टल सर्वे 118 का 24 डी0 डिहरी प्रमण्डल, डिहरी के द्वारा दिनांक 3 2 (cid:1)बहार गजट (असाधारण), 7777 जनवर( जनवर( जनवर( जनवर( 2015201520152015 भूखण्ड मोहिउद्वीन खॅा पिता स्व0 गुलाब खॅा, करबिगहिया, पटना के नाम पर वर्ष 1943-46 से 1946-49 के लींज पर दी गई। इस लीज डीड में अंकित लीज रेन्ट के आधार पर वर्ष 1943 से ही मनी रसीद निर्गत किया जाता रहा है। इससे साबित हो जाता है कि लीज कागजात फर्जी नहीं थे। रेन्ट का मनी रसीद निर्गत कर विभाग का स्वामित्व इस भूखण्ड पर बरकरार रखा गया।

समीक्षा में पाया गया कि मो0 इदरीश द्वारा अपने द्वितीय कारण पृच्छा में स्वयं स्वीकार किया गया है कि तथाकथित लीज को समाप्त करने के लिए कार्यपालक अभियन्ता द्वारा वर्ष 2012-13 में वाद दायर किया गया था। उल्लेखनीय है कि सरकार द्वारा इस भूमि का लीज पर दिये जाने की कोई न तो अनुमति दी गई और न ही स्वीकृति दिया गया था। इससे स्पष्ट है कि श्री इदरीश द्वारा अपने द्वितीय कारण पृच्छा के जवाब में कोई नया तथ्य प्रस्तुत नहीं किया गया है। इसलिए इनके विरूद्व तथाकथित लिज को बिना जॅाच पड़ताल के रेन्ट रसीद काटने का आरोप प्रमाणित पाया गया। वर्णित तथ्यों के आलोक में अवैध कार्य में इनकी संलिप्ता की पुष्टि होती है। वर्णित स्थिति में उन्हें निलंबन से मुक्त करते हुए प्रमाणित आरोपों के लिए सरकार द्वारा निम्न दण्ड देने का निर्णय लिया गयाः-

1. कालमान वेतन के दो वेतन प्रक्रम से नीचे सदैव के लिए अवनति। 2. निलंबन अवधि की सेवा का निरूपण एवं वेतनभत्ता के संबंध में बिहार सरकारी सेवक (वर्गीकरण नियंत्रण एवं अपील) नियमावली 2005 के नियम 11 (5) के तहत नोटिस निर्गत किये जाने एवं नोटिस के आलोक में प्राप्त अभ्यावेदन के समीक्षोपरान्त निर्णय लिया जायेगा।

उपरोक्त वर्णित स्थिति में मो0 इदरीश, तत्कालीन अवर प्रमण्डल पदाधिकारी, नौबतपुर सम्प्रति निलंबित को तत्काल प्रभाव से निलंबन से मुक्त करते हुए निम्न दण्ड दिया एवं संसूचित किया जाता हैः-

1. कालमान वेतन के दो वेतन प्रक्रम से नीचे सदैव के लिए अवनति। 2. निलंबन अवधि की सेवा का निरूपण एवं वेतनभत्ता के संबंध में बिहार सरकारी सेवक (वर्गीकरण नियंत्रण एवं अपील) नियमावली 2005 के नियम 11 (5) के तहत नोटिस निर्गत किये जाने एवं नोटिस के आलोक में प्राप्त अभ्यावेदन के समीक्षोपरान्त निर्णय लिया जायेगा।

बिहार-राज्यपाल के आदेश से, सतीश चन्द्र झा, सरकार के अपर सचिव।

———— अधी,क, सिचवालय मुिणालय, (cid:1)बहार, पटना (cid:13)ारा ूकािशत एवं मु2ित। (cid:1)बहार गजट (असाधारण) 25-571+10-ड(0ट(0पी0। Website: http://egazette.bih.nic.in

Cite this issue. Bihar Gazette, Government of Bihar, 07 January 2015. Indian Gazettes, https://egazette.servantsofknowledge.in/details/in.gov.bih.gazette.2015-01-07.25/. Archive identifier in.gov.bih.gazette.2015-01-07.25.