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सं0 22/नि0सि0(वीर0)-07-08/2008/1627—श्री मदन मोहन द्विवेदी, तत्कालीन सहायक अभियन्ता, श्री मदन मोहन द्विवेदी, तत्कालीन सहायक अभियन्ता, सं0 22/नि0सि0(वीर0)-07-08/2008
पश्चिमी तटबंध प्रमण्डल, कुनौली, वीरपुर द्वारा वर्ष 2002-03 में पश्चिमी कोशी तटबंध के 2.25 कि0 मी0 एवं 9 पश्चिमी तटबंध प्रमण्डल, कुनौली, वीरपुर द्वारा वर्ष 2002-03 में पश्चिमी कोशी तटबंध के 2 25 कि0 मी0 एवं 9.00 कि0
े कराये गये बाढ़ संधार्षात्मक कार्य का विपत्र मी0 पर निर्मित स्पर पर मेसर्स शांभवी कन्सट्रक्शन द्वारा तथाकथित रूप से कराये गये बाढ़ संधार्षात्मक कार्य का विपत्र मी0 पर निर्मित स्पर पर मेसर्स शांभवी कन्सट्रक्शन द्वारा तथाकथित रूप स
ी गयी अनियमितता के लिए उनके तैयार करने एवं प्रपत्र 24 तैयार कर कार्यपालक अभियन्ता को भेजने से संबंधित बरती गयी अनियमितता के लिए उनके तैयार करने एवं प्रपत्र 24 तैयार कर कार्यपालक अभियन्ता को भेजने से संबंधित बरत
विरूद्ध आरोप पत्र प्रपत्र-''क'' गठित करते हुए विभागीय संकल्प ज्ञापांक 396 दिनांक 22 08 द्वारा बिहार सरकारी आरोप पत्र प्रपत्र-''क'' गठित करते हुए विभागीय संकल्प ज्ञापांक 396 दिनांक 22.5.08 द्वारा बिहार सरकारी करण, नियंत्रण एवं अपील) नियमावली 2005 के नियम 17 के तहत विभागीय कार्यवाही चलायी गयी। करण, नियंत्रण एवं अपील) नियमावली 2005 के नियम 17 के तहत विभागीय कार्यवाही चलायी गयी। सेवक (वर्गीकरण, नियंत्रण एवं अपील) नियमावली 2005 के नियम 17 के तहत विभागीय कार्यवाही चलायी गयी। संचालन पदाधिकारी से प्राप्त जॅाच प्रतिवेदन की समीक्षा सरकार के स्तर पर की गयी। समीक्षा में पाया गया संचालन पदाधिकारी से प्राप्त जॅाच प्रतिवेदन की समीक्षा सरकार के स्तर पर की गयी। समीक्षा में पाया गया संचालन पदाधिकारी से प्राप्त जॅाच प्रतिवेदन की समीक्षा सरकार के स्तर पर की गयी। समीक्षा में पाया गया
ाार्त्मक कार्यो के लिए भुगतान किये जाने कि संचालन पदाधिकारी द्वारा दोनोें स्परों के कटाव होने के उपरान्त बाढ़ संधार्षात्मक कार्यो के लिए भुगतान किये जाने कि संचालन पदाधिकारी द्वारा दोनोें स्परो
के संदर्भ में निम्न तथ्य प्रस्तुत किये गये है। के संदर्भ में निम्न तथ्य प्रस्तुत किये गये है।
05 को अभियन्ता प्रमुख, जल संसाधन विभाग की अध्यक्षता में अदेयता समिति की बैठक में 1. दिनांक 22.11.05 को अभियन्ता प्रमुख, जल संसाधन विभाग की अध्यक्षता में अदेयता समिति की बैठक में 05 को अभियन्ता प्रमुख, जल संसाधन विभाग की अध्यक्षता में अदेयता समिति की बैठक में संवेदक के अदेयता को मान्य पाया गया तथा भुगतान हेतु अनुशंसा की गई। संवेदक के अदेयता को मान्य पाया गया तथा भुगतान हेतु अनुशंसा की गई।
2. जल संसाधन विभाग, बिहार, पटना के उप-
साधन विभाग, बिहार, पटना के उप-सचिव द्वारा एम0 जे0 सी0 सं0-2023/06 दिनांक 20
सचिव द्वारा एम0 जे0 सी0 सं0-2023/06 दिनांक 20.08.07 को माननीय उच्च न्यायालय पटना में दायर ''शपथ पत्र'' दाखिल कर यह प्रतिवेदित किया गया है कि शांभवी को माननीय उच्च न्यायालय पटना में दायर ''शपथ पत्र'' दाखिल कर यह प्रतिवेदित किया गया है कि शांभवी को माननीय उच्च न्यायालय पटना में दायर ''शपथ पत्र'' दाखिल कर यह प्रतिवेदित किया गया है कि शांभवी 2 (cid:1)बहार गजट (असाधारण), 7777 जनवर& जनवर& जनवर& जनवर& 2015201520152015 अतः इस संबंध में किसी भी पदाधिकारी पर कार्रवाई न्यायोचित नहीं होता है। संचालन पदाधिकारी द्वारा उपरोक्त सारे तथ्यों एवं साक्ष्यों की समीक्षा कर प्रतिवेदित किया गया है कि विभाग द्वारा शांभवी कन्सट्रक्शन को भुगतान करने का निर्णय हरेक स्तर पर सभी विन्दुओं की पूरी छानबीन कर वित्त विभाग एवं मुख्य सचिव-सह-परामर्शी (राज्य में राष्ट्रपति शासन लागू रहने के कारण) द्वारा दिये गये स्वीकृत्यादेश के आलोक में किया गया है तथा इसके लिए आरोपित पदाधिकारी पर लगाये गये आरोप बेवजह एवं निराधार है।
अन्त में संचालन पदाधिकारी द्वारा निष्कर्ष में कहा गया है कि आरोपित पदाधिकारियों के स्पष्टीकरण एवं समर्पित बचाव बयानों की समीक्षा की गई एवं उनके विरूद्व आरोप ''क' एवं ''ख'' स्थापित नहीं होता है।
उक्त वर्णित स्थिति में समीक्षोपरान्त संचालन पदाधिकारी के मंतव्य से सहमत होते हुए श्री मदन मोहन द्विवेदी, तत्कालीन सहायक अभियन्ता को आरोप मुक्त करने का निर्णय लिया गया।
उपरोक्त वर्णित स्थिति में श्री मदन मोहन द्विवेदी, तत्कालीन सहायक अभियन्ता को आरोप मुक्त किया जाता है।
उक्त आदेश श्री मदन मोहन द्विवेदी, तत्कालीन सहायक अभियन्ता को संसूचित किया जाता है।
बिहार-राज्यपाल के आदेश से,
सतीश चन्द्र झा,
सरकार के अपर सचिव।
———— अधी,क, सिचवालय मुिणालय, (cid:1)बहार, पटना (cid:13)ारा ूकािशत एवं मु2ित। (cid:1)बहार गजट (असाधारण) 30-571+10-ड&0ट&0पी0। Website: http://egazette.bih.nic.in