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सं0 22/नि0सि0(डि0)-14-17/2007/
डि0)-14-17/2007/1655—श्री विजय कुमार, तत्कालीन कार्यपालक अभियन्ता, सोन नहर श्री विजय कुमार, तत्कालीन कार्यपालक अभियन्ता, सोन नहर आधुनिकीकरण प्रमण्डल, सासाराम, शि0-डिहरी के विरूद्व विभागीय संकल्प ज्ञापांक 31 दिनांक 16 आधुनिकीकरण प्रमण्डल, सासाराम, शि0-डिहरी के विरूद्व विभागीय संकल्प ज्ञापांक 31 दिनांक 16.01.08 द्वारा आधुनिकीकरण प्रमण्डल, सासाराम, शि0-डिहरी के विरूद्व विभागीय संकल्प ज्ञापांक 31 दिनांक 16 निम्नांकित प्रथम दृष्टया प्रमाणित आरोपों के लिए बिहार सरकारी सेवक (वर्गीकरण नियंत्रण एवं अपील) नियमावली निम्नांकित प्रथम दृष्टया प्रमाणित आरोपों के लिए बिहार सरकारी सेवक (वर्गीकरण नियंत्रण एवं अपील) नियमावली निम्नांकित प्रथम दृष्टया प्रमाणित आरोपों के लिए बिहार सरकारी सेवक (वर्गीकरण नियंत्रण एवं अपील) नियमावली 2005 के नियम 17 के तहत विभागीय कार्यवाही संचालित की गईः- 2005 के नियम 17 के तहत विभागीय कार्यवाही संचालित की गईः-
(1) चौसा शाखा नहर के 0.
.00 कि0 मी0 से 6.775 कि0 मी0 में मूल एकरारनामा में स्वीकृत मिट्टी
775 कि0 मी0 में मूल एकरारनामा में स्वीकृत मिट्टी भराई की 30 रू0 प्रतिधन मीटर को एक वर्ष बाद 23.85 रूपए प्रतिघन मीटर तथा मूल एकरारनामा से हटकर 1/2 कि0 85 रूपए प्रतिघन मीटर तथा मूल एकरारनामा से हटकर 1/2 कि0 दर 16.30 रू0 प्रतिधन मीटर को एक वर्ष बाद 23 25 रूपए प्रति घन मीटर दर निश्चित किया गया। नहरों के कार्य में ट्रैक्टर द्वारा मी0 से ट्रक से मिट्टी ढुलाई का 80 मी0 से ट्रक से मिट्टी ढुलाई का 80.25 रूपए प्रति घन मीटर दर निश्चित किया गया। नहरों के कार्य में ट्रैक्टर द्वारा फायदेमंद रहने के साथ साथ इस विभाग से दर भी 56.38 रूपए प्रति यांत्रिक विधि से मिट्टी ढुलाई कार्य ज्यादा फायदेमंद रहने के साथ साथ इस विभाग से दर भी 56 यांत्रिक विधि से मिट्टी ढुलाई कार्य ज्यादा घनमीटर स्वीकृत है जिसके रहते हुए ट्रक से बढ़े हुए दर पर मिट्टी ढुलाई स्वीकृत करने का औचित्य नहीं है। घनमीटर स्वीकृत है जिसके रहते हुए ट्रक से बढ़े हुए दर पर मिट्टी ढुलाई स्वीकृत करने का औचित्य नहीं है। घनमीटर स्वीकृत है जिसके रहते हुए ट्रक से बढ़े हुए दर पर मिट्टी ढुलाई स्वीकृत करने का औचित्य नहीं है। उड़नदस्ता से स्थल पर वास्तव में ट्रैक्टर द्वारा मिट्टी ढुलाई कार्य किया जाना सत्यापित किया गया है। उड़नदस्ता से स्थल पर वास्तव में ट्रैक्टर द्वारा मिट्टी ढुलाई कार्य किया जाना सत्यापित किया गया है। उड़नदस्ता से स्थल पर वास्तव में ट्रैक्टर द्वारा मिट्टी ढुलाई कार्य किया जाना सत्यापित किया गया है।
इस प्रकार तीन पूरक एकरारनामा द्वारा सरकार को 4.14 लाख 2.19 लाख एवं 1.71 लाख कुल 8 इस प्रकार तीन पूरक एकरारनामा द्वारा सरकार को 4
71 लाख कुल 8.77 लाख रूपए घाटा पहुॅचाने का षड्यंत्र किया गया है जिसमें आपकी भी सहभागिता रही है। रूपए घाटा पहुॅचाने का षड्यंत्र किया गया है जिसमें आपकी भी सहभागिता रही है।
(2) विभागीय उड़नदस्ता द्वारा प्राक्कलित मात्रानुसार मिट्टी कार्य एवं सत्यापन के दौरान सम्पादित मिट्टी (2) विभागीय उड़नदस्ता द्वारा प्राक्कलित मात्रानुसार मिट्टी कार्य एवं सत्यापन के दौरान सम्पादित ि (2) विभागीय उड़नदस्ता द्वारा प्राक्कलित मात्रानुसार मिट्टी कार्य एवं सत्यापन के दौरान सम्पादित ि कार्य की मात्रा में भारी अन्तर पाया गया है। नहर के प्रथम खण्ड में प्राक्कलित मात्रा का 65 प्रतिशत, खण्ड II में 51 कार्य की मात्रा में भारी अन्तर पाया गया है। नहर के प्रथम खण्ड में प्राक्कलित मात्रा का 65 प्रतिशत, खण्ड कार्य की मात्रा में भारी अन्तर पाया गया है। नहर के प्रथम खण्ड में प्राक्कलित मात्रा का 65 प्रतिशत, खण्ड 64 प्रतिशत खड IV में 63 प्रतिशत तथा खण्ड V में 75 प्रतिशत मात्र ही कार्य प्रतिशत एवं खण्ड III में में 51.64 प्रतिशत खड में 75 प्रतिशत मात्र ही कार्य होता है। इस प्रकार आप वास्तविक कार्य से अधिक कार्य के भुगतान सम्पारित हुए जिसका कुल औसत 61 प्रतिशत होता है। इस प्रकार आप वास्तविक कार्य से अधिक कार्य के भुगतान सम्पारित हुए जिसका कुल औसत 61 प्रतिशत हेतु प्रथम दृष्टया दोषी पाए गए है। 2 (cid:1)बहार गजट (असाधारण), 7777 जनवर' जनवर' जनवर' जनवर' 2015201520152015 (4) जॅाच के दौरान चौसा शाखा नहर के बाए तटबंध की स्थिति काफी जर्जर पायी गई। तटबंध के स्लोप में बहुत कम मात्रा में मिट्टी का कार्य सम्पन्न कराया गया। कई स्थानों पर सीपेज, ओभर टॅापिंग एवं कटाव पाया गया। इससे स्पष्ट है कि इस कार्य योजना में मिट्टी भराई कार्य में विशिष्टि का अनुपालन नहीं किया गया है। आरोपित पदाधिकारी श्री विजय कुमार द्वारा अपने बचाव बयान में बताया गया है कि संचालन पदाधिकारी द्वारा पे्रषित पत्र सं0-226 दिनांक 21.04.10 का ही पहला पत्र प्राप्त हुआ है। इसके पूर्व केाई आरोप पत्र प्राप्त नहीं हुआ है जिसके कारण आरोप का प्रत्युत्तर देने में असमर्थ है। श्री कुमार का कहना है कि सेवाकाल दिनांक 25.6.96 से 7.01. 10 के बीच कराए गए कार्य में कोई अनियमितता नहीं हुई है। संबंधित आरोप का कथित घटना के दस वर्ष एवं सेवानिवृति के सात वर्ष बाद सुत्रपात किया गया है। बिहार पेंशन निमयाली के नियम 43 (बी0) के अन्तर्गत विभागीय कार्यवाही घटना की तिथि 7.1.2000 के चार वर्ष ही नहीं बल्कि 7-8 वर्षो के बाद 2007 में आरम्भ की गई जो घटना के चार वर्ष से अधिक समय के बाद प्रारम्भ किया गया है। वे दिनांक 31.10.03 को सेवानिवृत हो गए है। इस प्रकार 43 (बी0) के तहत की गई कार्रवाई नियम के प्रतिकूल है।
lapkyu inkf/kdkjh dh leh{kk ,oa earO;%& श्री विजय कुमार, तत्कालीन कार्यपालक अभियन्ता द्वारा बचाव बयान में दिए गए तथ्यों का उल्लेख करते हुए संचालन पदाधिकारी द्वारा कहा गया है कि श्री कुमार दिनांक 25. 6.96 से 06.01.2000 तक कार्यपालक अभियन्ता, सोन नहर आधुनिकीकरण प्रमण्डल, सासाराम, शि0-डिहरी के पद पर पदस्थापित रहे हैं। श्री कुमार के कार्यकाल में ही सभी मूल प्राक्कलन तैयार हुआ जिसके आधार पर मूल एकरारनामा उनके द्वारा किया गया। पुनः उनके कार्यकाल में ही सभी पुनरीक्षित प्राक्कलन तैयार हुआ जिसके आधार पर तीनों पूरक एकरारनामा उनके द्वारा किया गया। आरोप में अंकित तथ्यों की जॅाच के क्रम में कार्यपालक अभियन्ता, सोन नहर आधुनिकीकरण प्रमण्डल, सासाराम, शि0-डिहरी द्वारा भेजे गए प्रतिवेदन पत्रांक 872 दिनांक 12.10.10 के साथ संलग्न विवरणी के अवलोकन से विदित होता है कि मूल एकरारनामा में स्वीकृत मिट्टी भराई की दर में 16.30 से 23.85 प्रतिघन मी0 तथा मूल एकरारनामा से हटकर 1/2 कि0 मी0 से ट्रक से मिट्टी ढुलाई की दर 80.25 प्रतिघन मी0 निश्चित करने में इनकी सहभागिता है एवं इस मद में 630651.15 रूपए का भुगतान किया गया है।
आरोप सं0-2 के संबंध में कहा गया है कि नहर के कार्य का एकरारनामा मूल प्राक्कलन के आधार पर किया गया था किन्तु लम्ब काट/आड़ी काट में बदलाव के कारण मिट्टी कार्य की मात्रा घट गई। सम्पादित कार्य का आकलन मूल प्राक्कलन में मिट्टी के कार्य एवं तीन एकरारनामा के तहत सम्पादित मिट्टी कार्य के आधार पर किया गया जबकि सम्पादित कार्य की तुलना पुनरीक्षित प्राक्कलन मिट्टी की मात्रा से करनी चाहिए थी।
आरोप सं0-3 के संबंध में कहा गया है कि आरोप पत्र में वर्ष 1997-98 एवं 98-99 में चौसा शाखा नहर का बायॅा बैंक में कराए गए कार्य का पोस्ट लेवल तथा दिनांक 13.4.07 को उड़नदस्ता जॅाच दल द्वारा लिए गए लेवल का अन्तर स्वाभाविक है। चौसा शाखा नहर के बाएॅ बॅाध की उचाई में विभिन्न स्थलों पर यदि 1.50, 1.80, 1.58 एवं 1.60 मीटर की कमी होती तो प्रवाहित जलश्राव में बहुत कमी होती परन्तु चौसा शाखा नहर के रूपांकित जलश्राव 1170 क्यूसेक के विरूद्व वर्ष 1999 से 2006 के बीच अधिकतर जलश्राव 1760 से 1521 क्यूसेक के बीच रहा है।
आरोप सं0-4 के संबंध में कहा गया है कि श्री कुमार के कार्यकाल के समय में कार्य विशिष्टि के अनुरूप कराए गए है।
संचालन पदाधिकारी द्वारा श्री कुमार के विरूद्व आरोप सं0-1 प्रमाणित एवं आरोप सं0-2 से 4 तक अप्रमाणित पाया गया है।
संचालन पदाधिकारी से प्राप्त जॅाच प्रतिवेदन की सरकार के स्तर पर समीक्षा की गई। समीक्षा में यह पाया गया है कि श्री विजय कुमार, तत्कालीन कार्यपालक अभियन्ता, सोन नहर आधुनिकीकरण प्रमण्डल, सासाराम, शि0-डिहरी दिनांक 31.10.03 को सेवानिवृत हो चुके है एवं धटना वर्ष 1998-99 का है तथा श्री कुमार के विरूद्व विभागीय कार्यवाही का संकल्प 16.01.08 को निर्गत है। जिसके कारण तकनीकी आधार पर इनके विरूद्व कार्यवाही नहीं की जा सकती है। अतएव सम्यक समीक्षोपरान्त श्री विजय कुमार, तत्कालीन कार्यपालक अभियन्ता, सोन नहर आधुनिकीकरण प्रमण्डल, सासाराम, शि0-डिहरी सम्प्रति सेवानिविृत के विरूद्व विभागीय संकल्प ज्ञापांक 31 दिनांक 16. 01.08 द्वारा संचालित विभागीय कार्यवाही को तकनीकी आधार पर समाप्त करने का निर्णय सरकार द्वारा लिया गया है। उक्त निर्णय के आलोक में श्री विजय कुमार, तत्कालीन कार्यपालक अभियन्ता, सोन नहर आधुनिकीकरण प्रमण्डल, सासाराम, शि0-डिहरी सम्प्रति सेवानिवृत के विरूद्व विभागीय संकल्प ज्ञापांक 31 दिनांक 16.01.08 द्वारा संचालित विभागीय कार्यवाही को तकनीकी आधार पर समाप्त करते हुए उन्हें संसूचित किया जाता है।
बिहार-राज्यपाल के आदेश से, मोहन पासवान, सरकार के अवर सचिव।