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Bihar Gazette · Government of Bihar

Bihar Gazette, 07 January 2015

Published 07 January 2015

Type
Extra Ordinary
Identifier
in.gov.bih.gazette.2015-01-07.36
Languages
English, Hindi

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पटनापटनापटनापटना, , , , बुधबुधबुधबुधवारवारवारवार, , , , 7777 जनवर&जनवर&जनवर&जनवर& 2012012012015555 ty lalk/ku foHkkx &&&&&&& vf?klwpuk 12 uoEcj 2014

सं0 22/नि0सि0(डि0)-14-17/2007/16

नि0सि0(डि0)-14-17/2007/1663—श्री कपिलेश्वर झा, (आई0 डी0-1384) तत्कालीन कार्यपालक श्री कपिलेश्वर झा, (आई0 डी0-1384) तत्कालीन कार्यपालक अभियन्ता, सोन नहर आधुनिकीकरण प्रमण्डल, सासाराम, शि0-डिहरी के विरूद्व विभागीय संकल्प ज्ञापांक 35 दिनांक अभियन्ता, सोन नहर आधुनिकीकरण प्रमण्डल, सासाराम, शि0-डिहरी के विरूद्व विभागीय संकल्प ज्ञापांक 35 दिनांक अभियन्ता, सोन नहर आधुनिकीकरण प्रमण्डल, सासाराम, शि0-डिहरी के विरूद्व विभागीय संकल्प ज्ञापांक 35 दिनांक सरकारी सेवक (वर्गीकरण नियंत्रण एवं अपील) 16.01.08 द्वारा निम्नांकित प्रथम दृष्टया प्रमाणित आरोपों के लिए बिहार 08 द्वारा निम्नांकित प्रथम दृष्टया प्रमाणित आरोपों के लिए बिहार सरकारी सेवक (वर्गीकरण नियंत्रण एवं अपील) नियमावली 2005 के नियम 17 के तहत विभागीय कार्यवाही संचालित की गईः- नियमावली 2005 के नियम 17 के तहत विभागीय कार्यवाही संचालित की गईः-

(1) चौसा शाखा नहर के 0.

775 कि0 मी0 में मूल एकरारनामा में स्वीकृत मिट्‌टी भराई की .00 कि0 मी0 से 6.775 कि0 मी0 में मूल एकरारनामा में स्वीकृत मिट्‌टी भराई की 30 रू0 प्रतिधन मीटर को एक वर्ष बाद 23.85 रूपए प्रतिघन मीटर तथा मूल एकरारनामा से हटकर 1/2 कि0 पए प्रतिघन मीटर तथा मूल एकरारनामा से हटकर 1/2 कि0 दर 16.30 रू0 प्रतिधन मीटर को एक वर्ष बाद 23 मी0 से ट्रक से मिट्‌टी ढुलाई का 80 25 रूपए प्रति घन मीटर दर निश्चित किया गया। नहरों के कार्य में ट्रैक्टर द्वारा मी0 से ट्रक से मिट्‌टी ढुलाई का 80.25 रूपए प्रति घन मीटर दर निश्चित किया गया। नहरों के कार्य में ट्रैक्टर द्वारा यांत्रिक विधि से मिट्‌टी ढुलाई कार्य ज्यादा फायदेमंद रहने के साथ साथ इस विभाग से दर भी 56.38 रूपए प्रति यांत्रिक विधि से मिट्‌टी ढुलाई कार्य ज्यादा फायदेमंद रहने के साथ साथ इस विभाग से दर भी 56 यांत्रिक विधि से मिट्‌टी ढुलाई कार्य ज्यादा फायदेमंद रहने के साथ साथ इस विभाग से दर भी 56 घनमीटर स्वीकृत है जिसके रहते हुए ट्रक से बढ़े हुए दर पर मिट्‌टी ढुलाई स्वीकृत करने का औचित्य नहीं है। घनमीटर स्वीकृत है जिसके रहते हुए ट्रक से बढ़े हुए दर पर मिट्‌टी ढुलाई स्वीकृत करने का औचित्य नहीं है। घनमीटर स्वीकृत है जिसके रहते हुए ट्रक से बढ़े हुए दर पर मिट्‌टी ढुलाई स्वीकृत करने का औचित्य नहीं है। उड़नदस्ता से स्थल पर वास्तव में ट्रैक्टर द्वारा मिट्‌टी ढुलाई कार्य किया जाना सत्यापित किया गया है। उड़नदस्ता से स्थल पर वास्तव में ट्रैक्टर द्वारा मिट्‌टी ढुलाई कार्य किया जाना सत्यापित किया गया है। उड़नदस्ता से स्थल पर वास्तव में ट्रैक्टर द्वारा मिट्‌टी ढुलाई कार्य किया जाना सत्यापित किया गया है।

इस प्रकार तीन पूरक एकरारनामा द्वारा सरकार को 4.14 लाख 2.19 लाख एवं 1.71 लाख कुल 8 इस प्रकार तीन पूरक एकरारनामा द्वारा सरकार को 4

71 लाख कुल 8.77 लाख रूपए घाटा पहुॅचाने का षड्‌यंत्र किया गया है जिसमें आपकी भी सहभागिता रही है। रूपए घाटा पहुॅचाने का षड्‌यंत्र किया गया है जिसमें आपकी भी सहभागिता रही है।

(2) विभागीय उड़नदस्ता द्वारा प्राक्कलित मात्रानुसार मिट्‌टी कार्य एवं सत्यापन के दौरान सम्पादित मिट्‌टी (2) विभागीय उड़नदस्ता द्वारा प्राक्कलित मात्रानुसार मिट्‌टी कार्य एवं सत्यापन के दौरान सम्पादित मिट्‌टी (2) विभागीय उड़नदस्ता द्वारा प्राक्कलित मात्रानुसार मिट्‌टी कार्य एवं सत्यापन के दौरान सम्पादित मिट्‌टी खण्ड में प्राक्कलित मात्रा का 65 प्रतिशत, खण्ड II में 51 कार्य की मात्रा में भारी अन्तर पाया गया है। नहर के प्रथम खण्ड में प्राक्कलित मात्रा का 65 प्रतिशत, खण्ड कार्य की मात्रा में भारी अन्तर पाया गया है। नहर के प्रथम प्रतिशत एवं खण्ड III में में 51.64 प्रतिशत खड 64 प्रतिशत खड IV में 63 प्रतिशत तथा खण्ड V में 75 प्रतिशत मात्र ही कार्य में 75 प्रतिशत मात्र ही कार्य सम्पारित हुए जिसका कुल औसत 61 प्रतिशत होता है। इस प्रकार आप वास्तविक कार्य से अधिक कार्य के भुगतान सम्पारित हुए जिसका कुल औसत 61 प्रतिशत होता है। इस प्रकार आप वास्तविक कार्य से अधिक कार्य के भुगत सम्पारित हुए जिसका कुल औसत 61 प्रतिशत होता है। इस प्रकार आप वास्तविक कार्य से अधिक कार्य के भुगत हेतु प्रथम दृष्टया दोषी पाए गए है।

(3) वर्ष 2006 में उपरोक्त स्थल पर अवशेष मिट्‌टी कार्य पूरा कराने के समय वर्ष 97-98 एवं 98-99 में (3) वर्ष 2006 में उपरोक्त स्थल पर अवशेष मिट्‌टी कार्य पूरा कराने के समय वर्ष 97-98 एवं 98-99 में (3) वर्ष 2006 में उपरोक्त स्थल पर अवशेष मिट्‌टी कार्य पूरा कराने के समय वर्ष 97-98 एवं 98-99 में कराए गए मिट्‌टी कार्य का पोस्ट लेवल एवं 2006 में प्रारम्भ किए गए कार्य के दौरान लिए गए प्री लेवल मेजरमेंट में कराए गए मिट्‌टी कार्य का पोस्ट लेवल एवं 2006 में प्रारम्भ किए गए कार्य के दौरान लिए गए प्री लेवल मेजरमेंट में कराए गए मिट्‌टी कार्य का पोस्ट लेवल एवं 2006 में प्रारम्भ किए गए कार्य के दौरान लिए गए प्री लेवल मेजरमेंट में गया है। उड़नदस्ता के प्रतिवेदन के अनुसार दोनों मेजरमेंट में काफी अन्तर पाया गया है। गया है। उड़नदस्ता के प्रतिवेदन के अनुसार दोनों मेजरमेंट में काफी अन्तर पाया गया है। काफी अन्तर पाया गया है। उड़नदस्ता के प्रतिवेदन के अनुसार दोनों मेजरमेंट में काफी अन्तर पाया गया है। 950 कि0 मी0 पर 1.80 मी0, 2.67 उड़नदस्ता के प्रतिवेदन के अनुसार दोनों मेजरमेंट में 1.05 कि0 मी0 पर 1.5 मी0, 1.950 कि0 मी0 पर 1 उड़नदस्ता के प्रतिवेदन के अनुसार दोनों मेजरमेंट में 1 कि0 मी0 पर 1.58 मी0, 3.15 कि0 मी0 पर 1

15 कि0 मी0 पर 1.60 मी0 एवं 22.00 कि0 मी0 पर 1.45 मीटर का अन्तर पाया गया है।

45 मीटर का अन्तर पाया गया है।775 कि0 मी0) में पोस्ट लेवल एवं प्री लेवल का यह कार्य योजना के प्रथम खण्ड (0.225 कि0 मी0 से 6.775 कि0 मी0) में पोस्ट लेवल एवं प्री लेवल का यह कार्य योजना के प्रथम खण्ड (0 अन्तर औसत 0.85 मीटर है जो मान्य सीमा से अधिक है। 85 मीटर है जो मान्य सीमा से अधिक है। 2 (cid:1)बहार गजट (असाधारण), 7777 जनवर& जनवर& जनवर& जनवर& 2015201520152015 (4) जॅाच के दौरान चौसा शाखा नहर के बाए तटबंध की स्थिति काफी जर्जर पायी गई। तटबंध के स्लोप में बहुत कम मात्रा में मिट्‌टी का कार्य सम्पन्न कराया गया। कई स्थानों पर सीपेज, ओभर टॅापिंग एवं कटाव पाया गया। इससे स्पष्ट है कि इस कार्य योजना में मिट्‌टी भराई कार्य में विशिष्टि का अनुपालन नहीं किया गया है।

आरोपित पदाधिकारी श्री कपिलेश्वर झा द्वारा अपने बचाव बयान में आरोप सं0-1 के संबंध में कहा गया है कि चौसा शाखा नहर के 0.00 कि0 मी0 से 6.775 कि0 मी0 में मूल एकरारनामा में स्वीकृत मिट्‌टी भराई की दर 16.30 रूपए प्रतिघन मी0 को एक वर्ष बाद 23.85 रूपए प्रतिघन मी0 तथा मूल एकरारनामा से हटकर 1/2 कि0 मी0 से ट्रैक्टर के बजाय ट्रक से मिट्‌टी ढुलाई का मिट्‌टी का 80.25 रू0 प्रतिघन मी0 मुख्य अभियन्ता, डिहरी के पत्रांक 3667 दिनांक 11.3.99 द्वारा किया गया है जबकि उक्त अवधि में वे वहॅा पदस्थापित नहीं थे। पदस्थापन अवधि में पूर्व के एकरारनामा के अनुरूप मिट्‌टी भराई तथा ढुलाई कार्य नियमानुकूत प्रक्रिया के तहत लीड प्लान स्वीकृति के पश्चात ट्रक द्वारा कराया गया है।

आरोप सं0-2 के संबंध में उनके द्वारा बताया गया है कि उड़नदस्ता द्वारा सम्पाादित कार्य की मात्रा 61 प्रतिशत की गणना मूल प्राक्कलन के विरूद्व है। चौसा शाखा नहर का किट्‌टी कार्य पुनरीक्षित प्राक्कलन के आधार पर काराया गया है जो उड़नदस्ता द्वारा उल्लेखित 61 प्रतिशत से काफी ज्यादा है। इस प्रकार वास्तविक कार्य से अधिक कार्य के भुगतान का आरोप नहीं बनता है। साक्ष्य के रूप में पुनरीक्षित प्राक्कलन की छायाप्रति संलग्न किया गया है। आरोप सं0-3 के संबंध में श्री झा का कहना है कि वर्ष 1997-98 एवं 1998-99 में उक्त प्रमण्डल में वे पदस्थापित नहीं रहे है। वर्ष 2006 में अवशेष कार्य प्रारम्भ किए जाने के पूर्व लिया गया कि प्री लेवल भी उनसे संबंधित नहीं है। चौसा शाखा नहर के अपर रीच के कुछ बिन्दुओं पर 1.5 मीटर से अधिक अन्तर बताया गया है ऐसा कुछ बिन्दुओं पर शुन्य जलश्राव के दौरान ट्रैक्टर आवागमन/कैटेल क्रॅासिंग की वहज से नहर के क्षतिग्रस्त होने के कारण संभावित है। पूरे नहर की स्थिति ऐसी नहीं है क्योंकि चौसा शाखा नहर से प्रत्येक सिंचाई अवधि में जलश्राव प्रवाहित होता रहा है। इसके अतिरिक्त कुछ बिन्दुओं पर लेवल भिन्नता का कारण मुख्य अभियन्ता, डिहरी द्वारा कार्य प्रारम्भ पूर्व स्वीकृत टी0 बी0 एम0 का उपयोग नहीं होने के कारण हो सकता है जबकि स्वीकृत टी0 बी0 एम0 से ही लेवल लेना अपेक्षित है।

आरोप सं0-4 के संबंध में श्री झा का कहना है कि पदस्थापन अवधि में नहर के बाएॅ बॅाध की स्थिति काफी अच्छी थी। तटबंध के स्लोप में विशिष्टि के अनुरूप ही मिट्‌टी कार्य कराया गया था। वर्ष 2003 में खरीफ अवधि में 1500 घनसेक से अधिक जलश्राव प्रवाहित हुआ है। छः-सात वर्षो में मिट्‌टी का कुछ क्षरण होना स्वाभाविक है। साक्ष्य के रूप में प्रवाहित जलश्राव का विवरण संलग्न किया गया है।

lapkyu inkf/kdkjh dk earO; ,oa fu"d"kZ%& संचालन पदाधिकारी के जॅाच प्रतिवेदन से विदित होता है कि आरोप सं0-1 के संबंध में तथ्यों की जानकारी हेतु कार्यपालक अभियन्ता, सोन नहर आधुनिकीकरण प्रमण्डल, सासाराम, शि0-डिहरी से प्रतिवेदन मांगा गया जिसमें पत्रांक 872 दिनांक 12.10.10 द्वारा भेजे गए प्रतिवेदन में श्री झा द्वारा केाई भुगतान नहीं किए जाने का उल्लेख किया गया है। इस संबंध में श्री झा द्वारा बताया गया कि ''पदस्थापन अवधि के पूर्व के एकरारनामा के अनुरूप मिट्‌टी भराई आदि कार्य कराया गया है तथा ढुलाई आदि का कार्य नियमानुकूल प्रक्रिया के तहत लीड प्लान स्वीकृति के उपरान्त ट्रक द्वारा कराया गया है।'' इस संबंध में पुनः कार्यपालक अभियन्ता, सोन नहर आधुनिकीकरण प्रमण्डल, सासाराम, शि0-डिहरी से प्रतिवेदन मांगा गया। कार्यपालक अभियन्ता, सोन नहर आधुनिकीकरण प्रमण्डल, सासाराम, शि0-डिहरी के पत्रांक 228 दिनांक 13.4.11 से प्राप्त प्रतिवेदन के अनुसार श्री झा ने श्री विजय कुमार, तत्कालीन कार्यपालक अभियन्ता द्वारा पारित अन्तिम विपत्र प्री चेक के पश्चात शेष राशि 6241.00 रूपए का भुगतान किया गया है।

आरोप सं0-2 के संबंध में जॅाच प्रतिवेदन में कहा गया है कि नहर के कार्य का एकरारनामा मूल कार्य के आधार पर किया गया था किन्तु लम्ब काट/आड़ी काट में बदलाव के कारण मिट्‌टी कार्य की मात्रा धट गई। सम्पादित कार्य का आकलन मूल प्राक्कलन में मिट्‌टी के कार्य एवं तीन एकरारनामा के तहत सम्पादित मिट्‌टी कार्य के आधार पर किया गया जबकि सम्पादित कार्य की तुलना पुनरीक्षित प्राक्कलन मिट्‌टी की मात्रा से करनी चाहिए थी।

आरोप सं0-3 के संबंध में कहा गया है कि आरोप पत्र में वर्ष 1997-98 एवं 98-99 में चौसा नहर का बायॅा बैंक में कराए गए कार्य का पोस्ट लेवल तथा दिनांक 13.4.07 को उड़नदस्ता जॅाच दल द्वारा लिए गए लेवल का अन्तर स्वाभाविक है। चौसा शाखा नहर के बाएॅ बॅाध की उचाई में विभिन्न स्थलों पर यदि 1.50, 1.80, 1.58 एवं 1.60 मीटर की कमी होती तो प्रवाहित जलश्राव में बहुत कमी होती परन्तु चौसा शाखा नहर के रूपांकित जलश्राव 1760 क्यूसेक के विरूद्व वर्ष 1999 से 2006 के बीच अधिकतर जलश्राव 1170 से 1521 क्यूसेक के बीच रहा है।

आरोप सं0-4 के संबंध में कहा गया है कि श्री झा के कार्यकाल के समय में कार्य विशिष्टि के अनुरूप कराए गए है।

संचालन पदाधिकारी द्वारा उपर्युक्त तथ्यों के दृष्टिगत श्री कपिलेश्वर झा के विरूद्व आरोपों को प्रमाणित नहीं पाया गया है।

संचालन पदाधिकारी से प्राप्त जॅाच प्रतिवेदन की सरकार के स्तर पर समीक्षा की गई। समीक्षा में यह पाया गया है कि श्री कपिलेश्वर झा, तत्कालीन कार्यपालक अभियन्ता, सोन नहर आधुनिकीकरण प्रमण्डल, सासाराम, शि0-डिहरी दिनांक 08.01.01 से 16.07.03 तक उक्त प्रमण्डल में पदस्थापित रहे है। उक्त अवधि में श्री झा द्वारा ढुलाई एवं भराई मद में किसी तरह का भुगतान नहीं किया गया है। उड़नदस्ता द्वारा सम्पादित कार्य की मात्रा की गणना जो 61 प्रतिशत की गई है, मूल प्राक्कलन के आधार पर किया गया है जबकि कार्य पुनरीक्षित प्राक्कलन के अनुसार कराया3 (cid:1)बहार गजट (असाधारण), 7777 जनवर& जनवर& जनवर& जनवर& 2015201520152015 गया है जिसके अनुसार गणना करने पर सम्पादित मिट्‌टी कार्य के प्रतिशत में अन्तर नहीं आता जैसा कि संचालन पदाधिकारी द्वारा कहा गया है। छः(6) वर्ष की अवधि में उड़नदस्ता द्वारा लिए गए लेवल एवं पूर्व में लिए गए लेवल में अन्तर आना स्वाभाविक है। नहर कार्य सम्पादित होने एवं उड़नदस्ता जॅाच के बीच की अवधि छः वर्ष में खरीफ एवं रबी पटवन के समय पटवन कार्य समुचित रूप से किया गया है। नहरों के पास अवस्थित गॅाव से ग्रामीणों एवं मवेशियों का आना जाना लगा रहता है जिससे मिट्‌टी का क्षरण होना परिस्थितिजन्य माना जा सकता है।

समीक्षोपरान्त संचालन पदाधिकारी के जॅाच प्रतिवेदन एवं मंतव्य से सहमत होते हुए श्री कपिलेश्वर झा, तत्कालीन कार्यपालक अभियन्ता, सोन नहर आधुनिकीकरण प्रमण्डल, सासाराम, शि0-डिहरी को आरोप मुक्त करने का निर्णय सरकार के स्तर से लिया गया है।

उक्त निर्णय के आलोक में श्री कपिलेश्वर झा, तत्कालीन कार्यपालक अभियन्ता, सोन नहर आधुनिकीकरण प्रमण्डल, सासाराम, शि0-डिहरी सम्प्रति सेवानिवृत को आरोप मुक्त करते हुए उन्हें संसूचित किया जाता है।

बिहार-राज्यपाल के आदेश से, मोहन पासवान, सरकार के अवर सचिव।

———— अधी,क, सिचवालय मुिणालय, (cid:1)बहार, पटना (cid:13)ारा ूकािशत एवं मु2ित। (cid:1)बहार गजट (असाधारण) 36-571+10-ड&0ट&0पी0। Website: http://egazette.bih.nic.in

Cite this issue. Bihar Gazette, Government of Bihar, 07 January 2015. Indian Gazettes, https://egazette.servantsofknowledge.in/details/in.gov.bih.gazette.2015-01-07.36/. Archive identifier in.gov.bih.gazette.2015-01-07.36.