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सं0 22/नि0सि0(डि0)-14-17/2007/1664
/नि0सि0(डि0)-14-17/2007/1664—श्री शिवेन्द्र नारायण सिंह, तत्कालीन कार्यपालक अभियन्ता श्री शिवेन्द्र नारायण सिंह, तत्कालीन कार्यपालक अभियन्ता (आई0 डी0-1390) सोन नहर आधुनिकीकरण प्रमण्डल, सासाराम, शि0-डिहरी के विरूद्ध विभागीय संकल्प ज्ञापांक 38 विभागीय संकल्प ज्ञापांक 38 (आई0 डी0-1390) सोन नहर आधुनिकीकरण प्रम लए बिहार सरकारी सेवक (वर्गीकरण नियंत्रण एवं दिनांक 16.01.08 द्वारा निम्नांकित प्रथम दृष्टया प्रमाणित आरोपों के ि 08 द्वारा निम्नांकित प्रथम दृष्टया प्रमाणित आरोपों के लिए बिहार सरकारी सेवक (वर्गीकरण नियंत्रण एवं अपील) नियमावली 2005 के नियम 17 के तहत विभागीय कार्यवाही संचालित की गईः- अपील) नियमावली 2005 के नियम 17 के तहत विभागीय कार्यवाही संचालित की गईः-
(1) चौसा शाखा नहर के 0.
775 कि0 मी0 में मूल एकरारनामा में स्वीकृत मिट्टी भराई की .00 कि0 मी0 से 6.775 कि0 मी0 में मूल एकरारनामा में स्वीकृत मिट्टी भराई की 30 रू0 प्रतिधन मीटर को एक वर्ष बाद 23.85 रूपए प्रतिघन मीटर तथा मूल एकरारनामा से हटकर 1/2 कि0 85 रूपए प्रतिघन मीटर तथा मूल एकरारनामा से हटकर 1/2 कि0 दर 16.30 रू0 प्रतिधन मीटर को एक वर्ष बा मी0 से ट्रक से मिट्टी ढुलाई का 80 25 रूपए प्रति घन मीटर दर निश्चित किया गया। नहरों के कार्य में ट्रैक्टर द्वारा मी0 से ट्रक से मिट्टी ढुलाई का 80.25 रूपए प्रति घन मीटर दर निश्चित किया गया। नहरों के कार्य में ट्रैक्टर द्वारा यांत्रिक विधि से मिट्टी ढुलाई कार्य ज्यादा फायदेमंद रहने के साथ साथ इस विभाग से दर भी 56.38 रूपए प्रति यांत्रिक विधि से मिट्टी ढुलाई कार्य ज्यादा फायदेमंद रहने के साथ साथ इस विभाग से दर भी 56 यांत्रिक विधि से मिट्टी ढुलाई कार्य ज्यादा फायदेमंद रहने के साथ साथ इस विभाग से दर भी 56 घनमीटर स्वीकृत है जिसके रहते हुए ट्रक से बढ़े हुए दर पर मिट्टी ढुलाई स्वीकृत करने का औचित्य नहीं है। घनमीटर स्वीकृत है जिसके रहते हुए ट्रक से बढ़े हुए दर पर मिट्टी ढुलाई स्वीकृत करने का औचित्य नहीं है। घनमीटर स्वीकृत है जिसके रहते हुए ट्रक से बढ़े हुए दर पर मिट्टी ढुलाई स्वीकृत करने का औचित्य नहीं है। उड़नदस्ता से स्थल पर वास्तव में ट्रैक्टर द्वारा मिट्टी ढुलाई कार्य किया जाना सत्यापित किया गया है। उड़नदस्ता से स्थल पर वास्तव में ट्रैक्टर द्वारा मिट्टी ढुलाई कार्य किया जाना सत्यापित किया गया है। उड़नदस्ता से स्थल पर वास्तव में ट्रैक्टर द्वारा मिट्टी ढुलाई कार्य किया जाना सत्यापित किया गया है।
इस प्रकार तीन पूरक एकरारनामा द्वारा सरकार को 4.14 लाख 2.19 लाख एवं 1.71 लाख कुल 8 इस प्रकार तीन पूरक एकरारनामा द्वारा सरकार को 4
71 लाख कुल 8.77 लाख रूपए घाटा पहुॅचाने का षड्यंत्र किया गया है जिसमें आपकी भी सहभागिता रही है। रूपए घाटा पहुॅचाने का षड्यंत्र किया गया है जिसमें आपकी भी सहभागिता रही है।
(2) विभागीय उड़नदस्ता द्वारा प्राक्कलित मात्रानुसार मिट्टी कार्य एवं सत्यापन के दौरान सम्पादित मिट्टी (2) विभागीय उड़नदस्ता द्वारा प्राक्कलित मात्रानुसार मिट्टी कार्य एवं सत्यापन के दौरान सम्पादित मिट्टी (2) विभागीय उड़नदस्ता द्वारा प्राक्कलित मात्रानुसार मिट्टी कार्य एवं सत्यापन के दौरान सम्पादित मिट्टी के प्रथम खण्ड में प्राक्कलित मात्रा का 65 प्रतिशत, खण्ड II में 51 कार्य की मात्रा में भारी अन्तर पाया गया है। नहर के प्रथम खण्ड में प्राक्कलित मात्रा का 65 प्रतिशत, खण्ड कार्य की मात्रा में भारी अन्तर पाया गया है। नहर प्रतिशत एवं खण्ड III में में 51.64 प्रतिशत खड 64 प्रतिशत खड IV में 63 प्रतिशत तथा खण्ड V में 75 प्रतिशत मात्र ही कार्य में 75 प्रतिशत मात्र ही कार्य सम्पारित हुए जिसका कुल औसत 61 प्रतिशत होता है। इस प्रकार आप वास्तविक कार्य से अधिक कार्य के भुगतान सम्पारित हुए जिसका कुल औसत 61 प्रतिशत होता है। इस प्रकार आप वास्तविक कार्य से अधिक कार्य सम्पारित हुए जिसका कुल औसत 61 प्रतिशत होता है। इस प्रकार आप वास्तविक कार्य से अधिक कार्य हेतु प्रथम दृष्टया दोषी पाए गए है।
अन्तर पाया गया है। उड़नदस्ता के प्रतिवेदन के अनुसार दोनों मेजरमेंट में 1.05 कि0 मी0 पर 1
67 कि0 मी0 पर 1.58 मी0, 3.15 कि0 मी0 पर 1.60 मी0 एवं 22.00 कि0 मी0 पर 1 (3) वर्ष 2006 में उपरोक्त स्थल पर अवशेष मिट्टी कार्य पूरा कराने के समय वर्ष 97-98 एवं 98-99 में (3) वर्ष 2006 में उपरोक्त स्थल पर अवशेष मिट्टी कार्य पूरा कराने के समय वर्ष 97-98 एवं 98-99 में (3) वर्ष 2006 में उपरोक्त स्थल पर अवशेष मिट्टी कार्य पूरा कराने के समय वर्ष 97-98 एवं 98-99 में कराए गए मिट्टी कार्य का पोस्ट लेवल एवं 2006 में प्रारम्भ किए गए कार्य के दौरान लिए गए प्री लेवल मेजरमेंट में कराए गए मिट्टी कार्य का पोस्ट लेवल एवं 2006 में प्रारम्भ किए गए कार्य के दौरान लिए गए प्री लेवल मेजरमेंट में कराए गए मिट्टी कार्य का पोस्ट लेवल एवं 2006 में प्रारम्भ किए गए कार्य के दौरान लिए गए प्री लेवल मेजरमेंट में 05 कि0 मी0 पर 1.5 मी0, 1.950 काफी अन्तर पाया गया है। उड़नदस्ता के प्रतिवेदन के अनुसार दोनों मेजरमेंट में 1 00 कि0 मी0 पर 1.45 मीटर कि0 मी0 पर 1.80 मी0, 2.67 कि0 मी0 पर 1 का अन्तर पाया गया है। 2 (cid:1)बहार गजट (असाधारण), 7777 जनवर& जनवर& जनवर& जनवर& 2015201520152015 (4) जॅाच के दौरान चौसा शाखा नहर के बाए तटबंध की स्थिति काफी जर्जर पायी गई। तटबंध के स्लोप में बहुत कम मात्रा में मिट्टी का कार्य सम्पन्न कराया गया। कई स्थानों पर सीपेज, ओभर टॅापिंग एवं कटाव पाया गया। इससे स्पष्ट है कि इस कार्य योजना में मिट्टी भराई कार्य में विशिष्टि का अनुपालन नहीं किया गया है।
आरोपित पदाधिकारी श्री शिवेन्द्र नारायण सिंह द्वारा अपने बचाव बयान में आरोप सं0-1 के संबंध में बताया गया कि चौसा शाखा नहर के 0.00 कि0 मी0 से 6.775 कि0 मी0 के अन्तर्गत मात्र एक योजना 3.25 कि0 मी0 से 4. 753 कि0मी0 तक निस्तार किया गया था जिसमें यांत्रिक ढुलाई का केाई मद नहीं था। इसके अतिरिक्त उपर्युक्त खण्ड के अन्य किसी बिन्दु पर कोई कार्य नहीं किया गया है और न कोई मूल एकरारनामा किया गया है और न यांत्रिक विधि से ढुलाई का भुगतान ही किया गया है। साक्ष्य के रूप में माप पुस्त सं0-363 में अंकित विपत्र सं0-8वॅा एवं अन्तिम का उल्लेख किया गया है।
आरोप सं0-2 के संबंध में बताया गया कि 3.25 कि0 मी0 से 4.753 कि0 मी0 तक में प्राक्कलित मात्रा 86515 घन मी0 की जगह सम्पादित मात्रा 34900 घन मी0 एवं 19.00 कि0 मी0 से 20.75 कि0 मी0 के बीच प्राक्कलित मात्रा 53287 घन मी0 की जगह 39580 घन मी0 कार्य संपादित किया गया है एवं भुगतान भी तदनुसार ही किया गया है। कार्यकाल में कुल कार्यो का विवरण प्रमण्डलीय कार्यालय, डिहरी के रोकड़ बही से तैयार कर टेबुल के रूप में संलग्न किया गया है जिसमें भुगतान प्राक्कलित मात्रा से कम हुआ है। इस प्रकार इस आरोप से भी श्री सिंह द्वारा इंकार किया गया है।
आरोप सं0-3 के संबंध में कहा गया है कि आरोप में उल्लेखित किसी भी बिन्दु पर कोई कार्य नहीं करवाया गया है।
आरोप सं0-4 के संबंध में श्री सिंह द्वारा बताया गया कि चौसा शाखा नहर के बाएॅ तटबंध में जगह जगह कैटल क्रॅासिंग होते रहा है। बरसात में हैवी रेनकट्स एवं बैलगाड़ी/ ट्रैक्टर का परिचालन भी होते रहता है। कभी कभी स्लोप के नजदीक मिट्टी खोदकर ग्रामीणों द्वारा भी ले जाया जाता है। इन स्थितियों निर्माण के समय विशिष्टियों का अनुपाालन किए जाने के बावजूद भी तटबंध/स्लोप की स्थिति से खराब रहने से इंकार नहीं किया जा सकता है। lapkyu inkf/kdkjh dh leh{kk ,oa earO;%& श्री सिंह दिनांक 04.01.2000 से 08.01.01 तक कार्यपालक अभियन्ता, सोन नहर आधुनिकीकरण प्रमण्डल, सासाराम, शि0-डिहरी के प्रभार में रहे। श्री सिंह के कार्यकाल में चौसा शाखा नहर के 3.25 कि0 मी0 से 4.753 कि0 मी0 के बीच कराए गए कार्यो के संबंध में मापपुस्त की छाया प्रति उपलब्ध कराई गई है। कार्यपालक अभियन्ता, सोन नहर आधुनिकीकरण प्रमण्डल, सासाराम, शि0-डिहरी से वर्ष 1997-98 से 2002-03 तक आरोप में अंकित दर एवं भुगतान के संबंध में सूचना मांगेे जाने पर पत्रांक 872 दिनांक 12. 10.10 द्वारा सूचित किया गया कि श्री सिंह के संबंध में मिट्टी ढुलाई की मात्रा एवं राशि शून्य दर्शाया गया है। आरोप सं0-2 के संबंध में कहा गया है कि इसमें 0.00 कि0 मी0 से 29.60 कि0 मी0 के बीच 61 प्रतिशत कार्य होना बताया गया है। नहर कार्य का एकरारनामा मूल प्राक्कलन के आधार पर किया गया था परन्तु नहर के लम्बकाट/आड़ीकाट में बदलाव के कारण मिट्टी कार्य की मात्रा घट गई थी। सम्पादित मिट्टी कार्य का आकलन मूल प्राक्कलन में मिट्टी के कार्य एवं तीन एकरारनामा के तहत सम्पादित मिट्टी कार्य के आधार पर किया गया है जबकि सम्पादित मिट्टी कार्य की तुलना पुनरीक्षित प्राक्कलित मिट्टी की मात्रा से करनी चाहिए थी।
आरोप सं0-3 के संबंध में कहा गया कि आरोप पत्र में वर्ष 97-98, 98-99 में चौसा नहर का बायॅा बैक में कराए गए कार्य का पोस्ट लेवल तथा दिनांक 13.4.07 को उड़नदस्ता द्वारा लिए गए लेवल में अन्तर स्वाभाविक है। आरोप सं0-4 के संबंध में बताया गया कि श्री सिंह, आरोपित पदाधिकारी के कार्यकाल में कार्य विशिष्टि के अनुरूप कराया गया था।
उपर्युक्त तथ्यों के आधार पर संचालन पदाधिकारी का मंतव्य है कि चौसा शाखा नहर के 0.00 कि0 मी0 से 6.
775 कि0 मी0 में मूल एकरारनामा में स्वीकृत मिट्टी भराई की दर 16.30 रूपए से एक वर्ष बाद 23.85 रूपए प्रति घन मी0 एवं 1/2 कि0 मी0 से ट्रक से मिट्टी ढुलाई की दर 80.25 रू0 प्रति घन मी0 श्री सिंह द्वारा नहीं किया गया है तथा इस मद में कोई भुगतान नहीं किया गया है।
आरोप सं0-2 स्पष्ट एवं विशिष्ट नहीं है। उड़नदस्ता द्वारा कराए गए मिट्टी कार्य का प्रतिशत का आक्कलन मूल प्राक्कलन/एकरारनामा में मिट्टी कार्य की मात्रा के आधार पर किया गया है जबकि सम्पादित मिट्टी कार्य के प्रतिशत का आकलन पुनरीक्षित प्राक्कलित मिट्टी कार्य के आधार पर करने पर प्रतिशत में अन्तर नहीं आता। आरोप सं0-3 के संबंध में संचालन पदाधिकारी के जॅाच प्रतिवेदन में कहा गया है कि 6(छः) वर्ष की अवधि के अन्तराल में उड़नदस्ता द्वारा लिए गए लेवल में अन्तर हो सकता है। लेवल में अन्तर के लिए केाई विशिष्टि या मापदण्ड निर्धारित नहीं है।
आरोप सं0-4 के संबंध में संचालन पदाधिकारी का निष्कर्ष है कि उक्त अवधि में आवश्यक जलश्राव प्रवाहित हुआ एवं सिंचाई उपलब्ध कराया गया है। अनलाइंड नहर जिससे प्रत्येक वर्ष खरीफ एवं रबी की समुचित सिंचाई हुई हो उसके स्लोप में मिट्टी का क्षरण परिस्थिति जन्य माना जा सकता है।
इस प्रकार संचालन पदाधिकारी द्वारा श्री शिवेन्द्र नारायण सिंह, तत्कालीन कार्यपालक अभियन्ता, सोन नहर आधुनिकीकरण प्रमण्डल, सासाराम, शि0-डिहरी के विरूद्व आरोप को प्रमाणित नहीं पाया।
संचालन पदाधिकारी से प्राप्त जॅाच प्रतिवेदन की समीक्षा सरकार के स्तर पर की गई। समीक्षा में पाया गया कि श्री शिवेन्द्र नारायण सिंह, तत्कालीन कार्यपालक अभियन्ता (सम्प्रति सेवानिवृत) दिनांक 04.01.2000 से 08.01.01 तक सोन नहर आधुनिकीकरण प्रमण्डल, सासाराम, शि0-डिहरी में पदस्थापित रहे है। उक्त अवधि में श्री सिंह द्वारा ढुलाई3 (cid:1)बहार गजट (असाधारण), 7777 जनवर& जनवर& जनवर& जनवर& 2015201520152015 एवं भराई मद में किसी तरह का भुगतान नहीं किया गया है। श्री सिंह के पदस्थापन काल में 3.25 कि0मी0 से 4.753 कि0 मी0 के बीच जो कार्य कराया गया है, प्राक्कलित मात्रा से सम्पादित मात्रा कम है। वर्ष 1997-98, 98-99 में कराए गए मिट्टी कार्य का पोस्ट लेवल एवं वर्ष 2006 में कार्य प्रारम्भ करने के क्रम में लिए गए प्री लेवल में अन्तर के संबंध में उल्लेखित बिन्दु यथा 1.05 कि0 मी0 पर 1.5 मी0, 1.950कि0 मी0 पर 1.80 मी0, 2.67 कि0 मी0 पर 1.58 मी0, 3.15 कि0 मी0 पर 1.60 मी0 एवं 22 कि0 मी0 पर 1.45 मी0 से संबंधित कार्य नहीं कराया गया है। कराए गए कार्य एवं उड़नदस्ता द्वारा किए गए जॅाच में लगभग 6(छः) वर्ष का अन्तराल होने के कारण तटबंध/स्लोप की स्थिति खराब होने की संभावना से इंकार नहीं किया जा सकता है।
समीक्षोपरान्त संचालन पदाधिकारी के जॅाच प्रतिवेदन एवं मंतव्य से सहमत होते हुए श्री शिवेन्द्र नारायण सिंह, तत्कालीन कार्यपालक अभियन्ता, सोन नहर आधुनिकीकरण प्रमण्डल, सासाराम, शि0-डिहरी को आरोप मुक्त करने का निर्णय सरकार के स्तर से लिया गया है।
उक्त निर्णय के आलोक श्री शिवेन्द्र नारायण सिंह, तत्कालीन कार्यपालक अभियन्ता (आई0 डी0-1390) सोन नहर आधुनिकीकरण प्रमण्डल, सासाराम, शि0-डिहरी सम्प्रति सेवानिवृत को आरोप मुक्त करते हुए उन्हें संसूचित किया जाता है।
बिहार-राज्यपाल के आदेश से, मोहन पासवान, सरकार के अवर सचिव।
———— अधी,क, सिचवालय मुिणालय, (cid:1)बहार, पटना (cid:13)ारा ूकािशत एवं मु2ित। (cid:1)बहार गजट (असाधारण) 37-571+10-ड&0ट&0पी0। Website: http://egazette.bih.nic.in