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Bihar Gazette · Government of Bihar

Bihar Gazette, 07 January 2015

Published 07 January 2015

Type
Extra Ordinary
Identifier
in.gov.bih.gazette.2015-01-07.44
Languages
English, Hindi

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पटनापटनापटनापटना, , , , बुधबुधबुधबुधवारवारवारवार, , , , 7777 जनवर'जनवर'जनवर'जनवर' 2012012012015555 जल संसाधन विभाग ------- अघिसूचना 8 दिसम्बर 2014

सं0 22/नि0सि0(सिवान)-11-11/2008/188

0सि0(सिवान)-11-11/2008/1889—श्री श्रीनारायण प्रसाद, अधीक्षण अभियन्ता, (तत्कालीन श्री श्रीनारायण प्रसाद, अधीक्षण अभियन्ता, (तत्कालीन अतिरिक्त प्रभार मुख्य अभियन्ता, सिवान) के विरूद्ध सारण तटबंध के कि0मी0 119-120 पर अवस्थित बतरदेह स्थल पर अतिरिक्त प्रभार मुख्य अभियन्ता, सिवान) के विरूद्ध सारण तटबंध के कि0मी0 119-120 पर अवस्थित बतरदेह स्थल पर अतिरिक्त प्रभार मुख्य अभियन्ता, सिवान) के विरूद्ध सारण तटबंध के कि0मी0 119-120 पर अवस्थित बतरदेह स्थल पर नयंत्रण में लापरवाही बरती गई, फलतः दिनांक विगत कई दिनों से चल रहे बाढ़ संघर्षात्मक कार्य के पर्यवेक्षण तथा नियंत्रण में लापरवाही बरती गई, फलतः दिनांक विगत कई दिनों से चल रहे बाढ़ संघर्षात्मक कार्य के पर्यवेक्षण तथा ि 30 बजे स्थल ब्रीच कर गया एवं जलश्राव कन्ट्री साइड में फैल गया। ब्रीच गंडक बराज से 01.10.07 के पूर्वाह्‌न 9.30 बजे स्थल ब्रीच कर गया एवं जलश्राव कन्ट्री साइड में फैल गया। ब्रीच गंडक बराज से 30 बजे स्थल ब्रीच कर गया एवं जलश्राव कन्ट्री साइड में फैल गया। ब्रीच गंडक बराज से बाल्मीकिनगर से स्थल तक जलश्राव अत्याधिक जलश्राव में अचानत वृद्धि (3.45 लाख क्यूसेक) के कारण हुआ। परन्त बाल्मीकिनगर से स्थल तक जलश्राव अत्याधिक जलश्राव में अचानत वृद्धि (3 पहुॅंचने में लगभग 40 घण्टे का समय लगता है। इस बीच स्थल पर पूर्ण तैयारी कर स्थल को बचाया जा सकता था 40 घण्टे का समय लगता है। इस बीच स्थल पर पूर्ण तैयारी कर स्थल को बचाया जा सकता था 40 घण्टे का समय लगता है। इस बीच स्थल पर पूर्ण तैयारी कर स्थल को बचाया जा सकता था लेकिन उनके द्वारा तटब्ांध का निरीक्षण नहीं किया गया तथा अपने अधीनस्थों को बचाव कार्य करने हेतु निदेश नहीं लेकिन उनके द्वारा तटब्ांध का निरीक्षण नहीं किया गया तथा अपने अधीनस्थों को बचाव कार्य करने हेतु निदेश नहीं लेकिन उनके द्वारा तटब्ांध का निरीक्षण नहीं किया गया तथा अपने अधीनस्थों को बचाव कार्य करने हेतु निदेश नहीं दिया गया, जिसके लिए प्रथम दृष्ट्‌या प्रमाणित आरोपों के लिए बिहार सरकारी सेवक (वर्गीकरण, नियंत्रण एवं अपील) र सरकारी सेवक (वर्गीकरण, नियंत्रण एवं अपील) दिया गया, जिसके लिए प्रथम दृष्ट्‌या प्रमाणित आरोपों के लिए बिहा त विभागीय संकल्प-सह-पठित ज्ञापांक 661 दिनांक नियमावली 2005 के नियम-17 में अन्तर्निहित प्रावधानों के अन्तर्गत विभागीय संकल्प-सह-पठित ज्ञापांक नियमावली 2005 के नियम-17 में अन्तर्निहित प्रावधानों के अन्तर्ग 13.08.08 द्वारा विभागीय कार्यवाही संचालित करने का निर्णय लिया गया।

08 द्वारा विभागीय कार्यवाही संचालित करने का निर्णय लिया गया।

श्री प्रसाद के दिनांक 30.11.2008 को सेवानिवृत्त हो जाने की स्थिति में विभागीय आदेश ो जाने की स्थिति में विभागीय आदेश श्री प्रसाद के दिनांक 12 द्वारा उक्त संचालित विभागीय कार्यवाही को बिहार पेंशन संख्या-147-सह-पठित ज्ञापांक-1191 दिनांक 19 संख्या-147-सह-पठित ज्ञापांक-1191 दिनांक 19.10.12 द्वारा उक्त संचालित विभागीय कार्यवाही को बिहार पेंशन नियमावली के नियम-43 (बी0) के अन्तर्गत सम्परिवर्तित किया गया। नियमावली के नियम-43 (बी0) के अन्तर्गत सम्परिवर्तित किया गया।

र पर की गयी। संचालन पदाधिकारी संचालन पदाधिकारी से प्राप्त जॉंच प्रतिवेदन की समीक्षा सरकार के स्तर पर की गयी। संचालन पदाधिकारी संचालन पदाधिकारी से प्राप्त जॉंच प्रतिवेदन की समीक्षा सरकार के स्त द्वारा आरोप प्रमाणित नहीं पाया गया है, परन्तु पू रे मामले की समीक्षा में पाया गया कि संचालन पदाधिकारी द्वारा ाणित नहीं पाया गया है, परन्तु पूरे मामले की समीक्षा में पाया गया कि संचालन पदाधिकारी द्वारा कतिपय बिन्दुओं की अनदेखी की गयी है। फलस्वरूप जॉंच प्रतिवेदन से असहमत होते हुए निम्नांकित असहमति के कतिपय बिन्दुओं की अनदेखी की गयी है। फलस्वरूप जॉंच प्रतिवेदन से असहमत होते हुए निम्नांकित असहमति के कतिपय बिन्दुओं की अनदेखी की गयी है। फलस्वरूप जॉंच प्रतिवेदन से असहमत होते हुए निम्नांकित असहमति के बिन्दु पर विभागीय पत्रांक-1407 दिनांक 19 12 द्वारा श्री प्रसाद से द्वितीय कारण पृच्छा की गयी।

Site Order Book उपलब्ध नहीं कराया जा सका। अथक प्रयास के उपरान्त कई ाक-1407 दिनांक 19.12.12 द्वारा श्री प्रसाद से द्वितीय कारण पृच्छा की गयी। श्री ब्रजनन्दन प्रसाद, सेवानिवृत अभियंता प्रमुख, विशेष दल से प्राप्त निरीक्षण प्रतिवेदन दिनांक 08.10.07 में श्री ब्रजनन्दन प्रसाद, सेवानिवृत अभियंता प्रमुख, विशेष दल से प्राप्त निरीक्षण प्रतिवेदन दिनांक 08 1. श्री ब्रजनन्दन प्रसाद, सेवानिवृत अभियंता प्रमुख, विशेष दल से प्राप्त निरीक्षण प्रतिवेदन दिनांक 08 अंकित किया गया है कि निरीक्षण के क्रम में उनके द्वारा Site Order Book की मॉंंग की गयी की मॉंंग की गयी एवं बार-बार मांग अंकित किया गया है कि निरीक्षण के क्रम में उनके द्वारा उपलब्ध नहीं कराया जा सका। अथक प्रयास के उपरान्त कई Crate किये जाने के उपरान्त भी Site Order Book Laying Registers में एक रजिस्टर प्रस्तुत किया गया जो कार्यपालक अभियंता द्वारा अभिप्रमाणित भी नहीं था। में एक रजिस्टर प्रस्तुत किया गया जो कार्यपालक अभियंता द्वारा अभिप्रमाणित भी नहीं था। में एक रजिस्टर प्रस्तुत किया गया जो कार्यपालक अभियंता द्वारा अभिप्रमाणित भी नहीं था। रजिस्टर में दर्ज किसी भी कार्य को पाली अि भयंताओं के द्वारा हस्ताक्षरित नहीं किया गया था एवं लगभग सभी रजिस्टर में दर्ज किसी भी कार्य को पाली अभियंताओं के द्वारा हस्ताक्षरित नहीं किया गया था एवं लगभग सभी प्रविष्टियॉं बिना किसी हस्ताक्षर के दर्ज थी। एन0 आर0 तैयार कर विभाग को सम्पे्रषित करने का कार्य मूलतः इन्हीं प्रविष्टियॉं बिना किसी हस्ताक्षर के दर्ज थी। एन0 आर0 तैयार कर विभाग को सम्पे्रषित करने का कार्य मूलतः इन्हीं प्रविष्टियॉं बिना किसी हस्ताक्षर के दर्ज थी। एन0 आर0 तैयार कर विभाग को सम्पे्रषित करने का कार्य मूलतः इन्हीं 2 (cid:1)बहार गजट (असाधारण), 7777 जनवर' जनवर' जनवर' जनवर' 2015201520152015 Crate Laying Register पर आधारित होता है एवं ऐसी स्थिति में Crate Laying Register का कार्यपालक अभियंता द्वारा अभिप्रमाणित नहीं होना एक गंभीर वित्तीय अनियमितता है, जिसके लिए अप्रत्यक्ष रूप से आप दोषी हैं। 2. श्री ब्रजनन्दन प्रसाद, सेवा निवृत्त अभियंता प्रमुख विशेषज्ञ दल से प्राप्त एक अन्य निरीक्षण प्रतिवेदन दिनांक 21.09.07 में अंकित है कि कटाव-स्थल के अपस्ट्रीम से जहॉं कटाव की संभावना नहीं थी, वहॉं पर bed bars का निर्धारण बिना विशेषज्ञ अथवा अभियंता प्रमुख (उत्तर) के निदेश अथवा सूचना के कराया कराया जा रहा था। विशेषज्ञ के द्वारा यह भी अंकित किया गया है कि bed bars का निर्माण बाढ़ संघर्षात्मक कार्य के रूप में कभी भी नहीं किया जाता है। उक्त निरीक्षण प्रतिवेदन से स्पष्ट है कि बाढ़ संघर्षात्मक कार्य के पर्यवेक्षण एवं नियंत्रण में आपके स्तर पर लापरवाही बरती गयी है, जिसके लिए आप दोषी हैं।

श्री प्रसाद द्वारा अपने पत्रांक-15 दिनांक 28.01.2013 द्वारा द्वितीय कारण पृच्छा का प्रत्युत्तर समर्पित किया गया जिसके मुख्य बिन्दु निम्न है :-

असहमति के बिन्दु सं0-(1)-यह बिन्दु बाढ़ विशेषज्ञ के दिनांक 08.10.07 के प्रतिवेदन पर आधारित है। यह प्रतिवेदन जॉंच प्रक्रिया के क्रम में जॉच पदाधिकारी को उपलब्ध नहीं कराया गया था और न ही उसमें वर्णित आरोप गठित आरोप पत्र में सम्मिलित थे अतः इस नये साक्ष्य पर जॉंच पदाधिकारी द्वारा अथवा सरकार द्वारा विचार करना वैधिक रूप से वर्जित है। इस संबंध में आरोपी अपने बचाव बयान में सर्वोच्च न्यायालय द्वारा पारित न्याय निर्णय एवं भारतीय संविधान के अनुच्छेद 311(2) का उल्लंघन किया है। मैंने दिनांक 04.10.07 के अपराह्‌न में मुख्य अभियंता, सिवान का प्रभार विभागीय आदेश के अनुपालन में त्याग दिया था। अतः दिनांक 08.10.07 को कुछ अभिलेख मॉंगे जाने पर उस समय के पदस्थापित अधिकारियों के बाढ़ विशेषज्ञ को नहीं दिखाया तो उसके लिए मुझे दोषी ठहराया जाना कहॉं तक न्याय संगत होगा।

मेरे कार्यकाल के पश्चात यदि किसी अधीनस्थ पदाधिकारी द्वारा कोई चूक की गई है तो वैसे निम्नस्थ के प्रत्येक चूक के लिए उक्त परिक्षेत्र के शीर्षस्थ पदाधिकारी यानि मुख्य अभियंता को अप्रत्यक्ष रूप से दोषी मानना कहॉं तक न्याय संगत है। यदि कोई पदाधिकारी प्रत्यक्ष रूप से दोषी हैं तो उसे दंडित नहीं कर मुझे उस घेरे में लेना पूर्वाग्रह द्योतक प्रतीत होता है।

मेरे कार्यकाल में 16 से 20 सितम्बर 2007 तक बाढ़ विशेषज्ञ एवं अभियंता प्रमुख स्थल पर थे, उस वक्त इस तरह के किसी तरह के चूक की बात दिनांक 21.09.07 के प्रतिवेदन में अंकित नहीं है।

असहमति के बिन्दु सं0-(2)-बाढ़ विशेषज्ञ द्वारा कहा गया है कि ये bed bars बिना उसको सूचित किये अथवा बिना उनके निर्देश के कराया जा रहा था, जबकि वे स्थल पर उपस्थित थें। उनके प्रतिवेदन में यह नहीं कहा गया है कि अभियंता प्रमुख का भी निदेश नहीं था जैसा कि द्वितीय कारण पृच्छा में कहा गया है।

2. स्थल प्रभारी द्वारा स्वविवेक से परिस्थितिवश bed bars बनाने का निर्णय लिया गया है। मैं भी अभियंता प्रमुख एवं बाढ़ विशेषज्ञ के साथ निरीक्षण में बन रहे bed bars को देखा तो इसे रोकने का आदेश दिया गया। 3. दिनांक 21.09.07 के निरीक्षण प्रतिवेदन में कार्य के पर्यवेक्षण एवं नियंत्रण में लापरवाही के संदर्भ में कोई भी Specific टिप्पणी मेरे विरूद्ध नहीं की गयी है।

4. गठित आरोप पत्र में bed bars के अनुपर्याणी निर्माण के संबंध में अंकित नहीं था और न ही एक मात्र मुझे ही दोषी करार दिये जाने का कोई साक्ष्य ही दिया गया है।

5. एक मात्र आरोप मेरे विरूद्ध गठित था वह मात्र अनुमान एवं संभाव्यता के आधार पर था क्याेंकि उस आरोप में कहा गया है कि बाल्मीकिनगर के बराज से 342000 घनसेक जलश्राव के उक्त कटाव स्थल पर पहुॅचने में 40 घण्टा लगता है और इस बीच स्थल पर पूर्ण तैयारी कर स्थल को बचाया जा सकता था। परन्तु यह उल्लेख नहीं है कि क्या तैयारी की जा सकती थी और कैसे बचाया जा सकता था, जो नहीं किया जा सका।

6. जॉंच प्रतिवेदन के प्राप्ति के पश्चात नये असंगत साक्ष्य प्रस्तुत कर अप्रत्यक्ष रूप से दोष करार दिया जाना वैधिक रूप से नहीं माना जा सकता है।

विभागीय समीक्षा मेंं निम्न तथ्य पाया गया :- असहमति के बिन्दु सं0-1-बाढ़ विशेषज्ञ के प्रतिवेदन के अवलोकन से स्पष्ट होता है कि बाढ़ विशेषज्ञ द्वारा उक्त स्थल का निरीक्षण दिनांक-04.10.07 से 06.10.07 को किया गया है ऐसी स्थिति में आरोपी पदाधिकारी श्री प्रसाद, तत्कालीन मुख्य अभियंता, सिवान का कथन कि मैं दिनांक 04.10.07 के अपराह्‌न में मुख्य अभियंता, सिवान का प्रभार विभागीय आदेश के अनुपालन में त्याग दिया। अतः दिनांक 08.10.07 को कुछ अभिलेख मांगे जाने पर उस समय पदस्थापित अधिकारियोें ने बाढ़ विशेषज्ञ को नहीं दिखाया तो उसके लिए मुझे दोषी ठहराना न्याय संगत नहीं, को स्वीकार योग्य माना जा सकता है परन्तु क्रेट रिजस्टर कार्यपालक अभियन्ता द्वारा प्रतिहस्ताक्षर नहीं होना तथा कार्य में संलग्न पाली अभियंता का हस्ताक्षर नहीं होना एवं क्रेट रजिस्टर पर किसी भी पदाधिकारी का हस्ताक्षर नहीं होना परिलक्षित करता है कि आरोपी द्वारा अपने कार्यकाल में क्रेट रजिस्टर का संधारण कराने में सक्षम नहीं हो सकें तथा कराये गये कार्यों के सही-सही प्रविष्टि पर भी ध्यान नहीं दिया गया जबकि उक्त क्रेट रजिस्टर के आधार पर ही कराये गये कार्यों का विवरणी एन0आर0 के माध्यम से विभाग को प्रेषित किया जाता रहा है। जिसे एक गंभीर वित्तीय अनियमितता माना जा सकता है। उपरोक्त वर्णित तथ्यों से स्पष्ट होता है कि इनके स्तर से लापरवाही बरती गई है तथा इन्हें दोषी माना जा सकता है। 3

(cid:1)बहार गजट (असाधारण), 7777 जनवर' जनवर' जनवर' जनवर' 2015201520152015

असहमति के बिन्दु सं0-2-आरोपी पदाधिकारी द्वारा अपने बचाव बयान में उल्लेख किया है कि bed bar निर्माण का कार्य स्थल प्रभारी पदाधिकारी स्वविवेक से कार्य करा रहे होंगे। यह उनके विवेक पर आधारित था जो परिस्थितिवश कराने का उनका निर्णय रहा होगा अथवा अभियंता प्रमुख ने स्थल के प्रभारी अधीक्षण अभियंता/कार्यपालक अभियन्ता/सहायक अभियन्ता को दिया होगा परन्तु मेरे निर्देश से bed bar नहीें बन रहा था, जिसे स्वीकार योग्य माना जा सकता है क्योंकि बाढ़ विशेषज्ञ का दिनांक 21.09.07 के निरीक्षण प्रतिवेदन में इस तथ्य का उल्लेख नहीं है कि उक्त अनुपयोगी bed bar का निर्माण तत्कालीन मुख्य अभियंता के निदेशानुसार किया जा रहा था एवं संचिका में रक्षित अभिलेखों से स्थापित नहीं हो रहा है कि अनुपयोगी bed bar का निर्माण तत्कालीन मुख्य अभियंता के निदेशानुसार किया जा रहा था। परन्तु श्री प्रसाद, तत्कालीन मुख्य अभियंता, सिवान को क्षेत्रीय वरीय अभियंता (जो स्थल पर कैम्प कर रहे थे) होने के कारण यह माना जायेगा कि उनकी सहमति से उक्त अनुपयोग bed bar का निर्माण हो रहा था, अथवा अधीनस्थ पदाधिकारी पर इनका नियंत्रण नहीं था या इनके द्वारा पर्यवेक्षण कार्य के दायित्व का निर्वहन नहीं कर रहे थे। फलस्वरूप सरकार को अनुपयोगी bed bar के निर्माण के कारण सरकारी राजस्व की क्षति हुई। जिसके लिए श्री प्रसाद को अप्रत्यक्ष रूप से जिम्मेवार माना जा सकता है। उपरोक्त वर्णित तथ्यों के आलोक में संचालन पदाधिकारी के मंतव्य से असहमत होते हुए उक्त स्थल पर कराये जा रहे बाढ़ संघर्षात्मक कार्य के पर्यवेक्षण में आरोपित अभियंता के स्तर से लापरवाही बरती गयी है एवं अधीनस्थों पर नियंत्रण का अभाव प्रमाणित होता है। प्रमाणित आरोप के लिए श्री श्रीनारायण प्रसाद, अधीक्षण अभियंता, (तत्कालीन अतिरिक्त प्रभार मुख्य अभियंता, सिवान) सम्प्रति सेवानिवृत्त के विरूद्ध सरकार द्वारा निम्नांकित दंड अधिरोपित करने का निर्णय लिया गया हैः- (1) पेंशन से 10 (दस) प्रतिशत की कटौती एक वर्ष के लिए। उक्त निर्णय के आलोक में श्री श्रीनारायण प्रसाद, अधीक्षण अभियंता (तत्कालीन अतिरिक्त प्रभार मुख्य अभियंता, सिवान) सम्प्रति सेवानिवृत्त के विरूद्ध निम्नांकित दंड अधिरोपित करते हुए संसूचित किया जाता है - (1) पेंशन से 10 (दस) प्रतिशत की कटौती एक वर्ष के लिए। उपरोक्त दण्ड प्रस्ताव पर बिहार लोक सेवा आयोग की सहमति प्राप्त है।

बिहार-राज्यपाल के आदेश से, गजानन मिश्र, विशेष कार्य पदाधिकारी।

———— अधी,क, सिचवालय मुिणालय,

(cid:1)बहार, पटना (cid:13)ारा ूकािशत एवं मु2ित। (cid:1)बहार गजट (असाधारण) 44-571+10-ड'0ट'0पी0। Website: http://egazette.bih.nic.in

Cite this issue. Bihar Gazette, Government of Bihar, 07 January 2015. Indian Gazettes, https://egazette.servantsofknowledge.in/details/in.gov.bih.gazette.2015-01-07.44/. Archive identifier in.gov.bih.gazette.2015-01-07.44.