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सं0 22/नि0 सि0(मुज0)-06-12/2011/
13 द्वारा श्री कुमार से द्वितीय कारण पृच्छा की गई।
(1) आपके द्वारा तर्क दिया गया है कि टूटान की सूचना उन्हें दिनांक 21.09.11 को 1
13 द्वारा द्वितीय कारण पृच्छा का श्री कुमार, तत्कालीन कार्यपालक अभियन्ता ने अपनेे पत्रांक शून्य दिनांक 8.5.13 द्वारा द्वितीय कारण पृच्छा का 2 (cid:1)बहार गजट (असाधारण), 7777 जनवर( जनवर( जनवर( जनवर( 2015201520152015 (ii) धटना धटने के पश्चात 23 धंटे में एन0 सी0 सी0 (पुनस्र्थापन कार्य के संवेदक) के माध्यम से मरम्मति कराकर पुनः जल प्रवाहित करा दिया गया एवं सरकार को न आर्थिक क्षति हुई एवं न ही किसानों को कोई क्षति हुआ है। श्री कुमार से प्राप्त द्वितीय कारण पृच्छा के जवाब की समीक्षा सरकार के स्तर पर की गयी। जिसमें पाया गया कि श्री कुमार, तत्कालीन कार्यपालक अभियन्ता द्वारा ऐसा कोई तथ्य/साक्ष्य प्रस्तुत नहीं किया गया है। जिससे परिलक्षित हो सके कि इनके द्वारा नहर टूटान की सूचना ससमय उच्च पदाधिकारियों एवं विभाग को दिया गया है तथा नहर बांध के रख रखाव के दिशा में कोई कारगर कार्रवाई की गई है एवं नियमित अंतराल पर नहर बांध का निरीक्षण इनके द्वारा किया गया है अगर इनके द्वारा नहर के रख रखाव पर समूचित ढ़ंग से ध्यान दिया जाता। तो नहर के रूपांकित जलश्राव 460 धनसेक के विरूद्व-163 धनसेक में नहर टूटान होने की संभावना नहीं बनती। अतः प्रमाणित आरोपों के लिए विभागीय अधिसूचना सं0-1302 दिनांक 23.10.13 द्वारा निम्न दण्ड संसूचित किया गयाः- 1. निन्दन वर्ष 2011-12 2. दो वेतनवृद्वि पर असंचयात्मक प्रभाव से रोक। उक्त दण्डादेश के विरूद्व श्री अवधेश कुमार, तत्कालीन कार्यपालक अभियन्ता ने अपने पत्रांक शून्य दिनांक 28.11.13 द्वारा पूर्णविलोकन अर्जी एवं इसी बीच वरीय लेखा पदाधिकारी, महालेखाकार (ले0 एवं ह0) का कार्यालय, बिहार, पटना के पत्रांक जी0 ई0-8, दिनांक 6.12.13 से प्राप्त पत्र की समीक्षा सरकार के स्तर पर की गई। समीक्षोपरान्त इनके पूर्णविलोकन अर्जी को अस्वीकार करते हुए श्री कुमार के दिनांक 30.6.14 को सेवानिवृत हो जाने के कारण विभागीय अधिसूचना सं0-1302 दिनांक 23.10.13 द्वारा पारित दण्डादेश अधिरोपित नहीं हो पाने के कारण विभागीय अधिसूचना सं0-1302 दिनांक 23.10.13 द्वारा निर्गत दण्डादेश के कंडिका-(ii) को निरस्त करने का निर्णय सरकार के द्वारा लिया गया है। साथ ही विभागीय कार्यवाही को पेंशन नियमावली के नियम 43 बी0 में सम्परिवर्तित करते हुए द्वितीय कारण कारण पृच्छा करने का निर्णय लिया गया है। उक्त निर्णय के आलोक श्री अवधेश कुमार, तत्कालीन कार्यपालक अभियन्ता सम्प्रति सेवानिवृत एम0-6/18, रोड नं0-10, राजेन्द्र नगर, पटना को संसूचित किया जाता है। द्वितीय कारण पृच्छा का पत्र अलग से निर्गत किया जा रहा है।
बिहार-राज्यपाल के आदेश से, गजानन मिश्र, विशेष कार्य पदाधिकारी।
———— अधी-क, सिचवालय मुिणालय, (cid:1)बहार, पटना (cid:13)ारा ूकािशत एवं मु3ित। (cid:1)बहार गजट (असाधारण) 48-571+10-ड(0ट(0पी0। Website: http://egazette.bih.nic.in