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सं0 22/नि॰सि॰(पट॰)-3-12/2010
ागीय अधिसूचना संख्या-302 दिनांक 27.03.2012 द्वारा तत्काल प्रभाव से निलंबित करते हुए ि
2012 द्वारा बिहार सरकारी सेवक (वर्गीकरण, नियंत्रण एवं अपील) नियमावली 2 (cid:1)बहार गजट (असाधारण), 7777 जनवर' जनवर' जनवर' जनवर' 2015201520152015 इलाहाबाद बैंक, राँची को पत्र लिखा गया। इसके लिए श्री लालदेव रजक, लेखा लिपिक को प्राधिकृत करते हुए उन्हें स्वयं राँची जाकर पत्र हस्तगत कराने का निदेश दिया गया। परन्तु श्री रजक राँची न जाकर पत्र को दिनांक 08.06. 2009 को स्पीड पोस्ट द्वारा भेज दिया जो बैंक में दिनांक 12.06.2009 को प्राप्त हुआ। इसके अतिरिक्त श्री सिन्हा द्वारा यह भी कहा गया है कि मूल बैंक गारंटी के पृ0-4 पर अंकित है कि "This guarantee shall be valid upto 28 days from the date of expiry of the defeat liability period" बैंक ने अपने लिखे पत्र दिनांक 13.06.2009 में स्वीकार किया है कि प्रमण्डल का पत्रांक-665 दिनांक-06.06.2009 उन्हें दिनांक-12.06.2009 को प्राप्त हो गया है। अगर बैंक चाहती तो उक्त बैंक गारंटी की राशि इनभोक हो सकता था। श्री सिन्हा से प्राप्त द्वितीय कारण पृच्छा के जवाब की समीक्षा में पाया गया कि इनके इस कथन को मान्य नहीं किया जा सकता कि इनके द्वारा दायित्वों का निर्वहन सही ठंग से किया गया है क्योंकि श्री लालदेव रजक, लेखा लिपिक को पत्र लेकर राँची जाने के लिये प्राधिकृत किया गया परन्तु श्री रजक द्वारा राँची न जाकर स्पीड पोस्ट से पत्र को भेजा गया। श्री सिन्हा द्वारा एक बार जानने का भी प्रयास नहीं किया गया कि श्री रजक उस पत्र को लेकर राँची बैंक में उपलब्ध कराने गये या नहीं। वर्णित तथ्यों से स्पष्ट है कि श्री सिन्हा के विरूद्ध अपने दायित्वों के निर्वहन में अपेक्षित सजगता की कमी, विवेक की कमी, अपने अधीनस्थ पर समुचित पर्यवेक्षण का अभाव और वैकल्पिक व्यवस्था सुनिश्चित न करने जैसे बरते गये चूक की वजह से बैंक गारंटी की राशि लैप्स होने का आरोप प्रमाणित है। प्रमाणित आरोपों के लिए सरकार द्वारा श्री सिन्हा को निलम्बन से मुक्त करते हए निम्न दंड देने का निर्णय लिया गयाः- 1. एक वेतन वृद्धि पर असंचयात्मक प्रभाव से रोक 2. निलंबन अवधि के सेवा का निरूपण एवं वेतन भाा की अनुमान्यता के संबंध में सामान्य प्रशासन विभाग के पत्रांक-7876 दिनांक 20.05.2013 के आलोक में नोटिश निर्गत कर निर्णय लिया जायेगा। उक्त निर्णय के आलोक में श्री संजय कुमार सिन्हा, तत्कालीन कार्यपालक अभियंता, बाढ़ नियंत्रण प्रमण्डल, मोकामा, शिविर-बख्तियारपुर सम्प्रति अधीक्षण अभियंता (निलंबित) को निलंबन से मुक्त करते हुए उक्त दण्ड दिया/संसूचित किया जाता है।
बिहार-राज्यपाल के आदेश स,े सतीश चन्द्र झा, सरकार के अपर सचिव।
———— अधी,क, सिचवालय मुिणालय, (cid:1)बहार, पटना (cid:13)ारा ूकािशत एवं मु2ित। (cid:1)बहार गजट (असाधारण) 49-571+10-ड'0ट'0पी0। Website: http://egazette.bih.nic.in