िनबंधन सं(cid:26)या पी0ट'0-40 िनबंधन सं(cid:26)या (cid:1)बहार(cid:1)बहार(cid:1)बहार(cid:1)बहार गजटगजटगजटगजट (cid:1)बहार(cid:1)बहार(cid:1)बहार(cid:1)बहार
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सं0 22/नि0सि0(भाग0)-09-08/2011/
2011 द्वारा निलंबित करते हुए निम्नांकित आरोपों के लिए विभागीय संकल्प ज्ञापांक-1061 दिनांक 19
2011 को संवेदक द्वारा स्थल पर सामग्री एकत्रीकरण की उपलब्धि 05.2011/18.05.2011 को संवेदक द्वारा स्थल पर सामग्री एकत्रीकरण की उपलब्धि
06.2011 तथा 14.06. 22/नि0सि0(भाग0)-09-08/2011/1970—श्री रामनारायण यादव, आई0डी0 क्रमांक-2241, तत्कालीन श्री रामनारायण यादव, आई0डी0 क्रमांक-2241, तत्कालीन कार्यपालक अभियंता, बाढ़ नियंत्रण प्रमंडल, नवगछिया सम्प्रति सेवानिवृत्त को कार्यपालक अभियंता, बाढ़ नियंत्रण प्रमंडल, ाढ़ नियंत्रण प्रमंडल, नवगछिया सम्प्रति सेवानिवृत्त को कार्यपालक अभियंता, बाढ़ नियंत्रण प्रमंडल, ाढ़ नियंत्रण प्रमंडल, नवगछिया सम्प्रति सेवानिवृत्त को कार्यपालक अभियंता, बाढ़ नियंत्रण प्रमंडल, नवगछिया के पदस्थापन अवधि के दौरान कतिपय अनियमितताओं के लिए विभागीय अधिसूचना संख्या-749 दिनांक 23. नवगछिया के पदस्थापन अवधि के दौरान कतिपय अनियमितताओं के लिए विभागीय अधिसूचना संख्या-749 दिनांक 23 नवगछिया के पदस्थापन अवधि के दौरान कतिपय अनियमितताओं के लिए विभागीय अधिसूचना संख्या-749 दिनांक 23 य संकल्प ज्ञापांक-1061 दिनांक 19.08.2011 द्वारा 06.2011 द्वारा निलंबित करते हुए निम्नांकित आरोपों के लिए विभागी इनके विरूद्ध बिहार सरकारी सेवक (वर्गीकरण, नियंत्रण एवं अपील) नियमावली 2005 के नियम 17(2) के तहत इनके विरूद्ध बिहार सरकारी सेवक (वर्गीकरण, नियंत्रण एवं अपील) नियमावली 2005 के नियम 17(2) के तहत इनके विरूद्ध बिहार सरकारी सेवक (वर्गीकरण, नियंत्रण एवं अपील) नियमावली 2005 के नियम 17(2) के तहत विभागीय कार्यवाही संचालित किया गया :- विभागीय कार्यवाही संचालित किया गया :- (i) बाढ़ नियंत्रण प्रमंडल, नवगछिया के अधीन विक्रमशीला पुल के निम्न धार में गंगा नदी ) बाढ़ नियंत्रण प्रमंडल, नवगछिया के अधीन विक्रमशीला पुल के निम्न धार में गंगा नदी के बायें तट पर ) बाढ़ नियंत्रण प्रमंडल, नवगछिया के अधीन विक्रमशीला पुल के निम्न धार में गंगा नदी अवस्थित इस्माइलपुर से विन्द टोली ग्रामों के निकट स्पर संख्या-3, 4, 5, 6 एवं 7 के पुर्नस्थापन संबंधी कटाव अवस्थित इस्माइलपुर से विन्द टोली ग्रामों के निकट स्पर संख्या-3, 4, 5, 6 एवं 7 के पुर्नस्थापन संबंधी कटाव अवस्थित इस्माइलपुर से विन्द टोली ग्रामों के निकट स्पर संख्या-3, 4, 5, 6 एवं 7 के पुर्नस्थापन संबंधी कटाव निरोधक कार्य के प्री-लेवल की जॉंच असम्बद्ध अभियंता से कराकर विभाग एवं मुख्य अभियंता को समर्पित करने एवं निरोधक कार्य के प्री-लेवल की जॉंच असम्बद्ध अभियंता से कराकर विभाग एवं मुख्य अभियंता को समर्पित करने एवं निरोधक कार्य के प्री-लेवल की जॉंच असम्बद्ध अभियंता से कराकर विभाग एवं मुख्य अभियंता को समर्पित करने एवं उसकी एक अभिप्रमाणित छायाप्रति उपलब्ध् ा कराने का निदेश इनको अधीक्षण अभियंता, सिंचाई अचंल, भागलपुर द्वारा उसकी एक अभिप्रमाणित छायाप्रति उपलब्ध कराने का निदेश इनको अधीक्षण अभियंता, सिंचाई अचंल, भागलपुर द्वारा दिया गया था। वांछित प्रतिवेदन इनसे अप्राप्त रहने पर बाढ़ नियंत्रण योजना एवं मोनिटरिंग अंचल, जल संसाधन दिया गया था। वांछित प्रतिवेदन इनसे अप्राप्त रहने पर बाढ़ नियंत्रण योजना एवं मोनिटरिंग अंचल, जल संसाधन दिया गया था। वांछित प्रतिवेदन इनसे अप्राप्त रहने पर बाढ़ नियंत्रण योजना एवं मोनिटरिंग अंचल, जल संसाधन संचाई अंचल, भागलपुर के विभाग, सिंचाई भवन, पटना का पत्रांक-1185 दिनांक 10.05.2011 द्वारा अधीक्षण अभियंता सिंचाई अंचल, भागलपुर के विभाग, सिंचाई भवन, पटना का पत्रांक-1185 दिनांक 10 ज्ञापांक-36/प0, दिनांक 18.06.2011 द्वारा प्रेषित करते हुए विष्यांकित कार्य को दिनांक 31 2011 तक पूर्ण कराने 2011 द्वारा प्रेषित करते हुए विष्यांकित कार्य को दिनांक 31.05.2011 तक पूर्ण कराने हेतु पदवार माइल स्टोन (संवेदक एवं इंजीनियर्स इन्चार्ज से हस्ताक्षरित) चौबीस घंटा के अन्दर उपलब्ध कराने का हेतु पदवार माइल स्टोन (संवेदक एवं इंजीनियर्स इन्चार्ज से हस्ताक्षरित) चौबीस घंटा के अन्दर उपलब्ध कराने का हेतु पदवार माइल स्टोन (संवेदक एवं इंजीनियर्स इन्चार्ज से हस्ताक्षरित) चौबीस घंटा के अन्दर उपलब्ध कराने का निदेश इनको दिया गया परन्तु दिनांक 23 2011 तक इनके द्वारा वांछित प्रतिवेदन उपलब्ध नहीं कराया गया। इस रन्तु दिनांक 23.06.2011 तक इनके द्वारा वांछित प्रतिवेदन उपलब्ध नहीं कराया गया। इस प्रकार उक्त कार्य कराने से पहले कार्य स्थल की मापी प्री-लेवल की जॉंचित प्रति स समय विभाग/उच्चाधिकारियों को प्रकार उक्त कार्य कराने से पहले कार्य स्थल की मापी प्री-लेवल की जॉंचित प्रति स समय विभाग/उच्चाधिकारियों को प्रकार उक्त कार्य कराने से पहले कार्य स्थल की मापी प्री-लेवल की जॉंचित प्रति स समय विभाग/उच्चाधिकारियों को समर्पित करने के लिए ये प्रथम दृष्टया दोषी हैं। समर्पित करने के लिए ये प्रथम दृष्टया दोषी हैं। (ii) इनके द्वारा दिनांक 17.05 को बढा-चढ़ा कर प्रतिवेदित किया गया जबकि पत्रांक-834 दिनांक 17 को बढा-चढ़ा कर प्रतिवेदित किया गया जबकि पत्रांक-834 दिनांक 17.06.2011 एवं दिनांक 13.06 े स्पष्ट है कि उनके द्वारा 2011 को मुख्य अभियंता, जल संसाधन विभाग, भागलपुर द्वारा किये गये निरीक्षण प्रतिवेदन से स्पष्ट है कि उनके द्वारा 2011 को मुख्य अभियंता, जल संसाधन विभाग, भागलपुर द्वारा किये गये निरीक्षण प्रतिवेदन स दिनांक 17.05.2011/18.05.2011 को प्रतिवेदित सामग्री एकत्रीकरण की उपलब्धता से कार्य स्थल पर सामग्री कम एकत्र 2011 को प्रतिवेदित सामग्री एकत्रीकरण की उपलब्धता से कार्य स्थल पर सामग्री कम एकत्र 2011 को प्रतिवेदित सामग्री एकत्रीकरण की उपलब्धता से कार्य स्थल पर सामग्री कम एकत्र था। इस प्रकार इनके द्वारा कार्य स्थल पर संवेदक द्वारा एकत्र किये गये सामग्री का गलत ब्यौरा प्रतिवेदित किया गया था। इस प्रकार इनके द्वारा कार्य स्थल पर संवेदक द्वारा एकत्र किये गये सामग्री का गलत ब्यौरा प्रतिवेदित किया गया था। इस प्रकार इनके द्वारा कार्य स्थल पर संवेदक द्वारा एकत्र किये गये सामग्री का गलत ब्यौरा प्रतिवेदित किया गया जिसके लिए ये दोषी प्रतीत होते हैं। 2 (cid:1)बहार गजट (असाधारण), 7777 जनवर' जनवर' जनवर' जनवर' 2015201520152015 (iii) एजेण्डा संख्या-107/333 के तहत विक्रमशीला पुल के निम्न धार से गंंगा नदी के बायें तट पर अवस्थित इस्माइलपुर से विन्द टोली ग्रामों के निकट स्पर संख्या-3, 4, 5, 6 एवं 7 के पुर्नस्थापन संबंधी कटाव निरोधक कार्य का इनके द्वारा दिनांक 29.05.2011 तक उपलब्ध सामग्रियों को शामिल करते हुए कार्य की प्रगति 34.96 प्रतिशत दर्शाया गया है जबकि अधीक्षण अभियंता, सिंचाई अंचल, भागलपुर के द्वारा दिनांक 25.05.2011 को किये गये स्थल निरीक्षण में कार्य की औसत वास्तविक प्रगति पन्द्रह से बीस प्रतिशत ही पाया गया। इस प्रकार इनके द्वारा एकरारनामा के तहत निर्धारित अन्तिम तिथि दिनांक 31.05.2011 तक सम्पादित कार्य की उपलब्धि का गलत प्रतिवेदन अपने उच्चाधिकारियों को दिया गया जिसके लिए ये दोषी प्रतीत होते हैं। (iv) एजेण्डा संख्या-107/333 के तहत कराये जाने वाले कटाव निरोधक पुर्नस्थापना कार्य के एकरारनामा के अनुसार बोल्डर ढुलाई मुंगेर एवं संकरी गली से किया जाना था, परन्तु संवेदक मेसर्स केम्स सर्विसेज प्रा0लि0 के पत्रांक-19/11-12 दिनांक 20.06.2011 से प्रतीत होता है कि इनकी सहमति से संवेदक द्वारा बड़हरवा, रामपुर भाया पूर्णियां, गया, शेखपुरा से भी लाया गया। इस प्रकार उच्चाधिकारी के बिना अनुमति एवं औचित्य के एकरारनामा में प्रावधानित स्थलों के अतिरिक्त अन्य कई खदानों से स्टोन बोल्डर ढुलाई का छद्म अभिलेख गलत मंशा से इनके द्वारा तैयार किया गया जिसके लिए ये दोषी प्रतीत होते हैं। (v) अधीक्षण अभियंता, सिंचाई अंचल, भागलपुर द्वारा दिनांक 15.06.2011 को एजेण्डा संख्या-107/333 के तहत बाढ़ पुर्नस्थापन कार्य के स्थल निरीक्षण के दौरान स्पर संख्या-5 एवं स्पर संख्या-4 के स्थल पर सहायक अभियंता एवं कनीय अभियंता को अनुपस्थित पाये जाने पर इनको निदेश दिया गया था कि कार्य से संबंधित सभी सहायक अभियंता एवं कनीय अभियंता को स्थल के निकटस्थ विभागीय कैम्प में ठहरने की व्यवस्था सुनिश्चित किया जाय ताकि कार्य की विशिष्टि पर पूर्ण नियंत्रण रखा जा सके एवं विवाद के अवसर से बचा जा सके परन्तु उच्चाधिकारी द्वारा बार-बार निदेश दिये जाने के बावजूद भी इनके द्वारा स्थल अभियंताओं का कार्य स्थल पर उपस्थित सुनिश्चित नहीं किया जा सका जिसके कारण कार्य की विशिष्टि पर बुरा प्रभाव पड़ा एवं संवेदक द्वारा कराये गये कार्य का निरीक्षण नहीं हो सका। इसके लिए ये दोषी प्रतीत होते हैं। (vi) Salvage Stone Boulder एवं Surplus Stone Boulder का विधिवत लेखा-जोखा की जानकारी इनके द्वारा उच्चाधिकारियों को नहीं दिया गया। इसके लिए ये दोषी प्रतीत होते हैं। (vii) बिना कार्य योजना सुनिश्चित किये इनके द्वारा स्पर संख्या-3 के अप स्ट्रीम स्थित बोचाही ग्राम में तीन अदद बेडवार निर्माण हेतु खुदाई करा दिया गया जिसके कारण स्थानीय वासिन्दों में आक्रोश की परिस्थिति उत्पन्न हो गयी। इस प्रकार इनमें तकनीकी ज्ञान एवं दूरदर्शिता का अभाव झलकता है। इसके लिए ये दोषी प्रतीत होते हैं। (viii) एजेण्डा संख्या-107/333 के तहत विक्रमशीला पुल के निम्न धार में गंगा नदी के बायें तट पर अवस्थित इस्माइलपुर से विन्द टोली ग्रामों के निकट स्पर संख्या-3, 4, 5, 6 एवं 7 के पुर्नस्थापन संबंधी कटाव निरोधक कार्य एकरारनामा के अनुसार दिनांक 31.05.2011 तक पूरा किया जाना था परन्तु मुख्य अभियंता, भागलपुर के पत्रांक-1868 दिनांक 07.06.2011 से स्पष्ट है कि उक्त कार्य पूरा करने की तिथि दिनांक 31.05.2011 तक कार्य की प्रगति मात्र 34.96 प्रतिशत प्रतिवेदित है तथा दिनांक 05.06.2011 तक की प्रगति मात्र 38.61 प्रतिशत प्रतिवेदित है। इस प्रकार संवेदक मेसर्स केम्स सर्विसेज प्रा0लि0 द्वारा एकरारनामा के शर्त्तों के अनुसार कार्य पूर्ण नहीं किये जाने की स्थिति में उनके विरूद्ध श्री यादव द्वारा स समय दण्डात्मक कार्रवाई नहीं की गयी। बाढ़ जैसे महत्वपूर्ण कार्य के लिए इस प्रकार की लापरवाही घातक सिद्ध होती है क्योंकि स समय बाढ़ निरोधक कार्य पूरा नहीं होने पर परिसम्पत्तियों एवं जानमाल के लिए गंभीर खतरा उत्पन्न होने का डर रहता है। इसके लिए ये दोषी प्रतीत होते हैं। 2. विभागीय कार्यवाही के संचालन पदाधिकारी श्री बासुकीनाथ प्रसाद, सचिव (प्रावैधिक,), मुख्य अभियंता का कार्यालय, जल संसाधन विभाग, मुजफ्फरपुर के पत्रांक-3196 दिनांक 22.10.2011 द्वारा समर्पित जॉंच प्रतिवेदन की समीक्षा के क्रम में विभाग द्वारा यह पाये जाने पर कि संचालन पदाधिकारी का जॉंच प्रतिवेदन विभाग द्वारा उपलब्ध कराये गये साक्ष्यों पर आधारित नहीं है, विभागीय पत्रांक-40 दिनांक 17.01.2012 पुनः जॉंच हेतु अभिलेखों को संचालन पदाधिकारी को वापस किया गया। 3. श्री बासुकीनाथ प्रसाद, सचिव (प्रावैधिक), मुख्य अभियंता का कार्यालय, जल संसाधन विभाग, मुजफ्फरपुर-सह-संचालन पदाधिकारी के पत्रांक-677 दिनांक 05.03.2012 द्वारा समर्पित जॉंच प्रतिवेदन की समीक्षा सरकार के स्तर पर किये जाने के उपरांत श्री यादव की सेवानिवृत्ति की तिथि दिनांक 31.05.2012 होने के मद्धेनजर सरकर के स्तर पर किए गये निर्णय के आलोक में विभागीय अधिसूचना संख्या-400 दिनांक 20.04.2012 द्वारा इन्हें निलबन से मुक्त करते हुए इनके विरूद्ध गठित आठ आरापों मेंं से पॉंच आरोप प्रमाणित एवं एक आरोप अंशतः प्रमाणित पाये जाने के फलस्वरूप विभागीय कार्यवाही के जॉंच प्रतिवेदन से असहमति के बिन्दुओं को अभिलिखित करते हुए विभागीय पत्रांक-400 दिनांक 24.04.2012 द्वारा इनसे द्वितीय कारण पृच्छा किया गया। 4. उपर्युक्त द्वितीय कारण पृच्छा के आलोक में श्री यादव के पत्रांक-307 दिनांक 12.05.2012 द्वारा समर्पित जबाव की समीक्षा सरकार के स्तर पर किये जाने के पूर्व इनके दिनांक 31.05.2012 को सेवानिवृत्त हो जाने के फलस्वरूप विभागीय आदेश संख्या-102 सह-पठित ज्ञापांक-763 दिनांक 10.07.2012 द्वारा इनके विरूद्ध पूर्व संचालित विभागीय कार्यवाही को बिहार पेंशन नियमावली के नियम-43 (बी0) के तहत समपरिवर्तित किया तथा संचालन के जॉंच प्रतिवेदन से असहमति के बिन्दुओं को पुनः अभिलिखित करते हुए बिहार पेंशन नियमावली के नियम-43 (बी0) के तहत विभागीय पत्रांक-606 दिनांक 17.05.2013 द्वारा द्वितीय कारण पृच्छा किया गया। 3
(cid:1)बहार गजट (असाधारण), 7777 जनवर' जनवर' जनवर' जनवर' 2015201520152015
5. उक्त द्वितीय कारण पृच्छा के आलोक में श्री यादव के पत्रांक-शून्य दिनांक 16.06.2013 द्वारा समर्पित द्वितीय कारण पृच्छा के जबाव की समीक्षा सरकार के स्तर की गयी एवं सम्यक समीक्षोपरान्त निम्नांकित तथ्यों को पाया गया :- (i) आरोपित पदाधिकारी श्री यादव, तत्कालीन कार्यपालक अभियंता द्वारा प्री-लेवल श्री राजेश कुमार, सहायक अभियंता को दिनांक 01.06.2011 को उपलब्ध कराने की बात दुहराते हुए कहा गया है कि श्री राजेश कुमार द्वारा जबतक प्रतिवाद नहीं किया जाता है तबतक इस तथ्य को नकारा नहीं जा सकता है। इस संदर्भ में श्री राजेश कुमार से स्थिति स्पष्ट करने हेतु की गयी पृच्छा के आलोक में उनके द्वारा अपने स्पष्टीकरण में भ्रमण के दौरान दिनांक 01. 06.2011 की प्री-लेवल की छायाप्रति प्राप्त कराने की बात स्वीकार किया गया है। कार्यारम्भ के पूर्व जॉंचित प्री-लेवल की छायाप्रति उच्चाधिकारियों को उपलब्ध कराने के संदर्भ में आरोपित पदाधिकारी श्री यादव द्वारा यह कहा गया है कि यह मूल आरोप के अतिरिक्त है। पूर्व से ऐसा आदेश प्रमंडलीय कार्यालय में उपलब्ध नहीं है। मापी की पारदर्शिता हेतु कार्यारम्भ के पूर्व असम्बद्ध अभियंता से मापी की जॉंच करा ली गयी है। मापी की पारदर्शिता हेतु असम्बद्ध अभियन्ता से लेवेल की जॉंच आवश्यक होता श्री यादव द्वारा किया गया है। साथ ही लेवल में किसी प्रकार की छेड़-छाड़ की सम्भावना के मद्देनजर एक प्रति उच्चाधिकारी को भी उपलब्ध कराया जाना आवश्यक होता है जो श्री यादव द्वारा नहीं किया गया है। अधीक्षण अभियंता, सिंचाई अंचल, भागलपुर के पत्रांक-977 दिनांक 18.06.2011 के अनपालन के संदर्भ में श्री यादव द्वारा कहा गया है कि उक्त पत्र दिनांक 22.06.11 को प्रमंडलीय कार्यालय को प्राप्त हुआ जिसके अनुपालन हेतु सहायक को पृष्ठांकित किया गया परन्तु दिनांक 23.06.2011 को श्री यादव के निलंबित हो जाने के फलस्वरूप अनुपालन के लिए वे उत्तरदायी नहीें है। अतः आरोपित पदाधिकारी का कथन कि ''प्री-लेवल की जॉंचित प्रति उच्चाधिकारी को कार्यारम्भ के पूर्व उपलब्ध कराया जाना आवश्यक है'' मूल आरोप के अतिरिक्त है, मान्य नहीं है। अतएव श्री यादव द्वारा उच्चाधिकारियों को जॉंचित प्री-लेवल की प्रति स समय उपलब्ध नहीं कराने का आरोप प्रमाणित होता है। (ii) विभागीय असहमति के बिन्दु से स्पष्ट है कि आरोपित पदाधिकारी पर कार्य की प्रगति मात्र निर्माण सामग्रियों की उपलब्धता के आधार पर देने का आरोप है जबकि इन सामग्रियों का उपयोग कार्य के क्रियान्वयन में होने के उपरान्त कार्य की प्रगति को प्रतिशत में दर्शाते हुए किया जाना चाहिए था। इस बिन्दु पर आरोपित पदाधिकारी का स्पष्टीकरण स्वीकार योग्य नहीं है क्योंकि प्रगति प्रतिवेदन से स्पष्ट है कि बोल्डर आपूर्ति के उपरान्त जितनी मात्रा का व्यवहार क्रेटिंग कार्य में किया गया उससे बहुत ही ज्यादा बोल्डर की मात्रा के लिए ढुलाई मद में व्यय लिखाकर वास्तविक प्रगति को बढ़ा-चढ़ा कर दिखाने का प्रयास किया गया। इस संदर्भ में आरोपित पदाधिकारी द्वारा कोई स्पष्टीकरण नहीं दिया गया है। अधीक्षण अभियंता, सिंचाई अंचल, भागलपुर द्वारा दिनांक 25.05.2011 को स्थल निरीक्षण के क्रम में मुख्य अभियंता, जल संसाधन विभाग, भागलपुर के द्वारा पत्रांक-1716 दिनांक 30.05.2011 के माध्यम से आकलित एवं प्रतिवेदित को गलत साबित करने के संदर्भ में भी आरोपित पदाधिकारी श्री यादव द्वारा कोई साक्ष्य नहीं दिया गया है अतएव आरोपित पदाधिकारी के विरूद्ध सम्पादित कार्य का गलत प्रतिवेदन देने का आरोप प्रमाणित होता है। (iii) आरोपित पदाधिकारी श्री यादव द्वारा यह कहा गया है कि एकरारनामा के अतिरिक्त खदानों से लाये गये बोल्डर का प्रस्ताव वरीय पदाधिकारी को देने का कोई औचित्य नहीं है क्योंकि इस मामले में विशिष्टि के अनुरूप बोल्डर अधिक दूरी वाले खदान से संवेदक के द्वारा आपातकालीन स्थिति में लाया गया किन्तु उपबंधित लीड जो कम है, पर ही भुगतान किया गया है। साक्ष्य के रूप में सचिव (प्रावैधिक), जल संसाधन विभाग, भागलपुर का पत्रांक-2117 दिनांक 24.06.2011 संलग्न किया गया है। इससे स्पष्ट है कि संवेदक ने उच्चाधिकारियों से अनुमति प्राप्त कर ही एकरारित खदान से अलग खदान से बोल्डर ढुलाई की है एवं कार्यपालक अभियंता द्वारा उपबंधित लीड का ही भुगतान किया गया है। अतएव एकरारनामा में प्रावधानिक खदानों के अतिरिक्त अन्य खदानों से बोल्डर आपूर्ति लेने का प्रस्ताव उच्चाधिकारियों को नहीं दिये जाने का आरोप प्रमाणित नहीं होता है। (iv) आरोपित पदाधिकारी श्री यादव द्वारा पुनः दुहराया गया है कि उनके द्वारा कैम्प की व्यवस्था पूर्व में ही की गई थी ताकि तकनीकी पदाधिकारी को कार्य स्थल पर रहकर कार्य के पर्यवेक्षण में सुगमता हो। अधीनस्थ पदाधिकारियों की कार्य स्थल पर प्रभावकारी उपस्थिति सुनिश्चित कराने के संबंध में कोई उल्लेख नहीं किया गया है। अतएव कार्य स्थल पर स्थल अभियंताओं की उपस्थिति सुनिश्चित नहीं कराने जिसके कारण कार्य की विशिष्टि पर बुरा प्रभाव पड़ा एवं संवेदक द्वारा कराये गये कार्य का निरीक्षण नहीं हो सका, का आरोप श्री यादव के विरूद्ध प्रमाणित होता है जो प्रशासनिक विफलता का है। (v) आरोपित पदाधिकारी श्री यादव द्वारा पुनः दुहराया गया है कि स्पर संख्या-3 के अप स्ट्रीम में तीन अदद बेडवार की खुदाई कराने के बाद कार्य प्रगति में था। ग्रामीणों की अज्ञानता के कारण उनके द्वारा आक्रोश के आलोक में बेडवार की खुदाई को गलत मानने का कोई आधार नहीं है। एल0 डब्ल्यू0 एल0 तक बेडवार की खुदाई एवं निर्माण प्रावैधिक दृष्टिकोण से औचित्यपूर्ण है तथा बारी-बारी से बेडवार की खुदाई व्यवहारिक नहीं है। अतएव श्री यादव का द्वितीय कारण पृच्छा का उत्तर स्वीकारयोग्य है एवं स्पर संख्या-3 के अप स्ट्रीम में बेडवार के निर्माण हेतु एल0 डब्ल्यू0 एल0 तक खुदाई कर छोड़ देने का आरोप इनके विरूद्ध प्रमाणित नहीं होता है। 4 (cid:1)बहार गजट (असाधारण), 7777 जनवर' जनवर' जनवर' जनवर' 2015201520152015 (vi) संचालन पदाधिकारी द्वारा आरोप संख्या-8 को आंशिक प्रमाणित माना गया है। विभागीय समीक्षा में असहमति के बिन्दु पर आरोपित से प्राप्त स्पष्टीकरण के समीक्षोपरान्त द्वितीय कारण पृच्छा की गई। आरोपित पदाधिकारी द्वारा स्पष्ट किया गया कि अपेक्षित दायित्वों का निर्वहन करते हुए समुचित प्रावैधिक मार्गदर्शन इनके द्वारा दिया जाता रहा। पत्रांक-870 दिनांक 20.06.2011 द्वारा दिनांक 27.06.2011 तक कार्य पूरा नहीं करने की स्थिति में एकरारनामा को विखंडित करने की कड़ी चेतावनी भी दी गयी परन्तु आगे की कार्रवाई के पूर्व ही ये निलंबित कर दिये गये। अतएव उक्त बिन्दु पर इनका स्पष्टीकरण स्वीकार योग्य है। 6. उपर्युक्त प्रमाणित आरोपों जो प्रक्रियात्मक त्रुटि, प्रशासनिक विफलता एवं वित्तीय अनियमितता से संबंधित है तथा जिससे सरकार को वित्तीय क्षति हुई है के लिए पूर्ण विचारोपरान्त सरकार के स्तर पर श्री रामनारायण यादव, तत्कालीन कार्यपालक अभियंता, बाढ़ नियंत्रण प्रमंडल, नवगछिया सम्प्रति सेवानिवृत्त के विरूद्ध निम्नांकित दंड अधिरोपित करने का निर्णय लिया गया है :- (i) दस प्रतिशत पेंशन पर एक वर्ष तक रोक।
उक्त निर्णय पर माननीय मुख्यमंत्री का अनुमोदन एवं बिहार लोक सेवा आयोग की सहमति प्राप्त है। 7. उक्त निर्णय के आलोक में श्री रामनारायण यादव, तत्कालीन कार्यपालक अभियंता, बाढ़ नियंत्रण प्रमंडल, नवगछिया सम्प्रति सेवानिवृत्त को निम्न दण्ड दिये जाने का आदेश संसूचित किया जाता हैैः- (i) दस प्रतिशत पेंशन पर एक वर्ष तक रोक।
बिहार'-राज्यपाल के आदेश से, सतीश चन्द्र झा, सरकार के अपर सचिव।
———— अधी-क, सिचवालय मुिणालय,
(cid:1)बहार, पटना (cid:13)ारा ूकािशत एवं मु3ित। (cid:1)बहार गजट (असाधारण) 51-571+10-ड'0ट'0पी0। Website: http://egazette.bih.nic.in