Servants of Knowledge
Bihar Gazette · Government of Bihar

Bihar Gazette, 07 January 2015

Published 07 January 2015

Type
Extra Ordinary
Identifier
in.gov.bih.gazette.2015-01-07.53
Languages
English, Hindi

click here for IIIF manifest

िनबंधन सं(cid:26)या पी0ट'0-40 िनबंधन सं(cid:26)या

(cid:1)बहार(cid:1)बहार(cid:1)बहार(cid:1)बहार गजटगजटगजटगजट

(cid:1)बहार(cid:1)बहार(cid:1)बहार(cid:1)बहार

असाधारण अंकअसाधारण अंकअसाधारण अंकअसाधारण अंक असाधारण अंकअसाधारण अंकअसाधारण अंकअसाधारण अंक (cid:1)बहार सरकार (cid:13)ारा ूकािशत(cid:1)बहार सरकार (cid:13)ारा ूकािशत(cid:1)बहार सरकार (cid:13)ारा ूकािशत(cid:1)बहार सरकार (cid:13)ारा ूकािशत (cid:1)बहार सरकार (cid:13)ारा ूकािशत(cid:1)बहार सरकार (cid:13)ारा ूकािशत(cid:1)बहार सरकार (cid:13)ारा ूकािशत(cid:1)बहार सरकार (cid:13)ारा ूकािशत (cid:1)बहार सरकार (cid:13)ारा ूकािशत(cid:1)बहार सरकार (cid:13)ारा ूकािशत(cid:1)बहार सरकार (cid:13)ारा ूकािशत(cid:1)बहार सरकार (cid:13)ारा ूकािशत 17171717 पौषपौषपौषपौष 1936 1936 1936 1936 ((((शशशश0000))))

((((संसंसंसं0 0 0 0 पटना पटना पटना पटना 53535353) ) ) ) पटनापटनापटनापटना

पटनापटनापटनापटना, , , , बुधबुधबुधबुधवारवारवारवार, , , , 7777 जनवर'जनवर'जनवर'जनवर' 2012012012015555 जल संसाधन विभाग ------- अघिसूचना 17 दिसम्बर 2014

सं0 22/नि0सि0(यॅा0)-04-01/2013/

न0सि0(यॅा0)-04-01/2013/1975—श्री देवेन्द्र प्रसाद सिंह, तत्कालीन काय

श्री देवेन्द्र प्रसाद सिंह, तत्कालीन कार्यपालक अभियन्ता (आई0 डी0 एम0-0393), सिंचाई यॉंत्रिक प्रमंडल, डिहरी के विरूद्ध सोन बराज इन्द्रपुरी के गेटों का पुर्नस्थापन (आई0 डी0 एम0-0393), सिंचाई यॉंत्रिक प्रमंडल, डिहरी के विरूद्ध सोन बराज इन्द्रपुरी के गेटों का पुर्नस्थापन (आई0 डी0 एम0-0393), सिंचाई यॉंत्रिक प्रमंडल, डिहरी के विरूद्ध सोन बराज इन्द्रपुरी के गेटों का पुर्नस्थापन कार्य/विभागीय कार्यों में लापरवाही, उदासीनता, कर्तव्यहीनता एवं आदेशों का उल्लंघन करने आदि कतिपय आरोपों के कार्य/विभागीय कार्यों में लापरवाही, उदासीनता, कर्तव्यहीनता एवं आदेशों का उल्लंघन करने आदि कतिपय आरोपों के कार्य/विभागीय कार्यों में लापरवाही, उदासीनता, कर्तव्यहीनता एवं आदेशों का उल्लंघन करने आदि कतिपय आरोपों के जल संसाधन विभाग, द्वारा आरोप पत्र 'क' गठित करते हुए साक्ष्य सहित निम्नांकित आरापे जल संसाधन विभाग, द्वारा आरोप पत्र 'क' गठित करते हुए साक्ष्य सहित निम्नांकित आरापे लिए मुख्य अभियंता (यॉं0), जल संसाधन विभाग, द्वारा आरोप पत्र 'क' गठित करते हुए साक्ष्य सहित निम्नांकित आरापे लगाये गयेः-

आरोप संख्या-01 - प्रधान सचिव, जल संसाधन विभाग, पटना द्वारा दिनांक 22 एवं 23 सितम्बर, 2011, - प्रधान सचिव, जल संसाधन विभाग, पटना द्वारा दिनांक 22 एवं 23 सितम्बर, 2011, - प्रधान सचिव, जल संसाधन विभाग, पटना द्वारा दिनांक 22 एवं 23 सितम्बर, 2011, भ्रमण -सह- निरीक्षण के क्रम में दिये गये निदेश के बावजूद सोन बराज, इन्द्रपु री के गेटों के पुर्नस्थापन से संबंधित भ्रमण -सह- निरीक्षण के क्रम में दिये गये निदेश के बावजूद सोन बराज, इन्द्रपुरी के गेटों के पुर्नस्थापन से संबंधित डी0पी0आर0/प्राक्कलन ससमय समर्पित नहीं करना एवं प्रधान सचिव के आदेश का उल्लंघन करना। डी0पी0आर0/प्राक्कलन ससमय समर्पित नहीं करना एवं प्रधान सचिव के आदेश का उल्लंघन करना। डी0पी0आर0/प्राक्कलन ससमय समर्पित नहीं करना एवं प्रधान सचिव के आदेश का उल्लंघन करना।

आरोप संख्या-02 - सोन बराज गेट के पुर्नस्थापन (यॉंत्रिक, विद्युतीय एवं ऑटोमेशन तथा पेंटिंग) कार्य के - सोन बराज गेट के पुर्नस्थापन (यॉंत्रिक, विद्युतीय एवं ऑटोमेशन तथा पेंटिंग) कार्य के - सोन बराज गेट के पुर्नस्थापन (यॉंत्रिक, विद्युतीय एवं ऑटोमेशन तथा पेंटिंग) कार्य के बंधित संवेदक/फर्म द्वारा दूसरे संवेदक को सबलेट किये जाने की जानकारी अन्र्तगत सभी यॉंत्रिक कार्य को संबंधित संवेदक/फर्म द्वारा दूसरे संवेदक को सबलेट किये जाने की जानकारी बंधित संवेदक/फर्म द्वारा दूसरे संवेदक को सबलेट किये जाने की जानकारी उच्चाधिकारी को नहीं देना और संवेदक के साथ सहभागी होकर कार्य को विलंबित करना। उच्चाधिकारी को नहीं देना और संवेदक के साथ सहभागी होकर कार्य को विलंबित करना।

आरोप संख्या-03 - मुख्य अभियंता (यॉंत्रिक), जल संसाधन विभाग, पटना द्वारा स्थल निरीक्षण के क्रम में - मुख्य अभियंता (यॉंत्रिक), जल संसाधन विभाग, पटना द्वारा स्थल निरीक्षण के क्रम में - मुख्य अभियंता (यॉंत्रिक), जल संसाधन विभाग, पटना द्वारा स्थल निरीक्षण के क्रम में नदेश तथा अनेकों बार स्मारित किये जाने के बावजूद भी सोन बराज, इन्द्रपुरी के गेटों का पुर्नस्थापन कार्य नदेश तथा अनेकों बार स्मारित किये जाने के बावजूद भी सोन बराज, इन्द्रपुरी के गेटों का पुर्नस्थापन कार्य दिये गये निदेश तथा अनेकों बार स्मारित किये जाने के बावजूद भी सोन बराज, इन्द्रपुरी के गेटों का पुर्नस्थापन कार्य संवेदक द्वारा एकरारनामा के वर्क शिड्‌यूल के अनुरूप काफी धीमी प्रगति पाये जाने पर भी उनके विरूद्ध नियमानुकूल संवेदक द्वारा एकरारनामा के वर्क शिड्‌यूल के अनुरूप काफी धीमी प्रगति पाये जाने पर भी उनके विरूद्ध नियमानुकूल संवेदक द्वारा एकरारनामा के वर्क शिड्‌यूल के अनुरूप काफी धीमी प्रगति पाये जाने पर भी उनके विरूद्ध नियमानुकूल कार्रवाई नहीं करना एवं अपने कर्तव्यों का निर्वहन नहीं करना। कार्रवाई नहीं करना एवं अपने कर्तव्यों का निर्वहन नही

आरोप संख्या-04 - विभागीय पत्रांक-1/पी0एम0सी0/विविध/812/2009-806 दिनांक 16 - विभागीय पत्रांक-1/पी0एम0सी0/विविध/812/2009-806 दिनांक 16.10.2012 द्वारा - विभागीय पत्रांक-1/पी0एम0सी0/विविध/812/2009-806 दिनांक 16 दिये गये निदेश के बावजूद भी सोन-बराज गेट, इन्द्रपुरी के गेटों का पुर्नस्थापन कार्य दिनांक 23.08.2012 से बिल्कुल दिये गये निदेश के बावजूद भी सोन-बराज गेट, इन्द्रपुरी के गेटों का पुर्नस्थापन कार्य दिनांक 23 दिये गये निदेश के बावजूद भी सोन-बराज गेट, इन्द्रपुरी के गेटों का पुर्नस्थापन कार्य दिनांक 23 र् नहीं करना एवं विभागीय आदेश का उल्लंघन कर ही बंद रहने पर भी संवेदक के विरूद्ध दंडात्मक कार्रवाई नहीं करना एवं विभागीय आदेश का उल्लंघन कर ही बंद रहने पर भी संवेदक के विरूद्ध दंडात्मक कार्रवाइ अनुशासनहीनता बरतना।आरोप संख्या-05 - मुख्य अभियंता (यॉंत्रिक), जल संसाधन विभाग, पटना के पत्रांक-3006 दिनांक 06 - मुख्य अभियंता (यॉंत्रिक), जल संसाधन विभाग, पटना के पत्रांक-3006 दिनांक 06.11. - मुख्य अभियंता (यॉंत्रिक), जल संसाधन विभाग, पटना के पत्रांक-3006 दिनांक 06 2012 द्वारा सोन बराज गेट, इन्द्रपुरी के गेटों का पुर्नस्थापन कार्य से संबंधित एकरारनामा को विखंडित किये जाने का इन्द्रपुरी के गेटों का पुर्नस्थापन कार्य से संबंधित एकरारनामा को विखंडित किये जाने का इन्द्रपुरी के गेटों का पुर्नस्थापन कार्य से संबंधित एकरारनामा को विखंडित किये जाने का त्वरित अनुपालन नहीं कर, इनके महत्वपूर्ण कार्य को लंबित रखना एवं अग्रेतर कार्रवाई में बाधा उत्पन्न करना, त्वरित अनुपालन नहीं कर, इनके महत्वपूर्ण कार्य को लंबित रखना एवं अग्रेतर कार्रवाई में बाधा उत्पन्न करना, त्वरित अनुपालन नहीं कर, इनके महत्वपूर्ण कार्य को लंबित रखना एवं अग्रेतर कार्रवाई में बाधा उत्पन्न करना, ैर अपने कर्तव्यों का भलीभॉंति निर्वहन उच्चाधिकारी के आदेश का स्पष्ट उल्लंधन करते हुए अनुशासनहीनता बरतना और अपने कर्तव्यों का भलीभॉंति निर्वहन उच्चाधिकारी के आदेश का स्पष्ट उल्लंधन करते हुए अनुशासनहीनता बरतना आ नहीं करना। 2 (cid:1)बहार गजट (असाधारण), 7777 जनवर' जनवर' जनवर' जनवर' 2015201520152015 आरोप संख्या-06 - सिंचाई प्रमंडल, मोहनियॉं के अतिरिक्त प्रभार में रहने के समय इनके द्वारा लरमा पम्प कैनाल में जले मोटर को ससमय क्रियाशील नहीं कराये जाने के फलस्वरूप सिंचाई कार्य में बाधा पहुॅंचाना। उक्त आरोपों के लिए श्री सिंह से विभागीय पत्रांक-33 दिनांक 13.03.2013 द्वारा स्पष्टीकरण पूछा गया। श्री सिंह पत्रांक-291 दिनांक 02.04.2013 द्वारा पूछे गये स्पष्टीकरण का जवाब समर्पित किया गया, जिसकी समीक्षा सरकार के स्तर पर की गई और आरोप संख्या-01, 02 एवं 03 को प्रमाणित पाया गया। उक्त प्रमाणित आरोपों मेें काई वित्तीय अनियमितता बरतने का आरोप परिलक्षित नहीं होता ह,ै किन्तु सरकारी कार्य निष्पादन में उदासीनता एवं लापरवाही बरतने के प्रमाणित आरोपों के लिए श्री सिंह के विरूद्ध विभागीय अधिसूचना संख्या-53 दिनांक 10.01.2014 द्वारा निम्न दंड संसूचित किया गयाः-

(1) एक वेतन वृद्धि पर दो वर्षों के लिए असंचयात्मक प्रभाव से रोक। उक्त दंड के विरूद्ध श्री सिंह अपने पत्रांक-49 दिनांक 21.02.2014 द्वारा पुनर्विलोकन अर्जी एवं पत्रांक-215 दिनांक 26.08.2014 द्वारा पूरक तथ्य संबंधी पुनर्विलोकन अर्जी दाखिल की गई, जिसकी पुर्नसमीक्षा सरकार के स्तर पर की गई। समीक्षा में पाया गया कि जो आरोप लगाये गये थे एवं जिन आरोपों को प्रमाणित माना गया है उसके प्रसंग में इन्हें दिया गया दंड गैर प्रत्यानुपातिक होगा।

श्री सिंह के विरूद्ध विभागीय कार्यवाही नहीं चलाई गई थी, वरन्‌ मात्र स्पष्टीकरण पूछकर उन पर निर्णय लेते हुए लघु दंड दिया है, परन्तु इनकी सेवा निवृत्ति के कारण इन्हें किये गये दंड का प्रभाव वृहद्‌ दंड के रूप में होगा जिससे वेतन वृद्धि पर रोक संचयात्मक होगा।

गुण दोष के आधार पर मामले की सम्यक पुर्नसमीक्षा की गई जिसमें निम्न तथ्य पाये गये- (1) प्रधान सचिव के द्वारा दिये गये निदेश का समय पर अनुपालन किया गया, परन्तु बाद में जब स्पष्टीकरण पूछा गया तब पत्र समय पर नहीं मिलने के कारण इन्होंने विलम्ब से स्पष्टीकरण दिया, वह भी मात्र एक सप्ताह के विलम्ब से।

(2) आरोप संख्या-2 के संदर्भ में संवेदक द्वारा अपने कार्य के सबलेटिंग की सूचना जब मुख्य अभियंता के भ्रमण के दौरान हुई तब श्री सिंह लम्बे अवकाश पर थे। अवकाश से लौटने के बाद तुरंत इन्होंने संवेदक को नोटिस दिया। बाद में उस पर कार्रवाई पूर्ण कर उसका एकरारनामा भी विघटित किया अतएव श्री सिंह को संवेदक से सहभागी रहने का आरोपी मानना उचित नहीं है।

(3) आरोप संख्या-3- पिछली समीक्षा में आंशिक रूप से प्रमाणित मानते हुए इन्हें दोषी माना गया (टंकण भूलवश आरोप संख्या-06 की जगह आरोप संख्या-03 हो गया था।) इस आरोप के संदर्भ में इनके द्वारा दिये गये स्पष्टीकरण एवं उस पर की गई विभागीय समीक्षा से यह स्पष्ट है कि जो पम्प खराब था वह Stand by पम्प था एवं उसके कारण सिंचाई में कहीं कोई कमी नहीं आई है एवं श्री सिंह के द्वारा जितनी जल्दी हो सकता था पम्प मरम्मति कराया गया। इस प्रकार श्री सिंह पर कोई भी ऐसा आरोप प्रमाणित नहीं होता है, जिसके लिए उन्हें ऐसा दंड दिया जाय जिसका असर वृहद्‌ दंड के रूप में हो।

अतएव श्री सिंह को पूर्व में दिये गये दंड को पुनरावलोकन (पुनरीक्षित) करते हुए इन्हें वर्ष 2011-12 की चारित्री में चेतावनी में परिवर्तित करने का निर्णय सक्षम प्राधिकार द्वारा लिया गया।

अतः उक्त निर्णय के आलोक में पूर्व के दंड को पुनरीक्षित करते हुए श्री सिंह के विरूद्ध निम्न दंड संसूचित किया जाता है -

(1) चेतावनी, जिसकी प्रवृष्टि चारित्री में वर्ष 2011-12 में की जायेगी। यह, श्री सिंह को संसूचित किया जाता है।

बिहार'-राज्यपाल के आदेश से, गजानन मिश्र, विशेष कार्य पदाधिकारी।

———— अधी-क, सिचवालय मुिणालय,

(cid:1)बहार, पटना (cid:13)ारा ूकािशत एवं मु3ित। (cid:1)बहार गजट (असाधारण) 53-571+10-ड'0ट'0पी0। Website: http://egazette.bih.nic.in

Cite this issue. Bihar Gazette, Government of Bihar, 07 January 2015. Indian Gazettes, https://egazette.servantsofknowledge.in/details/in.gov.bih.gazette.2015-01-07.53/. Archive identifier in.gov.bih.gazette.2015-01-07.53.