Servants of Knowledge
Bihar Gazette · Government of Bihar

Bihar Gazette, 07 January 2015

Published 07 January 2015

Type
Extra Ordinary
Identifier
in.gov.bih.gazette.2015-01-07.58
Languages
English, Hindi

click here for IIIF manifest

िनबंधन सं(cid:26)या पी0ट(0-40 िनबंधन सं(cid:26)या (cid:1)बहार(cid:1)बहार(cid:1)बहार(cid:1)बहार गजटगजटगजटगजट (cid:1)बहार(cid:1)बहार(cid:1)बहार(cid:1)बहार

असाधारण अंकअसाधारण अंकअसाधारण अंकअसाधारण अंक असाधारण अंकअसाधारण अंकअसाधारण अंकअसाधारण अंक (cid:1)बहार सरकार (cid:13)ारा ूकािशत(cid:1)बहार सरकार (cid:13)ारा ूकािशत(cid:1)बहार सरकार (cid:13)ारा ूकािशत(cid:1)बहार सरकार (cid:13)ारा ूकािशत (cid:1)बहार सरकार (cid:13)ारा ूकािशत(cid:1)बहार सरकार (cid:13)ारा ूकािशत(cid:1)बहार सरकार (cid:13)ारा ूकािशत(cid:1)बहार सरकार (cid:13)ारा ूकािशत (cid:1)बहार सरकार (cid:13)ारा ूकािशत(cid:1)बहार सरकार (cid:13)ारा ूकािशत(cid:1)बहार सरकार (cid:13)ारा ूकािशत(cid:1)बहार सरकार (cid:13)ारा ूकािशत 17171717 पौषपौषपौषपौष 1936 1936 1936 1936 ((((शशशश0000))))

((((संसंसंसं0 0 0 0 पटना पटना पटना पटना 58585858) ) ) ) पटनापटनापटनापटना

पटनापटनापटनापटना, , , , बुधबुधबुधबुधवारवारवारवार, , , , 7777 जनवर(जनवर(जनवर(जनवर( 2012012012015555 ty lalk/ku foHkkx &&&&&&& vf?klwpuk 22 fnlEcj 2014

सं0 22/नि0सि0(मुज0)-06-09/2014/

रू0 3,90,284/- के कार्य की कमी पायी गयी।

2012 द्वारा जॉंच प्रतिवेदन विभाग में समर्पित किया संचालन पदाधिकारी ने अपने पत्रांक-1020 दिनांक 30.10.2012 द्वारा जॉंच प्रतिवेदन विभाग में समर्पित किया कत है। अतएव यह कहा जा सकता है कि सेक्शन मापी के आधार पर भुगतान किया गया है।

22/नि0सि0(मुज0)-06-09/2014/2054—श्री राम विलास चौधरी, तत्कालीन कार्यपालक अभियंता, श्री राम विलास चौधरी, तत्कालीन कार्यपालक अभियंता, ग्रामीण विकास विशेष प्रमंडल, हाजीपुर, सम्प्रति सेवानिवृत्त मुख्य अभियंता के पद पर पदस्थापित थे तो उनके द्वारा वर्ष हाजीपुर, सम्प्रति सेवानिवृत्त मुख्य अभियंता के पद पर पदस्थापित थे तो उनके द्वारा वर्ष हाजीपुर, सम्प्रति सेवानिवृत्त मुख्य अभियंता के पद पर पदस्थापित थे तो उनके द्वारा वर्ष 2002-03 में अपने पदस्थापन के दौरान बाढ़ सुरक्षात्मक योजनाओं का कार्य कराया गया। इन योजनाओं की जॉंच 2002-03 में अपने पदस्थापन के दौरान बाढ़ सुरक्षात्मक योजनाओं का कार्य कराया गया। इन योजनाओं की जॉंच 2002-03 में अपने पदस्थापन के दौरान बाढ़ सुरक्षात्मक योजनाओं का कार्य कराया गया। इन योजनाओं की जॉंच ्‌द योजनाओं में कराये गये कार्य के जिला स्तर पर गठित टीम द्वारा दिनांक 05.09.2002 को की गई। जिसमें नौ अद्‌द योजनाओं में कराये गये कार्य के जिला स्तर पर गठित टीम द्वारा दिनांक 05 विरूद्ध रू0 3,90,284/- के कार्य की कमी पायी गयी। योजना संख्या-09/2002-03 के अभिलेखों की जॉंच तिरहुत प्रमंडल आयुक्त के स्तर से गठित टीम द्वारा योजना संख्या-09/2002-03 के अभिलेखों की जॉंच तिरहुत प्रमंडल आयुक्त के स्तर से गठित टीम द्वारा योजना संख्या-09/2002-03 के अभिलेखों की जॉंच तिरहुत प्रमंडल आयुक्त के स्तर से गठित टीम द्वारा करायी गयी। जिसमें भी गंभीर तकनीकी एवं वित्तीय अनियमितता पायी गयीः- करायी गयी। जिसमें भी गंभीर तकनीकी एवं वित्तीय अनियमितता पायी गयीः (1) प्रीलेवल लिये बिना ही कार्य प्रारम्भ किया गया। (1) प्रीलेवल लिये बिना ही कार्य प्रारम्भ किया गया। (2) खन्ते के आधार पर मिट्‌टी कार्य का भुगतान किया गया जो कि नियम के विरूद्ध है तथा जॉंच में खन्ते (2) खन्ते के आधार पर मिट्‌टी कार्य का भुगतान किया गया जो कि नियम के विरूद्ध है तथा जॉंच में खन्ते (2) खन्ते के आधार पर मिट्‌टी कार्य का भुगतान किया गया जो कि नियम के विरूद्ध है तथा जॉंच में खन्ते नहीं पाये गये। उक्त प्रथम दृष्टया प्रमाणित आरोपों के लिए श्री चौधरी के विरूद्ध विभागीय संकल्प संख्या-710 दिनांक 30. उक्त प्रथम दृष्टया प्रमाणित आरोपों के लिए श्री चौधरी के विरूद्ध विभागीय संकल्प संख्या-710 दि उक्त प्रथम दृष्टया प्रमाणित आरोपों के लिए श्री चौधरी के विरूद्ध विभागीय संकल्प संख्या-710 दि 2010 द्वारा बिहार सरकारी सेवक (वर्गीकरण, नियंत्रण एवं अपील) नियमावली 2005 के नियम-17 के तहत विभागीय 04.2010 द्वारा बिहार सरकारी सेवक (वर्गीकरण, नियंत्रण एवं अपील) नियमावली 2005 के नियम-17 के तहत विभागीय 2010 द्वारा बिहार सरकारी सेवक (वर्गीकरण, नियंत्रण एवं अपील) नियमावली 2005 के नियम-17 के तहत विभागीय कार्यवाही संचालित की गई। संचालन पदाधिकारी ने अपने पत्रांक-1020 दिनांक 30 ं कही गयी है। जिसमें मुख्यतः निम्न बातें कही गयी है। (क) प्रखण्ड कार्यालयों के कार्य में प्री लेवल लेने का प्रचलन नहीं रहने के कारण श्री चौधरी द्वारा प्रीलेवल (क) प्रखण्ड कार्यालयों के कार्य में प्री लेवल लेने का प्रचलन नहीं रहने के कारण श्री चौधरी द्वारा प्रीलेवल (क) प्रखण्ड कार्यालयों के कार्य में प्री लेवल लेने का प्रचलन नहीं रहने के कारण श्री चौधरी द्वारा प्रीलेवल नहीं लिया गया है। परन्तु नियमानुसार प्री लेवल लिया जाना चाहिए था। नहीं लिया गया है। परन्तु नियमानुसार प्री लेवल लिया जाना चाहिए था। ौर ग्रामीण विकास विशेष (ख) श्री चौधरी ने यह सूचित किया है कि सेक्शन के आधार पर मापी ली गई है और ग्रामीण विकास विशेष (ख) श्री चौधरी ने यह सूचित किया है कि सेक्शन के आधार पर मापी ली गई है अ प्रमंडल, हाजीपुर, वैशाली के पत्रांक-617 गो0 दिनांक 27 03 में अंकित है कि मापी पुस्त में मापी अंकित की गयी है प्रमंडल, हाजीपुर, वैशाली के पत्रांक-617 गो0 दिनांक 27.11.03 में अंकित है कि मापी पुस्त में मापी अंकित की गयी है और स्थल को देखने से स्पष्ट है कि कार्य हुआ है और माप पुस्त में अंकित मापी से चौड़ाई, उॅंचाई और लम्बाई तीनों और स्थल को देखने से स्पष्ट है कि कार्य हुआ है और माप पुस्त में अंकित मापी से चौड़ाई, उॅंचाई और लम्बाई तीनों और स्थल को देखने से स्पष्ट है कि कार्य हुआ है और माप पुस्त में अंकित मापी से चौड़ाई, उॅंचाई और लम्बाई तीनों अंकित है। अतएव यह कहा जा सकता है कि सेक्शन मापी के आधार पर भुगतान किया गया है। (ग) जहॉं तक रू0 3,90,284/- के कार्य की कमी का प्रश्न है। उपरोक्त कार्य प्रतिवेदन में चिंहित मापी के (ग) जहॉं तक रू0 3,90,284/- के कार्य की कमी का प्रश्न है। उपरोक्त कार्य प्रतिवेदन में चिंहित मापी के (ग) जहॉं तक रू0 3,90,284/- के कार्य की कमी का प्रश्न है। उपरोक्त कार्य प्रतिवेदन में चिंहित मापी के ार्य पाया गया है। जिसे 5 प्रतिशत की कमी है। जबकि स्थल पर 10 प्रतिशत अधिक कार्य पाया गया है। जिसे आधार पर 4.4 प्रतिशत एवं 11.5 प्रतिशत की कमी है। जबकि स्थल पर 10 प्रतिशत अधिक क 2 (cid:1)बहार गजट (असाधारण), 7777 जनवर( जनवर( जनवर( जनवर( 2015201520152015 जॉंच दल द्वारा Permissible Limit में मानते हुए सहमत होने की बात कही गयी है। मेरे विचार से इससे सहमत हुआ जा सकता है और अतिरेक भुगतान का मामला उक्त कार्य प्रतिवेदन के आलोक में प्रमाणित नहीं होता है। संचालन पदाधिकारी द्वारा समर्पित जॉंच प्रतिवेदन की समीक्षा सरकार के स्तर पर की गई। समीक्षोपरांत संचालन पदाधिकारी के मंतव्य से असहमत होते हुए विभागीय पत्रांक-494 दिनांक 24.04.13 द्वारा असहमति के निम्न बिन्दु पर श्री चौधरी से द्वितीय कारण पृच्छा करने का निर्णय लिया गया एवं इसी बीच दिनांक 31.08.13 को श्री चौधरी के सेवानिवृत्त हो जाने के कारण इनके विरूद्ध पूर्व में संचालित विभागीय कार्यवाही को विभागीय आदेश संख्या-78 सह ज्ञापांक-945 दिनांक 17.07.14 द्वारा बिहार पेंशन नियमावली में सम्परिवर्तित किया गया। (i) जॉंचित 9 (नौ) अद्‌द योजनाओं में योजना संख्या-12/2002-03 में एक सी0/एस0 को छोड़ शेष सी0/एस0 पर जॉंचित मापी, मापी पुस्त में दर्ज मापी से कम पायी गयी। संचालन पदाधिकारी के द्वारा रू0 3,90,284/- के समतुल्य कार्य में कमी को इसी आधार पर प्रमाणित नहीं पाया गया कि इस योजना में दो सी0/एस0 पर 4.40 प्रतिशत एवं 11.50 प्रतिशत की कमी पायी गयी, किन्तु एक सी0/एस0 पर 10 प्रतिशत अधिक कार्य पाया गया। संचालन पदाधिकारी के उक्त कथन से सहमत नहीं हुआ जा सकता है क्योंकि योजना संख्या-13/2002-03 एवं योजना संख्या-15/2002-03 में जॉंचोपरांत कई सी0/एस0 पर मात्र कमी पायी गयी। इस प्रकार योजना संख्या-13/2002-03 एवं 15/2002-03 में सम्पादित कार्य के विरूद्ध देयराशि से अधिक राशि का भुगतान किये जाने का आरोप प्रमाणित पाया जा रहा है। (ii) प्रखण्ड कार्यालय में कार्य में प्री लेवल लेने का प्रचलन नहीं रहने के कारण आरोपित पदाधिकारी द्वारा प्रीलेवल नहीं लिये जाने से संबंधित स्पष्टीकरण को स्वीकार नहीं किया जा सकता है। संचालन पदाधिकारी ने भी अंकित किया है कि नियमानुसार प्री लेवल लिया जाना चाहिए था। श्री चौधरी द्वारा समर्पित द्वितीय कारण पृच्छा का जवाब निम्नवत है :- (i) बिना प्रीलेवल लिये ही कार्य प्रारम्भ के संदर्भ में बिहार सरकार तकनीकी परीक्षक कोषांग, मंत्रीमंडल निगरानी विभाग के पत्रांक-1/स्थापना-108/81-462 त0 प0 को0, दिनांक 30.03.1982 के कंडिका (ग) विविध के क्रमांक-11 का उल्लेखित है कि छोटे-छोटे मरम्मति के कार्य जैसे पौट हॉल या रेन कटस भरना फलैक पर मिट्‌टी के कार्य आदि जैसे खन्तों की मापी लेकर कराये जा सकते हैं। (ii) जिला पदाधिकारी एवं संचालन पदाधिकारी द्वारा भी अतिरेक भुगतान का मामला नहीं होने का संसूचित किया गया है। (iii) कार्य आकस्मिक प्रकृति एवं समयबद्धता तथा छोटे-छोटे टुकड़े में बंटे रहने के कारण स्थल के अनुरूप प्राक्कलन तैयार कर स्वीकृति प्रदान करते हुए तदनुसार कार्य कराकर भुगतान किया गया है। (iv) ग्रामीण विकास विभाग के नियमावली के अनुसार कार्य की मापी एवं कार्य कराने की जिम्मेवारी कनीय अभियंता की होती है एवं भुगतान प्रखण्ड विकास पदाधिकारी द्वारा की जाती है। सहायक अभियंता एवं कार्यपालक अभियंता द्वारा अंतिम मापी की जॉंच की जाती है। (v) इसी मामले में कनीय अभियंता श्री हरेन्द्र कुमार पाठक (जिनकी सेवा झारखण्ड सरकार को सौंपी गयी है) को सरकार के संयुक्त सचिव, जल संसाधन विभाग, झारखण्ड, रॉंची के ज्ञापांक-4972 दिनांक 02.09.13 से आरोप मुक्त किया गया है जब कनीय अभियंता इसी मामले में दोषमुक्त किया जा चुका है तो फिर कार्यपालक अभियंता कैसे दोषी हैं। श्री चौधरी से प्राप्त द्वितीय कारण पृच्छा की जवाब की समीक्षा सरकार के स्तर पर की गई। समीक्षा में यह पाया गया कि श्री चौधरी ने अपने द्वितीय कारण पृच्छा में वही तथ्य उद्धृत किया है। जो विभागीय कार्यवाही के दौरान संचालन पदाधिकारी के समक्ष उपस्थापित किया गया है। श्री चौधरी ने बीना प्रीलेवल लिये कार्य कराने के संबंध में तकनीकी परीक्षक कोषांग के पत्रांक-462 दिनांक 30.03.1982 का उल्लेख किया गया है जिसमें पौट हॉल, रेन कटस भराई कार्य जैसे कार्यों को खन्तों की मापी के आधार पर कराने का प्रावधान है। परन्तु इनके द्वारा सम्पादित सभी कार्य तटबंध मरम्मति कार्य से संबंधित है। जिसमें मूल रूप से मिट्‌टी भराई का कार्य कराने का प्रावधान था। अतः इनके बचाव बयान को स्वीकार योग्य नहीं माना जा सकता है। संचालन पदाधिकारी द्वारा भी नियमानुसार प्री लेवल लेकर मिट्‌टी कार्य कराने का मंतव्य दिया गया। योजना संख्या-13/2002-03 एवं 15/2002-03 के तहत सम्पादित कार्य के विरूद्ध देय राशि से अधिक भुगतान नहीं किये जाने के संबंध में आरोपी पदाधिकारी अपने बचाव बयान में न कोई तथ्य उद्धृत किया गया है एवं न ही कोई साक्ष्य उपलब्ध कराया गया है। श्री चौधरी ने अपने द्वितीय कारण पृच्छा के जवाब में उल्लेख किया है कि इसी मामले के आरोपी श्री हरेन्द्र कुमार पाठक, कनीय अभियंता को जल संसाधन विभाग, झारखण्ड, रांॅची द्वारा आरोप मुक्त किया गया है, के आधार पर उन्हें भी आरोप मुक्त कने का अनुरोध किया गया है। झारखण्ड सरकार द्वारा कार्य से संबंध कनीय अभियंता को आरोप मुक्त करने के आधार पर श्री चौधरी को दोषमुक्त मानना न्यायोचित नहीं होगा क्योंकि मामला उत्तरवर्ती बिहार राज्य से संबंध है एवं आरोपी पदाधिकारी श्री चौधरी द्वारा नियमों का उल्लंघन करते हुए प्री लेवल लिये बिना ही कार्य प्रारम्भ किया गया तथा सम्पादित कार्य के देय राशि से कुल रू0 3,90,284/- का अधिक राशि का कनीय अभियंता एवं सहायक अभियंता द्वारा तैयार की गयी विपत्र को जॉंचोंपरान्त भुगतान हेतु प्रखण्ड विकास पदाधिकारी को प्रेषित किया गया। अर्थात इनके द्वारा अधिकाई भुगतान होने में सहयोग किया गया है। 3

(cid:1)बहार गजट (असाधारण), 7777 जनवर( जनवर( जनवर( जनवर( 2015201520152015

श्री राम बिलास चौधरी, तत्कालीन कार्यपालक अभियंता, सम्प्रति सेवानिवृत्त मुख्य अभियंता के विरूद्ध नियमों का उल्लंघन करते हुए बिना प्रीलेवल लिये मिट्‌टी कार्य कराने तथा सम्पादित कार्य के विरूद्ध देय राशि से अधिक भुगतान करने में सहयोग करने का आरोप प्रमाणित पाया गया एवं प्रमाणित आरोपों के लिए निम्न दंड से संसूचित करने का निर्णय सरकार के द्वारा लिया गया है। (i) पेंशन से 10 % (प्रतिशत) की कटौती एक वर्ष के लिए। उक्त दण्ड प्रस्ताव पर सक्षम प्राधिकार की सहमति प्राप्त है। उक्त आदेश श्री चौधरी को संसूचित किया जाता है।

बिहार-राज्यपाल के आदेश से, गजानन मिश्र, विशेष कार्य पदाधिकारी।

———— अधी-क, सिचवालय मुिणालय, (cid:1)बहार, पटना (cid:13)ारा ूकािशत एवं मु3ित। (cid:1)बहार गजट (असाधारण) 58-571+10-ड(0ट(0पी0। Website: http://egazette.bih.nic.in

Cite this issue. Bihar Gazette, Government of Bihar, 07 January 2015. Indian Gazettes, https://egazette.servantsofknowledge.in/details/in.gov.bih.gazette.2015-01-07.58/. Archive identifier in.gov.bih.gazette.2015-01-07.58.