(cid:1)बहार(cid:1)बहार(cid:1)बहार(cid:1)बहार गजटगजटगजटगजट
(cid:1)बहार(cid:1)बहार(cid:1)बहार(cid:1)बहार
असाधारण अंकअसाधारण अंकअसाधारण अंकअसाधारण अंक असाधारण अंकअसाधारण अंकअसाधारण अंकअसाधारण अंक (cid:1)बहार सरकार (cid:13)ारा ूकािशत(cid:1)बहार सरकार (cid:13)ारा ूकािशत(cid:1)बहार सरकार (cid:13)ारा ूकािशत(cid:1)बहार सरकार (cid:13)ारा ूकािशत (cid:1)बहार सरकार (cid:13)ारा ूकािशत(cid:1)बहार सरकार (cid:13)ारा ूकािशत(cid:1)बहार सरकार (cid:13)ारा ूकािशत(cid:1)बहार सरकार (cid:13)ारा ूकािशत (cid:1)बहार सरकार (cid:13)ारा ूकािशत(cid:1)बहार सरकार (cid:13)ारा ूकािशत(cid:1)बहार सरकार (cid:13)ारा ूकािशत(cid:1)बहार सरकार (cid:13)ारा ूकािशत 17171717 पौषपौषपौषपौष 1936 1936 1936 1936 ((((शशशश0000))))
((((संसंसंसं0 0 0 0 पटना पटना पटना पटना 64646464) ) ) ) पटनापटनापटनापटना
पटनापटनापटनापटना, , , , बुधबुधबुधबुधवारवारवारवार, , , , 7777 जनवर'जनवर'जनवर'जनवर' 2012012012015555 ty lalk/ku foHkkx &&&&&&& vf?klwpuk 22 fnlEcj 2014
सं0 22/नि0सी0(वीर0)-7-06/2009/
22/नि0सी0(वीर0)-7-06/2009/2060—श्री देवी रजक, तत्कालीन अभियंता प्रमुख (उत्तर), सम्प्रति श्री देवी रजक, तत्कालीन अभियंता प्रमुख (उत्तर), सम्प्रति सेवानिवृत्त द्वारा बरती गयी अनियमितता के विरूद्ध उड़नदस्ता द्वारा समर्पित जॉंच प्रतिवेदन में वर्ष 2008 के बाढ़ अवधि सेवानिवृत्त द्वारा बरती गयी अनियमितता के विरूद्ध उड़नदस्ता द्वारा समर्पित जॉंच प्रतिवेदन में वर्ष 2008 के बाढ़ अवधि सेवानिवृत्त द्वारा बरती गयी अनियमितता के विरूद्ध उड़नदस्ता द्वारा समर्पित जॉंच प्रतिवेदन में वर्ष 2008 के बाढ़ अवधि फलक्स बॉंध के डाउन स्ट्रीम कट एण्ड में कराये गये सुरक्षात्मक कार्य में बोल्डर क्रेटिंग कार्य में Void में पूर्वी कोशी एफलक्स बॉंध के डाउन स्ट्रीम कट एण्ड में कराये गये सुरक्षात्मक कार्य में बोल्डर क्रेटिंग कार्य में फलक्स बॉंध के डाउन स्ट्रीम कट एण्ड में कराये गये सुरक्षात्मक कार्य में बोल्डर क्रेटिंग कार्य में की मात्रा 20 प्रतिशत रखने के निदेश के बावजूद अप स्ट्रीम कट एण्ड में इसी तरह के कार्य में 30 प्रतिशत वायड की की मात्रा 20 प्रतिशत रखने के निदेश के बावजूद अप स्ट्रीम कट एण्ड में इसी तरह के कार्य में 30 प्रतिशत वायड की की मात्रा 20 प्रतिशत रखने के निदेश के बावजूद अप स्ट्रीम कट एण्ड में इसी तरह के कार्य में 30 प्रतिशत वायड की कटौती की गयी। इस तरह से 16.52 प्रतिशत अधिक बोल्डर की मात्र ा के विरूद्ध 4,53,428/- (चार लाख तिरपन 52 प्रतिशत अधिक बोल्डर की मात्रा के विरूद्ध 4,53,428/- (चार लाख तिरपन हजार चार सौ अठाईस रूपये) का अधिक भुगतान होने संबंधी प्रथम दृष्टया प्रमाणित आरोपों के लिए इनके विरूद्ध हजार चार सौ अठाईस रूपये) का अधिक भुगतान होने संबंधी प्रथम दृष्टया प्रमाणित आरोपों के लिए इनके विरूद्ध हजार चार सौ अठाईस रूपये) का अधिक भुगतान होने संबंधी प्रथम दृष्टया प्रमाणित आरोपों के लिए इनके विरूद्ध 09 द्वारा बिहार सरकारी सेवक आरोप पत्र प्रपत्र 'क' गठित करते हुए विभागीय संकल्प ज्ञापांक-1302 दिनांक 17.11.09 द्वारा बिहार सरकारी सेवक आरोप पत्र प्रपत्र 'क' गठित करते हुए विभागीय संकल्प ज्ञापांक-1302 दिनांक 17 ंत्रण एवं अपील) नियमावली 2005 के नियम-17 के तहत विभागीय कार्यवाही संचालित की गयी। (वर्गीकरण, नियंत्रण एवं अपील) नियमावली 2005 के नियम-17 के तहत विभागीय कार्यवाही संचालित की गयी। ंत्रण एवं अपील) नियमावली 2005 के नियम-17 के तहत विभागीय कार्यवाही संचालित की गयी। 12 को सेवानिवृत्ति होने के कारण विभागीय आदेश विभागीय कार्यवाही के निष्पादन से पूर्व इनके दिनांक 31.10.12 को सेवानिवृत्ति होने के कारण विभागीय आदे विभागीय कार्यवाही के निष्पादन से पूर्व इनके दिनांक 31 र्यवाही को 43 (बी0) में समपरिवर्तित किया 01.13 द्वारा पूर्व से संचालित विभागीय कार्यवाही को 43 (बी0) में समपरिवर्तित किया संख्या-08, ज्ञापांक-78 दिनांक 17.01 गया। संचालन पदाधिकारी से प्राप्त जॉंच प्रतिवेदन की समीक्षा सरकार के स्तर पर की गयी। समीक्षा में पाया गया संचालन पदाधिकारी से प्राप्त जॉंच प्रतिवेदन की समीक्षा सरकार के स्तर पर की गयी। समीक्षा में पाया गया संचालन पदाधिकारी से प्राप्त जॉंच प्रतिवेदन की समीक्षा सरकार के स्तर पर की गयी। समीक्षा में पाया गया कि संचालन पदाधिकारी द्वारा निम्न तथ्य प्रस्तुत किये गये हैंः- कि संचालन पदाधिकारी द्वारा निम्न तथ्य प्रस्तुत किये गये हैंः- 77 की कंडिका-11 में बोल्डर पीचिंग लोक निर्माण विभाग, बिहार सरकार के पत्र संख्या-19591 दिनांक 03.10.77 की कंडिका-11 में बोल्डर पीचिंग लोक निर्माण विभाग, बिहार सरकार के पत्र संख्या-19591 दिनां के कार्य में खाली जगह (Voids) 20 प्रतिशत ही रखा जाए अंकित है। उक्त कंडिका में यह भी अंकित है कि जहॉं ) 20 प्रतिशत ही रखा जाए अंकित है। उक्त कंडिका में यह भी अंकित है कि जहॉं ) 20 प्रतिशत ही रखा जाए अंकित है। उक्त कंडिका में यह भी अंकित है कि जहॉं ऐसा नहीें होता हो वहॉं के लिए कार्य विभाग निर्देश निर्गत करें। उक्त कंडिका में यह भी अंकित है कि लोक निर्माण ऐसा नहीें होता हो वहॉं के लिए कार्य विभाग निर्देश निर्गत करें। उक्त कंडिका में यह भी अंकित है कि लोक निर्माण् ऐसा नहीें होता हो वहॉं के लिए कार्य विभाग निर्देश निर्गत करें। उक्त कंडिका में यह भी अंकित है कि लोक निर्माण् विभाग तथा अन्य कार्य विभाग आपस में राय कर निश्चित प्रतिशत निर्धारित करें। विभाग द्वारा इस संबंध में अलग से विभाग तथा अन्य कार्य विभाग आपस में राय कर निश्चित प्रतिशत निर्धारित करें। विभाग द्वारा इस संबंध में अलग से विभाग तथा अन्य कार्य विभाग आपस में राय कर निश्चित प्रतिशत निर्धारित करें। विभाग द्वारा इस संबंध में अलग से कोई पत्र निर्गत होने की जानकारी सुनवाई के समय उपलब्ध नहीं हो सकी। यह स्पष्ट होता है कि आरोपित कोई पत्र निर्गत होने की जानकारी सुनवाई के समय उपलब्ध नहीं हो सकी। यह स्पष्ट होता है कि आरोपित कोई पत्र निर्गत होने की जानकारी सुनवाई के समय उपलब्ध नहीं हो सकी। यह स्पष्ट होता है कि आरोपित पदाधिकारी द्वारा डाउन स्ट्रीम कट एण्ड में बोल्डर क्रेटिंग कार्य में 20 प्रतिशत Voids कटौती का प्रस्ताव दिया गया कटौती का प्रस्ताव दिया गया पदाधिकारी द्वारा डाउन स्ट्रीम कट एण्ड में बोल्डर क्रेटि था जबकि क्षेत्रीय स्तर पर मात्र 12 प्रतिशत Voids deduction की अनुशंसा थी। था जबकि क्षेत्रीय स्तर पर मात्र 12 प्रतिशत 2 (cid:1)बहार गजट (असाधारण), 7777 जनवर' जनवर' जनवर' जनवर' 2015201520152015 की कंडिका-11 के आलोक में 20 प्रतिशत रखे जाने का प्रस्ताव उनके द्वारा दिया गया जिसे उच्च स्तर पर अनुमोदित भी किया गया। वर्ष 2008 में बाढ़ अत्यन्त भयानक स्थिति में था, जिसके कारण स्थल की स्थिति बदल गयी थी एवं बाढ़ अवधि में कराये गये क्रेटिंग कार्य में कुछ छोटे पत्थर निकलने की संभावना भी बनती है तथा इसके लिए उड़नदस्ता द्वारा जॉंचित औसत 36.52 प्रतिशत Void को शत प्रतिशत सही नहीं होने के आरोपित पदाधिकारी के बयान से सहमत हुआ जा सकता है। अन्त में संचालन पदाधिकारी द्वारा निष्कर्ष में कहा गया है। कि आरोपित पदाधिकारी के विरूद्ध उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर आरोप प्रमाणित नहीं होता है। संचालन पदाधिकारी से प्राप्त जॉंच प्रतिवेदन की समीक्षा सरकार के स्तर पर की गयी। समीक्षोपरांत संचालन पदाधिकारी के मंतव्य से सहमत होते हुए श्री देवी रजक, तत्कालीन अभियंता प्रमुख, सम्प्रति सेवानिवृत्त को आरोप मुक्त करने का निर्णय लिया गया। उपरोक्त वर्णित स्थिति में श्री देवी रजक को दोषमुक्त किया जाता है। उक्त आदेश श्री देवी रजक को संसूचित किया जाता है।
बिहार-राज्यपाल के आदेश से, सतीश चन्द्र झा, सरकार के अपर सचिव।
———— अधी,क, सिचवालय मुिणालय, (cid:1)बहार, पटना (cid:13)ारा ूकािशत एवं मु2ित। (cid:1)बहार गजट (असाधारण) 64-571+10-ड'0ट'0पी0। Website: http://egazette.bih.nic.in