(cid:1)बहार(cid:1)बहार(cid:1)बहार(cid:1)बहार गजटगजटगजटगजट
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असाधारण अंकअसाधारण अंकअसाधारण अंकअसाधारण अंक असाधारण अंकअसाधारण अंकअसाधारण अंकअसाधारण अंक (cid:1)बहार सरकार (cid:13)ारा ूकािशत(cid:1)बहार सरकार (cid:13)ारा ूकािशत(cid:1)बहार सरकार (cid:13)ारा ूकािशत(cid:1)बहार सरकार (cid:13)ारा ूकािशत (cid:1)बहार सरकार (cid:13)ारा ूकािशत(cid:1)बहार सरकार (cid:13)ारा ूकािशत(cid:1)बहार सरकार (cid:13)ारा ूकािशत(cid:1)बहार सरकार (cid:13)ारा ूकािशत (cid:1)बहार सरकार (cid:13)ारा ूकािशत(cid:1)बहार सरकार (cid:13)ारा ूकािशत(cid:1)बहार सरकार (cid:13)ारा ूकािशत(cid:1)बहार सरकार (cid:13)ारा ूकािशत 22222222 पौषपौषपौषपौष 1936 1936 1936 1936 ((((शशशश0000))))
((((संसंसंसं0 0 0 0 पटना पटना पटना पटना 175175175175) ) ) ) पटनापटनापटनापटना
पटनापटनापटनापटना, , , , सोमसोमसोमसोमवारवारवारवार, , , , 12121212 जनवर)जनवर)जनवर)जनवर) 2012012012015555 पशु एवं मत्स्य संसाधन विभागपशु एवं मत्स्य संसाधन विभागपशु एवं मत्स्य संसाधन विभागपशु एवं मत्स्य संसाधन विभाग ((((मत्स्य)मत्स्य)मत्स्य)मत्स्य) -------------------- अधिसूचनाअधिसूचनाअधिसूचनाअधिसूचना 19 दिसम्19 दिसम्19 दिसम्19 दिसम्बर 2014बर 2014बर 2014बर 2014
सं0 म0/विविध पत्रा0- 20/2014-
म0/विविध पत्रा0- 20/2014-1911/मत्स्य—राज्य सरकार द्वारा राज्य में मत्स्य पालन हेतु राज्य सरकार द्वारा राज्य में मत्स्य पालन हेतु आधुनिकतम तकनीक अपनाने हेतु मत्स्य पालकों को प्रोत्साहित करने एवं उन्हें उनके द्वारा किए गये कार्याें आधुनिकतम तकनीक अपनाने हेतु मत्स्य पालकों को प्रोत्साहित करने एवं उन्हें उनके द्वारा किए गये कार्याें के लिए आधुनिकतम तकनीक अपनाने हेतु मत्स्य पालकों को प्रोत्साहित करने एवं उन्हें उनके द्वारा किए गये कार्याें पुरस्कृत किए जाने का निर्णय लिया गया है। इससे मत्स्य पालकोें में प्रतिस्पर्द्धा एवं मत्स्य पालन के प्रति जागरूकता पुरस्कृत किए जाने का निर्णय लिया गया है। इससे मत्स्य पालकोें में प्रतिस्पर्द्धा एवं मत्स्य पालन के प्रति जागरूकता पुरस्कृत किए जाने का निर्णय लिया गया है। इससे मत्स्य पालकोें में प्रतिस्पर्द्धा एवं मत्स्य पालन के प्रति जागरूकता का विकास होगा एवं राज्य में त्वरित मत्स्य विकास संभव हो सकेगा। पुरस्कार देने के संबंध में विस्तृत दिशा निर्देश का विकास होगा एवं राज्य में त्वरित मत्स्य विकास संभव हो सकेगा। पुरस्कार देने के संबंध में विस्तृत दिशा निर्देश का विकास होगा एवं राज्य में त्वरित मत्स्य विकास संभव हो सकेगा। पुरस्कार देने के संबंध में विस्तृत दिशा निर्देश निम्न हैंः-
(1) इस योजना के अन्तर्गत प्र त्येक वर्ष मत्स्य पालन में किये गये विशिष्ट कार्याें के आधार पर चयनित इस योजना के अन्तर्गत प्रत्येक वर्ष मत्स्य पालन में किये गये विशिष्ट कार्याें के आधार पर चयनित किसानों को प्रत्येक वर्ष 10 जुलाई (विशेष मछुआरा दिवस) को पुरस्कार प्रदान किया जायेगा। किसानों को प्रत्येक वर्ष 10 जुलाई (विशेष मछुआरा दिवस) को पुरस्कार प्रदान किया जायेगा।
00 द्वितीय `20,000.00 एवं तृतीय `15,000.00 तथा राज्य स्तर पर प्रथम योजनान्तर्गत जिला, प्रमंडल तथा राज्य स्तर पर सर्वश्रेष्ठ मत्स्य पालकों को पुरस्कृत किया जायेगा। (2) योजनान्तर्गत जिला, प्रमंडल तथा राज्य स्तर पर सर्वश्रेष्ठ मत्स्य पालकों को पुरस्कृत किया जायेगा। योजनान्तर्गत जिला, प्रमंडल तथा राज्य स्तर पर सर्वश्रेष्ठ मत्स्य पालकों को पुरस्कृत किया जायेगा। प्रत्येक स्तर पर तीन पुरस्कारों से यथा प्रथम, द्वितीय एवं तृतीय से मत्स्य कृषकों को सम्मानित किया जाएगा जिसकी तर पर तीन पुरस्कारों से यथा प्रथम, द्वितीय एवं तृतीय से मत्स्य कृषकों को सम्मानित किया जाएगा जिसकी तर पर तीन पुरस्कारों से यथा प्रथम, द्वितीय एवं तृतीय से मत्स्य कृषकों को सम्मानित किया जाएगा जिसकी पुरस्कार राशि क्रमशः जिला स्तर पर प्रथम `15,000.00 द्वितीय `10,000.00 तथा तृतीय `5000 .00 एवं प्रशस्ति पत्र, पुरस्कार राशि क्रमशः जिला स्तर पर प्रथम 00 तथा राज्य स्तर पर प्रथम `51,000.00 प्रमंडल स्तर पर प्रथम `25,000.00 द्वितीय द्वितीय `31,000.00 तथा तृतीय `21,000
21,000.00 एवं प्रशस्ति पत्र होगी।
पुरस्कार के लिए चयन की प्रक्रिया द्वि-स्तरीय यथा जिला स्तर एवं राज्य स्तर पर होगी। प्रत्येक स्तर (3) पुरस्कार के लिए चयन की प्रक्रिया द्वि-स्तरीय यथा जिला स्तर एवं राज्य स्तर पर होगी। प्रत्येक स्तर पुरस्कार के लिए चयन की प्रक्रिया द्वि-स्तरीय यथा जिला स्तर एवं राज्य स्तर पर होगी। प्रत्येक स्तर ½ ftyk Lrj dh lfefr :
2 (cid:1)बहार गजट (असाधारण), 12121212 जनवर) जनवर) जनवर) जनवर) 2015201520152015 ¼ii½ jkT; Lrj dh dfeVh :क). निदेशक मत्स्य, बिहार, पटना अध्यक्ष ख). संयुक्त मत्स्य निदेशक (रा0 प0 ई0) सदस्य ग). संयुक्त मत्स्य निदेशक (प्रशि0 एवं प्रसार) सदस्य सदस्य घ). उप मत्स्य निदेशक (मु0) सदस्य ड). उप मत्स्य निदेशक (रा0प0ई0) सदस्य च). उप मत्स्य निदेशक (सांख्यिकी) छ). सम्बन्धित परिक्षेत्र के उप मत्स्य निदेशक सदस्य ज). सहायक मत्स्य निदेशक (यो0) सदस्य झ). सहायक मत्स्य निदेशक (अनु0) सदस्य सचिव जिला स्तर पर जिला मत्स्य कार्यालयों में विभिन्न प्रखंडों से प्राप्त आवेदनों को संकलित कर जिला मत्स्य पदाधिकारी प्रथम, द्वितीय एवं तृतीय पुरस्कार के लिए चयन प्रबंध समिति से कराते हुए बैठक की कार्यवाही के साथ मत्स्य निदेशालय को उपलब्ध कराएँगे। जिला स्तर पर छह वरीय क्रम से सूची बनायी जाएगी। जिस जिला के सर्वश्रेष्ठ कृषक प्रमंडल स्तर पर प्रथम, द्वितीय एवं तृतीय सर्वश्रेष्ठ चुने जाएँगे उस जिला के अगले वरीयता क्रम वाले मत्स्य कृषक जिला स्तर के सर्वश्रेष्ठ कृषक होंगे।
इसी प्रकार राज्य स्तरीय समिति जिला से चयनित वरीयता क्रम के कृषकों में से प्रमंडल एवं राज्य के पुरस्कारों के लिए योग्य मत्स्य पालकों का चयन करेगी। प्रमंडल स्तर पर छह वरीयता क्रम की सूची बनायी जाएगी। जिस प्रमंडल के सर्वश्रेष्ठ कृषक राज्य स्तर पर प्रथम, द्वितीय एवं तृतीय सर्वश्रेष्ठ चुने जाएँगे उस प्रमंडल के निम्न वरीयता सर्वश्रेष्ठ प्रमंडल स्तर के सर्वश्रेष्ठ कृषक होंगे।
(4) इस योजना अन्तर्गत न्यूनतम एक एकड़ एवं अधिकतम एक हेक्टेयर जलक्षेत्र में मत्स्य पालन करने वाले मत्स्य पालक ही भाग ले सकेंगे।
(5) उपर्युक्त विधि से चयनित वैसे बचे हुए कृषक जिनका चयन विशेष मछुआरा दिवस के लिए न हुआ हो, को पुरस्कारों का वितरण सोनपुर मेला (छपरा), सिंहेश्वर मेला (मधेपुरा), बौंसी मेेला (बाँका), खगड़ा मेला (किशनगंज), राजगीर महोत्सव (नालंदा), उग्रतारा मेला, सहरसा, राजकीय मेला बाबा केवलधाम, पूजनोत्सव स्थल, इन्द्रवारा एवं राजकीय मेला विद्यापतिधाम, विद्यापति नगर, समस्तीपुर में किया जाएगा। चयनित कृषकों को प्रथम, द्वितीय एवं तृतीय पुरस्कार के रूप में क्रमशः `1000.00, `1000.00 एवं `500.00 तथा प्रशस्ति पत्र दिया जाएगा।
(6) जिला मत्स्य कार्यालय में निबंधित मत्स्य पालक अपना आवेदन अपने जिला के जिला मत्स्य पदाधिकारी के कार्यालय में समर्पित करेंगे, जिसके लिए मत्स्य पालकों को प्राप्ति रसीद दी जायेगी। यह आवेदन माह फरवरी में विज्ञापन के पश्चात प्राप्त किये जायेंगे। मत्स्य कृषक आवेदनोपरान्त मत्स्य पालन का कार्य शुरू करेंगे, जिसका मासिक निरीक्षण, समीक्षा एव मूल्यांकन क्षेत्रीय प्रभारी द्वारा की जायेगी तथा संबंधित सारे आँकड़े एवं साक्ष्य फोटो के साथ प्रत्येक लाभुक की पृथक संचिका में संधारित किये जायेंगे जिसकी एक प्रति लाभुक को भी उपलब्ध करायी जायेगी। मूल्यांकन का कार्य तालाब में उत्पादकता के आधार पर अंतिम शिकारमाही होने तक की जायेगी, जिसकी अवधि पूर्व निर्धारित होगी। चालू वित्तीय वर्ष में चयनित लाभुक अगले वित्तीय वर्ष में सम्मानित होंगे।
(7) निरीक्षण एवं मूल्यांकन के लिए एक विहित प्रक्रिया एवं प्रपत्र के संबंध में बाद में अनुदेश निदेशालय स्तर से निर्गत किये जायेंगे।
(8) इस योजना से संबंधित जिला स्तर अथवा राज्य स्तर पर प्राप्त परिवाद पत्रों को जाँच हेतु संबंधित परिक्षेत्र के उपमत्स्य निदेशक को प्रेषित किया जायेगा। जाँच उपमत्स्य निदेशक एवं जिला मत्स्य पदाधिकारी द्वारा संयुक्त रूप से की जायेगी एवं यथा समय सुधारात्मक उपाय किये जायेगें। विभिन्न स्तर पर गठित समिति को समय समय पर इससे अवगत कराया जायेगा। किसी भी शिकायत का निराकरण असंतोषजनक पाये जाने पर निदेशक,मत्स्य द्वारा स्वंय या उनके द्वारा प्राधिकृत पदाधिकारी से जॉच करायी जायगी।
(9) पुरस्कार के लिए चयनित मत्स्य पालकों को सहमति पत्र पर हस्ताक्षर करना होगा, जिसमें पुरस्कार/सम्मान प्राप्त मत्स्य पालकों से अपेक्षा की जायगी वे अपना समय विभाग द्वारा आयोजित प्रशिक्षण कार्यक्रम में दूसरे मत्स्य पालकों को प्रशिक्षित करेंगे एवं प्रचार एवं प्रसार कार्यक्रमों में अपना योगदान देगें।
बिहार-राज्यपाल के आदेश से
(ह0) अस्पष्ट, सरकार के उप-सचिव।