Servants of Knowledge
Bihar Gazette · Government of Bihar

Bihar Gazette, 05 February 2015

Published 05 February 2015

Type
Extra Ordinary
Identifier
in.gov.bih.gazette.2015-02-05.233
Languages
English, Hindi

click here for IIIF manifest

िनबंधन सं(cid:26)या पी0ट)0-40 िनबंधन सं(cid:26)या

(cid:1)बहार(cid:1)बहार(cid:1)बहार(cid:1)बहार गजटगजटगजटगजट

(cid:1)बहार(cid:1)बहार(cid:1)बहार(cid:1)बहार

असाधारण अंकअसाधारण अंकअसाधारण अंकअसाधारण अंक असाधारण अंकअसाधारण अंकअसाधारण अंकअसाधारण अंक (cid:1)बहार सरकार (cid:13)ारा ूकािशत(cid:1)बहार सरकार (cid:13)ारा ूकािशत(cid:1)बहार सरकार (cid:13)ारा ूकािशत(cid:1)बहार सरकार (cid:13)ारा ूकािशत (cid:1)बहार सरकार (cid:13)ारा ूकािशत(cid:1)बहार सरकार (cid:13)ारा ूकािशत(cid:1)बहार सरकार (cid:13)ारा ूकािशत(cid:1)बहार सरकार (cid:13)ारा ूकािशत (cid:1)बहार सरकार (cid:13)ारा ूकािशत(cid:1)बहार सरकार (cid:13)ारा ूकािशत(cid:1)बहार सरकार (cid:13)ारा ूकािशत(cid:1)बहार सरकार (cid:13)ारा ूकािशत 16161616 माघमाघमाघमाघ 1936 1936 1936 1936 ((((शशशश0000))))

((((संसंसंसं0 0 0 0 पटना पटना पटना पटना 233233233233) ) ) ) पटनापटनापटनापटना

पटनापटनापटनापटना, , , , वृहःपवृहःपवृहःपवृहःपितितितितवारवारवारवार, , , , 5555 फरफरफरफरवर)वर)वर)वर) 2012012012015555 जल संसाधन विभाग &&&&&&& vf/klwpuk 14 tuojh 2015

सं0 22/नि0सि0(पट0)-03-19/2009/123

0(पट0)-03-19/2009/123—श्री राज कुमार यादव, सहायक अभियन्ता (आई0 डी0 श्री राज कुमार यादव, सहायक अभियन्ता (आई0 डी0 जे0-8190) जब जल पथ प्रमण्डल, एकंगरसराय में पदस्थापित थे तब उक्त प्रमण्डलान्तर्गत वर्ष 2009 में जमींदारी बांध जे0-8190) जब जल पथ प्रमण्डल, एकंगरसराय में पदस्थापित थे तब उक्त प्रमण्डलान्तर्गत वर्ष 2009 में जमींदारी बांध जे0-8190) जब जल पथ प्रमण्डल, एकंगरसराय में पदस्थापित थे तब उक्त प्रमण्डलान्तर्गत वर्ष 2009 में जमींदारी बांध में कराये गये बाढ़ संधार्षात्मक कार्य (खाड़ भराई) की जॅाच उड़नदस्ता से करायी गयी। उड़नदस्ता से प्राप्त जॅाच उड़नदस्ता से करायी गयी। उड़नदस्ता से प्राप्त जॅाच में कराये गये बाढ़ संधार्षात्मक कार्य (खाड़ भराई) की जॅाच 10 द्वारा श्री यादव से निम्नांकित प्रथम द्रष्टया आरोपेां के प्रतिवेदन की समीक्षोपरान्त विभागीय पत्रांक 1240 दिनांक 25.8.10 द्वारा श्री यादव से निम्नांकित प्रथम द्रष्टया आरोपेां के प्रतिवेदन की समीक्षोपरान्त विभागीय पत्रांक 1240 दिनांक 25 लिये स्पष्टीकरण पूछा गयाः-

आरोप सं0-1. अभियन्ता प्रमुख के पत्र सं0-1415 दिनांक 18

कार्य नरेगा योजना तथा अभियन्ता प्रमुख के पत्र सं0-1415 दिनांक 18.6.09 द्वारा मिट्‌टी कार्य नरेगा योजना तथा कैरेज मशीन वर्ग का व्यय विभागीय मद से कराया जाय। कार्य से संबंधित पदाधिकारी द्वारा इसका अनुपालन नहीं कर कैरेज मशीन वर्ग का व्यय विभागीय मद से कराया जाय। कार्य से संबंधित पदाधिकारी द्वारा इसका अनुपालन नहीं कर कैरेज मशीन वर्ग का व्यय विभागीय मद से कराया जाय। कार्य से संबंधित पदाधिकारी द्वारा इसका अनुपालन नहीं कर सम्पूर्ण कार्य संधार्षात्मक कार्य के रूप में करते हुए उसी के अनुरूप विभाग से भुगतान की मांग की गयी है। सम्पूर्ण कार्य संधार्षात्मक कार्य के रूप में करते हुए उसी के अनुरूप विभाग से भुगतान की मांग की गयी है। सम्पूर्ण कार्य संधार्षात्मक कार्य के रूप में करते हुए उसी के अनुरूप विभाग से भुगतान की मांग की गयी है। आरोप सं0-2. मिट्‌टी कार्य मद में प्री लेवल एवं प्रस्तावित पोस्ट लेवल के आधार पर मिट्‌टी मात्रा का मिट्‌टी कार्य मद में प्री लेवल एवं प्रस्तावित पोस्ट लेवल के आधार पर मिट्‌टी मात्रा का आकलन की प्रक्रिया बाढ़ सुरक्षात्मक कार्य में अपनायी जाती है जो इस कार्य में किया गया है, परन्तु बाढ़ संधार्षात्मक आकलन की प्रक्रिया बाढ़ सुरक्षात्मक कार्य में अपनायी जाती है जो इस कार्य में किया गया है, परन्तु बाढ़ संधार्षात्मक आकलन की प्रक्रिया बाढ़ सुरक्षात्मक कार्य में अपनायी जाती है जो इस कार्य में किया गया है, परन्तु बाढ़ संधार्षात्मक कार्य के अनुरूप संवेदकों का नामांकन के आधार पर चयन किया गया। कार्य के अनुरूप संवेदकों का नामांकन के आधार पर चयन किया गया।

ों का नामांकन प्रस्ताव पर स्वीकृति कार्य के पूर्व न कराकर प्रस्ताव वाद में भेजा गया। आरोप सं0-3. संवेदकों का नामांकन प्रस्ताव पर स्वीकृति कार्य के पूर्व न कराकर प्रस्ताव वाद में भेजा गया। ों का नामांकन प्रस्ताव पर स्वीकृति कार्य के पूर्व न कराकर प्रस्ताव वाद में भेजा गया। इस प्रकार अभियन्ता प्रमुख के आदेश के आलोक में मिट्‌टी का कार्य नरेगा योजना अन्तर्गत कराने का निदेश का इस प्रकार अभियन्ता प्रमुख के आदेश के आलोक में मिट्‌टी का कार्य नरेगा योजना अन्तर्गत कराने का निदेश का इस प्रकार अभियन्ता प्रमुख के आदेश के आलोक में मिट्‌टी का कार्य नरेगा योजना अन्तर्गत कराने का निदेश का प्रयास किया गया है, जबकि मिट्‌टी पालन नहीं किया गया तथा जून माह में कार्य का रूप बाढ़ संधार्षात्मक देने का प्रयास किया गया है, जबकि मिट्‌टी पालन नहीं किया गया तथा जून माह में कार्य का रूप बाढ़ संधार्षात्मक देने का की मणना बाढ़ सुरक्षात्मक कार्य के रूप में किया गया है। की मणना बाढ़ सुरक्षात्मक कार्य के रूप में किया गया है।

श्री यादव से प्राप्त स्पष्टीकरण की समीक्षा सरकार के स्तर पर की गयी। समीक्षा में पाया गया कि श्री यादव श्री यादव से प्राप्त स्पष्टीकरण की समीक्षा सरकार के स्तर पर की गयी। समीक्षा में पाया गया कि श्री यादव श्री यादव से प्राप्त स्पष्टीकरण की समीक्षा सरकार के स्तर पर की गयी। समीक्षा में पाया गया कि श्री यादव द्वारा अपने स्पष्टीकरण में मुख्य रूप से निम्न तथ्य अंकित किया गया हैः- द्वारा अपने स्पष्टीकरण में मुख्य रूप से निम्न तथ्य अंकित किया गया हैः-

र् की प्रकृति के निर्धारण ( बाढ़ सुरक्षात्मक या बाढ़ सुरक्षात्मक) के लिये अवर प्रमण्डल आरोप सं0-1. कार्य की प्रकृति के निर्धारण ( बाढ़ सुरक्षात्मक या बाढ़ सुरक्षात्मक) के लिये अवर प्रमण्डल र् की प्रकृति के निर्धारण ( बाढ़ सुरक्षात्मक या बाढ़ सुरक्षात्मक) के लिये अवर प्रमण्डल पदाधिकारी के रूप में मैं न तो सक्षम था, न मेरे द्वारा किया गया। उक्त प्रमण्डल में मैं दिनांक 11.9.09 तक ही पदाधिकारी के रूप में मैं न तो सक्षम था, न मेरे द्वारा किया गया। उक्त प्रमण्डल में मैं दिनांक 11 पदाधिकारी के रूप में मैं न तो सक्षम था, न मेरे द्वारा किया गया। उक्त प्रमण्डल में मैं दिनांक 11 कार्यरत था। इसका विपत्र तैयार करने एवं भुगतान हेतु राशि की मांग भी मेरे द्वारा नहीं की गई है कार्यरत था। इसका विपत्र तैयार करने एवं भुगतान हेतु राशि की मांग भी मेर

है।09 जिला पदाधिकारी नालन्दा का पत्रांक 164 दिनांक अभियन्ता प्रमुख (उत्तर) का पत्रांक-1415 दिनांक 18.06.09 जिला पदाधिकारी नालन्दा का पत्रांक 164 दिनांक अभियन्ता प्रमुख (उत्तर) का पत्रांक-1415 दिनांक 18 17.6.09 एवं तदनुसार कार्यपालक अभियन्ता के निदेशानुसार बड़े खाड़ों की मरम्मति का कार्य मशीन के माध्यम से 09 एवं तदनुसार कार्यपालक अभियन्ता के निदेशानुसार बड़े खाड़ों की मरम्मति का कार्य मशीन के माध्यम से 09 एवं तदनुसार कार्यपालक अभियन्ता के निदेशानुसार बड़े खाड़ों की मरम्मति का कार्य मशीन के माध्यम से कनीय अभियन्ता द्वारा कराया गया। इन बड़े खाड़ों की मरम्मति का कार्य अल्प अवधि में सिर्फ मशीन द्वारा ही संभव था े खाड़ों की मरम्मति का कार्य अल्प अवधि में सिर्फ मशीन द्वारा ही संभव था कनीय अभियन्ता द्वारा कराया गया। इन बड़ 09 से भी स्पष्ट है। सेवा संहिता के तहत प्रदत्त कर्तव्यों एवं जो कार्यपालक अभियन्ता के पत्रांक 560 दिनांक 29.6.09 से भी स्पष्ट है। सेवा संहिता के तहत प्रदत्त कर्तव्यों एवं जो कार्यपालक अभियन्ता के पत्रांक 560 दिनांक 29 2 (cid:1)बहार गजट (असाधारण), 5555 फरफरफरफरवर) वर) वर) वर) 2015201520152015 उच्चाधिकारियों के आदेश अनुपालन हेतु कराये गये कार्य की कनीय अभियन्ता द्वारा ली गयी मापी की मात्र जॅाच मेरे द्वारा की गयी है। आरोप सं0-2. प्री लेवल की जॅाच असंबद्व प्रमण्डल से कार्यपालक अभियन्ता के निदेशानुसार कराया गया जो स्थलीय स्थिति के अनुसार संभव था एवं कार्य में पारदर्शिता तथा अनियमितता से बचने के लिये आवश्यक था। आरोप सं0-3. संवेदकों के नामांकन का कोई प्रस्ताव मेरे स्तर से नहीं भेजा गया और न अनुशंसा की गयी है। संवेदकों के नामांकन के लिये मैं सक्ष्म प्राधिकार नहीं था। यह कार्य उच्चाधिकारियों द्वारा किया गया है। श्री यादव से प्राप्त स्पष्टीकरण की समीक्षा में निम्न तथ्य पाया गयाः- आरोप सं0-1. उक्त कार्य हेतु Specific आदेश था कि खॅार की मरम्मति के कार्य में ढुलाई एवं मशीन का व्यय विभाग द्वारा वहन किया जायेगा।, परन्तु उक्त प्रमण्डल द्वारा कुल 27,62,605/- रू0 का प्रपत्र-24 विभाग को उपलब्ध कराया गया और विभाग द्वारा इसकी स्वीकृति देते हुए इसका भुगतान भी कर दिया गया। यदि मनरेगा से इसमें श्रम अंश का भुगतान किया जाता तो विभाग को उतनी राशि की बचत हो सकती थी। अगर कार्य की आवश्यकता को देखते हुए मनरेगा से यह संभव नहीं था तो उस समय विभाग का अनुमोदन प्राप्त करना चाहिये था जिसका कोई प्रयास श्री यादव द्वारा नहीं किया गया। इससे स्पष्ट है कि विभागीय निदेश का उल्लंध हुआ और विभाग पर अतिरिक्त वित्तीय वोझ बढ़ा है। अतएव यह आरोप प्रमाणित पाया गया।

आरोप सं0-2. कार्य में प्री लेवेल और पोस्ट लेवेल लिया जाना श्रेयस्कर है और इससे सही रूप से कराये गये कार्य का भुगतान होता है। चूॅकि कार्य बाढ़ अवधि में कराया गया था इसलिए नामांकन के आधार पर कार्य कराया जाना नियमानुकूल माना गया। अतएव यह आरोप प्रमाणित नहीं पाया गया।

आरोप सं0-3. संवेदक के नामांकन के संबंध में बाढ़ अवधि में अधीक्षण अभियन्ता को शक्ति सन्निहित होती है, और इस पर अभियन्ता प्रमुख की स्वीकृति आवश्यक नहीं है। अतएव यह आरोप प्रमाणित नहीं पाया गया। उपरोक्त वर्णित स्थिति में सरकार द्वारा प्रमाणित आरोप सं0-1 के लिये श्री यादव को वर्ष 2009-10 की चारित्री में निन्दन की सजा संसूचित करने का निर्णय लिया गया।

अतः उक्त निर्णय के आलोक में श्री राज कुमार यादव, तत्कालीन सहायक अभियन्ता (आई0 डी0 जे0-8190) जल पथ प्रमण्डल, एकंगरसराय सम्प्रति सहायक अभियन्ता, योजना एवं मोनिटरिंग अंचल सं0-1, जल संसाधन विभाग, पटना को निम्न दण्ड दिया एवं संसूचित किया जाता हैः-

1. निन्दन वर्ष 2009-10 जिसकी प्रविष्टि वर्ष 2009-10 की चारित्री में की जायेगी।

बिहार'-राज्यपाल के आदेश से, मोहन पासवान, सरकार के अवर सचिव।

———— अधी.क, सिचवालय मुिणालय,

(cid:1)बहार, पटना (cid:13)ारा ूकािशत एवं मु4ित। (cid:1)बहार गजट (असाधारण) 233-571+10-ड)0ट)0पी0। Website: http://egazette.bih.nic.in

Cite this issue. Bihar Gazette, Government of Bihar, 05 February 2015. Indian Gazettes, https://egazette.servantsofknowledge.in/details/in.gov.bih.gazette.2015-02-05.233/. Archive identifier in.gov.bih.gazette.2015-02-05.233.