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Bihar Gazette · Government of Bihar

Bihar Gazette, 05 February 2015

Published 05 February 2015

Type
Extra Ordinary
Identifier
in.gov.bih.gazette.2015-02-05.235
Languages
English, Hindi

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सं0 22/नि0सि0(पट0)-03-19/2009/125

0(पट0)-03-19/2009/125—मो0 सोहैल, सहायक अभियन्ता (आई0 डी0-4698) जब जल मो0 सोहैल, सहायक अभियन्ता (आई0 डी0-4698) जब जल पथ प्रमण्डल, एकंगरसराय में पदस्थापित थे तब उक्त प्रमण्डलान्तर्गत वर्ष 2009 में जमींदारी बांध में कराये गये बाढ़ पथ प्रमण्डल, एकंगरसराय में पदस्थापित थे तब उक्त प्रमण्डलान्तर्गत वर्ष 2009 में जमींदारी बांध में कराये गये बाढ़ पथ प्रमण्डल, एकंगरसराय में पदस्थापित थे तब उक्त प्रमण्डलान्तर्गत वर्ष 2009 में जमींदारी बांध में कराये गये बाढ़ संधार्षात्मक कार्य (खाड़ भराई) की जॅाच उड़नदस्ता से करायी गयी। उड़नदस्ता से प्राप्त जॅाच प्रतिवेदन की े करायी गयी। उड़नदस्ता से प्राप्त जॅाच प्रतिवेदन की संधार्षात्मक कार्य (खाड़ भराई) की जॅाच उड़नदस्ता स 10 द्वारा मो0 सोहैल से निम्नांकित प्रथम द्रष्टया आरोपेां के लिये समीक्षोपरान्त विभागीय पत्रांक 1243 दिनांक 25.8.10 द्वारा मो0 सोहैल से निम्नांकित प्रथम द्रष्टया आरोपेां के लिये समीक्षोपरान्त विभागीय पत्रांक 1243 दिनांक 25 स्पष्टीकरण पूछा गयाः-

आरोप सं0-1. अभियन्ता प्रमुख के पत्र सं0-1415 दिनांक 18

अभियन्ता प्रमुख के पत्र सं0-1415 दिनांक 18.6.09 द्वारा मिट्‌टी कार्य

09 द्वारा मिट्‌टी कार्य नरेगा योजना तथा कैरेज मशीन वर्ग का व्यय विभागीय मद से कराया जाय। कार्य से संबंधित पदाधिकारी द्वारा इसका अनुपालन नहीं कर कैरेज मशीन वर्ग का व्यय विभागीय मद से कराया जाय। कार्य से संबंधित पदाधिकारी द्वारा इसका अनुपालन नहीं कर कैरेज मशीन वर्ग का व्यय विभागीय मद से कराया जाय। कार्य से संबंधित पदाधिकारी द्वारा इसका अनुपालन नहीं कर सम्पूर्ण कार्य संधार्षात्मक कार्य के रूप में करते हुए उसी के अनुरूप विभाग से भुगतान की मांग की गयी है। सम्पूर्ण कार्य संधार्षात्मक कार्य के रूप में करते हुए उसी के अनुरूप विभाग से भुगतान की मांग की गयी है। सम्पूर्ण कार्य संधार्षात्मक कार्य के रूप में करते हुए उसी के अनुरूप विभाग से भुगतान की मांग की गयी है। आरोप सं0-2. मिट्‌टी कार्य मद में प ्री लेवल एवं प्रस्तावित पोस्ट लेवल के आधार पर मिट्‌टी मात्रा का मिट्‌टी कार्य मद में प्री लेवल एवं प्रस्तावित पोस्ट लेवल के आधार पर मिट्‌टी मात्रा का आकलन की प्रक्रिया बाढ़ सुरक्षात्मक कार्य में अपनायी जाती है जो इस कार्य में किया गया है, परन्तु बाढ़ संधार्षात्मक आकलन की प्रक्रिया बाढ़ सुरक्षात्मक कार्य में अपनायी जाती है जो इस कार्य में किया गया है, परन्तु बाढ़ संधार्षात्मक आकलन की प्रक्रिया बाढ़ सुरक्षात्मक कार्य में अपनायी जाती है जो इस कार्य में किया गया है, परन्तु बाढ़ संधार्षात्मक कार्य के अनुरूप संवेदकों का नामांकन के आधार पर चयन किया गया। कार्य के अनुरूप संवेदकों का नामांकन के आधार पर चयन किया गया।

आरोप सं0-3. संवेदकों का

नामांकन प्रस्ताव पर स्वीकृति कार्य के पूर्व न कराकर प्रस्ताव ब

ति कार्य के पूर्व न कराकर प्रस्ताव बाद में भेजा गया। इस प्रकार अभियन्ता प्रमुख के आदेश के आलोक में मिट्‌टी का कार्य नरेगा योजना अन्तर्गत कराने का निदेश का इस प्रकार अभियन्ता प्रमुख के आदेश के आलोक में मिट्‌टी का कार्य नरेगा योजना अन्तर्गत कराने का निदेश का इस प्रकार अभियन्ता प्रमुख के आदेश के आलोक में मिट्‌टी का कार्य नरेगा योजना अन्तर्गत कराने का निदेश का किया गया है, जबकि मिट्‌टी पालन नहीं किया गया तथा जून माह में कार्य का रूप बाढ़ संधार्षात्मक देने का प्रयास किया गया है, जबकि मिट्‌टी पालन नहीं किया गया तथा जून माह में कार्य का रूप बाढ़ संधार्षात्मक देने का प्रयास की मणना बाढ़ सुरक्षात्मक कार्य के रूप में किया गया है। की मणना बाढ़ सुरक्षात्मक कार्य के रूप में किया गया है।

मो0 सोहैल से प्राप्त स्पष्टीकरण की समीक्षा सरकार के स्तर पर की गयी। समीक्षा में पाया गया कि मो0 मो0 सोहैल से प्राप्त स्पष्टीकरण की समीक्षा सरकार के स्तर पर की गयी। समीक्षा में पाया गया कि मो0 मो0 सोहैल से प्राप्त स्पष्टीकरण की समीक्षा सरकार के स्तर पर की गयी। समीक्षा में पाया गया कि मो0 सोहैल द्वारा अपने स्पष्टीकरण में मुख्य रूप से निम्न तथ्य अंकित किया गया हैः- सोहैल द्वारा अपने स्पष्टीकरण में मुख्य रूप से निम्न तथ्य अंकित किया गया हैः-

आरोप सं0-1. अभियन्ता प्रमुख के पत्रांक-1593 दिनांक 0209 में निहित आदेश के आलोक में विषयांकित भियन्ता प्रमुख के पत्रांक-1593 दिनांक 02.07.09 में निहित आदेश के आलोक में विषयांकित कार्य आपातकालीन परिस्थिति में बाढ़ संधर्षात्मक कार्य के रूप में कराया गया क्योंकि निविदा आदि की प्रक्रिया में कार्य आपातकालीन परिस्थिति में बाढ़ संधर्षात्मक कार्य के रूप में कराया गया क्योंकि निविदा आदि की प्रक्रिया में कार्य आपातकालीन परिस्थिति में बाढ़ संधर्षात्मक कार्य के रूप में कराया गया क्योंकि निविदा आदि की प्रक्रिया में चाना दुष्कर होता। जिला पदाधिकारी, नालन्दा के काफी विलम्ब होता एवं बाढ़ आने की स्थिति में संभावित क्षति से बचाना दुष्कर होता। जिला पदाधिकारी, नालन्दा के काफी विलम्ब होता एवं बाढ़ आने की स्थिति में संभावित क्षति से ब 09 से आपातकालीन परिस्थिति में कार्य कराने के निदेश की सम्पुष्टि होती है। निर्धारित समय ज्ञापांक 164 दिनांक 17.6.09 से आपातकालीन परिस्थिति में कार्य कराने के निदेश की सम्पुष्टि होती है। निर्धारित समय 09 से आपातकालीन परिस्थिति में कार्य कराने के निदेश की सम्पुष्टि होती है। निर्धारित समय सीमा 30.6.09 के अन्तर्गत विहित प्रक्रिया को अपनाते हुए कार्य करा ली गई। 09 के अन्तर्गत विहित प्रक्रिया को अपनाते हुए कार्य करा ली गई। ाधार पर बाढ़ संधर्षात्मक कार्य के रूप में कराते हुए दैनिक प्रगति की विषयांकित कार्य को नामांकण के आधार पर बाढ़ संधर्षात्मक कार्य के रूप में कराते हुए दैनिक प्रगति की विषयांकित कार्य को नामांकण के अ सूचना प्रपत्र-24 में स्थलवार संवेदकवार विभाग को मुख्य अभियन्ता के माध्यम से दी गई एवं प्रतिवेदन को स्वीकृत सूचना प्रपत्र-24 में स्थलवार संवेदकवार विभाग को मुख्य अभियन्ता के माध्यम से दी गई एवं प्रतिवेदन को स्वीकृत सूचना प्रपत्र-24 में स्थलवार संवेदकवार विभाग को मुख्य अभियन्ता के माध्यम से दी गई एवं प्रतिवेदन को स्वीकृत स्पष्ट है कि निर्धारित करते हुए विभागीय ज्ञापांक 993 दिनांक 27.03.10 द्वारा आवंटन भी दी गई है। उक्त तथ्यों से स्पष्ट है कि निर्धारित करते हुए विभागीय ज्ञापांक 993 दिनांक 27 2 (cid:1)बहार गजट (असाधारण), 5555 फरफरफरफरवर) वर) वर) वर) 2015201520152015 अवधि दिनांक 30.6.09 तक में सिर्फ भारी मशीन से ही कार्य पूरा किया जा सकता था। ऐसी परिस्थिति में मिट्‌टी का कार्य नरेगा से नहीं कराकर सम्पूर्ण कार्य को भारी मशीन Excavator द्वारा कराया गया। आरोप सं0-2. यद्‌यपि विषयांकित कार्य बाढ़ संधर्षात्मक कार्य के रूप में जिला पदाधिकारी, नालन्दा का पत्रांक 164 दिनांक 17.6.09 एवं अभियन्ता प्रमुख (उत्तर) के पत्रांक 1593 दिनांक 02.07.09 के निदेशानुसार कराया गया था। फिर भी मिट्‌टी की मात्रा का आकलन प्री लेवल एवं पोस्ट लेवल के आधार पर ग्राफ शीट पर की गई थी ताकि भुगतान की गई मिट्‌टी की मात्रा में कोई त्रुटि न रह पाय।

आरोप सं0-3. खॅाड़ भराई कार्य दस स्थलों पर प्रस्तावित था जिसमें दो अद्‌द खॅाड़ों के नामांकन प्रस्ताव प्रमण्डलीय पत्रांक 540 दिनांक 17.6.09 तथा शेष आठ का प्रस्ताव पत्रांक 559 दिनांक 26.6.09 द्वारा अधीक्षण अभियन्ता को भेजा गया था। नामांकन प्रस्ताव के घटनोत्तर स्वीकृति विभागीय पत्रांक 912 दिनांक 29.3.10 द्वारा दी गई एवं तदनुसार 27.641 लाख रूपये का आवंटन भी विभागीय पत्रांक 993 दिनांक 27.3.10 द्वारा दी गई। इस संबंध में प्रस्ताव ससमय भेजा गया है।

मो0 सोहैल से प्राप्त स्पष्टीकरण की समीक्षा में निम्न तथ्य पाया गयाः- आरोप सं0-1. उक्त कार्य हेतु Specific आदेश था कि खॅार की मरम्मति के कार्य में ढुलाई एवं मशीन का व्यय विभाग द्वारा वहन किया जायेगा। जबकि श्रम पर भुगतान नरेगा से किया जायेगा, परन्तु कार्यपालक अभियन्ता द्वारा कुल 27,62,605/- रू0 का प्रपत्र-24 विभाग को उपलब्ध कराया गया और विभाग द्वारा इसकी स्वीकृति देते हुए इसका भुगतान भी कर दिया गया। यदि मनरेगा से इसमें श्रम अंश का भुगतान किया जाता तो विभाग को उतनी राशि की बचत हो सकती थी। अगर कार्य की आवश्यकता को देखते हुए मनरेगा से यह संभव नहीं था तो उस समय विभाग का अनुमोदन प्राप्त करना चाहिये था जिसका कोई प्रयास मो0 सोहैल द्वारा नहीं किया गया। इससे स्पष्ट है कि विभागीय निदेश का उल्लंघन हुआ और विभाग पर अतिरिक्त वित्तीय वोझ बढ़ा है। अतएव यह आरोप प्रमाणित पाया गया।

आरोप सं0-2. कार्य में प्री लेवेल और पोस्ट लेवेल लिया जाना श्रेयस्कर है और इससे सही रूप से कराये गये कार्य का भुगतान होता है। चूॅकि कार्य बाढ़ अवधि में कराया गया था इसलिए नामांकन के आधार पर कार्य कराया जाना नियमानुकूल माना गया। अतएव यह आरोप प्रमाणित नहीं पाया गया।

आरोप सं0-3. संवेदक के नामांकन के संबंध में बाढ़ अवधि में अधीक्षण अभियन्ता को शक्ति सन्निहित होती है, और इस पर अभियन्ता प्रमुख की स्वीकृति आवश्यक नहीं है। अतएव यह आरोप प्रमाणित नहीं पाया गया। उपरोक्त वर्णित स्थिति में सरकार द्वारा प्रमाणित आरोप सं0-1 के लिये मो0 सोहैल को वर्ष 2009-10 की चारित्री में निन्दन की सजा संसूचित करने का निर्णय लिया गया।

अतः उक्त निर्णय के आलोक में मो0 सोहैल, तत्कालीन सहायक अभियन्ता (आई0 डी0-4698) जल पथ प्रमण्डल, एकंगरसराय सम्प्रति सहायक अभियन्ता, ग्रामीण कार्य विभाग, कार्य प्रमण्डल सं0-2, बेगुसराय को निम्न दण्ड दिया एवं संसूचित किया जाता हैः-

1. निन्दन वर्ष 2009-10 जिसकी प्रविष्टि वर्ष 2009-10 की चारित्री में की जायेगी।

बिहार'-राज्यपाल के आदेश से, मोहन पासवान, सरकार के अवर सचिव।

———— अधी.क, सिचवालय मुिणालय,

(cid:1)बहार, पटना (cid:13)ारा ूकािशत एवं मु4ित। (cid:1)बहार गजट (असाधारण) 235-571+10-ड)0ट)0पी0। Website: http://egazette.bih.nic.in

Cite this issue. Bihar Gazette, Government of Bihar, 05 February 2015. Indian Gazettes, https://egazette.servantsofknowledge.in/details/in.gov.bih.gazette.2015-02-05.235/. Archive identifier in.gov.bih.gazette.2015-02-05.235.