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Bihar Gazette · Government of Bihar

Bihar Gazette, 05 February 2015

Published 05 February 2015

Type
Extra Ordinary
Identifier
in.gov.bih.gazette.2015-02-05.236
Languages
English, Hindi

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((((संसंसंसं0 0 0 0 पटना पटना पटना पटना 236236236236) ) ) ) पटनापटनापटनापटना

पटनापटनापटनापटना, , , , वृहःपवृहःपवृहःपवृहःपितितितितवारवारवारवार, , , , 5555 फरफरफरफरवर)वर)वर)वर) 2012012012015555 जल संसाधन विभाग &&&&&&& vf/klwpuk 16 tuojh 2015

सं0 22/नि0सि0(पट0)-03-19/2009/164

न हेतु राशि की मांग भी मेरे द्वारा नहीं की गई है।22/नि0सि0(पट0)-03-19/2009/164—श्री मनोज कुमार आरत, प्राक्कलन पदाधिकारी (आई0 डी0 श्री मनोज कुमार आरत, प्राक्कलन पदाधिकारी (आई0 डी0 जे0-4847) सिंचाई प्रमण्डल, मुरलीगंज जब कनीय अभियन्ता, जल पथ प्रमण्डल, एकंगरसराय में पदस्थापित थे तब जे0-4847) सिंचाई प्रमण्डल, मुरलीगंज जब कनीय अभियन्ता, जल पथ प्रमण्डल, एकंगरसराय में पदस्थापित थे तब जे0-4847) सिंचाई प्रमण्डल, मुरलीगंज जब कनीय अभियन्ता, जल पथ प्रमण्डल, एकंगरसराय में पदस्थापित थे तब उक्त प्रमण्डलान्तर्गत वर्ष 2009 में जमींदारी बॅाध में कराये गये बाढ़ संधर्षात्मक कार्य (खाड़ भराई) की जॅाच उड़नदस्ता उक्त प्रमण्डलान्तर्गत वर्ष 2009 में जमींदारी बॅाध में कराये गये बाढ़ संधर्षात्मक कार्य (खाड़ भराई) की जॅाच उड़नदस्ता से करायी गयी। उड़नदस्ता से प्राप्त जॅाच प्रतिवेदन की समीक्षोपरान्त विभागीय पत्रांक 1244 दिनांक 25.08.10 द्वारा श्री से करायी गयी। उड़नदस्ता से प्राप्त जॅाच प्रतिवेदन की समीक्षोपरान्त विभागीय पत्रांक 1244 दिनांक 25 से करायी गयी। उड़नदस्ता से प्राप्त जॅाच प्रतिवेदन की समीक्षोपरान्त विभागीय पत्रांक 1244 दिनांक 25 आरत से निम्नांकित प्रथम द्रष्टया आरोपों के लिये स्पष्टीकरण पूछा गयाः- आरत से निम्नांकित प्रथम द्रष्टया आरोपों के लिये स्पष्टीकरण पूछा गयाः- आरोप -1- अभियन्ता प्रमुख् 09 द्वारा मिट्‌टी कार्य नरेगा योजना तथा कैरेज आरोप -1- अभियन्ता प्रमुख के पत्र सं0-1415 दिनांक 18.6.09 द्वारा मिट्‌टी कार्य नरेगा योजना तथा कैरेज मशीन वर्ग का व्यय विभागीय मद से कराया जाय। कार्य से संबंधित पदाधिकारी द्वारा इसका अनुपाल मशीन वर्ग का व्यय विभागीय मद से कराया जाय। कार्य से संबंधित पदाधिकारी द्वारा इसका अनुपालन नहीं कर सम्पूर्ण मशीन वर्ग का व्यय विभागीय मद से कराया जाय। कार्य से संबंधित पदाधिकारी द्वारा इसका अनुपाल ग की गयी है। मक कार्य के रूप में करते हुए उसी के अनुरूप विभाग से भुगतान की मांग की गयी है। कार्य संधर्षात्मक कार्य के रूप में करते हुए उसी के अनुरूप विभाग से भुगतान की मां आरोप -2- मिट्‌टी कार्य मद में प्री लेवल एवं प्रस्तावित पोस्ट लेवल के आधार पर मिट्‌टी मात्रा का आकलन आरोप -2- मिट्‌टी कार्य मद में प्री लेवल एवं प्रस्तावित पोस्ट लेवल के आधार पर मिट्‌टी मात्रा का आकलन आरोप -2- मिट्‌टी कार्य मद में प्री लेवल एवं प्रस्तावित पोस्ट लेवल के आधार पर मिट्‌टी मात्रा का आकलन की प्रक्रिया बाढ़ सुरक्षात्मक कार्य में अपनायी जाती है जो इस कार्य में किया गया है, परन्तु बाढ़ संघर्षात्मक कार्य के की प्रक्रिया बाढ़ सुरक्षात्मक कार्य में अपनायी जाती है जो इस कार्य में किया गया है, परन्तु बाढ़ संघर्षात्मक कार्य के की प्रक्रिया बाढ़ सुरक्षात्मक कार्य में अपनायी जाती है जो इस कार्य में किया गया है, परन्तु बाढ़ संघर्षात्मक कार्य के अनुरूप संवेदकों का नामांकन के आधार पर चयन किया गया। अनुरूप संवेदकों का नामांकन के आधार आरोप -3 संवेदकों का नामांकन प्रस्ताव पर स्वीकृति कार्य के पूर्व न कराकर प्रस्ताव वाद में भेजा गया। इस आरोप -3 संवेदकों का नामांकन प्रस्ताव पर स्वीकृति कार्य के पूर्व न कराकर प्रस्ताव वाद में भेजा गया। इस आरोप -3 संवेदकों का नामांकन प्रस्ताव पर स्वीकृति कार्य के पूर्व न कराकर प्रस्ताव वाद में भेजा गया। इस प्रकार अभियंता प्रमुख के आदेश के आलोक में मिट्‌टी का कार्य नरेगा योजना के अन्तर्गत कराने का निदेश का पालन प्रकार अभियंता प्रमुख के आदेश के आलोक में मिट्‌टी का कार्य नरेगा योजना के अन्तर्गत कराने का निदेश का पालन प्रकार अभियंता प्रमुख के आदेश के आलोक में मिट्‌टी का कार्य नरेगा योजना के अन्तर्गत कराने का निदेश का पालन कार्य का रूप बाढ़ संधर्षातमक देने का प्रयास किया गया है, जबकि मिट्‌टी की नहीं किया गया तथा जून माह में कार्य का रूप बाढ़ संधर्षातमक देने का प्रयास किया गया है, जबकि मिट्‌टी की कार्य का रूप बाढ़ संधर्षातमक देने का प्रयास किया गया है, जबकि मिट्‌टी की गणना बाढ़ सुरक्षात्मक कार्य के रूप में किया गया है। गणना बाढ़ सुरक्षात्मक कार्य के रूप में किया गया है। श्री आरत से प्राप्त स्पष्टीकरण की समीक्षा विभाग के स्तर की गयी। समीक्षा में पाया गया कि श्री आरत द्वारा श्री आरत से प्राप्त स्पष्टीकरण की समीक्षा विभाग के स्तर की गयी। समीक्षा में पाया गया कि श्री आरत द्वारा श्री आरत से प्राप्त स्पष्टीकरण की समीक्षा विभाग के स्तर की गयी। समीक्षा में पाया गया कि श्री आरत द्वारा अपने स्पष्टीकरण में मुख्य रूप से निम्न तथ्य अंकित किया गया हैः- अपने स्पष्टीकरण में मुख्य रूप से निम्न तथ्य अ आरोप सं0-1. कार्य की प्रकृति के निर्धारण ( बाढ़ संधर्षात्मक या बाढ़ सुरक्षात्मक) के लिये कनीय अभियन्ता कार्य की प्रकृति के निर्धारण ( बाढ़ संधर्षात्मक या बाढ़ सुरक्षात्मक) के लिये कनीय अभियन्ता कार्य की प्रकृति के निर्धारण ( बाढ़ संधर्षात्मक या बाढ़ सुरक्षात्मक) के लिये कनीय अभियन्ता 09 तक ही कार्यरत था। के रूप में मैं न तो सक्षम था, न तेरे द्वारा किया गया। उक्त प्रमण्डल में मै दिनांक 3.12.09 तक ही कार्यरत था। के रूप में मैं न तो सक्षम था, न तेरे द्वारा किया गया। उक्त प्रमण्डल में मै दिनांक 3 इसका विपत्र तैयार करने एवं भुगतान हेतु राशि की मांग भी मेरे द्वारा नहीं की गई है। 10, जिला पदाधिकारी, नालन्दा का पत्रांक 164 अधीक्षण अभियन्ता (उत्तर) के पत्रांक 1415 दिनांक 18.8.10, जिला पदाधिकारी, नालन्दा का पत्रांक 164 अधीक्षण अभियन्ता (उत्तर) के पत्रांक 1415 दिनांक 18 दिनांक 17.6.09 एवं तदनुसार कार्यपालक अभियन्ता के निर्देशानुसार बड़े खाड़ों की मरम्मति का कार्य मशीन के माध्यम 09 एवं तदनुसार कार्यपालक अभियन्ता के निर्देशानुसार बड़े खाड़ों की मरम्मति का कार्य मशीन के माध्यम 09 एवं तदनुसार कार्यपालक अभियन्ता के निर्देशानुसार बड़े खाड़ों की मरम्मति का कार्य मशीन के माध्यम से मेरे द्वारा कराया गया। इन बड़ खाड़ों की मरम्मति का कार्य अल्प अवधि में सिर्फ मशीन (एक्साभेटर) से ही संभव मेरे द्वारा कराया गया। इन बड़ खाड़ों की मरम्मति का कार्य अल्प अवधि में सिर्फ मशीन (एक्साभेटर) से ही संभव मेरे द्वारा कराया गया। इन बड़ खाड़ों की मरम्मति का कार्य अल्प अवधि में सिर्फ मशीन (एक्साभेटर) से ही संभव 09 से भी स्पष्ट है। सेवा संहिता के तहत प्रदत्त कर्तव्यों एवं था, जो कार्यपालक अभियन्ता के पत्रांक 560 दिनांक 29.6.09 से भी स्पष्ट है। सेवा संहिता के तहत प्रदत्त कर्तव्यों एवं था, जो कार्यपालक अभियन्ता के पत्रांक 560 दिनांक 29 2 (cid:1)बहार गजट (असाधारण), 5555 फरफरफरफरवर) वर) वर) वर) 2015201520152015 उच्चाधिकारियों के आदेश अनुपालन हेतु कराये गये कार्य की मापी मेरे द्वारा ली गई एवं अपर प्रमण्डल पदाधिकारी द्वारा जॅाच की गई जो सही पाया गया। आरोप सं0-2. कार्य प्रारम्भ करने के पूर्व कार्यपालक अभियन्ता के पत्रांक-01 कैम्प, पटना, दिनांक 20.6.09 के आलोक में कराये जाने वाले कार्यो का प्री लेवल का जॅाच असम्बद्व प्रमण्डल (गुण नियंत्रण प्रमण्डल, अनीसाबाद, पटना) से करा लिया गया। स्थलीय स्थिति के अनुसार यह संभव था एवं कार्य में पारदर्शिता रखने एवं किसी प्रकार की अनियमितता से बचने के लिये यह आवश्यक भी था। आरोप सं0-3. संवेदकों के लिये कनीय अभियन्ता के रूप में मै सक्षम प्राधिकार नहीं था। इस संबंध में मेरे द्वारा केाई अनुशंसा भी नहीं की गई है। यह कार्य उच्चाधिकारियों द्वारा किया गया है। श्री आरत से प्राप्त स्पष्टीकरण की समीक्षा में निम्न तथ्य पाया गयाः- आरोप संख्या-1 - उक्त कार्य हेतु Specific आदेश था कि खार की मरम्मति के कार्य में ढुलाई एवं मशीन का व्यय विभाग द्वारा वहन किया जायेगा। परन्तु उक्त प्रमंडल द्वारा कुल 27,62,605/- रू0 का प्रपत्र-24 विभाग को उपलब्ध कराया गया और विभाग द्वारा इसकी स्वीकृति देते हुए इसका भुगतान भी कर दिया गया। यदि मनरेगा से इसमें श्रम अंश का भुगतान किया जाता तो विभाग को उतनी राशि की बचत हो सकती थी। अगर कार्य की आवश्यकता को देखते हुए मनरेगा से यह संभव नहीं था तो उस समय विभाग का अनुमोदन प्राप्त करना चाहिये था जिसका कोई प्रयास श्री आरत द्वारा नहीें किया गया। इससे स्पष्ट है कि विभागीय निदेश का उल्लंघन हुआ है और विभाग पर अतिरिक्त वित्तीय बोझ बढ़ा है। अतएव यह आरोप प्रमाणित पाया गया। आरोप संख्या-2 - कार्य में प्री लेवल और पोस्ट लेवल लिया जाना श्रेयष्कर है और इससे सही रूप से कराये गये कार्य का भुगतान होता है। चॅूकि कार्य बाढ़ अवधि में कराया गया था इसलिए नामांकन के आधार पर कार्य कराया जाना नियमानुकूल माना गया। अतएव यह आरोप प्रमाणित नहीं पाया गया। आरोप संख्या-3 - संवेदक के नामांकन के संबंध में बाढ़ अवधि में अधीक्षण अभियंता को शक्ति सन्निहित होती है, और इस पर अभियंता प्रमुख की स्वीकृति आवश्यक नहीं है। अतएव यह आरोप प्रमाणित नहीं पाया गया। उपरोक्त वर्णित स्थिति में विभाग द्वारा प्रमाणित आरोप संख्या-1 के लिए श्री आरत को वर्ष 2009-10 की चारित्री में निन्दन की सजा संसूचित करने का निर्णय लिया गया। अतः उक्त निर्णय के आलोक में श्री मनोज कुमार आरत, तत्कालीन कनीय अभियन्ता, जल पथ प्रमण्डल, एकंगरसराय (नालन्दा) सम्प्रति प्राक्कलन पदाधिकारी सिंचाई प्रमण्डल, मुरलीगंज को निम्न दंड दिया एवं संसूचित किया जाता हैः- (1) निन्दन वर्ष 2009-10 जिसकी प्रविष्टि वर्ष 2009-10 की चारित्री में की जायेगी।

बिहार'-राज्यपाल के आदेश से, मोहन पासवान, सरकार के अवर सचिव।

———— अधी.क, सिचवालय मुिणालय,

(cid:1)बहार, पटना (cid:13)ारा ूकािशत एवं मु4ित। (cid:1)बहार गजट (असाधारण) 236-571+10-ड)0ट)0पी0। Website: http://egazette.bih.nic.in

Cite this issue. Bihar Gazette, Government of Bihar, 05 February 2015. Indian Gazettes, https://egazette.servantsofknowledge.in/details/in.gov.bih.gazette.2015-02-05.236/. Archive identifier in.gov.bih.gazette.2015-02-05.236.