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सं0 22/नि0सि0(मोति0)-08-08/2007/269
र लकड़ी का हस्तान्तरण किया गया, जिसे थाना द्वारा जब्त कर लिया 06 को हस्त पावती पर लकड़ी का हस्तान्तरण किया गया, जिसे थाना द्वारा जब्त कर लिया त की गई लकड़ी की सूचना अपने उच्चाधिकारियों को ससमय नहीं दी 06 को जब्त की गई लकड़ी की सूचना अपने उच्चाधिकारियों को ससमय नहीं दी
र्यवाही संचालित की गई। 2 (cid:1)बहार गजट (असाधारण), 5555 फरफरफरफरवर+ वर+ वर+ वर+ 2015201520152015 उच्च पदाधिकारी को देनी चाहिए थी। आरोपित पदाधिकारी श्री सिंह द्वारा बचाव बयान के साथ ऐसा कोई साक्ष्य उपलब्ध नहीं कराया है, जिससे प्रमाणित हो सके कि थाना में जब्त लकड़ी की सूचना लिखित रूप से उच्चाधिकारियों को दी गई, जिसके लिए वे दोषी हैं। उड़नदस्ता जॉंच दल के मंतव्य कंडिका 4.00 में अभिलेख उपलब्ध नहीं कराने पर कोई प्रतिकूल टिप्पणी दर्ज नहीं है। अतएव अभिलेख उपलब्ध नहीं कराने का आरोप प्रमाणित नहीं होता है। मामले की सम्यक समीक्षोपरान्त श्री रामानुज, तत्कालीन सहायक अभियंता, ढाका नहर नवीकरण अवर प्रमंडल, गोआवरी के विरूद्ध थाना द्वारा जब्त लकड़ी की सूचना अपने उच्चाधिकारियों को ससमय नहीं देने के प्रमाणित आरोप के लिए विभागीय अधिसूचना संख्या-583 दिनांक 19.05.14 द्वारा निम्नांकित दंड संसूचित किया गया - (1) असंचयात्मक प्रभाव से तीन वेतन वृद्धि पर रोक। उक्त दंड के विरूद्ध श्री सिंह द्वारा अपने पत्रांक- शून्य दिनांक 22.06.2014 द्वारा पुनर्विलोकन अर्जी समर्पित किया गया जिसकी समीक्षा सरकार के स्तर पर की गई। समीक्षा में पाया गया कि इनके द्वारा वस्तुतः केवल यही आरोप प्रमाणित हुआ कि इनके द्वारा लकड़ी जब्ती की लिखित सूचना उच्चाधिकारियों को ससमय नहीं दी गई थी, किन्तु इनके द्वारा मौखिक सूचना उच्चाधिकारियों को ससमय प्राप्त हो गई थी तथा उच्चाधिकारियों द्वारा इस पर कार्रवाई भी की गई थी। अतएव मामले की सम्यक समीक्षोपरान्त पाया गया कि केवल अांशिक रूप से लिखित सूचना नहीं देने के लिए दोषी है। अतएव पूर्व में विभागीय अधिसूचना सं0-583 दिनांक 19.05.14 द्वारा दिये गये दण्ड में अांशिक संशोधन करते हुए असंचयात्मक प्रभाव से तीन वेतनवृद्वि पर रोक की जगह पर असंचयात्मक प्रभाव से एक वेतनवृद्वि पर रोक का दण्ड देने का निर्णय लिया गया। उक्त निर्णय के आलोक में श्री सिंह को निम्न दण्ड संसूचित किया जाता हैः- (1) एक वेतनवृद्वि पर असंचयात्मक प्रभाव से रोक। उक्त दण्ड श्री सिंह, तत्कालीन सहायक अभियन्ता, ढ़ाका नहर नवीकरण प्रमण्डल, ढ़ाका सम्प्रति सहायक अभियन्ता, स्थानीय क्षेत्र अभियंत्रण संगठन कार्य प्रमण्डल-2, दानापुर को संसूचित किया जाता है।
बिहार-राज्यपाल के आदेश से, गजानन मिश्र, विशेष कार्य पदाधिकारी।
———— अधी.क, सिचवालय मुिणालय, (cid:1)बहार, पटना (cid:13)ारा ूकािशत एवं मु4ित। (cid:1)बहार गजट (असाधारण) 248-571+10-ड+0ट+0पी0। Website: http://egazette.bih.nic.in