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Bihar Gazette · Government of Bihar

Bihar Gazette, 05 February 2015

Published 05 February 2015

Type
Extra Ordinary
Identifier
in.gov.bih.gazette.2015-02-05.248
Languages
English, Hindi

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सं0 22/नि0सि0(मोति0)-08-08/2007/269

र लकड़ी का हस्तान्तरण किया गया, जिसे थाना द्वारा जब्त कर लिया 06 को हस्त पावती पर लकड़ी का हस्तान्तरण किया गया, जिसे थाना द्वारा जब्त कर लिया त की गई लकड़ी की सूचना अपने उच्चाधिकारियों को ससमय नहीं दी 06 को जब्त की गई लकड़ी की सूचना अपने उच्चाधिकारियों को ससमय नहीं दी

र्यवाही संचालित की गई।0सि0(मोति0)-08-08/2007/269—श्री रामानुज सिंह, तत्कालीन सहायक अभियंता, ढ़ाका नहर श्री रामानुज सिंह, तत्कालीन सहायक अभियंता, ढ़ाका नहर नवीकरण अवर प्रमंडल, गोआवरी के विरूद्व वर्ष 2004-05, 2005-06 एवं 2006-07 में ढ़ाका नहर नवीकरण प्रमंडल, नवीकरण अवर प्रमंडल, गोआवरी के विरूद्व वर्ष 2004-05, 2005-06 एवं 2006-07 में ढ़ाका नहर नवीकरण प्रमंडल, नवीकरण अवर प्रमंडल, गोआवरी के विरूद्व वर्ष 2004-05, 2005-06 एवं 2006-07 में ढ़ाका नहर नवीकरण प्रमंडल, ढ़ाका के कराये गये गेटों की मरम्मति कार्य एवं लकड़ी के स ंधारित लेखा की जॉंच उड़नदस्ता अंचल से कराई गई। ढ़ाका के कराये गये गेटों की मरम्मति कार्य एवं लकड़ी के संधारित लेखा की जॉंच उड़नदस्ता अंचल से कराई गई। उड़नदस्ता से प्राप्त जॉंच प्रतिवेदन के समीक्षोपरान्त श्री सिंह से स्पष्टीकरण की मांग की गई। प्राप्त स्पष्टीकरण की उड़नदस्ता से प्राप्त जॉंच प्रतिवेदन के समीक्षोपरान्त श्री सिंह से स्पष्टीकरण की मांग की गई। प्राप्त स्पष्टीकरण की उड़नदस्ता से प्राप्त जॉंच प्रतिवेदन के समीक्षोपरान्त श्री सिंह से स्पष्टीकरण की मांग की गई। प्राप्त स्पष्टीकरण की समीक्षा विभागीय स्तर पर की गयी एवं निम्नांकित आरोप प्रथम द्रष्टया प्रमाणित पाया गये :- समीक्षा विभागीय स्तर पर की गयी एवं निम्नांकित आरोप प्रथम द्रष्टया प्रमाणित पाया गये :- 1. नहर के वीयर एवं शीर्ष गेटों की मरम्मति का स्थायी निदान न कर विभागीय शीशम की लकड़ी का र एवं शीर्ष गेटों की मरम्मति का स्थायी निदान न कर विभागीय शीशम की लकड़ी का र एवं शीर्ष गेटों की मरम्मति का स्थायी निदान न कर विभागीय शीशम की लकड़ी का प्रावधान प्रत्येक वर्ष खरीफ एवं रबी सिंचाई के पूर्व गेट मरम्मति के प्राक्कलन में करते हुए लकड़ी की खपत की गयी प्रावधान प्रत्येक वर्ष खरीफ एवं रबी सिंचाई के पूर्व गेट मरम्मति के प्राक्कलन में करते हुए लकड़ी की खपत की गयी प्रावधान प्रत्येक वर्ष खरीफ एवं रबी सिंचाई के पूर्व गेट मरम्मति के प्राक्कलन में करते हुए लकड़ी की खपत की गयी जो विभागीय नियमों के प्रतिकूल है। 2. दिनांक 24.8.06 को हस्त पावती प गया, परन्तु सिंह द्वारा दिनांक 24.8.06 को जब् गयी, साथ ही जॅाच दल को इससे संबंधित कोई अभिलेख भी नहीं उपलब्ध कराया गया। गयी, साथ ही जॅाच दल को इससे संबंधित कोई अभिलेख भी नहीं उपलब्ध कराया गया। .11 द्वारा श्री रामानुज ्रष्टया प्रमाणित आरोपों के लिए विभागीय संकल्प ज्ञापांक-478 दिनांक 19.4. उक्त प्रथम द्रष्टया प्रमाणित आरोपों के लिए विभागीय संकल्प ज्ञापांक-478 दिनांक 19 सिंह, तत्कालीन सहायक अभियंता, ढ़ाका नहर नवीकरण अवर प्रमंडल, गोआवरी के विरूद्व बिहार सरकारी सेवक सिंह, तत्कालीन सहायक अभियंता, ढ़ाका नहर नवीकरण अवर प्रमंडल, गोआवरी के विरूद्व बिहार सरकारी सेवक सिंह, तत्कालीन सहायक अभियंता, ढ़ाका नहर नवीकरण अवर प्रमंडल, गोआवरी के विरूद्व बिहार सरकारी सेवक (वर्गीकरण, नियंत्रण एवं अपील) नियमावली 2005 के नियम 17 के तहत विभागीय का (वर्गीकरण, नियंत्रण एवं अपील) नियमावली 2005 के नियम 17 के तहत विभागीय कार्यवाही संचालित की गई। विभागीय कार्यवाही के संचालन पदाधिकारी द्वारा जॅाच प्रतिवेदन समर्पित किया गया जिसकी समीक्षा सरकार विभागीय कार्यवाही के संचालन पदाधिकारी द्वारा जॅाच प्रतिवेदन समर्पित किया गया जिसकी समीक्षा सरकार विभागीय कार्यवाही के संचालन पदाधिकारी द्वारा जॅाच प्रतिवेदन समर्पित किया गया जिसकी समीक्षा सरकार के स्तर पर की गई। समीक्षा के क्रम में यह पाया गया कि आरोपित पदाधिकारी श्री सिंह की गेटों की मरम्मति के के स्तर पर की गई। समीक्षा के क्रम में यह पाया गया कि आरोपित पदाधिकारी श्री सिंह की गेटों की मरम्मति के के स्तर पर की गई। समीक्षा के क्रम में यह पाया गया कि आरोपित पदाधिकारी श्री सिंह की गेटों की मरम्मति के कोई सहभागिता नहीं है तथा पूर्व की प्रक्रिया के तहत गेटों की मरम्मति स्थायी निदान पर नीतिगत निर्णय में इनकी कोई सहभागिता नहीं है तथा पूर्व की प्रक्रिया के तहत गेटों की मरम्मति स्थायी निदान पर नीतिगत निर्णय में इनकी कार्य में लकड़ी की खपत स्वीकृत कार्यक्रम एवं प्राक्कलन के तहत किया गया है इसके आधार पर श्री सिंह के विरूद्व कार्य में लकड़ी की खपत स्वीकृत कार्यक्रम एवं प्राक्कलन के तहत किया गया है इसके आधार पर श्री सिंह के विरूद्व कार्य में लकड़ी की खपत स्वीकृत कार्यक्रम एवं प्राक्कलन के तहत किया गया है इसके आधार पर श्री सिंह के विरूद्व आरोप सं0-1 प्रमाणित नहीं होता है। ं संचालन पदाधिकारी के मंतव्य से विदित होता है कि आरोप सं0-2 के संबंध में श्री सिंह के बचाव बयान एवं संचालन पदाधिकारी के मंतव्य से विदित होता है कि आरोप सं0-2 के संबंध में श्री सिंह के बचाव बयान एव 06 को गोआवरी वियर एवं शीर्ष गेटों की मरम्मति हेतु हस्तपावती रसीद पर लकड़ी लेने के क्रम में थाना दिनांक 24.8.06 को गोआवरी वियर एवं शीर्ष गेटों की मरम्मति हेतु हस्तपावती रसीद पर लकड़ी लेने के क्रम में थाना 06 को गोआवरी वियर एवं शीर्ष गेटों की मरम्मति हेतु हस्तपावती रसीद पर लकड़ी लेने के क्रम में थाना द्वारा लकड़ी जब्त किया तथा श्री सिंह द्वारा थाना प्रभारी से सम्पर्क स्थापित कर लकड़ी छुड़ाने का प्रयास ि द्वारा लकड़ी जब्त किया तथा श्री सिंह द्वारा थाना प्रभारी से सम्पर्क स्थापित कर लकड़ी छुड़ाने का प्रयास किया गया द्वारा लकड़ी जब्त किया तथा श्री सिंह द्वारा थाना प्रभारी से सम्पर्क स्थापित कर लकड़ी छुड़ाने का प्रयास ि तथा उसकी सूचना मौखिक रूप से कार्यपालक अभियंता को दी गई। कार्यपालक अभियंता के पत्रांक 58 शि0 (मोति0) तथा उसकी सूचना मौखिक रूप से कार्यपालक अभियंता को दी गई। कार्यपालक अभियंता के पत्रांक 58 शि0 (मोति0) तथा उसकी सूचना मौखिक रूप से कार्यपालक अभियंता को दी गई। कार्यपालक अभियंता के पत्रांक 58 शि0 (मोति0) दिनांक 06.09.14 में भी उल्लेख किया गया है कि संबंधित अवर प्रमंडल पदाधिकारी द्वारा भी थाना प्रभारी, ढाका से 14 में भी उल्लेख किया गया है कि संबंधित अवर प्रमंडल पदाधिकारी द्वारा भी थाना प्रभारी, ढाका से 14 में भी उल्लेख किया गया है कि संबंधित अवर प्रमंडल पदाधिकारी द्वारा भी थाना प्रभारी, ढाका से र् जानकारी दी गई। फिर भी श्री सिंह को लिखित रूप से मामले की जानकारी सम्पर्क स्थापित कर वस्तुस्थिति की पूर्ण जानकारी दी गई। फिर भी श्री सिंह को लिखित रूप से मामले की जानकारी सम्पर्क स्थापित कर वस्तुस्थिति की पूण 2 (cid:1)बहार गजट (असाधारण), 5555 फरफरफरफरवर+ वर+ वर+ वर+ 2015201520152015 उच्च पदाधिकारी को देनी चाहिए थी। आरोपित पदाधिकारी श्री सिंह द्वारा बचाव बयान के साथ ऐसा कोई साक्ष्य उपलब्ध नहीं कराया है, जिससे प्रमाणित हो सके कि थाना में जब्त लकड़ी की सूचना लिखित रूप से उच्चाधिकारियों को दी गई, जिसके लिए वे दोषी हैं। उड़नदस्ता जॉंच दल के मंतव्य कंडिका 4.00 में अभिलेख उपलब्ध नहीं कराने पर कोई प्रतिकूल टिप्पणी दर्ज नहीं है। अतएव अभिलेख उपलब्ध नहीं कराने का आरोप प्रमाणित नहीं होता है। मामले की सम्यक समीक्षोपरान्त श्री रामानुज, तत्कालीन सहायक अभियंता, ढाका नहर नवीकरण अवर प्रमंडल, गोआवरी के विरूद्ध थाना द्वारा जब्त लकड़ी की सूचना अपने उच्चाधिकारियों को ससमय नहीं देने के प्रमाणित आरोप के लिए विभागीय अधिसूचना संख्या-583 दिनांक 19.05.14 द्वारा निम्नांकित दंड संसूचित किया गया - (1) असंचयात्मक प्रभाव से तीन वेतन वृद्धि पर रोक। उक्त दंड के विरूद्ध श्री सिंह द्वारा अपने पत्रांक- शून्य दिनांक 22.06.2014 द्वारा पुनर्विलोकन अर्जी समर्पित किया गया जिसकी समीक्षा सरकार के स्तर पर की गई। समीक्षा में पाया गया कि इनके द्वारा वस्तुतः केवल यही आरोप प्रमाणित हुआ कि इनके द्वारा लकड़ी जब्ती की लिखित सूचना उच्चाधिकारियों को ससमय नहीं दी गई थी, किन्तु इनके द्वारा मौखिक सूचना उच्चाधिकारियों को ससमय प्राप्त हो गई थी तथा उच्चाधिकारियों द्वारा इस पर कार्रवाई भी की गई थी। अतएव मामले की सम्यक समीक्षोपरान्त पाया गया कि केवल अांशिक रूप से लिखित सूचना नहीं देने के लिए दोषी है। अतएव पूर्व में विभागीय अधिसूचना सं0-583 दिनांक 19.05.14 द्वारा दिये गये दण्ड में अांशिक संशोधन करते हुए असंचयात्मक प्रभाव से तीन वेतनवृद्वि पर रोक की जगह पर असंचयात्मक प्रभाव से एक वेतनवृद्वि पर रोक का दण्ड देने का निर्णय लिया गया। उक्त निर्णय के आलोक में श्री सिंह को निम्न दण्ड संसूचित किया जाता हैः- (1) एक वेतनवृद्वि पर असंचयात्मक प्रभाव से रोक। उक्त दण्ड श्री सिंह, तत्कालीन सहायक अभियन्ता, ढ़ाका नहर नवीकरण प्रमण्डल, ढ़ाका सम्प्रति सहायक अभियन्ता, स्थानीय क्षेत्र अभियंत्रण संगठन कार्य प्रमण्डल-2, दानापुर को संसूचित किया जाता है।

बिहार-राज्यपाल के आदेश से, गजानन मिश्र, विशेष कार्य पदाधिकारी।

———— अधी.क, सिचवालय मुिणालय, (cid:1)बहार, पटना (cid:13)ारा ूकािशत एवं मु4ित। (cid:1)बहार गजट (असाधारण) 248-571+10-ड+0ट+0पी0। Website: http://egazette.bih.nic.in

Cite this issue. Bihar Gazette, Government of Bihar, 05 February 2015. Indian Gazettes, https://egazette.servantsofknowledge.in/details/in.gov.bih.gazette.2015-02-05.248/. Archive identifier in.gov.bih.gazette.2015-02-05.248.