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Bihar Gazette · Government of Bihar

Bihar Gazette, 05 February 2015

Published 05 February 2015

Type
Extra Ordinary
Identifier
in.gov.bih.gazette.2015-02-05.249
Languages
English, Hindi

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सं0 22/नि0सि0(मोति0)-08-04/2012/270

08.14 द्वारा निम्न दंड संसूचित किया गया :-

0सि0(मोति0)-08-04/2012/270—श्री राजीव नन्दन मौर्य (आई0डी0-3498), अवर प्रमडंल श्री राजीव नन्दन मौर्य (आई0डी0-3498), अवर प्रमडंल पदाधिकारी, मुख्य पश्चिमी नहर प्रमंडल, सूरजपुरा (नेपाल) के पद पर पदस्थापित थे, तब नेपाल परिक्षेत्र में अवांछनीय पदाधिकारी, मुख्य पश्चिमी नहर प्रमंडल, सूरजपुरा (नेपाल) के पद पर पदस्थापित थे, तब नेपाल परिक्षेत्र में अवांछनीय पदाधिकारी, मुख्य पश्चिमी नहर प्रमंडल, सूरजपुरा (नेपाल) के पद पर पदस्थापित थे, तब नेपाल परिक्षेत्र में अवांछनीय तत्वों के साथ मेलजोल रखने, स्थानीय राजनीति में सं लिप्त होने एवं श्री विभूति कुमार सिंह, कनीय अभियंता को धमकी तत्वों के साथ मेलजोल रखने, स्थानीय राजनीति में संलिप्त होने एवं श्री विभूति कुमार सिंह, कनीय अभियंता को धमकी देने, अमर्यादित आचरण, बिना सूचना अनुपस्थित रहने, योगदान नहीं करने तथा स्पष्टीकरण का जवाब समर्पित नहीं देने, अमर्यादित आचरण, बिना सूचना अनुपस्थित रहने, योगदान नहीं करने तथा स्पष्टीकरण का जवाब समर्पित नहीं देने, अमर्यादित आचरण, बिना सूचना अनुपस्थित रहने, योगदान नहीं करने तथा स्पष्टीकरण का जवाब समर्पित नहीं 12 द्वारा निलंबित करते हुए करने आदि कतिपय आरोपों के लिए विभागीय अधिसूचना संख्या-1013 दिनांक 14.09.12 द्वारा निलंबित करने आदि कतिपय आरोपों के लिए विभागीय अधिसूचना संख्या-1013 दिनांक 14 बिहार सरकारी सेवक (वर्गीकरण, नियंत्रण एवं अपील) नियमावली 2005 के नियम 17 के तहत संकल्प ज्ञापांक 1285 बिहार सरकारी सेवक (वर्गीकरण, नियंत्रण एवं अपील) नियमावली 2005 के नियम 17 के तहत संकल्प बिहार सरकारी सेवक (वर्गीकरण, नियंत्रण एवं अपील) नियमावली 2005 के नियम 17 के तहत संकल्प दिनांक 14.11.12 द्वारा विभागीय कार्यवाही संचालित की गई। विभागीय कार्यवाही के संचालन पदाधिकारी से प्राप्त जॉंच 12 द्वारा विभागीय कार्यवाही संचालित की गई। विभागीय कार्यवाही के संचालन पदाधिकारी से प्राप्त जॉंच 12 द्वारा विभागीय कार्यवाही संचालित की गई। विभागीय कार्यवाही के संचालन पदाधिकारी से प्राप्त जॉंच प्रतिवेदन की समीक्षा सरकार के स्तर की गई। समीक्षोपरान्त श्री मौर्य को अधिसूचना संख्या-337, दिनांक 21.03.14 प्रतिवेदन की समीक्षा सरकार के स्तर की गई। समीक्षोपरान्त श्री मौर्य को अधिसूचना संख्या-337, दिनांक 21 द्वारा निलंबन मुक्त करते हुए संचालन पदाधिकारी से प्राप्त जॉंच प्रतिवेदन के आरोप संख्या-04, बिना सूचना द्वारा निलंबन मुक्त करते हुए संचालन पदाधिकारी से प्राप्त जॉंच प्रतिवेदन के आरोप संख्या-04, बिना सूचना द्वारा निलंबन मुक्त करते हुए संचालन पदाधिकारी से प्राप्त जॉंच प्रतिवेदन के आरोप संख्या-04, बिना सूचना अनुपस्थित रहना, योगदान नहीं करना एवं स्पष्टीकरण का जवाब नहीं समर्पित करने के संबंध में इस जॉं अनुपस्थित रहना, योगदान नहीं करना एवं स्पष्टीकरण का जवाब नहीं समर्पित करने के संबंध में इस जॉंंच प्रतिवेदन अनुपस्थित रहना, योगदान नहीं करना एवं स्पष्टीकरण का जवाब नहीं समर्पित करने के संबंध में इस जॉं का यह मंतव्य कि छुट्‌टी स्वीकृति के साथ इनके कर्त्तव्य पालन और दायित्व निर्वहन की जवाबदेही समाप्त हो जायेगी का यह मंतव्य कि छुट्‌टी स्वीकृति के साथ इनके कर्त्तव्य पालन और दायित्व निर्वहन की जवाबदेही समाप्त हो जायेगी का यह मंतव्य कि छुट्‌टी स्वीकृति के साथ इनके कर्त्तव्य पालन और दायित्व निर्वहन की जवाबदेही समाप्त हो जायेगी इस आधार पर कि इनके छुट्‌टी संबंधी आवेदनों को अस्वीकृत किये जाने के बावजूद इनके द्वारा योगदान नहीं किया इस आधार पर कि इनके छुट्‌टी संबंधी आवेदनों को अस्वीकृत किये जाने के बावजूद इनके द्वारा योगदान नहीं किया इस आधार पर कि इनके छुट्‌टी संबंधी आवेदनों को अस्वीकृत किये जाने के बावजूद इनके द्वारा योगदान नहीं किया किया गया, जैसा प्रमाणित आरोपों के आलोक में जॉंच प्रतिवेदन से असहमत गया तथा अन्य संगत आदेश का उल्लंघन किया गया, जैसा प्रमाणित आरोपों के आलोक में जॉंच प्रतिवेदन से असहमत गया तथा अन्य संगत आदेश का उल्लंघन होते हुए विभागीय पत्रांक-338 दिनांक 21.03.14 द्वारा द्वितीय कारण पृच्छा की गई। होते हुए विभागीय पत्रांक-338 दिनांक 21 14 द्वारा द्वितीय कारण पृच्छा का जवाब समर्पित किया गया जिसकी श्री मौर्य अपने पत्रांक-21 दिनांक 15.04.14 द्वारा द्वितीय कारण पृच्छा का जवाब समर्पित किया गया जिसकी श्री मौर्य अपने पत्रांक-21 दिनांक 15 े स्तर पर की गई। समीक्षा में पाया कि श्री मौर्य को विभाग द्वारा छुट्‌टी संबंधी आवेदन अस्वीकृत समीक्षा सरकार के स्तर पर की गई। समीक्षा में पाया कि श्री मौर्य को विभाग द्वारा छुट्‌टी संबंधी आवेदन अस्वीकृत े स्तर पर की गई। समीक्षा में पाया कि श्री मौर्य को विभाग द्वारा छुट्‌टी संबंधी आवेदन अस्वीकृत किये जाने के बावजूद योगदान नहीं करने तथा अन्य संगत आदेशों को उल्लंघन करने के आरोपों को आंशिक रूप से किये जाने के बावजूद योगदान नहीं करने तथा अन्य संगत आदेशों को उल्लंघन करने के आरोपों को आंशिक रूप से किये जाने के बावजूद योगदान नहीं करने तथा अन्य संगत आदेशों को उल्लंघन करने के आरोपों को आंशिक रूप से प्रमाणित नहीं माना जा सकता है। परन्तु श्री मौर्य के विरूद्ध ि वभागीय निदेश की अवहेलना कर दिनांक 18.05.12 के प्रमाणित नहीं माना जा सकता है। परन्तु श्री मौर्य के विरूद्ध विभागीय निदेश की अवहेलना कर दिनांक 18 पूर्व पदानवत पद यथा सहायक अभियंता के पद पर योगदान नहीं करने के लिए इन्हें आंशिक रूप से दोषी पाया गया। पूर्व पदानवत पद यथा सहायक अभियंता के पद पर योगदान नहीं करने के लिए इन्हें आंशिक रूप से दोषी पाया गया। पूर्व पदानवत पद यथा सहायक अभियंता के पद पर योगदान नहीं करने के लिए इन्हें आंशिक रूप से दोषी पाया गया। उक्त प्रमाणित आरोप के सम्यक समीक्षोपरान्त विभागीय कार्यवाही को समाप्त करते हुए सरकार द्वारा विभागीय उक्त प्रमाणित आरोप के सम्यक समीक्षोपरान्त विभागीय कार्यवाही को समाप्त करते हुए सरकार द्वारा विभागीय उक्त प्रमाणित आरोप के सम्यक समीक्षोपरान्त विभागीय कार्यवाही को समाप्त करते हुए सरकार द्वारा विभागीय अधिसूचना संख्या-1059 दिनांक 05.08 1. निन्दन वर्ष 2011-12 निलंबन अवधि में देय जीवन यापन भत्ता के अतिरिक्त और कुछ देय नहीं होगा, लेकिन निलंबन अवधि को 2. निलंबन अवधि में देय जीवन यापन भत्ता के अतिरिक्त और कुछ देय नहीं होगा, लेकिन निलंबन अवधि को निलंबन अवधि में देय जीवन यापन भत्ता के अतिरिक्त और कुछ देय नहीं होगा, लेकिन निलंबन अवधि को पेंशन प्रयोजनार्थ गणना की जायेगी।

2 (cid:1)बहार गजट (असाधारण), 5555 फरफरफरफरवर* वर* वर* वर* 2015201520152015 उक्त दंड के विरूद्ध श्री मौर्य द्वारा अपने पत्रांक 57 दिनांक 12.09.14 द्वारा पुनर्विलोकन अभ्यावेदन समर्पित किया गया जिसकी समीक्षा सरकार के स्तर पर की गई। समीक्षा में पाया गया कि जिस आरोप के लिए वर्ष 2011-12 की चारित्री में निन्दन की सजा दी गई है वह आरोप मुख्य आरोप के रूप में जोड़ा गया था। यह आरोप मुख्यतः विभागीय निदेश की अवहेलना कर दिनांक 18.05.2012 के पूर्व पदावनत पद (सहायक अभियंता) पर योगदान नहीं करने के कारण आंशिक रूप से दोषी मानते हुए दंडित किये जाने से संबंधित था। इस पूरे मामले की समीक्षा हेतु सभी संबंधित संचिकाओं के अवलोकन से यह स्पष्ट होता है कि आरोपित पदाधिकारी की प्रोन्नति दिनांक 22.11.2007 को रद्‌द की गई थी और उन्हें मुख्यालय में योगदान करने का निदेश दिया गया है। परन्तु उन्होंने उसी दिन यथा दिनांक 22.11.07 को अवकाश का आवेदन दिया। उसके बाद चिकित्सा के आधार पर विभाग को लगातार आवेदन प्राप्त होते रहे और दिनांक 27.03.12 तक कुल 46 आवेदन समर्पित किये जिसे तत्कालीन अवर सचिव द्वारा एक बार में सभी 46 अवकाश अभ्यावेदनों को रद्‌द करते हुए प्रस्ताव दिनांक 11.04.12 को उपस्थापित किया गया जिस पर विभागीय सहमति दिनांक 17.04.12 को प्राप्त हुई और यह आदेश दिनांक 25.04.12 को निर्गत हुआ। तदोपरान्त आरोपित पदाधिकारी ने दिनांक 18.05.12 को पदस्थापित स्थान पर योगदान कर लिया गया। इस प्रकार विभागीय निदेश का अनुपालन करने के निमित उन्हें दोषी नहीं माना जा सकता है। अतएव मामले की सम्यक समीक्षोपरान्त श्री मौर्य के द्वारा समर्पित पुनर्विलोकन अभ्यावेदन को स्वीकार योग्य मानते हुए इनके विरूद्ध विभागीय निदेश के उल्लंघन का मामला नहीं बनता है। तदनुसार इनके विरूद्ध पूर्व निर्गत अधिसूचना संख्या-1059 दिनांक 05.08.14 द्वारा दिये गये दंड को निरस्त करने एवं विभागीय कार्यवाही समाप्त करने का निर्णय सरकार द्वारा लिया गया है। उक्त निर्णय के आलोक में पूर्व निर्गत अघिसूचना सं0-1059 दिनांक 05.08.14 को निरस्त किया जाता है एवं श्री मौर्य के विरूद्ध संचालित विभागीय कार्यवाही समाप्त की जाती है।

उक्त निर्णय श्री मौर्य, सहायक अभियंता, मुख्य अभियंता का कार्यालय, जल संसाधन विभाग, दरभंगा को संसूचित किया जाता है।

बिहार-राज्यपाल के आदेश से, गजानन मिश्र, विशेष कार्य पदाधिकारी।

———— अधी-क, सिचवालय मुिणालय, (cid:1)बहार, पटना (cid:13)ारा ूकािशत एवं मु3ित। (cid:1)बहार गजट (असाधारण) 249-571+10-ड*0ट*0पी0। Website: http://egazette.bih.nic.in

Cite this issue. Bihar Gazette, Government of Bihar, 05 February 2015. Indian Gazettes, https://egazette.servantsofknowledge.in/details/in.gov.bih.gazette.2015-02-05.249/. Archive identifier in.gov.bih.gazette.2015-02-05.249.