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((((संसंसंसं0 0 0 0 पटना पटना पटना पटना 254254254254) ) ) ) पटनापटनापटनापटना
पटनापटनापटनापटना, , , , वृहःपवृहःपवृहःपवृहःपितितितितवारवारवारवार, , , , 5555 फरफरफरफरवर*वर*वर*वर* 2012012012015555 जल संसाधन विभाग &&&&&&& vf/klwpuk 29 tuojh 2015
सं0 22/नि0सि0(पट0)-03-02/2005/
बाढ़ वर्ष 2005 पूर्व कराये जाने वाले कटाव निरोधक कार्यों के लिये दिनांक 10.02.
05 की तिथि में निर्गत कर बैक डेटिंग करना। (cid:1)बहार गजट (असाधारण), 5555 फरफरफरफरवर* वर* वर* वर* 2015201520152015 2 श्री सिंह से प्राप्त द्वितीय कारण पृच्छा के जवाब की समीक्षा में पाया गया कि श्री सिंह दिनांक 30.11.09 को सेवानिवृत हो चुके हैं। तत्पश्चात समीक्षोपरान्त विभागीय आदेश सं0 61 दिनांक 16.05.12 सह ज्ञापांक 507 दिनांक 16.05.12 द्वारा पूर्व में संचालित विभागीय कार्यवाही को बिहार पेंशन नियमावली के नियम 43 (बी0) में सम्परिवर्तित किया गया एवं विभागीय पत्रांक 596 दिनांक 11.06.12 द्वारा पुनः द्वितीय कारण पृच्छा की गयी। उक्त के क्रम में श्री सिंह द्वारा कतिपय अभिलेखों की मांग की गयी। विभागीय पत्रांक 953 दिनांक 04.09.12 द्वारा श्री सिंह को सूचित किया गया कि मांग की गई वांछित अभिलेख उनके द्वारा प्राधिकृत लेखा लिपिक को प्राप्त करा दिये गये है। कई स्मारों एवं दैनिक समाचार पत्रों में विज्ञप्ति के माध्यम से सूचना देने के बावजूद भी श्री सिंह द्वारा पुनः नियम-43 (बी0) के तहत पूछे गये द्वितीय कारण पृच्छा का जवाब समर्पित नहीं किया गया। ऐसी स्थिति में श्री सिंह के द्वारा पूर्व में प्राप्त कराये गये द्वितीय कारण पृच्छा के जवाब को ही सरकार के स्तर पर समीक्षा की गयी। समीक्षा में निम्न तथ्य पाये गये - vkjksi la0&1 &प्रमाणित नहीं पाया गया। vkjksi la0&2&इस संदर्भ में श्री सिंह द्वारा द्वितीय कारण पृच्छा के जवाब में पत्र को गंतव्य कार्यालय में विलम्ब से उपलब्ध कराने का कारण कर्मचारियों को चुनाव कार्य में सलग्न रहना कहा गया है परन्तु इनके उक्त कथन को मान्य नहीं किया जा सकता है क्योंकि इनका कार्यालय एवं अंचल कार्यालय जहॉ पत्र प्राप्त कराना था एक ही शहर में रहते हुए दिनांक 16.02.05 को निर्गत पत्र को गंतव्य कार्यालय में दिनांक 25.02.05 को प्राप्त कराना इनके लापरवाही का द्योतक है। अतः उक्त आरोप प्रमाणित पाया गया। vkjksi la0&3&इस संदर्भ में श्री सिंह द्वारा द्वितीय कारण पृच्छा के जवाब मेंं कहा गया कि एक संवेदक द्वारा परिस्थितिजन्य आधारित तनावपूर्ण वातावरण उत्पन्न करने के कारण निविदा पत्र के साथ संलग्न कुछ कागजातों पर भूलवश उनका इनिशियल छूट गया। समीक्षा में पाया गया कि श्री सिंह द्वारा अपनी भूल स्वीकार कर ली गयी है। वर्णित स्थिति में उक्त आरोप प्रमाणित पाया गया। vkjksi la0&4&इस संदर्भ में श्री सिंह द्वारा द्वितीय कारण पृच्छा के जवाब में मुख्य रूप से कहा गया कि प्रायः संवेदकाें द्वारा निविदा कागजातों के प्रत्येक मद को, मात्र दर को छोड़कर पूर्व से ही तैयार कर लिया जाता है तथा अंतिम समय में प्रतिस्पर्धा की स्थिति में दरों का आकलन कर दर का प्रतिशत अंकित कर निविदा बॉक्स में डाला जाता है। ऐसी स्थिति में दो तरह के स्याही का प्रयोग किया जाना निविदाकार का निजी मामला है। तुलनात्मक विवरणी में निविदित दर एवं राशि को मिटाकर अंकित करने के संदर्भ में श्री सिंह द्वारा कहा गया कि कार्यालय द्वारा की गयी भूल को उन्होेंने अपनी देख-रेख मेें अन्य कर्मी से सुधार करवाया। फलतः लिखावट में भिन्नता पाया जाना स्वाभाविक है। विभागीय समीक्षा में पाया गया कि श्री सिंह को निविदाकार के द्वारा व्यवहृत अन्य स्याही के रंग के बारे में अपनी अभ्युक्ति दर्ज की जानी चाहिये थी ताकि बाद में किसी भी व्यक्ति के मन में किसी भी प्रकार की आशंका उत्पन्न न हो। श्री सिंह द्वारा ऐसा न कर स्थिति को जटिल बना दिया गया किन्तु उनके द्वारा यह स्पष्ट किया गया है कि निविदा खोलने के समय उनके द्वारा पूर्ण पारदर्शिता बरती गई। अन्यथा इस कार्य से संबंधित अन्य निविदाकारों द्वारा परिवाद-पत्र विभाग में उपलब्ध कराया जाता। वर्णित स्थिति में उक्त आरोप अंशतः प्रमाणित पाया गया। उपरोक्त वर्णित तथ्यों के आलोक में श्री रामायण सिंह, सेवानिवृत कार्यापालक अभियंता आरोप सं0 (2) एवं (3) के लिए पूर्ण रूप से तथा आरोप सं0 (4) के लिए आंशिक रूप से दोषी पाये गये। उक्त प्रमाणित आरोपों के लिए सरकार द्वारा श्री सिंह के विरूद्ध निम्न दण्ड देने का निर्णय लिया गया - 1. पेंशन से 10 (दस) प्रतिशत की राशि की कटौती पॉंच वर्षों तक के लिए। उक्त दण्ड प्रस्ताव पर माननीय विभागीय मंत्री एवं माननीय मुख्य मंत्री का अनुमोदन तथा बिहार लोक सेवा आयोग, पटना की सहमति प्राप्त है। उपरोक्त वर्णित स्थिति में श्री रामायण सिंह, तत्कालीन कार्यपालक अभियंता, गंगा सोन बाढ़ नियंत्रण प्रमंडल, दीघा, पटना सम्प्रति सेवानिवृत को निम्न दण्ड दिया एवं संसूचित किया जाता है - 1. पेंशन से 10 (दस) प्रतिशत की राशि की कटौती पॉंच वर्षों तक के लिए।
बिहार-राज्यपाल के आदेश से, सतीश चन्द्र झा, सरकार के अपर सचिव।
———— अधी-क, सिचवालय मुिणालय, (cid:1)बहार, पटना (cid:13)ारा ूकािशत एवं मु3ित। (cid:1)बहार गजट (असाधारण) 254-571+10-ड*0ट*0पी0। Website: http://egazette.bih.nic.in