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Bihar Gazette · Government of Bihar

Bihar Gazette, 18 February 2015

Published 18 February 2015

Type
Ordinary
Identifier
in.gov.bih.gazette.2015-02-18.7
Languages
English, Hindi

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िनबंधन सं(cid:8)या पी0ट(cid:15)0-40

(cid:18)बहार गजट(cid:18)बहार गजट(cid:18)बहार गजट(cid:18)बहार गजट

(cid:18)बहार सरकार (cid:24)ारा ूकािशत(cid:18)बहार सरकार (cid:24)ारा ूकािशत(cid:18)बहार सरकार (cid:24)ारा ूकािशत(cid:18)बहार सरकार (cid:24)ारा ूकािशत 22229999 माघमाघमाघमाघ 1931931931936666 ((((शशशश0000)))) सं(cid:8)यासं(cid:8)यासं(cid:8)यासं(cid:8)या 07070707 पटनापटनापटनापटना, , , , बुधवारबुधवारबुधवारबुधवार,,,, ———————— 11118888 फरवर(cid:15)फरवर(cid:15)फरवर(cid:15)फरवर(cid:15) 2015201520152015 ((((ईईईई0000)))) (cid:18)वषय(cid:18)वषय(cid:18)वषय(cid:18)वषय----सूचीसूचीसूचीसूची पृंठपृंठपृंठपृंठ भाग-1—िनयु(cid:18)4, पदःथापन, बदली, श(cid:18)4, छु :ट(cid:15) और अ=य >य(cid:18)4गत सूचनाएं। 2-3 भाग-1-क—ःवयंसेवक गुBमC के समादेंटाओं के आदेश।

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भाग-1-ख—मैश(cid:15)कु लेशन, आई0ए0, आई0एससी0, बी0ए0, बी0एससी0, एम0ए0, एम0एससी0, लॉ भाग-1 और 2, एम0बी0बी0एस0, बी0एस0ई0, ड(cid:15)प0-इन- एड0, एम0एस0 और मु(cid:8)तार(cid:15) पर(cid:15)Lाओं के पर(cid:15)Lा-फल, कायMबम, छाऽवृ(cid:18)P ूदान, आQद।

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भाग-1-ग—िशLा संबंधी सूचनाएं, पर(cid:15)Lाफल आQद ---

भाग-2—(cid:18)बहार-राRयपाल और कायाMSयLC (cid:24)ारा िनकाले गये (cid:18)विनयम, आदेश, अिधसूचनाएं और िनयम आQद। 4-8 भाग-3—भारत सरकार, पTUम बंगाल सरकार और उWच =यायालय के आदेश, अिधसूचनाएं और िनयम, 'भारत गजट' और राRय गजटC के उYरण। ---

भाग-4—(cid:18)बहार अिधिनयम ---

पृंठपृंठपृंठपृंठ भाग-5—(cid:18)बहार (cid:18)वधान मंडल म[ पुर:ःथा(cid:18)पत (cid:18)वधेयक, उ]त (cid:18)वधान मंडल म[ उपःथा(cid:18)पत या उपःथा(cid:18)पत Qकये जानेवाले ूवर सिमितयC के ूितवेदन और उ]त (cid:18)वधान मंडल म[ पुर:ःथापन के पूवM ूकािशत (cid:18)वधेयक। ---

भाग-7—संसद के अिधिनयम Tजनपर रांशपित क^ Rयेंठ अनुमित िमल चुक^ है। ---

भाग-8—भारत क^ संसद म[ पुर:ःथा(cid:18)पत (cid:18)वधेयक, संसद म[ उपःथा(cid:18)पत ूवर सिमितयC के ूितवेदन और संसद म[ उपःथा(cid:18)पत ूवर सिमितयC के ूितवेदन और संसद म[ पुर:ःथापन के पूवM ूकािशत (cid:18)वधेयक। ---

भाग-9—(cid:18)व_ापन

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भाग-9-क—वन (cid:18)वभाग क^ नीलामी संबंधी सूचनाएं ---

भाग-9-ख—िन(cid:18)वदा सूचनाएं, प`रवहन सूचनाएं, =यायालय सूचनाएं और सवMसाधारण सूचनाएं इaयाQद। 9-9

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पूरक

पूरक-क 10-192 (cid:18)बहार गजट, 18 फरवर(cid:15) 2015

भागभागभागभाग----1111

िनयु(cid:18)4िनयु(cid:18)4िनयु(cid:18)4िनयु(cid:18)4, , , , पदःथापदःथापदःथापदःथापनपनपनपन, , , , बदलीबदलीबदलीबदली, , , , श(cid:18)4श(cid:18)4श(cid:18)4श(cid:18)4, , , , छु :ट(cid:15) और अ=यछु :ट(cid:15) और अ=यछु :ट(cid:15) और अ=यछु :ट(cid:15) और अ=य वैय(cid:18)4क सूचनाएं वैय(cid:18)4क सूचनाएं वैय(cid:18)4क सूचनाएं वैय(cid:18)4क सूचनाएं ÑÑÑÑÑÑÑÑÑÑÑÑÑÑÑÑÑÑÑÑ

निबंधन, उत्पाद एवं मद्य निषेध विभाग ——— अधिसूचनाएं 7 जुलाई 2014 सं॰ I/ई1-603/2004-2855—श्री रत्नेश झा, तत्कालीन अवर निबंधक, परिहार सम्प्रति उप-सचिव, पर्यावरण एवं वन विभाग, बिहार, पटना का महालेखाकार, बिहार के पत्रांक-GE-3-PCS-VI-F20-1239 दिनांक 12.12.2012 द्वारा प्राप्त आदेयता प्रमाण के आधार पर दिनांक 07.02.2008 से 24.02.2008 तक कुल-18 (अठारह) दिनों का बिहार सेवा संहिता के नियम-227, 230 एवं 248 (क) के तहत्‌ उपार्जित अवकाश की स्वीकृति दी जाती है।

बिहार-राज्यपाल के आदेश से, अभय राज, विशेष सचिव।

क्र0 सं0 पदाधिकारी का नाम वर्त्तमान पदस्थापन सम्पुष्टि की तिथि
1 2 3 4
1 श्री राम प्रकाष सिन्हा, वाणिज्य-कर पदाधिकारी पटना पष्चिमी प्रमंडल, अन्वेषण ब्यूरो 01.12.2012
2 श्री बिरेन्द्र कुमार सिंह, वाणिज्य-कर पदाधिकारी कदमकुऑ अंचल, कदमकुऑ 16.06.2013
3 श्रीमती गायत्री कुमारी आर्या, वाणिज्य-कर पदाधिकारी मधुबनी अंचल, मधुबनी 16.06.2013
4 श्री मनीष कुमार बिहारी, वाणिज्य-कर पदाधिकारी जहानाबाद अंचल, जहानाबाद 16.06.2013
5 श्री कैषर तौहिद, वाणिज्य-कर पदाधिकारी पटना मध्य अंचल, पटना 01.01.2011
3 (cid:18)बहार गजट, 18 फरवर(cid:15) 2015

बिहार-राज्यपाल के आदेष से, (ह॰)-अस्पष्ट, अवर सचिव।

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4 फरवरी 2015

सं॰ 6/वि0पत्रा0-24-45/2008-509/वा0कर—श्री सियाराम कुमार, वाणिज्य-कर उपायुक्त, समेकित जाँच चौकी, कर्मनाषा, भभुआ को अगले आदेश तक के लिए वाणिज्य-कर उपायुक्त, प्रभारी, भागलपुर अंचल, भागलपुर के पद पर पदस्थापित किया जाता है।

सं॰ 6/वि0पत्रा0-24-45/2008-510/वा0कर—श्री ठाकुर प्रसाद सिंह, वाणिज्य-कर उपायुक्त, वसूली कोषांग, मगध प्रमंडल, तिरहुत एवं सारण प्रमंडल मुजफ्फरपुर को अगले आदेश तक के लिए वाणिज्य-कर उपायुक्त प्रभारी, गया अंचल, गया के पद पर पदस्थापित किया जाता है।

2. यह आदेष तत्काल प्रभाव से लागू होगा। 3. प्रस्ताव पर सक्षम प्राधिकार का अनुमोदन प्राप्त है।

बिहार-राज्यपाल के आदेश से, (ह॰)-अस्पष्ट, अवर सचिव।

——— कार्यालय निबंधक, सहयोग समितियाँ ——— आदेश 6 अगस्त 2014 सं॰ नि॰/को॰-01/98-4456—सूचना का अधिकार अधिनियम, 2005 की धारा-5 के तहत्‌ श्री मुकुल कुमार सिन्हा, उप निबंधक (मु॰), सहयोग समितियाँ, बिहार, पटना को कार्यालय निबंधक, सहयोग समितियाँ, बिहार, पटना के लिए लोक सूचना पदाधिकारी के रूप में अभिहित (Designate) किया जाता है।

2॰ श्री सिन्हा की अनुपस्थिति में श्री अखिलेष कुमार, जन सम्पर्क पदाधिकारी, कार्यालय निबंधक, सहयोग समितियाँ, बिहार, पटना लोक सूचना पदाधिकारी के रूप में कार्यभारित रहेंगे। इस संबंध में पूर्व के निर्गत आदेष इस हद तक संषोधित माने जायेंंगे।

आदेश से, हुकुम सिंह मीणा, निबंधक, सहयोग समितियाँ।

——— अधीLकअधीLकअधीLकअधीLक, , , , सिचवालय मुिणालयसिचवालय मुिणालयसिचवालय मुिणालयसिचवालय मुिणालय,,,,

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Website: http://egazette.bih.nic.in

4 (cid:18)बहार गजट, 18 फरवर(cid:15) 2015

भागभागभागभाग----2222

(cid:18)बहार(cid:18)बहार(cid:18)बहार(cid:18)बहार----राRयराRयराRयराRयपाल और कायाMSयपाल और कायाMSयपाल और कायाMSयपाल और कायाMSयLC (cid:24)ारा िनकाले गये (cid:18)विनयमLC (cid:24)ारा िनकाले गये (cid:18)विनयमLC (cid:24)ारा िनकाले गये (cid:18)विनयमLC (cid:24)ारा िनकाले गये (cid:18)विनयम, , , , आदेशआदेशआदेशआदेश, , , , अिधसूचनाएं और िनयम आQद।अिधसूचनाएं और िनयम आQद।अिधसूचनाएं और िनयम आQद।अिधसूचनाएं और िनयम आQद। ——————— सं0सं0सं0सं0- IX-11-18/2014-120 निबंधन, उत्पाद एवं मद्य निषेध विभागनिबंधन, उत्पाद एवं मद्य निषेध विभागनिबंधन, उत्पाद एवं मद्य निषेध विभागनिबंधन, उत्पाद एवं मद्य निषेध विभाग

———

सेवा में, महालेखाकार, बिहार

बीरचंद पटेल पथ, पटना।

दिनांक 12 जनवरी 2015 विषय- निबंधन, उत्पाद एवं मद्य निषेध विभाग के अधीन वर्ष 2014-15 तक के लिए बलिया, पीरो, रक्सौल, सिमरी बख्तियारपुर एवं रजौली अनुमंडल मुख्यालय तथा मोतीपुर, रघुनाथपुर एवं सूर्यगढ़ा अंचल में खोले गये अस्थायी नये अवर निबंधन कार्यालयों एवं उक्त कार्यालयों के लिए अस्थायी रूप से अवर निबध्ांक (राजपत्रित) के आठ पद, रात्रि प्रहरी (अराजपत्रित) के आठ पद तथा संविदा के आधार पर कार्यालय परिचारी (अराजपत्रित) के आठ पद अर्थात कुल-24 (चौबीस) सृजित अस्थायी पदों का वर्ष 2014-15 तक के लिए अवधि विस्तार की स्वीकृति के संबंध में।

आदेश- स्वीकृत।

उपर्युक्त विषय के संबंध में सूचित करना है कि निबंधन, उत्पाद एवं मद्य निषेध विभाग के अधीन वर्ष 2014-15 तक के लिए बलिया, पीरो, रक्सौल, सिमरी बख्तियारपुर व रजौली अनुमंडल मुख्यालय तथा मोतीपुर, रघुनाथपुर व सूर्यगढ़ा अंचल में खोले गये अस्थायी नये अवर निबंधन कार्यालयों और उक्त कार्यालयों के लिए अस्थायी रूप से अवर निबध्ांक (राजपत्रित) के आठ पद, रात्रि प्रहरी (अराजपत्रित) के आठ पद तथा संविदा के आधार पर कार्यालय परिचारी (अराजपत्रित) ` 55,05,693/- (पचपन लाख पाँच हजार छः सौ तिरानबे रूपये) मात्र पर अवधि विस्तार के प्रस्ताव में अपनी स्वीकृति प्रदान की है। तत्‌संबंधी व्यय विवरणी संलग्न है।

2. सभी संबंधित अवर निबध्ांन कार्यालय के अवर निबंधक, जिनको महालेखाकार कार्यालय द्वारा निकासी एवं व्ययन पदाधिकारी हेतु प्राधिकार पत्र निर्गत है, अपने कार्यालय का ''निकासी एवं व्ययन पदाधिकारी'' होेगें तथा शेष अवर निबंधन कार्यालयों के लिए संबंधित जिला अवर निबंधक ही ''निकासी एवं व्ययन पदाधिकारी'' होंगेंं।

3. उपर्युक्त सभी पदों पर नियुक्त कर्मियों का वेतनादि का भुगतान ''मुख्य शीर्ष-2030 स्टाम्प तथा पंजीकरण, उप मुख्यशीर्ष-03-पंजीकरण, लघुशीर्ष-001 निदेशक और प्रशासन, उपशीर्ष-0002-जिला प्रभार, मांग सं0-38, गैर योजना, विपत्र कोड एन-2030030010002 के अन्तर्गत वित्तीय वर्ष 2014-15 के लिए उपबंधित राशि से किया जायेगा।

4. इसमें विभागीय मंत्री का अनुमोदन प्राप्त है।

बिहार-राज्यपाल के आदेश से,

(ह॰)-अस्पष्ट, विशेष सचिव।5 (cid:18)बहार गजट, 18 फरवर(cid:15) 2015 सं0सं0सं0सं0- IX-11-18/2014-121 निबंधन, उत्पाद एवं मद्य निषेध विभागनिबंधन, उत्पाद एवं मद्य निषेध विभागनिबंधन, उत्पाद एवं मद्य निषेध विभागनिबंधन, उत्पाद एवं मद्य निषेध विभाग

———

सेवा में,

महालेखाकार, बिहार

बीरचंद पटेल पथ, पटना।

दिनांक 12 जनवरी 2015 विषय- निबंधन, उत्पाद एवं मद्य निषेध विभाग के अधीन वर्ष 2014-15 तक के लिए मोहनियाँ, तारापुर, पकड़ीदयाल एवं नीमचक बथानी (खिजरसराय) अनुमंडल मुख्यालय में खोले गये अस्थायी नये अवर निबंधन कार्यालयों एवं उक्त कार्यालयों के लिए अस्थायी रूप से अवर निबंधक (राजपत्रित) के चार पद, रात्रि प्रहरी (अराजपत्रित) के चार पद तथा कार्यालय परिचारी (अराजपत्रित) के चार पद अर्थात कुल 12 (बारह) सृजित अस्थायी पदों का वर्ष 2014-15 तक के लिए अवधि विस्तार की स्वीकृति के संबंध में।

आदेश- स्वीकृत। उपर्युक्त विषय के संबंध में सूचित करना है कि निबंधन, उत्पाद एवं मद्य निषेध विभाग के अधीन वर्ष 2014-15 तक के लिए मोहनियाँ, तारापुर, पकड़ीदयाल एवं नीमचक बथानी (खिजरसराय) अनुमंडल मुख्यालय में खोले गये अस्थायी नये अवर निबंधन कार्यालयों एवं उक्त कार्यालयों के लिए अस्थायी रूप से अवर निबंधक (राजपत्रित) के चार पद, रात्रि प्रहरी (अराजपत्रित) के चार पद तथा कार्यालय परिचारी (अराजपत्रित) के चार पद अर्थात कुल 12 (बारह) सृजित अस्थायी पदों का वर्ष 2014-15 तक में कुल अनुमानित व्यय ` 30,45,186 (तीस लाख पैंतालीस हजार एक सौ छियासी रूपये) मात्र पर अवधि विस्तार के प्रस्ताव में अपनी स्वीकृति प्रदान की है। तत्‌संबंधी व्यय विवरणी संलग्न है।

2. सभी संबंधित अवर निबध्ांन कार्यालय के अवर निबंधक, जिनको महालेखाकार कार्यालय द्वारा निकासी एवं व्ययन पदाधिकारी हेतु प्राधिकार पत्र निर्गत है, अपने कार्यालय का ''निकासी एवं व्ययन पदाधिकारी'' होेगें तथा शेष अवर निबंधन कार्यालयों के लिए संबंधित जिला अवर निबंधक ही ''निकासी एवं व्ययन पदाधिकारी'' होंगेंं। 3. उपर्युक्त सभी पदों पर नियुक्त कर्मियों का वेतनादि का भुगतान ''मुख्य शीर्ष 2030 स्टाम्प तथा पंजीकरण, उप मुख्यशीर्ष-03-पंजीकरण, लघुशीर्ष-001 निदेशक और प्रशासन, उपशीर्ष-0002-जिला प्रभार, मांग सं0-38, गैर योजना, विपत्र कोड एन-2030030010002 के अन्तर्गत वित्तीय वर्ष 2014-15 के लिए उपबंधित राशि से किया जायेगा।

4. इसमें विभागीय मंत्री का अनुमोदन प्राप्त है।

बिहार-राज्यपाल के आदेश से, (ह॰)-अस्पष्ट, विशेष सचिव।

———

निबंधन, उत्पाद एवं मद्य निषेध विभाग

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अधिसूचनाएं

12 जनवरी 2015

सं॰ IX-11-18/2014-122—निबंधन अधिनियम, 1908 की धारा-5 (1) द्वारा प्रदत्त शक्तियों का प्रयोग करते हुए बिहार-राज्यपाल ने मुंगेर जिलान्तर्गत तारापुर अनुमंडल मुख्यालय में वर्ष 2010-11 में अस्थायी रूप से खोले गये अवर निबंधन कार्यालय तथा उक्त कार्यालय के लिए अवर निबंधक (राजपत्रित), रात्रि प्रहरी (अराजपत्रित) तथा कार्यालय परिचारी (अराजपत्रित) के एक-एक सृजित पद का वर्ष 2014-15 तक के लिए अवधि विस्तार की स्वीकृति प्रदान करने की कृपा की है।

2. यह अधिसूचना विभागीय अधिसूचना सं0 1344 दिनांक 24.05.2010, 1272 दिनांक 19.04.2012 एवं 1561 दिनांक 02.07.2013 के क्रम में निर्गत की जा रही है।

बिहार-राज्यपाल के आदेश से, अभय राज, विेशेष सचिव।6 (cid:18)बहार गजट, 18 फरवर(cid:15) 2015

12 जनवरी 2015

सं॰ IX-11-18/2014-123—निबंधन अधिनियम, 1908 की धारा-5 (1) द्वारा प्रदत्त शक्तियों का प्रयोग करते हुए बिहार-राज्यपाल ने सिवान जिलान्तर्गत रघुनाथपुर अंचल मुख्यालय में वर्ष 2010-11 में अस्थायी रूप से खोले गये अवर निबंधन कार्यालय तथा उक्त कार्यालय के लिए अवर निबंधक (राजपत्रित), रात्रि प्रहरी (अराजपत्रित) तथा कार्यालय परिचारी (अराजपत्रित) के एक-एक सृजित पद का वर्ष 2014-15 तक के लिए अवधि विस्तार की स्वीकृति प्रदान करने की कृपा की है।

2. यह अधिसूचना विभागीय अधिसूचना सं0 33 दिनांक 05.01.2010, 962 दिनांक 27.03.2012 एवं 4181 दिनांक 12.12.2013 के क्रम में निर्गत की जा रही है।

बिहार-राज्यपाल के आदेश से, अभय राज, विेशेष सचिव।

———

12 जनवरी 2015

सं॰ IX-11-18/2014-124—निबंधन अधिनियम, 1908 की धारा-5 (1) द्वारा प्रदत्त शक्तियों का प्रयोग करते हुए बिहार-राज्यपाल ने लखीसराय जिलान्तर्गत सूर्यगढ़ा अंचल मुख्यालय में वर्ष 2010-11 में अस्थायी रूप से खोले गये अवर निबंधन कार्यालय तथा उक्त कार्यालय के लिए अवर निबंधक (राजपत्रित), रात्रि प्रहरी (अराजपत्रित) तथा कार्यालय परिचारी (अराजपत्रित) के एक-एक सृजित पद का वर्ष 2014-15 तक के लिए अवधि विस्तार की स्वीकृति प्रदान करने की कृपा की है।

2. यह अधिसूचना विभागीय अधिसूचना सं0 37 दिनांक 05.01.2010, 965 दिनांक 27.03.2012 एवं 4161 दिनांक 11.12.2013. के क्रम में निर्गत की जा रही है।

बिहार-राज्यपाल के आदेश से, अभय राज, विेशेष सचिव।

———

12 जनवरी 2015

सं॰ IX-11-18/2014-125—निबंधन अधिनियम, 1908 की धारा-5 (1) द्वारा प्रदत्त शक्तियों का प्रयोग करते हुए बिहार-राज्यपाल ने गया जिलान्तर्गत नीमचक बथानी (खिजरसराय) अनुमंडल मुख्यालय में वर्ष 2010-11 में अस्थायी रूप से पुनः स्थापित किये गये अवर निबंधन कार्यालय तथा उक्त कार्यालय के लिए अवर निबंधक (राजपत्रित), रात्रि प्रहरी (अराजपत्रित) तथा कार्यालय परिचारी (अराजपत्रित) केे एक-एक सृजित पद का वर्ष 2014-15 तक के लिए अवधि विस्तार की स्वीकृति प्रदान करने की कृपा की है।

2. यह अधिसूचना विभागीय अधिसूचना सं0 2266 दिनांक 04.09.2009, 322 दिनांक 03.02.2012 एवं 6519 दिनांक 18.12.12 एवं 1054 दिनांक 07.03.2014 के क्रम में निर्गत की जा रही है।

बिहार-राज्यपाल के आदेश से, अभय राज, विेशेष सचिव।

——— सं॰ 8/नियम संशोधन-07-10/2014-153(8)/रा0 राजस्व एवं भूमि सुधार विभाग ——— संकल्प 9 फरवरी 2015

राज्य के सुयोग्य श्रेणी के वास रहित परिवारों को वास हेतु 05 डिसमिल जमीन तथा कलस्टर (यथा सम्भव 20 परिवार) में बसाने के संदर्भ में 05 डिसमिल जमीन प्रति परिवार की दर से (अर्थात 100 डिसमिल) वास हेतु तथा वास भूमि के अलावे 20 डिसमिल अतिरिक्त जमीन आन्तरिक सड़क एवं सामुदायिक भवन के लिए उपलब्ध कराने के सम्बन्ध में नीति, 2015

वर्त्तमान राज्य के ग्रामीण क्षेत्रों में वास रहित महादलित एवं सुयोग्य श्रेणी के परिवारों को वास हेतु 03 डिसमिल जमीन उपलब्ध कराने का प्रावधान है। उक्त जमीन यथा सम्भव गैर मजरूआ मालिक/गैर मजरूआ आम/बी0पी0पी0एच0टी0 एक्ट के तहत पर्चा बन्दोवस्ती द्वारा उपलब्ध करायी जाती है। जहाँ उक्त तीनों स्रोतों से वास भूमि उपलब्ध नहीं है, वहाँ एम0भी0आर0 के आधार पर रैयती भूमि क्रय कर उपलब्ध कराने का प्रावधान है।

अनुसूचित जाति/जनजाति एवं अन्य सुयोग्य श्रेणी के परिवार जहाँ निवास करते हैं, वहीं अपने छोटे जानवरों यथा सूअर, मुर्गी, बकरी आदि के आवासन की भी व्यवस्था करते हैं। फलतः उनका निवास स्थान उन जानवरों की जीवन शैली के कारण काफी गंदा हो जाता है जिससे कई तरह की बिमारियाँ फैलती हैं। छोटे जानवरों को पालना ऐसे परिवारों की आजिविका का मूल आधार होता है क्योंकि सामान्यतः ऐसे परिवार मजदूरी करके ही जीवन बसर करते हैं। ऐसे परिवारों को स्वास्थ्य एवं साफ सुथरा परिवेश देने के लिए आवश्यक है कि उन्हें 03 डिसमिल जमीन के बजाय 05 डिसमिल जमीन7 (cid:18)बहार गजट, 18 फरवर(cid:15) 2015 उपलब्ध करायी जाय। इससे यह होगा कि जमीन के कुछ हिस्से में वे अपने छोटे जानवरों के रहने की समुचित व्यवस्था कर सकेंगे। साथ ही शाक-सब्जी आदि भी उगा सकेंगे। फलतः उन्हें स्वस्थ्य एवं साफ सुथरा परिवेश मिल सकेगा। चूँकि मनुष्य एक सामाजिक प्राणी है, अतएव वासहीन सुयोग्य श्रेणी एवं महादलित परिवारों को कलस्टर में बसाना ज्यादा व्यवहारिक होता है। वैसी परिस्थिति में यह विचारणीय हो जाता है कि कलस्टर में वासभूमि आवंटित करते समय आंतरिक सड़क तथा समुदायिक भवन के लिए भी भूमि उपलब्ध करायी जाय। यदि आंतरिक सड़क की व्यवस्था न होगी तो यह समस्या उत्पन्न होगी कि वहाँ बसे लोग यदि अपने घरों से निकलेंगे तो किसी अन्य के घर आँगन से ही होते हुए बसाहट के बाहर जायेंगे। इससे उस समुदाय में अशांति पैदा हो सकती है। साथ ही सामुदायिक रूप से मिलने जुलने का स्थान न होने से सामुदायिक जीवन की आवश्यकताएँ भी पूरी नहीं हो सकती।

अतः इस विषय पर भली-भाँति विचार कर राज्य के सुयोग्य श्रेणी के वास रहित परिवारों को वास हेतु भूमि को उपलब्घ कराने हेतु राज्य सरकार निम्नलिखित नीति विनिश्चित करती है :-

राज्य के सुयोग्य श्रेणी के वास रहित परिवारों को वास हेतु 05 डिसमिल जमीन तथा कलस्टर (यथा सम्भव 20 परिवार) में बसाने के संदर्भ में 05 डिसमिल जमीन प्रति परिवार की दर से (अर्थात 100 डिसमिल) वास हेतु तथा वास भूमि के अलावे 20 डिसमिल अतिरिक्त जमीन आन्तरिक सड़क एवं सामुदायिक भवन के लिए उपलब्ध कराने के सम्बन्ध में नीति, 2015

बिहार महादलित विकास योजना रैयती भूमि की क्रय नीति, 2010 एवं बिहार गृह स्थल योजनान्तर्गत रैयती भूमि की क्रय नीति, 2011 में संशोधन करते हुए राज्य के वास रहित सुयोग्य श्रेणी के परिवारों को वास हेतु वर्त्तमान की 03 डिसमिल की नीति में परिवर्त्तन कर 05 डिसमिल जमीन तथा कलस्टर (यथा सम्भव 20 परिवार) में बसाने के संदर्भ में 05 डिसमिल जमीन प्रति परिवार की दर से (अर्थात 100 डिसमिल) वास हेतु तथा वास भूमि के अलावे 20 डिसमिल अतिरिक्त जमीन आन्तरिक सड़क एवं सामुदायिक भवन के लिए उपलब्ध कराने का प्रावधान किया जायेगा। यह भूमि गैर मजरूआ आम/गैर मजरूआ मालिक श्रेणी की होगी किन्तु इस श्रेणी की भूमि उपलब्ध नहीं होने की दशा में एम0भी0आर0 दर पर क्रय कर भूमि उपलब्ध करायी जा सकेगी। आन्तरिक सड़क एवं सामुदायिक भवन के लिए ली गई जमीन की प्रकृति सरकारी भूमि की होगी। 2. अन्यान्य -इस नीति के कार्यान्वयन के संबंध में राजस्व एवं भूमि सुधार विभाग यथा आवश्यक निदेश जारी कर सकेगा एवं कार्यान्वयन में आनेवाली कठिनाईयों को दूर करने की शक्ति उक्त विभाग में निहित होगी। 3. यह नीति संकल्प निर्गत की तिथि से प्रभावी होगी।

बिहार-राज्यपाल के आदेश से, व्यास जी, प्रधान सचिव।

——— Animal & Fishries Resources Dept. (Dairy Development) ——— Notification 29th August 2014 No. Gavya (COMFED-01) 02/08 Part file- 1421—As per provision of Bihar State Co-operative Milk Producers Federation Ltd., Patna, By-laws No.- 20.0101 (vii) previously constituted Board of Directors vide Notification No.-508 dated 16.04.13 of Animal and Fisheries Resources Department (Dairy Development) is re-constituted with the consent of Law Department as Follows :-

1 Principal Secretary/Secretary Animal & Fisheries Dept., Bihar, Patna Chairman
2 Chairman of all related Co-operative Milk Union Member
3 Registrar, Co-operative Societies, Bihar, Patna Member
4 Representative of NDDB Member
5 Representative of Finance Dept., Bihar Member
6 Director, Dairy Development, Bihar, Patna Member
7 Managing Director, Bihar State Co-operative Milk Producers Federation Ltd. Patna Member
8 (cid:18)बहार गजट, 18 फरवर(cid:15) 2015

The Tenure of above constituted Board of Directors is extended would be either for three years i.e. 31.03.2013 to 31.03.2016 or upto creation of new By-laws of COMFED whichever is earlier. By order of the Governer of Bihar, Kanhaiya Pd. Srivastav, Deputy Secretary.

——— अधीLकअधीLकअधीLकअधीLक, , , , सिचवालय मुिणालयसिचवालय मुिणालयसिचवालय मुिणालयसिचवालय मुिणालय,,,,

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Website: http://egazette.bih.nic.in

9 (cid:18)बहार गजट, 18 फरवर(cid:15) 2015

भागभागभागभाग----9999((((खखखख))))

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सूचना

सं॰ 257सं॰ 257सं॰ 257सं॰ 257—मैं प्रवीण कुमार, पिता-श्री प्रमोद प्रसाद सिंह, निवास अनिरूद्ध भवन, लखनचन्द कोठी, कदमकुआं, पटना-3, शपथ पत्र संख्या 1448, दिनांक 27.12.2014 द्वारा यह घोषणा करता हूँ कि अब मैं प्रवीण कुमार सिंह के नाम से जाना जाऊंगा ।

प्रवीण कुमार।प्रवीण कुमार।प्रवीण कुमार।प्रवीण कुमार। No.257—I, Pravin Kumar, S/o Sri Pramod Prasad Singh, R/o Anirudh Bhawan, Lakhanchand Kothi, Kadamkuan Patna-3 shall henceforth be known as Praveen Kumar singh vide affidavit No. 1448 Dated 27-12-2014.

PRAVIN KUMAR.

———

No. 256— I, Shatrughan Prasad Singh, S/o Late L N Singh, Resident of 108-B, Sharan Vihar, Road No. 1D, New Patliputra, Patna 800013, declare vide affidavit no. 3276 dated 24.12.2014 that now onwards I shall be known as S P Singh for all future purposes.

SHATRUGHAN PRASAD SINGH.

——— अधीLकअधीLकअधीLकअधीLक, , , , सिचवालय मुिणालयसिचवालय मुिणालयसिचवालय मुिणालयसिचवालय मुिणालय,,,,

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सं॰ 8/आ0 (राज0 उ0)-2-37/2013-44 निबंधन, उत्पाद एवं मद्य निषेध विभाग ——— संकल्प 6 जनवरी 2015 चूँकि बिहार के राज्यपाल को यह विष्वास करने के कारण है कि श्री अंजनी कुमार सिन्हा, तत्कालीन अधीक्षक उत्पाद, सिवान सम्प्रति सेवानिवृत्त के विरूद्ध अनुज्ञाशुल्क जमा नहीं करने एवं उत्पाद दुकानों का विखंडन विलम्ब से करने के कारण 93.69 लाख रूपये राजस्व की क्षति, बिहार सरकारी सेवक आचार नियमावली का उल्लंघन एवं पारक निर्गत करने में उत्पाद अधिनियम के नियम-17 का उल्लंघन करने आदि आरोप विनिर्दिष्ट है। जैसा कि संलग्न आरोप पत्र प्रपत्र 'क' में वर्णित है। 2. अतएव बिहार के राज्यपाल द्वारा यह निर्णय लिया है कि श्री अंजनी कुमार सिन्हा के विरूद्ध संलग्न प्रपत्र 'क' में विनिर्दिष्ट आरोपों की जाँच के लिए उनके विरूद्ध बिहार पेंशन नियमावली 1950 के नियम 43 (वी) के तहत्‌ विहित रीति से विभागीय कार्यवाही चलायी जाय। इस विभागीय कार्यवाही के संचालन के लिये विभागीय जाँच आयुक्त, बिहार, पटना को संचालन पदाधिकारी नियुक्ति किया जाता है। 3. श्री अंजनी कुमार सिन्हा के विरूद्ध उक्त विभागीय कार्यवाही में अधीक्षक उत्पाद, सिवान को प्रस्तुतिकरण पदाधिकारी नियुक्त किया जाता है। 4. श्री अंजनी कुमार सिन्हा से अपेक्षा की जाती है कि वे अपने बचाव बयान के संबंध में अपना पक्ष रखने हेतु जैसा कि संचालन पदाधिकारी अनुमति दें, उनके समक्ष स्वयं उपस्थित हों। 5. इस विभागीय कार्यवाही के संचालन में माननीय मुख्यमंत्री का अनुमोदन प्राप्त है।

आदेशः- आदेश दिया जाता है कि संकल्प को बिहार राजपत्र के अगले अंक में प्रकाषित किया जाय तथा इसकी प्रति अरोप पत्र प्रपत्र 'क' के साथ संचालन पदाधिकारी, प्रस्तुतिकरण पदाधिकारी एवं श्री अंजनी कुमार सिन्हा को भी उपलब्ध करा दिया जाय।

बिहार-राज्यपाल के आदेश से, अभय राज, विेशेष सचिव।

———

सं॰ 8/आ॰ (राज॰उ॰)-2-06/2013-1931

संकल्प

9 मई 2014 . विभागीय संकल्प संख्या 5021 दिनांक 20.07.2013 द्वारा श्री कामेश्वर सिंह, तत्कालीन निरीक्षक उत्पाद, शेरघाटी (गया) के विरूद्ध विभागीय कार्यवाही संचालित की गई है तथा श्री सिंह दिनांक 28.02.2014 को सेवानिवृत हो गये है। अतएव उनके विरूद्ध संचालित विभागीय कार्यवाही को बिहार पेंशन नियमावली, 1950 के नियम-43 (बी॰) के तहत्‌ सम्परिवर्तित किया जाता है। संकल्प की अन्य शर्तें यथावत रहेगी।11 (cid:18)बहार गजट, 18 फरवर(cid:15) 2015 आदेशः-आदेश दिया जाता है कि संकल्प को बिहार राजपत्र के अगले अंक में प्रकाषित किया जाय तथा इसकी प्रति श्री कामेश्वर सिंह को उपलब्ध करा दी जाय।

बिहार-राज्यपाल के आदेश से,

———

सं॰ 8/आ॰ (राज॰उ॰)-2-06/2013-2026

संकल्प

19 मई 2014 चूँकि बिहार-राज्यपाल को यह विष्वास करने का पर्याप्त कारण है कि श्री अनिल कुमार आजाद, तत्कालीन निरीक्षक उत्पाद, पूर्णियाँ सम्प्रति अवर निरीक्षक उत्पाद, कैमूर (भभुुआ) के विरूद्ध दिनांक 13.09.2012 को निबंधन, उत्पाद एवं मद्य निषेध विभाग से संबंधित राज्य स्तरीय समीक्षात्मक बैठक में भोजन अवकाश के दौरान बैठक में उपस्थित विभागीय पदाधिकारियों के विरूद्ध अर्मायादित एवं आपतिजनक भाषा का प्रयोग करने आदि आरोप विनिर्दिष्ट है, जैसा कि संलग्न आरोप पत्र प्रपत्र 'क' में वर्णित है।

2. अतएव बिहार राज्यपाल द्वारा निर्णय लिया गया है कि श्री अनिल कुमार आजाद के विरूद्ध संलग्न प्रपत्र 'क' में विनिर्दिष्ट आरोपों की जाँच के लिए उनके विरूद्ध बिहार सरकारी सेवा (वर्गीकरण, नियंत्रण एवं अपील) नियमावली-2005 के नियम-17 (2) में विहित रीति में विभागीय कार्यवाही चलायी जाय। इस विभागीय कार्यवाही के लिए श्री विनोद कुमार झा, उपायुक्त उत्पाद, (मुख्यालय) को संचालन पदाधिकारी नियुक्त किया जाता है।

3. श्री अनिल कुमार आजाद के विरूद्ध उक्त विभागीय कार्यवाही में प्रशाखा पदाधिकारी आरोप प्रशाखा-08 को प्रस्तुतिकरण पदाधिकारी नियुक्त किया जाता है।

4. श्री अनिल कुमार आजाद से अपेक्षा की जाती है कि वे अपने बचाव बयान के संबंध में अपना पक्ष रखने हेतु जैसा कि संचालन पदाधिकारी अनुमति दें, उनके समक्ष स्वयं उपस्थित हों।

5. इस विभागीय कार्यवाही के संचालन में माननीय मंत्री का अनुमोदन प्राप्त है। आदेशः-आदेश दिया जाता है कि संकल्प को बिहार राजपत्र के अगले अंक में प्रकाषित किया जाय तथा इसकी प्रति अरोप पत्र प्रपत्र 'क' के साथ संचालन पदाधिकारी, प्रस्तुतिकरण पदाधिकारी एवं श्री अनिल कुमार आजाद को उपलब्ध करा दिया जाय। बिहार-राज्यपाल के आदेश से,

———

सं॰ 8/आ0 (राज0 उ0)-2-20/2013-2174

संकल्प

26 मई 2014 विभागीय संकल्प संख्या 3576 दिनांक 05.11.2013 द्वारा श्री सुधीर कुमार झा, अधीक्षक उत्पाद, औरंगाबाद के विरूद्ध संचालित विभागीय कार्यवाही में संचालन पदाधिकारी श्री नवीन कुमार मिश्र, संयुक्त आयुक्त उत्पाद, निबंधन, उत्पाद एवं मद्य निषेध विभाग के लम्बे अवकाश में प्रस्थान करने के कारण उक्त विभागीय कार्यवाही में विभागीय संकल्प संख्या 1752 दिनांक 29.04.2014 द्वारा श्री नवीन कुमार मिश्र के स्थान पर श्री बिनोद कुमार झा, प्रभारी उपायुक्त उत्पाद (मुख्यालय) को संचालन पदाधिकारी नियुक्त किया गया है। 2. प्रस्तुतिकरण पदाधिकारी, उपायुक्त उत्पाद, भागलपुर-सह-मुंगेर प्रमण्डल भागलपुर के स्थान पर प्रशाखा पदाधिकारी, राजपत्रित आरोप प्रशाखा-08 को प्रस्तुतिकरण पदाधिकारी नियुक्त किया जाता है। 3. संकल्प की अन्य शर्त्तें यथावत रहेगी। आदेशः-आदेश दिया जाता है कि संकल्प को बिहार राजपत्र के अगले अंक में प्रकाषित किया जाय तथा इसकी प्रति अरोप पत्र प्रपत्र 'क' के साथ संचालन पदाधिकारी, प्रस्तुतिकरण पदाधिकारी एवं श्री सुधीर कुमार झा, को भी उपलब्ध करा दिया जाय।

बिहार-राज्यपाल के आदेश से,

———

सं॰ 8/आ0 (राज0 नि0)-1-47/2013-2789

संकल्प

2 जुलाई 2014

चूँकि बिहार के राज्यपाल को यह विष्वास करने के कारण है कि मो0 कमाल अषरफ, तत्कालीन जिला अवर निबंधक, भागलपुर, सम्प्रति निलम्बित मुख्यालय-जिला निबंधन कार्यालय सहरसा के विरूद्ध अनुचित लाभ प्राप्ति हेतु उपस्थापित दस्तावेज का निबंधन नहीं करना, सूचना का अधिकार में गलत एवं भ्रामक सूचना देना तथा आवेदक को डरा धमका कर भगा देना आदि आरोप विनिर्दिष्ट है, जैसा कि संलग्न आरोप पत्र प्रपत्र 'क' में वर्णित है।12 (cid:18)बहार गजट, 18 फरवर(cid:15) 2015 2. अतएव बिहार के राज्यपाल ने यह निर्णय लिया है कि मो0 कमाल अषरफ, के विरूद्ध संलग्न प्रपत्र 'क' में विनिर्दिष्ट आरोपों की जाँच के लिए उनके विरूद्ध बिहार सरकारी सेवा (वर्गीकरण, नियंत्रण एवं अपील) नियमावली-2005 के नियम-17 (2) में विहित रीति में विभागीय कार्यवाही चलायी जाय। इस विभागीय कार्यवाही के लिए श्री शैलेन्द्र नाथ सिन्हा, सहायक निबंधन महानिरीक्षक (मुख्यालय) को संचालन पदाधिकारी नियुक्ति किया जाता है।

3. मो0 कमाल अषरफ, के विरूद्ध उक्त विभागीय कार्यवाही में प्रषाखा पदाधिकारी (आरोप) प्रषाखा-08 को प्रस्तुतिकरण पदाधिकारी नियुक्ति किया जाता है।

4. मो0 कमाल अषरफ, से अपेक्षा किया जाता है कि वे अपने बचाव बयान के संबंध में अपना पक्ष रखने हेतु जैसा कि संचालन पदाधिकारी अनुमति दें, उनके समक्ष स्वयं उपस्थित हों।

5. इस विभागीय कार्यवाही के संचालन में माननीय विभागीय मंत्री का अनुमोदन प्राप्त है। आदेशः- आदेश दिया जाता है कि संकल्प को बिहार राजपत्र के अगले अंक में प्रकाषित किया जाय तथा इसकी प्रति अरोप पत्र प्रपत्र 'क' के साथ संचालन पदाधिकारी, प्रस्तुतिकरण पदाधिकारी एवं मो0 कमाल अषरफ, को उपलब्ध करा दिया जाय। बिहार-राज्यपाल के आदेश से,

———

सं॰ 8/आ0 (राज0 उ0)-2-22/2013-2824

संकल्प

4 जुलाई 2014

चूँकि बिहार-राज्यपाल को यह विष्वास करने का पर्याप्त कारण है कि श्री प्रेमचन्द्र साहु, तत्का॰ अधीक्षक उत्पाद, समस्तीपुर सम्प्रति सेवा निवृत के विरूद्ध आसवन गृह रीगा, सीतामढ़ी द्वारा सीतामढ़ी, नवादा, बेगुसराय एवं षिवहर were house को निर्धारित मूल्य से 4 (चार) रूपये अधिक का विपत्र उपस्थिति एवं जानकारी में दिया जाना एवं बिना अनुमति के मुख्यालय से अनुपस्थित रहना आदि हेतु आरोप विनिर्दिष्ट है, जैसा कि संलग्न आरोप पत्र प्रपत्र 'क' में वर्णित है। 2. अतएव बिहार-राज्यपाल द्वारा निर्णय लिया गया है कि श्री प्रेमचन्द्र साहु, तत्का॰ अधीक्षक उत्पाद के विरूद्ध संलग्न प्रपत्र 'क' में विनिर्दिष्ट आरोपों के लिए उनके विरूद्ध बिहार पेंषन नियमावली 1950 के नियम-43 (बी) के तहत्‌ विहित रीति से विभागीय कार्यवाही चलाई जाए। इस विभागीय कार्यवाही के संचालन के लिए श्री सत्येन्द्र कुमार सिन्हा, उपायुक्त उत्पाद (आ0 भ0) मुख्यालय को संचालन पदाधिकारी नियुक्त किया जाता है।

3. श्री प्रेमचन्द्र साहु, के विरूद्ध उक्त विभागीय कार्यवाही में श्री जगदीष गहलौत, अवर सचिव, निबध्ांन, उत्पाद एवं मद्य निषेध विभाग को प्रस्तुतिकरण पदाधिकारी नियुक्त किया जाता है।

4. श्री प्रेमचन्द्र साहु, से अपेक्षा की जाती है कि वे अपने बचाव बयान के संबंध में अपना पक्ष रखने हेतु जैसा कि संचालन पदाधिकारी अनुमति दें, उनके समक्ष स्वयं उपस्थित हों।

5. इस विभागीय कार्यवाही के संचालन में माननीय मंत्री का अनुमोदन प्राप्त है।

आदेशः- आदेश दिया जाता है कि संकल्प को बिहार राजपत्र के अगले अंक में प्रकाषित किया जाय तथा इसकी प्रति अरोप पत्र प्रपत्र 'क' के साथ संचालन पदाधिकारी, प्रस्तुतिकरण पदाधिकारी एवं श्री प्रेमचन्द्र साहु, को उपलब्ध करा दिया जाय।

बिहार-राज्यपाल के आदेश से,

———

सं॰ 9/आरोप (राज) (उ0)-2-12/2012-2894

संकल्प

8 जुलाई 2014

विभागीय संकल्प संख्या 550 दिनांक 28.01.2013 द्वारा मो0 मुस्ताक खाँ, तत्कालीन अधीक्षक उत्पाद, जहानाबाद के विरूद्ध विभागीय कार्यवाही संचालित की गई है। इस विभागीय कार्यवाही में द्वितीय कारण पृच्छा प्राप्त होने पर दण्ड अधिरोपित कर बिहार लोक सेवा आयोग की सहमति पत्रांक-2651 दिनांक 23.06.2014 से मांगी जा चुकी है। इसी बीच मो0 खाँ दिनांक 30.06.2014 को सेवानिवृत्त हो गये है। फलतः कार्मिक एवं प्रषासनिक सुधार विभाग के परिपत्र संख्या-3448 दिनांक 12.12.06 के कंडिका-IV में वर्णित प्रावधान अनुसार उनके विरूद्ध संचालित विभागीय कार्यवाही को बिहार पेंषन नियमावली 1950 के नियम 43 (बी0) के तहत स्वतः सम्परिवर्तित किये जाने का आदेष पारित किया गया है। संकल्प की अन्य शर्त्ते यथावत रहेगी।

आदेषः- आदेष दिया जाता है कि संकल्प को बिहार राजपत्र के अगले अंक में प्रकाषित किया जाय तथा इसकी प्रति संचालन पदाधिकारी, प्रस्तुतीकरण पदाधिकारी एवं मो0 मुस्ताक खाँ को उपलब्ध करा दिया जाय।

बिहार-राज्यपाल के आदेश से,13 (cid:18)बहार गजट, 18 फरवर(cid:15) 2015

सं॰ 8/आ0 (राज0 उ0)-2-20/2013-3014

संकल्प

15 जुलाई 2014 विभागीय संकल्प संख्या 1752 दिनांक 29.04.2014 द्वारा श्री सुधीर कुमार झा, अधीक्षक उत्पाद, औरंगाबाद के विरूद्ध संचालित विभागीय कार्यवाही में संचालन पदाधिकारी श्री नवीन कुमार मिश्र, संयुक्त आयुक्त उत्पाद के स्थान पर श्री विनोद कुमार झा, प्रभारी उपायुक्त उत्पाद (मुख्यालय) को संचालन पदाधिकारी नियुक्ति किया गया है। श्री विनोद कुमार झा का स्थानान्तरण उपायुक्त उत्पाद, भागलपुर-सह-मुंगेर प्रमंडल, भागलपुर हो जाने के कारण पुनः श्री नवीन कुमार मिश्र, संयुक्त आयुक्त उत्पाद को संचालन पदाधिकारी नियुक्ति किया जाता है।

2. संकल्प की अन्य शर्तें यथावत रहेगी।

आदेशः-आदेश दिया जाता है कि संकल्प को बिहार राजपत्र के अगले अंक में प्रकाषित किया जाय तथा इसकी प्रति संचालन पदाधिकारी, प्रस्तुतिकरण पदाधिकारी एवं श्री सुधीर कुमार झा, को उपलब्ध करा दिया जाय।

बिहार-राज्यपाल के आदेश से,

———

सं॰ 8/आ0 (राज0 उ0)-2-18/2013-954

संकल्प

28 फरवरी 2014 विभागीय संकल्प संख्या-525 दिनांक 31.01.2014 द्वारा श्री सुरेन्द प्रसाद, तत्का0 प्रभारी अधीक्षक उत्पाद के विरूद्ध विभागीय कार्यवाही संचालित की गई है। संचालन पदाधिकारी से जाँच प्रतिवेदन अब तक अप्राप्त है। श्री प्रसाद दिनांक 31.01.2014 को सेवानिवृत हो गये है। अतएव उनके विरूद्ध संचालित विभागीय कार्यवाही को बिहार पेंशन नियमावली 1950 के नियम-43(बी) के तहत सम्परिवर्तित की जाती है। संकल्प की अन्य शर्तें यथावत रहेगी।

आदेशः-आदेश दिया जाता है कि संकल्प को बिहार राजपत्र के अगले अंक में प्रकाषित किया जाय तथा इसकी प्रति संचालन पदाधिकारी, प्रस्तुतिकरण पदाधिकारी एवं श्री सुरेन्द प्रसाद को उपलब्ध करा दिया जाय।

बिहार-राज्यपाल के आदेश से,

———

सं॰ 9/आरोप (राज0 )(उ0)-2-04/2012-2778

संकल्प

1 जुलाई 2014 विभागीय संकल्प संख्या 1751 दिनांक 29.04.2014 द्वारा श्री केदार प्रसाद, तत्का॰ उपायुक्त उत्पाद (आ॰भा॰) संप्रति सेवा निवृत के विरूद्ध संचालित विभागीय कार्यवाही में प्रस्तुतिकरण पदाधिकारी श्री विनोद कुमार झा, प्रभारी उपायुक्त (आ0 भा0) का स्थानान्तरण उपायुक्त उत्पाद भागलपुर-सह-मुंगेर प्रमंडल भागलपुर हो जाने के कारण उनके स्थान पर श्री सत्येन्द्र कुमार सिन्हा, उपायुक्त उत्पाद (आ0 भा0) को प्रस्तुतिकरण पदाधिकारी नियुक्त किया जाता है। 2. संकल्प की अन्य शर्तें यथावत रहेगी।

आदेशः- आदेश दिया जाता है कि संकल्प को बिहार राजपत्र के अगले अंक में प्रकाषित किया जाय तथा इसकी प्रति संचालन पदाधिकारी, प्रस्तुतिकरण पदाधिकारी एवं श्री केदार प्रसाद, को उपलब्ध करा दिया जाय।

बिहार-राज्यपाल के आदेश से, विजय रंजन, उप-सचिव ।

——— अधिसूचनाएं 9 मई 2014 सं॰ 8/आ॰(राज॰उ॰)-2-07/2014-1911—सी॰डब्ल्यू॰जे॰सी॰ सं॰ 14340/2013 अनिल कुमार आजाद बनाम बिहार राज्य एवं अन्य में दिनांक 25.02.2014 को पारित न्याय निर्णय के आलोक में श्री अनिल कुमार आजाद तत्कालीन निरीक्षक उत्पाद, पूर्णियाँ सम्प्रति अवर निरीक्षक उत्पाद, कैमूर (भभूआ) जिन्हें विभागीय अधिसूचना सं॰ 4577 दिनांक 21.09.2012 द्वारा दो वेतनवृद्धियाँ असंचानात्मक प्रभाव से अवरूद्ध करने का दंड अधिरोपित किया गया था, को निरस्त किया जाता है।

बिहार-राज्यपाल के आदेश से, विजय रंजन, उप-सचिव ।14 (cid:18)बहार गजट, 18 फरवर(cid:15) 2015

27 मई 2014

सं० 9/आरोप (राज0)(उ0)-2-28/2012-2197—श्री आनन्द कुमार, तत्कालीन अधीक्षक उत्पाद, अररिया सम्प्रति सहायक आयुक्त उत्पाद, रोहतास द्वारा दिनांक 13.09.2012 को निबंधन, उत्पाद एवं मद्य निषेध विभाग से संबंधित राज्य स्तरीय समीक्षात्मक बैठक में भोजन अवकाश के दौरान बैठक में उपस्थित विभागीय पदाधिकारियों के विरूद्ध अमर्यादित एवं आपत्तिजनक भाषा का प्रयोग करने के आरोप में विभागीय पत्रांक-4450 दिनांक 14.09.2012 द्वारा उनसे स्पष्टीकरण की माँग की गयी।

श्री कुमार से प्राप्त स्पष्टीकरण को विचारोपरांत अस्वीकृत करते हुए विभागीय अधिसूचना सं0 4576 दिनांक 21.09. 2012 द्वारा दो वेतन वृद्धियाँ असंचयात्मक प्रभाव से अवरूद्ध करने का दण्ड अधिरोपित किया गया।

विभागीय आदेश सं0 3766 दिनांक 31.05.2013 के विरूद्ध श्री कुमार ने माननीय उच्च न्यायालय में अधिरोपित दण्ड को रद्‌द करने हेतु याचिका वाद संख्या-19778/2012 दायर की माननीय उच्च न्यायालय में अपने न्यायादेष के दिनांक 18. 01.2013 को उक्त दायर याचिका में न्याय निर्णय निम्न प्रकार पारित किया :- "As this court has quashed the order only on technical ground, It must give liberty to the Principal Secretary of Excise and Prohibition Department to examine the matter afresh and if he is satisfied that a proceeding has to be drawn against the petitioner either for a minor or major penalty a proper charge sheet should be issued against the petitioner so that the petitioner gets a reasonable opportunity to defend himself."

उक्त न्याय निर्णय के आलोक में विभागीय अधिसूचना संख्या-4576 दिनांक 21.09.2012 द्वारा अधिरोपित दण्ड को विभागीय आदेष संख्या-3766 दिनांक 31.05.2013 द्वारा निरस्त कर दिया गया।

माननीय न्यायालय द्वारा दी गई Liberty के आधार पर श्री कुमार के विरूद्ध प्रपत्र 'क' गठित कर माननीय विभागीय मंत्री का अनुमोदनोपरांत विभागीय संकल्प संख्या-1845 दिनांक 29.07.2013 द्वारा विभागीय कार्यवाही संचालित की गई। संचालन पदाधिकारी द्वारा दिनांक 16.04.2014 को अपना जॉच प्रतिवेदन समर्पित किया जिसमें संचालन पदाधिकारी ने मंतव्य अंकित किया कि '' उपरोक्त तथ्यों के विवेचना से स्पष्ट है कि आरोपित पदाधिकारी श्री आनन्द कुमार, तत्कालीन अधीक्षक उत्पाद, सम्प्रति प्रभारी सहायक आयुक्त उत्पाद, रोहतास ने दिनांक 13.09.2012 को सम्पन्न राजस्तरीय समीक्षात्मक बैठक में भोजनावकाष में श्री विजय रंजन, उप सचिव, निबंधन उत्पाद एवं मद्य निषेध विभाग के साथ आक्रोषित होकर वार्त्तालाप किया जिससे बैठक का वातावरण दूषित हो गया।

अतः श्री आनन्द कुमार, तत्कालीन अधीक्षक उत्पाद, अररिया सम्प्रति प्रभारी सहायक आयुक्त उत्पाद, रोहतास के विरूद्ध गठित आरोप आंषिक रूप से प्रमाणित होता है।''

संचालन पदाधिकारी से प्राप्त जाँच प्रतिवेदन में आरोपी पदाधिकारी के विरूद्ध आरोप को आंषिक रूप से प्रमाणित पाते हुए लघु दण्ड के रूप में ''दो वेतन वृद्धियॉ असंचयात्मक प्रभाव से अवरूद्ध करने का दण्ड'' अधिरोपित किया जाता है।

बिहार-राज्यपाल के आदेश से, अभय राज, विेशेष सचिव।

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23 जून 2014

सं॰ 9/आरोप (राज0) (नि0)-1-06/2012-2642—श्री गिरिधारी लाल, सेवा निवृत्त जिला अवर निबंधक भोजपुर के विरूद्ध पत्रांक-209 दिनांक-28.04.2005 द्वारा मा0 न्यायालय भोजपुर को प्रदर्ष के रूप में भेजे गए वर्ष 1960 के जिल्द संख्या-53 का पृष्ठ 191 तथा 192 के गायब होने की सूचना प्राप्त होने पर भी श्री लाल द्वारा अपनी तरफ से न तो कोई जाँच की गई और न ही अपने उच्चाधिकारी एवं पुलिस को इसकी सूचना दी गई। उक्त आधार पर उनके कर्त्तव्य निर्वहण में लापरवाही एवं उदासीनता आदि बरतने के आरोप में विभागीय संकल्प सं0-1082 दिनांक 04.04.2012 तदुपरांत संकल्प संख्या-3859 दिनांक 05.06.2013 द्वारा विभागीय कार्यवाही संचालित की गई। संचालन पदाधिकारी के जॉच प्रतिवेदन में कर्त्तव्य के प्रति लापरवाही का आरोप आंषिक रूप से प्रमाणित पाया गया है।

संचालन पदाधिकारी द्वारा प्राप्त जॉच प्रतिवदेन के आलोक में विभागीय पत्रांक-4142 दिनांक 09.12.2013 द्वारा श्री गिरिधारी लाल से द्वितीय कारण पृच्छा की मांग की गई। श्री लाल द्वारा विभाग में द्वितीय कारण पृच्छा का बचाव बयान समर्पित किया गया जिसमें कोई नई बात नही कही गई। फलतः उनके बचाव बयान को असंतोषजनक पाते हुए अस्वीकृत कर दिया गया।

संचालन पदाधिकारी का जॉच प्रतिवेदन एवं श्री लाल द्वारा दिये गये बचाव बयान की पूर्ण समीक्षोपरांत बिहार पेंषन नियमावली 1950 के नियम 139 के तहत 5% पेंषन से कटौति करने का निर्णय विभाग द्वारा लिया गया, जिस पर माननीय विभागीय मंत्री का अनुमोदन प्राप्त है।

माननीय मुख्य मंत्री की स्वीकृति प्राप्त करते हुए विभागीय पत्रांक-856 दिनांक 20.02.2014 द्वारा श्री गिरिधारी लाल, तत्कालीन जिला अवर निबंधक, भोजपुर सम्प्रति सेवानिवृत्त के पेंषन से 5% पेंषन की राषि की कटौति करने हेतु बिहार लोक सेवा आयोग से परामर्ष/अभिमत की मांग की गई।

बिहार लोक सेवा आयोग, पटना के पत्रांक-142 दिनांक 22.04.2014 द्वारा विभागीय दण्ड से प्रस्ताव में असहमति संसूचित किया गया है। परंतु बिहार लोक सेवा आयोग का परामर्ष विभाग को मान्य नही है।15 (cid:18)बहार गजट, 18 फरवर(cid:15) 2015 निबंधन कार्यालय, भोजपुर का अभिलेख गायब होना सरकार एवं आम जन के लिए एक अपूर्णीय क्षति है। क्योंकि इसकी पुर्नसंरचना कठिन है। इस क्षति के संबंध में तत्समय आवष्यक कानूनी कार्रवाई नही करने के लिए जिला अवर निबंधन पदाधिकारी को जिम्मेवार मानते हुए श्री लाल द्वारा कर्त्तव्य का निर्वहन नही किये जाने के कारण पेंषन से 5% की राषि की कटौति करने का दण्ड अधिरोपित करने पर सक्षम प्राधिकार (माननीय मुख्यमंत्री) का अनुमोदन प्राप्त किया गया। अतः श्री गिरिधारी लाल, तत्कालीन जिला अवर निबंधक, भोजपुर सम्प्रति सेवानिवृत्त को बिहार पेंषन नियमावली 1950 के नियम 43 (बी0) के तहत संचालित विभागीय कार्यवाही के फलाफल के आधार पर बिहार पेंषन नियमावली 1950 के नियम 139 में प्रदत्त शक्तियों का प्रयोग करते हुए उनके पेंषन से 5% राषि अवरूद्ध करने का दण्ड अधिरोपित किया जाता है तथा एतद द्वारा विभागीय कार्यवाही समाप्त की जाती है।

यह आदेष तुरंत प्रभावी होगा।

बिहार-राज्यपाल के आदेश से, विजय रंजन, उप-सचिव ।

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8 जुलाई 2014

सं॰ 8/आ0 (राज0 उ0)-2-05/2013-2893—विभागीय अधिसूचना संख्या-264/SC दिनांक 14.12.2012 निलंबित तत्कालीन निरीक्षक उत्पाद, गया श्री अजय कुमार राय को तत्कालिक प्रभाव से निलंबन से मुक्त किया जाता है। 2. विभागीय संकल्प संख्या-3359 दिनांक 22.10.2013 द्वारा संचालित विभागीय कार्यवाही पूर्ववत्‌ जारी रहेगी। 3. इन्हें निलंबन अवधि के लिए जीवन निर्वाह भत्ता के अतिरिक्त कुछ भी देय नही होगा। यह आदेष तत्काल प्रभाव से लागू रहेगा।

बिहार-राज्यपाल के आदेश से, विजय रंजन, उप-सचिव ।

——— समाहरणालय, शेखपुरासमाहरणालय, शेखपुरासमाहरणालय, शेखपुरासमाहरणालय, शेखपुरा (जिला स्थापना शाखा) ——— आदेश 22 जुलाई 2014

सं॰ 296/स्था॰—निगरानी थाना कांड सं0 020/2013, दिनांक 22.04.2013 धारा-7/13(2)-सह-पठित धारा-13 (1) (डी) भ्र0 नि0 अधि0-1988 में निगरानी विभाग (अन्वेषण ब्यूरों), पटना द्वारा आरोपी खुर्शीद मोहम्मद, तत्कालीन सहायक-सह- पेशकार, अनुमंडल दण्डाधिकारी न्यायालय जिला - शेखपुरा को दिनांक 22.04.2013 को 4000 (चार हजार रूपये) वादी श्री साधुशरण महतो से रिश्वत लेते हुए रंगे हाथ पकड़े गए। तत्संबंधी सूचना पुलिस अधीक्षक निगरानी विभाग (अन्वेषण ब्यूरो) बिहार पटना के पत्रांक 817 अप0 श0, दिनांक 30.04.2013 से प्राप्त हुआ। उक्त आरोप में खुर्शीद मोहम्मद को इस कार्यालय के ज्ञापांक 1(मु0), दिनांक 13.05.13 द्वारा निलंबित किया गया।

इस कार्यालय के पत्रांक 14/स्था0 दिनांक 20.01.2014 द्वारा अनुमंडल पदाधिकारी, शेखपुरा से श्री खुर्षीद मोहम्मद सहायक -सह- पेषकार (निलंबित) के विरूद्ध विभागीय कार्यवाही संचालन हेतु साक्ष्य सहित प्रपत्र ''क'' गठित कर प्रतिवेदन की मांग की गई। अनुमंडल पदाधिकारी, शेखपुरा के पत्रांक 68 दिनांक 22.01.2014 द्वारा श्री खुर्षीद मोहम्मद के विरूद्ध प्राप्त प्रपत्र ''क'' एवं निगरानी द्वारा उपलब्ध कराये गये साक्ष्य के आधार पर जिला स्तर से प्रपत्र ''क'' का गठन किया गया। इस कार्यालय के ज्ञापांक 47/स्था0, दिनांक 25.01.2014 द्वारा श्री मोहम्मद के विरूद्ध विभागीय कार्यवाही संचालन हेतु श्री ऋषिदेव झा, निदेशक, लेखा प्रशासन एवं स्वनियोजन, जिला ग्रामीाण विकास अभिकरण, शेखपुरा को संचालन पदाधिकारी एवं श्री सुबोध कुमार, अनुमंडल पदाधिकारी, शेखपुरा को उपस्थापन पदाधिकारी नियुक्त किया गया। माननीय उच्चतम न्यायालय द्वारा क्रिमनल अपील सं0 1148/2014 में दिनांक 09.05.2014 को पारित न्यायादेष के आलोक में जमानत पर रिहा होकर आरोपी श्री खुर्षीद मोहम्मद दिनांक 20.05.2014 को भूमि सुधार उपसमाहर्त्ता, कार्यालय, शेखपुरा में योगदान दिये। भुमि सुधार उपसमाहर्त्ता के पत्रांक 238 दिनांक 02.07.201 संसूचित किया गया कि श्री खुर्षीद मोहम्मद द्वारा दिनांक 20.05.2014 को दिये गये योगदान को दिनांक 20.05.2014 के प्रभाव से ही 26.06.2014 को स्वीकृत कर लिया गया।

आरोपी खुर्शीद मोहम्मद के कार्यरा रहने के कारण साक्ष्यों/गवाहों केा प्रभावित करने की संभावना के कारण उन्हें बिहार सरकारी सेवक वर्गीकरण नियंत्रण एवं अपील नियमावली 2005 के भाग IV के कंडिका 3 (ii) (उप-नियम (i) में निहित प्रावधान के अंतर्गत इस कार्यालय के पत्रांक 268, दिनांक 04.07.2014 द्वारा पुनः निलंबित कर मुख्यालय प्रखंड कार्यालय, शेखपुरा रखा गया।16 (cid:18)बहार गजट, 18 फरवर(cid:15) 2015 निदेशक, लेखा प्रशासन एवं स्वनियोजन-सह-संचालन पदाधिकारी जिला ग्रामीण विकास अभिकरण, शेखपुरा द्वारा अपने ज्ञापांक 1196, दिनांक 03.06.2014 द्वारा विभागीय कार्यवाही का जॉच प्रतिवेदन समर्पित किया गया। उक्त जॉच प्रतिवेदन के अनुसार श्री खुर्शीद मोहम्मद के विरूद्ध आरोप प्रथम दृष्टया प्रमाणित पाया गया।

आरोप संख्या-1 :- श्री साधुशरण महतो, पे0-स्व0 सहदेव महतो, सा0-चॉदी, थाना-अरियरी, जिला-शेखपुरा से उनकी पत्नी मिनता देवी के नाम से मौजा चॉदी, खाता नं0 134, खेसरा नं0-626, रकवा-6.25डी0 एवं खाता नं0 166, खेसरा नं0 1201, रकवा 3डी0 जमीन पर बाद सं0 36/एस0ओ0/13 कृष्णा प्रसाद बनाम मिनता देवी वगैरह में चल रही धारा 144/दं0प्र0 की कार्रवाई के पक्ष में निर्णय के लिए अनुमंडल पदाधिकारी न्यायालय के पेशकार खुर्शीद मोहम्मद द्वारा 7000(सात हजार रूपये) रिश्वत की मांग की गई।

आरोपी कर्मी का स्पष्टीकरण ः- श्री खुर्शीद मोहम्मद द्वारा समर्पित स्पष्टीकरण जो दिनांक 26.03.2014 को निबंधित डाक से प्राप्त हुआ, में उनके द्वारा बाद संख्या 36M/13 अंतर्गत दं0 प्र0 सं0 की धारा-144 में निर्णय/आदेश पारित हेतु 7000 (सात हजार) रूपये या 4000 (चार हजार रूपये) रिश्वत लेने से इनकार किया गया है, साथ ही उक्त तिथि को घटित घटना का वर्णन किया गया है। जिसमें कहा गया है कि दिनांक 22.04.2013 को 11.15 बजे कार्यालय में कार्य का निष्पादन के क्रम में दो व्यक्ति आकर इन्हें संबंधित अभिलेख श्री गणेश प्रसाद कार्यपालक दंडाधिकारी द्वारा मांगे जाने की बात कहकर इनके हाथ से अभिलेख झपटते हुए बगल में रखा गया, थैले में 27,900 (सत्ताईस हजार नौ सौ) रू0 ले लिए और अपने को निगरानी विभाग का आदमी कहकर नीचे खड़ी जीप में बैठाकर पटना ले गए। इनके द्वारा यह भी उल्लेख किया गया है कि बरामद राशि इनके द्वारा दिनांक 18.04.2013 को ए0टी0एम0 से निकाला गया था जो उधार समान वालो ं को चुकाने हेतु रखा गया था जिसे समयाभाव के कारण भुगतान नहीं किया जा सका।

आरोप संख्या -2 :- श्री साधुसरण महतो द्वारा इस संबंध में निगरानी अन्वेषण ब्युरो पटना में शिकायत करने के उपरांत निगरानी अन्वेषण ब्यूरो में सत्यापन हेतु सिपाही श्री सत्येन्द्र प्रसाद पासवान को दिनांक 17.04.13 को परिवादी श्री महतो के साथ वार्ता हुई, जिसमें रिश्वत की राशि मो0 7000 (सात हजार) रू0 के स्थान पर मो0 4000 (चार हजार) रू0 प्राप्त हुई। इसका सत्यापन निगरानी अन्वेषण ब्यूरो के सिपाही श्री सत्येन्द्र प्रसाद पासवान द्वारा किया गया।

आरोपी का स्पष्टीकरण :- इस संबंध में श्री खुर्शीद मोहम्मद सहायक-सह-पेशकार अनुमंडल न्यायालय शेखपुरा द्वारा बतलाया गया गिरफ्तारी के पश्चात्‌ उनका हाथ ंनहीं धुलवाया गया और न ही नियंत्री पदाधिकारी या परिजनों को इसकी सूचना दी गई। धावादल के समक्ष स्वतंत्र गवाह के रूप में जिन दो व्यक्तियों का नाम आया है वे दोनों सूचक साधू शरण महतो के गाँव के हैं और उन्हीं की जाति से हैं। इनका प्रश्न है कि क्या अन्य गवाह इस गाँव के अतिरिक्त क्यो नहीं तैयार हुए। इस कारण से ये षडयंत्र एवं मिलीभगत का आरोप लगाया है।

आरोप संख्या -3 :- निगरानी अन्वेषण ब्यूरो पटना से गठित धावादल के द्वारा दिनांक 22.04.2013 को परिवादी श्री साधुशरण महतों से खुर्शीद मोहम्मद सहायक-सह-पेशकार अनुमंडल दण्डाधिकारी न्यायालय शेखपुरा को मो0 4000 (चार हजार) रू0 रिश्वत लेते हुए रंगे हाथो गिरफतार कर माननीय विशेष न्यायाधीश निगरानी-II पटना के न्यायालय में प्रस्तुत किया गया तथा आदेशानुसार उन्हें न्यायिक हिरासत में केन्द्रीय कारा बेउर पटना भेज दिया गया।

आरोपी का स्पष्टीकरण ः- श्री खुर्शीद मोहम्मद सहायक-सह-पेशकार अनुमंडल पदाधिकारी कार्यालय शेखपुरा द्वारा दिनांक 28.05.14 को स्वयं उपस्थित होकर लिखित रूप से स्पष्टीकरण समर्पित किया गया जिसमें इनके द्वारा बतलाया गया कि चूँकि अभी मामला का विचारण निगरानी न्यायालय में चल रहा है, इस कारण विचारण के अंतिम निष्पादन तथा मामले को स्थगित रखा जाये। इन्हें अंतिम अवसर देते हुए 28.05.14 को आरोपित बिन्दुओं पर विन्दुवार स्पष्टीकरण प्रस्तुत करने की सूचना निर्गत की गई। उनके द्वारा 30.05.14 को तिथि निर्धारण करने का अनुरोध किया गया जिसमें विन्दुवार स्पष्टीकरण प्राप्त हुआ जो पूर्व में कही गई बातों की पुनरावृत्ति है। सिवाय पुलिस अधीक्षक निगरानी अन्वेषण ब्यूरो पटना को जिला पदाधिकारी, शेखपुरा को भेजे गए पत्रांक 281/विधि दिनांक 17.06.2013 की छायाप्रति पत्रांक 314/विधि दिनांक 11.05.13 की छाया प्रति तथा ए0टी0एम0 द्वारा 18.04.13 को निकासी की गई पर्ची की छाया प्रति।

संचालन पदाधिकारी द्वारा आरोपित कर्मी के स्पष्टीकरण एवं साक्ष्यों का विवेचन :- आरोप पत्र के साथ में पुलिस अधीक्षक निगरानी अन्वेषण ब्यूरो बिहार, पटना के द्वारा जिला पदाधिकारी शेखपुरा को प्रेषित पत्रांक 817 दिनांक 30. 04.13, भ्र0नि0अधि0 1988 अंतर्गत दर्ज प्राथमिकी की छाया प्रति, श्री अजय कुमार चौधरी पुलिस अधीक्षक सह-धावादल प्रभारी द्वारा पुलिस अधीक्षक निगरानी थाना को 22.04.13 को समर्पित धावादल कार्रवाई प्री ट्रेप मेमोरंडम तथा पोस्ट ट्रेप मेमोरंडम साक्ष्य के रूप में संलग्न हैं।

उपर्युक्त कागजातों के अवलोकन से स्पष्ट है कि सूचक सह परिवादी साधू शरण महतों द्वारा वाद सं0-36M/13 अंतर्गत द0प्र0सं0 144 में निर्णय आदेश पारित करने के एवज में उनसे खुर्शीद मोहम्मद द्वारा रिश्वत की मांग की गई तथा निगरानी अन्वेषण ब्यूरो द्वारा विभिन्न औपचारिकताओं को पूर्ण करते हुए दिनांक 22.04.13 को बतौर 4000 (चार हजार) रिश्वत लेते हुए श्री मोहम्मद को गिरफ्तार किया गया।

वाद सं0-36M/13 कृष्णा प्रसाद बनाम मिनता देवी में संधारित अभिलेख की छाया प्रति जो पुलिस अधीक्षक निगरानी अन्वेषण ब्यूरो पटना द्वारा जिला पदााधिकारी शेखपुरा को उपलब्ध करायी गयी के अवलोकन से स्पष्ट है कि17 (cid:18)बहार गजट, 18 फरवर(cid:15) 2015 अभिलेख में कार्रवाई दिनांक 21.01.13 को आरंभ की गई तथा अंतिम तिथि 20.03.13 को अस्पष्ट अभिलेख आदेश फलक पर अंकित है, किन्तु वाद का अंतिम निस्तारण नहीं हुआ। श्री मोहम्मद द्वारा समर्पित अंतिम स्पष्टीकरण में कहा गया है कि संपूर्ण खाता खेसरा का वर्णन नहीं है, और रकवा गलत अंकित है जैसा की मूल अभिलेख की छाया प्रति में अंकित है। अनुमंडल पदाधिकारी-सह-उपस्थापन पदाधिकारी द्वारा उपस्थिति दर्ज कराने के साथ खुर्शीद मोहम्मद का भारतीय स्टेट बैंक शेखपुरा में संधारित खाता संख्यां 11419185338 का लेखा विवरणी उपलब्ध कराया गया है जिसमें इस बात की पुष्टि होती है कि दिनांक 18.04.13 को इनके द्वारा 30,000 (तीस हजार रू0) की निकासी की गई है।

संचालन पदाधिकारी का मंतव्य ः- श्री खुर्शीद मोहम्मद द्वारा समर्पित स्पष्टीकरण की समीक्षा के उपरांत यह स्पष्ट है कि श्री मोहम्मद के उपर लगाए गए आरोपों के विरूद्ध कोई ठोस साक्ष्य समर्पित करने में असमर्थ रहें, जहाँ तक इनकी निगरानी की सूचना नियंत्री पदाधिकारी को दिए जाने और हाथ धुलाने का प्रश्न है, इसपर जिला पदाधिकारी, शेखपुरा के पत्र का वर्णन इनके द्वारा किया गया है, यह एक प्रक्रियात्मक त्रुटि मानी जा सकती है, किन्तु जिला पदाधिकारी, शेखपुरा द्वारा अंततः की गई पृच्छा पर पूर्ण संतुष्ट होने के उपरान्त ही अभियोजन की स्वीकृति दी गई। इसके अतिरिक्त दिनांक 18. 04.2013 के ए0टी0एम0 से निकासी की गई राषि में से कुछ राषि खर्च करने के उपरांत शेष 27,900 (सत्ताइस हजार नौ सौ) उनके द्वारा आलमीरा में रखे जाने से इनके उपर 4000 (चार हजार) रूपया बतौर रिष्वत लेने के आरोप को गलत मानने का कोई आधार नहीं हो सकता है। अभिलेख में अंकित अंतिम तिथि 22.04.2013 तक किसी प्रकार की कार्रवाई नहीं होना संषय की स्थिति उत्पन्न करता है।

प्रशासनिक पदाधिकारी द्वारा द्वितीयकारण पृच्छा एवं की गई कार्रवाई :- संचालन पदाधिकारी द्वारा समर्पित जॉच प्रतिवेदन एवं आरोपों की पुष्टि किये जाने के उपरान्त खुर्शीद मोहम्मद को द्वितीयकारण पृच्छा समर्पित करने हेतु इस कार्यालय के ज्ञापांक 237, दिनांक 05.06.14 द्वारा दिनांक 21.06.14 को तिथि निर्धारित किया गया। उनके द्वारा पुनः समय की मॉग किये जाने पर अंतिम रूप से 27.06.14 को तिथि निर्धारित की गई। समर्पित द्वितीय कारण पृच्छा में इनके द्वारा निम्नलिखित बिन्दुओं पर स्पष्टीकरण दिया गया, जो निम्न प्रकार है :-

1. प्रथमतः प्रार्थी के विरूद्ध विभागीय कार्यवाही का आधार मात्र यह है कि प्रार्थी ने साधुशरण महतो नामक व्यक्ति से धारा- 144 द0प्र0सं0 की कार्यवाही का निर्णय उसके पक्ष में करने हेतु मो0 7000 (सात हजार रूपये) का रिश्वत की मांग की गई जो मो0 4000 (चार हजार रूपये) में मामला तय करके रिश्वत लेते वक्त रंगे हाथ निगरानी विभाग द्वारा पकड़े गये। जिस कारण प्रार्थी के विरूद्ध निगरानी विभाग द्वारा प्राथमिकी दर्ज कराया गया एवं जेल भेजा गया ।

2. यह कि विभागीय कार्यवाही में उल्लेखित आरोप वही है जो कि निगरानी विभाग द्वारा दर्ज प्राथमिकी में है, जिसका विचारण माननीय विशेष न्यायाधीश-2 पटना निगरानी के न्यायालय में लंबित है।

3. यह कि उपरोक्त दोनों मामलों यानी फौजदारी मुकदमा एवं विभागीय कार्यवाही में एक ही आरोप है और कोई दूसरा आरोप नही है। इसलिए एक ही आरोप के लिए दो कार्यवाही नही चल सकती है, जो नियमानुकूल नही है। 4. यह कि पहले फौजदारी मुकदमा माननीय विशेष न्यायाधीश-2 निगरानी विभाग, पटना के न्यायालय में चल रहा है इसलिए उसी आरोप पर विभागीय कार्यवाही चलाने का कोई औचित्य नही है।

5. यह कि विभागीय कार्यवाही में प्रस्तोता पदाधिकारी (अनुमंडल पदाधिकारी, शेखपुरा) द्वारा न ही आरोप के समर्थन में कोई साक्ष्य दिया गया है और न ही संचालन पदाधिकारी द्वारा सही तरीके से विभागीय कार्यवाही का संचालन किया गया है। सिर्फ खानापूर्ति करके प्रार्थी के विरूद्ध वगैर किसी संतोषजनक साक्ष्य एवं ठोस सबूत के ही अपना मंतव्य (प्रतिवेदन) श्रीमान्‌ के समक्ष समर्पित किया गया है।

6. यह कि प्रार्थी के द्वारा समर्पित कारण पृच्छा एवं उसके साथ संलग्न अनुलग्नक कागजाती सबूत को संचालन पदाधिकारी द्वारा अनदेखी किया गया है, तथा उसपर विचार नही किया गया ।

7. यह कि प्रार्थी बिल्कुल निर्दोष है एवं उसे रिश्वत लेते हुए कभी पकड़ा नही गया है, बल्कि उपरोक्त साधुशरण महतो जो एक लालची एवं धूर्त व्यक्ति है, के द्वारा एक साजिश के तहत फंसाया गया है।

8. यह कि प्रार्थी सिर्फ अनुमंडल पदाधिकारी, शेखपुरा के न्यायालय में पेशकार है, जिसका काम सिर्फ अभिलेख का उपस्थापन एवं रख-रखाव करना है, किसी भी मुकदमें में कोई आदेश पारित करने एवं निर्णय लेने के लिए न तो अधिकृत है और न ही पारित कर सकते है। अतः साधुशरण महतो जैसा पुराना एवं धूर्त मुकदमेबाज अपने पक्ष में निर्णय पारित कराने के लिए प्रार्थी को रिश्वत देने के लिए किसी भी तरह तैयार नही हो सकता।

9. यह कि साधुशरण महतो का यह आरोप नही है कि किसी विशेष उपरोक्त दंडाधिकारी द्वारा अपने पक्ष मे निर्णय पारित करने के लिए अमुक पदाधिकारी के आधार पर रिश्वत की मांग की गई थी। इसलिए उपरोक्त व्यक्ति का आरोप खासकर निराधार है।

10. यह की संचालन पदाधिकारी को जॉच प्रतिवेदन से यह पुष्टि हो पाई है कि प्रार्थी मो0 30000 (तीस हजार रूपया) घटना की तिथि से मात्र 3 दिन पहले बैंक (ए0टी0एम0) शेखपुरा से निकासी किया गया था, जिसमें 27900 (सताईस हजार नौ सौ रूपया) उस समय भी कार्यालय के अलमीरा में मौजूद था। अतः प्रार्थी के द्वारा मात्र 4000 (चार हजार रूपया) मांगने का कोई संभावना प्रतीत नही होता है।

11. यह कि इस बात का उल्लेख करना अनुचित नही होता कि साधुशरण महतो एक धूर्त मुकदमेबाज जिनका उस समय भी अनेकों मुकदमों विभिन्न न्यायालयों मे एवं अनुमंडल न्यायालय में लंबित था एवं अभी भी लंबित है। यह इतना बड़ा18 (cid:18)बहार गजट, 18 फरवर(cid:15) 2015 धूर्त कि अपने सगे भाई को भी नही बकसता है। वो अपने भाई के विरूद्ध एक किाा मुकदमा अनुमंडल दंडाधिकारी न्यायालय में दर्ज कराया था, जिसका केश सं0 821एम0/2011 धारा 147 द0प्र0सं0 है।

12. यह कि साधुशरण महतो प्रार्थी पर दबाव डाला करता था कि उसकी मर्जी के मुताबिक तारीख दिया करें एवं उसके पक्ष में हर तरह की न्यायालय मदद करें यह प्रार्थी जैसे इमानदार एवं सज्जन व्यक्ति के लिए संभव नही था। इसी रंजिस के तहत उसने प्रार्थी को आरोप में फंसाया गया।

13. यह कि श्रीमान्‌ संचालन पदाधिकारी द्वारा यह आपाि जताया गया कि मुकदमें (कार्यवाही) में 30.03.13 के बाद कोई आदेश पारित नही हुआ। इस संबंध में यह उल्लेख करना जरूरी प्रतीत होता है कि आदेश पारित करना प्रार्थी के क्षेत्राधिकार से बाहर है। यह जानकारी संबंधी दंडाधिकारी महोदय की है। दूसरी बात यह है कि धारा 144 द0प्र0सं0 की कार्यवाही सिर्फ 60 दिन तक ही वैध रहती है, उसके बाद वह खुद व खुद (स्वतः) समाप्त समझी जाती है। उपरोक्त कार्यवाही दिनांक 21.01.2013 को प्रारंभ की गयी थी । अतः 21.03.13 को बाद स्वतः समाप्त हो गयी थी। ऐसी परिस्थिति में साधुशरण महतो जैसे पुराने मुकदमों के लिए प्रार्थी या किसी अन्य व्यक्ति के रिश्वत देने की बात विश्वसनीय नही मालूम पड़ता है।

14. यह कि श्रीमान्‌ संचालन पदाधिकारी द्वारा अपने प्रतिवेदन में यह आपाि जताया गया कि प्रार्थी के द्वारा अपने स्पष्टीकरण में संपूर्ण खाता खेसरा का विवरण नही किया गया है और रकवा गलत अंकित है। इस संबंध में उल्लेख करना जरूरी है कि गठित प्रपत्र 'क' में वर्णित जमीन का विवरण के अनुसार ही प्रार्थी द्वारा स्पष्टीकरण समर्पित किया गया था। उस समय प्रार्थी आदर्श केन्द्रीय कारा, बेउर पटना में बंदी था। इसलिए संचालन पदाािधकारी द्वारा उपरोक्त आपाि जताया गया न्यायोचित है।

15. निगरानी विभाग के धावा दल द्वारा प्रार्थी के विरूद्ध गिरफ्तारी वगैरह की जो भी कार्यवाही की गई वह बिल्कुल एक पक्षीय एवं अनुमोदन लिए बगैर की गई थी, जो नियमानूकुल नही है।

प्रशासनिक पदाधिकारी द्वारा विवेचना एवं निष्कर्ष :- द्वितीय कारण पृच्छा में आरोपी के द्वारा कोई तथ्य या साक्ष्य प्रस्तुत नही किया गया है। संचालन पदाधिकारी के समक्ष दिए गए कारण को ही दुहराया गया है, इस प्रकार आरोपी द्वारा समर्पित कारण पृच्छा तथ्यहीन औचित्यहीन है। आरोपी का यह कहना कि उसके पास कार्यालय के आलमीरा में उसके 27,900 रू0 पहले से मौजूद थे। अतः उसके द्वारा रिष्वत के रूप में राषि क्यों ली जाएगी, बिल्कुल तथ्यहीन है। आरोपी के पास राषि उपलब्ध होने और रिष्वत नहीं प्राप्त करने के संबंध में कोई समन्वय स्थापित नहीं किया जा सकता।

विभागीय कार्यवाही चलाने के संबंधमें कार्मिक एवं प्रषासनिक सुधार विभाग सम्प्रति सामान्य प्रषासन विभाग, बिहार, पटना के पत्र संख्या - 3150, दिनांक 21.03.2007 द्वारा स्पष्ट रूप से यह निदेष प्रदत्त है कि -''सम्यक्‌ समीक्षोपरान्त सरकार ने यह निर्णय लिया है कि लोक सेवक के विरूद्ध आपराधिक अभियोजन के साथ-साथ विभागीय कार्यवाही भी चलायी जा सकती है। उसी प्रकार जब लोक सेवक के विरूद्ध सरकारी दायित्वों के निष्पादन में कदाचार, विषेषकर घूस लेते हुए पकड़े जाने के मामले में आपराधिक अभियोजन किये जाते हैं, उन मामलों में बिना आपराधिक/फौजदारी मामला के निष्पादन का इन्तजार किये स्वतंत्र रूप से विभागीय कार्यवाही चलायी जा सकती है।''

इस प्रकार श्री मोहम्मद के विरूद्ध विभागीय कार्यवाही विधि-सम्मत तरीके से संचालित की गई। इनके द्वारा निगरानी धावा दल द्वारा कृत्त कार्रवाई के संदर्भ में अपने बचाव हेतु न तो कोई साक्ष्य समर्पित किया गया और न ही ठोस आधार ही प्रतिवेदित किया गया। आरोप पत्र, गठित आरोप, संचालन पदाधिकारी द्वारा समर्पित जाँच प्रतिवेदन, आरोपी द्वारा समर्पित प्री-ट्रैप एवं पोस्ट-ट्रैप मेमोरेण्डम में रिष्वत लेने संबंधी प्राप्त साक्ष्य से यह प्रमाणित होता है कि श्री खुर्षीद मोहम्मद, निलंबित, तत्कालीन सहायक-सह-पेषकार, अनुमंडल न्यायिक दण्डाधिकारी कार्यालय, शेखपुरा पदस्थापित भूमि सुधार उपसमाहर्त्ता कार्यालय, शेखपुरा के विरूद्ध रिष्वत लेने का आरोप सही है। निगरानी धावा दल द्वारा श्री मोहम्मद से रिष्वत की रकम बरामद होने की संपुष्टि की गई है, जो स्वयं में एक ठोस एवं विधिसम्मत प्रमाण है। इनका आचरण सरकारी सेवक के लिए अषोभनीय है तथा बिहार सरकारी सेवक आचार नियमावली, 1976 का उल्लंघन है। सरकारी सेवक आचार नियमावली, 1976 के नियम 3(1)(i) में स्पष्ट उल्लेख है कि सरकारी सेवा में कार्यरत्‌ कर्मी पूर्ण, शील, निष्ठा का पालन करेगा एवं 3(1)(iii) में उल्लेख है कि ऐसा कोई काम नहीं करेगा जो अषोभनीय हो। परन्तु निगरानी दस्ते द्वारा आरोपी को भ्रष्टाचार के आरोप में रिष्वत लेते रंगेहाथ गिरफ्तार किए जाने से निष्ठा का हनन हुआ है, जो एक सरकारी सेवक के लिए प्रतिकूल आचरण माना जाता है और जिसके लिए दण्ड का प्रावधान किया गया है।

रिष्वत लेते रंगेहाथ गिरफ्तार होने संबंधी प्रमाणित आरोप इतने गम्भीर हैं कि यदि इन्हें कठोरतम दण्ड नहीं दिया जाता है तो सरकारी सेवकों में अपने कर्त्तव्य एवं दायित्वों के निर्वह्‌न में शील, निष्ठा, कर्त्तव्य के प्रति निष्ठा सुनिष्चित करने एवं लोक सेवकों में व्याप्त भ्रष्ट आचरण जैसे जघन्य कुकृत्य को रोकना सम्भव नहीं है।

बिहार बोर्ड प्रकीर्ण नियमावली के नियम-165 में स्पष्ट किया गया है कि कपट एवं बेईमानी, लगातार जानबूझकर की जाने वाली उपेक्षा और नैतिक कलंक के सभी अपराधों का समुचित दण्ड बर्खास्तगी है।

अतः उक्त वर्णित सभी विन्दुओं पर गंभीरता पूर्वक विचार करते हुए बिहार सरकारी सेवक (वर्गीकरण नियंत्रण एवं अपील नियमावली 2005) यथा संशोधित 2007 के नियम 14 (XI) में निहित शास्तियोेंं के आलोक में प्रमाणित आरोप के कारण मै प्रणव कुमार, भा0 प्र0 से0, समार्हाा एवं जिला दण्डाधिकारी, शेखपुरा यथा वर्णित आरोपों के कारणों से श्री खुर्शीद मोहम्मद निलंबित उच्च वर्गीय लिपिक सहायक-सह- पेशकार अनुमंडल दंडाधिकारी कार्यालय, शेखपुरा सम्प्रति पदस्थापित भूमि सुधार उपसमार्हाा कार्यालय, शेखपुरा को आदेश निर्गत होने की तिथि से सरकारी सेवा से बर्खास्त (Dismiss) करता हूॅ।19 (cid:18)बहार गजट, 18 फरवर(cid:15) 2015 श्री खुर्शीद मोहम्मद निलंबित सहायक-सह-पेशकार से संबंधित पूर्ण विवरण निम्नवा है :- 1. सरकारी सेवक का नाम - श्री खुर्शीद मोहम्मद 2. पिता का नाम - अबु मोहम्मद 3. पदनाम - उ0 व0 लिपिक 4. पदस्थापित स्थल - भूमि सुधार उपसमार्हाा कार्यालय, शेखपुरा। 5. वेतन वैंड/ग्रेड पे - 9300-34800, ग्रेड पे0 - 4200 6. जन्म तिथि - 10.01.1956 7. सेवा निवृति तिथि - 31.01.2016 8. स्थायी पता - सा0पोस्ट- चरूआवॉ थाना - शेखोपुरसराय। जिला - शेखपुरा।

आदेश से, (ह॰)-अस्पष्ट, जिला पदाधिकारी, शेखपुरा।

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Cite this issue. Bihar Gazette, Government of Bihar, 18 February 2015. Indian Gazettes, https://egazette.servantsofknowledge.in/details/in.gov.bih.gazette.2015-02-18.7/. Archive identifier in.gov.bih.gazette.2015-02-18.7.