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बिहार विधन-सभा सचिवालय
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अध्सिूचना
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14/2015- 2902 / वि∫स∫— ''बिहार भूमि विवाद निराकरण ;संशोध्नद्ध
''बिहार भूमि विवाद निराकरण ;संशोध्नद्ध विध्ेयक, 2015'', जो बिहार विधन-सभा में दिनांक 04 अगस्त, 2015 को पु
04 अगस्त, 2015 को पुरःस्थापित हुआ था, बिहार विधन-सभा की प्रि
सभा की प्रिÕया तथा कार्य संचालन नियमावली के नियम-116 के अन्तर्गत उ∞ेश्य और हेतु सहित प्रकाशित किया जाता है । नियमावली के नियम-116 के अन्तर्गत उ हरेराम मुखिया, हरेराम मुखिया, 2 ॢबह(cid:4)र गजट (cid:10)[स(cid:4)ध(cid:4)रण(cid:15)(cid:16) 18 अग(cid:29)त 2015 बिहार भूमि विवाद निराकरण (संशोधन) विधेयक, 2015
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बिहार भूमि विवाद निराकरण अधिनियम, 2009 (बिहार अधिनियम 4, 2010) का संशोधन करने के लिए विधेयक।
भारत गणराज्य के छियासठवें वर्ष में बिहार राज्य विधान मंडल द्वारा निम्नलिखित रूप में यह अधिनियमित होः-
1. संक्षिप्त नाम, विस्तार और प्रारंभ।-(1) यह अधिनियम ''बिहार भूमि विवाद निराकरण (संशोधन) अधिनियम, 2015'' कहा जा सकेगा।
(2) इसका विस्तार संपूर्ण बिहार राज्य में होगा।
(3) यह तुरंत प्रवृत्त होगा।
2. बिहार अधिनियम 4, 2010 की धारा-2 का संशोधन।-(1) उक्त अधिनियम, 2009 की धारा-2 की उप धारा-(ङ) में प्रयुक्त शब्द "अधिनियम की अनुसूची-1 में से वर्णित अधिनियमों के तहत'' के बाद और शब्द "रैयती अधिकार समाहित हो गए हो'' के पूर्व निम्नलिखित शब्द अंतःस्थापित किए जायेगेः-
''या किसी विनिर्दिष्ट कोटि के व्यक्तियों को सरकारी भूमि की बंदोवस्ती उपलब्ध कराने के लिए राज्य या केन्द्र सरकार के किसी अधिनियम या नीति के अधीन''
(2) उक्त अधिनियम, 2009 की धारा-2 की उप धारा (च) में प्रयुक्त शब्द ''अधिनियम की अनुसूची-1 में शामिल किसी अधिनियम में, "के बाद एवं शब्द ''भूमि पर रैयती अधिकार प्राप्त कर लिया है'' के पूर्व निम्नलिखित शब्द अंतःस्थापित किए जायेगेः-
''या किसी विनिर्दिष्ट कोटि के व्यक्तियों को सरकारी भूमि की बंदोबस्ती उपलब्ध कराने के लिए राज्य या केन्द्र सरकार के किसी अधिनियम या नीति के अधीन''
3. बिहार अधिनियम 4, 2010 की धारा 4 का संशोधन।-धारा 4 की उप धारा (1) (क) में प्रयुक्त शब्द ''इस अधिनियम की अनुसूची-1 में शामिल किसी अधिनियम के तहत'' के बाद एवं शब्द ''किसी के साथ सक्षम प्राधिकार द्वारा'' के पहले निम्नलिखित शब्द अंतःस्थापित किए जाएगे :-
''या किसी विनिर्दिष्ट कोटि के व्यक्तियों को सरकारी भूमि की बंदोबस्ती उपलब्ध कराने के लिए राज्य या केन्द्र सरकार के किसी अधिनियम या नीति के अधीन''
4. बिहार अधिनियम 4, 2010 में नई धारा का जोड़ा जाना।-उक्त अधिनियम, 2009 की धारा 15 के बाद निम्नलिखित नई धारा 15 क जोड़ी जाएगीः-
''15 क (1) अंतिम आदेश के कार्यान्वयन में बाधा या जान-बूझकर उसकी अवज्ञा या अननुपालन के लिए दंड।-जो कोई भी इस अधिनियम के अधीन पारित अंतिम आदेश में निहित दिशा-निर्देशों और निष्कर्षों के कार्यान्वयन में बाधा डालता है या जान-बूझकर उसकी अवज्ञा या अननुपालन करता है, उस अवधि के लिए, जिसका तीन वर्ष तक के लिए विस्तार किया जा सकेगा, कारावास से दंडनीय होगा और पाँच हजार रूपये तक के जुर्माने का भी दायी होगा।
(2) इस धारा के अधीन किसी अपराध मेंं पहले से सिद्ध दोष ठहराए गए ऐसे व्यक्ति की दशा मेंं, उस अवधि तक के लिए जिसका पाँच वर्ष तक के लिए विस्तार किया जा सकेगा, कारावास दंडनीय होगा और दस हजार रूपये तक के जुर्माने का भी दायी होगा।
(3) दंड प्रक्रिया संहिता 1973 में अंतर्विष्ट किसी बात के होते हुए भी, पूर्वोक्त अपराध संज्ञेय और उक्त संहिता के अर्थ के अंतर्गत गैर जमानती अपराध समझा जाएगा।
(4) पूर्वोक्त अपराध की घटना उक्त संहिता में अंतर्विष्ट उपबंध के अनुसार, सक्षम प्राधिकार द्वारा या सक्षम प्राधिकार के अनुमोदन से पीड़ित द्वारा रिपोर्ट की जाएगी।''3 !बहार गजट (असाधारण), 18 अग(cid:29)त 2015
उद्देष्य एवं हेतु
बिहार भूमि विवाद निराकरण अधिनियम, 2009 के अन्तर्गत सरकार द्वारा विभिन्न प्रकार से दिये गए भूमि पर विवाद का निपटारा करने का प्रावधान है, परन्तु उक्त अधिनियम में किसी प्रकार के दंड का प्रावधान नहीं होने के कारण भूमि सुधार उप समार्हाा (सक्षम प्राधिकार) के आदs'k के अनुपालन में कठिनाई होती है।
इस सa'kोधन विधेयक का उद्दे'य बिहार भूमि विवाद निराकरण अधिनियम, 2009 के अधीन राज्य या केन्द्र सरकार के किसी अधिनियम या नीति के अधीन विनिर्दिष्ट कोटि के व्यक्तियों को सरकारी भूमि की बन्दोबस्ती उपलब्ध कराने से संबंधित प्रावधान करने तथा सक्षम प्राधिकार द्वारा पारित अंतिम आदे'k के क्रियान्वयन में बाधा या जान-बूझकर उसकी अवज्ञा या अनुपालन के लिए दंड का प्रावधान करने के लिए अधिनियम की धारा-2 एवं 4 में आव'यक सं'kkेधन तथा धारा-15 के बाद एक नयी धारा-15 क जोड़ा जाना है।
भूमि सुधार उप समार्हाा (सक्षम प्राधिकार) के न्यायालय द्वारा पारित आदs'k के अनुपालन होने के बाद भी कभी-कभी दबंगों द्वारा बेदखल करने की कार्रवाई की जाती है। ऐसी स्थिति में बिहार भूमि विवाद निराकरण अधिनियम, 2009 की धारा-2 एवं 4 में संषोधन एवं अधिनियम की धारा-15 के बाद नई धारा-15 क के रूप में अलग प्रावधान किया जाना इस सं'kkेधन विधेयक का मुख्य उद्दे'; है तथा इसे अधिनियमित कराना ही इस सं'kksधन विधेयक का अभीष्ठ है।
(नरेन्द्र नारायण यादव)
भार-साधक सदस्य। पटना,
प्रभारी सचिव
दिनांक 04 अगस्त, 2015
बिहार विधान-सभा।
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