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श्रम संसाधन विभाग
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अधिसूचना
12 अगस्त 2015
सं॰ 5/एम0डब्लु0-6055/2010 श्र0सं0- 2455—विभागीय अधिसूचना संख्या-46/दिनांक 30.06.14 द्वारा डा0 वीरेन्द्र कुमार, उप श्रमायुक्त, पटना को स्थानांतरित करते हुए उप श्रमायुक्त, मुँगेर प्रमंडल, बेगूसराय के पद पर पदस्थापित किया गया है एवं उप श्रमायुक्त, भागलपुर का अतिरिक्त प्रभार दिया गया है ।
श्री वीशो पासवान द्वारा बकाया मजदूरी के भुगतान हेतु सहायक श्रमायुक्त (कृ0श्र0) सह प्राधिकार, सहरसा के न्यायालय में दायर वाद सं0-128/2006 में दिनांक 09.09.2008 को सहायक श्रमायुक्त (कृ0श्र0),सहरसा सह प्राधिकार, न्यू0 मज0अधि0-1948 के अन्तर्गत कोशी प्रमंडल, सहरसा द्वारा पारित आदेश के विरूद्ध नियोजक श्री महेश मंडल एवं अन्य के द्वारा उप श्रमायुक्त (कृषि श्रमिक) भागलपुर-सह-अपीलीय प्राधिकार के न्यायालय में अपीलवाद दायर किया गया है, जो लंबित है । इस लंबित अपीलवाद के निष्पादन किये जाने के क्रम में माननीय लोकायुक्त के यहाँ से लगातार रूप से निदेश प्राप्त हो रहे हैं ।
अधिसूचना संख्या-2411/02.08.13 द्वारा उप श्रमायुक्त (कृषि श्रमिक) भागलपुर का पद कार्यालय सहित उप श्रमायुक्त कोशी प्रमंडल (मुख्यालय, सहरसा) में स्थानांतरित हो गया है । इस प्रकार उप श्रमायुक्त, भागलपुर (कृ0श्र0) के कार्यालय का भागलपुर में कोई अस्तित्व नहीं रह गया है ।
उपरोक्त स्थिति में उप श्रमायुक्त, भागलपुर को न्यूनतम मजदूरी अधिनियम-1948 की दोनो अनुसूची (सामान्य एवं कृषि ) में लंबित वादों के साथ-साथ लंबित उपर्युक्त अपील वाद की सुनवाई/निष्पादन हेतु अपीलीय प्राधिकार के रूप में प्राधिकृत किया जाता है ।
2. प्रस्ताव में सचिव का अनुमोदन प्राप्त है ।
आदेश से, अरूण कुमार नं0-1, अवर सचिव।
———
पर्यावरण एवं वन विभाग
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अधिसूचना
13 अगस्त 2015
सं॰ भा॰स्था॰ (02)-17/2011(खण्ड)-2397प॰व॰—श्री एस॰के॰ सिंह, भा॰व॰से॰ (84), क्षेत्रीय मुख्य वन संरक्षक, पटना को अपर प्रधान मुख्य वन संरक्षक (कैम्पा)-सह-नोडल पदाधिकारी, बिहार, पटना का अतिरिक्त प्रभार दिया जाता है।
बिहार-राज्यपाल के आदेश से, रत्नेश झा, उप-सचिव।
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Website: http://egazette.bih.nic.in
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कृषि विभाग
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अधिसूचना
6 अगस्त 2015
सं0 4/कृ॰शि॰को॰-73/2015-3951/कृ॰—बिहार कृषि विष्वविद्यालय, सबौर (भागलपुर) के अधीन स्वीकृत कृषि महाविद्यालय, किषनगंज का नाम ''डॉ॰ कलाम कृषि महाविद्यालय, किषनगंज'' के रूप में अधिसूचित किया जाता है । 2. इस महाविद्यालय से संबंधित सभी पत्राचार ''डॉ॰ कलाम कृषि महाविद्यालय, किषनगंज'' के नाम से किये जायेंगे ।
3. इस संबंध में पूर्व में निर्गत सभी संकल्प/परिपत्र/आदेष/अधिसूचना एवं राज्यादेष तदनुसार संषोधित समझे जाएँगे ।
4. विभागीय प्रस्ताव पर मंत्रिपरिषद् की स्वीकृति दिनांक 30.07.2015 की बैठक में प्राप्त है । संचिका संख्या-4/कृ॰शि॰को॰-73/2015 के 3/टि॰ पर मंत्रिपरिषद् की स्वीकृति संधारित है।
बिहार-राज्यपाल के आदेश से, रामजी सिंह, संयुक्त सचिव।
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अभियंता प्रमुख-सह-अपर आयुक्त-सह-विशेष सचिव का कार्यालय पथ निर्माण विभाग,
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कार्यालय आदेश
7 अगस्त 2015
सं0 प्र03/एम॰-09/2014-215-4899(ई॰)—विभागीय कार्यालय आदेश संख्या-301 सहपठित ज्ञापांक-5772(ई॰) दिनांक 12.12.2014 द्वारा श्री दिलीप कुमार झा, पिता-श्री उमेश चन्द्र झा, द्वारा-एस॰एन॰ झा, लेहरी टोला, महेश का गार्डेन, जिला-भागलपुर, बिहार पिन नं॰-810002, जन्म तिथि 10.12.1971 को कनीय अभियंता (असैनिक) के पद पर नियुक्त करते हुए पथ प्रमंडल, शिवहर में पदस्थापित किया गया था।
श्री झा ने अपने अभ्यावदेन दिनांक 08.01.2015 द्वारा उच्च शिक्षा प्राप्त करने हेतु सत्र 2015-17 तक शिक्षा अवकाश देने अथवा पदस्थापन उपरोक्त अवधि के बाद करने का अनुरोध किया है, जो श्री झा के योगदान किये बिना मान्य नहीं है। श्री झा कि नियुक्ति की तिथि 12.12.2014 से अभी तक 07 (सात) महीने से अधिक की अवधि बीत चुकी है, लेकिन इनके द्वारा अभीतक विभाग में योगदान नहीं दिया गया है ।
अतः सम्यक् विचारोपरांत इनके अनुरोध को अस्वीकार करते हुए इनकी नियुक्ति रद्द की जाती है।
आदेश से, (ह0) अस्पष्ट, अभियंता प्रमुख-सह-अपर आयुक्त-सह-विशेष सचिव।
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13 अगस्त 2015
सं0 प्र03/एम॰-09/2014-220-5053 (ई॰)—विभागीय कार्यालय आदेश संख्या-32 दिनांक 28.02.2014 द्वारा श्री जय प्रकाश सिन्हा, पिता-श्री बद्री प्रसाद सिन्हा, नुरानीबाग कॉलोनी, कर्वाटर नं0-बी015, आलमगंज चौकी के नजदीक, पटना, बिहार, पिन नं॰-800007, जन्म तिथि 23.01.1977 को कनीय अभियंता (असैनिक) के पद पर नियुक्त करते हुए शाहाबाद पथ प्रमंडल, आरा में पदस्थापित किया गया था।
श्री सिन्हा के अभ्यावेदन दिनांक 24.03.2014 के आलोक में विभागीय पत्रांक 3257(एस) दिनांक 28.04.2014 द्वारा पत्र निर्गत की तिथि से 30 दिनों एवं उनके अभ्यावेदन दिनांक 22.05.2014 के आलोक में विभागीय पत्रांक 6913(एस) दिनांक 24.07.2014 द्वारा अंतिम अवसर के रूप में पत्र निर्गत की तिथि से 45 दिनों का अवधि विस्तार उनके पदस्थापित स्थान पर योगदान देने हेतु दिया गया था। श्री सिन्हा द्वारा निर्धारित अवधि में अपना योगदान समर्पित नहीं किया गया, अपितु उनके द्वारा निर्धारित अवधि के बाद दिनांक 02.07.15 को विभाग में योगदान समर्पित किया गया। श्री सिन्हा द्वारा योगदान हेतु , 4 विभाग द्वारा प्रदत अवधि विस्तार की समाप्ति तिथि दिनांक 06.09.2014 से अभी तक 11 महीने से अधिक की अवधि बीत चुकी है।
अतः सम्यक् विचारोपरांत इनके अनुरोध को अस्वीकार करते हुए इनकी नियुक्ति रद्द की जाती है।
आदेश से, (ह0) अस्पष्ट, अभियंता प्रमुख-सह-अपर आयुक्त-सह-विशेष सचिव।
——— नगर विकास एवं आवास विभागनगर विकास एवं आवास विभागनगर विकास एवं आवास विभागनगर विकास एवं आवास विभाग ——— अधिसूचनाअधिसूचनाअधिसूचनाअधिसूचना 11 अगस्त 201511 अगस्त 201511 अगस्त 201511 अगस्त 2015
सं0 03/SBM-20-01/2015-3630—स्वच्छ भारत मिशन (शहरी) के लिए जारी मार्गदर्शिका की कंडिका 11.2.2.i में राज्य स्तर पर मिशन निदेशक की अध्यक्षता में State Mission Directorate (SMD) के गठन का प्रावधान किया गया है। यह निदेशालय राज्य में गठित High Powered Committee (HPC) के सदस्य सचिव-सह-प्रधान सचिव, नगर विकास एवं आवास विभाग की अध्यक्षता में कार्य करेगा।
मार्गदर्शिका की कंडिका 11.2.2.ii के आलोक में State Mission Directorate (SMD) के रूप में Bihar State Ganga River Conservation Programme Management Society (BGCMS) को राज्य मिशन निदेशालय घोषित किया जाता है जो राज्य स्तर पर योजना की तैयारी एवं कार्यान्वयन का कार्य करेगी।
बिहार-राज्यपाल के आदेश से, (ह॰) अस्पष्ट, प्रधान सचिव
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सूचना
सं॰ 993—मैं, अमृतांषु (AMRITANSHU) पुत्र डॉ0 पवन कुमार अग्रवाल, उम्र 21 वर्ष, निवासी 211, कैलाष अपार्टमेंट,कंकड़बाग रोड, पटना-20 शपथ-पत्र संख्या 2535 तिथि 13.8.14 के द्वारा अमृतांषु अग्रवाल AMRITANSHU AGRAWAL केे नाम से जाना जाउंगा।
अमृतांषु ।
No. 993—I, Amritanshu S/O Dr. Pawan Kumar Agrawal R/O 211, Kailash Apartment, Kankarbagh Road, Patna declare vide Afdvt. No 2535, dated 13.8.14 that now onwards I shall be known as Amritanshu Agrawal.
AMRITANSHU.
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सं॰ 977—मैं अंकित, जन्म तिथि 04 मई 1984, पिता-स्व॰ राजेष्वर प्रसाद सिंह, ग्राम-चकवारा, थाना-हाजीपुर नगर, जिला-वैषाली शपथ पत्र संख्या-1861 दिनांक 04.02.2015 के द्वारा घोषणा करता हूँ कि मेरे सभी शैक्षिणक प्रमाण पत्रों में मेरा नाम अंकित दर्ज है लेकिन अब मैं अंकित सिंह के नाम से जाना-पहचाना जाउंगा । भविष्य में मेरा नाम अंकित सिंह ही रहेगा।
अंकित।
——— No.1015—I, Harsha Ajay Vyshampayan, D/o Bisheshwer Nath Gupta, resident of Brahma vidya Niwas, Kurji, Patna-800010, Bihar, vide affidavit no.-4722 dated 16.03.2013 will be known as Harsha Agrawal from now onwards for all purpose.
HARSHA.
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सं0 15/औ0-15-27/2010/1205 स्वा0 स्वास्थ्य विभाग ——— संकल्प 27 अक्टूबर 2014
श्री भोला प्रसाद, तत्कालीन औषधि निरीक्षक, नालन्दा सम्प्रति निलम्बित मुख्यालय सिविल सर्जन कार्यालय, पटना को रिश्वत लेने के आरोप में निगरानी अन्वेषण ब्यूरो, बिहार, पटना के द्वारा गिरफ्तार कर इनके विरूद्ध निगरानी थाना कांड संख्या-058/2010 दर्ज किया गया। उक्त आरोप में श्री भोला प्रसाद को विभागीय अधिसूचना संख्या 1747(15) दिनांक 29.09.2010 के प्रभाव से निलंबित किया गया एवं गिरफ्तारी से छुटने के बाद पुनः विभागीय अधिसूचना 1002(15) दिनांक 17.06.11 के प्रभाव से निलंबित करते हुए उनका निलम्बन अवधि में मुख्यालय सिविल सर्जन कार्यालय, नालन्दा निर्धारित किया गया एवं उक्त आरोपों के लिए समीक्षोपरान्त विभागीय संकल्प संख्या 1433(15) दिनांक 26.08.2011 द्वारा विभागीय कार्यवाही संचालित की गई है।
(2) उल्लेखनीय है कि श्री भोला प्रसाद निलंबित औषधि निरीक्षक, नालन्दा के विरूद्ध निम्नांकित आरोप के लिए विभागीय संकल्प 1433(15) दिनांक 26.08.2011 द्वारा विभागीय कार्यवाही संचालित की गई थी :-
" निगरानी अन्वेषण ब्यूरो, पटना के गठित धावादल के द्वारा दिनांक 03.08.2010 को परिवादी श्री ब्रजनन्दन प्रसाद सिन्हा से श्री भोला प्रसाद, औषधि निरीक्षक, नालन्दा को रू0 11000/- (रूपये ग्यारह हजार) मात्र रिश्वत लेते रंगे हाथों गिरफ्तार किया गया एवं निगरानी कांड संख्या-058/10 दिनांक-03.08.2010 में धारा-7/13(2) -सह- पठित धारा-13(1) (डी0) भ्र0 नि0 अधि0-1988 के अधीन श्री भोला प्रसाद, औषधि निरीक्षक, नालन्दा के विरूद्ध प्राथमिक दर्ज किया गया एवं न्यायिक हिरासत में भेजा गया। इस प्रकार श्री भोला प्रसाद, औषधि निरीक्षक, नालन्दा द्वारा गैर कानूनी, संज्ञेय अपराध में संलिप्तता प्रकट होती है।"
(3) उक्त गठित आरोप के लिए विभागीय संकल्प संख्या-1433(15) दिनांक 26.08.11 के आलोक में विभागीय कार्यवाही के संचालन पदाधिकारी द्वारा निम्नांकित बिन्दुओं पर समीक्षा विभागीय अधिगम में किया गया है :-
(i) श्री भोला प्रसाद के विरूद्ध आरोप है कि श्री ब्रजनन्दन प्रसाद सिन्हा से 11000/-(ग्यारह हजार) रूपये रिश्वत लेते हुए निगरानी ब्यूरो के द्वारा पकड़े गये तथा निगरानी थाना कांड-058/10 दिनांक 03.08.2011 में धारा-7/13(2) -सह-पठित धारा-13(1)(डी0) भ्र0 नि0 अधि0-1988 के अधीन प्राथमिकी दर्ज करते हुए न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया गया ।
(ii) पुलिस अधीक्षक, निगरानी अन्वेषण ब्यूरो, बिहार, पटना ने इसी तथ्य का उल्लेख अपने प्रतिवेदन में किया है।
(iii) सभी साक्ष्यों /प्रतिवेदनों तथा आरोपित औषधि निरीक्षक द्वारा समर्पित बचाव बयान एवं पुलिस अधीक्षक निगरानी अन्वेषण ब्यूरो, बिहार, पटना द्वारा समर्पित प्रतिवेदन क समीक्षोपरांत यह परिलक्षित होता है कि श्री भोला प्रसाद, ड्रग लाइसेंस बनवाने के लिए 11000/-(ग्यारह हजार) रूपया घूस लेने के दोषी पाए गए।7 (4) विभागीय कार्यवाही के संचालन पदाधिकारी ने अपने उक्त अधिगम में यह उल्लेख किया है कि श्री भोला प्रसाद, निलंबित औषधि निरीक्षक, सिविल सर्जन कार्यालय, नालन्दा के विरूद्ध संकल्प के अनुबंध में गठित आरोप प्रमाणित माना जाता है।
(5) उक्त विभागीय कार्यवाही के अधिगम की प्रति आरोपित पदाधिकारी को विभागीय पत्र संख्या-09(15) दिनांक 06.01.2014 के द्वारा द्वितीय कारण पृच्छा पूछा गया जिसके प्रत्युार में श्री भोला प्रसाद से स्पष्टीकरण उनके पत्र दिनांक 10.01.2014 द्वारा प्राप्त हुआ। श्री भोला प्रसाद से प्राप्त कारण पृच्छा की सम्यक रूप से समीक्षा की गई।
(6) आरोपित पदाधिकारी के विरूद्ध रिश्वत लेने के अति गम्भीर आरोप पाए जाने के कारण सक्षम प्राधिकारी ने श्री भोला प्रसाद, निलंबित औषधि निरीक्षक, नालन्दा सम्प्रति निलंबित मुख्यालय सिविल सर्जन कार्यालय, पटना को सरकारी सेवा से बर्खास्त करने का निर्णय लिया है, जिस पर मंत्रिपरिषद् द्वारा भी सहमति प्रदान की गयी है। उक्त निर्णय पर बिहार लोक सेवा आयोग, बिहार, पटना ने भी अपने पत्रांक'418/लो0से0आ0 दिनांक 23.05.2014 के द्वारा अपनी सहमति प्रदान की है। अतः श्री भोला प्रसाद, निलंबित औषधि निरीक्षक, नालन्दा सम्प्रति मुख्यालय सिविल सर्जन कार्यालय, पटना को आदेश निर्गत करने की तिथि से सरकारी सेवा से बर्खास्त किया जाता है।
आदेष्ष्ष्ष ः-आदेश दिया जाता है कि इस संकल्प की प्रति श्री भोला प्रसाद, निलंबित औषधि निरीक्षक, नालन्दा सम्प्रति मुख्यालय सिविल सर्जन, कार्यालय पटना एवं संबंधित सभी पदाधिकारी को डाक से भेज दिया जाय।
बिहार-राज्यपाल के आदेश से, आनन्द किषोर, सचिव।
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सं0 संख्या - 15/औ0-15-23/2011/1206(15)/स्वा0
स्वास्थ्य विभाग
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संकल्प
27 अक्टूबर 2014
श्री अरूण कुमार, तत्कालीन औषधि निरीक्षक, मुजफ्फरपुर सम्प्रति निलम्बित मुख्यालय राज्य औषधि नियंत्रक, बिहार, पटना के कार्यालय, बिहार, पटना को रिश्वत लेने के आरोप में निगरानी अन्वेषण ब्यूरो, बिहार, पटना के द्वारा गिरफ्तार कर इनके विरूद्ध निगरानी थाना कांड संख्या-76/2011 दर्ज किया गया। उक्त आरोप में श्री अरूण कुमार को विभागीय अधिसूचना संख्या-2060(15) दिनांक 12.12.2011 के प्रभाव से निलंबित किया गया एवं गिरफ्तारी से छुटने के बाद पुनः विभागीय अधिसूचना संख्या-473(15) दिनांक 27.03.12 के प्रभाव से निलंबित करते हुए उनका निलम्बन अवधि में मुख्यालय राज्य औषधि नियंत्रक, बिहार, पटना के कार्यालय निर्धारित किया गया एवं उक्त आरोपों के लिए समीक्षोपरान्त विभागीय संकल्प संख्या-202(15) दिनांक 30.01.2012 द्वारा उनके विरूद्ध विभागीय कार्यवाही संचालित की गई है। (2) उल्लेखनीय है कि श्री अरूण कुमार निलंबित औषधि निरीक्षक, मुजफ्फरपुर के विरूद्ध निम्नांकित आरोप के लिए विभागीय संकल्प 202(15) दिनांक-30.01.2012 द्वारा विभागीय कार्यवाही संचालित की गई थी-
" निगरानी अन्वेषण ब्यूरो, पटना के गठित धावा दल के द्वारा दिनांक 24.10.2011 को परिवादी श्री अरविन्द कुमार से श्री अरूण कुमार, औषधि निरीक्षक, मुजफ्फरपुर को रू0 2500/- (रूपये दो हजार पॉच सौ) मात्र रिश्वत लेते रंगे हाथों गिरफ्तार किया गया एवं निगरानी कांड संख्या-076/11 दिनांक 24.10.2011 में धारा-7/13(2)-सह-पठित धारा-13(1) (डी0) भ्र0 नि0 अधि0-1988 के अधीन श्री अरूण कुमार निलंबित औषधि निरीक्षक, मुजफ्फरपुर के विरूद्ध प्राथमिक दर्ज किया गया एवं न्यायिक हिरासत में भेजा गया। इस प्रकार श्री अरूण कुमार निलंबित औषधि निरीक्षक, मुजफ्फरपुर द्वारा गैर कानूनी, संज्ञेय अपराध में संलिप्तता प्रकट होती है।"
(3) उक्त गठित आरोप के लिए विभागीय संकल्प संख्या-202(15) दिनांक 30.01.12 के आलोक में विभागीय कार्यवाही के संचालन पदाधिकारी के द्वारा विभागीय अधिगम में निम्नानुसार प्रतिवेदित किया गया है :-
(i) सूचक आरोपित औषधि निरीक्षक एवं पुलिस निगरानी अन्वेषण व्यूरो, बिहार, पटना द्वारा समर्पित प्रतिवेदन एवं साक्ष्यों का क्रॉस वेरिफिकेशन किया गया। जिसमें पाया गया कि आरोपित औषधि निरीक्षक को 2500 रूपया रिश्वत लेते हुए पकड़ा गया।
(ii) यह पैसा अनुज्ञापन प्राधिकारी के समक्ष ही प्राप्त हुई जो ट्रैप मेमोरेण्डम के साक्षी भी है। सूचक एवं पुलिस अधीक्षक, निगरानी अन्वेषण ब्यूरो, बिहार, पटना ने इसी तथ्य का उल्लेख अपने प्रतिवेदन में किया है।
(iii) सभी साक्ष्यों /प्रतिवेदनों तथा आरोपित औषधि निरीक्षक द्वारा समर्पित बचाव बयान एवं पुलिस अधीक्षक निगरानी अन्वेषण ब्यूरो, बिहार, पटना द्वारा समर्पित प्रतिवेदन के समीक्षोपरांत यह स्पष्ट होता है कि औषधि निरीक्षक (निलंबित) श्री अरूण कुमार, को 2500/-(दो हजार पॉच सौ) रूपया की रिश्वत लेते हुए पकड़ा गया था एवं इनके पास से रिश्वत की राशि भी बरामद हुई थी।, 8 (iv) विभागीय कार्यवाही के संचालन पदाधिकारी ने अपने उक्त अधिगम में यह भी उल्लेख किया है कि श्री अरूण कुमार, औषधि निरीक्षक, मुजफ्फरपुर के विरूद्ध गैर कानूनी संज्ञेय अपराध में संलिप्तता प्रकट होती है एवं वे दोषी माने जा सकते हैं।
(4) इस प्रकार विभागीय कार्यवाही के अधिगम में संचालन पदाधिकारी के द्वारा आरोपित पदाधिकारी के विरूद्ध अनुबंध में गठित आरोप को प्रमाणित किया गया है।
(5) उक्त विभागीय कार्यवाही के अधिगम की प्रति आरोपित पदाधिकारी को उपलबध कराते हुये, संचालन पदाधिकारी से प्राप्त अधिगम के आलोक में श्री अरूण कुमार से विभागीय पत्र संख्या-1101(15) दिनांक 27.09.2013 द्वारा द्वितीय कारण पृच्छा पूछा गया जिसके प्रत्युार में श्री कुमार से उनके पत्र सं0 दिनांक 21.10.2013 द्वारा एक स्पष्टीकरण प्राप्त हुआ। श्री कुमार से प्राप्त पृच्छा की सम्यक रूप से समीक्षा की गई।
(6) आरोपित पदाधिकारी के विरूद्ध रंगे हाथ रिश्वत लेने के गम्भीर आरोप प्रतिवेदित है। निगरानी अन्वेषण व्यूरों श्री कुमार के विरूद्ध माननीय न्यायालय में आरोप-पत्र भी समर्पित कर दिया है।
(7) आरोपित पदाधिकारी के विरूद्ध रिश्वत लेने के अति गम्भीर आरोप पाए जाने के कारण सक्षम प्राधिकार ने श्री अरूण कुमार, निलंबित, औषधि निरीक्षक, मुजफ्फरपुर सम्प्रति मुख्यालय राज्य औषधि नियंत्रक, बिहार पटना के कार्यालय को सरकारी सेवा से बर्खास्त करने का निर्णय लिया है। जिस पर मंत्रिपरिषद् का अनुमोदन भी प्राप्त हो चुका है। बिहार लोक सेवा आयोग, बिहार, पटना ने भी अपने पत्रांक'419/लो0से0आ0 दिनांक 23.05.2014 के द्वारा श्री कुमार को सरकारी सेवा से बर्खास्त किए जाने के सरकार के निर्णय पर अपनी सहमति प्रदान की है।
(8) अतः श्री अरूण कुमार, निलंबित औषधि निरीक्षक, मुजफ्फरपुर सम्प्रति मुख्यालय राज्य औषधि नियंत्रक, बिहार पटना के कार्यालय को आदेश निर्गत करने की तिथि से सरकारी सेवा से बर्खास्त किया जाता है।
आदेश :- आदेश दिया जाता है कि इस संकल्प की प्रति श्री अरूण कुमार, निलंबित औषधि निरीक्षक, मुजफ्फरपुर सम्प्रति मुख्यालय राज्य औषधि नियंत्रक, बिहार, पटना के कार्यालय एवं संबंधित सभी पदाधिकारी, को निबंधित डाक से भेज दिया जाय।
बिहार-राज्यपाल के आदेश से, आनन्द किषोर, सचिव।
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वित्त विभाग
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अधिसूचनाएं
13 अगस्त 2015
सं01/स्था0(ले0से0)-38/14-7076/वि0—श्री प्रदीप कुमार(बिहार लेखा सेवा), जिला भविष्य निधि पदाधिकारी-सह-राष्ट्रीय बचत कार्यपालक पदाधिकारी, सीतामढ़ी के विरुद्ध दर्ज निगरानी थाना काण्ड सं0 97/2014 के अधीन दिनांक 09.12.2014 को न्यायिक हिरासत में लिए जाने एवं कारागार भेज देने के फलस्वरूप इन्हें बिहार सरकारी सेवक(वर्गीकरण, नियंत्रण एवं अपील) नियमावली, 2005 के नियम-9(1) (ग) एवं नियम-9(2) (क) के आलोक में दिनांक 09.12.14 के प्रभाव से अगले आदेश तक के लिए निलंबित किया गया था। दिनांक 08.07.2015 के अपराह्न में जमानत पर रिहा होने की सूचना देते हुए श्री कुमार द्वारा दिनांक 14.07.2015 के पूर्वाह्न में योगदान समर्पित किया गया, जिसे स्वीकृत करते हुए उन्हें निलंबन मुक्त किया गया ।
2. श्री कुमार के विरुद्ध आपराधिक मामले की जांच/विचारण प्रक्रियाधीन है । अतः बिहार सरकारी सेवक(वर्गीकरण, नियंत्रण एवं अपील) नियमावली, 2005 के नियम-9(1) (क) एवं नियम-9(1) (ग) के अन्तर्गत श्री प्रदीप कुमार, तत्कालीन जिला भविष्य निधि पदाधिकारी-सह-राष्ट्रीय बचत कार्यपालक पदाधिकारी, सीतामढ़ी को तात्कालिक प्रभाव से अगले आदेश तक के लिए निलंबित किया जाता है ।
3. निलंबन की अवधि में श्री कुमार को बिहार सरकारी सेवक (वर्गीकरण, नियंत्रण एवं अपील) नियमावली, 2005 के नियम-10 के आलोक में जीवन निर्वाह भत्ता देय होगा ।
4. निलंबन अवधि में श्री कुमार का मुख्यालय वित्त विभाग, बिहार, पटना निर्धारित किया जाता है । 5. इसमें माननीय मंत्री, वित्त विभाग का अनुमोदन प्राप्त है ।
बिहार-राज्यपाल के आदेश से,
जयन्त कुमार सिंह, संयुक्त सचिव ।9
12 अगस्त 2015
सं0-1/स्था0(ले0से0)-38/14-7067/वि0—श्री प्रदीप कुमार(बिहार लेखा सेवा), जिला भविष्य निधि पदाधिकारी-सह-राष्ट्रीय बचत कार्यपालक पदाधिकारी, सीतामढ़ी के विरुद्ध दर्ज निगरानी थाना काण्ड सं0 97/2014 के अधीन दिनांक 09.12.2014 को न्यायिक हिरासत में लिए जाने एवं कारागार भेज देने के फलस्वरूप इन्हें विभागीय अधिसूचना सं0 12228 दिनांक 24.12.14 द्वारा बिहार सरकारी सेवक(वर्गीकरण, नियंत्रण एवं अपील) नियमावली, 2005 के नियम-9(1) (ग) एवं नियम-9(2) (क) के आलोक में दिनांक 09.12.14 के प्रभाव से अगले आदेश तक के लिए निलंबित किया गया था।
2. श्री कुमार द्वारा दिनांक 08.07.2015 के अपराह्न में जमानत पर रिहा होने की सूचना देते हुए दिनांक 14.07.2015 को योगदान समर्पित किया गया । उनके समर्पित योगदान को स्वीकृत करते हुए बिहार सरकारी सेवक(वर्गीकरण, नियंत्रण एवं अपील) नियमावली, 2005 के नियम-9(3)(i) के अन्तर्गत इन्हें योगदान की तिथि दिनांक 14.07.15 के पूर्वाह्न से निलंबन मुक्त किया जाता है ।
3. इसमें माननीय मंत्री, वित्त विभाग का अनुमोदन प्राप्त है ।
बिहार-राज्यपाल के आदेश से,
जयन्त कुमार सिंह, संयुक्त सचिव ।
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7 vxLr 2015
डा0 सुनील कुमार शाही, तत्कालीन संयुक्त निदेशक, पशुपालन निदेशालय, बिहार, पटना सम्प्रति क्षेत्राीय निदेशक, पशुपालन, सारण, छपरा को बाढ़ प्रभावित जिलों में एम्बुलेटरी भान का परिचालन नहीं कराने अर्थात् विभागीय कार्यो में अभिरूचि नहीं लेने, बिहार के पशुपालको के साथ धोखधड़ी करने एवं पशुओ के प्रति गैर जिम्मेदाराना कार्य करने के आरोपों के लिए विभागीय अधिसूचना संख्या-758 नि0गो0 दिनांक 24.10.2014 के द्वारा तत्काल प्रभाव से निलंबित किया गया था। 2. निलंबन अवधि 3 (तीन) माह से अधिक होने के उपरांत सरकार द्वारा निलंबन की समीक्षा की गयी एवं समीक्षोपरांत विभागीय अधिसूचना संख्या-66 नि0गो0 दिनांक 03.02.2015 के द्वारा डा0 शाही को तत्काल प्रभाव से निलंबन से मुक्त किया गया।
3. निलंबन मुक्ति के पश्चात् निलंबन अवधि के वेतन भत्ता भुगतान संबंधी डा0 शाही से प्राप्त अभ्यावेदन दिनांक 16.04.2015 की समीक्षा सरकार स्तर से की गयी एवं समीक्षोपरांत निलंबन अवधि को कार्य अवधि मानते हुए निलंबन अवधि में पुर्ण वेतन/भत्ता भुगतान किये जाने का निर्णय सरकार द्वारा लिया गया है।
4. उक्त निर्णय के आलोक में डा0 सुनील कुमार शाही, तत्कालीन संयुक्त निदेशक, पशुपालन निदेशालय, बिहार, पटना सम्प्रति क्षेत्रिाय निदेशक, पशुपालन, सारण, छपरा के निलंबन अवधि को कार्य अवधि मानते हुए निलंबन अवधि का पुर्ण वेतन/भत्ता उनके द्वारा लिये गये जीवन निवार्ह भत्ता की राशि का समायोजन करते हुये भुगतान करने का निदेश दिया जाता है।
आदेशः- आदेश दिया जाता है कि इस संकल्प की प्रति सभी संबंधित पदाधिकारियों को अवश्य भेज दी जाय।
बिहार-राज्यपाल के आदेश से, ब्रजेश्वर पाण्डेय, अवर सचिव।