(cid:4)नबंधन सं(cid:10)या पी0ट(cid:20)0-40 (cid:4)नबंधन सं(cid:10)या गजट ॢबह(cid:4)र गजट ॢब
[स(cid:3)ध(cid:3)रण [(cid:8)क ॢबह(cid:4)र सरक(cid:4)र ह(cid:4)र(cid:4) (cid:10)क(cid:4)०शत ॢबह(cid:4)र सरक(cid:4)र ह(cid:4)र(cid:4) (cid:10)क(cid:4)०शत ॢबह(cid:4)र सरक(cid:4)र ह(cid:4)र(cid:4) (cid:10)क(cid:4)०शत (cid:24) भा(cid:14) 1(cid:19)3(cid:27) (cid:28)श(cid:15)(cid:29)
(स(cid:14)(cid:15) पटन(cid:4) (cid:19)(cid:20)4) पटन(cid:4)
पटन(cid:4)(cid:30) श१ व(cid:4)र, 2(cid:20) [ग$त 2(cid:15)15
सं0 के/कारा/विविध-03/08—4721 कारा एवं सुधार सेवाएँ निरीक्षणालय गृह विभाग ----- संकल्प 11 अगस्त 2015
श्री ललन कुमार सिन्हा, बिहार कारा सेवा, तत्कालीन काराधीक्षक, मंडल कारा, सीवान सम्प्रति काराधीक्षक, श्री ललन कुमार सिन्हा, बिहार कारा सेवा, तत्कालीन काराधीक्षक, मंडल कारा, सीवान सम्प्रति काराधीक्षक, श्री ललन कुमार सिन्हा, बिहार कारा सेवा, तत्कालीन काराधीक्षक, मंडल कारा, सीवान सम्प्रति काराधीक्षक, मंडल कारा, लखीसराय के विरूद्ध उनके मंडल कारा, सीवान में पदस्थापन के दौरान दिनांक 03 कारा, लखीसराय के विरूद्ध उनके मंडल कारा, सीवान में पदस्थापन के दौरान दिनांक 03.08.2008 को जिला कारा, लखीसराय के विरूद्ध उनके मंडल कारा, सीवान में पदस्थापन के दौरान दिनांक 03 प्रशासन द्वारा की गई तलाशी में भारी मात्रा में प्रतिबंधित सामग्रियों के पाए जाने, कर्त्तव्यहीनता, लापरवाही एवं प्रशासन द्वारा की गई तलाशी में भारी मात्रा में प्रतिबंधित सामग्रियों के पाए जाने, कर्त्तव्यहीनता, लापरवाही एवं प्रशासन द्वारा की गई तलाशी में भारी मात्रा में प्रतिबंधित सामग्रियों के पाए जाने, कर्त्तव्यहीनता, लापरवाही एवं ष) विभाग की अधिसूचना ज्ञापांक 9839 दिनांक 25.09.2008 प्रशासनिक विफलता के प्रतिवेदित आरोप के लिए गृह(विशेष) विभाग की अधिसूचना ज्ञापांक 9839 दिनांक 25 प्रशासनिक विफलता के प्रतिवेदित आरोप के लिए गृह(विशे विभाग की अधिसूचना ज्ञापांक 9962 दिनांक 30.09.2008 द्वारा विभागीय द्वारा निलंबित किया गया एवं गृह(विशेष) विभाग की अधिसूचना ज्ञापांक 9962 दिनांक 30 द्वारा निलंबित किया गया एवं गृह(विशेष) कार्यवाही संस्थित की गई तथा विभागीय कार्यवाही के संचालन हेतु आयुक्त, पटना प्रमंडल, पटना को संचालन कार्यवाही संस्थित की गई तथा विभागीय कार्यवाही के संचालन हेतु आयुक्त, पटना प्रमंडल, पटना को संचालन कार्यवाही संस्थित की गई तथा विभागीय कार्यवाही के संचालन हेतु आयुक्त, पटना प्रमंडल, पटना को संचालन पदाधिकारी नामित किया गया है। पदाधिकारी नामित किया गया है। 2. श्री सिन्हा पर गठित आरोप निम्नवत हैः-
श्री सिन्हा पर गठित आरोप निम्नवत हैः-
(i) दिनांक 03.08.2008 को स्थानीय जिला प्रशासन द्वारा किए गए छापामारी में मंडल कारा, सीवान से 2008 को स्थानीय जिला प्रशासन द्वारा किए गए छापामारी में मंडल कारा, सीवान से 2008 को स्थानीय जिला प्रशासन द्वारा किए गए छापामारी में मंडल कारा, सीवान से 37 मोबाईल फोन, 10 अतिरिक्त मोबाईल सिम कार्ड, 19 मोबाईल बैट्री, 01 अवैध सिलिंग पंखा, 08 37 मोबाईल फोन, 10 अतिरिक्त मोबाईल सिम कार्ड, 19 मोबाईल बैट्री, 01 अवैध सिलिंग पंखा, 08 37 मोबाईल फोन, 10 अतिरिक्त मोबाईल सिम कार्ड, 19 मोबाईल बैट्री, 01 अवैध सिलिंग पंखा, 08 दार औजार, 01 चाबुक, 15 टेलीफोन डायरी एवं अन्य अभिलेख (छोटी-छोटी कॉपी के रूप में), धारदार औजार, 01 चाबुक, 15 टेलीफोन डायरी एवं अन्य अभिलेख (छोटी-छोटी कॉपी के रूप में), दार औजार, 01 चाबुक, 15 टेलीफोन डायरी एवं अन्य अभिलेख (छोटी-छोटी कॉपी के रूप में), 01 हेड फोन एवं 07 परफ्यूम के बोतल बरामद किए गए। 01 हेड फोन एवं 07 परफ्यूम के बोतल बरामद किए गए।
कारा में इतनी संख्या में अवैध एवं आपत्तिजनक सामग्रियों का प्रवेश एवं स्थानीय कारा कारा में इतनी संख्या में अवैध एवं आपत्तिजनक सामग्रियों का प्रवेश एवं स्थानीय कारा कारा में इतनी संख्या में अवैध एवं आपत्तिजनक सामग्रियों का प्रवेश एवं स्थानीय कारा प्रशासन द्वारा किए जाने वाले नियमित तल ाशी में इन सामग्रियों का बरामद नहीं होना अधीक्षक के प्रशासन द्वारा किए जाने वाले नियमित तलाशी में इन सामग्रियों का बरामद नहीं होना अधीक्षक के रूप में इनकी अकर्मण्यता, कर्त्तव्यहीनता एवं दायित्व के प्रति घोर लापरवाही का द्योतक है। रूप में इनकी अकर्मण्यता, कर्त्तव्यहीनता एवं दायित्व के प्रति घोर लापरवाही का द्योतक है। रूप में इनकी अकर्मण्यता, कर्त्तव्यहीनता एवं दायित्व के प्रति घोर लापरवाही का द्योतक है। (ii) बंदी कक्षों में थर्मोकोल के अवैध निर्माण की जानकारी रहते हुए भी दिनांक 03 बंदी कक्षों में थर्मोकोल के अवैध निर्माण की जानकारी रहते हुए भी दिनांक 03.08.2005 के पूर्व न तो बंदी कक्षों में थर्मोकोल के अवैध निर्माण की जानकारी रहते हुए भी दिनांक 03 किया गया और न ही अपने पर्यवेक्षण में कभी इनके द्वारा तलाशी कराई गई। उन्हें हटाने का प्रयास किया गया और न ही अपने पर्यवेक्षण में कभी इनके द्वारा तलाशी कराई गई। उन्हें हटाने का प्रयास यह उनके द्वारा जान-बूझकर कारा सुरक्षा से खिलवाड़ करने एवं प्रशासनिक विफलता को प्रमाणित यह उनके द्वारा जान-बूझकर कारा सुरक्षा से खिलवाड़ करने एवं प्रशासनिक विफलता को प्रमाणित यह उनके द्वारा जान-बूझकर कारा सुरक्षा से खिलवाड़ करने एवं प्रशासनिक विफलता को प्रमाणित करता है।
3. श्री सिन्हा को गृह(विशेष) विभाग की अधिसूचना ज्ञापांक 5314 दिनांक 20 2 ॢबह(cid:4)र गजट (cid:10)[स(cid:4)ध(cid:4)रण(cid:15)(cid:16) 28 अग(cid:27)त 2015 4. आयुक्त कार्यालय, पटना प्रमंडल, पटना के पत्रांक 1053/स्था॰ दिनांक 15.07.2014 से प्राप्त संयुक्त आयुक्त (विभागीय जाँच), पटना प्रमंडल, पटना द्वारा समर्पित जाँच प्रतिवेदन में सभी आरोपों को प्रमाणित प्रतिवेदित किया गया है।
5. बिहार सरकारी सेवक (वर्गीकरण, नियंत्रण एवं अपील) नियमावली, 2005 के नियम- 18(3) के प्रावधानों के तहत विभागीय ज्ञापांक 5918 दिनांक 19.11.2014 द्वारा संचालन पदाधिकारी के जाँच प्रतिवेदन की प्रति उपलब्ध कराते हुए श्री सिन्हा से उपर्युक्त प्रमाणित आरोपों के लिए द्वितीय कारण पृच्छा की मांग की गई। तद्आलोक में श्री सिन्हा द्वारा अपना द्वितीय कारण पृच्छा का जवाब दिनांक 15.12.2014 को समर्पित किया गया।
6. आरोप पत्र, संचालन पदाधिकारी के जाँच प्रतिवेदन एवं श्री सिन्हा द्वारा समर्पित द्वितीय कारण पृच्छा का जवाब की अनुशासिनक प्राधिकार द्वारा की गई समीक्षा में पाया गया कि श्री सिन्हा द्वारा कार्य का अनुभव नहीं होने एवं कारा में कर्मियों की जो बात उठायी गई है, वह स्वीकार योग्य नहीं है। उनके पास जो कर्मी उपलब्ध थें, अगर उन्हीं के माध्यम से नियमित अंतराल पर कारा की तलाशी की जाती तो कारा के अंदर एक भय उत्पन्न रहता तथा कारा में प्रतिबंधित सामग्री का प्रवेश नहीं हो पाता। कारा हस्तक के नियम-60 एवं 61 के तहत कारा के सम्पूर्ण प्रबंधन एवं पर्यवेक्षण के लिए काराधीक्षक उत्तरदायी है। कारा के अंदर धार्मिक संरचना का उपयोग प्रतिबंधित सामग्रियों को छुपाने के लिए हो रही है, की जानकारी कारा प्रधान होने के कारण काराधीक्षक को होनी चाहिए थी तथा धार्मिक संरचना को हटाने का कार्य उनके द्वारा पूर्व में करना चाहिए था न कि तलाशी के दिन। इस प्रकार स्पष्ट होता है कि आरोपित पदाधिकारी काराधीक्षक के रूप में पूर्णतः लापरवाह एवं प्रशासनिक रूप से विफल रहें हैं।
7. उपर्युक्त वर्णित तथ्यों के परिप्रेक्ष्य में सम्यक् विचारोपरांत अनुशासनिक प्राधिकार द्वारा श्री ललन कुमार सिन्हा, तत्कालीन काराधीक्षक, मंडल कारा, सीवान सम्प्रति अधीक्षक, मंडल कारा, लखीसराय को बिहार सरकारी सेवक (वर्गीकरण, नियंत्रण एवं अपील) नियमावली, 2005 के नियम 14 (समय-समय पर यथा संशोधित) के प्रावधानों के तहत निम्न दण्ड अधिरोपित किया जाता हैः-
''कालमान वेतन में दो वेतन वृद्धियों के समतुल्य राशि घटा कर वेतन अवनति''।
आदेषः-आदेष दिया जाता है कि इस संकल्प की प्रति बिहार राजपत्र के अगले असाधारण अंक में प्रकाषित किया जाय तथा इसकी प्रति सभी संबंधितों को भेज दी जाय।
बिहार-राज्यपाल के आदेश से, आमिर सुबहानी, सरकार के प्रधान सचिव।
————
[ध(cid:17)¡क(cid:16) स०चव(cid:4)लय म१(cid:27)ण(cid:4)लय(cid:16)
ॢबह(cid:4)र(cid:16) पटन(cid:4) ह(cid:4)र(cid:4) (cid:31)क(cid:4)०शत eव# म१ॢ(cid:27)त? ॢबह(cid:4)र गजट (cid:10)[स(cid:4)ध(cid:4)रण(cid:15) 9%4'5)1+10'ड(cid:17)-ट.-प(cid:17)-? Website: http://egazette.bih.nic.in