(cid:4)नबंधन सं(cid:10)या पी0ट(cid:25)0-40 (cid:4)नबंधन सं(cid:10)या गजट ॢबह(cid:4)र गजट ॢब
[स(cid:3)ध(cid:3)रण [(cid:8)क ॢबह(cid:4)र सरक(cid:4)र ह(cid:4)र(cid:4) (cid:10)क(cid:4)०शत ॢबह(cid:4)र सरक(cid:4)र ह(cid:4)र(cid:4) (cid:10)क(cid:4)०शत ॢबह(cid:4)र सरक(cid:4)र ह(cid:4)र(cid:4) (cid:10)क(cid:4)०शत 1(cid:23) भा(cid:14) 1(cid:24)3(cid:23) (cid:26)श(cid:15)(cid:27)
(स(cid:14)(cid:15) पटन(cid:4) 1(cid:15)22) पटन(cid:4)
पटन(cid:4)(cid:28) मंगलवार, (cid:29) ०सत(cid:30)बर 2(cid:15)15
सं0 03/
03/AMRUT-21-03/2015—3954/न0वि0एवंआ0वि0
/न0वि0एवंआ0वि0
नगर विकास एवं आवास विभाग ------- संकल्पसंकल्पसंकल्पसंकल्प 4 सितम्बर 20154 सितम्बर 20154 सितम्बर 20154 सितम्बर 2015 भारत सरकार द्वारा निर्गत मार्गदर्शिका एवं समय-समय पर प्राप्त होने वाले दिशानिर्देशों के आलोक में राज्य विषयः-विषयः-विषयः-विषयः- भारत सरकार द्वारा निर्गत मार्गदर्शिका एवं समय-समय पर प्राप्त होने वाले दिशानिर्देशों के आलोक में राज्य भारत सरकार द्वारा निर्गत मार्गदर्शिका एवं समय-समय पर प्राप्त होने वाले दिशानिर्देशों के आलोक में राज्य भारत सरकार द्वारा निर्गत मार्गदर्शिका एवं समय-समय पर प्राप्त होने वाले दिशानिर्देशों के आलोक में राज्य भारत सरकार द्वारा निर्गत मार्गदर्शिका एवं समय-समय पर प्राप्त होने वाले दिशानिर्देशों के आलोक में राज्य भारत सरकार द्वारा निर्गत मार्गदर्शिका एवं समय-समय पर प्राप्त होने वाले दिशानिर्देशों के आलोक में राज्य भारत सरकार द्वारा निर्गत मार्गदर्शिका एवं समय-समय पर प्राप्त होने वाले दिशानिर्देशों के आलोक में राज्य भारत सरकार द्वारा निर्गत मार्गदर्शिका एवं समय-समय पर प्राप्त होने वाले दिशानिर्देशों के आलोक में राज्य भारत सरकार द्वारा निर्गत मार्गदर्शिका एवं समय-समय पर प्राप्त होने वाले दिशानिर्देशों के आलोक में राज्य भारत सरकार द्वारा निर्गत मार्गदर्शिका एवं समय-समय पर प्राप्त होने वाले दिशानिर्देशों के आलोक में राज्य भारत सरकार द्वारा निर्गत मार्गदर्शिका एवं समय-समय पर प्राप्त होने वाले दिशानिर्देशों के आलोक में राज्य भारत सरकार द्वारा निर्गत मार्गदर्शिका एवं समय-समय पर प्राप्त होने वाले दिशानिर्देशों के आलोक में राज्य के चयनित शहरों में अटल नवीकरण और शहरी परिवर्तन मिशन (AMRUT) योजना के कार्यान्वयन, राज्य योजना के कार्यान्वयन, राज्य योजना के कार्यान्वयन, राज्य योजना के कार्यान्वयन, राज्य योजना के कार्यान्वयन, राज्य योजना के कार्यान्वयन, राज्य योजना के कार्यान्वयन, राज्य योजना के कार्यान्वयन, राज्य के चयनित शहरों में अटल नवीकरण और शहरी परिवर्तन मिशन के चयनित शहरों में अटल नवीकरण और शहरी परिवर्तन मिशन के चयनित शहरों में अटल नवीकरण और शहरी परिवर्तन मिशन के चयनित शहरों में अटल नवीकरण और शहरी परिवर्तन मिशन के चयनित शहरों में अटल नवीकरण और शहरी परिवर्तन मिशन के चयनित शहरों में अटल नवीकरण और शहरी परिवर्तन मिशन के चयनित शहरों में अटल नवीकरण और शहरी परिवर्तन मिशन योजना मद में उपलब्ध राशि से राज्यांश के व्यय, भविष्य में आगामी वर्षों में राज्य योजना मद में इस योजना योजना मद में उपलब्ध राशि से राज्यांश के व्यय, भविष्य में आगामी वर्षों में राज्य योजना मद में इस योजना योजना मद में उपलब्ध राशि से राज्यांश के व्यय, भविष्य में आगामी वर्षों में राज्य योजना मद में इस योजना योजना मद में उपलब्ध राशि से राज्यांश के व्यय, भविष्य में आगामी वर्षों में राज्य योजना मद में इस योजना योजना मद में उपलब्ध राशि से राज्यांश के व्यय, भविष्य में आगामी वर्षों में राज्य योजना मद में इस योजना योजना मद में उपलब्ध राशि से राज्यांश के व्यय, भविष्य में आगामी वर्षों में राज्य योजना मद में इस योजना योजना मद में उपलब्ध राशि से राज्यांश के व्यय, भविष्य में आगामी वर्षों में राज्य योजना मद में इस योजना योजना मद में उपलब्ध राशि से राज्यांश के व्यय, भविष्य में आगामी वर्षों में राज्य योजना मद में इस योजना योजना मद में उपलब्ध राशि से राज्यांश के व्यय, भविष्य में आगामी वर्षों में राज्य योजना मद में इस योजना योजना मद में उपलब्ध राशि से राज्यांश के व्यय, भविष्य में आगामी वर्षों में राज्य योजना मद में इस योजना योजना मद में उपलब्ध राशि से राज्यांश के व्यय, भविष्य में आगामी वर्षों में राज्य योजना मद में इस योजना योजना मद में उपलब्ध राशि से राज्यांश के व्यय, भविष्य में आगामी वर्षों में राज्य योजना मद में इस योजना के राज्यांश के लिए राशि प्रावधानित करने की व्यवस्था एवं योजना के प्रशासनिक ढांचे के अंतर्गत State के राज्यांश के लिए राशि प्रावधानित करने की व्यवस्था एवं योजना के प्रशासनिक ढांचे के अंतर्गत के राज्यांश के लिए राशि प्रावधानित करने की व्यवस्था एवं योजना के प्रशासनिक ढांचे के अंतर्गत के राज्यांश के लिए राशि प्रावधानित करने की व्यवस्था एवं योजना के प्रशासनिक ढांचे के अंतर्गत के राज्यांश के लिए राशि प्रावधानित करने की व्यवस्था एवं योजना के प्रशासनिक ढांचे के अंतर्गत के राज्यांश के लिए राशि प्रावधानित करने की व्यवस्था एवं योजना के प्रशासनिक ढांचे के अंतर्गत के राज्यांश के लिए राशि प्रावधानित करने की व्यवस्था एवं योजना के प्रशासनिक ढांचे के अंतर्गत के राज्यांश के लिए राशि प्रावधानित करने की व्यवस्था एवं योजना के प्रशासनिक ढांचे के अंतर्गत के राज्यांश के लिए राशि प्रावधानित करने की व्यवस्था एवं योजना के प्रशासनिक ढांचे के अंतर्गत के राज्यांश के लिए राशि प्रावधानित करने की व्यवस्था एवं योजना के प्रशासनिक ढांचे के अंतर्गत के राज्यांश के लिए राशि प्रावधानित करने की व्यवस्था एवं योजना के प्रशासनिक ढांचे के अंतर्गत के राज्यांश के लिए राशि प्रावधानित करने की व्यवस्था एवं योजना के प्रशासनिक ढांचे के अंतर्गत तथा राज्यस्तरीय तकनीकी समिति के गठन एवं High Power Streeing Committee तथा राज्यस्तरीय तकनीकी समिति के गठन एवं High Power Streeing Commit मार्गदर्शिका के प्रावधानों के आलोक में राज्यांश के व्यय की सैद्धांतिक स्वीकृति। मार्गदर्शिका के प्रावधानों के आलोक में राज्यांश के व्यय की सैद्धांतिक स्वीकृति। मार्गदर्शिका के प्रावधानों के आलोक में राज्यांश के व्यय की सैद्धांतिक स्वीकृति। मार्गदर्शिका के प्रावधानों के आलोक में राज्यांश के व्यय की सैद्धांतिक स्वीकृति। मार्गदर्शिका के प्रावधानों के आलोक में राज्यांश के व्यय की सैद्धांतिक स्वीकृति। मार्गदर्शिका के प्रावधानों के आलोक में राज्यांश के व्यय की सैद्धांतिक स्वीकृति। मार्गदर्शिका के प्रावधानों के आलोक में राज्यांश के व्यय की सैद्धांतिक स्वीकृति। मार्गदर्शिका के प्रावधानों के आलोक में राज्यांश के व्यय की सैद्धांतिक स्वीकृति। शहरी विकास मंत्रालय, भारत सरकार द्वारा AMRUT योजना प्रारंभ की गयी है। इस योजना का उद्देश्य शहरी विकास मंत्रालय, भारत सरकार द्वारा
योजना प्रारंभ की गयी है। इस योजना का उद्देश्य (i) निश्चित जलापूर्ति और सीवरेज कनैक्शन सुलभ हो (ii) हरित क्षेत्र और यह सुनिश्चित करना है कि प्रत्येक परिवार को यह सुनिश्चित करना है कि प्रत्येक परिवार को निश्चित जलापूर्ति और सीवरेज कनैक्शन सुलभ हो ( सुव्यवस्थित खुले मैदान (अर्थात पार्क) विकसित करके शहरों की भव्यता में वृद्धि करना और (iii) गैर-मोटरीकृत सुव्यवस्थित खुले मैदान (अर्थात पार्क) विकसित करके शहरों की भव्यता में वृद्धि करना और ( सुव्यवस्थित खुले मैदान (अर्थात पार्क) विकसित करके शहरों की भव्यता में वृद्धि करना और ( परिवहन (अर्थात पैदल चलने और साईकिल चलाने) के लिए सुविधाओं के निर्माण अथवा साव परिवहन (अर्थात पैदल चलने और साईकिल चलाने) के लिए सुविधाओं के निर्माण अथवा सार्वजनिक परिवहन को परिवहन (अर्थात पैदल चलने और साईकिल चलाने) के लिए सुविधाओं के निर्माण अथवा साव अपनाकर प्रदूषण को कम करना। ये सभी परिणाम नागरिकों विशेषतया महिलाओं के लिए महत्ता रखते हैं और शहरी, अपनाकर प्रदूषण को कम करना। ये सभी परिणाम नागरिकों विशेषतया महिलाओं के लिए महत्ता रखते हैं और शहरी, अपनाकर प्रदूषण को कम करना। ये सभी परिणाम नागरिकों विशेषतया महिलाओं के लिए महत्ता रखते हैं और शहरी, विकास मंत्रालय द्वारा सेवा स्तरीय बेंचमार्क (एसएलबी) के रूप में संकेतक और मानक निर्धारित किए गए हैं। विकास मंत्रालय द्वारा सेवा स्तरीय बेंचमार्क (एसएलबी) के रूप में संकेतक और मानक निर्धारित किए गए हैं। विकास मंत्रालय द्वारा सेवा स्तरीय बेंचमार्क (एसएलबी) के रूप में संकेतक और मानक निर्धारित किए गए हैं। 2222.... योजना का उद्देश्य :-
का उद्देश्य शहरों में परिवारों को बुनियादी सेवाएं मुहैया कराना और सुविधाएं देने के उद्देश्य से इस योजना का उद्देश्य शहरों में परिवारों को बुनियादी सेवाएं मुहैया कराना और सुविधाएं देने के उद्देश्य से का उद्देश्य शहरों में परिवारों को बुनियादी सेवाएं मुहैया कराना और सुविधाएं देने के उद्देश्य से योजना के लिये आवश्यक निधि के स्रोतयोजना के लिये आवश्यक निधि के स्रोतयोजना के लिये आवश्यक निधि के स्रोतयोजना के लिये आवश्यक निधि के स्रोतःःःः — में निधि प्राप्त होनी है। परियोजना निधि, सुधारों के लिए यह केन्द्र प्रायोजित योजना है, जिसमें तीन भागों में निधि प्राप्त होनी है। परियोजना निधि, सुधारों के लिए अपसंरचना का सृजन करना है। योजना का भौतिक आकार एवं कार्यान्वयन की समय सीमा :- 3333.... योजना का भौतिक आकार एवं कार्यान्वयन की समय सीमा :- योजना का भौतिक आकार एवं कार्यान्वयन की समय सीमा :- योजना का भौतिक आकार एवं कार्यान्वयन की समय सीमा :- योजना का भौतिक आकार एवं कार्यान्वयन की समय सीमा :- योजना का भौतिक आकार एवं कार्यान्वयन की समय सीमा :- योजना का भौतिक आकार एवं कार्यान्वयन की समय सीमा :- योजना का भौतिक आकार एवं कार्यान्वयन की समय सीमा :- यह योजना राज्य के एक लाख से अधिक आबादी वाले 26 नगर निकायों में लागू की जायेगी। यह योजना यह योजना राज्य के एक लाख से अधिक आबादी वाले 26 नगर निकायों में लागू की जायेगी। यह योजना यह योजना राज्य के एक लाख से अधिक आबादी वाले 26 नगर निकायों में लागू की जायेगी। यह योजना वित्तीय वर्ष 2015-16 से 2021-22 तक पाँच वर्षों में कार्यान्वित होगी। वित्तीय वर्ष 2015-16 से 2021-22 तक पाँच वर्षों में कार्यान्वित होगी। 4444. .योजना के लिये आवश्यक निधि के स्रोतयोजना के लिये आवश्यक निधि के स्रोतयोजना के लिये आवश्यक निधि के स्रोतयोजना के लिये आवश्यक निधि के स्रोत यह केन्द्र प्रायोजित योजना है, जिसमें तीन भागों प्रोत्साहन एवं प्रशासनिक एवं कार्यालय व्यय। प्रोत्साहन एवं प्रशासनिक एवं कार्यालय व्यय। परियोजना निधि से शहरी स्थानीय निकायों को परियोजना आधारित वित्त पोषण किया जाना है, जिसमें 10.00 परियोजना निधि से शहरी स्थानीय निकायों को परियोजना आधारित वित्त पोषण किया जाना है, जिसमें 10 परियोजना निधि से शहरी स्थानीय निकायों को परियोजना आधारित वित्त पोषण किया जाना है, जिसमें 10 रकार से अनुदान के रूप में परियोजना लागत की एक-तिहाई लाख से अधिक आबादी वाले शहरों के लिए भारत सरकार से अनुदान के रूप में परियोजना लागत की एक-तिहाई लाख से अधिक आबादी वाले शहरों के लिए भारत स2 ॢबह(cid:4)र गजट (cid:10)[स(cid:4)ध(cid:4)रण(cid:15)(cid:16) 8888 ०सत(cid:19)बर 2015 राशि वित्त पोषित होगी। 10.00 लाख तक आबादी वाले शहरों के लिए परियोजना लागत का आधा भारत सरकार की राशि से वहन होगी। शेष राशि की व्यवस्था राज्य सरकारों/स्थानीय निकायों द्वारा किये जाने का प्रावधान किया गया है। विभाग का यह प्रस्ताव है कि पटना नगर निगम क्षेत्र, जिसकी आबादी 10.00 लाख से अधिक है, उसमें परियोजना लागत का 20 प्रतिशत शहरी स्थानीय निकाय को वहन करना होगा तथा शेष राशि राज्य सरकार द्वारा वहन की जाएगी। अन्य शहरों के मामले में परियोजना लागत का 20 प्रतिशत राशि शहरी स्थानीय निकाय एवं 30 प्रतिशत राशि राज्य सरकार द्वारा वहन की जाएगी। 5555.... राज्य सरकार का कार्यः- राज्य सरकार का कार्यः- राज्य सरकार का कार्यः- राज्य सरकार का कार्यः- एसएलबी के आधार पर अवस्थापना में कमियों का पता लगाना, व्यक्तिगत और संस्थागत क्षमता निर्माण की आवश्यकता, शहरी सुधार के लक्ष्य प्राप्त करने के उपाय, मिशन के शहरों/कस्बों के वित्तीय परिव्ययों इत्यादि को अन्तिम रूप देना। ii. प्रत्येक वर्ष उपलब्ध संसाधनो के आधार पर राज्य के प्राथमिकता वाले शहरों और परियोजनाओं के शहरी स्थानीय निकायों की एसएलआईपी के आधार पर एसएएपी तैयार करना जैसा कि मिशन के विवरण और दिशाा निर्देश मे निर्धारित किया गया है। iii. राज्य स्तरीय तकनीकी समिति (एसएलटीसी) द्वारा तकनीकी रूप से आकलित और संस्वीकृत करने के पश्चात परियोजनाओं को अनुमोदित करना। सभी परियोजना अनुमोदन, राज्य एचपीएससी द्वारा प्रदान किए जाएंगे बशर्तें कि ये परियोजनाएं अनुमोदित एसएएपी में शामिल हों। शहरी विकास मंत्रालय को किसी भी परियोजना को संस्वीकृति हेतु नहीं भेजा जाएगा। सम्पूर्ण परियोजना अनुमोदन, अधिप्रापण और निष्पादन प्रक्रिया में राज्य एचपीएससी यह सुनिश्चित करेगा कि राज्य वित्तीय नियमावली के सभी प्रावधानों का अनुपालन हो। iv. लघु, मध्यम और दीर्घावधि में निधि प्रवाह की योजना बनाना। परियोजनाओं के निधीकरण के लिए संसाधन जुटाने, निजी वित्तपोषण और भूमि बढ़ाने हेतु नवीन तरीकों का पता लगाना। v. इन दिशानिर्देशों के पैरा 5 में विनिर्दिष्ट केन्द्र सरकार के अनुदान के अतिरिक्त परियोजनाओं हेतु राज्य और शहरी स्थानीय निकाय के अंश के हिस्से को तय करना। vi खराब गुणवत्ता, पर्यवेक्षण की कमी और अन्य उल्लंघनों की शिकायतों की जांच-पड़ताल करना। तृतीय पक्ष आकलन कर्ताओं और अन्यों के द्वारा कार्य की गुणवत्ता मूल्यांकन की रिपोर्टों को मॉनीटर करना और अपने स्तर पर कार्रवाई करना। vii. राष्ट्रीय मिशन निदेशालय को चल रही परियोजनाओं के लिए निधियों की किस्त जारी करने हेतु प्रस्ताव संस्तुत करना। viii. एक वित्तीय मध्यवर्ती संस्था स्थापित करने के लिए अनुवर्ती कार्रवाई, परियोजना के निष्पादन के लिए केन्द्रीय और राज्य के हिस्से की निधियों को समय पर आवंटित करना और उनको जारी करना। ix. शीर्ष समिति के अनुमोदनार्थ राज्य/शहरी स्थानीय निकायों में सुधारों के कार्यान्वयन के लिए रोडमैप और उपलब्धियों की सिफारिश करना। राज्य और शहरी स्थानीय निकाय स्तर पर प्रतिबद्ध शहरी सुधारों की प्रगति की समीक्षा करना। x. शहरी स्थानीय निकायों में परियोजनाओं के कार्यान्वयन समेत इस मिशन के कार्यान्वयन की प्रगति को मॉनीटर करना। xi. इस मिशन के अंतर्गत स्वीकृत और पूरी की गई परियोजनाओं के परिणाम और ओएंडएम व्यवस्थाओं को मॉनीटर करना। xii. समय-समय पर क्षमता निर्माण और प्रशिक्षण कार्यकलापों की प्रगति की समीक्षा करना। xiii. जारी की गई निधियों की समय पर लेखा परीक्षा आयोजित करना और पहले कि मिशन तथा नए मिशन से संबंध्ािंत विभिन्न लेखा परीक्षा की रिपोर्टों तथा तीसरे पक्ष, परियोजना विकास और प्रबंधन परामर्शदाताओं तथा शहरी स्थानीय निकायों के चुने गए प्रतिनिधियों की रिपोर्टों समेत अन्य रिपोर्टों पर की गई कार्रवाई की रिपोर्टों की समीक्षा करना। xiv. इस मिशन के कार्यक्रम के बेहतर नियोजन और कार्यान्वयन के लिए अन्तर-संगठन समन्वय और सहयोग स्थापित करना। xv. राष्ट्रीय मिशन निदेशालय द्वारा उल्लिखित अथवा मिशन के प्रभावी कार्यान्वयन के लिए किसी भी प्रकार का अन्य प्रासंगिक मामला। xvi. न्यायालयों में कानूनी मुद्दे/मामले, यदि कोई हो तो उनकी निगरानी करना। शहरी स्थानीय निकाय का कार्यः- शहरी स्तर पर यूएलबी मिशन के कार्यान्वयन के लिए उत्तरदायी होंगे। शहरी स्थानीय निकाय का कार्यः- शहरी स्थानीय निकाय का कार्यः- शहरी स्थानीय निकाय का कार्यः- म्यूनिसिपल आयुक्त एसएलआईपी को समय पर तैयार करने को सुनिश्चित करेंगे। यूएलबी एसएएपी में अनुमोदित परियोजनाओं के लिए डीपीआर तथा बोली से संबंधित दस्तावेज तैयार करेंगे। यूएलबी डीपीआर और बोली से संबंधित दस्तावेजों के सिटी लेवल अनुमोदन को सुनिश्चित करेंगे तथा इन्हें अनुमोदन के लिए एसएलटीसी/एचपीएससी को अग्रेषित करेंगे। शहरी स्थानीय निकाय वित्तीय नियमों और विनियमों के आधार पर कार्यान्वयन एजेंसियां नियुक्त करेंगी तथा उन्हे कार्य सौंपने के बाद इसे समय पर पूरा करना सुनिश्चित करेगी। इसके लिए, यूएलबी पीडीएमसी से इन3 (cid:31)बहार गजट (असाधारण), 8 ०सत(cid:19)बर 2015 क्रियाकलापों को करने के लिए सहायता लेगा। यूएलबी सुधार का कार्यान्वयन और क्षमता के निर्माण के लिए एक रोड मैप भी विकसित करेंगे। यूएलबी परियोजना लागत में वृद्धि के बिना परियोजना को समय पर पूरा करने के लिए हितधारकों के बीच समन्वय और सहयोग बनाने के लिए भी जिम्मेदार होगा। 6666.... प्रशासनिक संरचनाप्रशासनिक संरचनाप्रशासनिक संरचनाप्रशासनिक संरचना
राज्य स्तर पर :-राज्य स्तर पर :-राज्य स्तर पर :-राज्य स्तर पर :-
राज्य के मुख्य सचिव की अध्यक्षता में एक राज्य स्तरीय उच्च शक्ति प्राप्त संचालन समिति, (एसएचपीएससी) इस मिशन के कार्यक्रम का संचालन करेगी। एसएचपीएससी की निर्देशात्मक संरचना इस प्रकार है :- i. मुख्य-सचिव अध्यक्ष ii. प्रधान सचिव (पी0एच0ई0डी0) सदस्य iii. प्रधान सचिव (वित्त विभाग) सदस्य iv. प्रधान सचिव (आवास विभाग) सदस्य v. प्रधान सचिव (पर्यावरण एवं वन विभाग) सदस्य vi. शहरी विकास मंत्रालय के प्रतिनिधि सदस्य vii. मिशन निदेशक (यदि नीचे viii या भिन्न हो, तो) सदस्य viii. प्रधान सचिव (नगर विकास विभाग) सदस्य सचिव IX. प्रधान सचिव, पथ निर्माण विभाग सदस्य X. प्रधान सचिव, उर्जा विभाग सदस्य IX. प्रधान सचिव, राजस्व एवं भूमि सूधार विभाग सदस्य परियोजनाओं के लिए परियोजनाओं के लिए परियोजनाओं के लिए परियोजनाओं के लिए DPR का मूल्यांकनः- का मूल्यांकनः- का मूल्यांकनः- का मूल्यांकनः- एसएचपीएससी एक राज्य स्तरीय तकनीकी समिति (एसएलटीसी) का गठन करेगा जिसमें संबंधित विभागों/संगठनों के प्रतिनिधि होंगे जो डीपीआर का तकनीकी और वित्तीय मूल्यांकन करेगा। एसएलटीसी की संरचना नीचे दिये गये अनुसार है :- i. प्रधान सचिव (शहरी विकास)/सचिव (शहरी विकास) अध्यक्ष ii. प्रधान सचिव, जल-संसाधन विभाग सदस्य iii. प्रधान सचिव, राजस्व एवं भूमि सुधार विभाग सदस्य iv. नगर नियोजन विभाग सदस्य v. स्लम विकास बोर्ड सदस्य vi. प्रधान सचिव, उर्जा विभाग सदस्य vii. सीपीएचईईओ, शहरी विकास मंत्रालय के प्रतिनिधि सदस्य viii. प्रधान सचिव, वित्त विभाग सदस्य ix. मिशन निदेशक (यदि अध्यक्ष/सदस्य-सचिव नहीं हैं) सदस्य x. तकनीकी प्रमुख (अर्थात मुख्य अभियंता) शहरी-जल बोर्ड/परिवहन xi. प्रधान सचिव, पथ निर्माण विभाग सदस्य 8888.... अनुश्रवण की व्यवस्थाः- अनुश्रवण की व्यवस्थाः- अनुश्रवण की व्यवस्थाः- अनुश्रवण की व्यवस्थाः- राज्य और यूएलबी स्तर पर मिशन की वास्तविक निगरानी की जायेगी। इसके अतिरिक्त, सूचना और डाटा को पब्लिक डोमेन में नागरिकों के साथ साझा किया जायेगा तथा तृतीय पक्ष निगरानी तथा समीक्षा को बढ़ावा दिया जायेगा। आईआरएमए द्वारा तिमाही आधार पर बाह्य निगरानी की जायेगी। स्वतंत्र समीक्षा और निगरानी एजेंसी (आईआरएमए) तिमाही रिपोर्ट यूएलबी/पैरास्टैटल तथा एसएलटीसी को प्रस्तुत करेगा। यूएलबी और एसएलटीसी की टिप्पणियों को एसएचपीएससी द्वारा जांच की जायेगी। राज्य मिशन निदेशक अमृत में निधियों का दावा करते समय आईआरएमए की रिपोर्ट पर की गई कार्रवाई प्रस्तुत करेगा। इसी प्रकार, आईआरएमए सुधार कार्यान्वयन का छमाही मुल्यांकन करेगा। निश्चित ही निगरानी में निम्नलिखित तत्व शामिल रहेंगे। I. शीर्ष समिति द्वारा सभी परियोजनाओं की आवधिक निगरानी और समीक्षा की जायेगी। यह विभिन्न वाह्य और पैनलबद्ध एजेंसियों, आंतरिक लेखापरीक्षकों के साथ-साथ सी एण्ड एजी और राज्य एजी द्वारा की जाने वाली लेखापरीक्षाओं को अधीन होगी। II. शहरी विकास मंत्रालय, राज्यों और यूएलबी द्वारा सूचना प्रौद्योगिकी आधारित समाधानों का प्रयोग करते हुए आवधिक लक्ष्यों और अन्य मुख्य संकेतों का पता लगाया जाएगा तथा निधियां जारी करने को एसएएपी में दिये गए मुख्य निष्पादन लक्ष्यों की उपलब्धि के साथ जोड़ा जाएगा। नेट आधारित ऑन लाइन वास्तविक निगरानी, निर्माणस्थल के साइबर दौरे की सहायता से, अधिमानतः मोबाइल के कैमरों का प्रयोग करके की जायेगी तथा तृतीय पक्ष समीक्षा और वास्तविक मूल्यांकन भी किया जायेगा। III. राज्य स्तर पर राज्य एचपीएससी प्रस्ताव स्तर पर परियोजनाओं की विस्तृत संवीछा और निष्पादन के दौरान निगरानी करेगा। IV. राज्य एचपीएससी तिमाही स्कोर कार्ड प्रस्तुत करेगा। 4 ॢबह(cid:4)र गजट (cid:10)[स(cid:4)ध(cid:4)रण(cid:15)(cid:16) 8888 ०सत(cid:19)बर 2015 V. मिशन, शहरी बुनियादी सेवाओं में एसएलबी के कार्यान्वयन की निगरानी के लिए राष्ट्रीय निष्पादन निगरानी कक्ष की सहायता करेगा। VI . यूएलबी अपने निर्वाचित प्रतिनिधिओं और यूएलबी निकायों तथा मोबाइल और ई-ग्रुपों का प्रयोग करते हुए प्रत्यक्ष नागरिक फीडबैक के माध्यम से परियोजनाओं की निकट से निगरानी करेगा। वैबसाइट के माध्यम से लोक प्रकटीकरण का एक ठोस संघटक भी निर्मित किया जायेगा। VII. परियोजनओं के लिए सुधारों के लिए आईआरएमए द्वारा तृतीय पक्ष समीक्षा की जायेगी। इस एजेंसी का चयन विशेषज्ञ/तकनीकी एजेंसियों में से किया जाएगा। 9999.... अतः : : : भारत सरकार द्वारा निर्गत मार्गदर्शिका एवं समय-समय पर प्राप्त होने वाले दिशानिर्देशों के आलोक में राज्य के चयनित शहरों में अटल नवीकरण और शहरी परिवर्तन मिशन (AMRUT) योजना के कार्यान्वयन, राज्य योजना मद में उपलब्ध राशि से राज्यांश के व्यय, भविष्य में आगामी वर्षों में राज्य योजना मद में इस योजना के राज्यांश के लिए राशि प्रावधानित करने की व्यवस्था एवं योजना के प्रशासनिक ढांचे के अंतर्गत State High Power Steering Committee rFkk jkT;Lrjh; rduhdh lfefr ds xBu ,oa eार्गदर्शिका के प्रावधानों के आलोक में राज्यांश के व्यय की सैद्धांतिक स्वीकृति प्रदान करने पर सरकार की सहमति संसूचित की जाती है। आदेषआदेषआदेषआदेषः-ः-ः-ः-आदेष दिया जाता है कि इस संकल्प का बिहार राजपत्र के असाधारण अंक में प्रकाषित किया जाय एवं इसकी प्रति सरकार के सभी विभागों/विभागाध्यक्षों/प्रमण्डलीय आयुक्तों/जिला पदाधिकारियों/नगर निकायों/ महालेखाकार, बिहार, पटना को सूचनार्थ भेजी जाय।
बिहार-राज्यपाल के आदेष से, अमृत लाल मीणा, सरकार के प्रधान सचिव।
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[ध(cid:20)¡क(cid:16) स०चव(cid:4)लय म१(cid:29)ण(cid:4)लय(cid:16)
ॢबह(cid:4)र(cid:16) पटन(cid:4) ह(cid:4)र(cid:4) !क(cid:4)०शत eव$ म१ॢ(cid:29)त? ॢबह(cid:4)र गजट (cid:10)[स(cid:4)ध(cid:4)रण(cid:15) 1022&5(1+20+&ड(cid:20)+ट-+प(cid:20)+? Website: http://egazette.bih.nic.in