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बिहार राज्य धार्मिक न्यास पर्षद्
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अधिसूचना
2 जुलाई 2015
सं0 1094—श्री कबीर मठ तुर्की, अंचल-कुढ़नी, जिला-मुजफ्फरपुर पर्षद के अंतर्गत निबंधित एक सार्वजनिक श्री कबीर मठ तुर्की, अंचल-कुढ़नी, जिला-मुजफ्फरपुर पर्षद के अंतर्गत निबंधित एक सार्वजनिक श्री कबीर मठ तुर्की, अंचल-कुढ़नी, जिला-मुजफ्फरपुर पर्षद के अंतर्गत निबंधित एक सार्वजनिक धार्मिक न्यास है, जिसकी निबंधन संख्या-914 है। धार्मिक न्यास है, जिसकी निबंधन संख्या-914 है।
े तहत पर्षदीय पत्रांक-1170 दिनांक 19.10.2011 द्वारा न्यासधारी के पद से अपसारित किया गया इस न्यास के पूर्व न्यासधारी महंत श्यामनन्दन भगत को न्यास की सम्पत्तियों के अवैध अन्तरण तथा आय क इस न्यास के पूर्व न्यासधारी महंत श्यामनन्दन भगत को न्यास की सम्पत्तियों के अवैध अन्तरण तथा आय के इस न्यास के पूर्व न्यासधारी महंत श्यामनन्दन भगत को न्यास की सम्पत्तियों के अवैध अन्तरण तथा आय क र्क न्यास अधिनियम, 1950 की धारा-28 (2) (ज) (iii) (v) 2011 द्वारा न्यासधारी के पद से अपसारित किया गया था। पर्षदीय मठ के प्रबंधन एवं संचालन के लिए महंत डाँ0 सुन्दर दास शास्त्री को 2012 द्वारा इस मठ के प्रबंधन एवं संचालन के लिए महंत डाँ0 सुन्दर दास शास्त्री को े बाद पर्षदीय पत्रांक-1253 दिनांक 03.10.2013 द्वारा इन्हें व्यक्तिगत हितों में उपयोग आदि आरोपो में बिहार हिन्दू धार्मिक न्यास अधिनियम, 1950 की धारा- व्यक्तिगत हितों में उपयोग आदि आरोपो में बिहार हिन्दू धामि (vi) के तहत पर्षदीय पत्रांक-1170 दिनांक ज्ञापांक-1138 दिनांक 05.09.2012 द्वारा इस अस्थायी न्यासधारी नियुक्त किया गया था। एक वर्ष के बाद पर्षदीय पत्रांक-1253 दिनांक अस्थायी न्यासधारी नियुक्त किया गया था। एक वर्ष क न्यासधारी नियुक्त किया गया।
इस न्यास के अपसारित महंत श्यामनन्दन भगत के कार्यकाल से ही न्यास सम्पत्तियों का अवैध हस्तान्तरण, इस न्यास के अपसारित महंत श्यामनन्दन भगत के कार्यकाल से ही न्यास सम्प इस न्यास के अपसारित महंत श्यामनन्दन भगत के कार्यकाल से ही न्यास सम्प अतिक्रमण आदि की घटनाएँ हो रही है। न्यास की बर्बादी में श्यामनन्नद भगत की भूमिका अहम् है, इन्होंने न्यास की अतिक्रमण आदि की घटनाएँ हो रही है। न्यास की बर्बादी में श्यामनन्नद भगत की भूमिका अहम् है, इन्होंने न्यास की अतिक्रमण आदि की घटनाएँ हो रही है। न्यास की बर्बादी में श्यामनन्नद भगत की भूमिका अहम् है, इन्होंने न्यास की बहुमूल्य सम्पत्तियों का खाता अपने अलग-अलग नामों पर खोलवा कर भू-माफियाओं के हाथ उसकी बिक्री कर रहें है। बहुमूल्य सम्पत्तियों का खाता अपने अलग-अलग नामों पर खोलवा कर भू-माफियाओं के हाथ उसकी बिक्री कर रहें है। बहुमूल्य सम्पत्तियों का खाता अपने अलग-अलग नामों पर खोलवा कर भू-माफियाओं के हाथ उसकी बिक्री कर रहें है। की भूमि पर बने दूकानों तथा हाट का किराया जबड़न वसूलने का प्रयास किया जाता है। की भूमि पर बने दूकानों तथा हाट का किराया जबड़न वसूलने का प्रयास किया जाता है। दबंगों द्वारा मठ की भूमि पर बने दूकानों तथा हाट का किराया जबड़न वसूलने का प्रयास किया जाता है।
इस मठ की अचल सम्पत्तियों पर बहुत तेजी से अवैध कब्जा हो रहा है। महंत जी उत्तर प्रदेष के रहने वाले इस मठ की अचल सम्पत्तियों पर बहुत तेजी से अवैध कब्जा हो रहा है। महंत जी उत्तर प्रदेष के रहने वाले इस मठ की अचल सम्पत्तियों पर बहुत तेजी से अवैध कब्जा हो रहा है। महंत जी उत्तर प्रदेष के रहने वाले ार्यो से भी बाहर जाना पड़ता है, अतः वे इन अतिक्रमणकारियों से लड़ सकने में असमर्थ हैं। उन्हें अपने विद्या जन्य कार्यो से भी बाहर जाना पड़ता है, अतः वे इन अतिक्रमणकारियों से लड़ सकने में असमर्थ हैं। उन्हें अपने विद्या जन्य क है। इसके लिए वहां एक न्यास समिति का गठन आवष्यक है और यह समिति महंत जी को न्यास सम्पत्तियों की सुरक्षा है। इसके लिए वहां एक न्यास समिति का गठन आवष्यक है और यह समिति महंत जी को न्यास सम्पत्तियों की सुरक्षा है। इसके लिए वहां एक न्यास समिति का गठन आवष्यक है और यह समिति महंत जी को न्यास सम्पत्तियों की सुरक्षा और सुचारू प्रबंधन में सहयोग करने वाली होनी चाहिए। और सुचारू प्रबंधन में सहयोग करने वाली होनी चाहिए।
उपर्युक्त परिस्थितियों में महंत डाँ0 सुन्दर दास शास्त्री की सहायता एवं मठ से संबंधित कार्यो में उनके उपर्युक्त परिस्थितियों में महंत डाँ0 सुन्दर दास शास्त्री की सहायता एवं मठ से उपर्युक्त परिस्थितियों में महंत डाँ0 सुन्दर दास शास्त्री की सहायता एवं मठ से
सहयोग के लिए एक न्यास समिति का गठन आवष्यक है। सहयोग के लिए एक न्यास समिति का गठन आवष्यक है।
2015 में इस न्यास के लिए न्यास वर्त्तमान महंत डाँ0 सुन्दर दास शास्त्री जी ने अपने आवेदन दिनांक 06.06.2015 में इस न्यास के लिए न्यास वर्त्तमान महंत डाँ0 सुन्दर दास समिति गठन करने का अनुरोध किया है, इन्होंने अपने आवेदन में न्यास समिति गठन हेतु सदस्यों की एक सूची भी समिति गठन करने का अनुरोध किया है, इन्होंने अपने आवेदन में न्यास समिति गठन हेतु सदस्यों क समिति गठन करने का अनुरोध किया है, इन्होंने अपने आवेदन में न्यास समिति गठन हेतु सदस्यों क दिया है।
उपर्युक्त परिस्थिति में न्यास सम्पत्तियों की सुरक्षा एवं सुव्यवस्था, सम्यक् संचालन एवं विकास हेतु एक योजना उपर्युक्त परिस्थिति में न्यास सम्पत्तियों की सुरक्षा एवं सुव्यवस्था, सम्यक् संचालन एवं विकास हेतु एक योजना उपर्युक्त परिस्थिति में न्यास सम्पत्तियों की सुरक्षा एवं सुव्यवस्था, सम्यक् संचालन एवं विकास हेतु एक योजना का निरूपण एवं उसके संचालन हेतु न्यास समिति का गठन आवष्यक प्रतीत होता है। का निरूपण एवं उसके संचालन हेतु न्यास समिति का गठन आवष्यक प्रतीत होता है।2 ॢबह(cid:4)र गजट (cid:10)[स(cid:4)ध(cid:4)रण(cid:15)(cid:16) 15 (cid:25)सत(cid:27)बर 2015 अतः बिहार हिन्दू धार्मिक न्यास अधिनियम, 1950 की धारा-32 में बिहार राज्य धार्मिक न्यास पर्षद् को प्रदत्त अधिकार जो उपविधि सं0-43 (द) के तहत अध्यक्ष को प्राप्त है, का प्रयोग करते हुए श्री कबीर मठ तुर्की, जिला-मुजफ्फरपुर की सम्पत्तियों की सुरक्षा, संरक्षण तथा सुप्रबंधन हेतु नीचे लिखे योजना का निरूपण किया जाता है तथा इसे मूर्त्त रूप देने के लिए एक न्यास समिति गठित की जाती है।
योजनायोजनायोजनायोजना 1.... अधिनियम की धारा-32 के तहत निरूपित इस योजना का नाम ''श्री कबीर मठ तुर्की, अंचल-कुढ़नी, न्यास योजना'' होगा तथा इसके कार्यान्वयन एवं संचालन के लिए गठित न्यास समिति का नाम ''श्री कबीर मठ ''श्री कबीर मठ ''श्री कबीर मठ ''श्री कबीर मठ तुर्की, अंचल-कुतुर्की, अंचल-कुतुर्की, अंचल-कुतुर्की, अंचल-कुढ़नी, न्यास समिति होगी''ढ़नी, न्यास समिति होगी''ढ़नी, न्यास समिति होगी''ढ़नी, न्यास समिति होगी'' जिसमें न्यास की समग्र चल-अचल सम्पत्ति के संधारण एवं संचालन का अधिकार निहित होगा।
2. न्यास समिति लौकिक कार्य करेगी तथा आध्यात्मिक कार्य यथावत् कबीर पंथी साधुओं द्वारा किया जाता रहेगा। आध्यात्मिक कार्यो के सम्पादन एवं साधु सेवा के लिए समिति द्वारा पर्याप्त धनराषि की व्यवस्था की जायेगी।
3. इस न्यास समिति का मुख्य कर्त्तव्य न्यास की सम्पत्ति की सुरक्षा एवं सुसंचालन तथा मठ की परम्परा एवं आचारों का समुचित व्यवस्था सुनिष्चित करना होगा।
4. इस न्यास समिति का यह दायित्व होगा कि वह न्यास कि अवैध रूप से बिक्री की गई भूमि कि वापसी हेतु समुचित कार्रवाई शीघ्र प्रारंम्भ करेगी।
5. न्यास की समस्त आय-न्यास के नाम किसी राष्ट्रीयकृत बैंक में खाता खोलकर जमा किया जायेगा तथा सचिव और कोषाध्यक्ष के संयुक्त हस्ताक्षर से इसका संचालन होगा।
6. न्यास की आय-व्यय में आर्थिक शुचिता एवं पारदर्षिता रखना न्यास समिति की असली कसौटी होगी। 7. न्यास समिति अधिनियम एवं उप-विधि में वर्णित सभी नियमों का पालन करते हुए प्रतिवर्ष न्यास के आय-व्यय की विवरणी, अंकेक्षण प्रतिवेदन, कार्य वृत आदि सम्यक रूप से पर्षद् को प्रेषित करेगी। 8.... अध्यक्ष की अनुमति से सचिव न्यास समिति की बैठक आहूत करेंगे। न्यास समिति की बैठक प्रत्येक तिमाही में एक बार अवष्य बुलायी जायेगी और बैठक की कार्यवृत पर्षद् को प्रेषित की जायेगी।
9. न्यास समिति द्वारा कोई नयी योजना न्यास हित में आवष्यक समझा जायेगा तो इस हेतु निर्धारित विषेष बैठक में प्रस्ताव पारित कर पर्षद् को अनुमोदन के लिए भेजेगी।
10. न्यास समिति न्यास की अतिक्रमित/हस्तांतरित भूमि की वापसी के लिए समुचित वैधानिक कार्रवाई करेगी। 11. इस योजना में परिर्वतन, परिबर्धन या संषोधन तथा आकस्मिक रिक्तियों की पूर्ति का अधिकार पर्षद् में निहित होगा।
12. न्यास समिति के कोई सदस्य प्रत्यक्ष या परोक्ष रूप से न्यास से लाभ उठाते पाए जायेंगे या न्यास हित के प्रतिकुल कार्य करेंगे तो इस संबंध में उनसे स्पष्टीकरण प्राप्त कर समुचित कार्रवाई की जाएगी। 13. न्यास समिति के सदस्य की यदि कोई आपराधिक पृष्ठभूमि होगी या वे आपराधिक काण्ड में आरोप-पात्रित होंगे तो उनकी अर्हता स्वतः समाप्त हो जायेगी।
14. न्यास समिति का प्रमुख दायित्व होगा कि वह मुख्य मठ सहित शाखा मठों की अवैध रूप से बिक्री की गई भूमि/अतिक्रमित एवं अन्य रूप में अवैध रूप से हस्तांरित भूमि की वापसी हेतु समिति ठोस कार्रवाई करेगी। 15. न्यास समिति द्वारा न्यास की अवैध रूप से हस्तांतरित एवं अतिक्रमित भूमि की न्यास में वापसी की कार्रवाई ही इसकी कार्य कुषलता का पैमाना होगा।
पर्षद् द्वारा निरूपित योजना को मूर्तरूप देने के लिए निम्नलिखित सदस्यों की न्यास समिति गठित की जाती है :-
3 (cid:30)बहार गजट (असाधारण), 15 (cid:25)सत(cid:27)बर 2015(1) महंत डाँ सुन्दर दास शास्त्री, श्री कबीर मठ तुर्की -अध्यक्ष
(2) श्री षिव जी राय पे0 स्व0 तपेष्वर राय, ग्रामपो0-सकरी सरैया -उपाध्यक्ष (3) श्री मंटु मोहन पे0 श्री मिश्री लाल राय, तुर्की -सचिव
(4) श्री इन्द्रदेव राम पे0 स्व0 योगेन्दर राम, तुर्की -कोषाध्यक्ष (5) श्री सुधीर कुमार पे0 स्व0 कृष्णदेव राय, तुर्की -सदस्य
(6) श्री बरूण कुमार शाही पे0 स्व0 विषेष्वर प्रसाद शाही, ग्राम-चढुआ -सदस्य
(7) श्री रघुनाथ राम पे0 स्व0 महावीर राम, तुर्की टोले बरकुरवा -सदस्य
(8) श्री विजय कुमार सिंह पे0 श्री राम शोभित सिंह, बरकुरवा -सदस्य
(9) श्री रामाश्रय सहनी पे0 स्व0 ननिपत सहनी, लक्ष्मीपुर -सदस्य (10) श्री संजय पासवान पे0 श्री रामचन्द्र पासवान, तुर्की टोले बरकुरवा -सदस्य
(11) श्री सुरेष राय, पे0 स्व0 बेनी लाल राय, तुर्की -सदस्य
इस न्यास समिति का कार्यकाल दिनांक 10.07.2015 से पॉच वर्ष का होगा। एक वर्ष के बाद इसके कार्यो की समीक्षा की जायेगी और संतोषप्रद पाये जाने पर कार्यकाल की निरन्तरता कायम रहेगी।
आदेष से,
किषोर कुणाल,किषोर कुणाल,किषोर कुणाल,किषोर कुणाल,
अध्यक्ष।
———— [ध(cid:17)¡क(cid:16) स०चव(cid:4)लय म१(cid:27)ण(cid:4)लय(cid:16) ॢबह(cid:4)र(cid:16) पटन(cid:4) ह(cid:4)र(cid:4) (cid:31)क(cid:4)०शत eव# म१ॢ(cid:27)त? ॢबह(cid:4)र गजट (cid:10)[स(cid:4)ध(cid:4)रण(cid:15) 1052%5'1+1*%ड(cid:17)*ट,*प(cid:17)*? Website: http://egazette.bih.nic.in