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अधिसूचनाअधिसूचनाअधिसूचनाअधिसूचना
8 जुलाई 2015
सं0 1174—पटना जिलान्तर्गत श्री राम जानकी ठाकुरबाड़ी, मीठापुर चौराहा, पटना पटना जिलान्तर्गत श्री राम जानकी ठाकुरबाड़ी, मीठापुर चौराहा, पटना पर्षद के अन्तर्गत निबंधित पटना जिलान्तर्गत श्री राम जानकी ठाकुरबाड़ी, मीठापुर चौराहा, पटना पटना जिलान्तर्गत श्री राम जानकी ठाकुरबाड़ी, मीठापुर चौराहा, पटना पटना जिलान्तर्गत श्री राम जानकी ठाकुरबाड़ी, मीठापुर चौराहा, पटना पटना जिलान्तर्गत श्री राम जानकी ठाकुरबाड़ी, मीठापुर चौराहा, पटना पटना जिलान्तर्गत श्री राम जानकी ठाकुरबाड़ी, मीठापुर चौराहा, पटना पटना जिलान्तर्गत श्री राम जानकी ठाकुरबाड़ी, मीठापुर चौराहा, पटना पटना जिलान्तर्गत श्री राम जानकी ठाकुरबाड़ी, मीठापुर चौराहा, पटना पटना जिलान्तर्गत श्री राम जानकी ठाकुरबाड़ी, मीठापुर चौराहा, पटना पटना जिलान्तर्गत श्री राम जानकी ठाकुरबाड़ी, मीठापुर चौराहा, पटना पटना जिलान्तर्गत श्री राम जानकी ठाकुरबाड़ी, मीठापुर चौराहा, पटना
एक सार्वजनिक धार्मिक न्यास है, जिसकी निबंधन सं0-
र्मक न्यास है, जिसकी निबंधन सं0-4355 है।
यह एक अतिप्राचीन मंदिर है। पूर्व में इस मठ की देखभाल महंत दामोदर दास करते थे। महंत दामोदर दास यह एक अतिप्राचीन मंदिर है। पूर्व में इस मठ की देखभाल महंत दामोदर दास करते थे। महंत दामोदर दास यह एक अतिप्राचीन मंदिर है। पूर्व में इस मठ की देखभाल महंत दामोदर दास करते थे। महंत दामोदर दास पर आरोप था कि उन्होंने मंदिर की जमीन पर दुकान बनवाकर कुछ लोगों को लीज पर दे दिया तथा उनके अवैध पर आरोप था कि उन्होंने मंदिर की जमीन पर दुकान बनवाकर कुछ लोगों को लीज पर दे दिया तथा उनके अवैध पर आरोप था कि उन्होंने मंदिर की जमीन पर दुकान बनवाकर कुछ लोगों को लीज पर दे दिया तथा उनके अवैध
धीरे-धीरे यह मंदिर अव्यवस्था का षिकार होता गया। महंत कार्याें के बारे में भी पर्षद को अवैध सूचना मिलती रही। धीरे-धीरे यह मंदिर अव्यवस्था का षिकार होता गया। महंत कार्याें के बारे में भी पर्षद को अवैध सूचना मिलती रही।
दामोदर दास जी का स्वर्गवास 2 मई, 2011 को हो गया। उनकी मृत्यु के उपरांत उनके मैनेजर सूर्यनाथ तिवारी ने दामोदर दास जी का स्वर्गवास 2 मई, 2011 को हो गया। उनकी मृत्यु के उपरांत उनके मैनेजर सूर्यनाथ तिवारी ने दामोदर दास जी का स्वर्गवास 2 मई, 2011 को हो गया। उनकी मृत्यु के उपरांत उनके मैनेजर सूर्यनाथ तिवारी ने अपने नाम से रसीद छपवा कर दुकानों से रूपये की उगाही शुरू कर दी। जब इस बात की सूचना पर्षद को मिली, तो अपने नाम से रसीद छपवा कर दुकानों से रूपये की उगाही शुरू कर दी। जब इस बात की सूचना पर्षद को मिल अपने नाम से रसीद छपवा कर दुकानों से रूपये की उगाही शुरू कर दी। जब इस बात की सूचना पर्षद को मिल 20/01/2014 के माध्यम से अनुमंडल पदाधिकारी, पटना को वर्णित तथ्यों की जांच कर पर्षदीय पत्रांक-1947, दिनांक 20/01/2014 के माध्यम से अनुमंडल पदाधिकारी, पटना को वर्णित तथ्यों की जांच कर 20/01/2014 के माध्यम से अनुमंडल पदाधिकारी, पटना को वर्णित तथ्यों की जांच कर मंतव्य के साथ प्रतिवेदन देने की मांग की गयी। अनुमंडल पदाधिकारी का प्रतिवेदन अप्राप्त रहने के कारण पर्षदीय मंतव्य के साथ प्रतिवेदन देने की मांग की गयी। अनुमंडल पदाधिकारी का प्रतिवेदन अप्राप्त रहने के क मंतव्य के साथ प्रतिवेदन देने की मांग की गयी। अनुमंडल पदाधिकारी का प्रतिवेदन अप्राप्त रहने के क पत्रांक-432, दिनांक 09/07/14 के माध्यम से उन् हें स्मार पत्र भेजा गया। इसके बाद भी अनुमंडल पदाधिकारी का 09/07/14 के माध्यम से उन्हें स्मार पत्र भेजा गया। इसके बाद भी अनुमंडल पदाधिकारी का प्रतिवेदन अप्राप्त रहा। तदुपरांत स्थानीय राजकुमार प्रसाद के आवेदन पर न्यास के निरीक्षण का आदेष निर्गत किया प्रतिवेदन अप्राप्त रहा। तदुपरांत स्थानीय राजकुमार प्रसाद के आवेदन पर न्यास के निरीक्षण का आदेष निर्गत किया प्रतिवेदन अप्राप्त रहा। तदुपरांत स्थानीय राजकुमार प्रसाद के आवेदन पर न्यास के निरीक्षण का आदेष निर्गत किया गया। जांच प्रतिवेदन में जांच के दौरान यह पाया गया कि न्यास के मैनेजर सूर्यनाथ तिवारी द्वारा अवैध रूप से मंदिर गया। जांच प्रतिवेदन में जांच के दौरान यह पाया गया कि न्यास के मैनेजर सूर्यनाथ तिवारी द्वारा अवैध गया। जांच प्रतिवेदन में जांच के दौरान यह पाया गया कि न्यास के मैनेजर सूर्यनाथ तिवारी द्वारा अवैध
को कब्जा कर न्यास की स्थिति दयनीय कर दी गयी है। वर्त्तमान में मंदिर की दयनीय स्थिति को देखते हुए स्थानीय को कब्जा कर न्यास की स्थिति दयनीय कर दी गयी है। वर्त्तमान में मंदिर की दयनीय स्थिति को देखते हुए स्थानीय को कब्जा कर न्यास की स्थिति दयनीय कर दी गयी है। वर्त्तमान में मंदिर की दयनीय स्थिति को देखते हुए स्थानीय जनता ने एक स्वयंभू कमिटि बनाकर इसकी व्यवस्था की जिम्मेदारी ली। जिसका कार्य संतोषजनक पाया गया तथा जनता ने एक स्वयंभू कमिटि बनाकर इसकी व्यवस्था की जिम्मेदारी ली। जिसका कार्य संतोषजनक पाया गया तथा जनता ने एक स्वयंभू कमिटि बनाकर इसकी व्यवस्था की जिम्मेदारी ली। जिसका कार्य संतोषजनक पाया गया तथा
ो मान्यता देने का भी अनुषंसा की गयी। स्थानीय लोगों की समिति ने जांच प्रतिवेदन में स्थानीय जनता के समिति को मान्यता देने का भी अनुषंसा की गयी। स्थानीय लोगों की समिति ने जांच प्रतिवेदन में स्थानीय जनता के समिति क2 ॢबह(cid:4)र गजट (cid:10)[स(cid:4)ध(cid:4)रण(cid:15)(cid:16) 16 (cid:25)सत(cid:27)बर 2015 इस न्यास का निबंधन भी पर्षद कार्यालय में करवाया। इसके बाद दिनांक 11/04/2014 को मंदिर प्रांगण में आम सभा का आयोजन कर न्यास समिति किये जाने का प्रस्ताव पारित किया गया। तदुपरांत पर्षदीय पत्रांक- 1210, दिनांक 15/12/2014 के माध्यम से थाना प्रभारी, जक्कनपुर, जिला-पटना को न्यास समिति के गठन हेतु प्रस्तावित 7 व्यक्तियों की चरित्र सत्यापन के साथ प्रतिवेदन की मांग की गयी। थानाध्यक्ष के द्वारा अग्रसारित प्रतिवेदन में लिखा गया कि सभी 7 व्यक्तियों के घर पर जाकर नाम पता का बारी-बारी से सत्यापन किया। इन लोगों का आचरण अच्छा है। थाना अभिलेख में इन लोगों के विरूद्ध कोई षिकायत दर्ज नहीं है।
अतः उपरोक्त परिस्थिति को देखते हुए इस न्यास की सुचारू प्रबंधन एवं सम्यक विकास हेतु बिहार राज्य धार्मिक न्यास अधिनियम की धारा-32 के अन्तर्गत एक योजना का निरूपण आवष्यक प्रतीत होता है ।
अतः बिहार हिन्दू धार्मिक न्यास अधिनियम 1950 की धारा-32 में धार्मिक न्यास पर्षद को प्रदत्त अधिकार जो धार्मिक न्यास की उप विधि सं0- 43 (द) के तहत अध्यक्ष को प्राप्त है, का प्रयोग करते हुए ''श्री राम जानकी श्री राम जानकी श्री राम जानकी श्री राम जानकी ठाकठाकठाकठाकुरबाड़ी, मीठापुर चौराहा, पटना ुरबाड़ी, मीठापुर चौराहा, पटना'' के सुचारू प्रबंधन, सम्पत्तियों की सुरक्षा तथा सम्यक विकास के लिए नीचे लिखे ुरबाड़ी, मीठापुर चौराहा, पटना ुरबाड़ी, मीठापुर चौराहा, पटना योजना का निरूपण तथा इसे मूर्त्त रूप देने के लिए एक न्यास समिति गठित की जाती है ।
योजनायोजनायोजनायोजना
1. अधिनियम की धारा- 32 के तहत निरूपित इस योजना का नाम ''श्री राश्री राश्री राश्री राम जानकी ठाकुरबाड़ी न्यास म जानकी ठाकुरबाड़ी न्यास म जानकी ठाकुरबाड़ी न्यास म जानकी ठाकुरबाड़ी न्यास योजना, योजना, योजना, योजना, मीठापुर चौराहा, पटना'' होगा तथा इसके कार्यान्वयन एवं संचालन के लिए गठित न्यास समिति का नाम ''श्री श्री श्री श्री राम जानकी ठाकुरबाड़ी न्यास समिति, मीठापुर चौराहा, पटना'' होगा, जिसमें न्यास की समग्र चल-अचल संपत्ति के राम जानकी ठाकुरबाड़ी न्यास समिति, राम जानकी ठाकुरबाड़ी न्यास समिति, राम जानकी ठाकुरबाड़ी न्यास समिति,
संधारण एवं संचालन का अधिकार निहित होगा।
2. इस न्यास समिति का मुख्य कर्त्तव्य न्यास की संपत्ति की सुरक्षा एवं सुसंचालन तथा मंदिर की परम्परा एवं आचारों के अनुकूल पूजा-पाठ एवं साधु-सेवा की समुचित व्यवस्था करना होगा।
3. न्यास की समस्त आय न्यास के नाम से किसी राष्ट्रीयकृत बैंक में खाता खोलकर जमा किया जायेगा तथा सचिव एवं कोषाध्यक्ष के संयुक्त हस्ताक्षर से इसका संचालन होगा।
4. न्यास की आय-व्यय में आर्थिक शुचिता एवं पारदर्षिता रखना न्यास समिति की असली कसौटी होगा। 5. न्यास समिति अधिनियम एवं उप-विधि में वर्णित सभी नियमों का पालने करते हुए प्रतिवर्ष न्यास के आय-व्यय की विवरणी, अंकेक्षण प्रतिवेदन, कार्यवृत आदि सम्यक रूप से पर्षद को प्रेषित करेगी।
6. अध्यक्ष की अनुमति से सचिव न्यास समिति की बैठक आहुत करेंगे। न्यास समिति की बैठक प्रत्येक तिमाही में एक बार अवष्य बुलायी जायेगी और बैठक की कार्यवृत पर्षद को प्रेषित की जायेगी।
7. न्यास समिति द्वारा कोई नयी योजना न्यास हित में आवष्यक समझा जायेगा तो इस हेतु निर्धारित विषेष बैठक में प्रस्ताव पारित कर पर्षद के अनुमोदन के लिए भेजेगी।
8. न्यास समिति न्यास की अतिक्रमित/हस्तांरित भूमि ''यदि कोई हो तो'', उसकी वापसी के लिए समुचित वैधानिक कार्रवाई करेगी।
9. इस योजना में परिवर्त्तन, परिवर्द्धन या संषोधन तथा आकस्मिक रिक्तियों की पूर्ति का अधिकार पर्षद में निहित होगा।
10. न्यास समिति के कोई सदस्य प्रत्यक्ष या परोक्ष रूप से न्यास से लाभ उठाते पाये जायेगें या न्यास हित के प्रतिकुल कार्य करेंगे तो इस संबंध में उनसे स्पष्टीकरण प्राप्त कर समुचित कार्रवाई की जाएगी।
11. न्यास समिति के सदस्य की यदि कोई आपराधिक पृष्ठभूमि होगी या वे आपराधिक काण्ड में आरोप-पात्रित होंगे तो, उनकी अर्हता स्वतः समाप्त हो जायेगी।3 (cid:31)बहार गजट (असाधारण), 16 (cid:25)सत(cid:27)बर 2015 पर्षद द्वारा निरूपित योजना को मूर्त रूप देने के लिए निम्नलिखित सदस्यों को न्यास समिति गठित की जाती हैः-
(1) श्री रोहित कुमार पिता- स्व0 गुरूसहाय प्रसाद - अध्यक्ष पता- डी0 एन0 सिंह लेन, मीठापुर बी एरिया, पटना- 1, मो0- 7870772509
(2) श्री राजकुमार प्रसाद पिता- श्री सीताराम प्रसाद - सचिव पता- मीठापुर चौराहा, पटना- 1, मो0- 8102655067
(3) श्री महेष कुमार सिंह पिता- स्व0 बाबू लाल सिंह - कोषाध्यक्ष पता- चन्द्रभवन, पुरन्दरपुर, पटना- 1, मो0- 9334116466
(4) श्री सतीष कुमार यादव पिता- स्व0 बंगाली राय - सदस्य पता- मीठापुर चौराहा, पटना- 1, मो0- 9973453017
(5) श्री राजेन्द्र गुप्ता पिता- स्व0 राम लखन साव - '' पता- मीठापुर, पटना- 1, मो0- 9905014916
(6) श्री अनिल गुप्ता पिता- स्व0 रामचन्द्र साव - '' पता- मीठापुर चौराहा, पटना- 1, मो0- 9304677122
(6) श्री तुलसी महतो पिता- श्री रामअवतार महतो - '' पता- मीठापुर चौराहा, पटना- 1, मो0-748804933
12. इस न्यास समिति का कार्यकाल अधिसूचना निर्गत होने की तिथि से अगले 05 वर्ष तक लागू रहेगी, लेकिन एक वर्ष के बाद न्यास समिति के कार्यों की समीक्षा की जायेगी और कार्य संतोषप्रद पाये जाने पर आगे बढ़ाने पर विचार किया जा सकेगा ।
विश्वासभाजन,
किषोर कुणाल,किषोर कुणाल,किषोर कुणाल,किषोर कुणाल,
अध्यक्ष।
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