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अधिसूचनाअधिसूचनाअधिसूचनाअधिसूचना
7 जुलाई 2015
सं0 1172—श्री राम लीला मठिया, छपरा, सारण पर्षद् के अन्तर्गत निबंधित एक सार्वजनिक धार्मिक न्यास है, श्री राम लीला मठिया, छपरा, सारण पर्षद् के अन्तर्गत निबंधित एक सार्वजनिक धार्मिक न्यास है, श्री राम लीला मठिया, छपरा, सारण पर्षद् के अन्तर्गत निबंधित एक सार्वजनिक धार्मिक न्यास है, जिसकी निबंधन संख्या-171 है। छपरा शहर का यह एक प्राचीन धार्मिक स्थल है। अतीत में यहाँ प्रतिवर्ष वृहत् पैमाने जिसकी निबंधन संख्या-171 है। छपरा शहर का यह एक प्राचीन धार्मिक स्थल है। अतीत में यहाँ प्रतिवर्ष वृहत् पैमाने जिसकी निबंधन संख्या-171 है। छपरा शहर का यह एक प्राचीन धार्मिक स्थल है। अतीत में यहाँ प्रतिवर्ष वृहत् पैमाने पर राम लीला का आयोजन किया जाता था, जिस कारण यह रामलीला मठिया के रूप में विख्यात हुआ। इसके अंतिम पर राम लीला का आयोजन किया जाता था, जिस कारण यह रामलीला मठिया के रूप में विख्यात हुआ। इसके अंतिम महंत रामप्रिया शरण थे। इनके जीवन काल तक इस मठिया में समस्त धार्मिक आचारों एवं परम्पराओं का पालन सुचारू महंत रामप्रिया शरण थे। इनके जीवन काल तक इस मठिया में समस्त धार्मिक आचारों एवं परम्पराओं का पालन सुचारू महंत रामप्रिया शरण थे। इनके जीवन काल तक इस मठिया में समस्त धार्मिक आचारों एवं परम्पराओं का पालन सुचारू ढंग से होता था। इनके देहावसान के पश्चात् कुछ असामाजिक तथ्वों द्वारा न्यास की भू- ढंग से होता था। इनके देहावसान के पश्चात् कुछ असामाजिक तथ्वों द्वारा न्यास की भू-खण्डों पर अतिक्रमण कर ढंग से होता था। इनके देहावसान के पश्चात् कुछ असामाजिक तथ्वों द्वारा न्यास की भू- स्थायी/अस्थायी निर्माण किया गया। इस संबंध में पर्षद के निरीक्षक द्वारा स्थानीय जाँच कराई गई और निरीक्षक ने स्थायी/अस्थायी निर्माण किया गया। इस संबंध में पर्षद के निरीक्षक द्वारा स्थानीय जाँच कराई गई और निरीक्ष् स्थायी/अस्थायी निर्माण किया गया। इस संबंध में पर्षद के निरीक्षक द्वारा स्थानीय जाँच कराई गई और निरीक्ष् 2011 को समर्पित किया। जाँच पदाधिकारी ने मंदिर परिसर में अतिक्रमण की पुष्टि 04.2011 को समर्पित किया। जाँच पदाधिकारी ने मंदिर परिसर में अतिक्रमण की पुष्टि अपना जाँच प्रतिवेदन दिनांक 16.04 की तथा प्रतिवेदित किया कि यहाँ कोई न्यासधारी नहीं है, जो न्यास के हितों की रक्षा कर सके। अतएव न्यासधारी का या कि यहाँ कोई न्यासधारी नहीं है, जो न्यास के हितों की रक्षा कर सके। अतएव न्यासधारी का या कि यहाँ कोई न्यासधारी नहीं है, जो न्यास के हितों की रक्षा कर सके। अतएव न्यासधारी का पद रिक्त रहने के कारण पर्षदीय आदेष ज्ञापांक-117 दिनांक 19.04.2011 द्वारा न्यास के समुचित प्रबंधन एवं संचालन 2011 द्वारा न्यास के समुचित प्रबंधन एवं संचालन पद रिक्त रहने के कारण पर्षदीय आद र्गत अनुमंडल पदाधिकारी, छपरा सदर, को हेतु बिहार हिन्दू धार्मिक न्यास अधिनियम 1950 की धारा- र्मक न्यास अधिनियम 1950 की धारा-33 के अन्तर्गत अनुमंडल पदाधिकारी, छपरा सदर, को रामलीला मठिया, छपरा का अस्थायी न्यासधारी नियुक्त किया गया। रामलीला मठिया, छपरा का अस्थायी न्यासधारी नियुक्त किया गया। अनुमंडल पदाधिकारी, छपरा द्वारा न्यास की भूमि पर अवैध कब्जाधारियों के विरूद्ध धारा- अनुमंडल पदाधिकारी, छपरा द्वारा न्यास की भूमि पर अव 2 ॢबह(cid:4)र गजट (cid:10)[स(cid:4)ध(cid:4)रण(cid:15)(cid:16) 16 (cid:25)सत(cid:27)बर 2015 योजनायोजनायोजनायोजना 1.... अधिनियम की धारा-32 के तहत निरूपित इस योजना का नाम ''रामलीला मठिया न्यास''रामलीला मठिया न्यास''रामलीला मठिया न्यास''रामलीला मठिया न्यास योजनायोजनायोजनायोजना होगा''होगा''होगा''होगा'' तथा इसके कार्यान्वयन एवं संचालन के लिए गठित न्यास समिति का नाम ''रामलीला मठिया''रामलीला मठिया''रामलीला मठिया''रामलीला मठिया न्यास समिति होगी''न्यास समिति होगी''न्यास समिति होगी''न्यास समिति होगी'' जिसमें न्यास की समग्र चल-अचल सम्पत्ति के संधारण एवं संचालन का अधिकार निहित होगा।
2. इस न्यास समिति का मुख्य कर्त्तव्य न्यास की सम्पत्ति की सुरक्षा एवं सुसंचालन तथा मंदिर की परम्परा एवं आचारों के अनुकूल पूजा-पाठ एवं साधु-सेवा की समुचित व्यवस्था करना होगा।
3. न्यास की समस्त आय न्यास के नाम किसी राष्ट्रीयकृत बैंक में खाता खोलकर जमा किया जायेगा तथा सचिव और कोषाध्यक्ष के संयुक्त हस्ताक्षर से इसका संचालन होगा।
4. न्यास की आय-व्यय में आर्थिक शुचिता एवं पारदर्षिता रखना न्यास समिति की असली कसौटी होगी। 5. न्यास समिति अधिनियम एवं उप-विधि में वर्णित सभी नियमों का पालन करते हुए प्रतिवर्ष न्यास के आय-व्यय की विवरणी, अंकेक्षण प्रतिवेदन, पर्षद को देय शुल्क की राषि कार्य वृत आदि सम्यक रूप से पर्षद् को प्रेषित करेगी।
6.... अध्यक्ष की अनुमति से सचिव न्यास समिति की बैठक आहूत करेंगे। न्यास समिति की बैठक प्रत्येक तिमाही में एक बार अवष्य बुलायी जायेगी और बैठक की कार्यवृत पर्षद् को प्रेषित की जायेगी।
7. न्यास समिति द्वारा कोई नयी योजना न्यास हित में आवष्यक समझा जायेगा तो इस हेतु निर्धारित विषेष बैठक में प्रस्ताव पारित कर पर्षद् को अनुमोदन के लिए भेजेगी।
8. न्यास समिति न्यास की अतिक्रमित/हस्तांतरित भूमि की वापसी के लिए समुचित वैधानिक कार्रवाई को सर्वोच्च प्राथमिकता देगी।
9. इस योजना में परिर्वतन, परिबर्धन या संषोधन तथा आकस्मिक रिक्तियों की पूर्ति का अधिकार पर्षद् में निहित होगा।
10. न्यास समिति के कोई सदस्य प्रत्यक्ष या परोक्ष रूप से न्यास से लाभ उठाते पाए जायेंगे या न्यास हित